<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/asset/tag-36613" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>asset - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/36613/rss</link>
                <description>asset RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी का एक्शन: ईरान पर टूटा दुखों का पहाड़, अमेरिका ने जब्त किए एक करोड़ क्रिप्टोकरेंसी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" के तहत अमेरिका ने ईरान से जुड़ी 1 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह अलग-थलग करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने कई ईरानी क्रिप्टो वॉलेट्स पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/us.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 30 मई (वार्ता) अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियां जब्त कर ली हैं। उन्होंने इसे ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली तक पहुंच को बाधित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे आर्थिक अभियान का हिस्सा बताया। बेसेंट ने रीगन राष्ट्रीय आर्थिक मंच में शुक्रवार को बोलते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध अभियान "ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी" ने हाल के सप्ताहों में ईरान पर आर्थिक दबाव को काफी बढ़ा दिया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "लगभग साढ़े पांच से छह सप्ताह के अत्यंत सफल सैन्य अभियान और ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी के बाद हमने उन्हें वित्तीय रूप से लगभग पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है। वे अब आर्थिक रूप से बेहद कठिन स्थिति में हैं।" मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी वित्तीय नेटवर्क से जुड़े कई क्रिप्टोकरेंसी बटुओं (वॉलेट) पर सीधा नियंत्रण हासिल कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/a-mountain-of-sorrow-fell-on-iran-america-seized-one/article-155547</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 17:30:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/us.png"                         length="1178804"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिस्क-एडजेस्टेड निवेश ऐतिहासिक रूप से सफल </title>
                                    <description><![CDATA[यहीं पर हाइब्रिड फंडों की एक श्रेणी, जिसे मल्टी-एसेट फंड के रूप में जाना जाता है, महत्वपूर्ण और प्रासंगिक हो जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/risk-adjusted-investing-successful-to-asset-allocation/article-58514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sizte--(4).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अगर लंबी अवधि में निवेश करते समय जोखिम पर ध्यान दिया जाए, तो इसका एकमात्र परिणाम वेल्थ क्रिएशन ही हो सकता है। डायवर्सिफिकेशन और एसेट एलोकेशन के माध्यम से रिस्क-एडजेस्टेड निवेश दृष्टिकोण ऐतिहासिक रूप से अत्यधिक सफल सिद्ध हुआ है। यदि कोई निवेशक कठोर अनुशासन के साथ एसेट आवंटन का पालन करने के लिए तैयार है, तो एक धैर्यवान निवेशक के लिए एकमात्र परिणाम बिना किसी परेशानी के वित्तीय लक्ष्य प्राप्त करना है। अनिल गुप्ता, फाउण्डर, एनीवेल्थ के अनुसार अधिकांश निवेशकों के लिए जो बात बेहतर है कि वह उचित एसेट एलोकेशन बनाए रखना है। यहीं पर हाइब्रिड फंडों की एक श्रेणी, जिसे मल्टी-एसेट फंड के रूप में जाना जाता है, महत्वपूर्ण और प्रासंगिक हो जाती है। </p>
<p>विभिन्न एसेट वर्गों में इस श्रेणी का एसेट एलोकेषन दृष्टिकोण इसके डायवर्सिफाई पोर्टफोलियो रणनीति के साथ रिस्क एलीमेंट को नियंत्रण में रखने में मदद करता है। श्रेणी के फंड कम से कम तीन एसेट वर्गों में से प्रत्येक में 10 प्रतिशत के न्यूनतम आवंटन के साथ 3 या अधिक एसेट वर्गों में निवेश करते हैं। विशिष्ठ एसेट वर्ग जो उनके पोर्टफोलियो का हिस्सा बनते हैं, उनमें इक्विटी, डेट, कमोडिटी, आरईआईटी और इनविट्स के माध्यम से रियल एस्टेट आदि शामिल हैं। इस श्रेणी में कई ऑफर्स हैं, यहां लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वालों में से