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                <title>vacant plots - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>वार्ड चार में गंदगी से लोग परेशान : नालियों की सफाई नहीं, खाली प्लॉट में जमा गंदा पानी, मच्छरों का प्रकोप</title>
                                    <description><![CDATA[ न तो प्लॉट की सफाई करवाई  और न ही प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/residents-of-ward-4-troubled-by-filth--uncleaned-drains--stagnant-dirty-water-in-vacant-plots--and-a-mosquito-menace/article-151178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(1)29.png" alt=""></a><br /><p>बूंदी ।  बूंदी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 में इन दिनों गंदगी एवं मच्छरों के बढ़ते से प्रकोप से आमजन परेशान हैं। क्षेत्र की प्रमुख समस्या नालियों की समय पर सफाई नहीं होना है, जिसके कारण कचरा जमा हो गया है और गंदा पानी से सड़कों पर फैल रहा है। सफाई व्यवस्था सुचारू नहीं होने से स्थानीय निवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। वार्ड के बीच स्थित एक खाली निजी प्लॉट में लंबे समय से नालियों का गंदा पानी जमा हो रहा है। स्थिर पानी के कारण सच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। वार्डवासियों का कहना है कि आए दिन लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।</p>
<p>नगर परिषद प्रशासन द्वारा संबंधित प्लॉट मालिक को कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो प्लॉट की सफाई करवाई गई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई की गई है। इससे लोगों में नाराजगी व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, जलभराव की समस्या का समाधान करने एवं संबंधित प्लॉट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि वार्डवासियों को राहत मिल सके।</p>
<p><strong>समस्या का समाधान जल्द करवाया जाए</strong><br />वार्डवासियोंका कहना है कि वे कई बार प्रशासन को लिखित में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा। यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नाहीं किया गया और प्लॉट से पानी की निकासी नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।<br /><strong>-हेमराज गुर्जर, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है। नालियों में कचरा जमा होने से सफाई व्यवस्था ठप है। खाली प्लॉट में भरे गंदे पानी के कारण मच्छरों का आतंक है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। नगर परिषद प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर प्लॉट मालिक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और वार्ड में विशेष सफाई अभियान चलाकर आमजन को राहत प्रदान करनी चाहिए।<br /><strong>-सुनीता बैरवा, वार्ड पार्षद</strong></p>
<p>आम जन का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्य प्राथमिकता है। वार्ड नंबर 4 में गंदगी और मच्छरों की समस्या संज्ञान में है। स्वास्थ्य शाखा को निर्देश दिए गए हैं कि वार्ड में तुरंत विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा हटाया जाएगा। जहाँ तक खाली प्लॉट में गंदे पानी के भराव का प्रश्न है, निजी संपत्ति होने के बावजूद जनहित में वहां एंटी-लार्वा ल जाएगी ताकि बीमारियाँ न फैले। दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग करवाई ताकि बीमारियां न फैलें। <br /><strong>-सरोज अग्रवाल, नगर परिषद सभापति</strong></p>
<p>संबंधित प्लॉट मालिक को पूर्व में भी नोटिस दिए जा चुके हैं। प्रशासन अब और इंतजार नहीं करेगा, यदि मालिक द्वारा सफाई नहीं करवाई गई, तो नगर परिषद स्वयं संसाधनों से सफाई करवाकर उसका सारा व्यय और नियमानुसार भारी जुर्माना प्लॉट मालिक से वसूलेगी। साथ ही, सफाई निरीक्षकों को पाबंद किया गया है कि नालियों की सफाई में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।<br /><strong>- आशा मीणा, नगर परिषद आयुक्त</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:25:44 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 19 : खाली प्लॉट, झूलते विद्युत तार,पार्कों में लगे झूले क्षतिग्रस्त , सीवरेज चैंबर बने परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[ ठेकेदार ने कई जगहों पर चैंबर का लेवल सही करने के लिए उनके ऊपर डामर कर पेचवर्क कर दिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-19---vacant-plots--dangling-electrical-wires--damaged-swings-in-parks--sewerage-chambers-become-a-problem/article-134786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/111-(1200-x-600-px)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 19 पार्षद द्वारा वार्ड में विकास के कार्य करवाए गए, जिसमें वार्ड में पिछले दिनों कॉम्पलेक्स का निर्माण किया गया। सीसी रोड तथा नालियों का निर्माण किया गया। वार्डवासी मंगलेश व हरिओम ने बताया कि हमारे वार्ड में सीसी रोड बनाने के दौरान सीवरेज लाइन डाली गई, जिसके चैंबर अब हमारे लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। चैंबर का लेवल सही नहीं होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही ठेकेदार ने कई जगहों पर चैंबर का लेवल सही करने के लिए उनके ऊपर डामर कर पेचवर्क कर दिया। वहीं वार्ड की कुछ गलियों में पिछले दिनों सीसी रोड का निर्माण किया गया। वार्डवासी हरीश कुमार व अभिषेक ने बताया कि वार्ड में स्थित पार्कों में बच्चों के लिए खेल- खिलौने नहीं होने के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और उन्हें अन्य वार्डों के पार्कों में जाना पड़ता है।</p>
<p>वार्ड में सामुदायिक भवन नहीं होने की वजह से आसपास के वार्डों के सामुदायिक भवन में मांगलिक कार्यों के लिए जाना पड़ता है। वार्डवासी हरीश कुमार ने बताया कि सामुदायिक भवन यदि वार्ड में हो तो वार्डवासियों को सस्ती दर पर भवन मिल सकता है, जिससे काफी खर्च बच सकता है। वहीं वार्ड की कुछ नालियों की सफाई तो प्रतिदिन होती है, लेकिन कुछ नालियां गंदी पड़ी रहती हैं।</p>
