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                <title>social media ban - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>social media ban RSS Feed</description>
                
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                <title>नायडू सरकार का बड़ा कदम, 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगाई रोक, 90 दिनों में लागू होगा नियम</title>
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                        <![CDATA[नायडू सरकार ने बच्चों को मानसिक दुष्प्रभावों से बचाने के लिए 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया के उपयोग को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में घोषणा की कि 90 दिनों के भीतर सख्त कानून लागू किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के बाद, अब आंध्र प्रदेश और कर्नाटक इस दिशा में कदम उठाने वाले देश के पहले राज्य बनेंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-step-of-naidu-government-ban-on-use-of-social/article-145536"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cm-naidu.png" alt=""></a><br /><p>आंध्र प्रदेश। आंध्र प्रदेश की नायडू सरकार ने राज्य में 13 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला लिया है और इसके लिए सरकार 90 दिनों के अंदर कानून लागू कर देगी। सीएम नायडू ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा, उनकी सरकार 13 से 16 साल के टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने पर फैसला करेगी और इसके जल्द ही राज्य सरकार कानून भी पारित करेगी। सीएम नायडू ने कहा कि उनकी सरकार ने ये निर्णय इसलिए लिया है ताकि सोशल मीडिया से बच्चों पर बुरा असर न पड़े। </p>
<p>जानकारी के अनुसार, सीएम नायडू की ये घोषणा उनके कर्नाटक के समकक्ष सिद्धारमैया के उस घोषणा के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो  कर्नाटक और आंध्र प्रदेश देश के पहले राज्य बन जाएंगे जो बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाएंगे। इससे पहले दिसंबर में, ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाया था। हाल ही में, ब्रिटेन ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉमर्स, गेमिंग प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर रोक लगाने के बारे में अभिभावकों से राय मांगी थी।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 18:25:32 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन : मद्रास हाईकोर्ट सुझाव का संयुक्त अभिभावक संघ ने किया समर्थन, सुरक्षित भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम</title>
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                        <![CDATA[मद्रास हाईकोर्ट द्वारा 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सुझाव का संयुक्त अभिभावक संघ ने स्वागत करते हुए इसे बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। संघ ने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है, जो उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/joint-parents-association-supports-madras-high-court-suggestion-to-ban/article-137444"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(3)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मद्रास हाईकोर्ट द्वारा 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सुझाव का संयुक्त अभिभावक संघ ने स्वागत करते हुए इसे बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। संघ ने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है, जो उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। संयुक्त अभिभावक संघ का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों में हिंसा, अश्लीलता, साइबर बुलिंग, डिजिटल एडिक्शन और आत्मघाती प्रवृत्तियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। यही नहीं, इसी प्लेटफॉर्म के जरिए हैकिंग और अन्य साइबर अपराधों को भी बढ़ावा मिल रहा है। संघ ने बताया कि वह पहले भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 16 वर्ष तक के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन के लिए सख्त कानून बनाने की मांग कर चुका है।</p>
<p>संघ के राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि सोशल मीडिया आज ड्रग्स की तरह काम कर रहा है, जिसकी लत बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि यदि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का सपना साकार करना है, तो बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोशल मीडिया पर सख्त प्रतिबंध तुरंत लागू किया जाना चाहिए।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 15:55:10 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
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                <title>ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, नए कानून के तहत 3.3 करोड़ डॉलर तक के जुर्माने का प्रावधान </title>
