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                <title>Türkiye - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Türkiye RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पाकिस्तान में मचा हाहाकार! अफगानिस्तान बॉर्डर बंद होने से टमाटर, लहसुन और प्याज के दाम छूने लगे आसमान</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। तोरखम बॉर्डर एक महीने से बंद होने के कारण दोनों देशों को करीब 4.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान से सब्जियों की आपूर्ति रुकने से पाकिस्तान में टमाटर 500 रुपए किलो तक पहुंच गया। वहीं भारत, ईरान और तुर्की को अफगान बाजार में नया मौका मिला है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/there-was-an-outcry-in-pakistan-due-to-closure-of/article-132132"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(16).png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद । पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध इस समय बेहद तनावपूर्ण चल रहे हैं। दोनों देशों में बीते एक महीने में कई मौकों पर बॉर्डर पर गोलीबारी हुई है। इसमें दोनों ओर से कई लोगों की जान गई है। तनावपूर्ण संबंधों का असर दोनों देशों के बाजार पर भी दिख रहा है। खासतौर से अफगानिस्तान के साथ बॉर्डर बंद करने और व्यापार रोकने से पाकिस्तान की मुश्किल बढ़ी है। पाकिस्तान में सब्जियों और खानेपीने की चीजों के दाम काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। वहीं ईरान और भारत जैसे पड़ोसी देशों को अफगानिस्तान के बाजार में एंट्री करने का मौका मिल रहा है।</p>
<p>अफगान न्यूज चैनल टोलो न्यूज ने बताया है कि तोरखम बॉर्डर बीते एक महीने से बंद हैं। सीमा एक महीने तक बंद रहने से दोनों देशों के बीच निर्यात और आयात में 4.5 अरब डॉलर और 16.5 अरब रुपए का नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान से बड़ी तादाद में सब्जियां पाकिस्तान में आती हैं। ऐसे में इस लड़ाई का असर ये हुआ कि पाकिस्तान में टमाटर के दाम 500 रुपए किलो तक पहुंच गए।</p>
<p><strong>अफगानिस्तान में भारत की एंट्री</strong></p>
<p>तालिबान के साथ रिश्ते में तनातनी का सीधा असर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के व्यापारिक संबंधों पर हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान की अफगान बाजार पर पकड़ घटी है। पाक ने अफगान बाजार का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा ईरान, भारत, तुर्की और मध्य एशियाई देशों के हाथों गंवा दिया है। पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से टोलो न्यूज ने बताया है कि अफगान के साथ युद्ध का असर सिर्फ सब्जियों के दाम बढ़ने तक ही सीमित नहीं है। बार-बार सीमा बंद होने और प्रतिकूल व्यापारिक माहौल के चलते बड़े व्यापारियों ने अपना निवेश वापस ले लिया है। वहीं छोटे व्यापारियों को नुकसान और आत्मविश्वास में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>पाक-अफगान संबंध</strong></p>
<p>पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंध बीते काफी समय से तनावपूर्ण चल रहे हैं। पाकिस्तान का कहना है कि तालिबान के काबुल में आने के बाद से उसके सुरक्षाबलों पर टीटीपी के हमले बढ़ गए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी के लड़ाकों को अफगानिस्तान में पनाह मिल रही है। तालिबान इससे इनकार करता है लेकिन पाकिस्तान इस पर भरोसा नहीं करता है। यही दोनों देशों में तनातनी का सबसे अहम कारण बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 11:52:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान के दोनों मददगारों तुर्की और अजरबैजान से भारतीय पर्यटकों ने मोड़ा मुंह, टूरिज्म में भारी गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के मददगारों तुर्की और अजरबैजान पर भारतीय पर्यटकों ने सर्किकल स्ट्राइक किए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indian-tourists-from-both-pakistans-helpers-t%C3%BCrkiye-and-azerbaijan-decline/article-124663"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer23.png" alt=""></a><br /><p>बाकू। पाकिस्तान के मददगारों तुर्की और अजरबैजान पर भारतीय पर्यटकों ने सर्किकल स्ट्राइक किए हैं। तुर्की के