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                <title>इस बार भी बरसात में फिर टपकेगी छत,  पानी में फिसलने से हो सकते हैं लोग चोटिल</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कार्यालय की तीसरी मंजिल पर पूर्व में भी कई बार फाल सीलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/this-time-too-the-roof-will-leak-in-the-rain/article-119104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rtroer-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में इस बार जहां मानसून के सीजन में शुरुआत से ही अच्छी बरसात हो रही है। ऐसे में एक ओर जिला प्रशासन व निगम अधिकारी शहर में जर्जर भवनों का सर्वे करवा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ निगम भवन ही बरसात में टपकने की तैयारी में है। राजीव गांधी प्रशासनिक भवन स्थित नगर निगम कोटा उत्तर कार्यालय की तीसरी मंजिल की अधिकतर फाल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। छत पर पानी भरने से ऊपरी हिस्सा कमजोर होने पर पहले भी इस मंजिल की फाल्स  सीलिंग क्षतिग्रस्त होकर गिर गई थी। काफी समय से वह क्षतिग्रस्त रही। जिससे एक तो हादसा होते-होते बचा था और दूसरा पूरी बरसात में  तीसरी मंजिल पर पानी टपकता रहा था। ऐसे में कार्यालय में पानी ही पानी हो गया था। जिससे वहां आने वाले लोगों के फिसलकर गिरने की संभावना को देखते हुए बाल्टियां लगाकर पानी को जमीन पर गिरने से रोका गया था। पिछले साल ही इस फाल सीलिंग को सही कराया गया था। लेकिन अभी तो बरसात सही ढंग से शुरु भी नहीं हुई है कि उसी जगह की फाल सीलिंग फिर से क्षतिग्रस्त हो गई है। </p>
<p><strong>कुछ समय पहले ही करवाई थी सही</strong><br />नगर निगम कार्यालय की तीसरी मंजिल पर पूर्व में भी कई बार फाल सीलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है।  जिसे कुछ समय पहले ही सही कराया गया था। लेकिन उसी जगह से अब फिर से यह क्षतिग्रस्त होकर टूट गई है। तूसरी मंजिल की छत भी काफी नीची है। जिससे यह फाल सीलिंग वाली जगह से लोगों के सिर से अधिक ऊंचाई पर भी नहीं है।  सूत्रों के अनुसार छत की कमजोरी को छिपाने के लिए फाल सीलिंग लगाई हुई है। लेकिन छत ही कमजोर है तो फाल सीलिंग तो बार-बार टूटेगी ही। जब तक छत की सही मरम्मत नहीं होगी और वहां से पानी आना नहीं रोका जाएगा तब तक नीचे से फाल सीलिंग सही करने का कोई मतलब नहीं है। सिर्फ सरकारी धन का दुरुपयोग ही करना है। </p>
<p><strong>कई अनुभागों के हैं कार्यालय</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर भवन की तीसरी मंजिल पर जिस जगह से फाल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त हुई है वहां कई अनुभागों के कार्यालय है। जिससे आमजन को अपने कामों के लिए और संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों का भी वहां दिनभर आना-जाना लगा रहता है।  नाम ट्रांसफर का सारा काम, जेरोक्स संबंधी कार्य, अतिक्रमण दस्ता प्रभारी व एएसपी का आॅफिस, एनयूएलएम कार्यालय, लेखा कार्यालय समेत कई अन्य अनुभाग तीसरी मंजिल पर ही है। इसके अलावा कोटा दक्षिण कार्यालय के भी कई अनुभागों में जाने का यही रास्ता है।  ऐसे में क्षतिग्रस्त फाल सीलिंग के बरसात में  और अधिक गिरने के साथ ही बरसात में पानी टपकने पर लोगों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>बरसात  में हमेशा डर का साया </strong><br />नगर निगम कार्यालय में तीसरी मंजिल पर काम करने वाले कर्मचारियों का भी कहनाा है कि बरसात के समय में यहां की फाल सीलिंग कई बार टूटकर गिर चुकी है। पिछली बार भी जब फाल सीलिंग टूटी थी। उस समय गनीमत थी वहां बाहर कोई नहीं था। सभी कर्मचारी कक्ष के अंदर थे। लेकिन बरसात में कभी भी फाल सीलिंग टूटने का खतरा बना रहने से हमेशा डर के साए में रहते हैं।   </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />निगम कार्यालय की तीसरी मंजिल पर पूर्व में फाल सीलिंग खराब होने की जानकारी है। पहले भी उसे सही कराया गया था। अभी फिर से यदि खराब हो गई है या टूट गई है तो उसे संबंधित अधिकारियों से कहकर सही करवा दिया जाएगा।  <br /><strong>- अशोक त्यागी, आयुक्त, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Jul 2025 16:33:56 +0530</pubDate>
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                <title>सचिवालय की कई जगह टपक रही बिल्डिंग, दूसरी मंजिल पर  फॉल सीलिंग गिरी</title>
