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                <title>akshaya tritiya - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अब गैस सिलेंडर को भी कंकू पत्री का न्यौता, आयोजक जुटे गैस सिलेंडरों की व्यवस्था करने में </title>
                                    <description><![CDATA[आखातीज पर शादियों की रहेगी धूम: रसद विभाग में आवेदन करने पहुंच रहे आयोजक।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now--even-gas-cylinders-receive-a-formal-invitation/article-150493"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जैसे-जैसे अक्षय तृतीया (आखातीज) नजदीक आ रही है, शहर में विवाह समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार बड़ी संख्या में शादियों के मुहूर्त होने से हर तरफ उत्सव का माहौल है, लेकिन इन खुशियों के बीच एक दिलचस्प तस्वीर भी सामने आ रही है कि अब गैस सिलेंडर को भी कंकू पत्री (निमंत्रण) देने की नौबत आ गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण गैस संकट की स्थिति बनी हुई है। यहां पर पर्याप्त मात्रा में कामर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इसका असर शादी समारोह पर भी पड़ रहा है। आगामी दिनों में आखातीज के अबूझ सावे पर काफी संख्या शादी समारोह के आयोजन होंगे। ऐसे में आयोजक गैस सिलेंडरों की व्यवस्था करने में जुट गए हैं।</p>
<p><strong>पहले गणेश जी, फिर गैस सिलेंडर को निमंत्रण</strong><br />शहर में परंपरा के अनुसार विवाह आयोजक सबसे पहले भगवान गणेश को कंकू पत्री देकर शुभ कार्य की शुरूआत कर रहे हैं, लेकिन बदलते हालात में अब गैस सिलेंडर भी आयोजन का अहम हिस्सा बन गया है। यही कारण है कि आयोजक मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि गणेशजी के बाद अब सिलेंडर को भी न्यौता देना पड़ रहा है। सरकार के निर्देश के अनुसार शहरी क्षेत्र में शादी के आयोजकों को तीन गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए आयोजकों को शादी के कार्ड के साथ रसद अधिकारी कार्यायल में आवेदन करना होगा। इसके बाद सम्बंधितों को गैस सिलेंडरों की सप्लाई की जाएगी।</p>
<p><strong>रसद कार्यालय बना बुकिंग सेंटर</strong><br />आखातीज को लेकर पिछले एक सप्ताह से रसद विभाग का कार्यालय मानो बुकिंग सेंटर में तब्दील हो गया है। रोजाना शादी समारोह से जुड़े परिवार कार्यालय में आवेदन करने के लिए पहुंच रहे हैं। हर कोई समय रहते गैस सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहता है, ताकि शादी में रसोई व्यवस्था प्रभावित न हो। सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में विवाह समारोह के लिए अधिकतम तीन गैस सिलेंडर देने के निर्देश हैं, लेकिन बड़े आयोजनों में यह संख्या कम पड़ सकती है। कैटरिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि एक बड़े विवाह में कई बार इससे अधिक सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है, जिससे अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>जुगाड़ में भी जुटे आयोजक</strong><br />सिलेंडर की बढ़ती मांग को देखते हुए आयोजक हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कोई पहले से बुकिंग कर रहा है तो कोई निजी संपर्कों के जरिए अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था में लगा है। कई लोग गांव या रिश्तेदारों से भी सिलेंडर मंगाने का प्रयास कर रहे हैं। विवाह आयोजकों का कहना है कि खाने-पीने की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है और गैस सिलेंडर की कमी से पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि कई लोग वैकल्पिक जुगाड़, जैसे अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था या निजी स्तर पर संपर्क साधने में भी जुटे हुए हैं।</p>