एक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी-एसेट फंड है। एक, तीन, 5 और 10 साल का आधार हो, फंड टॉप प्रदर्शन करने वालों में से रहा है और इन अवधियों में 7-12 प्रतिशत की सीमा में श्रेणी के औसत रिटर्न को पीछे छोड़ दिया है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/risk-adjusted-investing-successful-to-asset-allocation/article-58514</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/risk-adjusted-investing-successful-to-asset-allocation/article-58514</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Oct 2023 10:52:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-10/sizte--%284%29.png"                         length="259998"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसेट क्लास के तौर पर लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएटर है इक्विटी </title>
                                    <description><![CDATA[ भारत के अधिकांश फंड हाउस इस श्रेणी में पेशकश करते हैं। लेकिन उनमें से एक प्रमुख नाम आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्ज एंड मिड-कैप फंड है। फंड अपनी कैटेगरी में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/equity-as-an-asset-class-is-a-long-term-wealth-creator/article-49835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(1)28.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एसेट क्लास के तौर पर इक्विटी लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएटर है। सभी इससे सहमत हैं और इसमें सफल होने की इच्छा रखते हैं। हालांकि दस में से एक निवेशक अपने जीवन काल में ऐसा कर पाता है, जबकि अन्य, बाजार की अज्ञानता, विशेषज्ञता की कमी और सबसे महत्वपूर्ण समय की कमी के कारण, न तो इक्विटी में उपयुक्त रूप से निवेश करने में सक्षम हैं और न ही आवश्यक धन उत्पन्न करने में सक्षम हैं। भारत के अधिकांश फंड हाउस इस श्रेणी में पेशकश करते हैं, लेकिन उनमें से एक प्रमुख नाम आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्ज एंड मिड-कैप फंड है। फंड अपनी कैटेगरी में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। मौजूदा आर्थिक और बाजार सेटिंग को देखते हुए इस योजना को वर्तमान में स्टॉक और क्षेत्रों में निवेश किया जाता है, जो आर्थिक सुधार से लाभान्वित हो सकते हैं, जो नाम पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं, उन्हें स्टॉक-पिकिंग के लिए टॉप-डाउन और बॉटम-अप दृष्टिकोण के संयोजन के माध्यम से चुना जाता है। निवेशक इस कैटेगरी स्कीम को अपने लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाने पर विचार कर सकते हैं।</p>
<p>मनीष सी वारा, फाउण्डर, एंजेल कैपिटल, जयपुर, के अनुसार इसके अलावा, बड़ी संख्या में ऐसे निवेशक हैं, जो लार्ज-कैप और मिड-कैप के महत्व को समझते हैं। लेकिन जब इसे व्यावहारिक रूप से क्रियान्वित करने की बात आती है, तो वे अक्सर विफल हो जाते हैं क्योंकि उन्हें दो बाजार पूंजीकरणों के बीच उपयुक्त आवंटन करना मुश्किल लगता है। इस तथ्य को देखते हुए कि इक्विटी के इन दोनों सेगमेंट में अलग-अलग वैल्यूएशन मेट्रिक्स हैं और अलग-अलग बाजार स्थितियों के लिए अलग-अलग प्रतिक्रिया करते हैं, पोर्टफोलियो में दोनों का एक सूक्ष्म मिश्रण बेहतर पैदावार देता है। यहीं पर लार्ज एंड मिड कैप फंड प्रासंगिक हो जाता है। वे बाजार के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों से लाभान्वित होते हैं-सबसे बड़ी कंपनियां और भविष्य के नेता (लार्ज और मिडकैप)। वे क्रमश: प्रत्येक लार्जकैप और मिडकैप में फंड के कॉर्पस का न्यूनतम 35 प्रतिशत आवंटित करते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/equity-as-an-asset-class-is-a-long-term-wealth-creator/article-49835</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/equity-as-an-asset-class-is-a-long-term-wealth-creator/article-49835</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Jun 2023 11:12:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-06/630-400-size-%281%2928.png"                         length="204344"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        