<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/middle-east/tag-35590" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Middle East - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/35590/rss</link>
                <description>Middle East RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रंप की बड़ी घोषणा: जल्द खत्म हो सकता है युद्ध, समझौते को लेकर ईरान के साथ बातचीत सफल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने पर सकारात्मक चर्चा हुई है। व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा कि ईरान अब समझौता करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रंप के अनुसार, पिछले दो महीनों से जारी तनाव के बाद अब एक स्थायी शांति संधि की प्रबल संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-may-end-soon-talks-with-iran-regarding/article-152967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध समाप्त करने को लेकर ईरान के साथ अच्छी बातचीत हुई है। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका की ईरान के साथ उस युद्ध को खत्म करने को लेकर बहुत अच्छी बातचीत हुई है, जो दो महीने से ज़्यादा समय से चल रहा है। उन्होंने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं। पिछले 24 घंटों में हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई है और यह पूरी तरह मुमकिन है कि हम कोई समझौता कर लें।" ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका अभी ईरान को छोड़ देता है, तो देश को फिर से खड़ा होने में 20 साल लग जाएँगे, क्योंकि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल के हमलों से उसे भारी नुकसान पहुँचा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-may-end-soon-talks-with-iran-regarding/article-152967</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-may-end-soon-talks-with-iran-regarding/article-152967</guid>
                <pubDate>Thu, 07 May 2026 11:06:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/trumpp.png"                         length="1153283"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने की पुतिन से मुलाकात : एकजुटता और समर्थन का वादा, इन मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की। अराघची ने क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच रूस द्वारा दिए गए कूटनीतिक समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को गहरा करने और चुनौतीपूर्ण समय में एकजुटता बनाए रखने का संकल्प दोहराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-araghchi-met-putin-promised-solidarity-and-diplomatic/article-151911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(4)23.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात की और एकजुटता दिखाने और कूटनीति समर्थन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। अराघची ने सोमवार को सेंट पीटर्सबर्ग में पुतिन से यह मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर कहा, "इस इलाके में बड़े उतार-चढ़ाव के बीच रूस के साथ उच्चतम स्तर पर बातचीत करके खुशी हो रही है।</p>
<p>हाल की घटनाओं ने हमारी रणनीतिक साझेदारी की गहराई और मजबूती को दिखाया है। जैसे-जैसे हमारा रिश्ता बढ़ रहा है, हम एकजुटता के लिए शुक्रगुजार हैं और कूटनीति के लिए रूस के समर्थन का स्वागत करते हैं।" उन्होंने पुतिन और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अपनी तस्वीरें भी साझा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-araghchi-met-putin-promised-solidarity-and-diplomatic/article-151911</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-foreign-minister-araghchi-met-putin-promised-solidarity-and-diplomatic/article-151911</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 12:34:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%29-%284%2923.png"                         length="1344496"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-पाकिस्तान वार्ता : मॉस्को रवाना हुए Abbas Araghchi ; पुतिन से करेंगे अहम मुलाकात, मध्यस्थता प्रयासों के बीच अमेरिका से वार्ता जारी रखने पर चर्चा </title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान, ओमान और रूस के साथ गहन कूटनीतिक चर्चा की है। अमेरिका के साथ संवाद बहाली और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए, वे अब मास्को में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना और वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-pakistan-talks-abbas-araghchi-leaves-for-moscow-will-have-an/article-151885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran7.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को कहा कि उनकी पाकिस्तान यात्रा के दौरान कई मध्यस्थों की भागीदारी वाले क्षेत्रीय राजनयिक प्रयासों के बीच अमेरिका के साथ बातचीत को निरंतर जारी रखे जाने को लेकर पाकिस्तान के साथ चर्चा की गयी है। अराघची ने टेलीग्राम पर लिखा, "पाकिस्तान में मेरे दोस्तों के साथ मेरी अच्छी बातचीत हुई और यह दौरा सफल रहा। हमने इस बात पर चर्चा की कि किन परिस्थितियों में और किस तरह से बातचीत जारी रखी जा सकती है।"</p>