<p><strong>बाजारों में बढ़ी रौनक</strong><br />आखातीज के चलते शहर के बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। ज्वैलरी, कपड़े, सजावट और कैटरिंग से जुड़े कारोबारियों के यहां ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। मैरिज गार्डन और बैंक्वेट हॉल पहले से ही बुक हो चुके हैं। आखातीज पर अबूझ सावा होता है। इस कारण इस दिन विवाह समारोह की धूम रहती है। ऐसे में हर कोई पहले से ही शादी समारोह से जुड़ी सभी तैयारियां कर लेना चाहता है। बाजारों में इन दिनों खरीदारी की रौनक बनी हुई है।</p>
<p>भोजन व्यवस्था किसी भी समारोह का प्रमुख हिस्सा होती है और गैस सिलेंडर की कमी से पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। इसी कारण वे समय से पहले आवेदन कर गैस सिलेंडर की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं।<br /><strong>-राजेन्द्र, शादी आयोजक</strong></p>
<p>गैस की सप्लाई सुचारू हो रही है। इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आमजन को परेशानी नहीं हो। शादी समारोह को लेकर इन दिनों कार्यालय में आवेदन आ रहे हैं।<br /><strong>-कुशाला बिलाला, जिला रसद अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 14:53:16 +0530</pubDate>
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                <title>आखातीज पर टेंट, कैटरिंग, बैंडबाजा से जुडे 20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[30 को अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर शहर में 200 से अधिक होंगे विवाह।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/20-thousand-people-associated-with-tent--catering--band-baja-will-get-employment-on-akha-teej/article-111220"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/2567rtrer-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिलेभर 30 अप्रैल अक्षय तृतीया के अबूझ मुर्हूत पर शादियों की धूम रहने वाली है। इसको लेकर बाजार में खासी रौनक नजर आ रही है। अप्रैल में सात सावों के मुहूर्त उसमें 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर सबसे अधिक शहर में 200 शादियां होगी वहीं जिले भर में 500 शादियों होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बार शहरी व ग्रामीण इलाकों शादियां धूम रहने वाली है कारण इस बार किसानों की अच्छी फसल होने से ग्रामीण इलाकों शादियों की अधिक धूम रहने वाली है। वहीं टेंट, बैडबाजा, कैटरिंग, हलवाई, सजावट से जुडेÞ करीब 20  हजार से अधिक लोगों को एक दिन में बंपर रोजगार मिलेगा। वहीं शहर में अक्षय तृतीया पर 55 करोड़  के कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बार आखा तीज पर विशेष संयोग होने से इस बार बंपर शादियां हो रही है। अक्षय तृतीया को सबसे बड़ा शुभ दिन माना जा रहा है कि इस बार बाजार में अब तक के खरीदारी के सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे। गहने, वाहन, गारमेंट एंड शू, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, कैटरिंग और हलवाई, टेंट और डेकोरेशन, इवेंट,आर्ट एंड हैंडीक्राफ्ट्स, गिफ्ट्स, फूलों का बड़ा कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अक्षय तृतीय पर कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इस बार 55 से 60 करोड़ तक व्यापार होने की उम्मींद है।</p>
