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                <title>people problems - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सरकार कर रही डिजिटलाइजेशन, जलदाय विभाग अब तक ऑफलाइन </title>
                                    <description><![CDATA[जलदाय विभाग में यह सुविधा लागू नहीं  होने का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या समय पर पानी के बिल उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचने से हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-government-is-doing-digitalization--the-water-supply-department-is-still-offline/article-95327"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । एक तरफ तो सरकार डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रही है। हर काम ऑनलाइन किया जा रहा है।  यहां तक कि कार्यालयों में ई फाइलिंग तक लागू कर दी गई है। वहीं आमजन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण जलदाय विभाग अभी भी ऑफलाइन ही है। जहां अधिकतर सरकारी कार्यालय आॅनलाइन व्यवस्था से जुड़ चुके है। वहीं जलदाय विभाग में यह सुविधा लागू नहीं  होने का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या समय पर पानी के बिल उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचने से हो रही है। बिजली विभाग में जहां बिजली के बिल जनरेट होने के बाद उपभोक्ताओं को ईमेल के जरिये भेजे जा रहे है। उसके बाद मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से  बिल की राशि और जमा करवाने की तिथि तक की जानकारी  दी जा रही है। साथ ही बिल को आॅनलाइन जमा करने की सुविधा भी दी हुई है। जिससे अब  उपभोक्ताओं को बिलजमा करवाने के लिए न तो बिजली विभाग के कार्यालय में जाना पड़ रहा है और न ही कतार में लगना पड़ रहा है। घर बैठे ही आॅनलाइन बिल का भुगतान किया जा रहा है। जिनके पास यह सुविधा नहीं है तो उनके पास बिल आने से पहले ही मैसेज आने पर वे समय पर बिजली के बिल का भुगतान कर पेनल्टीसे बच रहे है। </p>
<p><strong>बिल आने पर राशि व  तारीख की जानकारी</strong><br />वहीं अभी तक भी जलदाय विभाग के आॅनलाइन नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को बिल आने पर उसकी राशि व बिल जमा करने की तारीख की जानकारी मिल रही है। हालत यह हैकि बिजली का बिल पहले जहां दो महीने का आता  था वह हर महीने आने लगा है जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार कम पड़ रहा है। वहीं पानी का बिल अभी भी दो से तीन महीने का एक साथ दिया जा रहा है। वहीं निर्धारित तिथि तक बिल जमा नहीं करवाने पर पेनल्टी भी काफी अधिक लगाई जा रही है। </p>
<p><strong>अंतिम तिथि पर आ रहे बिल</strong><br />जलदाय  विभाग की हालत इतनी अधिक खराब है कि पानी के बिल भुगतान तिथि से एक दिन पहले या उसी दिन प्राप्त हो रहे है। जिससे कई  उपभोक्ता तो एक दम से बिल की राशि का न तो इंतजाम कर पाते और इंतजाम कर भी ले तो उसे जमा करवाने जाने का समय नहीं होता। जिससे स्थिति यह है कि अधिकतर उपभोक्ताओं को  मजबूरन भारी पेनल्टी भुगतनी पड़ रही है। </p>
<p><strong>जून से अगस्त का बिल</strong><br />जलदाय विभाग की ओर से वर्तमान में उपभोक्ताओं को जून से अगस्त तक कातीन माह का बिल भेजा गया है। उस बिल में नकद भुगतान की तिथि 19 नवम्बर है और चैक से भुगतान की तिथि 18 नवम्बर है। जबकि अधिकतर उपभोक्ताओं को बिल का वितरण ही शनिवार को किया गया है। रविवार को अवकाश होने से बिल जमा नहींहो सका। सोमवार को अंतिम तिथि होनेसे अधिकतर उपभोक्ता परेशान होते रहे।</p>