<p>क्षेत्रीय स्तर पर समानांतर परामर्श के दौरान, अराघची ने ओमान में हुई चर्चाओं का भी उल्लेख किया जहां ईरानी और ओमानी अधिकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हो रहे घटनाक्रमों पर बात की। उनका कहना है कि दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा पर समान रुख अपनाया और इस मुद्दे पर विशेषज्ञ स्तर का संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। ईरानी विदेश मंत्री आगे की बातचीत के लिए मास्को रवाना हुए हैं। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वह सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे और वार्ता की वर्तमान स्थिति, युद्धविराम से संबंधित घटनाक्रम और व्यापक क्षेत्रीय स्थितियों पर चर्चा करेंगे।</p>
<p>हाल के वर्षों में रूस और ईरान के राजनीतिक और रणनीतिक संबंध मजबूत हुए हैं खासकर तब जब दोनों देश व्यापक पश्चिम देशों के प्रतिबंधों के साए में हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि चर्चा में मध्यस्थता प्रयासों और चल रहे क्षेत्रीय संघर्षों पर अद्यतन जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा, ओमान के अधिकारियों ने यह भी कहा कि श्री अराघची के साथ हुई चर्चा में क्षेत्रीय स्थिरता, होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा और तनाव कम करने के उद्देश्य से चल रहे मध्यस्थता प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया गया। ओमान के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में चल रहे संकटों के लिए संवाद और राजनयिक समाधानों के महत्व पर बल दिया।</p>
<p>ये राजनयिक प्रयास ऐसे समय में किए जा रहे हैं जब अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ क्षेत्र में पहले के संघर्ष संबंधी तनावों और प्रत्यक्ष वार्ता में लंबे समय तक विराम के बाद ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क बनाए रखने के प्रयास जारी रखे हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-pakistan-talks-abbas-araghchi-leaves-for-moscow-will-have-an/article-151885</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-pakistan-talks-abbas-araghchi-leaves-for-moscow-will-have-an/article-151885</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:26:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iran7.png"                         length="801228"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होर्मुज़ में तनाव जारी : केमिकल टैंकर पर ईरान की कार्रवाई, 12 भारतीय क्रू सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी कोस्ट गार्ड ने ओमान के पास टोगो ध्वज वाले केमिकल टैंकर को चेतावनी स्वरूप फायरिंग के बाद जब्त कर लिया। जहाज पर सवार 12 भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय मंत्रालय स्थिति पर नजर रख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/tension-continues-in-hormuz-irans-action-on-chemical-tanker-12/article-151886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran--india.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने टोगो के झंडे वाले एक केमिकल टैंकर को ओमान के शिनास बंदरगाह के बाहरी क्षेत्र के पास रोक लिया। इस जहाज पर 12 भारतीय नागरिक सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बताया गया है। भारत के पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, सभी भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, “एमटी चिरोन” नामक यह टैंकर अन्य जहाजों के साथ आगे बढ़ रहा था, तभी ईरानी कोस्ट गार्ड ने उसे रोकते हुए चेतावनी के तौर पर फायरिंग की। घटना के बाद जहाज को नियंत्रण में ले लिया गया।</p>
<p>मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रमों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान पहले भी सख्त रुख अपनाता रहा है। ईरानी नौसेना ने साफ किया है कि उसकी अनुमति के बिना किसी जहाज को इस मार्ग से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हाल के दिनों में कई जहाजों को रोके जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/tension-continues-in-hormuz-irans-action-on-chemical-tanker-12/article-151886</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/tension-continues-in-hormuz-irans-action-on-chemical-tanker-12/article-151886</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:02:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iran--india.png"                         