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                <title>इन्द्रगढ़-मोहनपुरा लिंक रोड की टूटी पुलिया से जनजीवन प्रभावित, बारिश में क्षतिग्रस्त पुलिया महीनों से बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों की मांग है कि मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मार्ग चालू किया जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/a-broken-culvert-on-the-indragarh-mohanpura-link-road-has-disrupted-public-life--the-culvert--damaged-during-the-rains--has-been-closed-for-months/article-135319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। इन्द्रगढ़ से मोहनपुरा जाने वाले लिंक रोड पर इंद्राणी नदी पर बनी पुलिया बारिश के दौरान तेज बहाव में टूट गई थी, जिसका सुधार कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। पुलिया बंद होने से मोहनपुरा के ग्रामीणों और इन्द्रगढ़ नगरवासियों को  असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग पुराना बस स्टैंड के पास स्थित भट्टे से होते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय को जोड़ता हुआ आगे मोहनपुरा ग्राम तक जाता है। इसी रास्ते से ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन्द्रगढ़ में उपचार के लिए जाते हैं और कई सब्जी विक्रेता अपनी उपज इन्द्रगढ़ और सुमेरगंजमंडी ले जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया टूटने के कारण उन्हें दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर श्रीराम चौराहा होकर इन्द्रगढ़ पहुंचना पड़ता है, जिससे चौराहे पर अनावश्यक भीड़भाड़ बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई और अगस्त की भारी बारिश में पुलिया टूटने के बाद से स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई विभागीय कार्यालयों जैसे तहसील, विद्युत, जलदाय तक पहुँचने के लिए भी लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बबार्दीहो रही है।</p>
<p>ग्रामीणों की मांग है कि जब तक स्थायी पुलिया का निर्माण नहीं होता, तब तक मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मार्ग चालू किया जाए, ताकि आवागमन सुचारू हो सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही टूटी हुई रपट के स्थान पर स्थायी पुलिया निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अस्थायी समाधान उपलब्ध होने पर रोजमर्रा का आवागमन कुछ हद तक सहज हो सकेगा।</p>
<p><strong>संबंधित अधिकारी तुरंत पुलिया निर्माण का प्रस्ताव लें </strong><br />तेज बारिश होने से इंद्राणी नदी मे आए तेज बहाव से रपट पुलिया टूट गई है संबंधित अधिकारियों से मिलकर जल्द ही बड़ी पुलिया निर्माण का प्रस्ताव तैयार करवाने की मांग करेंगे ताकि इसका स्थाई समाधान हो सकें एवं आमजन को राहत मिले <br /><strong>-गिरिराज जैन, अध्यक्ष भाजपा शहर मंडल, इन्द्रगढ़</strong></p>
<p><strong>दो किमी चक्कर, मुश्किल सफर</strong><br />मोहनपुरा लिंक रोड की पुलिया टूटने से मोहनपुरा वासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों को 2 किमी. अतिरिक्त चक्कर लगा कर सरकारी कार्यालयों में पहुंचना पड़ता है ।<br /><strong>-लोकेश कुमार सैनी, भाजपा नेता व निवासी ग्राम मोहनपुरा  </strong></p>
<p><strong> आवागमन बंद , आमजन परेशान </strong><br />मोहनपुरा लिंक रोड पुलिया पर आवागमन बंद होने से इन्द्रगढ़ सब्जी मंडी व कटला बाजार में आने वाले व्यापारी व ग्राहक को परेशानी हो रही है। इसका समस्या का जल्द ही समाधान होना चाहिए, जिससे व्यापारी, ग्राहक व आमजन को राहत मिले<br /><strong>-नवीन कुमार राठौर, भाजपा नेता व व्यापारी इन्द्रगढ़। </strong></p>
<p><strong>आखिर जाम से कब मिलेगी निजात</strong><br /> पुलिया टूटने से भारी परेशानी हो रही अतिरिक्त चक्कर के साथ-साथ कई बार चौराहा के जाम लगने से कई समस्या का सामना करना पड़ता है जिससे अतिरिक्त समय लगता है। इसका जल्द समाधान होना चाहिए ।<br /><strong>-सत्यनारायण बंसल, स्थानीय व्यापारी इन्द्रगढ़। </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />तेज बारिश के कारण मोहनपुरा रोड की रपट पुलिया टूट गई थी। इसके स्थान पर नई कॉलम वाली पुलिया का निर्माण कराया जाएगा, ताकि समस्या का स्थाई हल हो सके एवं कुछ दिनों में अस्थाई रूप से आवागमन शुरू करवा दिया जाएगा ।<br /><strong>-बृज भूषण शर्मा,अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका इन्द्रगढ़</strong></p>
<p> रपट पुलिया टूट जाने से मोहनपुरा से इन्द्रगढ़ में व्यापार करने आने वाले व्यापारियों के साथ सब्जी विक्रेताओ और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है जल्द ही नई पुलिया का निर्माण करवाने का प्रयास किया जाएगा ।<br /><strong>-नीलम भारती, चेयरमैन, नगर पालिका, इन्द्रगढ़।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 15:28:23 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इन्द्रगढ़ में स्थाई बस स्टैंड की कमी, यात्री, राहगीर और व्यापारी होते हैं प्रतिदिन परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[कई बसों के मुख्य सड़क पर खड़े होने से दिनभर जाम लगा रहता है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-lack-of-a-permanent-bus-stand-in-indragarh-causes-daily-inconvenience-to-passengers--pedestrians--and-traders/article-132945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(700-x-400-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। जिले का महत्वपूर्ण कस्बा इन्द्रगढ़ आज भी स्थाई बस स्टैंड के अभाव से जूझ रहा है। यहां से प्रतिदिन कोटा, बूंदी, बारां, टोंक, सवाई माधोपुर, अलवर, धौलपुर सहित कई जिलों के लिए रोडवेज व प्राइवेट बसों का निरंतर आवागमन होता है। इसके अलावा श्री बिजासन माता, कमलेश्वर महादेव और सहस्त्रफणी पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थ होने से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां से होकर गुजरते हैं। बढ़ती बसों की आवाजाही के बीच निर्धारित बस स्टैंड न होने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थाई व्यवस्था न होने के कारण अलग-अलग स्थानों पर बसें खड़ी होती हैं। कोटा जाने वाली बसें चुंगी नाका पर पेट्रोल पंप के सामने, बूंदी जाने वाली बसें पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर्किल के पास, जबकि जयपुर, टोंक, अलवर, दिल्ली व धौलपुर मार्ग की बसें श्रीराम चौराहे पर नहर किनारे मुख्य सड़क पर खड़ी रहती हैं। </p>
<p>इसी प्रकार सवाई माधोपुर, नैनवा, देई, उनियारा मार्ग की प्राइवेट बसें गौण मंडी स्थित अस्थाई बस स्टैंड और मुक्ति धाम तिराहे पर रुकती हैं। कई बसें सीधे मुख्य सड़क पर ही खड़ी हो जाती हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। बसों के पास ही रिक्शा, आॅटो और टेम्पो चालक यात्रियों की प्रतीक्षा में वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। इसका सीधा असर राहगीरों, आमजन और व्यापारियों पर पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन्द्रगढ़ में स्थाई बस स्टैंड का निर्माण हो जाए तो न केवल जाम की समस्या समाप्त होगी बल्कि यात्रियों को सुरक्षित व सुव्यवस्थित सुविधा भी मिल सकेगी। इसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई जा रही है।</p>
