<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/major-accident/tag-36246" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>major accident - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/36246/rss</link>
                <description>major accident RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जर्जर भवन में 42 से अधिक विद्यार्थी पढ़ने को मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[नई जमीन,बजट,ठेकेदार तय, फिर भी स्कूल भवन का काम अटका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/over-42-students-forced-to-study-in-a-dilapidated-building/article-166537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(1)81.png" alt=""></a><br /><p>अरण्डखेड़ा। राजकीय उच्च प्राथमिक पद विद्यालय बालापुरा का भवन जर्जर होने से यहां अध्ययनरत 42 से अधिक करि छात्र-छात्राएं हर दिन डर के साए में पढ़ने ने को मजबूर हैं। स्थानीय अभिभावकों में और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द नया भवन निर्माण शुरू करवाने की मांग की है। ग्रामीण राजेंद्र मीणा ने बताया किविद्यालय भवन की स्थिति काफी खराब हो चुकी है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे के बाद क्षेत्र के कई जर्जर विद्यालयों को बंद कर अन्य स्थानों पर संचालित किया गया था, लेकिन बालापुरा विद्यालय की स्थिति को लेकर अभी तक अधिकारियों ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों के अनुसार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान विद्यालय भवन राजमार्ग की सीमा में आने से पंचायत प्रशासन ने नई भूमि आवंटित कर उसे अतिक्रमण मुक्त करवा दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से भवन निर्माण के लिए बजट भीजारी कियागया।</p>
<p><strong>पांच शिक्षकों की नियुक्ति की मांग</strong><br />ग्रामीण राजेंद्र मीणा, सुरेशचंद मीणा, कुलदीप मीणा सहित अन्य ग्रामवासियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कोटा, सीबीईओ लाडपुरा और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द वर्क ऑर्डर जारी कर भवन निर्माण शुरू करवाया जाए। साथ ही विद्यालय में प्रधानाध्यापक पद भरने और पांच शिक्षकों की नियुक्ति की मांग भी की गई है।</p>
<p><strong>पूरी प्रक्रिया होने के बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि नई जमीन उपलब्ध होने, बजट स्वीकृत होने और ठेकेदार का चयन होने के बावजूद अभी तक कार्यादेश जारी नहीं किया गया है। इसके बाद 25 मई 2026 को नई निविदा जारी कर ठेकेदार का चयन भी कर लिया गया, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br /> विद्यालय भवन निर्माण का कार्य समसा (राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद) के माध्यम से करवाया जाएगा, जिसके लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।<br /><strong>- केके शर्मा, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/over-42-students-forced-to-study-in-a-dilapidated-building/article-166537</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/over-42-students-forced-to-study-in-a-dilapidated-building/article-166537</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Sep 2026 16:02:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-09/111200-x-600-px%29-%281%2981.png"                         length="1261822"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जैसलमेर बस हादसे ने किए कई सवाल खड़े : सिर्फ एक माह पुरानी बस में बड़ा हादसा, जांच के घेरे में बॉडी बिल्डिंग कम्पनी और परमिट सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[जैसलमेर बस हादसे ने किए कई सवाल खड़े। बस में बैठने की स्वीकृत सीटें 20 थीं, जबकि स्लीपर कैटेगरी में 26 सीटें दर्ज। बस ने अब तक सिर्फ 3-4 ट्रिप ही किए थे। परिवहन विभाग ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaisalmer-bus-accident-raises-many-questions-major-accident-in-just/article-129723"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जैसलमेर बस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में शामिल बस (आरजे-09 पीए 8040) महज एक माह पहले खरीदी गई थी। जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2025 को बस खरीदी गई और जोधपुर आरटीओ से इसका अस्थायी पंजीकरण हुआ। बाद में 1 अक्टूबर को चित्तौड़गढ़ आरटीओ में इसका स्थायी पंजीकरण किया गया। यह बस जोधपुर की जैन ट्रेवल्स बॉडी बिल्डिंग कम्पनी से तैयार की गई थी और टाटा कंपनी की नई चेसिस पर बनाई गई थी। बस में बैठने की स्वीकृत सीटें 20 थीं, जबकि स्लीपर कैटेगरी में 26 सीटें दर्ज थीं।</p>
