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                <title>Digital India - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर अखिलेश यादव का हमला: ‘प्रीपेड पीड़ित’ शब्द दिया नया नाम, बिजली कंपनियों और सरकार के बीच मिलीभगत का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्मार्ट मीटर की खामियों पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि खाते में पैसे होने के बावजूद बिजली गुल होना 'डिजिटल अन्याय' है। अखिलेश ने उपभोक्ताओं को 'उपभुगता' बताते हुए आरोप लगाया कि सरकारी मिलीभगत से जनता परेशान है। उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार आने पर पारदर्शी बिजली व्यवस्था लागू होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/akhilesh-yadavs-attack-on-smart-prepaid-electricity-meters-new-name/article-149186"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/akhilesh-yadav.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर के एकाउंट में पैसे होने के बावजूद बत्ती गुल होने को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश में ‘प्रीपेड पीड़ित’ नाम की एक नई श्रेणी पैदा हो गई है। रविवार को सोशल मीडिया के जरिए अखिलेश यादव ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले से ही बिजली के लिए भुगतान कर दिया है, वे भी स्मार्ट मीटर की खामियों के चलते बिजली कटौती और तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे हैं। </p>
<p>अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब बिजली कंपनियों को पहले ही पैसा मिल जाता है, तो फिर आम जनता को परेशान क्यों किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कंपनियों और सरकार के बीच तालमेल की कमी या मिलीभगत के कारण आम उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके चलते लोग बार-बार शिकायत करने और कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार में जनता ‘उपभोक्ता’ से ‘उपभुगता’ बन गई है, जिसे नीतियों की खामियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने ‘पीडीए’ (पीड़ित, दलित, अल्पसंख्यक) का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब ‘प्रीपेड पीड़ित’ भी इसमें शामिल हो गए हैं।</p>
<p>अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और आने वाले समय में स्थिति बदलेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बनने पर बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हित में बनाया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 18:23:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के मद्देनज़र सरकार की अपील : ऑनलाइन ही बुक कराएं सिलेंडर, जरूरत पड़ने पर ही जाएं वितरक के पास</title>
                                    <description><![CDATA[पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 50,000 सिलेंडर जब्त किए और 36 वितरकों को निलंबित किया। 95% ऑनलाइन बुकिंग के साथ आपूर्ति सुचारू है। मंत्रालय ने नागरिकों से पैनिक बुकिंग न करने और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-view-of-the-west-asia-crisis-the-governments-appeal/article-149191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/cyclender-book.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ऑनलाइन बुकिंग के बढ़ने के बावजूद रसोई गैस वितरण एजेन्सियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनों को देखते हुए सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन माध्यम से ही एलपीजी सिलेंडर बुक करायें और आवश्यक होने पर ही वितरकों के पास जायें। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सरकार ने रविवार को एक बार फिर दोहराया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति के प्रभावित होने के घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की सुचारु और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर आवश्यक कदम उठा रहा है और फिलहाल देश में इनका पर्याप्त भंडार है।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा है कि एलपीजी वितरकों के पास गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं है और ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 95 प्रतिशत हो गई है। शनिवार को 51 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी में 53 प्रतिशत से बढ़कर शनिवार को 90 प्रतिशत हो गई है ताकि हेराफेरी को रोका जा सके। प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को शनिवार को 5 किलोग्राम के 90,000 से अधिक सिलेंडर बेचे गए।देश में पीएनजी विस्तार तेज़ी से बढ़ रहा है और  मार्च से 3.6 लाख कनेक्शन को गैस आपूर्ति शुरू की गयी है और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण हुए हैं।</p>
<p>पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और 28 फरवरी से अब तक 7 लाख दो हजार से अधिक भारतीय स्वदेश लौटे हैं। सरकार ने कहा है कि वह पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और घबराहट में खरीदारी तथा अनावश्यक बुकिंग से बचें।</p>
