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                <title>Ramlala - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मस्क के पिता ने किए रामलला के दर्शन, बोले- मैं भारतीय संस्कृति का कायल </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के पिता एरोल मस्क बुधवार दोपहर अपने परिवार के साथ श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/musks-father-visited-ramlala-i-convinced-indian-culture/article-116436"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>अयोध्या। अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के पिता एरोल मस्क बुधवार दोपहर अपने परिवार के साथ श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे। मस्क दोपहर करीब ढाई बजे महर्षि बाल्मिकी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे जहां उनका स्वागत जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों और हनुमानगढ़ी के पुजारी हेमंत दास ने किया। मस्क अपनी पुत्री एलेक्जेंड्रा मस्क के साथ अपने निजी विमान से अयोध्या आए हैं। उन्होंने हनुमानगढ़ी में भी दर्शन किए। </p>
<p><strong>उम्मीद है प्रगाढ़ होंगे भारत-अमेरिका सम्बंध</strong><br />पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में श्री मस्क ने भारतीय संस्कृति की तारीफ की और कहा कि यहां के अध्यात्म दर्शन और दयालु प्रवृत्ति के वह कायल हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि भारत और अमेरिका के संबंध निकट भविष्य में और प्रगाढ़ होंगे। </p>
<p><strong>यहां के लोग दयालू और सहायता करने वाले</strong><br />उन्होंने कहा कि मेरे देश में भी बहुत से भारतीय रहते हैं। मैंने उनसे भारतीय संस्कृति के बारे में सुना था। मैंने यहां आकर देखा और यहां की संस्कृति को करीब से जाना। मैं यहां के लोगों का कायल हो गया हूं। यहां के लोग दयालू, सहायता करने वाले और अच्छे हैं। गौरतलब है कि एरोल पांच दिन की भारत यात्रा पर आए हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 14:08:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पांच साल के बच्चे में राम को ढूंढ़ने की चुनौती थी रामलला ने खुद तय किया मुझसे क्या बनवाना है</title>
                                    <description><![CDATA[योगीराज कहते हैं कि मैंने एक हजार से ज्यादा फोटो सेव करके रखी थीं। बच्चों के साथ ज्यादा वक्त बिताता था। बच्चों के चेहरे को दिमाग में रखना है किसी बच्चे के मुस्कुराने पर चेहरे में क्या-क्या बदलाव होते हैं, वो सब समझना होता था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-challenge-was-to-find-ram-in-a-five-year-old-child--ramlala-himself-decided-what-to-make-of-him/article-68096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/photo19.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राम मंदिर में रामलला विराजमान हो चुके हैं। चारों तरफ प्रतिमा की चर्चा है। ऐसे में इस प्रतिमा को बनाने वाले कर्नाटक के मूर्तिकार मूर्तिकार अरुण योगीराज ने इसे बनाने के दौरान के अपने अनुभव साझा किए।  योगीराज ने बताया कि उनके लिए पांच साल के बच्चे में राम को ढूंढ़ना सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होने बताया कि कैसे एक कलाकार भक्त के हृदय में भगवान उतरते हैं और मतिष्क तक जाते हैं। फिर पत्थर में समाहित होते और मूर्ति भगवान का आकार लेती है। योगीराज ने बताया कि मुझे बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। सात महीने से मूर्ति को तराशने के काम में लगे थे दिन-रात सिर्फ यही सोचते थे कि देश को भगवान के दर्शन कैसे करवाएंगे। सबसे पहले हमने पांच साल के बच्चों की जानकारी जुटाई। अरुण कहते हैं कि मैं सात महीने तक ठीक से सो नहीं पाया। सोने के बाद भी दर्शन होते थे।<br /><br /><strong>बच्चों के साथ वक्त गुजारा</strong><br />योगीराज कहते हैं कि मैंने एक हजार से ज्यादा फोटो सेव करके रखी थीं। बच्चों के साथ ज्यादा वक्त बिताता था। बच्चों के चेहरे को दिमाग में रखना है किसी बच्चे के मुस्कुराने पर चेहरे में क्या-क्या बदलाव होते हैं, वो सब समझना होता था। मेरे रामलला ने मुझे आदेश दिया और मैंने फॉलो किया।