                                    <description><![CDATA[ लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को सचिवालय में कई जगह पानी टपकने लगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/secretariat-building-leaking-at-many-places-fall-ceiling-on-second/article-87539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size-(12)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार को सचिवालय में कई जगह पानी टपकने लगा। इस दौरान कई जगह फॉल सीलिंग गिरी। गनीमत रही कि गेट नम्बर 2 के ऊपर दूसरी मंजिल पर फॉल सीलिंग गिरने से कोई हादसा नहीं हुआ, जबकि कर्मचारियों और आगंतुकों की भारी आवाजाही रहती है। इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है। मुख्य बिल्डिंग का छज्जा भी पहले गिर चुका, जिसका निर्माण जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Aug 2024 14:04:34 +0530</pubDate>
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                <title>फाल सीलिंग टूटी, फिर टपकने लगी छत</title>
                                    <description><![CDATA[गनीमत रही थी कि उस समय वहां निगम कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/false-ceiling-broke--then-the-roof-started-leaking/article-87393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के प्रशासनिक भवन की तीसरी मंजिल पर नई लगाई फाल सीलिंग फिर से टूट गई है। जिससे बरसात में छत टपकने लगी है।  नगर निगम के  प्रशासनिक भवन को कोटा उत्तर व दक्षिण दो भागों में बांट दिया है। कोटा उत्तर निगम के हिस्से वाली साइड पर पहले फाल सीलिंग गिर गई थी। जिसे कुछ समय पहले ही सही कराया गया है। लाखों रुपए खर्च कर सही करवाई गई फाल सीलिंग एक बरसात भी नहीं झेल सकी। वह भी तब जब अभी तक न तो तेज और न ही मूसलाधार बरसात हुई है। उसके बावजूद हालत यह है कि फाल सीलिंग तीन से चार जगह से टूट चुकी है। जिससे बरसात में वहां से पानी टपकने लगा है। टपकते पानी से पूरे फर्श पर पानी ही पानी फेल जाता है। जिससे वहां आने वाले लोगों के फिसलकर गिरने का खतरा बना हुआ है। यह स्थिति उस जगह पर है जहां तीसरी मंजिल पर पुलिस उप अधीक्षक का कक्ष है। जेरोक्स मशीन लगी हुई है। इनके अलावा कोटा दक्षिण निगम की तरफ जाने का रास्ता है। जन सुविधा के पास व जेरोक्स मशीन वाली साइड पर फाल सीलिंग टूटने से अधिक बरसात होने पर इसके और भी गिरने का खतरा बना हुआ है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि कुछ समय पहले भी डे एनयूएलएम अनुभाग की फाल सीलिंग गिरी थी। गनीमत रही थी कि उस समय वहां निगम कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं था। वे भी अपने कक्ष में थे जबकि फाल सीेलिंग बाहर की तरफ गिरी थी। वरना उस समय भी कई लोगों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ था। इधर कोटा उत्तर व दक्षिण निगम होने से लोगों की तरह ही इस फाल सीलिंग के गिरने की जिम्मेदारी भी कोई लेने को तैयार नहीं है। कोटा दक्षिण वालों का कहना है कि यह कोटा उत्तर निगम क्षेत्र का मामला है। जबकि कोटा उत्तर निगम के अधिकारियों ने फोन ही रिसीव नहीं किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Aug 2024 17:03:06 +0530</pubDate>
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                <title>टूटी सीलिंग बजा रही खतरे की घण्टी</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात के समय छत से पानी टपकता रहता है। जिससे अधिक बरसात होने पर पूरी फाल  सीलिंग के नीचे बालटिया रखनी पड़ती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/broken-ceiling-ringing-alarm-bell/article-47434"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/broken-ceiling-bja-rhi-khatre-ki-ghanti...kota-news-01-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के राजीव गांधी प्रशासनिक भवन की तीसरी मंजिल पर काम करने वाले कर्मचारियों व वहां आने वाले आमजन के सिर पर खतरा मंडरा रहा है। करीब एक साल पहले बरसात के समय गिरी फाल सीलिंग को अभी तक भी ठीक नहीं कराए जाने से कर्मचारी तो खतरे के साय में काम करने को मजबूर हैं ही। वहां आने वाले लोगों के लिए भी यह खतरा है। प्रशासनिक भवन की तीसरी मंजिल पर  नगर निगम कोटा उत्तर के कार्यालय वालीे तरफ की फाल सीलिंग पिछले साल