<p>बस स्टैंड एक आधारभूत सुविधा है इन्द्रगढ़ मे स्थाई बस स्टैंड नहीं होना गंभीर समस्या है जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं साथ ही बार बार ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती है व दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है <br /><strong>- बृज भूषण शर्मा,अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका इन्द्रगढ़। </strong></p>
<p>अगर स्थाई बस स्टैंड बने तो यात्रियों के साथ साथ व्यापारियों को भी राहत मिलेगी क्योंकि विभिन्न स्थानों पर दुकानों के आगे बसे खड़ी होने से व्यापार भी प्रभावित होता है जिससे व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है<br /><strong>- तनिष्क गर्ग, अध्यक्ष किराना व्यापार संघ इन्द्रगढ़ </strong></p>
<p>स्थाई बस स्टैंड के लिए पूर्व में भी प्रयास किया गया था परन्तु अब बस स्टैंड के लिए सभी को एक साथ सामूहिक प्रयास करना चाहिए बस स्टैंड बनने से यात्रियों को भी सुविधा होगी साथ ही व्यापार मे भी बढ़ोतरी होगी <br /><strong>- सन्मति जैन हरकारा, पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष, इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>इन्द्रगढ़ मे स्थाई बस के लिए प्रस्ताव बना कर जल्द ही भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल राजस्थान सरकार के परिवहन मंत्री से मिलेगा एवं क्षेत्रीय सांसद व लोकसभा अध्यक्ष ओम जी बिरला को भी इससे अवगत कराया जाएगा एवं स्थाई बस बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा<br /><strong>- गिरिराज जैन (गिरु), अध्यक्ष भाजपा शहर मंडल इन्द्रगढ़ </strong></p>
<p>इन्द्रगढ़ मे बस स्टैंड की मांग काफी पुरानी है नगर पालिका स्तर पर भी स्थाई बस स्टैंड बनाने की मांग की जाएगी इन्द्रगढ़ मे बस स्टैंड बनाने के लिए नगर पालिका की ओर से पूरी मदद की जाएगी<br /><strong>- नीलम भारती, चेयरमैन नगर पालिका इन्द्रगढ़ </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 16:37:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 17- विकास के वादों के बीच जमीनी हकीकत बदहाल, बुनियादी सुविधाएं भी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[सड़कों पर रोड लाइटें नहीं होने से  रात में रहता है अंधेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-17---ground-reality-starkly-contrasts-with-development-promises--basic-amenities-lacking/article-131566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड नंबर 17 की तस्वीर विकास के वादों से एकदम उलट नजर आती है। वार्ड में मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना रखी है। क्षेत्र के कई हिस्सों में सफाई, रोशनी और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं अब तक अधूरी हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। </p>
<p><strong>रायपुरा चौराहे पर रोजाना जाम से त्रस्त लोग</strong><br />वार्ड की सबसे बड़ी समस्या रायपुरा चौराहे पर रोजाना लगने वाला जाम है। सुबह से शाम तक इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। खासकर स्कूल टाइम और दफ्तर के समय में स्थिति और भी बिगड़ जाती है। राहगीर और वाहन चालक घंटों तक फंसे रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। न तो ट्रैफिक सिग्नल ठीक से काम कर रहे हैं और न ही पुलिस की नियमित मौजूदगी रहती है। <br /><strong> </strong><br /><strong>निवासियों की मांग, जल्द मिले राहत </strong><br />वार्ड 17 के निवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इन समस्याओं पर कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ घोषणाएं होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं दिखता। वार्ड की यह तस्वीर साफ बताती है कि विकास का दावा करने वाली व्यवस्थाएं हकीकत में कितनी कमजोर हैं। नगर निगम प्रशासन कब तक इन शिकायतों को अनसुना करता रहेगा और कब इन क्षेत्रों के रहवासी राहत की सांस ले पाएंगे।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया : </strong>रायपुरा, राजनगर, गायत्री विहार, मानसरोवर कॉलोनी, कंवरपुरा, धाकडखेडी व उम्मेदगंज ग्राम का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>मानसरोवर कॉलोनी में अंधेरे का साम्राज्य</strong><br />मानसरोवर कॉलोनी क्षेत्र में सड़कों पर रोड लाइटें नहीं होने से लोग रात में अंधेरे में चलने को मजबूर हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद असुरक्षित बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार निगम अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी गई, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं।<br /><strong>- महावीर पारेता, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>गायत्री विहार बना उपेक्षा का प्रतीक</strong><br />गायत्री विहार क्षेत्र तो मानो नगर निगम की उपेक्षा का केंद्र बन गया है। यहां न तो सड़कें बनी हैं, न ही पानी की पाइपलाइन डाली गई है। लोगों को मजबूरन अपने घरों में बोरिंग लगवाना मजबूरी हो गई है। सफाई व्यवस्था भी नाममात्र की है, जिससे गंदगी और बदबू से माहौल दूषित रहता है। रहवासी बताते हैं कि क्षेत्र की स्थिति गांव जैसी हो गई है, जबकि यह क्षेत्र निगम सीमा के अंदर आता है। बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं।<br /><strong>- सुशीला, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड की समस्याओं के संबंध में उच्च अधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया गया है। वार्ड में अब तक अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य संपन्न कराए जा चुके हैं, और शेष कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। प्रत्येक वार्ड में कुछ न कुछ चुनौतियां अवश्य होती हैं, परंतु हमारे वार्ड की अधिकांश समस्याओं का समाधान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जो कुछ कार्य शेष हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के साथ निपटाया जाएगा ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।<br /><strong>- ईना मीणा, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 14:30:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 3 - तंग गलियों, जाम और गंदगी से त्रस्त वार्डवासी, सफाई व्यवस्था ठप </title>