<p>एलपीजी की जमाखोरी और काला बाज़ारी की जांच के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। मार्च से अब तक राज्यों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की संयुक्त टीमों द्वारा 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कंपनियों के अधिकारियों को अचानक निरीक्षण की प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जमाखोरी और काला बाज़ारी की किसी भी घटना को रोका जा सके। अब तक एलपीजी वितरकों को 1400 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, अब तक 36 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया जा चुका है। उपभोक्ताओं को डी-पीएनजी और सीएनजी-परिवहन के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति के साथ प्राथमिकता दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:54:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संकट में BSNL का सराहनीय कदम: 24 घंटे में शुरू की टोल-फ्री हेल्पलाइन, उपभोक्ताओं को मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[उपभोक्ता मामले विभाग ने BSNL की तत्परता की सराहना की है। गैस सिलेंडर बुकिंग की अफवाहों को रोकने के लिए BSNL ने अवकाश के बावजूद मात्र एक दिन में टोल-फ्री नंबर 14435 शुरू किया। इस त्वरित कदम से संकट के समय जनता को बड़ी राहत मिली है, जो विभाग की डिजिटल कार्यकुशलता को दर्शाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/commendable-step-taken-by-bsnl-in-crisis-toll-free-helpline-started/article-147880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/scaled_1001092192.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उपभोक्ता मामलों विभाग ने BSNL की तत्परता को सराहा सिर्फ एक दिन में शुरू की टोल-फ्री हेल्पलाइन, संकट के समय उपभोक्ताओं को मिली त्वरित राहत ब्यूरो नवज्योति जयपुर। राजस्थान सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) द्वारा जनहित में किए गए उत्कृष्ट कार्य की सराहना की है। विभाग द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि BSNL ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14435 को SIP आधारित IP PBX प्रणाली पर बेहद कम समय में सफलतापूर्वक प्रारंभ किया। प्रधान महाप्रबंधक विजय कुमार सुरेंद्र ने बताया कि हाल ही में गैस सिलेंडर बुकिंग में कमी को लेकर आमजन में बढ़ती चिंता और अफवाहों को रोकने के लिए विभाग को तत्काल हेल्पलाइन की आवश्यकता थी। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में BSNL की टीम ने अवकाश के दिन भी लगातार कार्य करते हुए मात्र एक दिन में सेवा शुरू कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 17:04:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग आज जारी करेगा संशोधित मतदाता सूची, 28.06 लाख लंबित मतदाताओं के डेटा का हो चुका है निपटारा, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आज</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव आयोग आज पश्चिम बंगाल के लिए अद्यतन मतदाता सूची का दूसरा चरण जारी करेगा। इसमें 28.06 लाख लंबित प्रविष्टियों का निपटारा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, पारदर्शी प्रक्रिया हेतु 19 न्यायाधिकरण गठित किए गए हैं। साथ ही, 31 मार्च तक केंद्रीय बलों की 300 अतिरिक्त कंपनियां तैनात होंगी ताकि निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-election-commission-will-release-revised-voter/article-147492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/west-bengal-election-2026.png" alt=""></a><br /><p>काेलकाता। चुनाव आयोग आज अद्यतन मतदाता सूची के दूसरे चरण को जारी करेगा, जिसमें अब तक संसाधित किए गए सभी लंबित मतदाता प्रविष्टियों का विवरण प्रकाशित किया जाएगा। आयोग के सूत्रों के अनुसार, रविवार शाम तक राज्य भर में 28.06 लाख लंबित मतदाताओं के डेटा का निपटारा किया जा चुका था। अद्यतन सूचियां आज दोपहर तक जिला चुनाव अधिकारियों तक पहुंचने की उम्मीद है। शाम से मतदाता आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरक सूची ऑनलाइन देख सकेंगे।</p>
<p>इसके अलावा सूचियां पूरे पश्चिम बंगाल के बूथों, बीडीओ कार्यालयों, एसडीओ कार्यालयों और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों में भी प्रदर्शित की जाएंगी। आयोग को पहले ही लगभग 40,000 बूथों से अद्यतन रिकॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं, जो शुक्रवार तक हुई प्रगति को दर्शाते हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि यह प्रकाशन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में किया जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी दायरे के भीतर की जा रही है, जिससे सूची जारी होने के बाद विवाद की बहुत कम आशंका रहेगी। अदालत के दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन व्यक्तियों के नाम सूची में नहीं दिखेंगे, उन्हें न्यायाधिकरण में अपील करने का विकल्प मिलेगा। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहले ही 23 जिलों के लिए 19 न्यायाधिकरण गठित किए हैं और इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए 19 सेवानिवृत्त न्यायाधीश नियुक्त किए हैं। इससे पहले 28 फरवरी को आयोग ने एक अधूरी मतदाता सूची जारी की थी, जिसमें 60.06 लाख लंबित नाम शामिल थे। अदालत के निर्देशों के बाद, सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए 700 से अधिक कार्यरत और सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को लगाया गया है।</p>
<p>इस बीच, रविवार को सीईओ कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती पर चर्चा करने हेतु संयुक्त बल तैनाती समिति से मुलाकात की। बैठक में बलों की संख्या, उनकी तैनाती के स्थान और संचालन रणनीतियों पर विचार किया गया। बैठक में राज्य पुलिस नोडल अधिकारी आनंद कुमार, विशेष पर्यवेक्षक एन.के. मिश्रा तथा केंद्रीय बलों के नोडल अधिकारी शलभ माथुर और गौरव शर्मा उपस्थित रहे।</p>