<br /><br /><strong>बच्चों को दिवाली मनाते देखा तो मनोभाव समझ में आए</strong><br />अरुण कहते हैं कि दीपावली के दिन अयोध्या में मुझे बहुत जानकारी मिली।  दीपावली मनाने के बाद रात में मैंने दो तीन फोटो देखीं। इसमें बच्चे अपने माता- पिता के साथ दीपावली सेलिब्रेट कर रहे थे। बच्चों की मनोभावना देखने और समझने का मौका मिल गया था। अरुण ने बताया कि मूर्ति निर्माण होते समय अलग दिखती थी। लेकिन प्राण-प्रतिष्ठा होने के बाद अलग ही फीलिंग आ रही थी। मुझे लग रहा था कि ये मेरा काम नहीं है। ये तो बहुत अलग दिख रही है। जैसे भगवान ने अलग ही रूप ले लिया है। जिस रामलला को सात महीने तक गढ़ा, उसे प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मैं खुद नहीं पहचान पाया। गर्भगृह में जाते ही बहुत बदलाव हो गया।<br /><br /><strong>रोज बंदर आकर करता था दर्शन </strong><br />योगीराज कहते हैं कि जब वो मूर्ति तराशने का काम करते थे, तब हर दिन शाम 5 बजे एक बंदर आ जाता था। सर्दी में हमने कार्यशाला के तिरपाल को ढक दिया तो वो बंदर बाहर आया और जोर-जोर से खटखटाने लगता था। मैंने ये बात चंपत राय जी को भी बताई थी। शायद हनुमान जी का भी देखने को मन हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jan 2024 09:43:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या में उमड़ा भक्तों का सैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[श्रद्धालुओं की भारी संख्या के मद्देनजर अयोध्या जाने वाले मार्ग पर यातायात परिवर्तन के लिए जिला प्रशासन को विवश होना पड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/crowd-of-devotees-gathered-in-ayodhya-to-see-ramlala/article-67925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/ramlala1.png" alt=""></a><br /><p>अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर में रामलला के बाल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे दिन अयोध्या में श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अयोध्या में रामलला के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रामजन्मभूमि स्थल पर तड़के से ही पहुंचने लगी है। लोगों में रामलला के दर्शन को लेकर उत्साह और उत्सुकता का माहौल है। श्रद्धालुओं के अपेक्षा से अधिक तादाद में पहुंचने से मंदिर प्रशासन और सुरक्षा बलों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।</p>
<p>पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये श्रद्धालुओं से संयम बनाये रखने की अपील की जा रही है मगर मंदिर प्रांगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में तिल रखने भर की जगह नहीं बची है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक जयश्रीराम के नारे लगाते हुये मंदिर परिसर की ओर जाते दिख रहे है।</p>
<p>श्रद्धालुओं की भारी संख्या के मद्देनजर अयोध्या जाने वाले मार्ग पर यातायात परिवर्तन के लिये जिला प्रशासन को विवश होना पड़ा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वह दर्शन को लेकर संयम बनाये। भगवान के दर्शन सबको सुलभ कराये जायेंगे।</p>
<p>इस बीच बाराबंकी से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अयोध्या का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले बाराबंकी में पुलिस ने अयोध्या की ओर जाने वाले सभी वाहनों को परिवर्तित मार्ग से जाने दिया जा रहा है जिससे अयोध्या में धाम में भीड़ को काबू में किया जा सके। पैदल चलने वाले यात्रियों को भी राम पथ अयोध्या की तरफ जाने से रोका गया है। आज सुबह पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को अयोध्या की तरफ न जाने की सलाह दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jan 2024 14:51:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM मोदी ने देशवासियों से की घर में रामज्योति जलाने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा- अयोध्या धाम में आज राम लला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। इस पुनीत अवसर पर सभी देशवासियों से मेरा आग्रह है कि रामज्योति प्रज्वलित कर अपने घरों में भी उनका स्वागत करें। जय सियाराम!]