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                <title>cad department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का - नहर कट बंद, किसानों को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।  
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---canal-cut-closed--farmers-got-relief/article-126200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/untitled-design-(15)1.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। काफी दिनों से टूटी पड़ी नहर की दीवार को आखिरकार विभाग ने दुरुस्त कर किसानों को राहत दी। नहर में कट लगने से सैकड़ों बीघा धान की फसल खराब होने की आशंका बनी हुई थी। दैनिक नवज्योति ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए 5 सितंबर के अंक में समाचार प्रकाशित किया था। खबर का असर हुआ और सीएडी विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कोटा से पोकलैंड मशीन मंगवाई। रविवार को मौके पर पहुंची मशीन से झाड़ियां व बबूल डालकर कट को बड़ी मशक्कत से बंद किया गया। इससे किसानों की चिंताएं कम हुईं।</p>
<p><strong>किसानों ने जताया आभार</strong><br />मुख्य नहर दीवार के कट बंद होने पर क्षेत्र के किसान हेमंत मीणा, हरिराम मेघवाल, मुकेश मीणा आदि ने दैनिक नवज्योति द्वारा समस्या उठाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है। </p>
<p><strong>अधिकारियों ने कही यह बात</strong><br />शिकायत मिलते ही कोटा से पोकलैंड मशीन मंगवाकर दीवार के कट को बंद किया गया। साथ ही तालेड़ा-बूंदी उपखंड की नहरों को नियंत्रित कर चलाया जा रहा है ताकि आबादी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति न बने।<br /><strong>- अरविंद मीणा, अधिशासी अभियंता, सीएडी विभाग बूंदी।  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 16:25:30 +0530</pubDate>
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                <title>10 दिन से सूखी पड़ी है सनीजा बावडी व हनोतिया माइनर</title>
                                    <description><![CDATA[समय पर पानी नहीं मिला तो फसलों में नुकसान की आशंका बनी रहेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/sanija-bawdi-and-hanotia-minor-have-been-dry-for-10-days/article-103913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(1)29.png" alt=""></a><br /><p>बूढ़ादीत। बूढ़ादीत क्षेत्र में इन दिनों नहरी पानी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 10 दिन से सुल्तानपुर सीएडी विभाग द्वारा सनीजा बावडी एवं हनोतिया माइनर में पानी का जलस्तर कम किया हुआ है। ऐसे में किसान बार-बार नहरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। किसानों ने बताया कि यहां पर्याप्त मात्रा में नहर की सफाई का कार्य नहीं होने से टेल क्षेत्र में पानी के लिए अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों को 50 दिन से भी ऊपर अपनी गेहूं की फसल में पानी देने से वंचित होना पड़ रहा है। समय पर पानी नहीं मिला तो फसलों में नुकसान की आशंका बनी रहेगी। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />क्षेत्र के किसान बार-बार नहरी पानी को लेकर परेशान होते हैं। जब से भाजपा सरकार बनी है, तब से किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिला। सनीजा बावड़ी एंव हनोतिया माइनर के किसान परेशान हैं। परंतु सीएडी विभाग के अधिकारी नींद में हैं। यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों के साथ सुल्तानपुर सीएडी विभाग के कार्यालय का घेराव कर ताला जड़ दिया जाएगा।<br /><strong>-महेंद्र गुर्जर, ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस, सुल्तानपुर</strong></p>
<p>सीएडी विभाग के नहर रेगुलेशन के ठेकेदार के कर्मचारी संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं देते हैं। इन्होंने नहर की पर्याप्त मात्रा में सफाई नहीं करवाई। सनीजा बावडी माइनर में भयंकर काई जमी हुई है। नहर रेगुलेशन में कितना कार्य हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए।<br /><strong>-तेजराज नायक, वार्ड पंच, प्रतिनिधि किसान, बनेठिया </strong></p>
<p>हनोतिया डिस्ट्रीब्यूटरी में सीएडी विभाग की लापरवाही से किसानों को पानी नहीं मिल रहा। विभाग के अधिकारी पक्षपात रवैया अपनाते हैं। नहर रेगुलेशन में पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। कर्मचारियों के मनमानी करने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। यदि ऐसे ही हालात रहे तो किसान आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।<br /><strong>-बलराम बैरवा, किसान, हनोतिया </strong></p>
