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                <title>manipur violence - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>manipur violence RSS Feed</description>
                
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                <title>मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: सेना और किसानों पर हमले के आरोप में 33 कुकी उग्रवादी गिरफ्तार, तलाशी अभियान जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मणिपुर के बिष्णुपुर और चुराचांदपुर में कुकी उग्रवादियों के हमलों के बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने भीषण तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने 33 उग्रवादियों को दबोचा और भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया। उख्रुल में 52 अवैध बंकर नष्ट किए गए। इस हिंसा से विस्थापित परिवारों की घर वापसी में फिर से बाधा उत्पन्न हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/violence-flares-up-again-in-manipur-33-kuki-militants-arrested/article-148079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/manipur3.png" alt=""></a><br /><p>इम्फाल। मणिपुर के विभिन्न हिस्सों में कुकी उग्रवादियों ने सेना, सुरक्षा कर्मियों और आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों पर व्यापक हमले किये, जिसके बाद संयुक्त बलों ने सघन अभियान शुरू किया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि अलग-अलग अभियानों में इन अपराधों में शामिल 33 कुकी उग्रवादियों और उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने बुधवार रात बिष्णुपुर जिले में सुरक्षा बलों और नजदीकी नागरिक क्षेत्रों पर समन्वित हमला किया, जिसके उत्तर में जवाबी गोलीबारी हुई और कई जिलों में तीव्र अभियान शुरू किए गए। यह हमला गुरुवार तक जारी रहा।</p>
<p>स्थानीय सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के अलावा, उग्रवादियों ने तोरबुंग क्षेत्र के कई मैतेई-बहुल गांवों की ओर भी गोलीबारी की और विस्फोटक फेंके। जिनमें फौगाकचाओ इखाई मानिंग लीकाई, बाजार मानिंग, हीकोन, तुरेल मापाल, क्वाक्टा और आसपास के इलाके शामिल हैं। निवासियों ने बताया कि थंगजिंग पहाड़ियों की तलहटी में स्थित घरों में विस्फोटों की गूंज से रात भर दहशत का माहौल बना रहा।</p>
<p>इस घटना के बाद, भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, मणिपुर पुलिस और इंडिया रिजर्व बटालियन की एक संयुक्त टीम ने कल चुराचांदपुर जिले और उससे जुड़ी पहाड़ी श्रृंखलाओं में व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। चुराचांदपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एस. नबील और लोइलमकोट में चलाए गए अभियान के दौरान, सुरक्षा बलों ने हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया, जिसमें सिंगल-बैरल राइफलें, गोला-बारूद, ग्रेनेड, आईईडी और अन्य युद्धक सामग्री शामिल हैं।</p>
<p>सुरक्षा कार्रवाई के दौरान चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग बाजार में हुई हिंसा की एक अलग घटना के संबंध में भी गिरफ्तारियां की गईं, जहां सुरक्षा कर्मियों के इस्तेमाल किए एक चौपहिया वाहन पर हमला कर उसे आग लगा दी गई थी। इस घटना में कथित संलिप्तता के लिए पांच व्यक्तियों को पकड़ा गया, जबकि अशांति फैलाने पर 27 अन्य को कानूनी प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया। झड़प के दौरान कई सुरक्षा कर्मियों के घायल होने और बलों के वाहनों में तोड़फोड़ की सूचना मिली है।</p>
<p>एक अन्य घटनाक्रम में, कल तुइबोंग इलाके से कुकी नेशनल फ्रंट के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक 9 मिमी पिस्तौल और एक मैगजीन जब्त की गई। इसके साथ ही, सुरक्षा बलों ने राज्य के अन्य हिस्सों में तलाशी अभियान तेज कर दिया, जिससे कई स्थानों पर हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए। कांगपोकपी जिले के गमदई क्षेत्र से राइफलें, पिस्तौल और कारतूस सहित हथियार जब्त किए गए। इम्फाल पूर्व जिले के तुइनोमजांग और सनासाबी वन क्षेत्रों में इसी तरह के अभियानों के परिणामस्वरूप हथियार, एक मोर्टार बम, संचार उपकरण और सुरक्षात्मक गियर बरामद हुए।</p>