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-appealed-to-the-countrymen-to-light-ramjyoti-at-home/article-67846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने सभी देशवासियों से रामज्योति जलाने की अपील की। पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा- अयोध्या धाम में आज राम लला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। इस पुनीत अवसर पर सभी देशवासियों से मेरा आग्रह है कि रामज्योति प्रज्वलित कर अपने घरों में भी उनका स्वागत करें। जय सियाराम!</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या धाम में आज राम लला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। इस पुनीत अवसर पर सभी देशवासियों से मेरा आग्रह है कि रामज्योति प्रज्वलित कर अपने घरों में भी उनका स्वागत करें। जय सियाराम! <a href="https://twitter.com/hashtag/RamJyoti?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#RamJyoti</a> <a href="https://t.co/jllwCKNaym">pic.twitter.com/jllwCKNaym</a></p>
— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1749407418168287564?ref_src=twsrc%5Etfw">January 22, 2024</a></blockquote>
<p>

<br />पीएम मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा के बाद कहा था कि हमारे रामलला अब टैंट में नहीं रहेंगे। अब इस दिव्य मंदिर में रहेंगे। ये पल पवित्रतम है। ये माहौल, ये ऊर्जा और ये घड़ी भगवान राम का हम सब पर आशीर्वाद है। 22 जनवरी का ये सूरज एक अद्भुत आभा लेकर आया है। 22 जनवरी 2024 कैलेंडर में लिखी एक तारीख नहीं है ये एक नए कालचक्र का उद्गम है। ये सामान्य समय नहीं है। आज पूरा देश दीपावली मना रहा है।<br /><br /><strong>भगवान राम आज हमें जरुर माफ करेंगे</strong><br />पीएम मोदी ने कहा कि हम इतनी सदियों तक ये काम नहीं कर पाए। मैं भगवान राम से माफी मांगता हूं। मुझे भरोसा है भगवान राम आज हमें जरुर माफ करेंगे। संविधान की पहली प्रति में भगवान राम विराजमान है। दशकों तक उनके अस्तित्व को लेकर कानूनी लड़ाई चली। मैं कोर्ट का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने न्याय की लाज रख ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jan 2024 18:05:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बीच सैंपऊ में हुई शिव की प्राण प्रतिष्ठा</title>
                                    <description><![CDATA[सैंपऊ सहित ग्रामीण इलाकों में भी जगह-जगह हो रहे धार्मिक आयोजनों से माहौल भक्तिमय बना रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/amidst-ramlalas-life-consecration-shivas-life-consecration-took-place-in/article-67844"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/shiv-pran.jpg" alt=""></a><br /><p>धौलपुर/सैंपऊ। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर लोगों में सुबह से ही बड़ा उत्साह देखा गया। इसी उपलक्ष्य में सैंपऊ सहित ग्रामीण इलाकों में भी जगह-जगह हो रहे धार्मिक आयोजनों से माहौल भक्तिमय बना रहा। कस्बे के राजकीय अस्पताल के परिसर में बने मंदिर में शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की गई जिसमें डॉक्टर दिनेश नरूका और उनकी पत्नी यजमान रहीं। लोगों ने भगवान शिव की मूर्तियों के साथ ढोल नगाडों की धुन पर शोभा यात्रा निकाली। कस्बे की परिक्रमा के बाद पंडितों ने मंत्र उच्चारण करके विधि विधान से मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की। इस दौरान जय शिव शंकर, जय श्री राम के नारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। कस्बे के ऐतिहासिक महादेव मंदिर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें एसडीएम दिनेश शर्मा और ग्राम पंचायत के सरपंच अर्जुन कुशवाहा सहित पटवारी संदीप शर्मा उपस्थित रहे। उधर बसई नवाब में संयोजक ललित कटारा, पूर्व प्रधान रामहेत कुशवाह सहित कमेटी के लोगों के सहयोग से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान समाजसेवी गोपाल प्रसाद गुधैनिया ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और प्रसादी वितरित की। वहीं कूंकरा गांव के हनुमान मंदिर पर अखंड रामायण पाठ का आयोजन हुआ। सैंपऊ पुलिस थाने के समीप संतोषी माता मंदिर पर संगीत मय भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। अस्तल मंदिर पर महिला संकीर्तन हुआ। प्राचीन कदमखंडी हनुमान मंदिर पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ का सस्वर वाचन किया गया।कार्यक्रमों के बाद भंडारों का आयोजन हुआ जिसमें लोगों को प्रसाद वितरण किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jan 2024 17:56:41 +0530</pubDate>