<p>सनीजा बावडी माइनर में करीब 10 दिन से पानी नहीं है। फसलों में 55 दिनों से पानी नहीं पिलाया। गेहूं की फसल सूखने की स्थिति में आ गई है। सीएडी विभाग को जल्द पानी की मात्रा बढ़ानी चाहिए।<br /><strong>-रामसिंह गुर्जर, किसान, बनेठिया </strong></p>
<p>किसानों की मांग के अनुरूप पानी बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही समय-समय पर नहर की सफाई कार्य भी चल रहा है। हनोतिया डिस्ट्रीब्यूटरी में जल्द पानी की मात्रा बढ़ा दी जाएगी।<br /><strong>-हेमराज मीणा, सहायक अभियंता, सीएडी, सुल्तानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 14:23:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सीएडी की लापरवाही किसानों पर पड़ रही भारी : किसानों को नहीं मिल रहा पानी, नहरों में नहीं हो पा रहा पानी का पूरी तरह संचालन</title>
                                    <description><![CDATA[नहरों में पानी संचालन नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/algae-has-accumulated-in-the-canals-due-to-lack-of-timely-cleaning/article-102522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(4)9.png" alt=""></a><br /><p>इटावा। सीएडी विभाग की लापरवाही किसानों के लिए परेशानी बन गई है। नहरों में जगह जगह काई काई जम गई है। जिससे पानी का संचालन नहीं हो पा रहा है। जबकि अब फसलों के लिए पानी की आवश्यकता है। किसान फसलों को लेकर चिंतित ओर परेशान हैं। इटावा  ब्रांच केनाल और इससे निकली वितरिकाओं में रेगुलेशन के दौरान समय रहते सफाई कार्य नहीं होने के कारण जलीय वनस्पति के साथ काई जम गई है। जिसके चलते नहरों में पानी का प्रवाह बढ़ नहीं रहा है और नहरों की स्थिति ओवरफ्लो की बनी हुई है। लेकिन सीएडी के अधिकारी सिर्फ कागजों में खानापूर्ति करने में लगे हुए हैं। </p>
<p><strong>फसलों के पकाव का समय </strong><br />किसानों का कहना हे कि इस बार जनवरी के शुरूआत में बारिश होने के कारण किसानों के खेतो में एक पानी की पूर्ति हो गई। लेकिन मौसम के खुलने के साथ ही एक साथ फसलों के लिए पानी की आवश्यकता हुई है। लेकिन नहरों में पानी संचालन नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं। किसान रामपाल, धर्मराज नागर, केदार लाल मीना सहित कई किसानों ने बताया कि इस बार मौसम ने साथ दिया है। अभी तक फसलों की पैदावार बढ़िया है। लेकिन अगर समय रहते पानी नहीं मिला तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा। क्योंकि अब फसलों के पकाव के साथ दाना पड़ने का समय है। </p>
<p><strong>निर्माण कार्यों की भी खुली पोल</strong><br />नहरी क्षेत्र में जो नहरों के निर्माण कार्य हुए थे, उनकी भी पोल खुल गई है। नहरों में पानी के संचालन के दौरान कई जगह निर्माण क्षतिग्रस्त हो गए। किसानों ने इटावा ब्रांच केनाल के निर्माण कार्यों की भी जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही लाखों रुपए के नहरी पानी पहुंचाने के लिए टेंडर हुए हैं। लेकिन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खानापूर्ति हो रही है। </p>
<p>फसलों में पानी की डिमांड बढ़ गई है। लेकिन नहरों में प्रवाह कम है। काई और जलीय वनस्पति कांजी जमी हुई है जिससे जरा से प्रवाह से ही नहरें ओवरफ्लो हो जाती हैं। ऐसे में सिस्टम की खामी किसानों के लिए आने वाले समय में परेशानी बढ़ेगी। फसलों को पानी नहीं मिलने से फसलों में नुकसान होगा।<br /><strong>- अर्जुनलाल मीना, अध्यक्ष, जल वितरिका समिति, खातौली</strong></p>
<p> नहरों में सफाई का कार्य कराया जा रहा है। नहरों में पानी का किसानों की डिमांड को देखते हुए पानी बढ़ाया जा रहा है। जल्द किसानों को पूर्ण प्रवाह से पानी देने का प्रयास रहेगा।<br /><strong>- विष्णु कुमार मीना, सहायक अभियंता, सीएडी, इटावा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 16:25:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - जंगल कटाई कार्य की सीएडी विभाग की मस्टरोल हुई प्रारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[सभी श्रमिकों ने दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त किया है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/effect-of-news---cad-department-s-muster-roll-for-forest-cutting-work-has-started/article-99293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/5554-(1).png" alt=""></a><br /><p>अरनेठा। कस्बे में पिछले दिनों बंद हुई सीएडी की मस्टरोल रविवार को वापस प्रारंभ हो गई है। वापस मस्टरोल प्रारंभ होने से श्रमिकों ने अधिकारियों एवं दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त किया है। जानकारी अनुसार अरनेठा बस स्टॉप के पास स्थित का कापरेन ब्रांच बायी मुख्य नहर किनारे सीएडी विभाग द्वारा जंगल कटाई कार्य श्रमिकों से करवाया जा रहा था पिछले दिनों हुई बारिश से मस्टरोल में व्यवधान उत्पन्न हो गया था। दैनिक नवज्योति ने 29 दिसंबर को बंद मस्टरोल को वापस चालू करने की श्रमिकों ने मांग की ....