<p><strong>कपड़ा बाजार में बड़ी पूछ परख</strong><br />14 अप्रैल से शादियों का सीजन शुरू होने के साथ बाजारों में खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है। वहीं लोग अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त के लिए भी जमकर खरीदारी कर रहे है।  अक्षय तृतीया के बडेÞ त्यौहार के चलते  बाजारों में खासी भीड़ नजर आ रही है कपड़ा बाजार में शादी ब्याह के लिए लोग जमकर कपड़ों की खरीदारी की। शहर के क्लॉथ मार्केट, रेडिमेट बाजार, इंदिरा बाजार में ग्राहकों खासी भीड़ नजर आ रही है। कपड़ा व्यापारी गोपाल गोयल ने बताया कि अप्रैल माह में 8 विवाह मुहूर्त होने से बाजार अच्छी खरीदारी हो रही कपड़ा बाजार में 8 से 10 करोड़ का कारोबार होने की अनुमान है।</p>
<p><strong>वाहन बाजार में रही भीड़</strong><br />अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों की  बुकिंग शुरू हो चुकी है।  इसके अलावा आखातीज के सावे के लिए शादी में देने के लिए बाइक, स्कूटी की बुकिंग की जा रही है। व् फर्नीचर विक्रेता इल्यास भाई ने बताया कि शहर के फर्नीचर बाजार में अक्षय तृतीया की शादियों के लिए ड्रेसिंग टेबल, पलंग, डाइनिंग टेबल के साथ अन्य फर्नीचर की बुकिं ग की जा रही है। </p>
<p><strong>वेडिंग से जुडे लोगों को मिलेगा रोजगार</strong><br />अक्षय तृतीया पर बंपर शादिया होने से इस बार लोगों अच्छा काम मिलेगा। टेंट व्यवसायी शनि सिंह ने बताया कि शहर में करीब 250 से अधिक टेंट डेकोरेशन से जुड़े कारोबारी है। एक व्यापारी के यहां 15 से 20 मजदूर काम करते है। उस हिसाब से करीब 3750 से 4500 हजार लेबर को काम मिलेगा। वहीं कैटरिंग से व्यवसाय से जुडे मोहनलाल ने बताया कि शहर में करीब 150 केर्ट्स है प्रत्येक के पास 15 से 20 लोगों की टीम है। उस हिसाब 1500 से 2 हजार लोगों को  काम मिलेगा। वहीं पप्पु हलवाई ने बताया कि एक शादी में करीब पुडी बनाने से लेकर मिठाई के लिए 8 से 10 लोग लगते है। शहर में 150 हलवाई है उस हिसाब से 1500 लोगों काम मिलेगा। बाजेवाले शाकिर भाई ने बताया कि शहर में 100 अधिक बैंडबाजे वाले है। एक बैंड में 12 से 15 कलाकार होते है। उस हिसाब से 1500 कलाकारों को आखातीज पर काम मिलेगा। इसके अलावा 500 से अधिक पंडितों भी शादी कराने का काम मिला है। इसके अलावा घोड़ी, लाइट उठाने वाले डेकोरेशन और फूल सजावट वाले, फोटोग्राफर, इवेंट मैनेजर, सफाई कर्मी, गार्ड सहित करीब 20 हजार लोगों को आखा तीज पर रोजगार मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 17:36:25 +0530</pubDate>
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                <title>मुनि संघ को इक्षु रस का आहार देकर मनाया गया अक्षय तृतीया पारण</title>
                                    <description><![CDATA[जनकपूरी-ज्योतिनगर जैन मंदिर अक्षय तृतीया के पावन दिन जयपुर का एक मात्र स्थान रहा जहाँ मुनि संघ का भक्तों को पावन सानिध्य मिला ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/akshaya-tritiya-parana-was-celebrated-by-giving-food-of-ikshu/article-77502"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(7)5.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';"><span lang="hi" xml:lang="hi">जयपुर </span>। <span lang="hi" xml:lang="hi">जनकपूरी-ज्योतिनगर जैन मंदिर अक्षय तृतीया के पावन दिन जयपुर का एक मात्र स्थान रहा जहाँ मुनि संघ का भक्तों को पावन सानिध्य मिला । प्रबंध समिति अध्यक्ष पदम जैन बिलाला अनुसार अक्षय तृतीया को पारण व दान पर्व के साथ आचार्य श्री १०८ शशांक सागर जी का अवतरण दिवस व संघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह भक्ति भाव के साथ मनाया गया ।