                                    <description><![CDATA[दुकानों के सामने अव्यवस्थित पार्किंग और सड़कों पर कब्जों के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा रही ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-3---residents-of-the-ward-are-plagued-by-narrow-streets--traffic-jams--and-filth--sanitation-system-has-broken-down/article-131296"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(11).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर के वार्ड नंबर 3 की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। यह वार्ड आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वार्ड क्षेत्र में तंग गलियां और असुविधाजनक मार्ग लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं। गलियां इतनी संकरी हैं कि दो वाहन आमने-सामने आने पर जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार एंबुलेंस या जरूरी वाहनों को निकलने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />मथुराधीश जी का मन्दिर, भटजी महाराज का चौक, आईसी आईसीआई बैंक, मैन रोड पाटनपोल, छोटे मथुराधीश जी, राबामावि टिपटा, काजीपाड़ा, भूरिया गणेश जी मन्दिर, सराय का स्थान, नारायण बाल निकेतन, मथुरेश भवन, लालबुर्ज, काली ककांली मन्दिर का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>स्थानीय निवासियों की मांग</strong><br />- तंग गलियों का पुनर्निर्माण और सड़क चौड़ीकरण<br />- पाटन पोल क्षेत्र में यातायात नियंत्रण व्यवस्था<br />- नियमित सफाई और नालियों की सफाई<br />- आवारा पशुओं और कुत्तों पर नियंत्रण</p>
<p>वार्ड 3 के निवासियों की यही उम्मीद है कि जल्द ही प्रशासन जागे और उनके वार्ड की तस्वीर बदले, ताकि स्मार्ट सिटी का सपना सच्चाई में बदल सके।</p>
<p>जाम की स्थिति अब यहां आम बात हो गई है। सुबह और शाम के समय तो हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि घर से निकलने में भी परेशानी होती है। खासतौर पर पाटन पोल क्षेत्र में  वाहनों का जाम हर दिन की समस्या बन गया है। दुकानों के सामने अव्यवस्थित पार्किंग और सड़कों पर कब्जों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। <br /><strong>- अशोक खंडेलवाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>सफाई व्यवस्था की बदहाली ने भी हालात बिगाड़ रखे हैं। नालियां जाम पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। आसपास बदबू और मच्छरों का प्रकोप फैल रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि सफाईकर्मी कभी-कभार ही नजर आते हैं, और शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं होती।<br /><strong>- डिम्पी शर्मा, वार्डवासी</strong></p>
<p>आवारा पशुओं और कुत्तों का आतंक भी लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। शाम के समय गलियों में कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं। कई बार ये कुत्ते राहगीरों पर हमला भी कर चुके हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। चुनाव के समय वादे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। <br /><strong>- आशा देवी, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में अनेक विकास कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। अब जबकि हमारा कार्यकाल समाप्त हो गया है, आगे के कार्यों की जिम्मेदारी प्रशासन के पास है। रही बात वार्ड की तंग गलियों और जाम की समस्या की — यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों पुरानी स्थिति है, जिस पर स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है।<br /><strong>- जमना बाई, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 14:43:19 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 79 - अनदेखी: जनप्रतिनिधि नहीं ले रहे वार्ड की सुध</title>
                                    <description><![CDATA[साफ-सफाई के अभाव में अटी पड़ी वार्ड की नालियां। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-79---neglect--public-representatives-are-not-taking-care-of-the-ward/article-123008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 79 में वार्डवासी कॉलोनियों में बेतरतीब खड़े वाहनों से आए दिन लग रहे जाम से परेशान है। रहवासियों ने बताया कि वार्ड की 04 बी की गली में प्रवेश करने से सड़कों के दोनों ओर स्थित दुकानों में आने ग्राहक वाहन कहीं भी खड़ा कर देते हैं जिससे यहां जाम की स्थिति बन जाती है तथा तेज हॉर्न व प्रदूषण के कारण सभी परेशान होते हैं। वहीं राहगीर जाम में फंसे जाते है। वार्ड की वृंदावन वाटिका में जगह-जगह कचरा फैला हुआ है। लोगों ने पार्क को ही कचरा पात्र बना दिया। रहवासी सभी यहीं कचरा डालते है। वाटिका में ठंडे पानी के लगाए गए वाटर कूलर ही गायब हो गए तथा पानी के नाम पर टंकी लगी हुई हैं। वाटिका में घूमने वाले बुजुर्ग घनेश्याम व दिनेश ने बताया कि बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए खिलौने भी टूटे हुए हैं। वाटिका की चारदीवारी भी गंदी हो रखी है तथा मुख्य गेट पर मलबा पड़ा हुआ है।वहीं वार्ड की दूसरी गली 5 बी में मुख्य रोड पर सफाई हो रही हैं। गली के पीछे स्थित अम्बेडकर बस्ती के निवासी सोहनलाल, रामलाल व गृहिणी कौशल्या बाई ने कहा कि गली में ना तो कचरा गाड़ी आती हैं और ना ही रोजाना सफाई  होती हैं। बस्ती की नालियां जगह-जगह कचरे से अटी पड़ी थी। </p>
<p><strong>वृंदावन वाटिका बदहाली की शिकार </strong><br />वार्ड में स्थित वृंदावन वाटिका में जगह-जगह पेड़ों की टूटी पतियां बिखरी हुई थी। वाटिका में लगी लाइटें भी खराब है। बच्चों  के लिए लगाए गए झूले भी टूटे हुए है। पार्क में घूमने वाले छात्र ने बताया कि टंकी में से ठंडा पानी भी नहीं आता हैं। </p>
<p><strong>अंबेडकर बस्ती की रोजाना नहीं हो रही सफाई</strong><br />वार्ड 5 बी के पीछे वाली गली में  अंबेडकर बस्ती के रहवासियों ने बताया कि गली में साफ-सफाई का अभाव है। कचरा संग्रहण गाड़ी भी रोजाना नहीं आ रही है। बस्ती की नालियां भी गंदगी से अटी पड़ी  हैं। वहीं गली में प्रवेश करने करते ही बिजली के पैनल बॉक्स खुले हुए हैं जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />तलवंडी सेक्टर 04 व 05, तलवंडी सेक्टर बी, (सम्पूर्ण) अंबेडकर बस्ती का क्षेत्र।<br />वार्ड की अंबेडकर बस्ती में नालियों की निकासी व्यवस्था सही नहीं है। वार्ड में साफ-सफाई का भी अभाव है। कचरा संग्रहण गाड़ी भी रोजाना नहीं आती है।<br />- <strong>रामदेव</strong></p>
<p>वाटिका में घूमने आने वाले लोग यहां पड़े कचरे से परेशान है। बारिश होने से वहां कचरे से दुर्गन्ध आ रही है। वहीं मुख्य गेट पर कचरा का ढेर लगा हुआ।<br /><strong>- सोहन लाल </strong></p>
<p>अंबेडकर बस्ती की नालियों की सफाई नहीं होने से इनमें बदबू आती हैं। बारिश में नालियां ओवरफ्लो हो जाती है। जिससे काफी परेशानी हो रही है।<br /><strong>- ललित कुमार </strong></p>
<p>वाटिका की सफाई प्रतिदिन होती हैं, वहीं अंबेडकर बस्ती में कचरा गाड़ी गली के दोनों तरफ खड़ी होती हैं। जिसमें बस्ती के रहने वाले निवासी कचरा डालते हैं। <br /><strong>- संजीव विजय, पार्षद बीजेपी 79 </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 15:07:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 21 - मेन रोड पर फुटकर व्यवसाय से लगता है जाम</title>
                                    <description><![CDATA[पार्क में बैठने की बैंच टूटी हुई व जगह-जगह पर गंदगी के ढेर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-21---traffic-jams-on-the-main-road-due-to-retail-businesses/article-121171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(1)34.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के व्यस्तम मार्केट में स्थित कोटा दक्षिण वार्ड 21 के हालात साफ-सफाई में ठीक नहीं है। मुख्य रोड व मुख्य मार्केट में तो सफाई प्रतिदिन होती है पर वार्ड की कुछ गालियों में प्रतिदिन झाडू नहीं निकला पाता है और वहीं वार्ड की कुछ गालियो में सफाई नहीं होने  से नालियों का पानी रोड पर ही बहता रहता हैं। जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड में बिजली के पैनल बॉक्स खुले पडेÞ हुए हैं और सीसी के बने बड़े डिवाइडर लोगों को दर्द दे रहे हैं। </p>