<p>सूची जारी होने के बाद आयोग ने पुलिस और केंद्रीय बलों दोनों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।<br />सूत्रों के अनुसार, 31 मार्च तक राज्य में केंद्रीय बलों की अतिरिक्त 300 कंपनियां पहुंचने की उम्मीद है। आयोग आज राष्ट्रीय राजधानी से शाम चार बजे जिला चुनाव अधिकारियों, जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों के साथ एक वर्चुअल समीक्षा बैठक भी करेगा। करीब दो घंटे चलने वाली इस बैठक की अध्यक्षता उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग करेंगे।</p>
<p>अन्य अधिकारियों में उप आयुक्त ज्ञानेश भारती और पवन कुमार शर्मा के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे। बैठक का एजेंडा चुनाव की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और मानव संसाधन की तैनाती की समीक्षा करना है। जिला अधिकारियों को अपने-अपने योजनाओं का विवरण देते हुए पावरपॉइंट प्रस्तुति संयुक्त रूप से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें आयोग द्वारा आंका जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-bengal-assembly-elections-election-commission-will-release-revised-voter/article-147492</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 13:00:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चुनाव आयोग ने दिया 2026 के चुनावों में सभी मतदान केंद्रों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने का आदेश, उपचुनावों के लिए की चुनाव कार्यक्रम की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए 21 लाख से अधिक मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं (AMF) अनिवार्य कर दी हैं। अब हर बूथ पर पीने का पानी, शौचालय, रैंप और मोबाइल जमा करने की सुविधा मिलेगी। मतदाताओं की सहायता के लिए 'वोटर हेल्प बूथ' और सूचना पोस्टर भी लगाए जाएंगे, ताकि मतदान का अनुभव सुरक्षित और सुगम हो सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/election-commission-orders-to-improve-facilities-at-all-polling-stations/article-147428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/ec.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों एवं उपचुनावों के लिए 21 लाख से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा एवं पहुंच सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिया है। चुनाव आयोग की ओर से रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2,18,807 मतदान केंद्रों में से प्रत्येक में पीने का पानी, छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र, पानी की सुविधा वाले शौचालय, पर्याप्त रोशनी, दिव्यांगजनों के लिए रैंप और मानक मतदान कक्ष जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के साथ-साथ छह अन्य राज्यों में उपचुनावों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है। आयोग ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को प्रत्येक मतदान केंद्र पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) सुनिश्चित करने का विस्तृत निर्देश जारी किया।</p>
<p>चुनाव आयोग ने कहा कि इसका उद्देश्य सभी मतदाताओं के लिए एक सहज एवं सुखद मतदान अनुभव प्रदान करना है और साथ ही यह भी कहा कि कतारों में इंतजार कर रहे मतदाताओं की सुविधा के लिए नियमित अंतराल पर बेंच भी लगाई जाएंगी। मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए, आयोग ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर चार मानकीकृत मतदाता सुविधा पोस्टर लगाना अनिवार्य किया है। इनमें मतदान केंद्र का विवरण, उम्मीदवारों की सूची, मतदान प्रक्रिया, आवश्यक पहचान दस्तावेज और मतदान के दिन मतदाताओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी।</p>
<p>मतदान प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से, प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सहायता बूथ स्थापित किए जाएंगे। बूथ स्तर के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों द्वारा संचालित ये बूथ मतदाताओं को उनके मतदान बूथ नंबर की जानकारी एवं मतदाता सूची में उनके नाम की पुष्टि करने में सहायता करेंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि ये बूथ प्रमुखता से चिह्नित होंगे और परिसर में आने वाले मतदाताओं को आसानी से दिखाई देंगे।</p>
<p>चुनाव आयोग ने आयोग ने मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा भी शुरू की है। मतदाताओं को मतदान क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले अपने फोन बंद करके नामित स्वयंसेवकों के पास जमा करने होंगे और मतदान के बाद उन्हें वापस किया जाएगा।<br />चुनाव आयोग ने इन उपायों को शामिल करने एवं इनके अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस बात पर बल दिया कि ये उपाय अनिवार्य हैं और इनकी कड़ी निगरानी की जाएगी। आयोग ने कहा, सभी फील्ड अधिकारियों को मतदान तिथियों से काफी पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 16:30:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रभा खेतान फाउंडेशन की 'सहयोग' पहल के तहत: रविवार को अशोक क्लब में होगा आयोजन, अनुराग माइनस वर्मा की पुस्तक 'द ग्रेट इंडियन ब्रेन रॉट' पर होगी चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रभा खेतान फाउंडेशन की पहल पर रविवार को अशोक क्लब में प्रसिद्ध लेखक अनुराग माइनस वर्मा अपनी पुस्तक पर संवाद करेंगे। यह सत्र सोशल मीडिया, एल्गोरिदम और इन्फ्लुएंसर कल्चर के सामाजिक प्रभावों पर व्यंग्यात्मक रोशनी डालेगा। डिजिटल दुनिया की चुनौतियों को समझने के लिए जयपुर की ब्लॉगर तुषारिका सिंह इस चर्चा का नेतृत्व करेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/under-the-cooperation-initiative-of-prabha-khaitan-foundation-an-event/article-146411"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/book-talk.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में दिल्ली के प्रख्यात लेखक, पोडकास्टर एवं कल्चरल क्रिटिक, अनुराग माइनस वर्मा की पुस्तक 'द ग्रेट इंडियन ब्रेन रॉट: लव, लाइज एंड एल्गोरिदम इन डिजिटल इंडिया' पर रोचक चर्चा का आयोजन होगा। प्रभा खेतान फाउंडेशन की 'सहयोग' पहल के तहत यह कार्यक्रम रविवार को अशोक क्लब में शाम 4 बजे से आयोजित होगा। इस चर्चा के दौरान लेखक अनुराग माइनस वर्मा जयपुर की ब्लॉगर एवं कम्यूनिकेशन स्पेशलिस्ट, तुषारिका सिंह के साथ संवाद करेंगे। </p>
