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                <title>Cultural heritage - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Cultural heritage RSS Feed</description>
                
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                <title>रघुनंदन त्रिवेदी की स्मृति में सजेगा ‘कथा कहन’: जयपुर में 3 से 5 अप्रैल तक साहित्यिक संगम</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के कानोता कैंप में मनीषा कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में कहानी कार्यशाला 'कथा कहन' का छठा संस्करण आयोजित होगा। 3 से 5 अप्रैल तक चलने वाला यह आयोजन दिवंगत कथाकार रघुनंदन त्रिवेदी को समर्पित है। इसमें गीत चतुर्वेदी और यतींद्र मिश्र जैसे दिग्गज साहित्यकार जुटेंगे, जहाँ कहानियों के मंचन के साथ साहित्यिक चर्चाएं होंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/katha-kahan-will-be-decorated-in-the-memory-of-raghunandan/article-148632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/scaled_1001871283.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हिंदी साहित्य प्रेमियों के लिए खास अवसर आने वाला है, जब प्रसिद्ध कथाकार मनीषा कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में तीन दिवसीय कहानी कार्यशाला ‘कथा कहन’ का छठा संस्करण 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित होगा। इस वर्ष का आयोजन प्रख्यात कथाकार रघुनंदन त्रिवेदी की स्मृति को समर्पित रहेगा। कानोता कैंप के प्राकृतिक वातावरण में होने वाले इस आयोजन में देशभर से साहित्यकार, कथाकार और साहित्य प्रेमी जुटेंगे। कार्यशाला में गीत चतुर्वेदी, प्रभात रंजन और यतींद्र मिश्र सहित कई दिग्गज भाग लेंगे। विशेष आकर्षण के रूप में रघुनंदन त्रिवेदी की कहानियों का मंचन भी किया जाएगा, जिसके लिए जोधपुर से नाट्य कलाकार शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य कहानी कहने की कला को जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:28:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मन की बात : पीएम मोदी की 'ज्ञान भारतम् सर्वे' में सभी दुर्लभ पांडुलिपियों को शेयर करने की अपील, बोले-युवाओं की शक्ति से राष्ट्र को समृद्ध बनाने में मिलती है बड़ी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' में 'ज्ञान भारतम सर्वे' के जरिए प्राचीन पांडुलिपियों को साझा करने की अपील की। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण और नीति निर्धारण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। संस्कृति मंत्रालय का यह अभियान हमारी समृद्ध विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित करेगा, जिसमें अब तक हजारों लोग योगदान दे चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mann-ki-baat-pm-modis-appeal-to-share-all-the/article-148329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi-maan-ki-baat.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे जनभागीदारी की भावना से अपनी प्राचीन पांडुलिपियों को 'ज्ञान भारतम सर्वे' में साझा करें, ताकि महान भारतीय संस्कृति और समृद्ध विरासत को संरक्षित किया जा सके।श्री मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 132वीं कड़ी में रविवार को देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, "आज मैं 'मन की बात' में एक ऐसे प्रयास के बारे में बताना चाहता हूं, जो देशवासियों की जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। ये प्रयास है 'ज्ञान भारतम सर्वे' और इसका संबंध हमारी महान संस्कृति और समृद्ध विरासत से है। इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने देशवासियों को इस सर्वेक्षण से जुड़ने का आग्रह करते हुए बताया कि इस सर्वे से जुड़ने का लोगों के लिए एक सरल माध्यम ज्ञान भारतम ऐप है। उन्होंने कहा, "आपके पास अगर कोई पांडुलिपि है या उसके बारे में जानकारी है, तो उसकी फोटो 'ज्ञान भारतम ऐप' पर जरूर साझा करें। हर एंट्री से जुड़ी जानकारी को दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि भी की जा रही है।" पीएम मोदी ने खुशी जताते हुए कहा कि अब तक इस ऐप के जरिए तथा अन्य तरीकों से हजारों पांडुलिपियां लोगों ने साझा की हैं। उनका कहना था कि लोग लगातार इस सर्वे से जुड़ रहे हैं। इसके कुछ उदाहरण देते हुए उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने ताई लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं। अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की है, जो हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी है। कुछ संस्थाओं ने ताड़ के पत्तों पर लिखी पांडुलिपियां दी हैं। राजस्थान के अभय जैन ग्रंथालय ने तांबे की प्लेटों पर लिखी बहुत पुरानी पांडुलिपियां साझा की हैं। वहीं, लद्दाख की हमिस मठ ने तिब्बती भाषा में बहुमूल्य पांडुलिपियों की जानकारी दी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सर्वे जून के मध्य तक जारी रहेगा। उन्होंने सभी देशवासियों से आग्रह किया कि सभी लोग अपनी संस्कृति से जुड़े और देश की ज्ञान की खजाने में पांडुलिपियों के रूप में मौजूद इन पहलुओं को सामने लाएं और इसे ज्ञान भारतम ऐप पर साझा करें।