<p>इस बीच, उग्रवादियों के बुनियादी ढांचे को खत्म करने के व्यापक प्रयास के तहत, उख्रुल जिले में सुरक्षा बलों ने महादेव थोयी रिज और जालेंगबुंग रिज पर 52 अवैध रूप से निर्मित बंकरों को नष्ट कर दिया। प्रभावित गांवों का दौरा करने वाले नागरिक समाज संगठनों ने सामान्य स्थिति में सुधार के आधिकारिक दावों के बावजूद हिंसा की पुनरावृत्ति पर चिंता व्यक्त की है। तोरबुंग क्षेत्र के निवासियों ने कहा कि ताजा हमले ने विस्थापित परिवारों के घर लौटने के प्रयासों को एक बार फिर बाधित कर दिया है, जिससे 2023 की मणिपुर हिंसा के बाद फैली अशांति जैसी आशंकाएं फिर से पैदा हो गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 13:03:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मणिपुर के उखरूल-कामजोंग में अंधाधुंध गोलीबारी: तीन लोग घायल, हालात तनावपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[मणिपुर के उखरूल और कामजोंग जिलों में मंगलवार को हुई भारी गोलीबारी में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तांगखुल नागा गांवों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद अंधाधुंध हमलों ने शांति को खतरे में डाल दिया है, जिससे स्थानीय संगठनों ने तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indiscriminate-firing-in-manipurs-ukhrul-kamjong-three-people-injured-situation-tense/article-147714"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/manipur2.png" alt=""></a><br /><p>इम्फाल। मणिपुर के उखरूल और कामजोंग जिलों में मंगलवार को ताजा फायरिंग की घटनाओं से तनाव और बढ़ गया, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन घटनाओं के कारण हालात तनावपूर्ण है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह से ही दोनों पहाड़ी जिलों में भारी गोलीबारी की खबरें सामने आईं। लितान, सिनाकैथेल और मोंगकोट चेपू के आसपास फायरिंग होने से इलाके में दहशत फैल गई। सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बल भेजते हुए गश्त तेज कर दी है।</p>
<p>बताया गया है कि हाल के दिनों में उखरूल और कांगपोकपी सीमा क्षेत्रों में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। इससे पहले मोंगकोट चेपू और आसपास के इलाकों में कई घंटों तक चली गोलीबारी में नागरिक भी चपेट में आए थे। तांगखुल नागा फूटहिल्स ऑर्गनाइजेशन (टीएनएफओ) ने जारी बयान में स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि कई स्थानों से आधुनिक हथियारों से फायरिंग की जा रही है और तांगखुल आबादी वाले गांवों को निशाना बनाया जा रहा है।</p>
<p>संगठन के अनुसार, हाल की घटनाओं में कम से कम दो नागरिकों को पैरों में गोली लगी है। इसे "अंधाधुंध हमला" बताते हुए कहा गया कि इससे क्षेत्र की शांति और सामुदायिक सौहार्द को गंभीर खतरा है। टीएनएफओ ने घटनास्थल पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद हालात पर नियंत्रण नहीं होने पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।</p>
<p>संगठन ने 21 फरवरी को दिए गए अपने ज्ञापन का हवाला देते हुए लितान थाना के उन्नयन और संवेदनशील गांवों—सिनाकैथेल, होंगमैन, मापाओ जिंगशो और जिंगटुन में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग दोहरायी। इस बीच, राज्य सरकार से थॉयी और शारकाफुंग समेत प्रभावित गांवों में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात कर सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की गयी है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि तीन मई 2023 को चुराचांदपुर से शुरू हुई हिंसा अब राज्य के कई हिस्सों में फैल चुकी है। इसके चलते मैतेई समुदाय के लोग राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं, जबकि कुकी समुदाय को हवाईअड्डे तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>तमेंगलोंग और नोनी जिलों में भी तनाव बना हुआ है, जहां कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों द्वारा पारिस्थितिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं, जिसका जेलीआंगरोंग नागा समुदाय विरोध कर रहा है। हाल के दिनों में तांगखुल नागा युवकों पर हमले की घटनाओं के बाद उखरूल और कामजोंग जिलों में संघर्ष और तेज हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 17:56:07 +0530</pubDate>
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                <title>मोदी को मणिपुर में शांति स्थापना के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने असम में शांति स्थापित करने के लिए राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार तक की कुर्बानी देने में संकोच नहीं रखा जिसके कारण आज तक वहां शांति का दौर स्थापित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/modi-should-take-concrete-steps-to-establish-peace-in-manipur/article-90171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/ashok......jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मणिपुर में हिंसा के बढ़ते मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए मणिपुर हिंसा में तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। गहलोत ने कहा है कि ऐसा लगता है कि मणिपुर में हो रही हिंसा के बावजूद वहां का दौरा करने को प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया है। वहां राज्यपाल आवास एवं मुख्यमंत्री के घर जैसे सुरक्षित स्थानों तक पर लगातार हमले हो रहे हैं परन्तु केन्द्र सरकार का इस ओर कोई विशेष ध्यान नहीं है। मणिपुर में अत्याधुनिक हथियारों एवं ड्रोन्स का इस्तेमाल कर आम लोगों पर हमले किए जा रहे हैं।</p>