<p><strong>समय पर कभी नहीं आते बिल</strong><br />पानी के बिल समय पर नहीं आने से अधिकतर उपभोक्ता परेशान है। शॉपिंग सेंटर निवासी रोहित सिंह का कहना है कि पानी के बिल एक तो दो से तीन माह का एक साथ आता है। वह भी बिल की तारीख नजदीक होने पर आता है। जिससे कई बार तो बिल समय पर जमा ही नहीं कर पाते। अधिकतर बार पेनल्टी भुगतनी पड़ती है।जबकि जलदाय विभाग को बिल आॅनलाइन भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए। छावनी निवासी गोपाल अग्रवाल ने बताया कि जिस तरह से बिजली का बिल हर महीने व मोबाइल पर मैसेज से जानकारी दी जाती है। जलदाय विभाग को भी ऐसी सुविधा करनी चाहिए।जिससे आॅफलाइन बिल नहीं आने पर भी कम से कम लोग समय पर बिल जमा तो  करवा सके। उन्होंने बताया कि पानी का बिल जमा करवाने की तोआॅनलाइन  सुविधा है लेकिन जमा तो तब करवाएंगे जब समय पर बिल आएगा। </p>
<p><strong>अधिकारियों ने नहीं किया फोन रिसीव</strong><br />शहर के उपभोक्ताओं की इस समस्या के बारे में बात करने के लिए जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता श्याम माहेश्वरी व अधीक्षण अभियंता भारत भूषण मिगलानी को कई बार मोबाइल पर फोन किए गए लेकिन उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Nov 2024 16:15:00 +0530</pubDate>
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                <title> दक्षिण निगम चल रहा आॅफ लाइन, उत्तर हाईटेक</title>
                                    <description><![CDATA[इस वेबसाइट पर कोटा निगम से संबंधित जानकारी तो मिल रही है जबकि कोटा दक्षिण के बारे में अलग से जानकारी नहीं मिल पा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/south-corporation-running-offline--north-hitech/article-48379"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/dakshin-nigam-chal-raha-hai-off-line,-uttar-hitech...kota-news-10-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्वायत्त शासन विभाग ने कोटा में नगर निगम को उत्तर व दक्षिण में तो बांट दिया। करीब ढाई साल का समय बीत चुका है। लेकिन हालत यह है कि नगर निगम कोटा दक्षिण अभी तक भी अपनी अल से वेबसाइट तक नहीं बना सका है। जिससे आमजन को कोटा दक्षिण निगम से संबंधित आॅनलाइन जानकारी तक नहीं मिल पा रही है।  देश में वर्तमान में जहां हर काम आॅनलाइन होने लगे हैं। हर व्यक्ति घर बैठे मोबाइल व लैपटॉप पर सभी जानकारी पलभर में जानना चाहता है। ऐसे में लोगों को नगर निगम कोटा दक्षिण के बारे में आॅनलाइन जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसका कारण कोटा में दो नगर निगम उत्तर व दक्षिण तो बना दिए। लेकिन कोटा दक्षिण का गठन होने के ढाई साल बाद भी अभी तक इसकी अलग से कोई वेबसाइट तक नहीं बनाई गई है।</p>
<p><strong>नवम्बर 2020  में हुआ बोर्ड का गठन </strong><br /> नवम्बर 2020 में निगम के चुनाव हुए। जिनमें कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण दोनों निगमों क बोर्ड गठित हुए। दोनों में कांग्रेस के बोर्ड बने। बोर्ड बने करीब ढाई साल का समय हो गया है। लेकिन निगम के किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि से इस पर ध्यान ही नहीं दिया कि कोटा दक्षिण निगम की अलग से कोई वेबसाइट बनाई जाए। जिससे लोगों को सुविधा हो। कोटा में पहले जब एक नगर निगम थी। उस समय निगम की वेबसाइट कोटा एमसी. ओआरजी थी। वह दो निगम उत्तर व दक्षिण बनने के बाद कोटा उत्तर निगम के अधिकार क्षेत्र