<br />प्रधानमंत्री ने कहा कि 'ज्ञान भारतम नेशनल मैनुस्क्रिप्ट सर्वे' संस्कृति मंत्रालय द्वारा 16 मार्च से शुरू किया गया जो लगभग तीन महीने चलेगा। देश में अनुमानित एक करोड़ से अधिक प्राचीन पांडुलिपियां मौजूद हैं, जिन्हें मैप करने, दस्तावेजीकरण करने और अंत में डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखने का यह पहला बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान है। पांडुलिपि मालिकों का मालिकाना हक पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, केवल जानकारी साझा करनी है। इसमें ज्ञान भारतम ऐप के अलावा ज्ञानभारत वेबसाइट पर भी योगदान दिया जा सकता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और जब युवाओं की शक्ति राष्ट्र निर्माण से जुड़ती है तो इससे देश को बहुत बड़ी ताकत मिलती है। पीएम मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 132वीं कड़ी में कहा कि देश के युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसके लिए वह चाहते हैं कि देश के युवा नीति निर्माण और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए तथा अपने विचारों और नवाचार से भारत को आगे बढ़ाने में अपना अहम योगदान दें।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा "मेरा युवा भारत' संगठन देश के युवाओं को विभिन्न सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ रहा है और हाल ही में इसके तहत बजट परिचर्चा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को बजट प्रक्रिया और नीति निर्माण से जोड़ना था। इस प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 12 लाख युवाओं ने भाग लिया। इसके बाद करीब एक लाख साठ हजार प्रतिभागियों को निबंध प्रतियोगिता के लिए चुना गया, जिनमें से कुछ निबंध पढ़ने का अवसर उन्हें भी मिला।"</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि इन निबंधों से स्पष्ट होता है कि देश का युवा विकास में योगदान देने के लिए उत्साहित और प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि इसमें तेलंगाना के सूर्यापेट से कोटला रघुवीर रेड्डी, उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सौरभ बैसवार और बिहार के गोपालगंज से सुमित कुमार ने किसान कल्याण विषय पर अपने विचार रखे हैं। वहीं पंजाब के मोहाली से आंचल और ओडिशा के केंद्रपाड़ा से ओम प्रकाश रथ ने महिला नेतृत्व आधारित विकास को आगे बढ़ाने के सपने अहम सुझाव दिए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हरियाणा के यमुनानगर से प्रथम बरार ने हरित और स्वच्छ भारत को समृद्ध भारत का आधार बताया है जबकि दिल्ली के शंख गुप्ता ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए अधिक प्रयास करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा युवाओं ने कौशल विकास और कारोबार को सुगम बनाने जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए हैं। प्रधानमंत्री ने इन सभी युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके विचार देश को नई दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 18:01:26 +0530</pubDate>
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                <title>तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी का भद्राचलम दौरा: 351 करोड़ रूपए की विकास परियोजना की रखेंगे आधारशिला, जनसभा को करेंगे संबोधित </title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी आज भद्राचलम में श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर के प्रथम चरण के विकास कार्यों की आधारशिला रखेंगे। वह ₹351 करोड़ की परियोजना का भूमि पूजन करने के साथ दिव्य कल्याण महोत्सव में शामिल होंगे और देवता को पारंपरिक रेशमी वस्त्र व मोती अर्पित करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/telangana-cm-revanth-reddy-visits-bhadrachalam-will-lay-foundation-stone/article-148070"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/revanth-reddy.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी शुक्रवार को भद्राचलम का दौरा करेंग, जहां वह प्रसिद्ध श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर में धार्मिक एवं आधिकारिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला में शामिल होंगे। अपनी यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री मंदिर में विशेष प्रार्थना करेंगे और मंदिर के विस्तार एवं विकास कार्यों के पहले चरण के लिए भूमि पूजन करेंगे, जिसकी अनुमानित लागत 351 करोड़ रुपये है।</p>
<p>सीएम रेड्डी श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं एवं अवसंरचना को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। इसके बाद, सीएम रेड्डी मिथिला स्टेडियम में आयोजित होने वाले भगवान श्री सीता रामचंद्र स्वामी के दिव्य विवाह समारोह, तिरुकल्याण महोत्सव में शामिल होंगे।</p>
<p>एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री प्रमुख देवता को पारंपरिक रेशमी वस्त्र और मोती से बना तलमब्रालू भेंट करेंगे, जो इस शुभ अवसर पर सरकार की ओर से की जाने वाली औपचारिक भेंट का प्रतीक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:31:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रामनवमी कल: जयपुर के मंदिरों में भक्तिभाव, विशेष झांकियां और जन्माभिषेक की तैयारियां पूरी</title>