<p>यह पुस्तक भारत की तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया पर आधारित एक दिलचस्प और विचारोत्तेजक पुस्तक है। इसमें लेखक ने अपने अनुभवों, हास्य और व्यंग्य के माध्यम से  सोशल मीडिया, इन्फ्लुएंसर कल्चर, वायरल कंटेंट और ऑनलाइन ट्रोलिंग जैसे विषयों के माध्यम से इंटरनेट के प्रभाव को समझाने की कोशिश की है। यह पुस्तक भारत के ऑनलाइन जीवन, उसकी चुनौतियों और उसके सामाजिक प्रभावों को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 17:08:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'सेवा तीर्थ' में पहली बार बैठा मोदी मंत्रिमंडल: नए कार्यालय को बताया देश के नवनिर्माण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति, भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लिया संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नवनिर्मित कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में पहली केंद्रीय कैबिनेट बैठक आयोजित। 'सेवा संकल्प' प्रस्ताव पारित कर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-cabinet-sitting-in-seva-teerth-for-the-first-time/article-144463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फाल्गुन मास की शुक्ल अष्ठमी, मंगलवार को पहली बार यहां नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय भवन सेवा तीर्थ में अपनी पहली बैठक में सेवा संकल्प प्रस्ताव पारित किया और इसे भारत की विकास यात्रा में एक नया आरंभ बताया।</p>
<p>इस प्रस्ताव में पिछले एक दशक की उपलब्धियों और सुधारों को गिनाते हुए संकल्प व्यक्त किया गया है कि यह सरकार सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए भारत को निकट भविष्य में विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम करेगी। प्रस्ताव में भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के प्रति मंत्रिमंडल की प्रतिबद्धता और समर्पण भी व्यक्त किया गया है।   </p>
<p>कैबिनेट द्वारा स्वीकृत सेवा संकल्प में कहा गया है, आज युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, शक संवत् 1947, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष..अष्टमी के दिन...24 फरवरी, 2026 को, माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में, नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक प्रथम बैठक आयोजित हो रही है।</p>
<p>नए भवन को नये भारत के निर्माण की अभिव्यक्ति बताते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, यह बैठक एवं यह भवन नए भारत के नवनिर्माण की एक प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है। इस शुभारंभ के साथ ही हम उस भविष्य का स्वागत कर रहे हैं, जिसके निर्माण में सदियों का श्रम लगा है। आजादी के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में इतने दशकों तक सरकारों ने विरासत को संभाला और भविष्य के सपने देखे। हमने एक ऐसे भारत के सपने देखे, जिसकी सोच स्वदेशी हो, स्वरूप आधुनिक हो, और सामथ्र्य अनंत हो। आज यह सेवातीर्थ उसी संकल्पना का वह मूर्तिमान अवतार है जो लोकतन्त्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को बढ़ाएगा।</p>
<p>नए प्रधानमंत्री कार्यालय के स्थान के अंग्रेजों के राज के दौर के बैरक वाले इतिहास को याद करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, आज इस अवसर पर इस स्थान के इतिहास को भी स्मरण कर रहे हैं। सेवा तीर्थ उन अस्थायी बैरकों के स्थान पर बना है, जो ब्रिटिश काल के थे। उस स्थान पर राष्ट्र संचालन के सक्रिय संस्थान का निर्माण नये भारत के कायाकल्प का भी प्रतीक है।</p>
<p>प्रस्ताव में आगे कहा गया है, गुलामी के कालखंड से पहले भारत की पहचान एक ऐसे राष्ट्र के रूप में होती थी जो एक ओर अपनी भौतिक भव्यता के लिए भी जाना जाता था, और दूसरी ओर अपने मानवीय मूल्यों के लिए। सेवातीर्थ की संकल्पना इन दोनों ही आदर्शों से मिलकर बनी है। कर्तव्य, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी से यह कार्यस्थल एक तीर्थ की भांति पवित्र हो, यह इसकी मूलभावना है।</p>
<p>इसमें कहा गया है, सेवा तीर्थ में हो रही इस पहली बैठक के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल यह संकल्प दोहराता है कि यहां लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा। भारत के संविधान को सरकार की नैतिक प्रतिबद्धता बताते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, हमारे लिए संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हैं, जो शासन को नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है। सेवा तीर्थ की कार्य-संस्कृति इसी आत्मा से संचालित होगी, जहां हर नीति संविधान की मूल भावना के अनुरूप होगी और हर निर्णय देशवासियों की आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी होगा।</p>
<p>केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह संकल्प दोहराया, इस परिसर में लिया गया प्रत्येक निर्णय नागरिक देवो भव की भावना से प्रेरित होगा। यह स्थान सत्ता के प्रदर्शन का नहीं, प्रत्येक भारतवासी के सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा। सेवा तीर्थ से संचालित शासन का हर प्रयास देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने की भावना से जुड़ा रहेगा। हम ये दोहराते हैं कि हम अपनी परिकल्पना के मुताबिक शासन के उस  मॉडल को और मजबूती देंगे, जो पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक की संवेदनाओं के प्रति सजग हो    </p>