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                <title>Ram Mandir Pran Pratishtha: 500 साल के वनवास के बाद राम लला अपने घर आ रहे हैं: विवेक ओबेरॉय</title>
                                    <description><![CDATA[विवेक अबोरॉय ने कहा कि खुशी की बात है कि 500 साल के वनवास के बाद राम लला अपने घर आ रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/ram-lala-is-coming-after-the-sacrifice-of-lakhs-of/article-67795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/vivek-oberoi.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या। बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने कहा कि लाखों लोगों की कड़ी तपस्या और बलिदान के बाद 500 साल के वनवास के बाद राम लला अपने घर आ रहे हैं। राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए बॉलीवुड के कई सेलेब्रिटीज अयोध्या पहुंचे हुए हैं। विवेक अबोरॉय ने कहा कि खुशी की बात है कि 500 साल के वनवास के बाद राम लला अपने घर आ रहे हैं। लाखों लोगों की कड़ी तपस्या और बलिदान के बाद राम लला आ रहे हैं। यह राम जी का ही आशीर्वाद है कि हम लोग आज यहां हैं। राल लला का बाल स्वरूप बेहद प्यारा है। बच्चों पर बहुत प्यार आता है और जब आप राम को बाल स्वरूप में देखते हैं तो दिल में एक अलग खुशी और प्यार उमड़ता है।जय श्री राम।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jan 2024 13:12:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरती के लिए 600 किलो घी के बाद अब भेजी रामनाम लिखी 1200 पगड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[ जोधपुर धार्मिक नगरी के रूप में भी विश्वभर में अपनी विशेष पहचान बना रही हैं। सूर्यनगरी में इन दिनों प्रभु श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर विशेष हवन यज्ञ चल रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/after-600-kg-ghee-for-aarti--now-sent-1200-turbans-with-ram-s-name-written-on-them/article-67692"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/jodhpur-pagdi-ram-mandir.jpg" alt=""></a><br /><p>नवज्योति/जोधपुर। राजस्थान की सांस्कृतिक और न्यायिक राजधानी के साथ ही अब जोधपुर धार्मिक नगरी के रूप में भी विश्वभर में अपनी विशेष पहचान बना रही हैं। सूर्यनगरी में इन दिनों प्रभु श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर विशेष हवन यज्ञ चल रहा है। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा शुरू होने से पहले जोधपुर में 121 कुंडी हवन यज्ञ का अनुष्ठान शुरू हुआ है। जोधपुर से कुछ दिनों पूर्व भगवान राम की महाआरती के लिए 600 किलो शुद्ध देसी घी भेजा गया था। वहीं प्राणप्रतिष्ठा महोत्सव से पूर्व जोधपुर से रामनाम लिखी 1200 पगड़ी अयोध्या भेजी हैं। ये पगड़ी महोत्सव में आने वाले अतिथियों को पहनाई जाएगी। <br /><br /><strong>मंदिर निर्माण से लेकर महोत्सव तक हर क्षेत्र में जोधपुर का योगदान</strong><br />राम मंदिर का जोधपुर से पुराना नाता है, जोधपुर से पहले मंदिर निर्माण के लिए पत्थर गए थे। उसके बाद जोधपुर की सांदीपनि गौशाला से 600 किलो गाय का देसी घी पूजा के लिए भेजा था, अब एक और खास उपहार 1200 श्रीराम नाम लिखी पगड़ी शनिवार को जोधपुर से रवाना हुई। जो अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान आने वाले मेहमानों को पहनाई जाएगी। भगवान श्रीराम का नाम सिर माथे पर दिखें इसलिए पगड़ी खासतौर से जय श्री राम की भगवा रंग की बनवाई गई है। <br /><br /><strong>अभी चल रहा 121 कुंडीय हवन</strong><br />जोधपुर की संदीपनी गौशाला के धमार्चार्य महाराज ने बताया, भगवान श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के साथ उत्तर प्रदेश में धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। उसी तरह जोधपुर में 121 कुंडीय यज्ञ का आयोजन चल रहा है। इस ऐतिहासिक समय को और खूबसूरत बनाने के लिए मैंने मारवाड़ के आन बान शान की निशानी पगड़ी को पसंद किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jan 2024 14:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामलला का 81 कलशों से स्नान</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान पांचवें दिन जारी रहा जहां वास्तु पूजा भी सम्पन्न हुई। रामलला का पुराना विग्रह अभी पूर्वत: विद्यमान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ramlala-bath-with-81-urns/article-67673"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/65aa6a3ec185c-the-51-inch-idol--crafted-by-mysuru-based-sculptor-arun-yogiraj--arrived-at-the-temple-in-the-early-19504638-16x9.jpg" alt=""></a><br /><p>एजेंसी/अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर के गर्भगृह में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में जगमोहन पर स्थापित मूर्ति को इक्यासी कलशों से स्नान कराया गया है। मंदिर में मुख्यत: वास्तु पूजा सम्पन्न हुई। इस पूजा में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से डॉ. अनिल मिश्रा सपरिवार मौजूद रहे।  काशी से आठ रामलला के प्राण प्रतिष्ठा में अनुष्ठान करा रहे अरुण कुमार दीक्षित ने बताया कि शनिवार सुबह जगमोहन पर स्थापित मूर्ति को शुद्ध करने के लिए इक्यासी कलशों के विविध औषधि युक्त जल से अचल विग्रह को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्नान कराया गया। उन्होंने बताया कि भगवान रामलला के विग्रह को पहले शर्कराधिवास फिर फलाधिवास में रखा गया। इसके बाद इक्यासी कलशों में एकत्रित विविध औषधियुक्त जल से स्नान कराया गया। उन्होंने बताया कि श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान आज पांचवें दिन सुबह नौ बजे से शुरू हुआ जो पूजा अनुष्ठान शाम तक चला।  </p>
<p><strong>इन्होंने कराया अनुष्ठान</strong><br />काशी से आए दीक्षित ने बताया कि आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित, अरुण कुमार दीक्षित, सुनील दीक्षित, अशोक वैदिक दीक्षित, राजेन्द्र वैदिक उर्फ पुरुषोत्तम के अलावा देश के विभिन्न प्रांतों से जैसे महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के एक सौ इक्कीस पंडितों ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में जगमोहन पर स्थापित मूर्ति को इक्यासी कलशों से स्नान मंत्रोच्चार के द्वारा कराया।  </p>
<p><strong>पुराने विग्रह भी मंदिर में होंगे विराजमान </strong><br />श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान पांचवें दिन जारी रहा जहां वास्तु पूजा भी सम्पन्न हुई। रामलला का पुराना विग्रह अभी पूर्वत: विद्यमान है। उचित समय पर उसे पूरे धार्मिक विधि विधान के साथ मंदिर में विराजमान किया जाएगा। </p>
<p><strong>22 जनवरी को सुबह 10.30 बजे पहुंचेंगे मोदी</strong><br />मोदी 22 जनवरी यानी प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही अयोध्या आएंगे। वह 4 घंटे रामनगरी में रुकेंगे। सुबह 10.30 बजे विमान से अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे। 11 बजे राम मंदिर पहुंच जाएंगे। यहां 3 घंटे रुकेंगे। प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से पहले वे राम मंदिर परिसर में लगी जटायु की प्रतिमा का अनावरण कर पूजा करेंगे।</p>
<p><strong>अयोध्या की सीमाएं सील </strong><br />शनिवार रात 8.00 बजे अयोध्या की सीमाएं सील कर दी गर्इं। अब 23 तारीख तक कोई भी अयोध्या की सीमा में नहीं प्रवेश कर पाएगा। सिर्फ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि ही आ पाएंगे। इन्हें पास दिया गया है। पास देखकर ही एंट्री दी जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jan 2024 09:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर से गई चांदी की थाली से लगेगा रामलला को भोग</title>
