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                <title>G-20 Summit: जानिए कौनसे-कौनसे भारतीय पकवानों का लुत्फ उठायेंगे मेहमान </title>
                                    <description><![CDATA[जी-20 सम्मेलन में आने वाले प्रतिनिधि न केवल दुनिया के ज्वलंत मुद्दों और आर्थिक विषयों पर चर्चा करेंगे बल्कि वे लजीज भारतीय व्यंजनों का भी लुत्फ उठायेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/g-20-summit-know-which-indian-dishes-the-guests-will-enjoy/article-56467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/g20-food.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। जी-20 सम्मेलन में आने वाले प्रतिनिधि न केवल दुनिया के ज्वलंत मुद्दों और आर्थिक विषयों पर चर्चा करेंगे बल्कि वे लजीज भारतीय व्यंजनों का भी लुत्फ उठायेंगे।</p>
<p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनुपस्थिति में हो रहे इस सम्मेलन में जी-20 के राष्ट्रध्यक्षों की पत्नियां और महिला प्रतिनिधियों को केन्द्र सरकार ने आधुनिक स्वरूप में बने भारतीय प्राचीन व्यंजनों के रसास्वादन के लिए आमंत्रित किया है।</p>
<p>भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूसा में मेहमानों को मोटे अनाजों (श्रीअन्न) के बने पकवानों को न केवल चखने के लिए बल्कि इसे बनाने और वैश्विक थाली में सजाकर परोसने के लिए आमंत्रित किया है। इसके लिए पूसा में "लाइव कुकिंग एरिया" का निर्माण किया गया है। प्राचीन मोटे अनाज विशेषकर ज्वार, बाजरा , रागी आदि से पकवानों को तैयार करने के लिए विश्व के तीन प्रसिद्ध रसोइयों कुणाल कपूर, अजय चोपड़ा और अनहिता ढुंढी को विशेष रूप से बुलाया गया है।</p>
<p>इसके अलावा आईटीसी समूह के दो शेफ कुश माथुर और निकिता के साथ ही कुछ अन्य सहयोगियों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए आमंत्रित किया गया है। जी-20 के प्रतिनिधियों का मुख्य भोजन मोटे अनाजों पर आधारित होगा। इसकी विशेषता यह है कि इनमें स्टार्टर , सलाद और मीठे पकवान मोटे अनाजों पर आधारित होंगे। </p>
<p>अनहिता मोटे अनाजों से राव तथा बाजरा और कच्चे केले से टिक्की बनायेंगी। इसके साथ ही कुछ कचौड़ी बनायी जायेंगी जिसके अंदर मोटे अनाजों को भरा जायेगा। कुणाल ज्वार और मशरूम की खिचड़ी बनायेंगे। इस खानपान के दौरान बाजरे का ठेकुवा विशेष आकर्षण का केन्द्र होगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि ठेकुवा बिहार का प्रसिद्ध मीठा पकवान है। इसके साथ ही मेहमानों को नींबू और श्रीखंड से बनी मिठाई परोसी जायेगी।</p>
<p>इस आयोजन के दौरान छह कृषि स्टार्टअप की एक खूबसूरत प्रदर्शनी का भी आयोजन जायेगा। यह स्टार्टअप अपने नवीनतम प्रौद्योगिकियों का डिजिटल प्रदर्शन करेंगे। लिंजा कार्ड जैसी विश्व प्रसिद्ध स्टार्टअप अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर  किसानों के ऊपर वैल्यू चेन के असर को प्रदर्शित करेंगे। </p>
<p>इसी तरह से एग्रोनेट किसानों के लिए मृदा जांच की ढेर सारी प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस आयोजन की थीम जलवायु स्मार्ट कृषि, कृषि मूल्य श्रृखंला का नवाचार, कृषि रसद आपूर्ति श्रृखंला में क्रांतिकारी बदलाव तथा कृषि को सशक्त बनाना रखा गया है। </p>
<p>इस आयोजन में देश के तीन कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी अपनी प्रदर्शनी लगायेंगे। इनमें आंध्र प्रदेश ,पश्चिम बंगाल के (एफपीओ) भी शामिल होंगे। </p>
<p>सरकार के इस आयोजन के दौरान मोटे अनाजों का उत्पादन करने वाले 11 राज्यों की 22 महिला किसान उद्यमी भी अपने अनुभवों को साझा करेंगी। इन राज्यों में राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश , मध्यप्रदेश , तमिलनाडु, उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ , बिहार और असम शामिल हैं। </p>
<p>इन महिलाओं ने मोटे अनाजों की खेती को अपने राज्यों में क्रांतिकारी ढंग से बढ़ावा दिया है। इन महिलाओं में मध्यप्रदेश की लहरी बाई, बिहार की शिवानी कुमारी और ओडिशा की सुबाषा मोहंता शामिल हैं। </p>
<p>इस दौरान मोटे अनाजों की रंगोली भी बनायी जायेगी जो अतिथियों को आकर्षित करेगी। यह रंगोली दो प्रकार की होगी जिसमें भारतीय सांस्कृतिक दर्शन के साथ अनेकता में एकता तथा हार्वेस्ट को दर्शाया जायेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Sep 2023 17:41:37 +0530</pubDate>