                                    <description><![CDATA[चैत्र शुक्ल नवमी पर कल जयपुर के राम मंदिरों में जन्मोत्सव की धूम रहेगी। दोपहर में "भए प्रकट कृपाला" के शंखनाद के साथ प्रभु का अभिषेक होगा। चांदपोल स्थित श्रीरामचन्द्रजी मंदिर में ठाकुरजी को रत्नजड़ित पोशाक पहनाई जाएगी और 51 किलो मावे का केक काटा जाएगा। गलता तीर्थ में भी भव्य राजोपचार पूजन और विशेष झांकियां सजेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/preparations-for-ram-navami-special-devotional-tableaux-and-janam-abhishek/article-147893"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/scaled_1003425431.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रामनवमी कल‌ भक्तिभाव से मनाई जाएगी,‌तैयारिया‌ पूरी जयपुर। चैत्र शुक्ल नवमी गुरुवार को रामनवमी भक्तिभाव से मनाई जाएगी। छोटीकाशी के राम मंदिरोंं राम जन्मोत्सव का उल्लास नजर आएगा। रहा है। श्रीराम मंदिरों में प्रभु श्रीराम की जन्म की खुशियां बिखरेगी। दोपहर में भगवान राम लला का जन्माभिषेक होगा। भए प्रकट कृपाला दीनदयाला... के साथ राम जन्मोत्सव का शंखनाद होगा। हवाई गर्जना के साथ जन्मोत्सव की खुशियां मनाई जाएगी।</p>
<p>राम और हनुमान मंदिरों में दिनभर विशेष झांकी के दर्शन होंगे। गलता तीर्थ में राम कुंवर की विशेष प्रतिमा का जन्माभिषेक स्वामी अवधेशाचार्य महाराज के सान्निध्य में होगा। यहां प्रतिष्ठित भगवान राम के तीन अलग-अलग रूप और विशेषताओं वाले विग्रहों का राजोपचार पूजन किया जाएगा। चांदपोल बाजार के मंदिर श्रीरामचन्द्रजी में राम जन्मोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। सुबह मंगला से विशेष पूजा अर्चना होगी।</p>
<p>ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर इत्र, गुलाब, केशर, केवड़ा मिलाकर अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक के बाद विशेष शृंगार कर राम दरबार को रत्न जडि़त जरदोजी पोशाक पोशाक धारण करवाई जाएगी। भगवान श्रीराम के साथ पूरे राम दरबार को हीरे, मोती, पन्ना, माणक, नीलम, सोना-चांदी के विशेष रजवाड़ी आभूषण धारण कराए जाएंगे। दोपहर में आरती के बाद पंजीरी और पंचामृत वितरण किया जाएगा। इस मौके पर 51 किलो मावे का केक भी काटा जाएगा। यहां मनाए जा रहे नव दिवसीय श्री राम जन्मोत्सव के तहत मंगलवार को गौरांग मंडल के तत्वावधान में हरिनाम संकीर्तन और बधाईगान हुआ। संतों-महंतों के सान्निध्य में उछाल की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 17:37:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बस्तर हेरिटेज मैराथन: आत्मसमर्पित नक्सलियों ने केन्या के धावकों संग लगाई दौड़, वन मंत्री केदार कश्यप ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को किया रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[जगदलपुर में 'बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026' ने इतिहास रच दिया। आत्मसमर्पित नक्सली युवाओं ने केन्याई धावकों के साथ कदम से कदम मिलाकर शांति का संदेश दिया। ₹25 लाख की इनामी राशि वाले इस भव्य आयोजन को लालबाग मैदान से हरी झंडी दिखाई गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अब खेलों और पर्यटन का नया केंद्र बन रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bastar-heritage-marathon-surrendered-naxalites-ran-the-race-with-kenyan/article-147412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/bastar.png" alt=""></a><br /><p>जगदलपुर। ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ में रविवार सुबह एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जब हाल ही में सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले एक युवा नक्सली ने केन्या के पेशेवर धावकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ लगाई। यह आयोजन राज्य के सबसे बड़े रनिंग इवेंट के रूप में जगदलपुर के लालबाग मैदान से शुरू हुआ, जहां वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया।</p>
<p>मैराथन में देश-विदेश के हजारों धावकों के बीच आत्मसमर्पित युवक की भागीदारी ने सबका ध्यान खींचा। वह केन्या के धावकों के साथ ‘फन रन’ श्रेणी में दौड़ा और बस्तर में बदलते हालात का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर संजय पांडेय, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर आकाश छिकारा सहित तमाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।</p>
<p>‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ की थीम पर आयोजित इस मैराथन का मार्ग जगदलपुर से चित्रकोट जलप्रपात तक रखा गया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे फिटनेस और विरासत का उत्सव बताते हुए कहा कि बस्तर अब हिंसा की धरती नहीं, खेलों और पर्यटन की धरती बन रहा है। मैराथन में 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी फन रन श्रेणियां रखी गईं।</p>
<p>प्रतिभागियों के लिए 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई, जबकि बस्तर संभाग के सातों जिलों के धावकों का पंजीकरण निःशुल्क रखा गया। पूरे मार्ग पर सुरक्षा, मेडिकल और रिफ्रेशमेंट की विशेष व्यवस्था की गई थी। केन्या के धावकों ने भी यहां की संस्कृति और आतिथ्य की सराहना की। यह आयोजन बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 12:01:22 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी, खरगे और प्रियंका गांधी ने दी देशवासियों को नवरात्र महापर्व की शुभकामनाएं: साहस, आत्मविश्वास, सेवा और सामूहिक राष्ट्र निर्माण के मूल्यों पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और उगादी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 'विकसित भारत' के संकल्प हेतु साहस, आत्मविश्वास और सेवा के मूल्यों पर बल दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी ने भी शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा से देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-kharge-and-priyanka-gandhi-wished-the-countrymen-on/article-147014"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को देशवासियों को अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से नव वर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं, साथ ही उन्होंने साहस, आत्मविश्वास, सेवा और सामूहिक राष्ट्र निर्माण के मूल्यों पर बल दिया। नव वर्ष के अवसर पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, नव वर्ष के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि यह नया वर्ष आप सभी के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा भावना को और मजबूत करे, और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को नई शक्ति प्रदान करे।</p>
<p>नव संवत्सर के अवसर पर एक अन्य पोस्ट में उन्होंने इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाला वर्ष असीम सुख, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य लेकर आएगा। साथ ही साहस, आत्मविश्वास और सेवा की भावना को मजबूत करेगा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में हमारे सामूहिक प्रयासों को नई गति प्रदान करेगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए देशवासियों को अपने परिवार के सदस्यों के रूप में संबोधित किया और कहा कि शक्ति की पूजा का यह पवित्र अवसर आप सभी के लिए सुख, सौभाग्य, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। उन्होंने आगे कहा कि मां दुर्गा के आशीर्वाद से विकसित भारत के लिए हमारा संकल्प नई ऊर्जा प्राप्त करेगा। एक अलग संदेश में, उन्होंने मां दुर्गा के चरणों में आदरपूर्वक प्रणाम और श्रद्धा अर्पित की और प्रार्थना किया कि देवी सभी को प्रेम और करुणा का आशीर्वाद दें।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने पूरे देश में पारंपरिक नव वर्ष के अवसर पर मनाए जाने वाले विभिन्न क्षेत्रीय त्योहारों, जैसे गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटी चंद, साजिबू चीराओबा और नवरेह, की भी शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में इन त्योहारों को मनाने वाले लोगों के लिए समृद्धि और एक सुखद वर्ष की कामना की। नव संवत्सर हिंदू चंद्र पंचांग की शुरुआत का प्रतीक है और भारतीय सांस्कृतिक विविधता के साथ विभिन्न राज्यों में इसे अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। यह अवधि नवरात्रि के साथ भी मेल खाती है, जिसमें भक्त देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं, जो बुराई पर अच्छाई की विजय और ब्रह्मांड को बनाए रखने वाली दिव्य ऊर्जा का प्रतीक हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के संदेश सबका साथ, सबका विकास के व्यापक दृष्टिकोण और विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप हैं, जो राष्ट्रीय और सांस्कृतिक अवसरों पर उनके सार्वजनिक भाषणों में अक्सर देखने को मिलते हैं। आध्यात्मिक अनुष्ठानों को सेवा एवं सामूहिक प्रगति जैसे नागरिक मूल्यों से जोड़कर, प्रधानमंत्री ने नव वर्ष की शुरुआत में नागरिकों के बीच एकता और साझा उद्देश्य की भावना को मजबूत करने की कोशिश की है।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने चैत्र नवरात्र महापर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। खड़गे गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की आराधना के महापर्व चैत्र नवरात्र स्थापना के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक मंगलकामनाएं। मेरी आशा है कि यह पावन महापर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा आदिशक्ति की कृपा सदैव आप सब पर बनी रहे।</p>
<p>प्रियंका वाड्रा ने कहा, आदिशक्ति जगतजननी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के पावन पर्व चैत्र नवरात्र की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। माता रानी आप सबके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 12:17:19 +0530</pubDate>
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                <title>पंचतत्व पूजन के साथ मनाया जन्मदिन संस्कार महोत्सव: एकादशी पर वैदिक विधि से मनाया जन्मदिन, पौधारोपण का लिया संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा "जन्मदिन संस्कार महोत्सव" आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने केक काटने के बजाय पंचकुंडीय यज्ञ, दीप प्रज्ज्वलन और मंत्रोच्चार के साथ भारतीय संस्कृति के अनुरूप अपना दिन मनाया। इस पहल का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/birthday-celebrated-with-panchatattva-worship-sanskar-mahotsav-birthday-celebrated-with/article-146590"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jai.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चैत्र कृष्ण एकादशी  पर गोविंद देव जी मंदिर के सत्संग भवन में जन्मदिन को भारतीय संस्कृति के अनुरूप मनाने की परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के सान्निध्य में सत्संग भवन में “जन्मदिन संस्कार महोत्सव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मार्च माह में जन्मदिन वाले एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं ने वैदिक विधि-विधान से अपना जन्मदिन मनाकर समाज में सांस्कृतिक जागरण का संदेश दिया।</p>