<p>इसमें कहा गया है, सेवा तीर्थ उस गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता का उत्तर है, जो जड़ता की जगह गतिशीलता को, उदासीनता की जगह निष्ठा को और संदेह की जगह समाधान को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते वर्षों में लिये गये निर्णयों ने शासन के उद्देश्य को नयी स्पष्टता दी है। करोड़ों नागरिकों के जीवन में आये बदलाव ने शासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत किया है।</p>
<p>मोदी सरकार की एक दशक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रस्ताव में कहा गया है, बीते एक दशक में 25 करोड़ से अधिक नागरिकों को गरीबी से बाहर निकालकर देश ने असंभव समझे जाने वाले काम को संभव करके दिखाया है। ऐसे अनेक कीर्तिमानों के पीछे सरकार की दूरगामी सोच, व्यापक परिकल्पना और अथक परिश्रम रहा है। आयुष्मान भारत के माध्यम से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोडऩे का गौरव देश ने हासिल किया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत करीब 80 करोड़ नागरिकों तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाकर भुखमरी के अभिशाप का अंत किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण से करोड़ों परिवारों और महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन मिला है। ये सभी आंकड़े शासन की उस दिशा का संकेत हैं जहां नीति का अंतिम उद्देश्य नागरिक का जीवन सरल बनाना रहा है। इसी तरह चार करोड़ से अधिक घरों के निर्माण से करोड़ों परिवारों को सिर पर छत और सुरक्षा मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के माध्यम से लगभग 16 करोड़ नागरिकों तक पीने के पानी की पहुंच बनी है। </p>
<p>प्रस्ताव में कहा गया है,केंद्रीय मंत्रिमंडल भारत की अर्थव्यवस्था में आये व्यापक परिवर्तनों को एक सतत सुधार-यात्रा के रूप में देखता है। मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के मंत्र के साथ जीएसटी, डीबीटी और डिजिटल इंडिया जैसे सुधारों ने शासन को अधिक पारदर्शी, अधिक सक्षम और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया है। टैक्स मामलों में फेसलेस जांच की प्रक्रिया से ईमानदारी को बढ़ावा मिला है, और आम नागरिकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत आज विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना सशक्त स्थान बना चुका है। मंत्रिमंडल यह दृढ़ संकल्प लेता है कि सेवा तीर्थ की नई ऊर्जा और रिफॉर्म एक्सप्रेस की तीव्र गति से, हम निकट भविष्य में विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान सुनिश्चित करने का संकल्प पूरा करेंगे।</p>
<p>प्रस्ताव में कहा गया है, आज केंद्रीय मंत्रिमंडल स्वयं को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के प्रति पुन: समर्पित करता है। यह एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय यात्रा है, जिसमें आज लिये गये निर्णय आने वाली पीढिय़ों के भविष्य का स्वरूप तय करेंगे। सेवा तीर्थ में हो रही यह पहली बैठक हमें यह स्मरण कराती है कि विकास का लक्ष्य जितना बड़ा है, उसके प्रति हमारी जिम्मेदारी उतनी ही गहरी होनी चाहिए।</p>
<p>नए प्रधानमंत्री कार्यालय के बारे में प्रस्ताव में कहा गया है, यह परिसर केवल एक आधुनिक कार्यस्थल नहीं है। यह शासन की नयी कार्य-संस्कृति का भी प्रतीक है। यहाँ की आधुनिक तकनीक और दक्ष कार्यप्रणाली के माध्यम से सरकार की कार्यक्षमता नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। यहां से चलने वाली प्रत्येक फाइल, और यहां कार्य करने वाला प्रत्येक कर्मयोगी, इस भाव से प्रेरित होगा कि उसका कार्य देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने से जुड़ा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल यह संकल्प लेता है कि यह संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और सुधारों की उस निरंतर यात्रा को गति देगा, जिसे देश ने बीते वर्षों में अनुभव किया है। </p>
<p>सेवा संकल्प में कहा गया है, मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक इस विश्वास को और सुदृढ़ करती है कि सही नीति, नेक नीयत और सही नेतृत्व से विकसित भारत के निर्माण का पथ निरंतर प्रकाशित होता रहेगा। सेवा तीर्थ से संचालित कार्य-संस्कृति भारत को एक समर्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने का आधार बनेगी।</p>
<p>प्रस्ताव का समापन इस प्रतिबद्धता के साथ किया गया है केंद्रीय मंत्रिमंडल, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, सेवा तीर्थ को संवेदनशील, उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित शासन का एक वैश्विक उदाहरण बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। मंत्रिमंडल यह संकल्प लेता है कि 2047 तक भारत को एक समृद्ध, समर्थ और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की यात्रा में यह परिसर राष्ट्रीय आकांक्षाओं का सशक्त केंद्र बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 18:25:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के लिए पाकिस्तान ने फिर बंद किया एयरस्पेस: एक महीने और बढ़ाई पाबंदी, भारतीय एयरलाइंस को हो रहा बड़ा घाटा</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने एआई-जनित डीपफेक को नियंत्रित करने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भ्रामक कंटेंट की शिकायत पर उसे 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pakistan-again-closes-airspace-for-india-for-one-more-month/article-143865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/india-and-pakistan.