<p>गहलोत ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने असम में शांति स्थापित करने के लिए राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार तक की कुर्बानी देने में संकोच नहीं रखा जिसके कारण आज तक वहां शांति का दौर स्थापित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षी दल मणिपुर का दौरा करने की मांग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री को मणिपुर में शांति स्थापना के लिए अब आवश्यक कदम उठाने में देरी नहीं करनी चाहिए एवं मणिपुर का दौरा करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 19:54:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मणिपुर हिंसा की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मणिपुर में हिंसा रोकने में असमर्थ रहने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वहां सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास होना चाहिए और हिंसा की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-should-investigate-manipur-violence-under-the-supervision-of-supreme/article-90084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/manipur.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मणिपुर में हिंसा रोकने में असमर्थ रहने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वहां सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास होना चाहिए और हिंसा की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हर बार यही प्रतीत होता है कि मणिपुर सामान्य स्थिति में लौट रहा है लेकिन हर दिन हिंसा में नए सिरे से वृद्धि देखने को मिलती है। रॉकेट लॉन्चर जैसे परिष्कृत हथियारों का उपयोग चौंकाने वाला और पूरी तरह से अनसुना है। संघर्ष के 16 महीने बाद भी उसे रोकने के लिए केंद्र की स्थिति पर पकड़ नहीं है और वह राज्य सरकार को संघर्ष में उसकी मिलीभगत और लापरवाही के बावजूद उसे बने रहने की अनुमति दे रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कमाल तो यह है  कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यवहार ऐसा होता है जैसे मणिपुर भारत का हिस्सा ही नहीं है। उनका मानना है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में हस्तक्षेप उनके लिए अधिक उपयुक्त है जबकि मणिपुर में विवेकहीन हिंसा को रोकने में पूरी तरह विफल रहे हैं। मणिपुर के प्रति केंद्र का उदासीन रवैया बेहद खतरनाक है और प्रतीत होता है कि हिंसा को उनका मौन समर्थन है।</p>
<p>कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हम मणिपुर के मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त कर विद्रोहियों पर केंद्र द्वारा पूर्ण कार्रवाई करने और हिंसा की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करते हैं। मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति की तत्काल आवश्यकता है। हम सभी हितधारकों से हिंसा को समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाली का रास्ता तलाशने के लिए मजबूत कदम उठाने की अपील करते हैं।</p>
<p>प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मणिपुर लगभग डेढ़ साल से जल रहा है। रोज हिंसा, हत्याएं, दंगे, विस्थापन हो रहा है। लोगों के घर जल रहे हैं, परिवार उजड़ रहे हैं, ङ्क्षजदगियां तबाह हो रही हैं, हजारों परिवार राहत कैंपों में दिन काटने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री जी ने इसे रोकने का अब तक कोई प्रयास भी नहीं किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ कि देश के एक राज्य को महीनों तक इस तरह जलता हुआ छोड़ दिया जाए और उस पर बात तक न की जाए। देश की आंतरिक सुरक्षा किसी की इच्छा पर निर्भर नहीं होती, यह अनिवार्य दायित्व है इसलिए मणिपुर के मामले में प्रधानमंत्री की उदासीनता अक्षम्य है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 19:08:33 +0530</pubDate>
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                <title>बजट सत्र में फिर से उठेगा मणिपुर का मुद्दा</title>
