<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/terror-funding/tag-35501" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>terror funding - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/35501/rss</link>
                <description>terror funding RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जम्मू-कश्मीर में हवाला रैकेट का भंडाफोड़: 8,000 अकाउंट फ्रीज, साइबर अपराध की कड़ी में म्यूल अकाउंट की अहम भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में 8,000 से अधिक 'म्यूल अकाउंट' फ्रीज कर बड़े डिजिटल हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और देश विरोधी गतिविधियों की फंडिंग के लिए किया जा रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/hawala-racket-busted-in-jammu-and-kashmir-8000-accounts-frozen/article-143321"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू कश्मीर। जांचकर्ताओं के मुताबिक म्यूल अकाउंट साइबर अपराध की श्रृंखला का सबसे कमजोर, लेकिन बेहद जरूरी हिस्सा होते हैं। इनके बिना अपराधियों के लिए चोरी का पैसा क्रिप्टोकरेंसी जैसी डिजिटल संपत्तियों में बदलना मुश्किल हो जाता है। बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों को बैंकों के साथ मिलकर ऐसे खातों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>म्यूलर की तलाश तेज</p>
<p>एजेंसियां उन बिचौलियों की भी तलाश कर रही हैं, जिन्हें म्यूलर कहा जाता है। ये लोग वित्तीय धोखाधड़ी की इस श्रृंखला में अहम भूमिका निभाते हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब 2017 में एनआईए ने क्षेत्र में अवैध फंडिंग पर सख्ती शुरू की, तो देश विरोधी नेटवर्क ने अपने तरीके बदल लिए। पारंपरिक तरीकों की जगह अब कथित तौर पर डिजिटल हवाला प्रणाली अपनाई गई है।</p>
<p>डिजिटल हवाला का नया तरीका</p>
<p>इस नए मॉडल में म्यूल अकाउंट धारकों और म्यूलरों को मिलने वाला कमीशन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में लगाया जा सकता है। म्यूलर सीधे ठगी के शिकार लोगों से संपर्क नहीं करता और न ही फर्जी लिंक भेजता है, लेकिन वह ऐसे खातों की व्यवस्था करता है जिनसे ठग चोरी का पैसा जमा और ट्रांसफर करते हैं। जांच में सामने आया है कि एक ठग एक समय में 10 से 30 म्यूल खातों का इस्तेमाल कर सकता है। कई मामलों में शेल कंपनियों के नाम पर खाते खोले जाते हैं, जिनसे एक दिन में 40 लाख रुपये तक का लेनदेन हो जाता है, ताकि शक न हो।</p>
<p>खाताधारक भी जिम्मेदार</p>
<p>सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि भले ही म्यूल अकाउंट धारक सीधे ठगी नहीं करते, लेकिन वे मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल माने जाएंगे। कमीशन लेकर अपने खाते सौंपना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क को मजबूत बनाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, पूरा ठगी तंत्र इन्हीं खातों पर निर्भर है। अगर पैसा पहुंचाने का जरिया ही न हो, तो ठगी शुरू में ही फेल हो जाएगी।</p>
<p>घाटी में वीपीएन पर रोक</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्रीय पुलिस पहले ही घाटी में वीपीएन के इस्तेमाल पर रोक लगा चुकी है, क्योंकि इसका उपयोग आतंकी और अलगाववादी तत्व पहचान छिपाने के लिए करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/hawala-racket-busted-in-jammu-and-kashmir-8000-accounts-frozen/article-143321</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/hawala-racket-busted-in-jammu-and-kashmir-8000-accounts-frozen/article-143321</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 11:17:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/1200-x-600-px%29-%282%297.png"                         length="775465"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब सीमा पार नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल से जुड़ा संदिग्ध गिरफ्तार, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मोहाली में एसएसओसी ने सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर अंतर-राज्यीय और सीमा पार नार्को-आतंकवाद नेटवर्क के मुख्य वित्तीय लिंक का पर्दाफाश किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/suspect-linked-to-narco-terrorism-module-across-punjab-border-arrested-interrogation/article-140814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(18)1.png" alt=""></a><br /><p>मोहाली। पंजाब की स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) एसएएस नगर ने एक इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई में  पैसों के लेन-देन में संलिप्त एक व्यक्ति की गिरफ्तारी कर एक अंतर-राज्यीय तथा सीमा पार नार्को-आतंकवाद मॉड्यूल के मुख्य वित्तीय लिंक का पर्दाफाश किया है।        </p>
<p>पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सतनाम सिंह के रूप में हुई है, जो संगरूर के गांव पुन्नेवाल का निवासी है। सतनाम सिंह पहले एक निजी कंपनी में टैक्सी चालक के रूप में कार्यरत था और पिछले वर्ष जून में टूरिस्ट वीजा पर अजरबैजान गया था, जहां वह पाकिस्तान-आधारित ड्रग तस्कर के संपर्क में आया। यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित रक्सौल कस्बे से एक प्रमुख नार्को-आतंकवादी कारकुन राजबीर सिंह उर्फ फौजी की गिरफ्तारी के बाद सामने आई है, जब वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। इस गिरफ्तारी से जुड़े आगे-पीछे के संबंधों की गहन जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। </p>