शीर्षक से श्रमिकों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित की थी।</p>
<p>इस मामले पर सीएडी विभाग से एक्सइन देवेंद्र अग्निहोत्री एवं जेईएन ने मामले को बारीकी से समझ कर आवश्यक कार्यवाही कर मस्टरोल वापस प्रारंभ कर दी। फिलहाल सभी श्रमिकों ने दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त किया है। वही मस्टरोल प्रारंभ होने के बाद ग्राम पंचायत कनिष्ठ लिपिक रमेश कुमार वर्मा द्वारा श्रमिकों के कार्यस्थल पर जाकर निरीक्षण किया गया। जहां सभी श्रमिक प्रसन्न चित एवं उपस्थित पाए गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jan 2025 14:09:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - नहरी पानी की राह में बने बाधक तो होगी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[ टेल क्षेत्र के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने में जुटा विभाग।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---action-will-be-taken-if-there-is-an-obstruction-in-the-way-of-canal-water/article-95245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer-(11).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। सीएडी विभाग ने रबी फसलों के लिए पूरी क्षमता से दोनों नहरों में जलप्रवाह शुरू कर दिया है। इसके बावजूद अभी तक टेल क्षेत्र के खेतों तक नहरी पानी नहीं पहुंचा है। सिंचाई के लिए किसानों की नहरी पानी की मांग बढ़ती जा रही है, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। इस कारण अब सीएडी विभाग ने जलप्रवाह की मॉनीटरिंग शुरू कर दी है। विभाग के अभियंता टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने में जुट गए हैं। इसके लिए नहरी तंत्र की निगरानी शुरू कर दी गई है। हेड क्षेत्र के खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच चुका है। इसलिए अब हेड की माइनरों में जलप्रवाह कर करके टेल क्षेत्र में पानी पहुंंचाया जा रहा है। रोजाना विभाग के अभियंता माइनरों पर पहुंच कर जलप्रवाह का जायजा ले रहे हैं।</p>
<p><strong>तो पुलिस की लेंगे मदद </strong><br />विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रबी फसलों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दोनों नहरों में पूरी क्षमता से जलप्रवाह किया जा रहा है। हेड क्षेत्र के अधिकांश क्षेत्रों में नहरी सिंचाई के लिए नहरी पानी पहुंंच चुका है। अब टेल क्षेत्र में पानी पहुंचाने में जुट गए हैं। हेड क्षेत्र में रोजाना पानी की उपलब्धता का आंकलन किया जा रहा है और जहां पर पर्याप्त पानी पहुंच चुका है उन माइनरों में प्रवाह कम करवाया जा रहा है। अब सारा फोकस टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने पर है। यदि किसी किसान ने सुचारू जलप्रवाह  में बाधा उत्पन्न की तो पुलिस के सहयोग से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उच्च अधिकारियों ने पुलिस का सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>जलप्रवाह को लेकर बैठक में हुई थी चर्चा</strong><br />क्षेत्रीय विकास आयुक्त की अध्यक्षता में चम्बल कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में जल संचालन के संबंध में गत दिनों बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में अधीक्षण अभियन्ताओं एवं अधिशासी अभियन्ताओं को नहरों पर नियमित भ्रमण करने एवं मौके पर ही काश्तकारों की समस्या सुनकर निराकरण करने के निर्देश प्रदान किए गए थे। इसके अलावा नहरों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा आने पर पुलिस प्रशासन का सहयोग लेने को कहा था, ताकि टेल क्षेत्र पर पानी पहुंचाने में कोई दिक्कत नहीं आए। क्षेत्रीय विकास आयुक्त के निर्देश के बाद विभाग के अभियंताओं ने जलप्रवाह की मॉनीटरिंग शुरू कर दी है। इसके लिए रोजाना माइनरों पर जाकर जायजा लिया जा रहा है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया मामला तो हरकत में