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                        <![CDATA[ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दुनिया का पहला देश बन गया। टिक्टॉक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब सहित शीर्ष 10 प्लेटफॉर्म ब्लॉक कर दिए गए हैं, उल्लंघन पर भारी जुर्माना होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों को उनका बचपन लौटाने के लिए है, जबकि कुछ किशोरों और टेक कंपनियों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए अदालत में चुनौती दी है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/provision-for-a-fine-of-up-to-330-million-under/article-135552"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ews-(7).png" alt=""></a><br /><p>ऑस्ट्रेलिया। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बन गया है, जिसने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। ऑस्ट्रेलिया में मंगलवार की आधी रात से टिकटॉक, अल्फाबेट के यूट्यूब और मेटा के इंस्टाग्राम और फेसबुक सहित कई प्लेटफार्म को  बच्चों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। नए कानून के तहत दस सबसे बड़े प्लेटफार्म को बच्चों के लिए ब्लॉक किया गया है। ऐसा न करने पर 3.3 करोड़ डॉलर तक के जुर्माने का सामना करने का आदेश दिया गया है। इस कानून की कुछ प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पैरोकारों ने आलोचना की है। हालांकि माता-पिता और बच्चों के अधिकारों के पैरोकारों ने इसका स्वागत किया है। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर कई और देश भी इस तरह के उपायों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>बच्चों को उनका बचपन मिले :</strong></p>
<p>ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया पर प्रतिबंध यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चों को उनका बचपन मिले। उन्होंने राज्यों और स्थानीय नेताओं को इंटनेट मीडिया प्रतिबंध पर उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह वह सांस्कृतिक बदलाव है, जिसकी आस्ट्रेलिया को जरूरत है। उन्होंने बच्चों से कहा कि आने वाली स्कूल की छुट्टियों का पूरा लाभ उठाएं। वे चाहते हैं कि बच्चों को उनका बचपन मिले।</p>
<p><strong>परिवार और मित्रों के साथ समय बिताएं :</strong></p>
<p>बच्चों को सलाह दी जा रही है कि फोन पर समय बिताने के बजाय वे कोई नया खेल शुरू करें, कोई नया वाद्य यंत्र सीखें या वह किताब पढ़ें जो आपकी आपकी आलमारी में कुछ समय से पड़ी है। सबसे जरूरी बात, दोस्तों और परिवार के साथ वक्त बिताएं।</p>
<p><strong>इंटरनेट मीडिया प्रतिबंध से किशोर चिंतित :</strong></p>
<p>इन प्रतिबंधों से सबसे अधिक परेशान वे किशोर हैं, जिनका संपर्क पूरी तरह इंटरनेटमीडिया पर निर्भर था। 15 वर्षीय राइली ऐलन सहित कई बच्चों कि चिंता है कि छुट्टियों में वे अपने दूर-दराज रहने वाले दोस्तों से कैसे जुड़ सकेंगे। वहीं कुछ बच्चे इससे बचने का रास्ता भी ढूंढ रहे हैं, कुछ ने पोस्ट किया है कि वे अपनी उम्र संबंधी जानकारी के लिए अपनी मां की फोटो का इस्तेमाल करेंगे। ऐसे में यह तो समझ आता है कि यह राह आसान नहीं होगी।</p>
<p><strong>कानून को अदालत में दी चुनौती :</strong></p>
<p>उधर, सिडनी के 15 वर्षीय नोहा जोन्स और मैसी नेलैंड ने इस कानून को अदालत में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह नियम देश के लगभग 26 लाख किशोरों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित करता है। हालांकि सरकार का दावा है कि अधिकांश माता-पिता बच्चों को इंटरनेट मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए इस कदम का समर्थन कर रहे हैं। कुछ किशोर भी मानते हैं कि इंटरनेट मीडिया के एल्गोरिद्म उन्हें देर रात तक स्क्रीन से चिपकाए रखते हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। लेकिन नोहा का कहना है कि पूरी तरह प्रतिबंध से बच्चे और भी खतरनाक, अनियंत्रित प्लेटफार्म की ओर जा सकते हैं। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 11:26:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पाकिस्तान में ट्विटर फेसबुक, यूट्यूब पर रोक जारी</title>
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                        <![CDATA[पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) को सोशल मीडिया को बहाल करने के लिए अभी कोई नया निर्देश नहीं मिला है यानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर फेसबुक, यूट्यूब  पर रोक अभी जारी रहेगी।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/twitter-facebook-youtube-banned-in-pakistan/article-45470"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/शीर्षक-रहित-(630-×-400-px)-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) को सोशल मीडिया को बहाल करने के लिए अभी कोई नया निर्देश नहीं मिला है यानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर फेसबुक, यूट्यूब  पर रोक अभी जारी रहेगी।</p>
<p>प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी। पीटीए के प्रवक्ता ने देश भर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रतिबंधित होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बहाल करने के लिए कोई निर्देश नहीं मिला है।</p>
<p>जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले सरकार ने नौ मई को देश भर में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी थी और ट्विटर फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगा दी गयी थी।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 May 2023 18:21:34 +0530</pubDate>
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