<p>उन्होंने कहा, फरवरी 2025 में भारतीय सेना से फरार आरोपी राजबीर सिंह चिराग को हेरोइन की आपूर्ति करता था। उल्लेखनीय है कि चिराग को पहले 107 ग्राम हेरोइन, एक 9 एमएम पिस्तौल और जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया गया था। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि  सतनाम सिंह ने पाकिस्तान-आधारित ड्रग तस्कर के इशारों पर काम करते हुए हेरोइन तस्करी से होने वाली कमाई को व्यवस्थित करने के लिए जानबूझकर अपने बैंक खाते और यूपीआई विवरणों का इस्तेमाल कर आतंकवाद की फंडिंग को सुगम बनाया। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क हेरोइन की बरामदगी, अवैध हथियारों की तस्करी तथा नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़ा हुआ है।</p>
<p>एआईजी (एसएसओसी एसएएस नगर) दीपक पारिक ने बताया कि राजबीर सिंह उर्फ फौजी की निरंतर जांच और हिरासत में पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि सितंबर 2025 में भारत लौटने के बाद पाकिस्तान-आधारित तस्कर ने दोबारा सतनाम से संपर्क किया और धीरे-धीरे उसे ड्रग नेटवर्क के लिए काम करने के लिए राजी कर लिया तथा वित्तीय लेन-देन के बदले उसे कमीशन की पेशकश की। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि हेरोइन की बिक्री के बाद सतनाम सिंह के खाते में पैसा जमा कराया जाता था और बाद में यह राशि नेटवर्क के अन्य कारकुनों को भेज दी जाती थी। आगे यह भी पता चला कि राजबीर सिंह ने गुरजंट सिंह निवासी तरनतारन के खाते के माध्यम से सतनाम सिंह के खाते में धनराशि भेजी थी।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि आरोपी गुरजंट को हरियाणा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। एआईजी ने बताया कि आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। इस संबंध में थाना एसएसओसी एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, आम्र्स एक्ट की धारा 25(1) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/suspect-linked-to-narco-terrorism-module-across-punjab-border-arrested-interrogation/article-140814</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/suspect-linked-to-narco-terrorism-module-across-punjab-border-arrested-interrogation/article-140814</guid>
                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 17:54:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%2818%291.png"                         length="767465"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जम्मू कश्मीर में सीआईके की बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खातों के नेटवर्क पर छापेमारी, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने बुधवार को साइबर धोखाधड़ी और टेरर फंडिंग के संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। श्रीनगर समेत घाटी के 22 ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-cik-in-jammu-and-kashmir-raid-on/article-138704"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/cik.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) ने बुधवार को साइबर धोखाधड़ी और टेरर फंडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध फर्जी बैंक खातों के एक नेटवर्क पर बड़ी छापेमार कार्रवाई शुरू की। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि घाटी में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। उन्होंने बताया कि अकेले श्रीनगर जिले में 10 से ज्यादा जगहों पर तलाशी ली गई और कश्मीर के दूसरे हिस्सों से भी एक साथ अभियान की जानकारी मिली हैं। अधिकारियों ने कहा, यह कार्रवाई उन जटिल वित्तीय गतिविधियों की चल रही जांच का हिस्सा है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे ऑनलाइन घोटालों को बढ़ावा दे रहे हैं और आतंकवाद नेटवर्क को धन पहुंचा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-cik-in-jammu-and-kashmir-raid-on/article-138704</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-action-by-cik-in-jammu-and-kashmir-raid-on/article-138704</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 12:59:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/cik.png"                         length="1106886"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसआईयू ने टेरर फंडिंग मामले में किश्तवाड़ में मारे छापे</title>
                                    <description><![CDATA[विशेष जांच इकाई (एसआईयू) की एक टीम ने आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में बुधवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में कुछ स्थानों पर छापे मारे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/siu-raids-kishtwar-in-terror-funding-case/article-45827"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/siu(1).jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। विशेष जांच इकाई (एसआईयू) की एक टीम ने आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में बुधवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में कुछ स्थानों पर छापे मारे।</p>
<p>आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एसआईयू ने आतंकवाद के वित्तपोषण के मामलों में विभिन्न स्थानों पर छापे मारे। एक अधिकारी ने कहा, ''छापे मारे जा रहे हैं और आगे की जानकारी का इंतजार है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/siu-raids-kishtwar-in-terror-funding-case/article-45827</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/siu-raids-kishtwar-in-terror-funding-case/article-45827</guid>
                <pubDate>Wed, 17 May 2023 15:16:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-05/siu%281%29.jpg"                         length="144300"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        