सुबह अभिषेक शांति धारा से समारोह शुरू हुआ जो मंगल आरती व<span>  </span>उपस्थित जनों को इक्षु रस वितरण के साथ समाप्त हुआ । इस बीच भक्ति व संगीत के साथ पूजन<span>  </span>पाद प्रक्षालन </span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शास्त्र भेंट</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">आशीर्वचन </span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पिच्छिका परिवर्तन व अतिथि सम्मान आदि हुआ । इधर भक्त जनों ने संघ का पड़गाहन कर को इक्षु रस का आहार दिया ।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">भक्ति मय गुरु पूजन</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">अक्षय तृतीया व गुरु पूजन भक्ति के साथ झूमते हुए साज बाज के साथ ब्र० डा० चंद्र प्रभा जैन</span><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';">, <span lang="hi" xml:lang="hi">प० रोहित शास्त्री सांगानेर संस्थान व युवा गायक जितु गंगवाल प्रताप नगर द्वारा संपन्न करायी गई तथा पूर्व व वर्तमान आचार्यों के अर्घ समर्पित किए गए ।</span></span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';"> </span><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';"><strong><span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">आचार्य ने अक्षय तृतीया को बताया दान पर्व</span></strong></span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';" xml:lang="hi">आचार्य<span>  </span>ने अक्षय तृतीया के बारे में समझाते हुए कहा की भगवान आदिनाथ ने सबसे पहले समाज में दान के महत्व को समझाया था और दान की शुरुआत की थी। भगवान आदिनाथ राज-पाठ का त्याग करके वन में तपस्या करने निकल गए थे उन्होंने वहां 6 महीने तक लगातार ध्यान किया था 6 महीने बाद जब उन्होंने सोचा कि इस समाज को दान के बारे में समझाना चाहिए तो वे ध्यान से उठकर आहार मुद्रा धारण करके नगर की ओर निकल पड़े थे।जैन धर्म में अक्षय तृतीया के दिन लोग आहार दान</span><span style="font-size:16pt;line-height:115%;font-family:Aparajita, 'sans-serif';"> <span lang="hi" xml:lang="hi">ज्ञान दान</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">औषाधि दान या फिर मंदिरों में दान करते हैं जैन धर्म की मान्यता है कि भगवान आदिनाथ ने इस दुनिया को असि-मसि-कृषि वाणिज्य व शिल्प के बारे में बताया था इसे आसान भाषा में समझें तो असि यानि तलवार चलाना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">मसि यानि स्याही से लिखना</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि यानी खेती करना होता है भगवान आदिनाथ ने ही लोगों को इन विद्याओं के बारे में समझाया और लोगों को जीवन यापन के लिए इन्हें सीखने का उपदेश दिया था आचार्य श्री ने अंत में कहा कि वास्तव में तो मेरा अवतरण दिगंबर मुद्रा धारण करने के दिन हुआ है । इसके साथ ही आचार्य श्री ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 17:10:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>अक्षय तृतीया: अक्षय फल का चमत्कारी महापर्व</title>