                                    <description><![CDATA[ कांग्रेस का कहना है कि मणिपुर की हालत बहुत खराब है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को वहां जाकर लोगों से बात करनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/manipur-issue-will-arise-again-in-the-budget-session/article-67068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/budget-session.jpg" alt=""></a><br /><p>सेनापति (मणिपुर)। कांग्रेस ने कहा है कि मणिपुर की हालत बहुत खराब है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को यहां आकर लोगों से बात करनी चाहिए लेकिन दोनों नेताओं को यहां की परवाह नहीं है इसलिए पार्टी संसद के बजट सत्र में मणिपुर का मुद्दा उठाएगी और इस मामले में सरकार से जवाब मांगेगी।</p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश और पार्टी नेता कन्हैया कुमार ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दूसरे दिन आज नागालैंड की तरफ की जाते हुए यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मणिपुर में दो समुदायों के बीच जबरदस्त रंजिश जारी है और वे एक दूसरे के खून के प्यासे बने हुए हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आकर दोनों समुदायों की बात सुनकर समस्या का समाधान निकालना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि गांधी रास्ते में विभिन्न मणिपुरी संस्थाओं और समुदायों के लोगों से मिले और उनसे कहा कि वह शांति चाहते हैं और केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर शांति बहाली का रास्ता निकालना चाहिए।</p>
<p>रमेश ने कहा कि कांग्रेस ने मणिपुर को चर्चा में लाने के मकसद से  मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लायी थी। कांग्रेस को मालूम था कि बहुमत सरकार का है और वह जीतेगी ही। सरकार मणिपुर पर ध्यान नहीं दे रही थी इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाये और हमें लगा कि मोदी प्रस्ताव पर जवाब के दौरान मणिपुर की बात करेंगे लेकिन 130 मिनट के भाषण में उन्होंने कुछ नहीं बोला। उन्होंने कहा कि मणिपुर का मुद्दा एक बार फिर बजट सत्र में उठाया जाएगा।</p>
<p>कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मणिपुर की स्थिति को देखते हुए और मोदी और शाह द्वारा मणिपुर की समस्याओं को नजरअंदाज किए जाने के कारण गांधी ने मणिपुर से भारत न्याय यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया ताकि यहां के हालात को दुनिया के सामने रखा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jan 2024 21:09:23 +0530</pubDate>
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                <title>मणिपुर हिंसा से बदला ड्रग्स तस्करी का रास्ता, अब असम से हो रही है स्मगलिंग</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले साल मई में मणिपुर में जातीय दंगों के फैलने के बाद, मणिपुर से असम तक पारंपरिक मार्गों की अनुपलब्धता के कारण म्यांमार से दवाओं और प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी में बदलाव आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/drug-smuggling-route-from-manipur-kshasa-turns-towards-assam/article-66253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/drugs.jpg" alt=""></a><br /><p>अगरतला (एजेंसी)। त्रिपुरा में नशीली दवाओं के खतरे की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए यहां एक संयुक्त स्तरीय एंटी-नारकोटिक्स ऑपरेशनल ग्रुप की बैठक में म्यांमार से त्रिपुरा तक नशीली दवाओं के बढ़ते प्रवाह पर चिंता व्यक्त की गई। </p>
<p>असम राइफल्स ने एक बयान में यह जानकारी दी। बैठक में एनडीपीएस अधिनियम के तहत संचालन करने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने के लिए कार्यात्मक स्तर पर अंतर-एजेंसी समन्वय को और बढ़ाने का संकल्प लिया गया।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि पिछले साल मई में मणिपुर में जातीय दंगों के फैलने के बाद, मणिपुर से असम तक पारंपरिक मार्गों की अनुपलब्धता के कारण म्यांमार से दवाओं और प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी में बदलाव आया है।</p>
<p>मिजोरम-म्यांमार सीमा और फ्री मूवमेंट रिजीम (एफएमआर) के साथ मौजूद कुकी-•ाो-चिन संबंध के कारण, मिजोरम से दक्षिण असम से त्रिपुरा के लिए दवाओं की तस्करी का ड्रग कार्टेल द्वारा फायदा उठाया जा रहा है और इन मार्गों पर हाल ही में बरामदगी हुई है, जिससे संकेत मिलता है कि यह भविष्य में एक संभावित खतरा है।</p>