                                    <description><![CDATA[चांदी की थाली में चार कटोरियां और एक कलश है। थाली को रामलला के परम भक्त भगवान हनुमान ने अपनी भुजाओं में उठा रखा है, जिस पर सुंदरकांड के 15 श्लोक लिखे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ramlala-will-be-offered-food-from-the-silver-plate-taken/article-67539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/chandi-plate.png" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति, जयपुर। अयोध्या में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को रामलला को जयपुर से गई चांदी की थाली व कटोरी में भोग लगेगा। साथ में पानी का कलश भी है, जिससे प्रभु राम को जल अर्पण किया जाएगा। जानकारी के अनुसार जयपुर का एक परिवार यह लेकर अयोध्या पहुंचा है, जिसको देखने के बाद मंदिर प्रबंधन ने भोग लगाने के लिए इसका चयन किया है। यह भोग थाली राजीव पाबूवाल और लक्ष्य पाबूवाल ने बनाई है। थाल का वजन 7.5 किलो है।<br /><br /><strong>चांदी के बर्तनों में ये है खास  </strong><br />चांदी की थाली में चार कटोरियां और एक कलश है। थाली को रामलला के परम भक्त भगवान हनुमान ने अपनी भुजाओं में उठा रखा है, जिस पर सुंदरकांड के 15 श्लोक लिखे हैं, ये वे श्लोक हैं जिनमें हनुमान जब लंका में सीता के पास पहुंचे थे तो उन्होंने प्रभु राम के बारे में वर्णन रखते हुए अपना परिचय दिया था। वहीं चार कटोरियां हैं। हर कटोरी पर 21 कमल की पंखुड़ियां हैं। चारों में कुल 84 पंखुडियां हैं। पंखुड़ियों का तात्पर्य मनुष्य ही नहीं धर्म मार्ग पर चलते हैं तो 84 हजार योनियों को सही मार्ग मिलता है। कलश को चार घोडेÞ उठाए हुए हैं। ये घोड़े प्रभु राम के रथ के चार घोड़ों को दर्शा रहे हैं। चारों घोड़ों से मूलत: चार विषयों कर्म,धर्म, अर्थ और मोक्ष को इंगित करते हैं। कलश पर नौ आकृत्तियां हैं। जिनमें सूर्य, पंखी, कोदंड, स्वास्तिक, ध्वज, राम तिलक, ओम और शंख है। थाली में राम के सूर्यवंशी होने को सूर्य बनाकर दिखाया गया है। ऊपर की तरफ राम और सीता उकरे हैं। दस तुलसी की पत्तियां हैं, क्योंकि ये राम को प्रिय है। सुंदरकांड से लिए गए श्लोक भी लिखे हैं। गिलहरी के स्नेह से हाथ फेरा था तो उनकी अंगुलियां गिलहरी पर आ गई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jan 2024 09:47:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व रामलला की पहली तस्वीर आई सामने, तस्वीर में दिखा रामलला का पूरा चेहरा</title>
                                    <description><![CDATA[रामलला प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व रामलला की पूरी तस्वीर सामने आई है। इसमें रामलला का पूरा चेहरा दिख रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-first-picture-of-ramlala-idol-before-the-consecration-came/article-67526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/ram-mandir.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या। रामलला प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व रामलला की पूरी तस्वीर सामने आई है। इसमें रामलला का पूरा चेहरा दिख रहा है। </p>
<p>गौरतलब है कि 16 जनवरी से ही रामलला प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अनुष्ठान शुरू हो गए थे। आज चौथे दिन राम लला की तस्वीर सामने आई है। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी हैं।</p>
<p>आज के कार्यक्रम में रामनगरी अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर के गर्भगृह में शुक्रवार सुबह आसन पर विराजमान रामलला विग्रह की मनमोहक श्यामल प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा से पहले अनुष्ठान की प्रक्रिया देश भर से यहां पधारे 121 प्रकांड विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरु की गई।</p>