बाद भारतीय पर्यटकों ने अजरबैजान जाना भी काफी कम कर दिया है। आधिकारिक पर्यटन आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जून में अजरबैजान जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या पिछले साल के इसी महीने की तुलना में दो-तिहाई से ज्यादा कम हो गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जून 2025 में अजरबैजान जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में करीब 66% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट सीधे-सीधे ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद अजरबैजान की तरफ से पाकिस्तान को खुलेआम समर्थन देने के बाद आई है।</p>
<p>इसका मतलब है कि भारतीयों ने पाकिस्तान के दोनों मददगारों को सख्त सबक सिखाया है। रिपोर्ट के मुताबिक जून के महीने में सिर्फ 9,934 भारतीय पर्यटक अजरबैजान पहुंचे थे, जबकि पिछले साल इसी महीने यह संख्या 28,315 थी। यानी सिर्फ एक साल में दो-तिहाई पर्यटक कम हो गए। खास बात यह है कि मई और जून भारतीय पर्यटकों के लिए अजरबैजान यात्रा के चरम महीने माने जाते हैं। इस साल मई में भी 23,326 भारतीय वहां पहुंचे थे, लेकिन जून आते-आते हालात बदल गए और पर्यटकों की संख्या अचानक गिरावट दर्ज हुई।</p>
<p><strong>जून में सब कुछ बदल गया </strong><br />साल 2024 में 2 लाख 43 हजार 589 भारतीय पर्यटक अजरबैजान गए थे। लेकिन जून में सब कुछ बदल गया है। अजरबैजान के अलावा तुर्की भी इस बहिष्कार का शिकार हुआ है। मई में जहां 31,659 भारतीय पर्यटक तुर्की गए थे, वहीं जुलाई में यह संख्या घटकर सिर्फ 16,244 रह गई। पिछले साल जुलाई में 28,875 भारतीय वहां पहुंचे थे, यानी पिछले साल के जुलाई के मुकाबले 44% की गिरावट आई है। संघर्ष के दौरान भारत पर हमला करने के लिए तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन देने के साथ साथ खुला समर्थन दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक मेक माई ट्रिप और ईज माई ट्रिप जैसे ट्रैवल वेबसाइट भी इन दोनों देशों के ज्यादातर बुकिंग्स नहीं ले रही हैं।</p>
<p><strong>भारतीय पर्यटकों ने दोनों देशों का किया बहिष्कार</strong><br />मई महीने में संख्या नहीं घटने की बड़ी वजह पहले से की गई बूकिंग होती है। ज्यादातर ट्रैवल कंपनियां बूकिंग कैंसिल करने से मना कर देती हैं। इसीलिए मई महीने के बाद जून में आंकड़े बुरी तरह से गिर गए हैं। भारत के खिलाफ संघर्ष के दौरान अजरबैजान ने खुलकर पाकिस्तान का साथ दिया था। संघर्ष खत्म होने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने मई में बाकू का दौरा किया था और वहां पाकिस्तान, तुर्की और अजरबैजान के बीच त्रिपक्षीय बैठक भी हुई थी। इससे पहले अजरबैजान के टूरिज्म डिपार्टमेंट के प्रमोशनल वीडियो में भारत को टॉप टारगेट मार्केट बताया जाता था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 12:27:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>तुर्की में अपार्टमेंट में आग लगने से सात लोग झुलसे</title>
                                    <description><![CDATA[घटना में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन आग से अपार्टमेंट ब्लॉकों में से एक को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। अग्निशमन अभियान में अंकारा और आयडिन से 25 दमकल गाड़ियों और हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/seven-injured-in-t%C3%BCrkiye-apartment-fire/article-44089"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/agg1.png" alt=""></a><br /><p>मेर्सिन। तुर्की के इजमिर में एक अपार्टमेंट परिसर में शुक्रवार को भीषण आग लगने से साथ लोग झुलस गए। इजमिर प्रांत के गवर्नर यवुज सेलीम कोस्गर के कार्यालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका ने ट्वीट किया कि आग में सात लोग झुलस गए, जिनमें से छह कार्बन डाइऑक्साइड की चपेट में आ गये थे। </p>
<p>घटना में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन आग से अपार्टमेंट ब्लॉकों में से एक को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। अग्निशमन अभियान में अंकारा और आयडिन से 25 दमकल गाड़ियों और हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Apr 2023 14:22:55 +0530</pubDate>
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