<p>चित्तौड़गढ़ निवासी बस मालिक तुराब अली ने बताया कि बस ने अब तक सिर्फ 3-4 ट्रिप ही किए थे, जैसलमेर से जोधपुर रूट पर। मंगलवार को इसी बस में बड़ा हादसा हो गया। आग कैसे लगी, इस पर तुराब अली ने कुछ स्पष्ट नहीं कहा—बस इतना बोले कि शायद पीछे से आग लगी और फैल गई। अब बड़ा सवाल यह है कि इतनी नई बस में आग कैसे लगी? क्या बॉडी बिल्डिंग कम्पनी की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं? साथ ही यह भी जांच का विषय है कि टूरिस्ट परमिट पर पंजीकृत बस स्टेज कैरिज के रूप में कैसे संचालित हो रही थी। परिवहन विभाग ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaisalmer-bus-accident-raises-many-questions-major-accident-in-just/article-129723</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaisalmer-bus-accident-raises-many-questions-major-accident-in-just/article-129723</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 15:15:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/y-of-news12.png"                         length="258177"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में एक ही महीने में चौथी बार ट्रेन को बेपटरी करने की घटना, नैनी दून एक्सप्रेस को पटरी से उतारने का षड्यंत्र</title>
                                    <description><![CDATA[घटना की जानकारी मिलते ही रेल्वे पुलिस और उत्तरप्रदेश पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर ट्रेक क्लीयर करवाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/conspiracy-to-derail-naini-doon-express-fourth-train-derailment-in/article-90990"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(9)2.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश की गई। रामपुर जिले में उत्तराखंड के बॉर्डर से सटी कॉलोनी के पीछे से गुजर रही रेलवे लाइन पर टेलीकॉम का पुराना 7 मीटर लंबा खंभा रख दिया गया। इसी बीच वहां से दून एक्सप्रेस गुजर रही थी रेलवे ट्रैक पर खंबा रखा देख ट्रेन को लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर एक बड़े हादसे को होने से बचा लिया।</p>
<p>घटना की सूचना परजीआरपी और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद अधिकारियों ने खंभे को रेलवे ट्रैक से हटवाकर ट्रेक क्लीयर करवाया और ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया। यह घटना 18 सितंबर रात्रि की बताई जा रही है।</p>
<p><strong>आसपास के लोगों से की पूछताछ</strong><br />इसके बाद दिन निकलने के बाद सुबह अधिकारियों की टीम दोबारा घटनास्थल पहुंची। आसपास के लोगों से जानकारी ली तो लोगों ने बताया कि कॉलोनी के पीछे से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर कुछ युवक नशा करते हैं। इसी वजह से आसपास के इलाकों में छोटी-मोटी चोरियां भी होती हैं, यह काम उन्हीं लोगों का है, फिलहाल जीआरपी आरपीएफ  और जिले की पुलिस इस खंबे को रखने वाले की तलाश में जुट गई है।</p>
<p><strong>कब कब हुए बेपटरी करने के षड्यंत्र</strong></p>
<ul>
<li>16 अगस्त साबरमती एक्सप्रेस</li>
<li>24 अगस्त पैसेंजर ट्रेन</li>
<li>8 सितंबर कालिंदी एक्सप्रेस</li>
</ul>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/conspiracy-to-derail-naini-doon-express-fourth-train-derailment-in/article-90990</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/conspiracy-to-derail-naini-doon-express-fourth-train-derailment-in/article-90990</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Sep 2024 19:25:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-09/630400-size-%289%292.png"                         length="528347"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस कांस्टेबल की सक्रियता से टला बड़ा हादसा </title>
                                    <description><![CDATA[फर्नीचर शोरूम में लगी आग, कांस्टेबल रामप्रकाश ने तीसरी मंजिल पर फंसे 30 छात्रों की बचाई जान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-major-accident-was-averted-due-to-the-activeness-of/article-80710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/yy211rer-(11)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर पुलिस की सक्रियता से आग से होने वाला बड़ा हादसा टल गया। हुआ यूं कि दोपहर करीब 12 बजे गोपालपुरा पुलिया के पास एक बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर फर्नीचर शोरूम में आग लग गई।</p>