<p>इसके अलावा, त्रिपुरा भी एक प्रमुख भांग उत्पादन क्षेत्र के रूप में उभर रहा है और कई एजेंसियों द्वारा राज्य में बड़ी मात्रा में यहाँ गांजा जब्त किया गया है।</p>
<p>बैठक में नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ एक व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए संसाधनों, विशेषज्ञता और अंतर्दृष्टि को एकत्रित करने के सामूहिक उद्देश्य के साथ सीमा शुल्क विभाग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया।</p>
<p>बयान में कहा गया, ''बैठक में एक विचार-मंथन सत्र हुआ और वर्तमान स्थिति को समझने, उपायों को लागू करने और एजेंसियों के बीच तालमेल को बढ़ावा देने, नशीले पदार्थों और मनोदैहिक पदार्थों के प्रवेश को रोकने के सामूहिक प्रयास में सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jan 2024 21:25:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>मणिपुर की सुध क्यों नहीं ले रही है मोदी सरकार, हालात पर चुप्पी साधे हैं पीएम मोदी : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[जयराम रमेश ने कहा कि राज्य में भाजपा को बड़ा जनादेश मिलने के लगभग 15 महीने बाद ही मणिपुर में ऐसी भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई। ये उसकी नीतियों और प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं पर सबसे बड़ा कलंक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/why-is-modi-government-and-congress-not-taking-care-of/article-58747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/manipur-pm-modi-jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि मणिपुर में हिंसा के कारण हालत पांच महीने में बदतर हो गए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालात पर चुप्पी साधे हैं और राज्य के लोगों को उनके हाल पर छोड़कर उनके साथ न्याय नहीं किया जा रहा है।</p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने बुधवार को यहां जारी बयान में कहा,''पांच महीने पहले, तीन मई की शाम को, तथाकथित डबल इंजन सरकार की विभाजनकारी राजनीति के कारण मणिपुर में हिंसा भड़की थी। लगभग एक महीने के बाद, कर्नाटक चुनाव में अपनी जिम्मेदारियों को निभाकर और ऐसे अन्य जरूरी कार्यों से मुक्त होकर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य का दौरा करना उचित समझा लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। वास्तव में हालात और खराब हो गए। सामाजिक सछ्वाव पूरी तरह से बिगड़ चुका है। हर दूसरे दिन ङ्क्षहसक अपराधों की भयावह खबरें सामने आती हैं। हजारों-हजार लोग अब भी राहत शिविरों में फंसे हुए हैं। सशस्त्र बलों और राज्य पुलिस के बीच झड़प आम बात हो गई है।"</p>
<p>उन्होंने कहा,''फिर भी प्रधानमंत्री इस मामले पर पूरी तरह से चुप हैं। राज्य में हालात बिगडऩे के काफ़ी दिनों बाद उन्होंने सिफऱ् दिखावे के लिए 10 अगस्त को लोकसभा में अपने 133 मिनट के भाषण में पांच मिनट से भी कम समय के लिए राज्य पर एक टिप्पणी करके औपचारिकता निभा दी। भारतीय जनता पार्टी के अधिकांश विधायक मुख्यमंत्री को पद से हटाना चाहते हैं, इसके बावजूद वह बेशर्मी से अपने पद पर बने हुए हैं।"</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता ने मणिपुर को लेकर मोदी से सवाल किए और कहा,''आखिरी बार प्रधानमंत्री ने मणिपुर का दौरा कब किया था। आखिरी बार प्रधानमंत्री ने मणिपुर के भाजपा मुख्यमंत्री से कब बात की थी। आखिरी बार प्रधानमंत्री ने मणिपुर के भाजपा विधायकों से कब मुलाक़ात की थी। आखिरी बार कब प्रधानमंत्री ने राज्य के अपने कैबिनेट सहयोगी के साथ मणिपुर पर चर्चा की थी। इससे पहले कोई भी प्रधानमंत्री इस तरह किसी राज्य और उसके सभी लोगों को पूरी तरह से उनके हाल पर नहीं छोड़ा है, जैसा कि अब किया जा रहा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा,''राज्य में भाजपा को बड़ा जनादेश मिलने के लगभग 15 महीने बाद ही मणिपुर में ऐसी भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई। ये उसकी नीतियों और प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं पर सबसे बड़ा कलंक है।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Oct 2023 14:48:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मणिपुर हिंसा पर रिपोर्ट प्रकाशित करने वाले ईजीआई के चार सदस्यों को 15 सितंबर तक राहत</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने ईजीआई सदस्यों को राहत तो दी, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि वह इस मामले में दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने के पक्ष में नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/relief-till-september-15-to-four-members-of-egi-who/article-56852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/court.