<p>काशी से पधारे आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित,अरुण दीक्षित, सुनील दीक्षित, अशोक वैदिक, पुरुषोत्तम वैदिक के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु समेत देश के विभिन्न प्रांतो के 121 पंडितों ने प्रात:काल नौ बजे अरणिमन्थन से अग्नि प्रकट कराई। इसके पहले गणपति आदि स्थापित देवताओं का पूजन, द्वारपालों द्वारा सभी शाखाओं का वेदपारायण, देवप्रबोधन, औषधाधिवास, केसराधिवास, घृताधिवास, कुण्डपूजन, पञ्चभूसंस्कार संपन्न हुआ।</p>
<p>श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार राम मंदिर के गर्भगृह में आज रामलला विग्रह को औषधिवास, केसराधिवास, घृताधिवास और सायंकाल धान्याधिवास को मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया जा रहा है। इस अनुष्ठान में काशी के श्रद्धेय गणेश शास्त्री, द्रविड़ एवं प्रमुख आचार्य श्री लक्ष्मीकांत दीक्षित शामिल हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि मूर्तिकार अरुण योगीराज के द्वारा तराशी गयी 51 इंच की प्रतिमा श्याम रंग की है, जिसका वजन दो टन बताया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jan 2024 17:23:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रामलला की मूर्ति का गौरव मिला मैसूरू के मूर्तिकार को</title>
                                    <description><![CDATA[मूर्ति तराशने का काम अयोध्या में 6 महीने पहले शुरू किया था। उन्होंने इसके लिए कृष्णशिला को चुना था, जो कर्नाटक के कुछ इलाकों में पाई जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/mysuru-sculptor-got-the-honor-of-ramlalas-statue/article-66345"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/ramlala-murti.jpg" alt=""></a><br /><p>कर्नाटक के ऐतिहासिक नगर मैसूरू के एक पुराने मोहल्ले में कश्यप शिल्पकला केंद्र एक ऐसा भवन है, जहां के निवासी पिछली पांच पीढ़ियों से पत्थर से मूर्तियों का निर्माण करते आ रहे हैं। इस परिवार ने न केवल मैसुरू के पूर्व राजघराने के पत्थर और संगमरमर की मूर्तियां बनाई है बल्कि प्रदेश के कई हिन्दू मंदिरों में इस परिवार द्वारा बनाई गई मूर्तियां स्थापित हैं। यह मकान न केवल इस परिवार का निवास स्थान है बल्कि इसी में मूर्तियां बनाने की कार्यशाला भी है।<br /><br />इसी परिवार की पांचवीं पीढ़ी से आने वाले लगभग  40 वर्षीय योगीराज शिल्पी ने इन्जीनीरिंग की पढ़ाई कर एक बड़ी कॉर्पोरेट कम्पनी में नौकरी शुरू की। चूंकि इस युवक ने बचपन से ही अपने घर के पिछवाड़े में बनी  कार्यशाला में अपने पिता और दादा को पत्थर की मूर्तियां तराशते देखा था। इसलिए उसके दिल में तब से  ही  कलाकार  पैदा हो गया था। अखिकार उसने लगभग 15 वर्ष पूर्व   अच्छी खासी नौकरी छोड़कर मूर्तियां बनाने की परिवार  की परम्परा को आगे बढ़ने का निर्णय किया। वे अब तक  एक हजार से भी अधिक मूर्तियां बना चुके। कई मूर्तियां तो देश के प्रमुख स्थानों पर देखी जा सकती है।<br /><br />पहली बार उनका नाम तब सुर्खियों में आया जब कुछ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ में इस शिल्पकार द्वारा बनाई गई आदि शंकराचार्य की मूर्ति का अनावरण किया। 12 फीट ऊंची यह मूर्ति काले पत्थर से बनाई गई थी। उस समय कई शिल्पकारों से शंकराचार्य की मूर्ति का  प्रारूप बनवा गया था। आखिर में अरुण योगीराज द्वारा  बनाए गए प्रारूप को स्वीकार किया था। तब नरेंद्र मोदी ने  इस प्रारूप को बहुत सराहा था तथा इस मूर्तिकार को  मिलने  के लिए भी बुलाया था।<br /><br />इसी प्रकार पिछले साल नई दिल्ली के इंडिया गेट के पास खाली पड़ी छत्री में पं. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की  विशाल प्रतिमा लगाने का निर्णय किया गया तो  कई कलाकारों से प्रारूप आमंत्रित किए गए थे। यह प्रतिमा 28 फीट ऊंची तथा काले पत्थर से बननी थी। इस प्रतियोगिता में भी अरुण  योगीराज को ही मूर्ति बनाने के लिए चुना गया। उन्होंने इस प्रतिमा के निर्माण के लिए दिल्ली में कार्यशाला स्थापित की और कर्नाटक से काला पत्थर लाकर नेताजी के प्रतिमा  को रिकॉर्ड समय में पूरा किया।