<p><strong>खाली भूखंड बने परेशानी</strong><br />वार्डवासी नितेश कुमार व बंटी ने बताया कि घरों के सामने स्थित खाली भूखंड में भरा गंदा पानी हमारे लिए मुसीबत का कारण बना हुआ है। गंदे पानी से दिनभर बदबू आती है। साथ ही इनमें से कई बार जलीय जानवर बाहर निकल आते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। हमने इन समस्याओं के लिए कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया, पर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।</p>
<p><strong>घरों के पास से गुजरती विद्युत लाइनें</strong><br />वार्डवासी विपुल व गोलू कुमार ने बताया कि घरों के पास से और जमीन से महज कुछ ऊँचाई पर ही विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात के समय इन लाइनों से हादसा होने का डर और बढ़ जाता है। वहीं जमीन से कम ऊँचाई पर गुजरती इन विद्युत लाइनों से कभी भी कोई वाहन इनके संपर्क में आने का खतरा बना रहता है। इस समस्या का समाधान अनिवार्य है।</p>
<p><strong>पार्कों का विकास होना बाकी</strong><br />वार्ड में स्थित पार्कों में पहले बच्चों के खेलने के साधन लगाए गए थे, पर टूटने की वजह से अब उन्हें दुबारा लगाया जाएगा।राजेंद्र कुमार व प्रकाश कुमार ने बताया कि वार्ड के पार्कों का अभी तक विकास नहीं होने से बच्चों को खेलने के लिए अन्य जगहों पर जाना पड़ता है और मॉर्निंग वॉक के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अभी तक केवल पार्कों में चारदीवारी का निर्माण कर उनमें सुरक्षा के लिए गेट लगाए गए हैं।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />श्रीराम विहार, ग्रीन पाम, लैंडमार्क पैराडाइज, बजरंग नगर, कृष्णा नगर, न्यू गोपाल विहार, त्रिवेणी आवास, अटवाल नगर, आदित्य आवास इत्यादि क्षेत्र।</p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी आती है, सफाई भी होती है, पर खाली प्लॉट की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है।  <br />-<strong>अभिषेक</strong></p>
<p>वार्ड में कॉम्पलेक्स केवल एक ही है, जो काफी दूर है। यदि एक से अधिक कॉम्पलेक्स हों तो परेशानी नहीं होगी। <br />-<strong>रामराज</strong></p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी आती है, पर खाली प्लॉट हमारे लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।<br /><strong>- महेंद्र दाधीच</strong></p>
<p>पार्कों के जीर्णोद्वार के लिए टेंडर हो चुके हैं, उनका कार्य प्रारंभ होना बाकी है। साथ ही सड़कों के लिए दोबारा टेंडर होंगे। सीवरेज चैंबर के लेवल के लिए ठेकेदार ने काम किया था, पर वह अधूरा छोड़कर चला गया।<br /><strong>- विजयलक्ष्मी प्रजापति, वार्ड पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 14:08:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 74 - सीवरेज चैंबर, खाली प्लॉट, अव्यवस्थित यातायात, झूलते विद्युत तार व नाला बन रहा मुसीबत </title>
                                    <description><![CDATA[कचरा गाड़ी के बाद भी लोग नाले के नजदीक ही कचरा डालते है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-74---sewerage-chambers--vacant-plots--chaotic-traffic--dangling-electrical-wires--and-drains-are-becoming-a-problem/article-132806"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1200-x-600-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 74 में पार्षद द्वारा विकास के विभिन्न कार्य करवाएं गए। जिनमें वार्ड की विभिन्न गलियों में नालियों का ढकान करवाना, सीसी रोड निर्माण सहित विभिन्न कार्य करवाएं गए हैं। साथ ही अभी वार्ड की गलियों में नालियों का निर्माण करवाया जा रहा हैं। वहीं पिछले दिन वार्ड में सीवरेज लाइन डाली गइ थी। जिसके चलते रोड की खुदाई की थी। पर लाइन डालने के बाद सीवरेज के चैंबर सही ढ़ग से नहीं लगाएं जिसके चलते अब राहगीरों व बाइक सवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहाहै। साथ ही आबादी के बीच खाली पड़े प्लोट आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए।</p>
<p>दिनेश कुमार व सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हमारे खाली प्लॉटों में बारिश के समय पर जलीय जीव निकलते है जिससे खतरा बना रहता हैं। मैन रोड पर दुकान लगाने वालों ने बताया कि  यातायात व्यवस्थित नहीं होने के कारण जाम लगने की स्थिति बनी रहती हैं। वहीं वार्ड में पार्क की भी जरूरत हैं। यूं तो वार्ड में साफ - सफाई प्रतिदिन होती है पर कुछ लोगों ने नाले के आसपास अपनी इच्छा से कचरा पात्र बना दिया। वार्ड में कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है। पार्षद द्वारा समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण किया जाता है। वार्ड में आगामी दिनों में रोड निर्माण करके सीवरेज के चैंबर सही कर दिए जाएंगे। </p>
<p><strong> विद्युत लाइन से हादसे की आशंका</strong><br />जवाहर नगर स्थित तंग गलियों में विद्युत के तार घरों के नजदीक से गुजर रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं।  मुकेश व दिलीप ने बताया कि हमारे घर के पास से विद्युत लाइन गुजर रही है। कई बार हमने संबंधित अधिकारियों को लिखित में दिया पर समस्या जस की तस बनीं हुई हैं। </p>
<p><strong>रात में डाल रहे कचरा</strong><br />हंसराज व मनीष कुमार ने बताया कि हमारे वार्ड में मैन रोड पर स्थित नाले में लोगों द्वारा रात्रि के समय पर कचरा डाला जाता है। जिससे नाले से दुर्गंध आती रहती है। बारिश के दिनों में कई बार नाले से निकलने वाले जलीय जीव घर की चौखट तक आ जाते है। जिससे परेशानी होती है। यदि नाले की सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ा दी जाएं तो इस समस्या से समाधान मिल सकता हैं। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />दादाबाड़ी संपूर्ण जवाहर नगर, डिस्ट्रीक सेंटर, तलवंडी सी आशिंक इत्यादी। </p>