length="555912"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान-अमेरिका वार्ता पर तनाव : ईरानी प्रवक्ता इब्राहिम रजाई का कड़ा रुख, बोले-मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के पास नहीं है आवश्यक विश्वसनीयता</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी संसद ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के पास अमेरिका के साथ बातचीत के लिए आवश्यक विश्वसनीयता नहीं है। प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने कहा कि इस्लामाबाद डोनाल्ड ट्रंप के हितों के आगे निष्पक्ष रहने में विफल रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और ऊर्जा युद्ध के बीच, ईरान ने सीधी बातचीत से इनकार करते हुए तटस्थ मध्यस्थ की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-on-iran-america-talks-iranian-spokesperson-takes-a-tough-stance/article-151845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pakistan3.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी संसद के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने सोमवार को ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता को लेकर पाकिस्तान की मध्यस्थता पर कड़ी आलोचना करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि 'मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के पास आवश्यक विश्वसनीयता नहीं है।' सांसद ने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद 'हमेशा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हितों का ध्यान रखता है और अमेरिकियों की इच्छा के विरुद्ध एक शब्द भी नहीं बोलता। पाकिस्तान हमारा एक अच्छा दोस्त और पड़ोसी है, लेकिन वह बातचीत के लिए उपयुक्त मध्यस्थ नहीं है।' उन्होंने कहा कि ईरान का मानना है कि एक मध्यस्थ को निष्पक्ष होना चाहिए और दोनों पक्षों को असहज सच बोलने के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसमें पाकिस्तान विफल रहा है।</p>
<p>रजाई के अनुसार, पाकिस्तान यह सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि अमेरिका ने शुरू में प्रस्ताव स्वीकार किया और फिर उससे पीछे हट गया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान लेबनान और ईरान की रुकी हुई वित्तीय संपत्तियों के संबंध में अमेरिका को उसकी प्रतिबद्धताओं के लिए जवाबदेह ठहराने में विफल रहा है। सबसे गंभीर आरोप उस 10-सूत्रीय वार्ता ढांचे को लेकर है, जिसे ईरान का दावा है कि तेहरान यात्रा के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को सीधे सौंपा गया था। ईरान के अनुसार, जनरल मुनीर को यह प्रस्ताव इस समझ के साथ दिया गया था कि इसे अमेरिकी पक्ष तक पहुँचाया जाएगा, लेकिन ईरान का कहना है कि उसे अब तक कोई प्रतिक्रिया या पावती नहीं मिली है।</p>
<p>यह कूटनीतिक तनाव 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष की पृष्ठभूमि में सामने आया है। इस युद्ध ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया कि यदि ईरान बात करना चाहता है, तो उन्हें बस फोन करना चाहिए, लेकिन अमेरिका अब इस्लामाबाद में वरिष्ठ वार्ताकार नहीं भेजेगा। पाकिस्तान की मुस्लिम जगत के शांति मध्यस्थ बनने की महत्वाकांक्षा को इस कूटनीतिक गतिरोध से बड़ा झटका लगा है। ईरान का संदेश स्पष्ट है- तटस्थता दिखाई देनी चाहिए, केवल उसका दावा करना पर्याप्त नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-on-iran-america-talks-iranian-spokesperson-takes-a-tough-stance/article-151845</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/tension-on-iran-america-talks-iranian-spokesperson-takes-a-tough-stance/article-151845</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:53:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/pakistan3.png"                         length="1292525"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान ने रूस और कई अन्य देशों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के शुल्क में दी छूट, मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा : जलाली</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए रूस जैसे सहयोगी देशों को शुल्क में छूट दी है। अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान ने सुरक्षा लागत के नाम पर पहली बार राजस्व जुटाया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और एलपीजी आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिस पर फिलहाल तनाव बरकरार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-exempted-russia-and-many-other-countries-from-the-strait/article-151528"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kajem-jalali.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान ने रूस सहित कई देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने के लिए लगने वाले ट्रांज़िट शुल्क में छूट दी है। रूस में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने न्यूज एजेंसी स्पूतनिक को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि ईरान की संसद के प्रथम उपाध्यक्ष हामिद रज़ा हाजी बाबाई ने गुरुवार को बताया था कि ईरान को पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के शुल्क से राजस्व प्राप्त हुआ है और यह राशि देश के केंद्रीय बैंक में जमा कर दी गयी है।</p>