<p><strong>पार्क की बदहाल स्थिति </strong><br />न्यू कॉलोनी में स्थित वेलफेयर सोसायटी के पार्क में बिजली का पैनल खुला हुआ है। पार्क में घूमने वाले राधेश्याम, मनोहर ने बताया कि पार्क में दिनभर बच्चे खेलते है। बारिश में कभी भी कोई हादसा हो सकता हैं। पार्क में आने वाली गृहिणी राधा, बरखा सहित अन्य ने बताया कि हम शाम को पार्क में घूमने आते है, पर पार्क में चौकीदार की व्यवस्था नहीं होने पर हमें रात्रि में घूमने में डर लगता है। कभी-कभी कोई वारदात नहीं हो जावे। वहीं घास भी बड़ी-बड़ी हो रही थी जिसे पार्क में बारिश के समय पर जहरीलें जीव जंतुओं के आने का डर लगा रहता हैं। वहीं टीचर्स कॉलोनी में स्थित पार्क में बैठने की बैंच टूटी हुई व जगह-जगह पर गंदगी पड़ी हुई है। पार्क में साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं और ना ही कोई प्रकार की सुविधा उसमें विकसित हैं।  वहीं योग भवन में भी जगह-जगह गंदगी पड़ी हुई हैं। वहीं कोने में पेड़ों की टूटी पत्तियां व लकड़ी रखी हुई जिनसे बदबू आ रह थी।  </p>
<p><strong>सड़कें क्षतिग्रस्त </strong><br />वार्ड में अधिकतर रोड में जगह-जगह पर गड्डे हो रहे जिनसे बारिश में पानी भर जाता है जिससे इन गड्डों से हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। </p>
<p><strong>सड़क पर वाहनों की पार्किंग बड़ी समस्या</strong><br />अधिकतर गलियों में वार्ड वासियों ने नाली पर ढकान करके उसके ऊपर गाड़िया खड़ी करना शुरू कर दी। जिससे बीस फीट का रोड ऐसा लगता है कि मानों आठ फीट ही रह गया हो। रोड की चौड़ाई कम होने से आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मेन रोड पर फुटकर व्यापारी से परेशानी- व्यापारियों ने बताया कि मेन रोड पर ठैलों की वजह से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। जिससे बार - बार जाम लगता हैं। </p>
<p><strong>वार्ड का इलाका </strong><br />गुमानपुरा, न्यू कॉलोनी गुमानपुरा, चौपाटी, शोपिंग सेंटर, मोटर मार्केट शोपिंग सेंटर, मल्टीपरपज स्कूल, टीचर कॉलोनी गुमानपुरा का क्षेत्र आता हैं। </p>
<p>हमारी गली में कचरा गाड़ी रोज आती है पर रोड की सफाई नहीं होती। साथ ही बारिश में रात में  कुत्ते परेशान करते है। रविवार को कचरा उठाने वाला कोई नहीं आया जिससे कचरा रोड पर ही पड़ा हुआ हैं। <br /><strong>- विनोद कौशल, वार्डवासी</strong></p>
<p>कला कुंज वाली गली में दुकानदारों ने नाली के ऊपर पट्टियों से ढकान कर लिया जिससे नाली का पानी रोड पर बहता रहता है। आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है सड़क भी पूरी खराब हो रही हैं। <br /><strong>- मनोज कुमार वार्डवासी</strong></p>
<p>पार्क में ही झाड़िया कट के डाल दी साथ ही बिजली के पैनल बॉक्स खुले है जिनसे कभी भी हादसा हो सकता है। शाम के समय पर चौकीदार की व्यवस्था होनी चाहिए। <br /><strong>- राधेश्याम, वार्डवासी</strong></p>
<p>मैं योग भवन में व्यायाम करने आया था पर यहां पर गंदगी होने से व्यायाम करने में परेशानी आती है। भवन की सफाई प्रतिििदन होनी चाहिए। <br /><strong>- ब्रजेश, वार्डवासी </strong></p>
<p><strong>पार्षद का कहना </strong><br />शोपिंग सेंटर व टीचर्स कॉलोनी में सीसी रोड का निर्माण करवाया था। न्यू कॉलोनी में रोड का काम चल रहा हैं। जो बाकी रोड हैं उनकों शीघ्र ही बना दिया जाएगा। टीचर्स कॉलोनी में पार्क की समस्या का समाधान करता हूं। वहीं वार्ड में एक पिंक टॉयलेट का निर्माण भी करवाया गया है। <br /><strong>- नरेश शर्मा, पार्षद, बीजेपी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 15:00:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 15 - मेन रोड पर ही बड़े-बड़े गड्ढे, बार-बार हो रहा जाम </title>
                                    <description><![CDATA[कॉलोनी में पार्क नहीं होने से बच्चों के खेलने में परेशानी होती है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-15---big-potholes-on-the-main-road--frequent-traffic-jams/article-120417"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(1)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के बीचों-बीच स्थित वार्ड 15 के हाल कुछ अलग ही बयां कर रहे है जिसमें मेन रोड में गड्ढे हो रहे है साथ ही रोड तंग होने के कारण इसमें बार-बार जाम लगता है। व्यापारी दिनेश, आदिल, महावीर सुमन सहित अन्य ने बताया कि हमारी दुकान से आगे जहां पर पशुओं की घास बेचने वाले बैठते हैं वहां तक बार-बार जाम लगता है। जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। मेन रोड पर स्थित टॉयलेट से बदबू आ रही थी।  वार्ड में जगह- जगह पर कचरा पड़ा हुआ था। रामचंद्रपुरा स्थित राजपूत कॉलोनी के निवासियों ने बताया कि हमारी कॉलोनी में पार्क बनाना चाहिए क्योकि यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क नहीं है। गृहिणी प्रेमलता, सुमन ने बताया कि हमारी गली में रात को आने - जाने वालें राहगीरों को कुत्ते परेशान करते हैं। </p>
<p><strong>वार्ड में एक ही पार्क</strong><br />वार्डवासियों ने बताया शहर के करीब हर वार्ड में बच्चों के खेलने व मॉर्निंग वॉक के लिए  करीब दो या तीन पार्क है पर हमारे वार्ड में एक भी पार्क नहीं है जिससे बच्चों को खेलने में परेशानी होती है। </p>
<p><strong>गलियों में कचरा पात्र नहीं रखे</strong><br /> वार्ड की गलियों में कचरा गाड़ी तो प्रतिदिन आती है पर कुछ लोगों का कहना है कि गली के बाहर एक कचरा पात्र रखा होना चाहिए यदि कभी गाड़ी में कचरा नहीं डाल सकें तो कचरा पात्र में डाल दें। </p>
<p><strong>बार-बार लगता हैं जाम</strong><br />वार्ड में दुकान चलाने वाले हरीश कुमार, दिनेश, आसिफ  खान सहित अन्य ने बताया कि हमारी दुकान के सामने बार-बार जाम लगता है। जिससे हमें परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। वहीं यातायात पुलिस द्वारा व जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जावें तो इस समस्या से निजात मिल सकती हैं। </p>
<p><strong>सीवरेज के गड्ढे दे रहे दर्द</strong><br />वार्ड की गली में पिछले दिनों सीवरेज लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क की सही ढ़ंग से मरम्मत नहीं करने से उसमें से जगह- जगह से गिट्टी निकल रही है साथ ही गड्डे भी हो रहे हैं जिससे बारिश के समय बाइक सवारों के साथ हादसे होने की आशंका रहती है।</p>
<p><strong>यह इलाका आता है वार्ड में</strong><br />छावनी रामचंद्रपुरा की गली नं.1,2,3,4,5, स्मॉल एंड मिडियम स्केल इण्डस्ट्रीयल एरिया, प्लाइवुड मार्केट, सेक्टर कार्यालय के पीछे का एरिया, भैरू बस्ती, दुर्गा बस्ती, भिस्ती मोहल्ला, घेर वाले बाबा का एरिया </p>
<p><strong>इनका कहना </strong><br />रात में आने-जाने वाले राहगीरों को कुत्ते परेशान करते हैं साथ ही कभी-कभार तो कुत्ते बाइक सवार का पीछा कर उसको भी नुकसान पहुंचने की कोशिश करते हैं।<br /><strong>- इरशाद, वार्डवासी </strong></p>