<p><strong>कम गहराई की नालियां बनी मुसीबत</strong><br />वार्ड की गलियों में कम गहराई की नालियां लोगों के लिए मुसीबत का कारण बनी हुई। वार्ड में निवास करने वाले रामबिलास व जगदीश कुमार ने बताया कि नालियों की गहराई कम होने के कारण गंदा पानी जल्दी जमा हो जाता हैं और नालियों से गंदा पानी बाहर आ जाता है जिससे दिनभर दुर्गंध आती रहती हैं। </p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी आती है। पर कुछ लोगों ने नाले के नजदीक ही कचरा डालना शुरू कर दिया। जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। <br /><strong>- प्रितम कुमार</strong></p>
<p>वार्ड में डाली गई सीवरेज लाइन के चैंबर लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए। साथ ही वार्ड में साफ-सफाई होती हैं। <br /><strong>- गुड्ड कुमार </strong></p>
<p>आगामी दिनों में नाले पर सुरक्षा दीवार बनाई जाएंगी। अभी वार्ड में नालियों का निर्माण किया जा रहा हैं। उसके बाद रोड निर्माण करके सीवरेज के चैंबर सही करवाएं जाएंगे। वार्ड के चारों प्रमुख चौराहे पर सीसीटीवी लगाएं जा चुके हैं। <br /><strong>- सुदशर््न गौतम, वार्ड पार्षद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Nov 2025 14:34:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 36 - पार्कों में सुविधाओं का अभाव बना परेशानी, खाली प्लॉटों में भरा पानी बन रहा दिक्कत</title>
                                    <description><![CDATA[बोम्बे योजना में विकास धरातल पर मूर्त रूप नहीं ले पाया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-36---lack-of-amenities-in-parks-is-causing-problems--and-water-accumulation-in-vacant-plots-is-becoming-a-nuisance/article-130680"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(1)23.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के दक्षिण नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 36 में पार्षद द्वारा निगम की बोर्ड बैठक में समय-समय पर विकास कार्य करवाने के लिए आवाज उठाई गई। सीसी रोड निर्माण, नालियों पर ढक्कन लगवाना सहित कई कार्य तो हुए, लेकिन सुभाष नगर प्रथम व द्वितीय में विकास कार्य बेहतर हुए जबकि बोम्बे योजना में विकास धरातल पर मूर्त रूप नहीं ले पाया। बोम्बे योजना में रहने वाले दिनेश कुमार व गृहिणी सुमित्रा बाई ने बताया कि हमारे क्षेत्र में प्रतिदिन साफ-सफाई तथा कचरा गाड़ी तो आती है, पर कुछ लोगों ने मनमर्जी से डिवाइडर बना लिए हैं, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। पार्कों की दुर्दशा के कारण बच्चों को खेलने के लिए अन्य पार्कों में जाना पड़ता है तथा मॉर्निंग वॉक के लिए भी कई बार रोड या दूसरे पार्कों का सहारा लेना पड़ता है।</p>
<p><strong>विकास की बाट जोहते पार्क</strong><br />वार्ड की सुभाष नगर बोम्बे योजना स्थित पार्क में बच्चों के मनोरंजन हेतु झूले-चकरी तक नहीं लगे हुए हैं। पार्क में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, घास बहुत बड़ी हो चुकी है तथा फुटपाथ पर टूटी पत्तियां पड़ी हुई हैं। पार्क के विद्युत पैनल से बिजली संबंधी सामान भी गायब है। सुभाष नगर प्रथम स्थित पार्क में भी घास अनियंत्रित रूप से बढ़ चुकी है। पार्क में घूमने वाले वार्डवासी बाबूलाल ने बताया कि मैं प्रतिदिन घूमने आता हूं, परंतु सुविधाओं के अभाव के चलते पार्क में लोग ज्यादा नहीं आते। बिजली के खंभों से बल्ब भी गायब हैं। सुविधाओं का विस्तार नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>घरों के पास से गुजरती विद्युत लाइनें बनी चिंता : </strong> वार्ड के कुछ घरों के पास से ही विद्युत लाइनें गुजर रही हैं, जिनमें से कई तो जमीन से बहुत कम ऊंचाई पर हैं। इस कारण लोग डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया :</strong> दीनदयाल नगर आधा (कब्रिस्तान के सामने वाला), सुभाष नगर प्रथम व द्धितीय, बोम्बे योजना - सुभाष नगर इत्यादी क्षेत्र।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी का कारण</strong><br />सुभाष नगर में आबादी के बीच स्थित कई खाली भूखंड आसपास रहने वालों के लिए परेशानी का सबब हैं। वार्डवासियों ने बताया कि इन प्लॉटों में बारिश का पानी जमा रहता है, जिससे मौसमी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इनमें से जलीय जीव भी घरों तक पहुंच जाते हैं। कुछ लोग यहां घरों का कचरा फेंकते हैं, जो हवा के साथ उड़कर घरों तक पहुंच जाता है। दिनभर जानवर यहां कचरा बिखेरते रहते हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।</p>
<p>पार्कों के विकास हेतु टेंडर हो चुके हैं। एक-दो दिन में काम शुरू हो जाएगा। खाली प्लॉट के मालिकों को बाउंड्रीवाल करने के लिए बोला है तथा अधिकारियों से भी नोटिस जारी कर कार्रवाई के लिए कहा है। <br /><strong>- सुरेंद्र धाकड़, पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड में प्रतिदिन कचरा गाड़ी आती है और पार्षद द्वारा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाता है।<br /><strong>- गिरिराज, वार्डवासी</strong></p>
<p>बोम्बे योजना स्थित पार्क में साफ-सफाई नहीं होने से परेशानी होती है, साथ ही पानी की मोटर खराब पड़ी है।<br /><strong>- उम्मीद सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सुबह के समय कचरा गाड़ी आती है और प्रतिदिन सफाई होती है।