<p>वहीं जलाली से जब पूछा गया कि क्या ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के शुल्कों में कोई छूट दी है, तो उन्होंने कहा, "हमने फिलहाल कुछ देशों को छूट दी है, लेकिन मुझे नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा। हालांकि, हमारा विदेश मंत्रालय अभी उन छूटों को लागू करने की कोशिश कर रहा है, जो रूस जैसे मित्र देशों के लिए सोची गयी हैं।" उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इज़रायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली लागत का हवाला देते हुए, शुल्क लगाने की योजना की घोषणा की थी। अब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक के लिए बंद कर दिया है, जब तक कि अमेरिका द्वारा लगाई गयी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह से हटा नहीं ली जाती।</p>
<p>ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल की आक्रामकता ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों तक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलपीजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, और इस अवरोध ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन पर भी असर डाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-exempted-russia-and-many-other-countries-from-the-strait/article-151528</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-exempted-russia-and-many-other-countries-from-the-strait/article-151528</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:16:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/kajem-jalali.png"                         length="546828"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा: तीन हफ़्तों के लिए और बढ़ा इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम, नेतन्याहू और जोसेफ आउन के बीच शिखर सम्मेलन की मेजबानी की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद ट्रंप ने हिज़्बुल्लाह के विरुद्ध लेबनान की रक्षा का संकल्प लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-announcement-extends-the-ceasefire-between-israel-and-lebanon/article-151524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम को तीन हफ़्तों के लिए बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को यह घोषणा की। यह फ़ैसला व्हाइट हाउस के ओवल ऑफ़िस में श्री ट्रम्प, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैन्स, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, इज़रायल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी, लेबनान में अमेरिका के राजदूत मिशेल ईसा और इज़रायल तथा लेबनान के कई उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के बीच हुई एक बैठक में लिया गया।</p>
<p>ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर कहा, "बैठक बहुत अच्छी रही।" उन्होंने कहा कि अमेरिका लेबनान को हिज़्बुल्लाह से रक्षा करने में मदद करने के लिए उसके साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि वह "निकट भविष्य" में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन की बैठक की मेज़बानी करने के लिए उत्सुक हैं, हालाँकि उन्होंने इसकी तारीख़ की घोषणा नहीं की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-announcement-extends-the-ceasefire-between-israel-and-lebanon/article-151524</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-announcement-extends-the-ceasefire-between-israel-and-lebanon/article-151524</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:51:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trump3.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लेबनान में हालात तनावपूर्ण : इजरायली हमले में एक पत्रकार सहित पांच लोगों की मौत, बचाव औरा राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण लेबनान के अत-तिरी गांव में इजरायली हवाई हमलों में महिला पत्रकार अमल खलील और चार अन्य की मौत हो गई। लेबनान के प्रधानमंत्री ने पत्रकारों और राहत दलों को निशाना बनाने को 'युद्ध अपराध' करार दिया है। हिज्बुल्ला से जुड़े ठिकानों पर हमले के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानकों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/situation-tense-in-lebanon-five-people-including-a-journalist-killed/article-151431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/एक-पत्रकार.png" alt=""></a><br /><p>बेरूत। लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में इजरायल के हमलों में एक पत्रकार सहित पांच लोगों की मौत हो गयी है। राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, पहला हमला दक्षिण लेबनान के अत-तिरी गांव में एक कार पर किया गया, जिसमें सवार दो लोगों की मौत हो गयी। इजरायली सेना ने कहा कि उसने दक्षिण लेबनान में दो वाहनों को निशाना बनाया, जो हिज्बुल्ला से जुड़े एक सैन्य ढांचे से निकले थे। इसके बाद उसी गांव में एक इमारत पर हुए हवाई हमले में एक महिला पत्रकार मलबे में दब गयी। स्थानीय समाचार संस्था में कार्यरत पत्रकार अमल खलील को बाद में मृत पाया गया, जिसकी पुष्टि उनके संस्थान ने की।