                                    <description><![CDATA[भगवान कृष्ण शाश्वत हैं। आज अक्षय तृतीया है और आज के दिन भक्त उनके लिए कुछ भी करते हैं तो उन्हें उसका शाश्वत फल मिलता है, जो कभी नष्ट नहीं होता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/akshaya-tritiya-the-miraculous-festival-of-akshaya-fruits/article-77419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/akshya-tritrya.png" alt=""></a><br /><p>भगवान कृष्ण शाश्वत हैं। आज अक्षय तृतीया है और आज के दिन भक्त उनके लिए कुछ भी करते हैं तो उन्हें उसका शाश्वत फल मिलता है, जो कभी नष्ट नहीं होता है। आज के दिन की यही विशेषता है और ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन जो भी शुभ कार्य किया जाता है उसका फल कई गुना बढ़ जाता है। विष्णु पुराण में कहा गया है कि इस दिन किया गया दान,तीर्थ और तप अनन्त फलदायी होता है। <br />अक्षय शब्द का अर्थ है- जो कभी क्षय अर्थात कम ना हो । अक्षय तृतीया वैशाख महीने के बढ़ते चन्द्रमा का तीसरा दिवस है और आज के दिन से भारत के बहुत से मंदिरों में चन्दन यात्रा शुरू होती है जो पूरे 20 दिन तक जारी रहती है। वृन्दावन के मंदिरों में भगवान को चन्दन का लेप किया जाता है जो ग्रीष्म ऋतु में उन्हें शीतलता प्रदान करता है। चन्दन यात्रा के दौरान नरसिम्हा जयंती भी आती है और इस विशेष दिवस पर भगवान नरसिम्हा को भी चन्दन का लेप लगाया जाता है,भक्त चन्दन की लकड़ी को पीसकर श्री भगवान को प्रेम और भक्ति से लगाते हैं। <br />मान्यता यह है कि अक्षय तृतीया के दिन का हर क्षण भाग्याशाली है, क्योंकि इस दिन अति शुभ घटनाएं घटीं।  पुराणों के अनुसार इस दिन त्रेता युग की शुरूआत हुई, पवित्र गंगा नदी का धरती पर अवतरण हुआ,महर्षि वेद व्यास और भगवान गणेश ने आज ही के दिन महाभारत लिखना शुरू किया जिसमें भगवद्गीता भी समाहित है। अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान  परशुराम का जन्म हुआ और युधिष्ठिर की प्रार्थनाओं से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें अक्षय पात्र दिया जिसका भोजन कभी समाप्त नहीं हुआ। अक्षय तृतीया का पावन पवित्र त्यौहार निश्चित रूप से धर्म आराधनाएं, त्याग, तपस्या आदि से पोषित ऐसे अक्षय बीजों को बोने का दिन है जिनसे समयान्तर पर प्राप्त होने वाली फसल न सिर्फ सामाजिक उत्साह को शतगुणित करने वाली होगी वरन अध्यात्म की ऐसी अविरल धारा को गतिमान करने वाली भी होगी जिससे सम्पूर्ण मानवता सिर्फ कुछ वर्षों तक नहीं पीढ़ियों तक स्नात होती रहेगी। अक्षय तृतीया के पवित्र दिन पर हम सब संकल्पित बनें कि जो कुछ प्राप्त है उसे अक्षुण्ण रखते हुए इस अक्षय भंडार को शतगुणित करते रहें। यह त्यौहार हमारे लिए एक सीख बने, प्रेरणा बने और हम अपने आपको सर्वोतमुखी समृद्धि की दिशा में निरंतर गतिमान कर सकें। अच्छे संस्कारों का ग्रहण और गहरापन हमारी संस्कृति बने, तभी अक्षय तृतीया पर्व की सार्थकता होगी। अक्षय तृतीया  किसानों एवं कुंभकारों के लिए विशेष महत्व का दिन है। शिल्पकारों के लिए भी यह बहुत महत्व का दिन है। बैलों के लिए भी बड़े महत्व का दिन है। प्राचीन समय से यह परम्परा रही है कि आज के दिन राजा अपने देश के विशिष्ट किसानों को राज दरबार में आमंत्रित करता था और उन्हें अगले वर्ष बुवाई के लिए विशेष प्रकार के बीज उपहार में देता था। लोगों में यह धारणा प्रचलित थी कि उन बीजों की बुवाई करने वाले किसान के धान्य- कोष्ठक कभी खाली नहीं रहते। यह इसका लौकिक दृष्टिकोण है। यह भी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन अपने अच्छे आचरण और सद्गुणों से दूसरों का आशीर्वाद लेना अक्षय रहता है। साथ ही अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है तथा गृह प्रवेश, पदभार ग्रहण, वाहन खरीदना, भूमि पूजन आदि शुभ कार्य करना अत्यंत लाभदायक एवं फलदायी होते हैं। </p>