<br /><strong>- कांति बाई, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Oct 2025 15:24:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 33  - खाली प्लॉट में कचरा, पानी बना परेशानी, आधे वार्ड में ही प्रतिदिन होती है सफाई </title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम दक्षिण के वार्ड 33 में आंशिक विकास कार्यों के बावजूद बरड़ा और क्रेशर बस्ती मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां पानी, सफाई, कचरा प्रबंधन और रोड लाइट जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। वार्डवासी निजी ट्यूबवेल और दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। पार्षद ने जल्द ही लाइट और पानी की समस्या हल करने का आश्वासन दिया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-33---garbage-and-water-in-vacant-plots-pose-a-problem--daily-cleaning-is-done-only-in-half-the-ward/article-129820"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 33 में पार्षद द्वारा वार्ड के कुछ हिस्सों में विकास के कार्य करवाए गए, जिनमें सीसी सड़क निर्माण, नाली निर्माण व रोड लाइट लगवाना सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं। लेकिन वार्ड की बरड़ा बस्ती व क्रेशर बस्ती अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही हैं। वार्ड के ट्रक यूनियन के पीछे मल्टीस्टोरी करणेश्वर ब्लॉक, ट्रक यूनियन के सामने बॉम्बे योजना व सुभाष नगर श्मशान सहित अन्य जगहों पर तो प्रतिदिन सफाई होती है व कचरा गाड़ी आती है। वार्ड के दिनेश कुमार व धनराज ने बताया कि हमारी तरफ तो सफाई व्यवस्था प्रतिदिन होती है और कचरा गाड़ी भी आती है। वहीं बरड़ा बस्ती व क्रेशर बस्ती में रहने वाले सुनील शर्मा, अरमान खान व महिला रूपाली कुमारी ने बताया कि हमारी बस्ती में न तो पाइप लाइन है और न ही रोड लाइट। जिसके चलते हमें निजी ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ता है व पानी खरीदकर लाना पड़ता है। </p>
<p>वार्ड के खाली प्लॉटों में लोगों के घरों से निकलने वाला कचरा डाला जा रहा है, जिसके चलते आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्ड में खाली जगहों पर बारिश का पानी व नालों में इकट्ठा हो रहे गंदे पानी से अब बदबू आ रही है। जलीय जीव बाहर आ रहे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। वार्ड के इरशाद व राजेंद्र ने बताया कि बच्चों के खेलने के लिए पार्क, सामुदायिक भवन व कॉम्पलेक्स नहीं होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong> बस्ती में सुविधाओं का अभाव</strong><br />बस्ती में रहने वाले शहीद खान, अनिल व दिलशाद ने बताया कि हमारी बस्ती में न तो सफाई होती है और न ही कचरा गाड़ी आती है। बस्ती में रहने वाले लोगों को पानी भी दूर से लाना पड़ता है और निजी ट्यूबवेल वालों पर निर्भर रहना पड़ता है। साथ ही हमारे यहां लाइट के पोल तो खड़े कर दिए, पर अभी तक उन पर रोड लाइट नहीं लगी होने के कारण रात में अंधेरा रहता है, जिससे रात्रि के समय विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br />सम्पूर्ण बरड़ा बस्ती, सम्पूर्ण क्रेशर बस्ती, ट्रक यूनियन के पीछे मल्टीस्टोरी (करणेश्वर ब्लॉक), ट्रक यूनियन के सामने बॉम्बे योजना, सुभाष <strong>नगर श्मशान इत्यादि क्षेत्र।</strong></p>
<p>हमारी तरफ पानी की लाइन नहीं होने के कारण लोगों को निजी ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ता है। अनन्तपुरा से पानी लाना पड़ता है।<br /><strong>- विकास कुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>हमारे एरिया में कचरा गाड़ी नहीं आने के कारण कचरा घर से दूर फेंककर आना पड़ता है। कई लोग खाली प्लॉट में कचरा डाल जाते हैं। <br /><strong>- भूपेंद्र कुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>खाली पड़े प्लॉटों में लोगों द्वारा कचरा डाला जाता है। साथ ही रात्रि के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- सज्जन बाई, वार्डवासी</strong></p>
<p> क्रेशर व बरड़ा बस्ती में रोड बनवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। रोड लाइट के लिए पोल लगा दिए गए हैं, चार या पांच दिन में लाइट लग जाएगी व पानी के लिए अमृत 2 योजना में बस्ती को शामिल किया गया है।<br /><strong>- कमल कांत शर्मा, वार्ड पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 14:26:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 29 - सफाई व्यवस्था ठप, टूटे डिवाइडर से राहगीर परेशान, बारिश में जलभराव से बढ़ी दिक्कतें</title>
                                    <description><![CDATA[ऊंचे ब्रेकर बने होने से दोपहिया वाहन चालक अक्सर इन पर फिसल जाते हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-29---sanitation-system-stalled--broken-dividers-cause-problems-for-pedestrians--and-waterlogging-during-rains-increases-difficulties/article-129497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(1)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर का वार्ड नंबर 29 अव्यवस्थाओं का शिकार बना हुआ है। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। वार्ड के कई हिस्सों में नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई, जिसके चलते गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह भरे पड़े खाली प्लॉट्स में कचरा और गंदा पानी जमा होने से बदबू फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। रहवासी रोजाना इस गंदगी से जूझ रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सफाईकर्मी अनियमित रूप से आते हैं, कई बार तो हफ्तों तक कचरा नहीं उठाया जाता। बारिश के दौरान यह गंदगी और परेशानी का सबब बन जाती है। वार्ड के कई इलाकों में सड़कें उखड़ी हुई हैं और जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। बरसात में पानी सड़कों पर जमा हो जाता है जिससे आवागमन बाधित होता है और वाहन चालकों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है।</p>