बरसात के समय गिर गई थी। तीसरी मंजिल के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक में से अधिकतर फाल सीलिंग टूटी हुई है। कई जगह पर तो फाल सीलिंग का हिस्सा नीचे तक लटका हुआ है। तीसरी मंजिल की छत दोनों मंजिलों की छत की अपेक्षा काफी नीची है। जिससे किसी भी व्यक्ति का हाथ छत की फाल सीलिंग तक आसानी से पहुंच सकता है। उस फाल सीलिंग की हालत यह है कि वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उसका अधिकतर हिस्सा गिर चुका है। जिससे फाल सीलिंग के बीच से ऊपर की छत का हिस्सा साफ नजर आ रहा है। तीसरी मंजिल की फाल सीलिंग का एक हिस्सा पहले गिर चुका था। जबकि दूसरी तरफ का हिस्सा पिछले साल बरसात में गिरा था। उस समय वहां काम करने वाले कर्मचारी बाल-बाल बच गए थे। आयुक्त क़क्ष के ठीक ऊपर की तरफ सीढ़ियों के पास से लेकर बीच के हिस्से तक यही हालत है। बुधवार को भी यहां कई कर्मचारी बार-बार फाल सीलिंग के नीचे से निकल रहे थे। </p>
<p><strong>न्यास कार्यालय रहा सतर्क</strong><br />हालांकि नगर विकास न्यास के पुराने भवन में भी नीचे के हिस्से की फाल सीलिंग बरसात में गिरी थी। कुछ हिस्सा पहले से ही क्षतिग्रस्त था। लेकिन न्यास अधिकारियों ने इसे गम्भीरता से लेते हुए उसे कुछ समय पहले ही सही करवा दिया है। न्यास अधिकारियों ने कार्यालय की पूरी फाल सीििलंग ही नई लगवा दी है। जिससे इस बरसात में वहां कोई खतरा नहीं है। </p>
<p><strong>हर व्यक्ति का ध्यान टूटी सीलिंग पर </strong><br />कई लोग कर्मचारियों के इंतजार में बैंच पर बैठे हुए थे। वहां आने वाले हर व्यक्ति का ध्यान उस टूटी फाल सीलिंग पर जा रहा था। कर्मचारियों ने बताया कि तीसरी मंजिल पर अधिकतर महतवपूर्ण अनुभागों का काम हो रहा है। जहां निगम कर्मचारियों के साथ ही आमजन का भी आवागमन अधिक रहता है। इसमें इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड व प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लोन लेने से संबंधित काम के लिए लोगों को तीसरी मंजिल पर ही जाना पड़ रहा है। अधिशाषी अभियंता से लेकर सहायक अभियंता तक के कई कक्ष भी तीसरी मंजिल पर है। ऐसे में वहां अधिकारियों से अधिक कर्मचारियों  व आमजन को जाना पड़ रहा है।  पिछले साल गिरी फाल सीलिंग को एक साल होने को है।  हालत यह है कि निगम अधिकारियों ने अभी तक भी उस क्षतिग्रस्त फाल सीलिंग को सही करवाने की सुध तक नहीं ली है।  जबकि पिछले साल तत्कालीन आयुक्त ने कहा था कि बरसात के बाद इसे सही करवा दिया जाएगा। कुछ समय बाद उनका स्थानांतरण हो गया। उसके बाद से किसी भी अधिकारी को इसे सही करवाने का समय ही नहीं है। </p>
<p><strong>कभी भी हो सकता है हादसा</strong><br />निगम कार्यालय में लोन संबंंधी काम के लिए आई सावित्री देवी ने बताया कि निगम में लोन के लिए तीसरी मंजिल पर आना पड़ता है। यहां  छत की हालत काफी खराब है। ऐसे में बरसात में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।  विज्ञान नगर निवासी महेश कुमार ने बताया कि वह निगम  में काम से आए थे। उन्हें जेरोक्स करवानी थी। जिसके लिए उन्हें तीसरी मंजिल पर भेजा गया। यहां आकर देखा तो छत की हालत पूरी खराब हो रही है। यह बरसात में अधिक खतरनाक है। अधिकारी तो नीचे बैठते हैं। जहां एसी लगे हुए हैं। जबकि आमजन की जगह पर अधिकारियों का ध्यान ही नहीं है। वहीं निगम कर्मचारियों का कहना है कि पिछले साल बरसात में जब फाल सीलिंग गिरी थी उस समय वहां कई कर्मचारी काम कर रहे थे। गनीमत रही थी कि किसी को चोट नहीं लगी। तीसरी मंजिल पर आमजन भी कई आते हैं। एक साल  हो गया। दूसरी बरसात आने को है लेकिन अभी तक भी फाल सीलिंग को सही नहीं कराया गया। ऐसे में बरसात आने पर उनकी जान सांसत में रहती है। यदि अभी भी इसे ठीक नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।  कर्मचारियों का कहना है कि बरसात के समय छत से पानी भी टपकता रहता है। जिससे अधिक बरसात होने पर पूरी फाल सीलिंग के नीचे बालटिया रखनी पड़ती है। वरना पानी भरने से लोगों के फिसलकर गिरने का भी खतरा बना रहता है।  इधर निगम भवन की देखभाल करने वाले निगम अधिकारियों का कहना है कि तीसरी मंजिल की छत जहां से पानी टपकता है वहां सही करवा दिया है। फाल सीलिंग अधिक खराब हो गई है। वह पूरी हटकर ही नई लगेगी। उसमें समय लगेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jun 2023 14:50:51 +0530</pubDate>
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