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, खलील और उनकी सहकर्मी ज़ैनब फराज पहले हमले के स्थल पर कवरेज के लिए पहुंची थीं। कई घंटों तक राहतकर्मी और रेड क्रॉस की टीमें वहां पहुंचने की कोशिश करती रहीं, लेकिन इजरायल के लगातार हमलों के कारण उन्हें बाधाओं का सामना करना पड़ा। ज़ैनब फराज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी शल्य चिकित्सा की आवश्यकता बतायी गयी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आरोप लगाया कि पत्रकारों के शरण लेने के बाद जिस इमारत में वे मौजूद थे, उसे निशाना बनाया गया।</p>
<p>इस बीच, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इन हमलों को युद्ध अपराध करार देते हुए कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाना और राहत दलों को बाधित करना अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन है। सलाम ने एक्स पर लिखा, "पत्रकारों को निशाना बनाना, बचाव टीमों को उन तक पहुंचने से रोकना, और फिर उन टीमों के पहुंचने के बाद उन्हें दोबारा निशाना बनाना, ये सभी 'युद्ध अपराध' की श्रेणी में आते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/situation-tense-in-lebanon-five-people-including-a-journalist-killed/article-151431</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/situation-tense-in-lebanon-five-people-including-a-journalist-killed/article-151431</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:28:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0.png"                         length="1562164"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिकी नौसेना प्रमुख ने दिया त्यागपत्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ थे अच्छे संबंध : युद्ध विभाग ने की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी नौसेना प्रमुख जॉन फेलन ने युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ मतभेदों के चलते तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। हंग काओ कार्यवाहक प्रमुख होंगे। यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक घेराबंदी कर रखी है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ी सफलता बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-navy-chief-resigns-amid-west-asia-crisis-had-good/article-151407"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/अमेरिकी-नौसेना-प्रमुख.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी नौसेना प्रमुख जॉन फेलन ने त्यागपत्र दे दिया है। इसकी जानकारी अमेरिका के युद्ध विभाग ने दी। विभाग ने बुधवार को एक बयान में कहा, "नौसेना प्रमुख जॉन सी. फेलन तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं।” बयान में कहा गया है कि उप प्रमुख हंग काओ नौसेना के कार्यवाहक प्रमुख के रूप में सेवा देंगे। एक्सियोस समाचार पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, फेलन की विदाई कई लोगों के लिये आश्चर्यजनक रही। उनके संबंध युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ ‘ठीक नहीं’ थे, लेकिन कथित तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके संबंध अच्छे थे।</p>
<p>समाचार पोर्टल ने एक सूत्र के हवाले से कहा, “फेलन यह नहीं समझ पाये कि वह सर्वोच्च अधिकारी नहीं थे। उनका काम दिये गये आदेशों का पालन करना है, न कि उन आदेशों का पालन करना जो उनके अनुसार दिये जाने चाहिये। ” फेलन ने मंगलवार को नौसेना के भविष्य और 'गोल्डन फ्लीट' पहल सहित इसके प्रमुख निवेशों पर चर्चा करने के लिये संवाददाताओं से बात की थी। फेलन का त्यागपत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है। अमेरिकी नौसेना ने 13 अप्रैल को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों ओर ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले सभी समुद्री यातायात की घेराबंदी शुरू कर दी है। दुनिया के तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।</p>