आए अधिकारी</strong><br />सीएडी विभाग ने रबी फसलों के लिए पूरी क्षमता से दोनों नहरों में जलप्रवाह शुरू कर दिया है। इसके बावजूद अभी तक टेल क्षेत्र के खेतों तक नहरी पानी नहीं पहुंचा है। सिंचाई के लिए किसानों की नहरी पानी की मांग बढ़ती जा रही है, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। पूरी क्षमता से नहरें चलाने के बाद भी पानी सभी जगह पर नहीं पहुंच पा रहा है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। अब रबी फसलों की बुवाई का कार्य गति पकड़ने लगा है। इस कारण फसलों में सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता होने लगी है। समाचार प्रकाशित होने के बाद अधिकारी हरकत में आए और जलप्रवाह की मॉनीटरिंग शुरू कर दी गई। </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />2.29 लाख हैक्टेयर जमीन सिंचित होती है हाड़ौती की<br />6600 क्यूसेक है दार्इं मुख्य नहर की जल प्रवाह क्षमता<br />124 किमी दायीं मुख्य नहर राजस्थान में जल प्रवाहित<br />248 किमी मध्यप्रदेश की सीमाओं में जल प्रवाह।<br />1.27 लाख हैक्टेयर भूमि राजस्थान में सिंचित<br />3.70 लाख हैक्टेयर भूमि मध्यप्रदेश में सिंचित<br />1500 क्यूसेक है बार्ईं मुख्य नहर की जल प्रवाह क्षमता<br />178 लाख हैक्टेयर भूमि राजस्थान में सिंचित<br />1.02 लाख हैक्टेयर भूमि सिंचित</p>
<p>दायीं और बायीं नहर में पूरी क्षमता से जलप्रवाह किया जा रहा है। जलप्रवाह की मॉनीटरिंग के लिए अभियंताओं को मौके पर भेजा जा रहा है। जलप्रवाह में आ रही हर बाधा को हटाया जाएगा। इसके लिए पुलिस की मदद लेंगे। जल्द टेल क्षेत्र तक पानी पहुंंच जाएगा। <br /><strong>- लखनलाल गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, सीएडी कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 11:54:34 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : सीएडी एसई ने लिया धनवां नाले पर बन रही पुलिया का जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में धनवां नाले पर बन रही पुलिया को लेकर 24 अप्रैल को समाचार प्रकाशित कर ग्रामीणों की चिंताओं और आपत्तियों से अधिकारियों को अवगत करवाया था। इसके बाद सीएडी विभाग के अधीक्षण अभियंता ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और ठेकेदार को ग्रामीणों की समस्या समाधान के निर्देश दिए। साथ ही सही तरीके से रैंप बनाने के लिए भी पाबंद किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news--cad-se-took-stock-of-the-culvert-being-built-on-dhanwan-drain/article-44085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/asar-khabar-ka--cad-se-nei-liya-dhanwaa-nale-par-ban-rahi-puliya-ka-jaayaza..budhadeet-news-..kota-..28.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>बूढ़ादीत। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के तीन दिन बाद सीएडी के अधीक्षण अभियंता महावीर सामरिया ने गुरूवार को बनेठिया से धनवां के बीच सड़क मार्ग पर हनोतिया माइनर नहर पर धनवां गांव के छोटे नाले पर बन रही पुलिया का निरीक्षण कर अधिकारियों  आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदार को रैंप को सही तरीके से बनाने को लेकर पाबंद किया। इसके बाद ठेकेदार ने रैंप बनाने का कार्य शुरू किया। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति में धनवां नाले पर बन रही पुलिया को लेकर 24 अप्रैल को समाचार प्रकाशित कर ग्रामीणों की चिंताओं और आपत्तियों से अधिकारियों को अवगत करवाया था। जानकारी के अनुसार सीएडी विभाग की ओर से हनोतिया माइनर पर पुलिया का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। जिससे ग्रामीण किसानों को काफी राहत मिलेगी। जिस जगह पुलिया का निर्माण हो रहा है, वहां नहर में झाड़, झंकाड़ व बबूलों से नहर ओवरफ्लो हो जाती थी। जिससे पानी व्यर्थ बहता था और ग्रामीण किसानों को सिंचाई में असुविधा होती थी। विभाग की ओर से ग्रामीणों व किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए पुलिया के निर्माण का कार्य शुरू करवाया गया। लेकिन ग्रामीणों ने इस पुलिया का सही डिजाइन में नहीं बनाने, रैंप गलत बनाने सहित अनियमितता का आरोप लगाया था। जिसको लेकर दैनिक नवज्योति ने 24 अप्रैल को हनोतिया माइनर पर बनी पुलिया पर हादसों का खतरा शीर्षक से इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद सीएडी विभाग के अधीक्षण अभियंता महावीर सामरिया ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और ठेकेदार को ग्रामीणों की समस्या समाधान के निर्देश दिए। साथ ही सही तरीके से रैंप बनाने के लिए भी पाबंद किया।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने जताई थी हादसों की आशंका</strong><br />बनेठिया के ग्रामीण मदन सेन ने बताया था कि पुलिया इतनी ऊंची है कि पुलिया से नीचे उतरते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे पलटी खाकर हादसे का शिकार होंगे। साथ ही सही डिजाइन में पुलिया का निर्माण नहीं हुआ है। जिससे ग्रामीण किसानों को आवागमन में परेशानी होगी। </p>