<p>अक्षय तृतीया के दिन सुदामा अपने प्रिय मित्र भगवान कृष्ण से मिले थे, वो दीन थे और उनके पास भगवान को देने के लिए भेंट रुपी चावल के अलावा और कुछ भी नहीं था। भगवान कृष्ण तो बस सच्चे प्रेम और भावे के भूखे हैं तो उन्होंने प्रसन्न होकर अपने सखा सुदामा की झोपड़ी को महल बना दिया।</p>
<p>वृन्दावन में अक्षय तृतीया के दिन ही भक्तों को बिहारी जी के चरणों के दर्शन मिलते हैं और खास बात ये है कि ऐसा बस साल में एक बार आज ही के दिन होता है, तो यह महिमा है अक्षय तृतीया के सौभाग्याशाली दिवस की । आज के दिन अबूझ सावा होता है और सभी मांगलिक कार्य बिना किसी मुहूर्त के संपन्न किये जाते हैं। आज के दिन अगर हम पवित्र सरोवरों में स्नान करें, पूजा- अर्चना करें, दान- पुण्य करें, मन्त्रों का जाप करें जैसे हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे तो हमे दिव्य और अक्षय फल मिलता है। तो आप भी आज के दिन से महामन्त्र का जाप करके और पूजा अर्चना करके अपने इस अक्षय धन का संचय करें , क्योंकि यही एक ऐसा धन है जो हम अपने साथ लेकर जाते हैं ।  आपको अक्षय तृतीया की बहुत बहुत शुभकामनाएं, हरे कृष्ण !<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 11:08:58 +0530</pubDate>
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                <title>आखातीज के बैंडबाजा से 15 हजार को मिला रोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[ अप्रैल में तारा अस्त होने से अक्षय तृतीया  को सबसे बड़ा दिन है। माना जा रहा है कि इस बार बाजार में अब तक के खरीदारी के सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे। अक्षय तृतीय पर  कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव  ने बताया कि इस बार 50 से 55 करोड तक व्यापार होने की उम्मींद है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/15-thousand-got-employment-from-akhatij-s-bandbaza/article-43556"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/manoj-(630-×-400-px)-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में शनिवार को अक्षय तृतीया के अबूझ मुर्हूत पर करीब 300 से अधिक शादियां होगी। वहीं टेंट, बैडबाजा, केटरिंग, हलवाई, सजावट से जुडे करीब 15 हजार से अधिक लोगों को एक दिन में बंपर रोजगार मिलेगा। अप्रैल में एक मात्र विवाह मुहूर्त होने से सारा भार इस बार अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर आ गया है।  शनिवार को अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर शहर में बंपर शादियां होने वाली है। शहर के विभिन्न रिसोर्ट व होटलों सामुदायिक भवनों में 300 से अधिक शादियां होने के अनुमान है। वहीं शहर में अक्षय तृतीया पर 55 करोड़  के कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस बार आखा तीज पर विशेष संयोग होने से इस बार बंपर शादियां हो रही है।  अप्रैल में तारा अस्त होने से अक्षय तृतीया  को सबसे बड़ा दिन है। माना जा रहा है कि इस बार बाजार में अब तक के खरीदारी के सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे। गहने, वाहन, गारमेंट एंड शू, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, कैटरिंग और हलवाई, टेंट और डेकोरेशन, इवेंट, आर्ट एंड हैंडीक्राफ्ट्स, गिफ्ट्स, फूलों का बड़ा कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अक्षय तृतीय पर  कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि इस बार 50 से 55 करोड तक व्यापार होने की उम्मींद है।</p>
