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                <title>कोटा के 92 हजार विद्यार्थियों को 8 महीने बाद भी न यूनिफॉर्म मिली न खातों में पैसा</title>
                                    <description><![CDATA[बिना यूनिफार्म में आने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा दिलवाई जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/92-thousand-students-of-kota-did-not-get-uniform-even-after-8-months-nor-money-in-their-accounts/article-107831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(4)21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले के एक हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8वीं तक 92 हजार विद्यार्थियों को 9 माह बाद भी यूनिफार्म नहीं मिली। पहले सरकार द्वारा गणवेश का कपड़ा देने की बात कही गई थी लेकिन अब यूनिफॉर्म खरीदने के लिए विद्यार्थियों के खाते में पैसा डालने की बात कह रही है। लेकिन, गणवेश कब तक मिलेगी, इसका जवाब शिक्षा अधिकारियों के पास भी नहीं है। हालात यह हैं, शिक्षा सत्र खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है लेकिन अब तक यूनिफार्म का कोई अता-पता नहीं है।  सबसे ज्यादा परेशानी 8वीं के बच्चों के साथ है। दो दिन बाद  परीक्षाएं शुरू होने वाली है, ऐसे में बोर्ड परीक्षा में यूनिफार्म पहनकर आने की अनिवार्यता के कारण विद्यार्थियों व अभिभावक असमंजस में है कि बिना यूनिफार्म के जाने पर परीक्षा में बैठने देंगे या नहीं। हालांकि, शिक्षाअधिकारियों का कहना है कि बिना यूनिफार्म में आने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा दिलवाई जाएगी। </p>
<p><strong>बैंक खातों में नहीं आए यूनिफार्म खरीदने के पैसे</strong><br />शिक्षकों का कहना है, सत्र 2024-25 में सरकार ने आदेश जारी किए थे कि कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को नि:शुल्क यूनिफार्म की जगह उनके बैंक अकाउंट में गणवेश खरीदने के लिए पैसे दिए जाएंगे। इसमें सिलाई, कपड़ा व स्कूल बैग की खरीद होगी। ऐसे में अभिभावक इसका भी इंतजार कर रहे है कि बच्चों के बैंक खातों में जब राशि जमा होगी, तब यूनिफार्म बनवा लेंगे। इधर, प्रदेश में कक्षा 9 से 12वीं तक की 12 लाख 94 हजार 645 छात्राएं हैं, जिन्हें भी नि:शुल्क यूनिफार्म देने की घोषणा की गई थी। जिस पर अब तक अमल नहीं हुआ।   </p>
<p><strong>9 महीने से विद्यार्थियों को गणवेश का इंतजार</strong><br />शिक्षा सत्र शुरू हुए 9 माह हो चुके हैं। कक्षा 1 से 8वीं तक के 91 हजार 948 विद्यार्थियों को गणवेश नहीं मिल रही। वहीं, अभिभावक भी पशोपेश में है कि या तो सरकार यूनिफॉर्म का कपड़ा दे या फिर राशि दे तो बच्चों के लिए समय पर यूनिफार्म सिलवाई जा सके। मामले को लेकर अधिकारी भी संतोषजनक जवाब देने से बचते नजर आ रहे है। इधर, यूनिफार्म की सिलाई की राशि आएगी भी नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं दी जा रही। </p>
<p><strong>कोटा में कक्षा-1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों की संख्या</strong><br /><strong> नामांकन     कक्षा </strong><br />7307         पहली<br />8833         दूसरी<br />10807    तीसरी<br />13346     चौथी<br />11740     पांचवीं<br />13217     छठीं<br />13462     सातवीं<br />13236     आठवीं</p>
<p><strong>प्रदेश में विद्यार्थियों का आंकड़ा</strong><br /><strong> नामांकन     कक्षा </strong><br />474858     पहली<br />615297     दूसरी<br />739944     तीसरी<br />795058     चौथी<br />724667     पांचवीं<br />760481     छठीं<br />780372     सातवीं <br />759039     आठवीं</p>
<p><strong>क्या कहते हैं अभिभावक</strong><br />पिछले 8 महीने से न तो यूनिफार्म का कपड़ा मिला और न ही सिलाई का पैसा। स्कूल में शिक्षकों से पूछते हैं तो वह शिक्षा विभाग जाने की बात कहते हैं, जब विभाग में जाते हैं तो अधिकारी भी बजट नहीं आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं, कुछ शिक्षकों द्वारा बच्चों के बैंक खाते में यूनिफार्म खरीदने की राशि दिए जाने की बात कहीं जा रही है लेकिन स्पष्ट कुछ भी नहीं है। <br /><strong>-सतीश कुमार जांगिड़, छत्रपुरा </strong></p>
<p>सरकार को अपनी घोषणा पर अमल करना चाहिए। पिछले साल भी यूनिफार्म नहीं मिली। दो साल पहले मिली थी जो छोटी हो चुकी है। गणवेश मिलेगी या नहीं, सरकार को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए ताकि, अभिभावक अपने बच्चों की गणवेश के लिए  इंतजार नहीं करना पड़े।<br /><strong>-सुरेंद्र बैरवा, संजय गांधी नगर </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />इधर, बालिकाओं का भी बढ़ रहा इंतजार  कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफार्म देने के साथ ही सरकार ने 9वीं से 12वीं तक की सिर्फ छात्राओं के लिए यही घोषणा कर रखी है। अब कक्षा एक से आठवीं के साथ-साथ कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की बालिकाओं के अभिभावक भी यूनिफार्म के इंतजार में है कि सरकार राशि जमा करा दे तो बच्चों के यूनिफार्म सिलवा दे सके। <br /><strong>-राजेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा झालावाड़</strong></p>