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) के चार सदस्यों को मणिपुर में हिंसक जातीय झड़पों संबंधित एक रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद उनके खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकियों के मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर छह सितंबर को लगाई गई रोक की अवधि सोमवार को अगली सुनवाई 15 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने ईजीआई सदस्यों को राहत तो दी, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि वह इस मामले में दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने के पक्ष में नहीं है।</p>
<p>पीठ ने कहा कि वह इस विचार कर रही है कि इस मामले को सुनवाई के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय या मणिपुर उच्च न्यायालय को भेजा जाना चाहिए।</p>
<p>ईजीआई ने अपनी रिपोर्ट में राज्य में इंटरनेट प्रतिबंध को मीडिया रिपोर्टों के लिए हानिकारक बताया था। कुछ मीडिया आउटलेट्स द्वारा एकतरफा रिपोर्टिंग की आलोचना की थी और दावा किया था कि ऐसे संकेत थे कि राज्य नेतृत्व पक्षपातपूर्ण हो गया था। यह रिपोर्ट दो सितंबर को प्रकाशित की गई थी।</p>
<p>मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने चार सितंबर को कहा था कि एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और तीन सदस्यों के खिलाफ एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है तथा उन पर राज्य में झड़प भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। मानहानि के आरोप के साथ गिल्ड के चार सदस्यों के खिलाफ दूसरी प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Sep 2023 21:28:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Manipur Violence: सुप्रीम कोर्ट ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सदस्यों को दी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) के सदस्यों को मणिपुर में हिंसक जातीय झड़पों पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के लिए उनके खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकियों के मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/manipur-violence-supreme-court-gives-relief-to-members-of-editors/article-56472"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/supreme-court--32.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) के सदस्यों को मणिपुर में हिंसक जातीय झड़पों पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के लिए उनके खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकियों के मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने उन प्राथमिकियों को रद्द करने की मांग वाली ईजीआई की ओर से दायर याचिका पर मणिपुर सरकार को नोटिस जारी कर  जवाब मांगा।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने ईजीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान द्वारा तत्काल उल्लेख किए जाने पर मामले की सुनवाई शुरू की। दीवान ने पीठ के समक्ष कहा कि सदस्यों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। तत्काल सुनवाई कर आवश्यक निर्देश दिया जाए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अदालत के समक्ष चार रिट याचिकाकर्ता हैं। हम उन में गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्रवाईयों से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>दीवान ने कहा कि गिल्ड के चार सदस्यों ने मणिपुर के कुछ लोगों का साक्षात्कार लिया और फिर एक तथ्यान्वेषी रिपोर्ट तैयार की। तथ्यान्वेषी रिपोर्ट दो सितंबर को जारी की गई। इसके बाद उनके खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गईं।</p>
<p>गिल्ड ने अपनी रिपोर्ट में राज्य में इंटरनेट प्रतिबंध को मीडिया रिपोर्टों के लिए हानिकारक बताया था। कुछ मीडिया आउटलेट्स द्वारा एकतरफा रिपोर्टिंग की आलोचना की थी और दावा किया था कि ऐसे संकेत थे कि राज्य नेतृत्व पक्षपातपूर्ण हो गया था।</p>
<p>मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने चार सितंबर को कहा था कि एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और तीन सदस्यों के खिलाफ एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है तथा उन पर राज्य में झड़प भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। मानहानि के आरोप के साथ गिल्ड के चार सदस्यों के खिलाफ दूसरी प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Sep 2023 15:47:16 +0530</pubDate>