<p>महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने पृथ्वी, अग्नि, वायु, जल और आकाश जैसे पंचतत्वों का पूजन किया तथा दीप प्रज्ज्वलन और हवन के माध्यम से अपने जीवन को संस्कारित करने का संकल्प लिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस कार्यक्रम में जन्मदिन को केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और संस्कार का पर्व बनाने का संदेश दिया गया।</p>
<p>आचार्य पीठ से वर्षा गुप्ता ने कहा कि जन्मदिन केवल केक काटने का अवसर नहीं, बल्कि आत्मनिरीक्षण, कृतज्ञता और जीवन में सद्गुणों को अपनाने का दिन है। जिस प्रकार हम भगवान और महापुरुषों की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं, उसी प्रकार हमें अपना और अपने परिजनों का जन्मदिन भी भारतीय संस्कृति के अनुरूप मनाना चाहिए।</p>
<p>गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के सह-व्यवस्थापक मणिशंकर पाटीदार के निर्देशन में भक्त भूषण वर्मा, नीलम वर्मा, वर्षा गुप्ता एवं सुमन शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न कराया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भविष्य में दीप प्रज्ज्वलित कर जन्मदिन मनाने और भारतीय संस्कृति की इस परंपरा को समाज में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान कैलाश चंद्र अग्रवाल, रमेश चंद्र अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठजनों ने पुष्पवर्षा कर जन्मदिन मना रहे श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। एकादशी के अवसर पर गीता पाठ का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।<br /><br />महोत्सव में जिन श्रद्धालुओं का जन्मदिन था, उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में जन्मदिन को भारतीय संस्कृति के अनुसार मनाएंगे तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएंगे, ताकि समाज में संस्कारों के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी प्रसारित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 16:46:02 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट: ईरानी हमले के डर से यूएई से भागे विदेशी, कुत्ते-बिल्ली लावारिस छोड़े</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी मिसाइल हमलों से दुबई में मानवीय संकट गहरा गया है। लोग पालतू पशुओं को लावारिस छोड़कर भाग रहे हैं, जबकि लेबनान में एक दिन में एक लाख लोग विस्थापित हुए। इजरायली हमलों से ईरान के ऐतिहासिक स्थलों को भारी नुकसान पहुँचा है और तेल डिपो में लगी आग से पाकिस्तान में जहरीले प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/fearing-iranian-attack-foreigners-flee-uae-leave-dogs-and-cats/article-146053"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>दुबई। ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से पश्चिम एशिया में नया मानवीय संकट खड़ा हो गया है। हमलों के डर से हजारों विदेशी दुबई छोड़कर जा रहे हैं तो कुत्ते-बिल्ली जैसे पालतू पशु लावारिस छोड़ दे रहे हैं। रेस्क्यू से जुड़ी कई संस्थाओं को ऐसे सैकड़ों पालतू पशु मिले हैं। कुछ को लैंप पोस्ट से बांधकर छोड़ दिया गया, तो कई खाली अपार्टमेंट में बंद मिले। कई पेट्स तो पहले से भरे शेल्टर होम के बाहर छोड़ दिए गए हैं। जानवरों को बचाने वाले संगठनों ने बताया कि एक एक वॉलंटियर को एक ही दिन में 27 संदेश मिले हैं। इन वॉलंटियर्स का कहना है कि पहले से भरे शेल्टर होम में अब और पेट्स को रखना मुश्किल हो रहा है। रेस्क्यू संगठनों को दुबई में कई पालतू कुत्ते सड़क किनारे लैंप पोस्ट पर बंधे मिल रहे हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया में इन विदेशों अमीरों की कड़ी आलोचना हो रही है। वहीं यूएई के लिए जंग के बीच नया मानवीय संकट खड़ा हो गया है। इस बीच मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।</p>
<p><strong>यूएई ने नष्ट किए ईरानी ड्रोन</strong></p>
<p>मंत्रालय के मुताबिक सोमवार को किए गए हमले में कुल 15 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता चला, जिनमें से 12 को इंटरसेप्ट कर मार गिराया गया, जबकि तीन मिसाइलें समुद्र में गिर गईं और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। रक्षा मंत्रालय ने यह भी बताया कि मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन के जरिए भी हमला किया गया था। अधिकारियों के अनुसार कुल 18 ड्रोन देखे गए, जिनमें से 17 को वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया, जबकि एक ड्रोन संयुक्त अरब अमीरात के क्षेत्र में गिर गया। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है। यूएई का कहना है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा एजेंसियां हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। </p>
<p><strong>यूएई में किन देशों के नागरिकों की गई जान?</strong></p>
<p>बयान के अनुसार, इन हमलों में 4 पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई है। वहीं 117 लोग मामूली रूप से घायल हो गए। इस बीच, इजरायल ने एक बार फिर ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए हैं। इजरायली सेना के मुताबिक, राजधानी तेहरान, मध्य ईरान के इस्फहान और दक्षिणी इलाकों में ईरानी शासन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर हवाई हमले किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>तेहरान में कई ऐतिहासिक स्थलों को हुआ नुकसान</strong></p>