<p><strong>रहवासियों की मांग</strong><br />- नियमित सफाई और कचरा संग्रहण की व्यवस्था<br />- टूटी नालियों की मरम्मत और जलभराव से राहत<br />- पार्क का निर्माण व ऊंचे ब्रेकरों में सुधार</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />मेनाल रेजीडेन्सी, गणपति नगर, गणेशपाल सम्पूर्ण, मां त्रिकुटा मंदिर, नान्ता संपूर्ण ग्राम, वीर दुर्गादास स्टेडियम, भैरव जी का मंदिर, तेजाजी का मन्दिर, नान्ता गढ़ , जैठीयों का मोहल्ला, सहकारी भवन, पार्श्वनाथ मल्टीस्टोरी, नेवालाल जी पेट्रोल पम्प, अग्रवाल मैरिज गार्डन, नयाखेड़ा ग्राम सम्पूर्ण, ईदगाह, वर्धमान कॉलोनी, ग्वारियों का मोहल्ल, कोली मोहल्ला तक का क्षेत्र शामिल है।<br /> <br /><strong>ऊंचे ब्रेकरों से परेशान रहवासी</strong><br />वार्ड का क्षेत्रफल बड़ा होने के बावजूद, कर्मचारियों और अधिकारियों की पर्याप्त नियुक्ति नहीं की गई है। इसी कारण वार्ड में सफाई व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित है। साथ ही, पानी की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। इन मुद्दों की जानकारी कई बार लिखित और मौखिक रूप से संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वार्ड में समस्याओं की कमी नहीं, पर समाधान की दिशा में प्रयास नजर नहीं आते।<br /><strong>- कुसुम, पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड क्षेत्र में नालियों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कई नालियां टूटी हुई हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। वहीं, ऊंचे-ऊंचे ब्रेकर भी लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। दोपहिया वाहन चालक अक्सर इन ब्रेकरों पर फिसल जाते हैं। प्रशासन से इनकी ऊंचाई कम करने और नालियों की मरम्मत कराने की मांग है।<br /><strong>- कैलाश सुमन, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में एक और बड़ी समस्या पार्क के अभाव की है। बच्चों को खेलने और बुजुर्गों को टहलने के लिए कोई स्थान नहीं है। इससे क्षेत्र का वातावरण अस्वच्छ और नीरस बना हुआ है। वार्ड की जनसंख्या बढ़ने के बावजूद सुविधाएं नहीं बढ़ाई गईं।<br /><strong>- दुर्गाशंकर, वार्डवासी</strong></p>
<p>नगर निगम से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही वार्ड में सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए, नालियों की मरम्मत और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था हो। यदि नियमित सफाई, कचरा निस्तारण और सड़कों की मरम्मत की जाए तो वार्ड की तस्वीर बदल सकती है।<br /><strong>- ललित, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 14:17:41 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 28 : नालियों के टूटे ढकान, मनमर्जी के स्पीड ब्रेकर व खाली प्लॉट बने परेशानी; हर तरफ गड्ढों से राहगीर परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[पार्क में उखड़ा फर्श व खुले बिजली पैनल बॉक्स से हादसे की आशंका।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-28-%E2%80%93-broken-drain-covers--arbitrary-speed-breakers-and-vacant-plots-have-become-a-nuisance--with-potholes-everywhere-troubling-pedestrians/article-128236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(5)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 28 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास कार्य करवाए गए, जिनमें वार्ड में रोड निर्माण, नालियों के ढक्कन सहित अन्य कार्य शामिल हैं। आर.के.पुरम बी-ई में रोड सीसी के बने हुए हैं तथा नालियों पर दोनों तरफ ढक्कन किए गए हैं। वार्ड में प्रतिदिन सफाई और कचरा गाड़ी आती है। बॉम्बे योजना के मुख्य रोड पर बारिश की वजह से जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं, जो राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। साथ ही वार्ड की गलियों में लोगों ने मनमर्जी से सीसी के स्पीड ब्रेकर बना लिए हैं, जिससे आवागमन में बाधा आती है। वार्डवासी दिनेश कुमार और राजू लाल ने बताया कि हमारे घरों के पास ही नाला बहता है, जिसमें से बारिश के दिनों में जलीय जीव निकलकर घरों के अंदर तक आ जाते हैं। वहीं, वार्ड में आबादी के बीच स्थित खाली प्लॉटों में आसपास के लोग कचरा डालते हैं, जिसमें दिनभर पशु विचरण करते हैं और कचरा इधर-उधर फैलाते हैं। बॉम्बे योजना की नालियों के कुछ हिस्से टूटे हुए हैं, जिससे रात्रि में हादसा होने का डर बना रहता है। वार्ड के पार्क का अभी जीर्णोद्धार किया जा रहा है।</p>
<p><strong>रात में दिखाई नहीं देते स्पीड ब्रेकर</strong><br />बॉम्बे योजना की गलियों में रहने वाले लोगों ने मनमर्जी से डिवाइडर बना लिए हैं, जिससे बाइक सवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात्रि में अंधेरा होने पर डिवाइडर दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>बदहाली के शिकार पार्क</strong><br />वार्ड में स्थित पार्क का वर्तमान में जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आर.के.पुरम बी के पार्क में फर्श उखड़ा हुआ है और जगह-जगह पेड़ों की टूटी पत्तियां पड़ी हुई हैं। पार्क में बिजली के पैनल बॉक्स खुले हुए हैं।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी</strong><br />वार्ड में आबादी के बीच स्थित खाली प्लॉट लोगों के लिए परेशानी और दुविधा का कारण बने हुए हैं। आसपास के लोग इन प्लॉटों में कचरा डाल देते हैं, जिससे बदबू आती है। कचरे में दिनभर जानवर मुंह मारते हैं, जिससे कचरा इधर-उधर फैल जाता है और राहगीरों को परेशानी होती है।</p>
<p><strong>वार्ड का क्षेत्र</strong><br />आरके पुरम बी-ई, वैम्बे योजना, ओपन यूनिवर्सिटी सहित अन्य क्षेत्र वार्ड 28 में आते हैं।</p>
<p><strong>इनका का कहना है</strong><br />वार्ड में कचरा गाड़ी आती है और सफाई भी प्रतिदिन होती है, लेकिन कभी-कभार रात्रि में रोड लाइटें बंद हो जाती हैं, जिससे परेशानी होती है।<br /><strong>- कृष्ण गोपाल</strong></p>
<p>वैॅम्बे योजना ंमें रोड पर जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं, जो परेशानी का कारण बने हुए हैं। कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है और सफाई भी होती है।<br /><strong>- पीयूष राठौर</strong></p>
<p>नालियों के टूटे ढक्कन और रोड की मरम्मत के लिए टेंडर हो चुके हैं। वर्क आॅर्डर होते ही काम करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- सुमित्रा खींची, पार्षद वार्ड 28</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 14:53:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 27- खाली प्लॉट व आवारा कुत्ते बने परेशानी, रोड पर गड्ढों की भरमार</title>