<p>इस भवन की तीसरी मंजिल पर एक कोचिंग चलती है। आग की लपटें वहां तक पहुंचने लगीं। इस कोचिंग में 30 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद थे। भवन से धुआं और आग की लपटें निकलते देख एक स्कूटी सवार ने गोपालपुरा मोड़ स्थित डीसीपी ईस्ट कार्यालय के बाहर खड़े कांस्टेबल रामप्रकाश को सूचना दी। कांस्टेबल तुरंत स्कूटी पर बैठे और कन्ट्रोल रूम को सूचना देते हुए घटना स्थल पर पहुंच गए। रामप्रकाश तुरंत आग व धुएं से घिरी बिल्डिंग के अंदर पहुंचे और वहां दरवाजे व खिड़की के शीशे तोड़कर छात्रों को सकुशल बाहर निकाला।</p>
<p>इस दौरान दमकम भी मौके पर पहुंच गई और आग बुझाना शुरू किया। यातायात को डायवर्ट किया गया। पांच दमकलों ने दो घंटे में आग पर काबू पा लिया। आग से फर्नीचर का सामान राख में तब्दील हो गया। आग के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>
<p>डीसीपी ईस्ट कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि गोपालपुरा बाइपास के पास एक तीन मंजिला बिल्डिंग में शीतल नाम से फर्नीचर का शोरूम है। यह शोरूम बेसमेंट से लेकर सैकण्ड फ्लोर तक है। इस भवन की तीसरी मंजिल में सॉफ्टवेयर नाम से कोचिंग चलती है। करीब 12 बजे फर्नीचर शोरूम में आग लग गई। आग के कारण बिल्डिंग में काम करने वाले 5-6 कर्मचारी व 30 से अधिक छात्र फंस गए, जिन्हें कांस्टेबल रामप्रकाश ने बाहर निकाला। </p>
<p><strong>गांधी नगर मोड़ पर आग लगी, बामुश्किल काबू पाया</strong><br />गांधी नगर मोड़ पर ऊपर की मंजिल पर आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग से धुआं होने से बिल्डिंग से लोग सड़क पर बाहर भागने लगे। थानाधिकारी उदयभान सिंह ने बताया कि ऊपर की मंजिल पर कबाड़ में लगी आग को दमकल मशीनों से बुझाया गया। करीब आधे घण्टे बाद ही आग पर काबू पाया जा सका। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-major-accident-was-averted-due-to-the-activeness-of/article-80710</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-major-accident-was-averted-due-to-the-activeness-of/article-80710</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Jun 2024 11:54:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/yy211rer-%2811%291.png"                         length="507907"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Major Accident : खेतड़ी में हिंदुस्तान कॉपर की खदान में लिफ्ट की चेन टूटने से 15 अधिकारी फंसे</title>
                                    <description><![CDATA[नीमकाथाना जिले की खेतड़ी में स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की कोलिहान खदान में लिफ्ट की चेन टूट गई। इस लिफ्ट में कोलकाता से आई विजिलेंस की टीम और खेतड़ी कॉपर कॉरपोरेशन के अधिकारी फंस गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/15-officers-trapped-after-lift-chain-breaks-in-hindustan-copper/article-78008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/tt21rer-(11).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नीमकाथाना जिले की खेतड़ी में स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की कोलिहान खदान में लिफ्ट की चेन टूट गई। इस लिफ्ट में कोलकाता से आई विजिलेंस की टीम और खेतड़ी कॉपर कॉरपोरेशन के अधिकारी फंस गए। लिफ्ट में करीब 15 अधिकारी-कर्मचारियों के फंसे होने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू टीम के सहारे निकालने के प्रयास शुरू किए। फंसे लोगों में 13 लोगों की पुष्टि हो गई है जबकि दो के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। देर रात माइंस में प्रशासन की ओर से आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम माइंस में नीचे उतारी गई है। टीम में खेतड़ी कॉपर कॉर्पोरेशन(केसीसी) के एक्सपर्ट कर्मचारियों को भी नीचे उतारा गया है। मौके पर एम्बूलेंस, के्रन और डॉक्टर्स की टीम भी मौजूद रही। </p>
<p><strong>दो दिन से चल रहा था विजिलेंस टीम का दौरा</strong><br />कोलकाता से विशेष विजिलेंस टीम कॉपर खदानों का दौरा करने के लिए आई थी, यूनिट के जीडी गुप्ता सहित विजिलेंस टीम के अन्य अधिकारी खान में लिफ्ट से नीचे उतरे थे।</p>
<p><strong>यह अधिकारी खान में फंसे  </strong><br />हादसे में लिफ्ट में फंसे खेतड़ी कॉपर कारपोरेशन के यूनिट चीफ  जीडी गुप्ता, डीएसएम वी. भंडारी, अधिकारी ए.के. शर्मा, के.एस, गहलोत, रमेश कुमार, एके बैहरा,  विनोद शेखावत, ए.ए. भंडारी, एन सहाय, प्रीतम सिंह, विकास पारीक, हंसी राम सहित कुल 14 विजिलेंस टीम के सदस्य बताए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/15-officers-trapped-after-lift-chain-breaks-in-hindustan-copper/article-78008</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/15-officers-trapped-after-lift-chain-breaks-in-hindustan-copper/article-78008</guid>