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                <title>मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मणिपुर संकट पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की निंदा की, एफआईआर दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[मणिपुर सरकार ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) की रिपोर्ट की निंदा करते हुए रिपोर्ट बनाने वाले व्यक्तियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chief-minister-n-biren-singh-condemns-editors-guild-of-india/article-56294"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/n-biren-singh.png" alt=""></a><br /><p>इंफाल। मणिपुर सरकार ने एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) की रिपोर्ट की निंदा करते हुए रिपोर्ट बनाने वाले व्यक्तियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।</p>
<p>मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि ऐसे समय जब राज्य के लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और विभिन्न सरकारी एजेंसियां संकट के समाधान का प्रयास कर रही हैं, तो निहित स्वार्थ वाले कुछ लोग स्थिति का उचित आकलन किए बिना रिपोर्ट देकर चल रहे संकट को भड़का रहे हैं।</p>
<p>सिंह ने कार्यालय में मीडिया से कहा कि मणिपुर संकट के बारे में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। उन्होंने रिपोर्ट तैयार करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इसे किसने प्रभावित किया, क्योंकि यह पता लगाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। जब लोग मर रहे हैं और विस्थापित हो रहे हैं, तो ऐसी पक्षपातपूर्ण रिपोर्ट ने मणिपुर में स्थिति और खराब हो गयी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने पूछा कि ऐसी रिपोर्ट बनाने वाले आप कौन होते हैं आप कठिन स्थिति के बारे में, मणिपुर के इतिहास के बारे में कितना जानते हैं। ऐसे नाजुक समय में जब लोग पीड़ित हैं तो रिपोर्ट जारी करना और फैसला देना बेहद निंदनीय है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रिपोर्ट बनाने वाले चार व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना जरूरी हो गया था क्योंकि उन्होंने  आग में तेल डाला है।</p>
<p>मणिपुर सरकार के पास चुराचांदपुर जिले में 3 मई को सुबह 1030 बजे शुरू हुई आगजनी और हिंसा के बारे में सारी जानकारी है, लेकिन कोई बयान जारी नहीं किया गया है क्योंकि इससे शांति प्रक्रिया बाधित होगी और उच्चतम न्यायालय ने मामले की जांच करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है और इसे तैयार करने वालों को वन कानूनों की जानकारी नहीं है, आरक्षित वन क्षेत्रों में कोई भी काम करने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होती है। जो लोग यहां के लोगों, इतिहास और वन कानूनों के बारे में नहीं जानते वे कुछ दिनों के लिए राज्य का दौरा करके ऐसी बेबुनियाद रिपोर्ट कैसे दे सकते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में बताया गया है कि केवल एक समुदाय द्वारा वन क्षेत्रों से लोगों को बेदखल किया गया, जो गलत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से अब तक आरक्षित वन क्षेत्रों में अतिक्रमण के खिलाफ चलाये गये अभियान में 413 मकानों को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि मैतेई के करीब 143, मैतेई पंगल के 137, कुकी के 59, नागा के 38 और 36 नेपाली घर बेदलख किए गए।</p>
<p>इस बीच, ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) और एडिटर्स गिल्ड ऑफ मणिपुर (ईजीएम) ने भी अफवाहों पर आधारित एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के प्रेरित आरोप का जोरदार खंडन किया। दोनों संगठनों ने कहा कि रिपोर्ट में संकट के लिए एक जातीय समूह को जिम्मेदार ठहराया गया है। ईजीआई 1972 के एक निश्चित हिल एरिया कमेटी अधिनियम को संदर्भित करता है, लेकिन ऐसा कोई अधिनियम अस्तित्व में नहीं है। मणिपुर वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, मणिपुर में अंतिम आरक्षित वन 1990 में घोषित किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Sep 2023 20:35:48 +0530</pubDate>