<p>अमेरिका का कहना है कि गैर-ईरानी जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिये स्वतंत्र हैं, जब तक कि वे तेहरान को मार्ग कर नहीं देते। ईरानी अधिकारियों ने मार्ग कर लगाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन ऐसी योजनाओं पर चर्चा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी घेराबंदी को ‘एक जबरदस्त सफलता’ बताया है और कहा है कि वाशिंगटन तब तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा, जब तक कि उसके पास ‘अंतिम समझौता’ न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-navy-chief-resigns-amid-west-asia-crisis-had-good/article-151407</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-navy-chief-resigns-amid-west-asia-crisis-had-good/article-151407</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:04:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96.png"                         length="1115396"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान ने ट्रंप के युद्धविराम विस्तार को 'चाल' बताकर किया खारिज: कहा-हमने कभी इसकी मांग नहीं की, नौसैनिक नाकेबंदी की निंदा की </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के एकतरफा युद्धविराम विस्तार को 'धोखा' करार देते हुए खारिज कर दिया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को 'युद्ध की कार्रवाई' बताया। ईरान का स्पष्ट रुख है कि जब तक नाकेबंदी खत्म नहीं होती, कोई वार्ता संभव नहीं है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद रहेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-rejected-trumps-ceasefire-extension-as-a-ploy-said/article-151300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran6.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम को एकतरफा बढ़ाने की घोषणा पर शक जाहिर करते हुए कहा है कि यह एक 'चाल' है और उसने कभी इसके लिए दरख्वास्त नहीं की थी। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने 'धमकियों के साये' में युद्धविराम विस्तार या नयी बातचीत की कोई गुजारिश नहीं की है। श्री अराघची ने ईरानी बंदरगाहों की जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की निंदा करते हुए इसे 'युद्ध की कार्रवाई' और मौजूदा युद्धविराम सिद्धांतों का उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा, “ईरान जानता है कि दबंगई का मुकाबला कैसे करना है।”</p>
<p>ईरानी संसद के अध्यक्ष बगर गालिबाफ के वरिष्ठ सलाहकार महदी मोहम्मदी ने युद्धविराम विस्तार को खारिज करते हुए कहा कि ईरान के नजरिये से इसका 'कोई मतलब नहीं' है और इसकी 'कोई वास्तविक अहमियत' नहीं है। उन्होंने इस कदम को 'अचानक हमले' के लिए वक्त हासिल करने की रणनीति बताया और दलील दी कि जो पक्ष इस तरह के दबाव का सामना कर रहा हो, वह शर्तें तय नहीं कर सकता।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर सईद इरावानी ने इस बात पर जोर दिया कि इस्लामाबाद में किसी भी औपचारिक शांति वार्ता में शामिल होने के लिए नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करना ईरान की अनिवार्य शर्त है।इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर (एमएनए) ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम बढ़ाने की मांग नहीं की है। एजेंसी ने ताकत के दम पर अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की धमकियों को फिर दोहराया।</p>
<p>युद्धविराम विस्तार की यह घोषणा युद्ध में हुए कई बड़े घटनाक्रमों के बाद हुई है। हमलों पर रोक के बावजूद ट्रंप ने अमेरिकी सेना को नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखने का निर्देश दिया है, जो ईरान के लिए विवाद का मुख्य मुद्दा बना हुआ है। ट्रंप ने दावा किया कि यह विस्तार आंशिक रूप से ईरानी सरकार में 'गहरी दरार' होने के कारण किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने इस आख्यान को खारिज कर दिया है और स्थायी शांति के लिए खुद की '10-सूत्रीय योजना' पर कायम हैं।</p>
<p>मेहर समाचार एजेंसी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप, जो पिछले कुछ दिनों से बार-बार दावा कर रहे थे कि वह ईरान के साथ युद्धविराम नहीं बढ़ायेंगे, उन्होंने एकतरफा रूप से युद्धविराम विस्तार की घोषणा कर दी। एजेंसी के मुताबिक, ट्रंप को एकतरफा युद्धविराम की घोषणा करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि उन्होंने पहले खुले तौर पर जोर दिया था कि वह किसी भी हाल में युद्धविराम नहीं बढ़ायेंगे और ईरान को इस्लामाबाद वार्ता में हिस्सा लेना ही होगा।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की थी कि अमेरिकी प्रतिनिधि बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं और अगर ईरान सहमत नहीं हुआ तो युद्ध फिर से शुरू हो जायेगा। ईरानी अधिकारियों ने हालांकि चुप्पी साधे रखी है और बातचीत में शामिल होने या न होने के संबंध में किसी आधिकारिक रुख की घोषणा नहीं की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है। एक अन्य अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी, तस्नीम ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से यह भी कहा कि ईरान ने युद्धविराम के विस्तार का अनुरोध नहीं किया था, और ट्रंप की घोषणा के कई मायने हो सकते हैं।</p>