<p><strong>घटिया मिट्टी युक्त बजरी के प्रयोग का भी लगाया था आरोप </strong><br />पुलिया निर्माण कार्य में ग्रामीणों ने गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं करने का भी आरोप लगाया था। बताया था कि ठेकेदार द्वारा अवैध काली मिट्टी युक्त बजरी का प्रयोग किया गया है। जिसकी ग्रामीणों ने गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने की शिकायत की थी।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मैंने मौके पर जाकर सहायक अभियंता को पुलिया निर्माण कार्य में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने और ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही रैंप को भी सही तरीके से बनाने के लिए ठेकेदार को पाबंद किया है। इस पुलिया का निर्माण होने से ग्रामीण किसानों को फायदा होगा और सिंचाई में उन्हें जो समस्या का सामना करना पड़ता था वह अब नहीं करना पड़ेगा। <br /><strong>-महावीर सामरिया, अधीक्षण अभियंता, सीएडी विभाग, कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Apr 2023 15:25:08 +0530</pubDate>
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                <title>हनोतिया माइनर पर बनी नई पुलिया पर हादसों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिया इतनी ऊंची है कि पुलिया से नीचे उतरते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे पलटी खाकर हादसे का शिकार होंगे। साथ ही सही डिजाइन में पुलिया का निर्माण नहीं हुआ। जिससे ग्रामीण किसानों को आवागमन में परेशानी होगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/danger-of-accidents-on-the-new-culvert-built-on-hanotia-minor/article-43707"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/hanotiya-miner-par-bani-nai-puliya-par-haadaso-ka-khatra..budhadeet-news-kota..24.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>बूढ़ादीत। बूढादीत थाना क्षेत्र के ग्राम बनेठिया से धनवां के बीच सड़क मार्ग पर हनोतिया माइनर नहर पर सीएडी विभाग द्वारा नवीन पुलिया का निर्माण करवाया गया। जिस पर ग्रामीणों ने हादसे की आशंका व्यक्त की है। ग्रामीण बलराम बैरवा और मदन सेन ने बताया कि नाले की ऊंचाई ज्यादा होने से बनेठिया की तरफ से जाने वाले वाहन सीधे ड्रेन में जाएंगे। क्योंकि सही तरीके से पुलिया का निर्माण नहीं हुआ। साथ ही उन्होंने निर्माण सामग्री में घटिया काली मिट्टी युक्त बजरी का भी प्रयोग करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच की मांग की है। बनेठिया के ग्रामीण मदन सेन ने बताया कि पुलिया इतनी ऊंची है कि पुलिया से नीचे उतरते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे पलटी खाकर हादसे का शिकार होंगे। साथ ही सही डिजाइन में पुलिया का निर्माण नहीं हुआ। जिससे ग्रामीण किसानों को आवागमन में परेशानी होगी। </p>
<p><strong>घटिया मिट्टी युक्त काली बजरी का प्रयोग </strong><br />पुलिया निर्माण कार्य में ग्रामीणों ने गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं करने का भी आरोप लगाया। बताया कि ठेकेदार द्वारा अवैध काली मिट्टी युक्त बजरी का प्रयोग किया गया। जिसकी ग्रामीणों ने गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं होने की शिकायत की।</p>
<p>जैसे ही ग्रामीणों द्वारा धनवा छोटे नाले पर हनोतिया माइनर पर नवीन पुलिया के संबंध में शिकायत मिली तो सहायक अभियंता सुल्तानपुर को पुलिया को सही तरीके से बनाने के निर्देश दिए हैं। ताकि किसानों को कोई असुविधा ना हो और ना ही कोई हादसा हो। इसके साथ ही घटिया बजरी का प्रयोग करने की बात सामने आई है। उसकी विभाग द्वारा जांच करवाई जाएगी और ठेकेदार को पाबंद किया जाएगा। यदि वास्तव में घटिया बजरी का प्रयोग किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>-महावीर सामरिया, अधीक्षण अभियंता, सीएडी विभाग, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Apr 2023 15:32:13 +0530</pubDate>
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