                                    <description><![CDATA[रात्रि के समय पर आवारा कुत्तों व गाय का रोड़ पर डेरा जमा रहता है, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-27---vacant-plots-and-stray-dogs-pose-a-problem--potholes-abound-on-the-road/article-127682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11113.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 27 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास के कार्य तो करवाए, पर बारिश की वजह से सड़के खराब हो रही हैं। जिसके चलते राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई बार बाइक सवार हादसों का शिकार हो जाते हैं। वार्डवासियों ने बताया कि पार्षद द्वारा समय-समय पर वार्ड की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जाता है। वहीं पिछले दिनों आरटीयू विश्वविद्यालय के सामने पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई रोड का अभी तक सही तरीके से पेचवर्क नहीं होने के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>रात्रि में कुत्तों से परेशानी</strong><br />वार्ड में रात्रि के समय पर आवारा कुत्तों व गाय का रोड़ पर डेरा जमा रहता है, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ में रात्रि के समय पर बाइक सवार पर कुत्ते पीछे दौड़ते हैं व उनके ऊपर झपटते हैं, जिससे कभी भी बाइक सवार हादसे का शिकार हो सकते हैं। वहीं वार्ड की गलियों में रात्रि के समय पर गायों का डेरा जमा रहता है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>रोड पर गड्ढों की भरमार</strong><br /> वार्ड के कुछ हिस्सों की रोड बारिश की वजह से खराब होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाइक सवार दिनेश कुमार ने बताया कि मैं श्रीनाथपुरम में रहता हूं और इसी रोड से आता-जाता हूं। बारिश की वजह से खराब होने के कारण रात्रि के समय पर गड्ढे दिखाई नहीं देने से हादसा होने का डर बना रहता है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने परेशानी का सबब </strong><br />वार्ड की अधिकतर गलियों में खाली पड़े प्लॉट आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। श्रीनाथपुरम ई में रहने वाले धनराज ने बताया कि मैं अभी पार्क में घूमने आया हूं, पर मेरे घर के पास खाली प्लॉट पड़ा है, जिसमें आसपास के परिवार कचरा डालते हैं। जिससे दिनभर बदबू आती है और गायें कचरे में दिनभर मुंह मारती हैं, जिसके चलते कचरा इधर-उधर फैल जाता है। जो कि परेशानी का सबब बना हुआ है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br /> श्रीनाथपुरम स्टेडियम, जीएडी क्वार्टर, श्रीनाथपुरम ई-व-सी, श्रीनाथपुरम बी-220-387 तक, तिलमसंघ, अकेलगढ़, आरटीयू, श्रीनाथपुरम-डी, इत्यादि क्षेत्र आते हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />वार्ड में कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती है व रोड की सफाई भी होती है। पर रोड लाइटें कभी-कभार बंद हो जाती हैं, जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-अब्दुल अजीज</strong></p>
<p>वार्ड में रात्रि के समय पर रोड पर कुत्तों की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश की वजह से रोड में गड्ढे होने की वजह से दिक्कत आती है।   <br /><strong>- महावीर स्वामी</strong></p>
<p>कुत्तों की समस्या के लिए अभी निगम की टीम टीकाकरण कर रही है। इसके बाद निगम की टीम 15 दिन के बाद दुबारा इसी स्थान पर छोड़ जाती है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रोड की सड़क का समाधान जल्द ही हो जाएगा। और खाली प्लॉट के मालिकों को निगम द्वारा नोटिस दे रखे हैं।<br /><strong>- अनुराग गौतम, पार्षद 27</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 15:20:36 +0530</pubDate>
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                <title>हो सकता है लार्वा विस्फोट, डेंगू का खतरा </title>
                                    <description><![CDATA[अस्तपालों की ओपीडी मौसमी बीमारियों को लेकर डेढ़ गुना बढ़ गई है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-can-be-larva-explosion--risk-of-dengue/article-123463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)30.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा क्षेत्र संक्रमण की दहलीज पर खड़ा है। क्षेत्र की सड़कों से लेकर कॉलोनियों के हर कोनों तक, जहां जमीन खाली है और बारिश की बूंदे जम गई या जलभराव है, वहां डेंगू के लार्वा पनपने का खतरा भी बढ़ने लगा है। क्षेत्र के कई खाली भूखंड लार्वा हॉटस्पॉट बन रहे है। क्षेत्र की महावीर नगर, दक्षिण विहार, बलिता रोड, संगोद रोड, रामनगर, छावनी व कृष्णा नगर, सुन्दर नगर, कैलाश विहार, चंचल विहार समेत क्षेत्र की कई ऐसी कॉलोनियां है जिनमें खाली पड़े भूखंडों में गंदगी व जलभराव हो रखा है। ऐसे भूखंडों में लार्वा बनने के साथ मच्छर भी तेजी से पनप रहे हैं। डॉ. सुधीर उपाध्याय ने बताया कि शहर में खाली पड़े भूखण्डों, क्षतिग्रस्त सड़कों पर बारिश का जमा पानी, छतों पर रखे सामान में इकट्ठा हुआ पानी में भी लार्वा पनप जाता है। जिससे मलेरिया व डेंगू के मच्छर पनपने का खतरा रहता है। यह कम पानी में भी पनप जाता है। समय रहते इन नियंत्रित करना जरूरी है। अस्तपालों की ओपीडी मौसमी बीमारियों को लेकर डेढ़ गुना बढ़ गई है। बता दें कि शहर में मौसमी बीमारियां डेंगू, मलेरिया, चिगनगुनिया, स्क्रबटायफस की रोकथाम के लिए संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया था।</p>
<p><strong>ऐसे होता है लार्वा विस्फोट</strong><br />बारिश के बाद खाली भूखंडों, गड्ढों या अनुपयोगी वस्तुओं में पानी जमा हो जाता है। जमा हुआ पानी एडीज एजिप्टाई मच्छर पनपने का खतरा बना रहता है। इनसे डेंगू, चिकनगुनिया और जीका वायरस फैलता है। उसके सपंर्क में आने से बीमारी बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है।</p>
<p><strong>संभावित खतरे</strong><br />- लार्वा विस्फोट से मच्छरों की संख्या में तेजी से वृद्धि<br />- एक संक्रमित मच्छर सैकड़ों को कर सकता है संक्रमित<br />- क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप बढ़ने का खतरा भी बना रहता है</p>