<p>"पहला मतलब यह है कि ट्रंप युद्ध हार चुके हैं। उन्होंने युद्ध के दौरान सभी संभावित परिदृश्यों का परीक्षण और कार्यान्वयन कर लिया है।" इसमें कहा गया है कि श्री ट्रंप जानते हैं कि युद्ध के जरिये उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा, इसलिए वह युद्ध से बाहर निकलने को ही अपने लिए सबसे अच्छा रास्ता मानते हैं। अगर वह युद्ध जारी भी रखते हैं, तब भी उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। तस्नीम ने कहा कि हालांकि इस युद्ध में अमेरिका के लिए कोई उपलब्धि नहीं है, लेकिन ट्रंप हर मुमकिन हथकंडे से धोखा देने सहित कुछ भी कर सकते हैं, जिनमें युद्धविराम का विस्तार भी शामिल है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप युद्धविराम बढ़ाने का दावा कर सकते हैं, लेकिन फिर वही अमेरिकी प्रशासन या इजरायल 'आतंकवादी कदम' उठा सकते हैं। एजेंसी ने कहा कि ईरान ऐसे परिदृश्य को कम कर नहीं आंकता और इस तरह की संभावना पर करीब से नजर रख रहा है।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि अमेरिका युद्ध से पीछे हट जायेगा और इजरायल लेबनान में युद्धविराम के उल्लंघन के बहाने इस जंग में बना रहेगा।अमेरिकी अधिकारियों को हालांकि पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है कि अमेरिका एकतरफा रूप से युद्ध से भाग नहीं सकता और इजरायल को लड़ाई में बनाये नहीं रख सकता। नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहने का मतलब है कि शत्रुता जारी है। जब तक नौसैनिक नाकेबंदी लागू रहेगी, तब तक ईरान कम से कम होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा और अगर जरूरी हुआ तो ताकत के बल पर इस नाकेबंदी को तोड़ देगा।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि अमेरिका ईरान पर युद्ध का साया बनाये रखना चाहता है और ईरान की अर्थव्यवस्था और राजनीति को अधर में रखना चाहता है। तस्नीम ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से कहा, "अमेरिका का मानना है कि ईरान की स्थिति वैसी ही है, जैसी 12 दिवसीय युद्ध के बाद थी। वर्तमान काल में हालांकि एक मौलिक अंतर है और वह है होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण। अगर अमेरिका युद्ध का साया बनाये रखना चाहता है, तो उसे यह जान लेना चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद रहेगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-rejected-trumps-ceasefire-extension-as-a-ploy-said/article-151300</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-rejected-trumps-ceasefire-extension-as-a-ploy-said/article-151300</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:01:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/iran6.png"                         length="1285495"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने की 8 ईरानी महिलाओं की रिहाई की अपील : विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए मिली थी फांसी की सजा, बोले- उन्हें नहीं पहुंचाएं कोई नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में मृत्युदंड का सामना कर रही आठ महिलाओं को छोड़ने का आह्वान करते हुए इसे शांति वार्ता की 'शानदार शुरुआत' बताया। वहीं, ईरान ने जासूसी के आरोप में एक वरिष्ठ अधिकारी को फांसी दे दी है। बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप की यह अपील कूटनीतिक समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-appeals-for-the-release-of-eight-iranian-women-who/article-151298"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trump.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए ईरान में मृत्युदंड की सजा का सामना कर रही आठ महिलाओं को रिहा करने का आह्वान किया है और कहा है कि उनकी रिहाई शांति वार्ताओं की एक 'शानदार शुरुआत' होगी। ट्रंप की यह अपील ईरान के साथ एकतरफा युद्धविराम के विस्तार की घोषणा करने से एक दिन पहले आई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा, "मैं इन महिलाओं की रिहाई की बहुत सराहना करूँगा। कृपया उन्हें कोई नुकसान न पहुँचाएँ! यह हमारी बातचीत की एक शानदार शुरुआत होगी।"</p>
<p>एक संबंधित घटनाक्रम में, ईरानी न्यायपालिका के आधिकारिक मीडिया संस्थान मिजान न्यूज ने बुधवार को बताया कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद ईरान के नागरिक सुरक्षा प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी को फांसी दे दी गई है। मिजान के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सजा बरकरार रखे जाने के बाद अधिकारी मेहदी फरीद को फांसी पर लटका दिया गया। इस अधिकारी ने रक्षा से संबंधित संवेदनशील जानकारी इजराइली खुफिया विभाग को देने की कोशिश करने की बात कबूल की थी।