<p><strong>15 हजार लोगों  को रोजगार</strong><br />अक्षय तृतीया पर बंपर शादिया होने से इस बार लोगों अच्छा काम मिलेगा। टेंट व्यवसायी शनि सिंह ने बताया कि शहर में करीब 250 से अधिक टेंट डेकोरेशन से जुड़े कारोबारी है। एक व्यापारी के यहां 15 से 20 मजदूर काम करते है। उस हिसाब से करीब 3750 से 4500 हजार लेबर को काम मिलेगा। वहीं केटरिंग से व्यवसाय से जुडे मोहनलाल ने बताया कि शहर में करीब 150 केर्ट्स है प्रत्येक के पास 15 से 20 लोगों की टीम है। उस हिसाब 1500 से 2 हजार लोगों को  काम मिलेगा। वहीं पप्पु हलवाई ने बताया कि एक शादी में करीब पूडी बनाने से लेकर मिठाई के लिए 8 से 10 लोग लगते है। शहर में 150 हलवाई है उस हिसाब से 1500 लोगों काम मिलेगा। बाजेवाले शाकिर भाई ने बताया की शहर में 100 अधिक बैंडबाजे वाले है। एक बैंड में 12 से 15 कलाकार होते है। उस हिसाब से 1500 कलाकारों को आखातीज पर काम मिलेगा। इसके अलावा 150 से अधिक पंडितो भी शादी कराने का काम मिला है। इसके अलावा घोडी, लाइट उठाने वाले डेकोरेशन और फूल सजावट वालों सहित करीब 15 हजार लोगों को आखा तीज पर रोजगार मिलेगा।</p>
<p><strong>कपड़ा बाजार में रही भीड़ </strong><br />ईद और अक्षय तृतीया दो बडे त्यौहार एक ही दिन आने से  बाजारों में खासी भीड़  रही कपड़ा बाजार में शादी ब्याह के साथ ईद के लिए लोग जमकर कपड़ों की खरीदारी की। शहर के क्लॉथ मार्केट, रेडिमेट बाजार, इंदिरा बाजार में ग्राहकों खासी भीड़ नजर आ रही है। कपड़ा व्यापारी गोपाल गोयल ने बताया कि अप्रैल माह में एक विवाह मुहूर्त होने से बाजार अच्छी खरीदारी हो रही कपड़ा बाजार में 5 से 6 करोड़ का कारोबार होने की अनुमान है।</p>
<p><strong>वाहन बाजार में रही भीड</strong><br />अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों की जमकर बुकिंग हुई। इसके अलावा आखातीज के सावे के लिए शादी में देने के लिए बाइक, स्कूटी की करीब 150 बुकिंग हुई। </p>
<p><strong>फर्नीचर बाजार में रही भीड़</strong><br />फर्नीचर विक्रेता इल्यास भाई ने बताया कि शहर के फर्निचर बाजार में अक्षय तृतीया की शादियों के लिए ड्रेसिंग टेबल, पलंग, डाइनिंग टेबल के साथ अन्य फर्निचर की जमकर बुकिंग  हुई है। इस बार 8 से 10 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। बाजार में खरीदारों की खासी पूछपरक है। फर्निचर व्यापारी एसएन खान ने बताया कि इस बार आाखा तीज पर बंपर शादियां होने से अच्छी बुकिंग हो रही है। </p>
<p><strong>इलेक्ट्रॉनिक बाजार में दिख रही खरीदारों की भीड़</strong><br />इलेक्ट्रानिक उपकरण बाजार के अध्यक्ष  सत्यनारायण गुप्ता ने बताया कि शहर के इलेक्ट्रानिक बाजार में इन दिनो ंकुलर, फ्रिज, पंखा के साथ घरेलू उपकरणों की जमकर खरीदारी हो रही है।  शादी ब्याह के साथ गर्मी को देखते हुए पंखे, कुलर एसी की बिक्री बढ़ी है। 5 से 7 करोड़ के कारोबार का अनुमान है।</p>
<p><strong>बैंडबाजा और केटरिंग की एडवांस बुकिंग</strong><br />टेंट एसोसिएशन के शनि ने बताया कि इस बार अक्षय तृतीया पर टेंट, केटरिंग और डीजे की अच्छी बुकिंग हुई है। 8 से 10 करोड़ शहर में कारोबार होने का अनुमान है। बैंडबाजा एसोसिएशन के सकिर भाई ने बताया कि इस बार घोड़ बैंडबाजा की अच्छी बुकिंग हुई है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Apr 2023 16:30:10 +0530</pubDate>
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