<br /><br />इसी प्रकार अयोध्या में जब जन्म स्थान पर बने रहे  रामलला के मंदिर में उनकी बाल अवस्था की  मूर्ति बनाने के लिए देश के मूर्तिकारों को इसका प्रारूप तैयार करने को कहा गया। इसमें बहुत से प्रारूप आए, लेकिग मंदिर  निर्माण समिति ने इनमें से तीन को चुना। तीनों प्रारूप इतने सुंदर और आकृषित थे कि चयन समिति इस दुविधा में थी  कि इनमें से किस का चयन किया जाए। आखिर में यह तय हुआ कि तीनों शिल्पकारों से मूर्तियां बनवाई जाएं। जब ये मूर्तियां तैयार हो जाएँगी, तब  निर्णय किया जाएगा कि  इनमें से किसकी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इन तीन शिल्पकारों में एक अरुण योगिराज भी था। यह मूर्तियां 51 ईंच ऊंची तथा पांच वर्ष के बाल्यकाल की बननी थी। मूर्तियां पिछले महीने तैयार हो गई थीं। मूर्ति का चयन करने वाली समिति  ने इन तीनों मूर्तियों का नरीक्षण किया तथा अरुण योगीराज की मूर्ति का चयन किया। हालांकि अभी इसकी औपचारिक घोषणा होनी है लेकिन यह साफ  हो गया है कि अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई मूर्ति का चयन हो गया है। इसको लेकर कर्नाटक और विशेषकर मैसूरू में जश्न का माहौल  है। न केवल स्थानीय बल्कि अन्य स्थानों से प्रशंसक उनके परिवार के सदस्यों को बधाई दे रहे है। खुद अरुण योगीराज अभी अयोध्या में हैं तथा मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही लौटेंगे।<br /><br />उन्होंने मूर्ति तराशने का काम अयोध्या में 6 महीने पहले शुरू किया था। उन्होंने इसके लिए कृष्णशिला को चुना था, जो कर्नाटक के कुछ इलाकों में पाई जाती है। उनके  परिवार के सदस्यों का कहना है कि जब से उन्होंने मूर्ति तराशने का काम शुरू किया है तब से वे एक बार भी घर नहीं आए है। वे पूरे श्रद्धा भाव से मूर्ति के निर्माण करने में लगे रहे। मूर्ति तराशने का काम नित्य पूजा किए जाने के बाद शुरू होता था, जो दिनभर चलता रहता था। उनकी पत्नी विजयेता का कहना है कि बीच-बीच में वे मूर्ति के निर्माण में होने वाली प्रगति के बारे में भी बताते रहते थे। अरुण योगीराज को मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्राण प्रतिष्ठा में भाग लेने के लिए विधिवत रूप से आमंत्रित किया गया है।<br /><br />- लोकपाल सेठी<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jan 2024 18:54:02 +0530</pubDate>
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                <title>रामलला प्राण प्रतिष्ठा के लिए अमरोहा का मुस्लिम परिवार बना रहा है भगवा टोपियां</title>
                                    <description><![CDATA[कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भगवा टोपी बनाने का काम अमरोहा का बेग परिवार कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/muslim-family-of-amroha-is-preparing-caps-for-ayodhya-program/article-66267"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/ramlala.jpg" alt=""></a><br /><p>अमरोहा। अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे रामलला के विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रति अनुग्रहित भावों से भरा अमरोहा का एक  हुनरमंद मुस्लिम परिवार टोपियां तैयार करने में जुटा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 22 जनवरी 2024 को अयोध्या राम मंदिर में भगवान राम के बालरूप प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। यह सभी सनातनियों और भगवान श्री राम के अनुयायियों के लिए गौरव का क्षण होने वाला है। इस दौरान कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भगवा टोपी बनाने का काम अमरोहा का बेग परिवार कर रहा है।</p>
<p>अमरोहा के बटवाल मोहल्ले के निवासी नसीम बेग बताते हैं कि आप कल्पना नहीं कर सकते कि मुझे कितना फक्र महसूस महसूस हो रहा है कि जब 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के मौके पर अमरोहा में निर्मित पचास हजार टोपियां अपनत्व आत्मीयता और सछ्वाव की मिसाल कायम करेंगी।</p>
<p>गौरतलब है कि आम की मिठास के लिए देश विदेश में मशहूर सांप्रदायिक एकता की मिसाल अमरोहा में होली और राजनीतिक टोपियां बनाने वाले नसीम बेग के परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी टोपी तैयार करने का काम आज भी जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jan 2024 22:37:17 +0530</pubDate>
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