<p>जुझार के मंदिर वाली गली में जलदाय विभाग की पुरानी लाइन डाली हुई है। जिससे इस गली में कम दबाव से पानी आता है। बाकी की गलियों में पानी का प्रेशर तेजी से आता है।  <br /><strong>- राजू साहू, वार्डवासी</strong></p>
<p>बारिश के समय नालियों व रोड का पानी हमारी दुकान के सामने आकर इकट्टा हो जाता  है जिससे हमें ही सफाई करनी पड़ती है। कई बार बारिश से माल खराब हो जाता है। <br /><strong>- असद हुसैन, वार्डवासी</strong></p>
<p>बारिश के समय अचानक रात को कभी-कभी रोड लाइट खराब हो जाती है । जिससे पूरी रात गली में अंधेरे रहता है। रात में जहरीलें जंतु नालियों से घर में आ जाते हैें। <br /><strong>- गिरिराज सुमन, वार्डवासी</strong></p>
<p>सीवरेज के गड्डे भरने के लिए हमने अधिकरियों को लिखित में सूचना दे रखी है। पार्क में बोरिंग की मोटर जो खराब हो रही  है उसको ठीक करने के लिए अधिकारियों को सूचना दे रखी है। <br /><strong>- पिंकी कुमारी, वार्ड पार्षद कांग्रेस </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 15:50:51 +0530</pubDate>
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                <title>बढ़ते अतिक्रमण से सिकुड़ रही सड़कें, राहगीर परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[कई बार जाम में फंसकर यात्रियों की छूट जाती है ट्रेन।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/roads-are-shrinking-due-to-increasing-encroachment--pedestrians-are-troubled/article-115627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(6)16.png" alt=""></a><br /><p>भवानीमंडी। नगर में बढ़ते अतिक्रमण से यातायात के बहुत बुरे हाल हो गए हैं। मुख्य मार्ग रेलवे स्टेशन तिराहे से पचपहाड़ मार्ग पर तथा रेलवे स्टेशन तिराहे से रामनगर तक इसके अलावा शहर के भीतरी हिस्से में भी ट्रैफिक जाम जगह-जगह लगना आम बात हो गई है, इससे राहगीर काफी परेशान है। ट्रैफिक जाम कि यह हालत हो गई है कि  कई बार तो जाम में फंसकर यात्रियों की ट्रेन तक छूट जाती है। मुख्य सड़कों पर आधे आधे घंटे तक जाम लगे रहते हैं लेकिन आए दिन हो रहे इस ट्रैफिक जाम को सुधारने के लिए पुलिस व प्रशासन पूरी तरह उदासीन है।</p>
<p><strong>नियमों की हो रही अनदेखी</strong><br />भवानीमंडी के पचपहाड़ बायपास तथा बस स्टैंड से बायपास चौराहा तक की कुछ दुकानें, दीवारें, सड़क से दूरी के नियम की धज्जियां उड़ा रही है। नतीजतन आए दिन बायपास मार्ग पर सड़क दुर्घटनाएं हो रही है। वही कालवा स्थान चौराहा जहां रेल्वे फाटक बंद होने के कारण दिनभर जाम लगा रहता है। चौराहे के आसपास लगने वाली दुकानों को हटाकर बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जा सकता है। वहीं कृषि उपज मंडी वाला एरिया भी पूरी तरह से अतिक्रमण में फस चुका हैं। जिसमें कई अवैध ढाबे है। जहां बैठकर शराबी शराब पीते है जो कि जघन्य अपराधों को जन्म देती है।</p>
<p><strong>ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण: पाकिंग व्यवस्था का नहीं होना </strong><br />नगर में स्थित निजी अस्पतालों, बैंकों, मॉल व कॉम्प्लेक्स आदि के पास व्यवस्थित पार्किंग नहीं होना भी ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण है। वहीं दुकानदारों द्वारा प्रचार के लिए सड़कों पर बोर्ड लगाना भी अतिक्रमण का हिस्सा है।</p>
<p><strong>छोटे दुकानदारों को जगह दे प्रशासन</strong><br />पुरानी सब्जीमंडी में स्थित संजय मंच जिस पर नगरपालिका ने कार्यक्रमों के लिए रखा था, लेकिन संजय मंच व गांधी मंच के पूरे परिसर में फुटकर व्यापारियों ने अतिक्रमण कर अस्थाई दुकानें बना ली है। इन फुटकर व्यापारियों को नगरपालिका को अन्यंत्र जगह देकर दुकानें में लगवानी चाहिए तथा संजय मंच को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए रखना चाहिए। वहीं नगर पालिका प्रशासन को सरकारी चिकित्सालय के पास बने सुलभ शौचालय को चारों तरफ से अतिक्रमण से मुक्त कर मरीजों के परिजनों के लिए चालू करवाना चाहिए।  वहीं कालवा स्थान चौराहा जहां अक्सर बंद होती रेल्वे फाटक से ट्रैफिक जाम होता है। जहां चौराहे की सड़क पर अस्थाई दुकानें लगाकर दुकानदारों ने यातायात व्यवस्था को ओर बिगाड़ रखा है। अब देखना यह कि नगरपालिका और प्रशासन बढ़ते अतिक्रमण और नगर में आए दिन बाधित हो रहे ट्रैफिक जाम से कब निजात दिलाता है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />अतिक्रमण एक जटिल समस्या है। इस पर कार्यवाही होनी चाहिए।  मेरा सुझाव है कि नगरपालिका संजय मंच वाली जगह में छोटे दुकानदारों के लिए पहले वैकल्पिक व्यवस्था करे फिर कार्यवाही करे वो लोग इसके लिए तैयार है।<br /><strong>- प्रितपाल सिंह, अध्यक्ष, पूर्व व्यापार संघ </strong></p>
<p>दुकानों के आगे रखे बोर्ड सड़क पर हटाकर पालिका को नष्ट कर देने चाहिए एवं आम नागरिक को भी स्वयं इसके लिए जागरूक होना पड़ेगा।<br /><strong>- अनवर चौधरी, समाजसेवी </strong></p>
<p>नगरपालिका के द्वारा प्रशासन को लिखित में दिया हुआ जैसे ही जाप्ते की व्यवस्था होती है। सप्ताह में एक दो दिन कार्यवाही करेंगे और एक-एक करके पूरे रोड का अतिक्रमण हटाएंगे। <br /><strong>- आरिफ खान, अतिक्रमण प्रभारी। </strong></p>
<p>पुराना अतिक्रमण है, इन अतिक्रमणों पर कार्यवाही पुलिस बल के साथ संयुक्त कार्यवाही होती है। हमने लिखकर दिया हुआ है।<br /><strong>- कैलाश बोहरा, नगरपालिका अध्यक्ष </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 May 2025 15:08:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बेतरतीब खड़े वाहन बन रहे जाम का कारण, ट्रैफिक का बोझ झेल रहा नगर</title>
                                    <description><![CDATA[नगर के मुख्य बाजारों मुख्य सड़कों से सफेद पट्टी लगभग गायब हो गई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/haphazardly-parked-vehicles-are-the-reason-for-traffic-jams/article-101941"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/untitled-design-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। सुकेत नगर के बाजारों में आड़े तिरछे खड़े वाहनों की वजह से आए दिन जाम की समस्या बनी रहती है। जिससे आम जन परेशान है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि नगर में यातायात व्यवस्था को सुधारा जाएगा। इसके लिए कई बड़े बदलाव भी किए गए। जहां एक ओर भारी वाहनों का नगर में प्रवेश बंद किया गया वहीं दूसरी ओर वाहनों की पार्किंग के लिए भी नियम बनाए गए, लेकिन हालात अब भी वही पुराने हैं। बाजारों में जाम की स्थिति है। वाहनों के लिए पार्किंग ना होने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यातायात पुलिस एवं नगरपालिका एक-दूसरे पर जिम्मेदारियां डाल रहे हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि नगर के बाजार में प्रतिदिन पांच हजार वाहनों का बोझ सहन कर रहे हैं। नगर की यातायात व्यवस्था व्यवस्थित रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस काम करती है। लेकिन व्यवस्था सुधारने का नाम नहीं ले रही है। नगर के मुख्य बाजारों मुख्य सड़कों से सफेद पट्टी लगभग गायब हो गई। </p>