<p>इजरायली हवाई हमलों में ईरान के इस्फ़ाहान में चहेल सोतून पैलेस सहित विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है। उल्लेखनीय है कि सफाविद काल का यह महल इस्फÞाहान के गवर्नर कार्यालय के पास स्थित है। रिपोर्टों के अनुसार, पास ही हुए बम धमाके के कारण महल परिसर के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। यह महल अपने भित्ति चित्रों, तालाबों और 17वीं शताब्दी के ऐतिहासिक हॉल के लिए जाना जाता है। इस्फÞाहान के एक निवासी ने बताया, चहेल सोतून इमारत और गवर्नर कार्यालय के बीच केवल कुछ ही पेड़ हैं, और स्पष्ट रूप से उन्हें भी नुकसान पहुँचा है। </p>
<p>यूनेस्को की सूची में शामिल सफÞाविद काल के नक्श-ए-जहाँ स्क्वायर के आसपास भी नुकसान की खबरें हैं, जिसमें अली कापू पैलेस और कई ऐतिहासिक मस्जिदें शामिल हैं। ये रिपोर्टें यूनेस्को द्वारा तेहरान में पहले हुए हमलों के बाद ईरान में विरासत स्थलों के जोखिमों के बारे में चेतावनी देने के कुछ दिनों बाद आई हैं। एजेंसी ने कहा कि वह ईरान और पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक विरासत की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है।</p>
<p><strong>ईधन बचाने के लिए वियतनाम में वर्क फ्रॉम होम</strong></p>
<p>पश्चिम एशिया बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई अस्थिरता को देखते हुए वियतनाम सरकार ने देश में ईंधन की खपत कम करने के लिए कड़े कदम उाने शुरू कर दिए हैं। वियतनाम के उद्योग और व्यापार मंत्रालय ने मंगलवार को नागरिकों से जहां संभव हो वहां रिमोट वर्क (घर से काम) करने का आग्रह किया है ताकि यात्रा और परिवहन की मांग को कम किया जा सके। वियतनाम समाचार एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय ने एक आधिकारिक अपील जारी कर नागरिकों से ईंधन बचाने के विभिन्न उपाय अपनाने को कहा है। </p>
<p>इसमें अनावश्यक होने पर निजी वाहनों के उपयोग को सीमित करने, कारपूलिंग (साझा सवारी) करने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और कम दूरी के लिए साइकिल को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है। सरकार ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए नागरिकों को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर विचार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है। मंत्रालय का मानना है कि इन उपायों से न केवल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के प्रभाव को कम किया जा सकेगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे कई आयात निर्भर देशों के लिए ईंधन की आपूर्ति एक बड़ी चुनौती बन गई है।</p>
<p><strong>लेबनान में एक दिन में एक लाख लोग विस्थापित </strong></p>
<p>लेबनान पर इजरायल के लगातार बढ़ते हमलों के कारण पिछले  24 घंटों में यहां एक लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं। इससे एक गंभीर मानवीय त्रासदी का संकेत मिलता है। लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) की प्रतिनिधि कैरोलिना लिंडहोम बिलिंग ने जिनेवा में पत्रकारों को बताया कि अब तक लेबनान सरकार के आॅनलाइन पोर्टल पर कुल 6,67,000 से अधिक विस्थापित लोग पंजीकृत हो चुके हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, पंजीकृत विस्थापितों की संख्या में मात्र एक दिन में एक लाख का इजाफा हुआ है, जो बेहद डरावना है। यूएन प्रतिनिधि ने चेतावनी दी कि वर्तमान में विस्थापन की गति 2024 में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हुए पिछले युद्ध की तुलना में कहीं अधिक तेज है। इजरायली बमबारी के डर से दक्षिण लेबनान और बेरुत के उपनगरीय इलाकों से लोग सुरक्षित किानों की तलाश में उत्तर की ओर पलायन कर रहे हैं।</p>
<p>विस्थापितों की भारी संख्या के कारण राहत शिविरों और आश्रय स्थलों पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। लेबनान सरकार और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियां भोजन, दवा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए संघर्ष कर रही हैं। मानवीय संगठनों ने तत्काल युद्धविराम की अपील की है ताकि विस्थापितों को आवश्यक सहायता पहुँचाई जा सके। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी जानकारी दी है कि लेबनान में रहने वाले सीरियाई शरणार्थी अब वापस अपने देश लौटने को मजबूर हैं। गत दो मार्च से अब तक 80,000 से अधिक सीरियाई नागरिक इजरायली हमलों से बचने के लिए लेबनान की सीमा पार कर सीरिया जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विस्थापन की स्थिति इतनी आपातकालीन है कि कई परिवार बिना अपना सामान लिए ही जल्दबाजी में लेबनान छोड़कर निकल गए। </p>
<p><strong>ईरान के तेल ठिकानों पर हमले से पाकिस्तान में प्रदूषण का खतरा</strong></p>
<p>ईरान में तेल रिफाइनरियों और डिपो पर हुए हालिया अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों का असर अब पड़ोसी देश पाकिस्तान के पर्यावरण पर भी पड़ने की आशंका है। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने  एक विशेष बुलेटिन जारी कर चेतावनी दी है कि ईरान से आने वाली हवाएं जहरीले प्रदूषक तत्वों को लेकर पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्सों में प्रवेश कर सकती हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, ईरान की वर्तमान स्थिति के कारण हवाएं प्रदूषकों को देश के पश्चिमी क्षेत्रों तक ले जा सकती हैं। विभाग ने 12 मार्च तक पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान की सीमा से सटे बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के इलाकों में यह हवाएं पहुँचती हैं, तो वहाँ स्मॉग और जहरीले कणों का स्तर बढ़ सकता है। उल्लेखनीय है कि तेहरान में तेल केंद्रों पर बमबारी के बाद पूरी राजधानी काले धुएं की मोटी चादर में लिपटी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और पत्रकारों ने तेहरान की हवा को बेहद जहरीला बताया है। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने भी चेतावनी दी है कि इन हमलों से भारी मात्रा में जहरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फर और नाइट्रोजन आॅक्साइड का उत्सर्जन हुआ है, जो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं। पाकिस्तान ईरान के साथ लगभग 900 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। मौसम विभाग ने सीमावर्ती इलाकों के निवासियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:43:58 +0530</pubDate>