<p><strong>प्रशासन की आमजन को सलाह</strong><br />- अपने खाली प्लॉट की तुरंत सफाई करें<br />- घर के आसपास पानी न जमने दें<br />- टंकी, कूलर, गमले की नियमित सफाई करें<br />- फुल बाजू कपड़े पहनें, मच्छरदानी का उपयोग करें<br />- बुखार, शरीर दर्द हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें</p>
<p><strong>खाली पड़े प्लॉटों की नहीं हो रही सार-संभाल</strong><br />कई कॉलोनियों में कई प्लॉट खाली है तथा बरसात के दिनों में प्लॉटों में जमा गंदगी व बारिश के पानी से जलभराव हो गया है। लोग अपने प्लॉटों की सार-संभाल नहीं करने से वहां जमा पानी व गंदगी से लार्वा पनपने का खतरा भी बढ़ गया है। वहां निवास कर रहे लोगों में डेंगू व मलेरिया होने का डर भी सता रहा है।<br /><strong>- मनीश उपाध्याय निवासी आकाशवाणी कॉलोनी </strong></p>
<p><strong>स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें</strong><br />बरसात रूकने के बाद जहां पानी ठहर गया है या जमा हो गया है वहां लार्वा पनपने का खतरा बना रहता है। डेंगू का मच्छर साफ ठहरने हुए कम पानी में भी पनप जाता है। इसके लिए घरों  में आस-पास एवं कंटेनरों में पानी 5 से 7 दिन से ज्यादा जमा न होने देना चाहिए। कूलर, पक्षियों के परिंडे, फ्रिज के पीछे की ट्रे, गमले की ट्रे एवं अन्य पानी के पात्रों की सप्ताह में एक बार रगड़ कर सफाई अवश्य करें। पानी से भरे बर्तनों को ढक कर रखे, छत पर पड़े कबाड़, टीन, कनस्तर, टायर, मटके डिब्बे बोतल को हटा देना चाहिए।<br /><strong>- डॉ. सुधीर उपाध्याय, चिकित्सक</strong></p>
<p>साउथ और नॉर्थ से संबंधित काम निगम के अधीन है। शहर में अभी फोगिंग का कार्य चल रहा है। सेक्रेटरी व स्टेट के आॅर्डर अनुसार फोगिंग का काम, नालियों में तेल डालना ये सभी कार्य नगर निगम करवाता है। नगर निगम हमें कॉलोनीवाइज प्लान देता है, जिसकी हम मॉनिटरिंग भी करते है। कोई पॉजिटिव मरीज आता है तो उससे संबंधित हम देखते है।<br /><strong>- डॉ. घनश्याम मीणा, डिप्टी सीएमएचओ, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Aug 2025 15:20:14 +0530</pubDate>
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                <title>खाली भूखंड बने बीमारियों का घर, पानी में मच्छर पनप रहे</title>
                                    <description><![CDATA[बरसों से खाली भूखंड बीमारियों के जनक बन रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vacant-plots-become-home-of-diseases--mosquitoes-are-flourishing-in-the-water/article-53682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/khali-bhukhand-bne-bimariyo-ka-ghar,-pani-me-machhar-panap-rhe...kota-news-04-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो रहे व स्मार्ट सिटी बन रहे कोटा शहर में जहां एक तरफ विकास की गंगा बह रही है। वहीं दूसरी तरफ पॉश कॉलोनियों के बीच में बरसों से खाली पड़े भूखंडों  में भरा बरसाती पानी बीमारियों का घर बन रहे हैं। इनमें मच्छर जनित बीमारियों के साथ ही कचरे की दुर्गंध फेल रही है। जिससे आस-पास के लोग परेशानी झेल रहे हैं। शहर में कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में इस तरह के खाली भूखंडों की संख्धा अधिक है। जिन्हें लोगों ने खरीद तो लिया लेकिन उन पर न तो चार दीवारी करवाई है और न ही मकान का निर्माण कराया। खरीदकर भूखंड को खाली छोड़ा हुआ है। जिससे बरसात के समय में उन भूखंडों में पानी भर गया। वह पानी दुर्गंध मारने लगा है। उस पानी में मच्छर पनप रहे हैं। जिससे वह आस-पास रहने वाले लोगों के लिए बीमारियां बढ़ा रहे हैं। </p>
<p><strong>नियमों की उड़ रही धज्जियां</strong><br />राज्य सरकार के नियम के अनुसार भूखंड खरीदने के बाद निधारित समय 3 से 5 साल में उस भूखंड पर निर्माण किया जाना आवश्यक है। ऐसा नहीं करने पर भूखंड मालिक पर जुर्माना लगाने और भूखंड को निरस्त करने तक का प्रावधान है। लेकिन सरकार के उस नियम की भी धज्जियां भूखंड मालिकों द्वारा उड़ाई जा रही है। जिससे परेशानी वहां रहने वाले अन्य लोगों को भुगतानी पड़ रही है। </p>
<p><strong>न्यास ने नोटिस देकर की इतिश्री</strong><br />बरसों से खाली भूखंड बीमारियों के जनक बन रहे हैं। उनसे आस-पास के लोगों को होने वाली परेशानी की शिकायत मिलने पर नगर विकास न्यास द्वारा ऐसे भूखंड मालिकों को नोटिस देकर ही इतिश्री की जा रही है। उसके बाद उस मालिक ने उस पर निर्माण कराया या सफाई करवाई इसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं है। साथ ही यह भी जानकारी नहीं है कि कितनों को नोटिस दिए।  न्यास अधिकारियों का कहना है कि न्यास की  विकसित कॉलोनियों में खाली भूखंडों के मालिकों की तो जानकारी रहती है। जबकि कृषि भूमि पर खाली भूखंड का जब तक पट्टा नहीं बनता है तब तक उसके मालिक का भी पता नहीं चलता। ऐसे में उन्हें नोटिस भी जारी नहीं किए जाते। </p>
<p><strong>लोगों का दूभर हुआ रहना</strong><br />पॉश कॉलोनियों में रहने वाले लोग खाली भूखंडों में भरे पानी से अधिक परेशान हैं। बजरंग नगर गली नम्बर चार निवासी राजेश सिंह का कहना है कि उन्होंने पांच साल पहले यहां मकान लिया था। उस समय यहां पास में दो भूखंड खाली थे। वह आज भी उसी स्थिति में है। बरसात में पानी भरने से उसमें दुर्गंध व मच्छर होने से लाखों रुपए खर्च कर मकान बनाने के बाद भी यहां रहना दूभर हो रहा है। नम्रता आवास निवासी शालिनी सिंह का कहना है कि उनके घर के पास एक भूखंड खाली है। जिसके मालिक का ही पता नहीं है। उसमें बरसात का पानी भरने के साथ ही कचरा भी डाला जा रहा है। जिससे वहां दुर्गंध फेल रही है। शाम के समय घर के बाहर नहीं बैठ पाते। मच्छर व दुर्गंध से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन निगम व न्यास किसी भी विभाग का इस पर ध्यान नहीं है। </p>