<p>शिक्षा सत्र के 8 माह गुजरने के बाद भी राज्य के सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क यूनिफॉर्म वितरण योजना में पात्र छात्र-छात्राओं को अभी तक न तो यूनिफॉर्म  मिली न ही नकद राशि।  सरकार की ओर से प्रति छात्र 800 रुपए की राशि देने की घोषणा कर रखी है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। जिससे विद्यार्थियों व अभिभावकों को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। सरकार को जल्द से जल्द यूनिफार्म उपलब्ध करवाना चाहिए। <br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा  </strong></p>
<p>हमारे यहां ऐसा इश्यू नहीं है, यदि कोई विद्यार्थी स्कूल यूनिफार्म में आता है तो अच्छी बात है और नहीं आता है तो भी उसे परीक्षा दिलवाई जाएगी। <br /><strong>-पवित्रा त्रिपाठी, डाइट प्रिंसिपल कोटा</strong></p>
<p>इस बार यूनिफॉर्म का कपड़ा देने के बजाए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि देने का प्रावधान किया गया है।  लेकिन, अभी बजट के अभाव में यूनिफार्म खरीदने के लिए पैसा खातों में नहीं डाला गया है। उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशों के अनुसार कार्य किया जाएगा। वहीं, यूनिफार्म के लेवल पर विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं रखा जाएगा। <br /><strong>-रूप सिंह मीणा, डीईओ एलीमेंट्री कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 15:49:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूरे देश में एक जैसा हो एग्रीमेंट, बिल्डरों द्वारा खरीदारों को दिया जा रहा धोखा : सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में एक जैसा एग्रीमेंट होने की वकालत की है। एक जैसा एग्रीमेंट नहीं होने की स्थिति में बिल्डरों द्वारा खरीदारों को धोखा दिया जा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-agreement-should-be-uniform-across-the-country-buyers-are/article-84094"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में एक जैसा एग्रीमेंट होने की वकालत की है। एक जैसा एग्रीमेंट नहीं होने की स्थिति में बिल्डरों द्वारा खरीदारों को धोखा दिया जा रहा है। </p>
<p>भारतीय जनता पार्टी के नेता और अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिल्डर-खरीदार समझौते में पूरे देश में समानता लाने की जरूरत है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 जुलाई को की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 17:11:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल प्राइवेट हो या सरकारी, समान यूनिफॉर्म की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[दिलावर ने निजी स्कूल संचालकों को मान्यता के प्रकरण को लेकर भी कहा कि मान्यता के लिए तीन श्रेणी बनाकर आवेदन लिए जाने तथा शपथ पत्र को रजिस्टर करने की बजाय पूर्व की भांति नोटेरी कराने की स्कूल संचालकों की मांग पर शिक्षा विभाग सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/preparation-of-uniform-whether-the-school-is-private-or-government/article-75673"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/shiksha-sankul.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के निजी स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म, जूता, टाई आदि के नाम पर अभिभावकों को एक ही दुकान से खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है और मनमाने दाम वसूले जा रहे है। राज्य सरकार अब विचार कर रही है कि सभी स्कूलों की यूनिफॉर्म में एकरूपता लाई जाए, ताकि अमीर-गरीब का भेद मिटे और अभिभावक किसी भी दुकान से गणवेश खरीद सके। प्रदेश के शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सरकार अब शीघ्र ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अन्य बड़ा कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इसे लेकर तैयारी करने को कह दिया गया है।<br />दिलावर ने निजी स्कूल संचालकों को मान्यता के प्रकरण को लेकर भी कहा कि मान्यता के लिए तीन श्रेणी बनाकर आवेदन लिए जाने तथा शपथ पत्र को रजिस्टर करने की बजाय पूर्व की भांति नोटेरी कराने की स्कूल संचालकों की मांग पर शिक्षा विभाग सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रहा है।</p>
<p><strong>रोजाना आ रही शिकायत </strong><br />प्रदेश के निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायत मंत्रियों और अधिकारियों के पास आए दिन आ रही है, लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इस पर अब विभाग कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल </strong><br />- राज्य में नौ से बारहवीं तक के निजी स्कूल-16180 से ज्यादा और कुल स्टूडेंट्स 25 लाख<br />-1 से 8 तक की स्कूल में 40 लाख में से 22 लाख बेटियां है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Apr 2024 11:35:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को मिलेंगी 2-2 सेट यूनीफॉर्म</title>