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने भारत में रजिस्टर्ड विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने की समय सीमा एक महीने बढ़ा दी है। अब यह पाबंदी 23 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। इस दौरान भारत में रजिस्टर्ड कोई भी नागरिक या सैन्य विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर सकेगा। पाकिस्तान ने यह ऐलान तब किया है, जब मई 2025 में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य झड़प के बाद तनाव चरम पर है। भारत ने भी पाकिस्तान में रजिस्टर्ड विमानों के भारतीय हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने पर रोक लगाई हुई है। इन प्रतिबंधों के कारण दोनों देशों की एयरलाइनों को लंबी रूट से उड़ान भरना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>पाक ने नोटिस जारी कर क्या कहा?</strong></p>
<p>पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने इस संबंध में एक नया नोटिस टू एयरमेन (नोटम) भी जारी किया है। इसके अनुसार, इस दौरान सभी भारतीय-रजिस्टर्ड सिविल और मिलिट्री विमानों के पाकिस्तान के एयरस्पेस से गुजरने पर रोक रहेगी। यह बैन, जो पहली बार 23 अप्रैल, 2025 को लगाया गया था, अब लगभग 10 महीने से लागू है। पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया, जिसके बाद नई दिल्ली ने 30 अप्रैल को पाकिस्तानी एयरलाइनों पर भी इसी तरह की पाबंदियां लगा दीं।</p>
<p><strong>हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से किसे ज्यादा नुकसान?</strong></p>
<p>हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर पाबंदी लगने के कारण दोनों देशों की एयरलाइनों को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। इस कारण उनकी ऑपरेशनल कॉस्ट और फ्लाइट रूट बढ़ गए हैं। हालांकि, इसका ज्यादा नुकसान भारत को हो रहा है। इसका प्रमुख कारण भारत में हवाई उड़ानों का बाजार पाकिस्तान से ज्यादा बड़ा होना है। पाकिस्तान भारत के मुकाबले काफी गरीब है और वहां ज्यादातर लोग महंगे किराए के कारण हवाई सफर नहीं कर पाते हैं। भारत के प्रमुख हवाई गंतव्यों में मध्य पूर्व के देश शामिल हैं। ऐसे में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर जाने में भारतीय एयरलाइंस को कम खर्च करना पड़ता है।</p>
<p><strong>एयर इंडिया को सबसे ज्यादा नुकसान</strong></p>
<p>एयर इंडिया ने पिछले साल भारत सरकार को एक चिट्ठी लिखकर आशंका जताई थी कि अगर पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध 1 साल तक जारी रहता है तो इससे लगभग 600 मिलियन डॉलर का घाटा हो सकता है। उसने भारतीय सरकार से इस नुकसान की भरपाई करने का अनुरोध किया था। एयरलाइन ने सरकार से आर्थिक नुकसान के अनुपात में सब्सिडी मॉडल की मांग की थी।</p>
<p><strong>भारत पाक तनाव अब भी जारी?</strong></p>
<p>भारत और पाकिस्तान आजादी के बाद से ही एक दूसरे के दुश्मन हैं। हालांकि, अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को तहस-नहस कर दिया, बल्कि उन्हें बचाने आई पाकिस्तानी सेना को भी जबरदस्त सबक सिखाया। भारत ने सिंधु जल संधि को भी निलंबित कर दिया है और बाघा-अटारी सीमा के जरिए लोगों की आवाजाही भी प्रतिबंधित की हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:33:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आज से एआई वीडियो पर सख्ती AI-Generated का लेबल अनिवार्य: नए आईटी एक्ट में एआई वीडियो, फर्जी और डीपफेक कंटेंट पर लगेगी लगाम, सरकार ने 10 फरवरी को जारी किए थे नए नियम</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने एआई-जनित डीपफेक को नियंत्रित करने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भ्रामक कंटेंट की शिकायत पर उसे 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/from-today-strictness-on-ai-videos-ai-generated-label-mandatory-new/article-143863"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/ai-video.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वीडियो, खासकर डीपफेक और मॉर्फ्ड कंटेंट, को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने नए आईटी नियमों के तहत सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों और आईटी नियम 2021 में किए गए संशोधनों के आधार पर लागू किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य एआई तकनीक के दुरुपयोग, फर्जी खबरों और डीपफेक वीडियो के प्रसार पर रोक लगाना है। भारत सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डीपफेक और भ्रामक कंटेंट के बढ़ते खतरों को देखते हुए आईटी नियम 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। फरवरी 2026 में जारी नई गाइडलाइंस के तहत एआई से बने वीडियो को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं। </p>
<p><strong>एआई डीपफेक को लेकर सरकार के नए नियम</strong></p>
<p>केंद्र सरकार ने AI-Generated कंटेंट को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए, जिनका पालन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को करना होगा। सरकार ने 10 फरवरी को नए नियम जारी किए हैं, जो 20 फरवरी से लागू होंगे। केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधन किया है। इन नियमों के तहत अब अक से बने या बदले गए कंटेंट को भारत के डिजिटल कानूनों के दायरे में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>3 घंटे में हटेगा फर्जी गलत अक कंटेंट</strong></p>