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                <title>अनहद की सातवीं कड़ी में चलेगा सरोद का जादू, उस्ताद अमजद अली खान होंगे रूबरू</title>
                                    <description><![CDATA[पर्यटन विभाग और स्पिकमैके की "अनहद" श्रृंखला के तहत 14 मार्च को पद्मविभूषण उस्ताद अमजद अली खान जयपुर में प्रस्तुति देंगे। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में संगीत प्रेमी विश्वविख्यात सरोद वादन का आनंद ले सकेंगे। निःशुल्क प्रवेश के साथ, यह शाम भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को समर्पित होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-magic-of-sarod-will-work-in-the-seventh-episode/article-145691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/amjad-ali-khan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पर्यटन विभाग और स्पिकमैके के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रही “अनहद” संगीत श्रृंखला की सातवीं कड़ी शनिवार, 14 मार्च को जयपुर के संगीत प्रेमियों के लिए एक विशेष संगीतमय अवसर लेकर आ रही है। इस अवसर पर विश्वविख्यात सरोद वादक और पद्मविभूषण सम्मानित उस्ताद अमजद अली खान अपनी अद्वितीय सरोद वादन शैली के साथ श्रोताओं से रूबरू होंगे।</p>
<p>स्पिकमैके की प्रवक्ता अनु चंडोक ने बताया की कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के मुख्य सभागार में शाम 6:30 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम में उनके साथ तबले पर रोहन बोस और जुहेब खान संगत करेंगे I </p>
<p>सरोद वादन की समृद्ध परंपरा के ध्वजवाहक उस्ताद अमजद अली खान भारतीय शास्त्रीय संगीत के विश्वस्तरीय प्रतिनिधि माने जाते हैं। सेनिया बंगश घराने के इस महान कलाकार ने अपने विलक्षण वादन, सूक्ष्म राग विस्तार और मधुर सरोद की अनूठी अभिव्यक्ति के माध्यम से भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिष्ठित किया है। उनकी प्रस्तुति में परंपरा की गंभीरता और नवीनता की सहज चमक एक साथ दिखाई देती है।</p>
<p>अनु चंडोक ने आगे बताया कि “अनहद” के अंतर्गत देश के श्रेष्ठ कलाकारों को जयपुर के संगीत प्रेमियों के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है, जिससे भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिल सके। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क रहेगा I</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 17:11:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गणगौर पूजन का शुभारंभ, युवतियां सुबह-सुबह करने लगीं ईसर-गणगौर की पूजा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में होली के बाद गणगौर पर्व की पारंपरिक शुरुआत हो गई है। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर की कामना के साथ ईसर-गणगौर का पूजन कर रही हैं। सुबह बगीचों से फूल चुनकर और पारंपरिक लोकगीतों के बीच सामूहिक पूजन से राजधानी का वातावरण भक्तिमय हो गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gangaur-puja-started-girls-started-worshiping-isar-gangaur-early-in-the/article-145355"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/gangour-puja.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। होली के बाद सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माने जाने वाला गणगौर पर्व का पूजन शुरू हो गया है। राजशाही परंपरा से चला आ रहा यह पर्व विवाहित महिलाओं के साथ-साथ कुंवारी कन्याओं द्वारा भी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।</p>
<p>मान्यता है कि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए गणगौर का व्रत और विशेष पूजा करती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने की कामना से यह व्रत रखती हैं। होलिका दहन के अगले दिन से ही महिलाओं ने गणगौर पूजन आरंभ कर दिया है। सु सुबह शहर में युवतियां और नवविवाहित महिलाएं तड़के उठकर फूल चुनने के लिए बगीचों में पहुंचीं। इसके बाद घर का पवित्र जल कलश में भरकर ईसर-गणगौर का विधिवत पूजन किया गया। महिलाएं पूजा के लिए दूब भी लेकर आईं और पारंपरिक गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।</p>