<p><strong>मुख्य बाजार में बिगड़ रही स्थिति</strong><br />नगरभर में सड़कों के दोनों तरफ आड़े-तिरछे खड़े वाहन देखे जा सकते हैं। नगर में बस स्टैंड,जुल्मी रोड मुख्य बाजार हाट चौक आदि स्थानों पर वाहनों को निकलना मुश्किल हो जाता है। इन स्थानों पर यातायात कर्मी भी मौजूद रहते हैं, परंतु चालक बीच सड़क में ही वाहन को खड़ा कर खरीददारी करने चले जाते हैं। जब तक वाहन नहीं हटता तब तक अन्यों की लंबी लाइन लग जाती है। नगर में बस स्टैंड मुख्य बाजार जुल्मी तक सड़क के दोनों तरफ चौपहिया वाहन सड़क के बीच में रोक दिए जाते हैं। सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों के कारण अन्य वाहनों का निकलना दूभर हो जाता है। नगर के बाजार में पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। नगर की यातायात व्यवस्था के चलते चालक अपने वाहनों को सड़कों पर आड़े-तिरछे खड़ा कर चले जाते हैं। जिससे जाम की स्थिति पैदा होती है। प्रशासनिक कार्यवाही की जा रही है। बेहतर समाधान के लिए कारवाही अमल में लाई जा रही है जल्द ही समाधान होगा। </p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक हफ्ते से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार है। भारी वाहनों को नगर में प्रवेश करने नहीं दिया जाता लोकल गाड़ियों को प्रवेश की अनुमति है। हालांकि बाजार में आड़े तिरछे खड़े किए जा रहे वाहनों की वजह से बार-बार समस्या आ रही है। <br /><strong>- सत्यनारायण योगी पार्षद प्रतिनिधि</strong></p>
<p>पिछले चार दिन से भारी वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस ने पाबंदी लगा रखी है। कस्बे में भारी वाहनों को वर्जित किया जा रहा है जिससे नगर में दुर्घटना ना हो सके। <br /><strong>- प्रवीण भावसार नगरवासी</strong></p>
<p>भारी वाहनों को नगर से वर्जित किया गया है। कस्बे में भारी वाहन लोकल को ही प्रवेश दिया जाता है। पिछले दिनों से ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है।<br /><strong>- धीरेन्द्र गुर्जर ट्रैफिक पुलिस सुकेत</strong></p>
<p>प्रशासन द्वारा समय समय पर ट्रैफिक व्यवस्था के समाधान के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। फिर भी प्रयास निरंतर जारी है जिससे की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से सही तरीके से किया जा सके।<br /><strong>- देवेन्द्र सिंह चौधरी, थाना इंचार्ज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 17:59:16 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अनदेखी: दो साल से अधूरी डगर, आमजन को हो रही दिक्कत</title>
                                    <description><![CDATA[सड़क निर्माण में देरी की वजह से वाहन चालकों और आम लोगों को न केवल जाम का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सड़क के गड्ढों से कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/neglect--the-road-is-incomplete-for-two-years--common-people-are-facing-problems/article-95148"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>सुवांसा। तालेड़ा से सुवासा होते हुए केशवरायपाटन तक निमार्णाधीन पक्की सड़क का कार्य अब भी अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। करीब दो साल पहले इस सड़क को खोदा गया था, लेकिन संवेदक द्वारा इसे समय पर पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए हैं और स्थानीय लोग जूझ रहे हैं। दो साल से इस मार्ग पर धूल उड़ती रहती है जिससे आवाजाही करने वाले परेशान रहते है। कार्य धीमी गति से, गड्ढों की समस्या विकराल: लगभग डेढ़ साल से सड़क निर्माण का कार्य लटका पड़ा है। सड़क निर्माण में देरी की वजह से वाहन चालकों और आम लोगों को न केवल जाम का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सड़क के गड्ढों से कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। संवेदक द्वारा सड़क की खुदाई कर छोड़ दी गई है, और इसमें से 8 किलोमीटर के चार हिस्से अभी भी अधूरे पड़े हैं। जबकि, प्रशासन ने कई बार संवेदक को समय सीमा में कार्य पूरा करने की चेतावनी दी थी, इसके बावजूद काम में कोई खास तेजी नहीं आई है।</p>
<p><strong>प्रशासन की लापरवाही, संवेदक की अनदेखी</strong><br />स्थानीय निवासी राम मुरारी शर्मा, बाजड़ सरपंच नाथूलाल बैरवा, पूर्व प्रधान नरेन्द्र पूरी ने बताया कि लगभग दो साल से सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे न केवल दुर्घटनाएं बढ़ी हैं, बल्कि लोगों की सेहत पर भी बूरा असर पड़ा है। प्रशासन ने कई बार संवेदक को सड़क पर पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए थे, ताकि धूल कम हो, लेकिन संवेदक की लापरवाही के कारण पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है, और लोग धूल के कारण बीमार हो रहे हैं।</p>
<p><strong>45 करोड़ की सड़क योजना, फिर भी अधूरी</strong><br />तालेड़ा से केशवरायपाटन तक 22.5 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 45 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी, और इसका निर्माण कार्य सितंबर 2023 तक पूरा होना था। इस योजना के तहत हर गांव में सीसी सड़क और बीच में डामर सड़क बननी थी, लेकिन संवेदक ने एक साल में केवल कुछ हिस्सों का ही काम पूरा किया है। सड़क के कई हिस्से अभी भी अधूरे पड़े हैं, जिससे लोगों को यात्रा करने में कठिनाई हो रही है।</p>
<p><strong>दुपहिया वाहन चालक परेशान</strong><br />सुवासा, बाजड़, चितावा, छपावदा, जमीतपुरा, रंगपुरिया और नयागांव जैसे क्षेत्रों में डामर सड़क का निर्माण अब भी अधूरा है। सड़क के बीच में जमा हो रही धूल और मिट्टी से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी हो रही है। खासकर रात के समय, जब भारी वाहनों से उड़ी धूल के कारण दृश्यता बिलकुल कम हो जाती है, तब सड़क हादसों की संख्या बढ़ जाती है। जानकारी के अनुसार, कई लोग धूल से चोटिल हुए हैं और इससे सांस संबंधी बीमारियां भी फैल रही हैं।</p>
<p><strong>सरकारी योजनाओं में अव्यवस्था, अधिकारियों की उपेक्षा</strong><br />मौजूदा स्थिति पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिले के बड़े अधिकारी और पदाधिकारी इस रास्ते से गुजरने से बचते हैं। वे अक्सर बूंदी से केशोरायपाटन जाने के लिए कोटा होकर जाते हैं, क्योंकि तालेड़ा से केशोरायपाटन की सड़क खस्ता हालात में है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अधिकारी इस रास्ते से गुजरें तो उन्हें समझ में आएगा कि आम जनता कितनी समस्याओं का सामना कर रही है। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि सरकारी वाहन मिलने की वजह से अधिकारी इस सड़क पर चलने से बचते हैं, क्योंकि इसमें डीजल और पेट्रोल सरकार का खर्च है।</p>
<p><strong>कब होगी सड़क की मरम्मत, कब मिलेगा राहत ?</strong><br />प्रशासन की ओर से कई बार संवेदक पर जुमार्ना भी लगाया गया था, लेकिन इसका असर देखने को नहीं मिला। अब सवाल उठता है कि आखिर प्रशासन इस मुद्दे पर ठोस कदम क्यों नहीं उठा रहा? संवेदक पर कार्रवाई करने और जल्द कार्य पूरा कराने के बजाय, प्रशासन पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। इस लंबे समय से चली आ रही समस्या ने अब स्थानीय लोगों को परेशान कर दिया है, और वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान निकाला जाए।</p>