<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक या भ्रामक अक कंटेंट को तीन घंटे के अंदर हटाना होगा। अब 36 घंटे की जगह, सिर्फ 3 घंटे में एक्शन लेना होगा। इसके अलावा 15 दिन की विंडो घटाकर 7 दिन कर दी गई है और  24 घंटे की डेडलाइन को घटाकर 12 घंटे किया गया है।</p>
<p><strong>किन वीडियो पर यह नियम नहीं लागू होंगे? </strong></p>
<p>सभी एआई वीडियो पर लेबल लगाना जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में छूट दी गई है:<br />रूटीन एडिटिंग : वीडियो की क्वालिटी सुधारने, कलर एडजस्टमेंट, बैकग्राउंड नॉइज कम करने, या क्रॉप करने जैसे मामूली बदलावों पर यह नियम लागू नहीं होगा।<br />शैक्षिक/तकनीकी उद्देश्य : यदि एआई का उपयोग केवल सीखने-सिखाने के उद्देश्य, दस्तावेज बनाने या वीडियो के तकनीकी पहलुओं (जैसे सबटाइटल) को बेहतर बनाने के लिए किया गया है और उससे कोई गलतफहमी पैदा नहीं होती है।<br />गैर-भ्रामक सामान्य सुधार: जो बदलाव कंटेंट का अर्थ नहीं बदलते, उन्हें छूट है। <br />फिल्म, वेब सीरीज या मनोरंजन के लिए बनाए गए एआई इफेक्ट्स, यदि स्पष्ट रूप से काल्पनिक हों, तो उन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।<br />व्यंग्य, पैरोडी या कलात्मक प्रस्तुति, जिसमें किसी को भ्रमित करने का इरादा न हो, नियमों के दायरे से बाहर मानी जा सकती है।<br />हालांकि, यदि इन श्रेणियों के वीडियो भी किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, निजता या सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं, तो उन पर कार्रवाई संभव होगी।</p>
<p><strong>नियम न मानने पर क्या होगा?</strong></p>
<p>यदि कोई प्लेटफॉर्म इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा (जिसके तहत प्लेटफॉर्म्स पर यूजर के कंटेंट के लिए कानूनी कार्रवाई नहीं होती) छीन ली जा सकती है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर प्लेटफॉर्म्स इन नए नियमों के तहत एआई कंटेंट पर कार्रवाई करते हैं, तो धारा 79 के तहत मिलने वाली सुरक्षा उन पर लागू रहेगी यानी वे केवल यूजर के पोस्ट के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराए जाएंगे।</p>
<p><strong>यह क्यों किया जा रहा है? </strong></p>
<p>डीपफेक पर लगाम: मशहूर हस्तियों और सामान्य लोगों के चेहरे/आवाज का इस्तेमाल कर बनाए जा रहे फर्जी वीडियो से देश में अव्यवस्था और बदनामी फैल रही थी।<br />पारदर्शिता: सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल दुनिया में यूजर को यह पता चले कि वह असली वीडियो देख रहा है या एआई से बना नकली। </p>
<p><strong>नए आईटी नियमों (एआई वीडियो के लिए गाइडलाइन) में क्या है? </strong></p>
<p>अनिवार्य लेबलिंग : एआई या किसी अन्य तकनीक से बने फोटो, वीडियो या आॅडियो (जिसे सिंथेटिक कंटेंट कहा गया है) पर अब स्पष्ट और प्रमुख रूप से AI-Generated का लेबल लगाना अनिवार्य है।<br />3 घंटे में हटाया जाएगा : कोई एआई-जनित वीडियो या डीपफेक किसी की मानहानि करता है, अश्लील या भ्रामक है, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सरकार या कोर्ट के आदेश के बाद 3 घंटे के भीतर हटाना होगा।<br />यूजर की जवाबदेही: कंटेंट अपलोड करते समय यूजर को खुद बताना होगा कि क्या सामग्री एआई-जनित है। प्लेटफॉर्म्स को भी इसे चेक करना होगा।<br />अनट्रेसेबल मेटा डेटा : प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि एआई कंटेंट में ऐसी जानकारी हो जिससे यह पता चले कि यह असली नहीं है। <br />चुनाव, दंगा, सांप्रदायिक तनाव या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भ्रामक वीडियो को तुरंत ब्लॉक किया जाए।<br />शिकायत निवारण तंत्र: हर प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारत में नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा।<br />डीपफेक पर सख्ती: किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी छवि या आवाज का एआई से उपयोग करने पर कार्रवाई की जाएगी।<br />बच्चों से जुड़ा कंटेंट: नाबालिगों से संबंधित एआई वीडियो पर विशेष निगरानी और त्वरित हटाने की व्यवस्था लागू होगी। बच्चों के मामले में सरकार अधिक संवेदनशील और सख्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:25:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई इम्पैक्ट समिट 2026: दिल्ली पहुंचे गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, 20 फरवरी को समिट में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[गूगल सीईओ सुंदर पिचाई 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। वह 20 फरवरी को भारत मंडपम में एआई के भविष्य और वैश्विक सहयोग पर मुख्य भाषण देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trending-today/ai-impact-summit-2026-google-ceo-sundar-pichai-reaches-delhi/article-143637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/google-ceo-sundar-pichai.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। वह 20 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में मुख्य भाषण देंगे। सुंदर पिचाई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर अच्छा लग रहा है। उन्होंने आयोजकों को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। यह शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि भारत वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पीएम मोदी ने इस सम्मेलन के साथ ही इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का भी शुभारंभ किया और प्रदर्शनी परिसर का दौरा कर स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा अत्याधुनिक एआई नवाचारों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल देखे। सुंदर पिचाई का कीनोट संबोधन 20 फरवरी को सुबह 9:30 बजे निर्धारित है, जिसे सम्मेलन के सबसे प्रतीक्षित सत्रों में से एक माना जा रहा है। </p>