                                    <description><![CDATA[62 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के 16.89 लाख बच्चे होंगे लाभान्वित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/children-of-anganwadi-centers-will-get-2-2-sets-of-uniform-ashok-gehlot-hindi-news/article-55478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/cm11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों के लिए यूनीफॉर्म खरीद हेतु 125.80 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की है। गहलोत की इस स्वीकृति से आंगनबाड़ी केन्द्रों के 3-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को यूनीफॉर्म उपलब्ध हो सकेगी।</p>
<p>गहलोत द्वारा दी गई स्वीकृति के अनुसार प्रत्येक बच्चे को 2 सेट रेडीमेड यूनिफॉर्म (2 टी-शर्ट एवं 2 पेन्ट) उपलब्ध करवाई जाएगी। राज्य में 62 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इनके लगभग 16.89 लाख बच्चों को यूनीफॉर्म उपलब्ध करवाई जाएगी। इस सम्बन्ध में ई-बिड जारी कर क्रय प्रक्रिया शुरु की जा चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 20:26:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सेना में ब्रिगेडियर और उनसे ऊपर के सभी अधिकारियों की वर्दी समान रहेगी</title>
                                    <description><![CDATA[ विभिन्न स्तर पर सुधारों की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है सेना ने एक और महत्वपूर्ण तथा बड़ा निर्णय लेते हुए कहा है कि उसके ब्रिगेडियर और उनसे ऊपर के रैंक के सभी अधिकारियों की वर्दी एक समान रहेगी चाहे वह किसी भी रेजिमेंट से हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-uniform-of-all-the-officers-of-brigadier-and-above/article-45106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/swarajya_2019-01_411048ef-66cc-423b-b768-0cc0bfd58912_gettyimages_692236768.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विभिन्न स्तर पर सुधारों की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है सेना ने एक और महत्वपूर्ण तथा बड़ा निर्णय लेते हुए कहा है कि उसके ब्रिगेडियर और उनसे ऊपर के रैंक के सभी अधिकारियों की वर्दी एक समान रहेगी चाहे वह किसी भी रेजिमेंट से हो।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार पिछले महीने संपन्न हुए  सेना के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन में काफी गहन विचार विमर्श और सभी पक्षधारकों के साथ विस्तार से बातचीत के आधार पर यह निर्णय लिया गया। नया नियम आगामी एक अगस्त से लागू होगा। हालांकि सूत्रों ने साफ किया है कि यह बदलाव केवल ब्रिगेडियर और उससे ऊपर के अधिकारियों के मामले में लिया गया है और कर्नल तथा उससे नीचे के रैंकों की वर्दी पहले की तरह ही रेजिमेेंटों के अनुरूप अलग अलग ही रहेगी।</p>
<p>सूत्रों ने कहा है कि सेना में उच्च नेतृत्व में रेजिमेंट के स्तर से ऊपर उठकर समान पहचान और दृष्टिकोण को बढ़ावा देने तथा इसे मजबूत बनाने के लिए सेना ने ब्रिगेडियर और उससे ऊपर के रैंकों के लिए वर्दी को समान रखने का निर्णय लिया है भले ही किसी भी अधिकारी की नियुक्ति किसी भी कैडर में और रेजिमेंट में हुई हो। इस निर्णय के लागू होने के बाद ब्रिगेडियर और उससे ऊपर रैंक के अधिकारी रेजिमेंट के अनुरूप अलग-अलग कैप, बेल्ट, जूते, शोल्डर बैज और जार्जट पैच नहीं पहनेंगे। इन सभी चीजों का मानकीकरण कर इन्हें सबके लिए समान बनाया जायेगा। नये नियम के अनुसार फ्लैग रैंक के अधिकारी अब लेनयार्ड यानी कमरबंद डोरी नहीं पहनेेंगे।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि इससे सेना के निष्पक्ष और समान भाव वाले संगठन के चरित्र तथा स्वरूप को बल मिलेगा।</p>
<p>इस निर्णय के पीछे एक और तर्क यह दिया जा रहा है कि सेना में ब्रिगेडियर और उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी यूनिट तथा बटालियनों को कमान कर चुके होते हैं और इनकी तैनाती ज्यादातर मुख्यालयों यह ऐसे शीर्ष प्रतिष्ठान में होती है जहां सभी सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी मिलकर कार्य करते हैं। मानक वर्दी होने से वरिष्ठ रैंकों के अधिकारियों की  पहचान में तो समानता आयेगी ही इससे सेना के वास्तविक मूल्य भी परिलक्षित होंगे।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि कर्नल के स्तर तक एक ही रेजिमेंट में कनिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर अलग-अलग पहचान जरूरी होती है । यह रेजिमेंट के स्तर पर सैनिकों में एकजुटता , संबंधों को मजबूत बनाने तथा अधिकारी और जवान के संबंध  पुख्ता करने के लिए होती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 May 2023 15:18:29 +0530</pubDate>
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