<p><strong>निगम-न्यास में जानकारी ही नहीं</strong><br />हालत यह है कि कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में कितने भूखंड खाली हैं और वह भूखंड किसके हैं इसकी जानकारी न तो नगर निगम के पास है और न ही नगर विकास न्यास के पास।  सिर्फ नगर निगम व नगर विकास न्यास की विकसित कॉलोनियों में ही खाली भूखंडों के मालिकों के बारे में ही जानकारी मिल सकती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर की कॉलोनियों में अधिकतर खाली भूखंड  नगर विकास न्यास के क्षेत्र में आते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई भी न्यास ही करता है। नगर निगम तो वार्डों के साथ ही ऐसे खाली भूखंडों में मच्छरों से निजात के लिए फोगिंग करवाता है। निजी भूखंड होने से निगम उनकी सफाई  अपने स्तर पर नहीं करवा सकता। <br /><strong>- राजेश डागा, कार्यवाहक आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>खाली भुखंडों में पानी भरने पर संबंधित भूखंड मालिकों को समय-समय पर नोटिस जारी करते रहते हैं।  यह नियमित प्रक्रिया है। कितनों को नोटिस जारी किए इसकी संख्या फिलहाल पता नहीं है। यदि ऐसे भूखंड अभी भी है तो उन्हें भी नोटिस जारी किए जाएंगे। <br /><strong>- राजेश जोशी, सचिव नगर विकास न्यास </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Aug 2023 18:36:08 +0530</pubDate>
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                <title> करोड़ों खर्च करके भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर लोग</title>
                                    <description><![CDATA[इलाके में कई स्थानों पर अवैध कच्ची झोपड़िया बनी हुई हैं। ये लोग सुबह और शाम कॉलोनी में शौच करते हैं जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है। गंदगी के कारण दिनभर इलाके में सुअरों का जमावड़ा रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/people-forced-to-live-a-hellish-life-even-after-spending-crores/article-43983"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/karoro-kharch-karke-bhi-naarakiya-jeevan-jine-ko-majboor-log...kota-news..27.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। आंख के अंधा और नाम नैनसुख वाला मुहावरा इस समय कोटा मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित आरोग्य नगर पर बिलकुल सटीक बैठ रहा है। कहने को तो इस इलाके का नाम आरोग्य नगर यानि बिना रोग का नगर है लेकिन क्षेत्र के हालात देखकर, लोगों की सुनकर, उनकी पीड़ा जानकर ऐसा लगता है जैसे रोगों की उत्पति होती ही यहां से है। इस क्षेत्र के लोग कहते हैं कि खुद को स्माट सिटी का बताने वाले जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी एक बार यहां आकर इन हालातों को देखे तो स्मार्ट सिटी की सारी जमीनी हकीकत सामने आ जाएगी। इलाके के लोगों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में शायद ही कोई ऐसी जगह होगी जहां साफ-सफाई नजर आती हो, वरना तो क्षेत्र के अधिकांश खाली पड़े भूखन्डों को लोगों ने खुला शौचालय बनाया हुआ तो किसी ने इन प्लॉटों को डस्टबिन बनाया हुआ है। हम सुबह की सैर पर जाए तो भी कैसे, जाते है स्वच्छ हवा लेने के लिए लेकिन मिलती है सडांघ और बदबूदार हवा। जाए तो स्वस्थ रहने के लिए लेकिन पड़ जाए बीमार। इन भूखन्डों में सालभर पानी भरा रहता है। जिनमें मच्छर भिनभिनाते रहते हैं। विचारणीय बात तो ये है कि यहां रहने वाले लोग तो इन प्लॉटों में कचरा डालते ही है, रही सही कसर निगम के टिपर चालक इन भूखन्डों में कचरा डालकर पूरी कर देते हैं। </p>
<p> यहा के लोगों का कहना है कि नगर निकास न्यास की ओर से साल 1996 में विकसित की गई ये कॉलोनी वर्तमान में कोटा नगर निगम दक्षिण के वार्ड नम्बर 31 में आती है। हमारे इलाके की सड़कें पूरी तरह से टूटी हुई है। कई स्थानों पर गिट्टी निकली हुई है। सड़कों पर डामर का तो नामोनिशान तक नहीं है। नालियां पूरी तरह से बनी हुई नहीं हैं। जो हैं वो भी कचरे के कारण जाम रहती है। जिसके कारण जगह-जगह कीचड़ और बदूब फैली रहती है। गंदगी के कारण दिनभर इलाके में सुअरों का जमावड़ा रहता है। आए दिन कॉलोनी में सुअर मरते रहते है जिससे रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है।  क्षेत्र के लोग पीड़ा बताते हुए कहते हैं कि हमने लाखों के प्लॉट लिए और जीवनभर की पूंजी लगाकर बच्चों और परिवार को कुछ सुख देने के लिए मकान बनवाए लेकिन जिनके लिए ये सब किया वो ही कहने लगे हैं कि इस मकान को बेचो और नहीं बिकता तो खाली करके दूसरी जगह किराए से मकान ले लो, यहां रहने से अच्छा तो किराए से रहना है। अब हम तो गजब की दुविधा में पड़ चुके हैं। सारी बातों से संबंधित विभाग और प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई हैं। लोगों का कहना है कि इलाके में कई स्थानों पर अवैध कच्ची झोपड़िया बनी हुई हैं। ये लोग सुबह और शाम कॉलोनी में शौच करते हैं जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है। आए दिन ये लोग शराब पीकर गाली गलौच करते हैं, लड़ाई झगड़ा करते हैं जिससे स्थायी निवासियों का रहना दूभर हो गया है। क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढेंÞ बने हुए हैं जिनमें नालियों का और बारिश का पानी जमा रहता है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />इलाके में सड़कें और नालियों के हालात खराब है। जो नालियां है उनमें भी मलबा भरा रहता है। यूआईटी की ओर से कोट्या भील चौराहा पर जो झोपड़ियां हटाई गई थी वो सारे लोग यहां झोपड़िया बना चुके हैं। ये लोग और दूसरे स्थानों के लोग यहां खाली पडेÞ भूखन्डों और गड्ढ़ों में शौच करते हैं। टिपर वाले इन्ही गड्ढ़ों में शहर का कचरा डाल जाते हैं। दिनभर में केवल 2 घ्ांटे पानी आता है। 26 साल पहले बनी सड़कों ही मरम्मत तक नहीं हो पाई है। कहने को पॉश इलाका है लेकिन यहां हम कैसे रहते हैं, ये हमारी आत्मा ही जानती है। <br /><strong>-उम्मेद माथुर, स्थानीय निवासी। </strong></p>
<p>इलाके में सड़कें नहीं हैं। कई स्थानों पर लोगों ने झुग्गी झोपड़िया बनाई हुई है। इनमें रहने वाले खुले में शौच करते हैं। नालियां नहीं है। जो हैं वो भी सही नहीे है। <br /><strong>-श्याम सुन्दर गौतम, स्थानीय निवासी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Apr 2023 14:52:58 +0530</pubDate>
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