<p>इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख भाग ले रहे हैं। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा, यूनान के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जाएद अल नहयान शामिल हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 एक वैश्विक मंच के रूप में उभरा है, जिसमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उद्योग जगत, शोधकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधि समावेशी एवं नैतिक एआई विकास पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। </p>
<p>भारत सरकार यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इंडिया एआई मिशन के माध्यम से कर रही है। सम्मेलन में पूर्ण सत्र, पैनल चर्चा, कार्यशालाएं, हैकाथॉन और एआई एक्सपो शामिल हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Trending Today</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 14:08:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई शिखर सम्मेलन को लेकर राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला; बोलें-सरकार ने सम्मेलन को बना दिया तमाशा, चीन उठा रहा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एआई समिट को 'पीआर तमाशा' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भारतीय प्रतिभा के बजाय चीन और विज्ञापन को बढ़ावा दे रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/rahul-gandhis-sharp-attack-on-the-center-regarding-ai-summit/article-143640"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/rahul.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) शिखर सम्मेलन को लेकर मोदी सरकार पर बुधवार को हमला किया और कहा कि इस वैश्विक मंच का लाभ उठाने की बजाय मोदी सरकार अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल कर इसका तमाशा बना रही है।</p>
<p>राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सम्मेलन से भारतीय प्रतिभाओं को लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन सरकार पूरे शिखर सम्मेलन को अव्यस्थित कर इसे जनसंपर्क का तमाशा बना दिया है और सम्मेलन में चीन अब इसका लाभ उठा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, भारत की प्रतिभा और डेटा का लाभ उठाने के बजाय, एआई शिखर सम्मेलन एक अव्यवस्थित जनसंपर्क तमाशा बन गया है, भारतीय डेटा बिक्री के लिए पेश किया जा रहा है और चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/rahul-gandhis-sharp-attack-on-the-center-regarding-ai-summit/article-143640</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 13:25:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी का दावा, बोलें-एआई समिट के नतीजे प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य का करेंगे निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में पांच दिवसीय 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया। उन्होंने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' थीम के साथ मानवता के कल्याण हेतु सुरक्षित तकनीक पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-claim-the-results-of-the-ai-summit-will/article-143330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार से यहां शुरू हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन 'ए आइ इम्पैक्ट समिट' में हिस्सा लेने वाले दुनिया भर के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जतायी है कि इस सम्मेलन के नतीजे के प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य के निर्माण में सहायक होंगे ।</p>
<p>बीस फरवरी तक चलने वाले इस पांच दिन के सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने सिलसिलेववार पोस्ट में कहा कि इस सम्मेलन की विषय वस्तु 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय', यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, मानव केन्द्रीत प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, आज से भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है। मैं इस समिट के लिए दुनिया भर के लीडर्स, इंडस्ट्री के कैप्टन्स, इनोवेटर्स, पॉलिसीमेकर्स, रिसर्चर्स और टेक के शौकीनों का दिल से स्वागत करता हूं। समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, जो ह्यूमन-सेंट्रिक प्रोग्रेस के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के हमारे साझा कमिटमेंट को दिखाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, आज एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई क्षेत्रों को बदल रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट एआई के अलग-अलग पहलुओं, जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदारी से इस्तेमाल और भी बहुत कुछ पर वैश्चिक बातचीत को बेहतर बनाएगा। मुझे विश्वास है कि समिट के नतीजे एक ऐसे भविष्य को बनाने में मदद करेंगे जो प्रोग्रेसिव, इनोवेटिव और मौकों पर आधारित हो।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, भारत के 1.4 अरब लोगों की बदौलत, हमारा देश एआई बदलाव में सबसे आगे है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एक वाइब्रेंट स्टार्टअप इकोसिस्टम और कटिंग-एज रिसर्च तक, एआई में हमारी तरक्की एम्बिशन और जिम्मेदारी दोनों को दिखाती है।</p>
<p>इससे पहले उन्होंने एक और पोस्ट में कहा, यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 18:41:36 +0530</pubDate>
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