में चली गई है। इस वेबसाइट पर कोटा निगम से संबंधित जानकारी तो मिल रही है जबकि कोटा दक्षिण के बारे में अलग से जानकारी नहीं मिल पा रही है। जिससे अधिकतर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत सम्पर्क पोर्टल पर या ईमेल पर: नगर निगम से संबंधित कोई शिकायत होने पर लोग सम्पर्क पोर्टल पर डाल रहे हैं। या फिर ईमेल पर ही शिकायत भेज रहे हैं। ईमेल विभाग के संबंधित कर्मचारी या अधिकारी ही खोल सकते हैं। सम्पर्क पोर्टल पर सभी विभागों की शिकायतें आने पर निगम को ट्रांसफर की जा रही है। जबकि कोटा दक्षिण निगम  में क्या कुछ हो रहा है इसकी आॅनलाइन जानकारी आमजन को नहीं मिल पा रही है। जानकारी चाहे पट्टों से संबंधित हो या जन्म मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्र या अन्य किसी आवेदन की। इनके संबंध में चलने वाली प्रक्रिया लोग आॅनलाइन जानना तो चाहते हैं लेकिन उन्हें इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। </p>
<p><strong>आवेदन संबंधी जानकारी नहीं </strong><br />निगम की वेबसाइट व एप नहीं होने से यदि किसी व्यक्ति ने कोई आवेदन किया। उसके बाद वह आवेदन किस अधिकारी के पास है। किस कारण से और कहां अटका हुआ है। उस आवेदन पत्र का वर्तमान स्टेटस क्या है। या नगर निगम कोटा दक्षिण में क्या गतिविधि हो रही है। इसकी जानकारी आॅनलाइन नहीं मिल पा रही है। जिससे लोगों को अपने आवेदन संबंधी जानकारी के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहां संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के नहीं मिलने पर लोग इधर से उधर परेशान होते हुए घूमने को मजबूर हैं। </p>
<p><strong>लोगों की पीड़ा</strong><br />छावनी निवासी राकेश यादव का कहना है कि कोटा दक्षिण निगम का गठन नवम्बर 2020 में हो गया है। अलग से निगम बनने के बाद भी अभी तक उसकी अलग से कोई वेबसाइट नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कोटा दक्षिण निगम से संबंधित कोई आॅनलाइन जानकारी ही नहीं मिल पा रही है।  दादाबाड़ी निवासी रितिक शर्मा का कहना है कि युवा पीढ़ी तकनीकी रूप से काफी सुदृढ़ है। ऐसे में रह हर जानकारी आॅनलाइन करना चाहता है। लेकिन कोटा दक्षिण निगम के बारे में आॅनलाइन जानकारी ही नहीं मिल पा रही है। उसकी अलग से कोई वेबसाइट ही नहीं है। जबकि छोटे-छोटे विभाग वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की अलग से कोई वेबसाइट नहीं होने की जानकारी मुझे भी कुछ समय पहले ही पता चली है। लोगों ने जानकारी दी तो आश्चर्य भी हुआ कि इस हाईटैक समय में कोटा दक्षिण निगम की अपनी कोई वेबसाइट नहीं है।  जबकि कोटा दक्षिण निगम की अपनी वेबसाइट होनी चाहिए। इस संबंध में हाल ही में आयुक्त को एक यू.ओ. नोट लिखा है। जिसमें कोटा दक्षिण निगम की अलग से वेबसाइट व एप्लीकेशन एप शीघ्र बनाने को कहा गया है। <br /><strong>- पवन मीणा, उप महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>
<p>नगर निम कोटा दक्षिण की अलग से कोई वेबसाइट नहीं होने की जानकारी नहीं है। ईमेल व सम्पर्क पोर्टल पर तो शिकायतें भी मिल रही है। जिनका समाधान भी किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो इस संबंध में महापौर व उप महापौर और संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर कोटा दक्षिण निगम की अलग से वेबसाइट बनवाई जाएगी। <br /><strong>- राजेश डागा, कार्यवाहक आयुक्त नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Jun 2023 15:38:50 +0530</pubDate>
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