<p><strong>सुवासा निवासी ग्रामीण अंशुल शर्मा</strong> ने बताया केशोरायपाटन और तालेड़ा के बीच में रोजाना 1000 करीब बाइक सवार निकलते हैं जिन्हें हादसे का खतरा रहता है, धूल मिट्टी और रोड पर गिट्टी होने के कारण कहीं बाइक सवार चोटिल हुए हैं।</p>
<p><strong>समाजसेवी सुवासा  निवासी बबलू जांगिड़</strong> ने बताया 2 साल बाद भी सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है जिस कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, रात्रि में बाईक सवार लोगों को बड़े वाहनों के निकलने के बाद धूल मिट्टी के कारण कुछ नहीं दिखता है, जिस कारण धूल मिट्टी से कई लोगों को अस्थमा की शिकायतें हो चुकी है। </p>
<p><strong>चितावा निवासी ग्रामीण ब्रह्मानंद मीणा</strong> ने बताया 45 करोड रुपए की लागत से सीसी और डामर सडक निर्माण कार्य किया जाना था लेकिन सीसी का कार्य पूरा कर दिया गया है और डामर सड़क का काम अधूरा पड़ा हुआ है। 2 साल बाद भी अधूरी सड़क पूरी नहीं हो पाई है।अधूरी डामर सड़क पर मिट्टी और गिट्टी होने के कारण बड़े वाहन निकालने पर पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण धूल मिट्टी उड़ती है जिससे रोजाना अप डाउन करने वाले कर्मचारियों और ग्रामीणों को साथ संबंधित बीमारियां होने लगी है। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />संवेदक को जल्द कार्य पूरा करने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं और 5 दिन बाद डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा और धूल मिट्टी ना उड़े इसके लिए संवेदक को पानी छिड़काव के लिए निर्देश दिए गए हैं। <br /><strong>- राजाराम मीणा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बूंदी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2024 15:26:14 +0530</pubDate>
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                <title>चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात..</title>
                                    <description><![CDATA[जिन स्थानों पर की कार्रवाई वहां फिर से हुआ अतिक्रमण ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/four-days-of-moonlight-and-then-dark-night/article-89776"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/1rtrer-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>दृश्य 1 - </strong>नगर निगम व केडीए की ओर से गत दिनों नई धानमंडी के सामने मेन रोड पर फुटपाथ पर हो रहे ढाबे वालों के अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई थी। फुटपाथ से सभी को हटाकर दुकान के अंदर सीमित किया था। लेकिन फिर से सभी के काउंडर व भट्टी फुटपाथ व सड़क पर लग गए। जिससे दिनभर वहां ट्रैफिक जाम के हालात बनने लगे हैं। </p>
<p><strong>दृश्य 2 - </strong>निगम की ओर से सीएडी चौराहे से दादाबाड़ी रोटरी सर्किल तक सड़क किनारे खड़े होने वाले फल के ठेले वालों से लेकर अन्य सामान बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर उन सभी को यहां से हटा दिया था। यहां दोबारा से ठेले वाले नहीं आएं इसके लिए कुछ दिन तो यहां सुरक्षा गार्ड लगाए लेकिन उनके हटते ही फिर से ठेले वालों का जमघट लग गया। </p>
<p><strong>दृश्य 3 -</strong> नगर निगम कोटा दक्षिण के अतिक्रमण निरोधक दस्ते द्वारा घोड़े वाले चौराहे से सीएडी चौराहे तक सड़क के दोनों तरफ से फेरी वालों के अतिक्रमण हटा दिए थे। साथ ही यहां चाय के ठेले से लेकर खिलौने बेचने वालों तक को हटा दिया था। कुछ दिन निगरानी रखी लेकिन हालत यह है कि इस रोड पर फिर से दोनों तरफ अतिक्रमण हो गया। </p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं उस हकीकत को बताने के लिए जो शहर की तस्वीर को बयां कर रहे हैं। चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात...यह कहावत शहर में अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सटीक साबित हो रही है। नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गत दिनों शहर में की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बेअसर ही साबित हो रही है। जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई थी वहां फिर से पुराने जैसे हालात हो गए। एक तरफ तो शहर को स्मार्ट सिटी व पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के दावे किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शहर में सड़क किनारे हो रहा अतिक्रमण शहर की खूबसूरती को बिगाड़ रहे हैं। वह भी शहर के बीच फुटपाथ व सड़क सीमा में फेरी व ठेले वालों के अतिक्रमणों से  ऐसा हो रहा है। उन्हें देखकर अन्य दुकानदारों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं तो वे भी अपने काउंटर व सामान दुकानों के आगे रखकर अतिक्रमण करने में पीछे नहीं रह रहे हैं। </p>
<p><strong>मेन रोड पर दिनभर जाम के हालात</strong><br />एरोड्राम चौराहे से डीसीएम की तरफ जाने वाली स्लीप लेन पर वैसे तो सड़क काफी चौड़ी है लेकिन शुरुआत में बैंक व अन्य दुकानदारों के वाहन खड़े होने से यातायात बाधित हो रहा है। वहीं उसके आगे से नई धानमंडी के गेट तक फुटपाथ और सड़क सीमा में ढाबे वालों के सामान रखे होने से व्यवधान हो रहा है। इन ढाबों के आगे वाहन खड़े होने से सड़क की चौडाई काफी कम रह गई है। साथ ही इस रोड से दिनभर बड़ी निजी बसें निकलने व कई वाहनों के डीसीएम की तरफ से रोंग साइड आने पर दिनभर में कई बार ट्रैफिक जाम के हालात बन रहे हैं। जिनका लोगों को सामना करना पड़ रहा है। यहां ट्रैफिक  पुलिस के जवान भी तैनात नहीं रहने से अधिक समस्या बनी हुई है। वहीं इसी जगह पर फल के ठेले व अन्य वाहनों के खड़े रहने से अमस्या अधिक हो गई है। </p>
<p><strong>फल के ठेले व सब्जी वालों का कब्जा</strong><br />इसी तरह से थोक फल सब्जीमंडी में फल के ठेले वालों व सड़क पर सब्जी का व्यवसाय करने वालों ने कब्जा जमा रखा है। जिससे यहां वाहन चालकों को निकलने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम व केडीए के दस्ते ने यहां से अतिक्रमण हटाकर सभी को पीछे की तरफ सरका दिया था। लेकिन यहां फिर से पुराने जैसे हालात हो गए हैं।  ये तो वह जगह हैं जहां कुछ समय पहले ही अतिक्रमण हटाए गए थे। जबकि इसी तरह से शहर में दर्जनों जगह हैं जहां हो रहे अतिक्रमणों से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ठेला संचालक राधेश्याम व महेश नामा ने बताया कि प्रशासन द्वारा वेंडिंग जोन नहीं बनाने से उन्हें स्थाई जगह नहीं मिल पा रही है इस कारण उन्हें मजबूरन सड़क किनारे ही ठेके लगाने पड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>कार्रवाई हो तो उसका असर भी दिखे</strong><br />शहर वासियों का कहना है कि नगर निगम, केडीए व पुलिस यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करती है तो उसका असर भी दिखना चाहिए। नयापुरा निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जरूरत है। साथ ही इसका स्थायी समाधान नहीं किए जाने से बार-बार की कार्रवाई में मेनपावर व मशीनरी का दुरूपयोग हो रहा है।  कंसुआ निवासी महेश रानीवाल ने बताया कि अतिक्रमण शहर में बड़ी समस्या है। संबंधित विभाग अस्थायी अतिक्रमण से ही पार नहीं पा  रहे स्थायी अतिक्रमण पर तो कार्रवाई करना दूर की बात है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />निगम, केडीए व पुलिस की ओर से संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाए गए थे। उनकी कुछ दिन मॉनिटरिंग भी की गई थी। लेकिन बाद में मेले की तैयारी में व्यस्त होने व गणेश चतुर्थी का त्योहार आने से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकी। अब 8 सितम्बर के बाद फिर से कार्रवाई शुरू की जाएी। मेन रोड के साथ ही दशहरा मैदान के चारों तरफ के अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे। <br /><strong>- तौसिफ खान, सहायक अभियंता नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 16:08:40 +0530</pubDate>