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                <title>Manipur Voilence: सुप्रीम कोर्ट ने 21 सीबीआई मामले असम स्थानांतरित किए, हाई कोर्ट के नामित न्यायाधीश करेंगे सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[ उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर हिंसा मामले में निष्पक्ष सुनवाई के मद्देनजर पीड़ितों और गवाह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही 21 मामलों की जांच असम में नामित न्यायाधीशों के एक समूह को स्थानांतरित का आदेश दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/manipur-violence-supreme-court-transfers-21-cbi-cases-to-assam-hindi-news/article-55451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/sc.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर हिंसा मामले में निष्पक्ष सुनवाई के मद्देनजर पीड़ितों और गवाह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही 21 मामलों की जांच असम में नामित न्यायाधीशों के एक समूह को स्थानांतरित का आदेश दिया।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल दहलाने वाली मणिपुर हिंसक घटनाओं बाद दायर की गई याचिकाओं की सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश पारित किया।</p>
<p>पीठ ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय से अनुरोध है किया है कि ऐसे न्यायाधीशों का चयन किया जाए जो मणिपुर में प्रचलित एक से अधिक भाषाओं में पारंगत हों। साथ ही, यह भी निर्देश दिया कि मणिपुर में जहां नामित स्थानीय मजिस्ट्रेट स्थित हैं, वहां इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पीठ  के समक्ष कहा कि हम मणिपुर में इंटरनेट कनेक्टिविटी का ध्यान रखेंगे और इसे राज्य में बहाल किया जाएगा। अदालत ने सॉलिसिटर जनरल की इन दलीलों को भी रिकॉर्ड में लिया।</p>
<p>शीर्ष अदालत इस मामले में अगली सुनवाई एक सितंबर को करेगी। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने पीठ की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मौजूदा चरण में मणिपुर में समग्र माहौल को ध्यान में रखते हुए और आपराधिक न्याय प्रशासन की निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हम गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से एक या अधिक न्यायिक अधिकारियों को नामित करने का अनुरोध करते हैं।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपी की पेशी, रिमांड, न्यायिक हिरासत, हिरासत की अवधि में विस्तार और जांच के संबंध में अन्य कार्यवाहियों के सभी आवेदनों को दूरी और सुरक्षा मुद्दों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन मोड में आयोजित करने की अनुमति दी जाती है।</p>
<p>पीठ ने यह भी कहा है कि जब भी न्यायिक हिरासत की स्थिति आती है तो वह आने जाने से बचने के लिए मणिपुर में दी जाएगी।</p>
<p>न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि मणिपुर उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इस उद्देश्य के लिए एक या अधिक मजिस्ट्रेटों को नामित करेंगे। टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआईपी) को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित स्थानीय मजिस्ट्रेटों की उपस्थिति में करने की अनुमति है। शीर्ष अदालत के आदेश में कहा गया है कि गिरफ्तारी की मांग करने वाले आवेदन को ऑनलाइन करने की अनुमति दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 15:09:27 +0530</pubDate>
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                <title>Manipur Violence: हमलावरों ने तीन लोगों की हत्या की, कर्फ्यू जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मणिपुर में विष्णुपुर जिले क्वाक्टा के पास उखा तम्पक गांव में हमलावरों ने चाकू और गोलियों से तीन लोगों की उनके घर पर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/manipur-violence-attackers-killed-three-people-curfew-continues/article-53768"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/manipur.png" alt=""></a><br /><p>इंफाल। मणिपुर में विष्णुपुर जिले क्वाक्टा के पास उखा तम्पक गांव में हमलावरों ने चाकू और गोलियों से तीन लोगों की उनके घर पर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। मृतक व्यक्तियों के शरीर पर चाकुओं और गोली लगने के निशान थे।</p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में घुसे कुकी हमलावरों ने तीन लोगों की हत्या कर दी। इनमें से दो मृतक पिता-पुत्र थे। इस घटना को लेकर आसपास के लोग विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि कुकी उपद्रवियों ने ड्रोन का इस्तेमाल किया और भारी हथियारों, मोर्टार और लंबी दूरी के  हथियारों से लोगों पर हमला किया। इस बीच प्रशासन ने इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व में सुबह 10.30 बजे कर्फ्यू लगा दिया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Aug 2023 13:16:01 +0530</pubDate>
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