<p>पूजन के दौरान “गौर ये गणगौर माता खोल किवाड़ी, बाहर ऊबी थारी पूजन वाली”, “गोर-गोर गोमती, जोड़ा पूजा पार्वती का” जैसे पारंपरिक गीत गूंजते रहे।<br />राजधानी में कई स्थानों पर गणगौर पूजन सामूहिक रूप से भी किया जा रहा है।  श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक गणगौर पूजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां भाग ले रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 18:13:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जयपुर: गोगाजी महाराज और गौरखनाथ जी महाराज मंदिर में फागोत्सव की रंगारंग धूम</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के घाटगेट स्थित गोगाजी एवं गोरखनाथ मंदिर में शनिवार को भव्य फागोत्सव मनाया गया। गणेश वंदना से शुरू हुए इस उत्सव में भक्तों ने भगवान संग फूलों की होली खेली। लोक नृत्यों और भक्ति गीतों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने गुलाल उड़ाकर आशीर्वाद लिया और अंत में महाप्रसादी ग्रहण की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/colorful-celebration-of-phagotsav-in-jaipur-gogaji-maharaj-and-gauraknath/article-145021"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/goga-ji-maharaj-temple.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के भूरया की प्याउ, घाटगेट में स्थित गोगाजी महाराज और गौरखनाथ जी महाराज मंदिर परिसर में शनिवार को फागोत्सव एवं होली लोक नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। संध्या 5 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में भक्तों और दर्शकों की बड़ी संख्या ने भाग लिया। आयोजन घाटगेट भूरया की प्याउ मंदिर परिसर में ही किया गया। आयोजन का शुभारंभ श्री गणेश वंदना से हुआ।</p>
<p>सर्वप्रथम भगवान गोगाजी महाराज और गौरखनाथ जी महाराज को रंग लगाया गया और फूलों की होली खेली। जिसके बाद भक्तों ने फागोत्सव शुरू किया। कार्यक्रम में सभी भक्तों के द्वारा नृत्य किया गया। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिरस और होली की उमंग का अद्भुत संगम देखने को मिला। फागोत्सव खत्म होने के बाद भक्तों ने मंदिर परिसर से प्रसादी प्राप्त कर भगवान का आर्शीवाद लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 12:15:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने की केरल के केयरगिवर्स के थिरुवथिरा की शानदार प्रस्तुति की तारीफ, संस्कृति को बचाने के लिए की प्रवासियों की प्रशंसा </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के केयरगिवर्स समुदाय द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक थिरुवथिरा नृत्य की सराहना की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को देश की समृद्ध कलात्मक विरासत का वैश्विक राजदूत बताया। 'एक्स' पर साझा संदेश में पीएम ने कहा कि यह समर्पण भारतीय संस्कृति को सात समंदर पार जीवित रखने और सामुदायिक बंधन को मजबूत करने का बेहतरीन उदाहरण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-praised-the-brilliant-presentation-of-thiruvathira-by-kerala/article-144712"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pm-modi-israel-visit.png" alt=""></a><br /><p>यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को केरल के केयरगिवर्स समुदाय के सदस्यों की थिरुवथिरा की शानदार प्रस्तुति की तारीफ की और विदेशों में देश की कलात्मक विरासत को बचाए रखने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर प्रशंसा की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, केरल के केयरगिवर्स समुदाय के सदस्यों द्वारा दी गयी थिरुवथिरा की एक शानदार प्रस्तुति देखी। इस प्रस्तुति में केरल की सांस्कृतिक परंपराओं की महानता और इसके प्रति जुनून रखने वालों का समर्पण दिखा। यह देखकर गर्वांवित हूं कि हमारे प्रवासी जहाँ भी जाते हैं, भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को बचाए रखते हैं। </p>
<p>गौैरतलब है कि, थिरुवथिरा केरल का एक पारंपरिक, महिलाओं द्वारा किया जाने वाला समूह नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से ओणम और मलयालम महीने धनु (दिसंबर-जनवरी) में किया जाता है। इसे कैकोट्टिकली के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें पारंपरिक कसवू साड़ी पहनी महिलाएं एक दीपक के चारों ओर ताली बजाते हुए शिव-पार्वती को समर्पित गीत गाती हैं। केरल के मंदिर और त्योहारों की परंपराओं से बहुत करीब से जुड़ा हुआ है। इसे अक्सर नारीत्व, भक्ति और सामुदायिक बंधन के उत्सव के रूप में देखा जाता है। </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियाँ विदेशों में बसे भारतीय समुदायों के प्रति सरकार की निरंतर पहुँच और सांस्कृतिक कूटनीति पर उसके जोर को रेखांकित करती हैं। वर्षों से मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने में प्रवासी भारतीयों के योगदान को अक्सर सराहा है। केयरगिवर्स समुदाय के सदस्यों (जिनमें से कई विदेशों में हेल्थकेयर और सहायक सेवाओं में काम करते हैं) ने अक्सर अपनी जड़ों से जुड़े रहने और अपने मेजबान समाज में योगदान देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये हैं।</p>
<p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ऐसी प्रस्तुति न केवल परंपराओं को जिंदा रखती हैं, बल्कि दुनिया को भारत के अलग-अलग सांस्कृतिक अभिव्यक्ति से भी परिचित कराती हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के नेतृत्व वाली सांस्कृतिक पहल भारत और दूसरे देशों के बीच एक जरूरी पुल का काम करती हैं। प्रधानमंत्री का यह वैश्विक मंच पर क्षेत्रीय कला को बढ़ावा देने और प्रवासी भारतीयों की युवा पीढिय़ों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करने की कोशिशों के बीच आया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 18:43:55 +0530</pubDate>
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