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने मृत्युदंड की सजा पाने वाली इन आठ महिलाओं की तस्वीरों का एक स्क्रीनशॉट साझा किया। हालांकि, इन महिलाओं के नाम और पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। इस तरह की रिपोर्टें हैं कि इन महिलाओं को जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने या चल रहे संघर्ष के दौरान दुश्मन की मदद करने के संदेह में फांसी का सामना करना पड़ रहा है। ईरानी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इन आठ महिलाओं के लिए विशिष्ट फांसी की योजनाओं की पुष्टि नहीं की है। सोमवार को तेहरान के बाहर एक जेल में मोहम्मद मासूम शाही (38) और हामिद वालिदी (45) को सुबह फांसी दे दी गई। अधिकारियों ने कहा कि इनके साथ 19 मार्च से अब तक कम से कम 15 राजनीतिक कैदियों को फांसी दी जा चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-appeals-for-the-release-of-eight-iranian-women-who/article-151298</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/trump-appeals-for-the-release-of-eight-iranian-women-who/article-151298</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 16:29:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/trump.png"                         length="790718"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने बढ़ाया युद्धविराम, ट्रंप बोले-ईरानी नेतृत्व बातचीत के लिए एक &quot;एकीकृत प्रस्ताव&quot; पेश नहीं करता, तब तक नहीं होगी कोई आक्रामक कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने और सैन्य हमला स्थगित करने की घोषणा की है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि नौसैनिक नाकेबंदी और सैन्य तैयारी जारी रहेगी। अब तक 4,000 मौतों के बाद, यह कदम कूटनीति को एक आखिरी मौका देने के रूप में देखा जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-extends-ceasefire-says-no-offensive-action-unless-iranian/article-151271"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/chatgpt-image-apr-22,-2026,-11_56_00-am.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के साथ जारी युद्ध में युद्धविराम की अवधि बढ़ा दी है और प्रस्तावित सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया गया है। व्हाइट हाउस द्वारा भारतीय समयानुसार देर रात के बाद जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान के नेतृत्व की अपील पर ईरान पर नियोजित सैन्य हमले को स्थगित करने और युद्धविराम को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि ईरान के भीतर "गंभीर रूप से विभाजित" स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे ईरान की ओर से एकजुट बातचीत की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p>बयान के अनुसार, युद्धविराम बढ़ाने का अनुरोध पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया था। अमेरिका ने कहा है कि जब तक ईरानी नेतृत्व बातचीत के लिए एक "एकीकृत प्रस्ताव" पेश नहीं करता, तब तक कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं की जाएगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मैंने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वे नाकेबंदी जारी रखें और पूरी तरह तैयार रहें।" इसका मतलब है कि सक्रिय सैन्य कार्रवाई भले ही टाल दी गई हो लेकिन ईरान पर दबाव बना रहेगा।</p>
<p>बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि युद्धविराम तब तक प्रभावी रहेगा जब तक ईरान अपना प्रस्ताव पेश नहीं करता और वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती "चाहे जो भी परिणाम हो।" इससे यह संकेत मिलता है कि कूटनीति विफल होने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो सकती है। यह कदम क्षेत्रीय संकट के बीच कूटनीति के लिए एक अस्थायी अवसर के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में एक अहम भूमिका निभाने के तौर पर उभर रहा है। अमेरिका के हालांकि नाकेबंदी जारी रहने से यह भी स्पष्ट है कि तनाव अभी कम नहीं हुआ है और बातचीत विफल होने पर स्थिति फिर से बिगड़ सकती है।</p>
<p>इससे पहले ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से अपील करते हुए अमेरिका द्वारा ईरानी जहाज "तौस्का " को जब्त करने की निंदा की थी और इसे "समुद्री डकैती" करार दिया था। अमेरिका-ईरान दोनों देशों के बीच संघर्षविराम रुकने तक लगभग 4,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकतर मौतें मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों के कारण हुई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-extends-ceasefire-says-no-offensive-action-unless-iranian/article-151271</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-extends-ceasefire-says-no-offensive-action-unless-iranian/article-151271</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:31:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/chatgpt-image-apr-22%2C-2026%2C-11_56_00-am.png"                         length="2514004"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        