                <pubDate>Wed, 15 May 2024 11:27:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/tt21rer-%2811%29.png"                         length="382564"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली गुल, दस मिनट लिफ्ट में फंसी रही सांसें</title>
                                    <description><![CDATA[लिफ्ट के अंदर खड़े लोगों ने दरवाजा खटखटाया करीब दस मिनट बाद बाहर से लोगों ने इंमरजेंसी चाबी लगाकर दरवाजा खोला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/power-cut--breath-stuck-in-the-lift-for-ten-minutes/article-48773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/bijle-gul,-das-minute-lift-me-fasi-rhi-sanse...kota-news-14-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा संभाग के सबसे बड़े एमबीएसम अस्पताल में मंगलवार को बड़ा हादसा होने से टल गया। दोपहर 1.30 बजे बिजली गुल होने से नी ओपीडी की लिफ्ट में आठ  लोग फंस गए।  गनीमत रही की लिफ्ट के सैंकड फ्लोर पर पहुंचने के बाद बिजली गुल हुई जिससे अंदर फंसे लोगों ने दरवाजा बजाकर गेट खुलवाया। यदि लिफ्ट बीच में फंस जाती तो लोगों की जान सांसत में फंस सकती थी। लिफ्ट में फंसे लोगों ने बताया कि दस मिनट तक सांसे अटक गई । लिफ्ट में आठ लोग थे और बिजली बंद होने से अंदर का पंखा बंद हो गया। हवा का कोई रास्ता नहीं होने से लोगों का दम घुटने लगा था। </p>
<p><strong>एमबीएस में आठ से अधिक जनरेटर, फिर भी बिजली की समस्या</strong><br />एमबीएस अस्पताल में कहने को तो आठ से दस जनरेटर लगे हुए हैं लेकिन बिजली गुल होने पर इनको समय पर नहीं चलाया जाता है। बिजली आने का आधा घंटे तक इंतजार करने के बाद ही चलाया जाता है। तब तक मरीज और डॉक्टर परेशान होते रहते हैं। मंगलवार को लिफ्ट में फंसने के पीछे भी समय पर जनरेटर चालू नहीं किया गया जिससे ये परेशानी आई।</p>
<p><strong>जान सांसत में आ गई</strong><br />लिफ्ट मेंं फंसे मोहम्मद भाई ने बताया कि लिफ्ट अचानक बंद हो गई। अंदर का अलार्म काम नहीं कर रहा था। लिफ्ट सैकंड फ्लोर पर पहुंच गई इसलिए बाहर खड़े लोगों ने हमारी आवाज सुन ली। यदि लिफ्ट बीच में होती तो आज जान ही चली जाती। पहले हाथ में फ्रैक्चर का दर्द उस पर दस मिनट बिना हवा के गर्मी से दम घुटने लगा था। दस मिनट बाद दरवाजा खुला तब जान में जान आई।</p>
<p><strong>थोड़ी देर और होती तो बेहोश हो जाती</strong><br />लिफ्ट में फंसी तेज कंवर ने बताया कि लिफ्ट एक में सैंकड फ्लोर पर न्यूरोलॉजी विभाग में दिखाने जाने के लिए सवार हुए। अचानक लिफ्ट की लाइट बंद हो गई और झटके के साथ लिफ्ट बंद हो गई। अंदर खड़े लोगों ने दरवाजा खटखटाया करीब दस मिनट बाद बाहर से लोगों ने इंमरजेंसी चाबी लगाकर दरवाजा खोला। इस दौरान मेरा दम घुटने लगा और सांस लेने में परेशानी होने लगी । पास खड़े लोगों ने एक्सरे से हवा कर मुझे संभाला। थोडी देर दरवाजा खुलने में देर हो जाती तो बेहोश हो जाती। </p>
<p><strong>नई लिफ्ट होने पर ठीक से नहीं कर रही काम</strong><br />लिफ्ट में फंसे कयूम भाई बोहरा ने बताया कि अभी हाल में करोड़ों रुपए खर्च कर नई ओपीडी का भवन बनाया लेकिन यहां बिजली सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। आए दिन बिजली गुल होने से मरीजों की जान सांसत में आ जाती है। अस्पताल प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। आज जो हादसा हुआ वो आगे नहीं हो इसके लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। अस्पताल में जनरेटर होने पर चालू नहीं करने से ऐसी समस्याएं आती है।</p>
<p>लिफ्ट लोगों के फंसे होने की घटना मेरी जानकारी में नहीं आई है। दोपहर 2.30 बजे तक में एमबीएस अस्पताल में ही थी। इसकी जांच कराई जाएगी।<br /><strong>- डॉ. संगीता सक्सेना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>
<p>लिफ्ट खराब होने की किसी भी व्यक्ति ने शिकायत नहीं दी। फिर पूरे सिस्टम को एक बार फिर से चैक करा लेते हंै। बिजली गुल होने पर जनरेटर को समय पर चालू करने के लिए संबंधित को पाबंद किया जाएगा।<br /><strong>- डॉ. दिनेश वर्मा, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/power-cut--breath-stuck-in-the-lift-for-ten-minutes/article-48773</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/power-cut--breath-stuck-in-the-lift-for-ten-minutes/article-48773</guid>
                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 14:30:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-06/bijle-gul%2C-das-minute-lift-me-fasi-rhi-sanse...kota-news-14-06-2023.jpg"                         length="318092"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        