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                <title>G20 Summit: श्रीनगर में अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच होगी जी-20 पर्यटन कार्यदल की बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कथित रूप से सुरक्षा एवं लॉजिस्टिक कारणों से गुलमर्ग के पर्यटक रिसॉर्ट में प्रतिनिधियों का दौरा रद्द कर दिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/g20-summit-g20-tourism-working-group-meeting-will-be-held-in-srinagar-amid-unprecedented-security/article-46299"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/g-20.png" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में डल झील के तट पर स्थित शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन परिसर (एसकेआईसीसी) में अभूतपूर्व सुरक्षा के बीच जी-20 पर्यटन कार्य समूह की तीसरी बैठक सोमवार से शुरू होने जा रही है। एसकेआईसीसी को जी-20 प्रतिनिधियों के लिए दुल्हन की तरह सजाया गया है, जहां कुछ ही देर में तीन दिवसीय बैठक शुरू होने वाली है।</p>
<p>जी-20 के मुख्य समन्वयक हर्षवर्धन श्रृंगला नेकहा कि तीन दिवसीय बैठक में पिछली दो बैठकों की तुलना में विदेशी प्रतिनिधियों की सबसे ज्यादा भागीदारी होगी। जी-20 के सभी सदस्य देश ने केवल बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, बल्कि बैठक में कम से कम 60 विदेशी प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।<br /><br />जम्मू कश्मीर में 2019 के बाद यह पहली अंतरराष्ट्रीय बैठक होने वाली है, जब उसके राज्य का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया गया और इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।</p>
<p>बैठक में व्यवधान डालने की किसी भी आतंकवादी योजना को विफल करने के लिए श्रीनगर शहर में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम स्थल को सैनिटाइज किया गया है और विशिष्ट बल सभी स्थितियों पर नजर रखे हुए हैं। सीसीटीवी और एंटी ड्रोन सिस्टम पूरे शहर में हवाई निगरानी कर रहे हैं। यातायात विभाग ने निर्देश जारी किया है और एसकेआईसीसी की ओर जाने वाली सड़क पर तीन दिनों के लिए यातायात का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है।  </p>
<p>उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री और जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शामिल होंगे, उनसे प्रतिनिधिमंडल के सदस्य आपस में चर्चा एवं विचार-विमर्श करने के अलावा, डल झील के किनारे स्थित मुगल गार्डन का दौरा करेंगे और वहां पर उत्पादकों के साथ बातचीत करेंगे।</p>
<p>जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कथित रूप से सुरक्षा एवं लॉजिस्टिक कारणों से गुलमर्ग के पर्यटक रिसॉर्ट में प्रतिनिधियों का दौरा रद्द कर दिया है। वह श्रीनगर में सरकारी कला एम्पोरियम का भी दौरा करेंगे और कारीगरों के साथ बातचीत करेंगे और कालीन, शॉल, पेपर माची, सोजनी सहित विभिन्न रूपांकनों, तकनीकों एवं शिल्पों का लाइव प्रदर्शन देखेंगे। वह इन अद्वितीय कलाकृतियों को बनाने में लगने वाली मेहनत और कौशल को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे।</p>
<p>प्रतिनिधि पोलो व्यू बाजार का भी दौरा करेंगे और श्रीनगर में स्थानीय व्यापारियों के साथ बातचीत करेंगे। स्थानीय व्यापारिक समुदाय के साथ बातचीत करने से उन्हें कश्मीर कला, शिल्प और स्मृति चिन्ह के संदर्भ में जानने का अवसर प्राप्त होगा। टीआरसी स्टेडियम में प्रतिनिधि खिलाड़यिों के साथ बातचीत करेंगे और योग, वुशु, महिला रग्बी मैच, पुरुष फुटबॉल प्रदर्शनी मैच, खेल आइकन और पदक विजेताओं के साथ बातचीत करेंगे। प्रतिनिधि डल झील के शांत पानी का अनुभव प्राप्त करने के लिए शिकारा की भी सवारी करेंगे और बेहतरीन रूप से सजाए गए शिकारा में बैठे हुए वे शिकारा के मालिकों के साथ बातचीत भी करेंगे।</p>
<p>यात्रा के दौरान अन्य कार्यक्रमों में कश्मीर हाट का दौरा करना भी शामिल है, जो कारीगरों सहित हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए एक व्यापार मंच है और वास्तविक कश्मीर कला और शिल्प की तलाश करने वाले पर्यटकों के लिए एक स्टॉप जगह है जहां वह एसपीएस संग्रहालय लालमंडी में पुरातत्व, मुद्रा विज्ञान, सजावटी कला जैसे विभिन्न विषयों को कवर करने वाली लगभग 79,595 कलाकृतियों और वस्तुओं को देख सकते हैं और संग्रहालय में हथियार और शस्त्रागार, पेंटिंग, वस्त्र आदि रखे गए हैं।</p>
<p>एसकेआईसीसी के पिछले लॉन में एक शिल्प बाजार स्थापित किया गया है जिसमें जम्मू कश्मीर की कला और शिल्प को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल हैं। विभिन्न शिल्पों के विशेषज्ञ कारीगरों द्वारा लाइव प्रदर्शन किया जाएगा - पश्मीना, सोजनी, अखरोट, तांबा, विलो और बसोली पेंटिंग आदि। इसमें दुनिया में बदलाव लाने में रचनात्मकता एवं दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों के साथ बातचीत सहित प्रधानमंत्री के मन की बात में शामिल प्रमुख लोग तारिक अहमद पतलू, कोविड फ्लोटिंग एम्बुलेंस, लोटस स्टेम एफपीओ और मंजूर अहमद, पेंसिल स्लेट निर्माता भी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 May 2023 14:51:59 +0530</pubDate>
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