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                <title>फ्लाईओवर के नीचे हो रहा अतिक्रमण प्रशासन बना मूक दर्शक</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachment-is-happening-under-the-flyover--the-administration-is-a-mute-spectator/article-84872"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(7)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर को स्मार्ट सिटी और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित तो कर दिया लेकिन अतिक्रमण से मुक्ति नहीं मिलने से स्मार्ट सिटी  अतिक्रमण की चपेट में आ रही है। हालांकि कलक्टर के आदेश के बाद से पिछले तीन दिन से शहर की मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। लेकिन शहर में स्मार्ट सिटी के तहत बने 9 फ्लाईओवर के नीचे लोगों ने अतिक्रमण कर पक्की दुकाने तक बना ली है। केडीए का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।  शिक्षा नगरी कोटा में अतिक्रमण बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है। शहर में पुराने के साथ साथ अब नए फ्लाई ओवर तक के नीचे अतिक्रमण की भरमार है। कई अतिक्रमण तो बरसों से स्थाई कब्जा जमाए हुए हैं। सड़क किनारे और फुटपाथ पर हो रहे अतिक्रमण तो शहर की खूबसूरती बिगाड़ रहे हैं। वहीं फ्लाई ओवरों के नीचे हो रहे अतिक्रमण उनकी सुंदरता में ग्रहण लगा रहा है। साथ ही यातायात बाधित हो रहा हैं। शहर में फ्लाई ओवर के नीचे अतिक्रमण का मामला किसी एक या दो जगह का नहीं है। पूरे शहर में 9 फ्लाईओवर के नीचे यही हालत है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और यातायात को सुगम बनाने के लिए फ्लाई ओवरों का निर्माण किया गया। लेकिन लोगों ने उनके नीचे की खाली जगह पर भी अतिक्रमण कर लिया। शहर के विभिन्न फ्लाई ओवर के नीचे लोगों ने अतिक्रमण कर अवैध रूप से पार्किंग व दुकानें संचालित कर रखी है। जिसे आए दिन जाम लग रहे है। शहर के व्यस्तम इलाकों में बने फ्लाई ओवरों के नीचे लोगो ने अतिक्रमण कर दुकानें खोल दी है। जिससे राहगीरों को जाम से दोचार होना पड़ रहा है। शहर के गुमानपुरा, छावनी ,केशवपुरा, जवाहर नगर फ्लाई ओवर, बोरखेडा, विज्ञान नगर, कुन्हाड़ी, अनंतपुरा फ्लाईओवर के नीचे लोगो ने दो पहिया वाहन चाय की थड़िया लगा रखी है। शहर में अतिक्रमण हटाने कि मुहिम चल रही है लेकिन यह मुहिम केवल मुख्य सड़कों तक ही सिमित है। शहर के फ्लाई ओवरो के तरफ अधिकारियों का ध्यान नहीं है जिससे लोग फ्लाई ओवर के निचे अतिक्रमण का जाल बिछा कर बैठे हुए है।</p>
<p><strong>संजय नगर आरओबी के नीचे अतिक्रमण</strong><br />डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी के नीचे बरसों से अतिक्रमण हो रहा है। यहां शुरूआत में कुछ लोगों ने अस्थाई रूप से तबेला बनाया फिर वहीं पर झोपड़ी बनाकर रहने लगे। इस जगह पर कई बार लूट और मारपीट की भी घटनाएं हो चुकी हैं। आओबी के नीचे अवैध रूप से बजरी का भी व्यवसाय होने लगा है। जिससे भी रास्ता अवरूद्ध रहता है। ओवर ब्रिज के पास पहले नीचे वाहनों के लिए क्रॉसिंग का रास्ता था जो भी कुछ समय पहले अतिक्रमियों द्वारा बंद कर दिया गया। इसके अलावा यहां अवैध रूप से शराब व गांजा जैसे नशीले पदार्थ बेचे जाते हैं।</p>
<p><strong>छावनी का अतिक्रमण बन गया है नासूर</strong><br />छावनी फ्लाईओवर का अतिक्रमण लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। यहां गाड़ी चलना मुश्किल हो गया है। फ्लाई ओवर नीचे भी इसी तरह से अतिक्रमण की शुरूआत हुई थी। पहले यूआईटी ने ध्यान नहीं दिया। उसके बाद नगर निगम के क्षेत्राधिकार में आ गया तो उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। अब हालात ये हो गए हैं कि स्लिप लेन पर हमेशा जाम लगा रहता है, लेकिन दोनों विभागों में से किसी की हिम्मत अतिक्रमण हटाने की नहीं होती।<br /><strong>- रितिका शर्मा, निवासी कोटा </strong></p>
<p><strong>शहर के 9 फ्लाई ओवर के नीचे बन सकते हैंबच्चों के लिए मनोरंजन जोन</strong><br />शहर में स्मार्ट सिटी के  तहत कुल 9 फ्लाई ओवर बनाए गए हैं। इनके नीचे की जगह पर अतिक्रमण की भरमार हो चुकी है।  इस समस्या के निजात के लिए पूर्व में यूआईटी ने  मुम्बई की तर्ज पर स्मार्ट मिनी खेल स्थल विकसित करने की योजना बनाई लेकिन वो मूर्तरूप नहीं ले सकी है। अतिक्रमण को रोकने के लिए इन फ्लाईओवर के नीचे छोटे मनोरंजक व अध्ययन से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाए तो अतिक्रमण से मुक्ति मिल सकती है। इस दिशा में कार्ययोजना बनाने की जरूरत है। झालावाड़ रोड कोचिंग का हब है। कोचिंग विद्यार्थियों व आसपास की मल्टीस्टोरी में रहने वालों के लिए खेल-मनोरंजन व अध्ययन से जुड़ी गतिविधियों के लिए अच्छे केन्द्र विकसित किए जा सकते है।  कुन्हाड़ी, विज्ञान नगर, केशवपुरा से जवाहर नगर, सिटी मॉल के सामने, अन्नतपुरा, बोरखेड़ा क्षेत्र के फ्लाईओवर के नीचे खाली जगह में अलग-अलग इनडोर खेल और जिम्रेजियम जैसी सुविधाएं विकसित किया जाना आवश्यक है।  शहर में 15 लाख से अधिक जनसंख्या एवं 2 लाख विद्यार्थियों को इन फ्लाई ओवर के नीचे उनके निवास के आसपास ही खेल के स्थान मिल सकते है। <br /><strong>- श्वेतांक दीक्षित, समाजसेवी  </strong></p>
<p><strong>जवाहर नगर फ्लाई ओवर के नीचे घोड़े वालों ने किया अतिक्रमण</strong><br />जवाहर नगर स्थित दादाबाड़ी से केशवपुरा तक बने फ्लाई ओवरके नीचे  अतिक्रमण की भरमार है। यहां जवाहर नगर की तरफ घोड़ी और ढोल वालों ने अतिक्रमण किया हुआ है। सड़क के दोनों ओर इन अतिक्रमियों ने अपना कब्जा जमाया हुआ है। वहीं केशपुरा सर्किल के यहां बैड़ बाजा वालों ने अपनी गाड़िया खड़ी कर रखी है। इसके आगे लोगों ने अपनी कारे पार्किंग कर रखी है। दादाबाडी से लेकर केशवपुरा तक चाय थडियों से लेकर नाश्ते की दुकाने सजी हुई है।  यहां तक कि फ्लाई ओवर के नीचे प्राइवेट बसें तक खड़ी की जा रही है। जिससे रास्ता पूरी तरह से अवरूद्ध हो रहा है। इसको हटाने की आवश्यकता है। <br /><strong>- मिलन सिंह, जिम ट्रेनर</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अतिक्रमियों को जमने नहीं दिया जाएगा। जो ठेले व दुकानें लगी हैं उन्हें तत्काल हटा दिया जाएगा। साथ ही जहां जहां यूआईटी क्षेत्र में अतिक्रमण किया हुआ इसकी जांच कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- कुशाल कोठारी, केडीए सचिव कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jul 2024 14:48:04 +0530</pubDate>
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