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                <title>MSME - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अखिलेश यादव का सरकार पर निशाना : 1857 की क्रांति का उल्लेख करते हुए केंद्र की आ​र्थिक नीतियों पर बोला हमला, मेरठ से होगी ‘आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन’ की शुरुआत, </title>
                                    <description><![CDATA[मेरठ में सीलिंग की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने भाजपा की नीतियों को छोटे व्यापारियों और किसानों के खिलाफ बताते हुए नए "आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन" का आह्वान किया। सपा प्रमुख ने चेतावनी दी कि बुलडोजर राजनीति और पूंजीपतियों का पक्ष लेने वाली नीतियां देश को आर्थिक गुलामी की ओर ले जा रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadav-targets-the-government-mentions-the-revolution-of-1857/article-150194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/akhilesh-yadav.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। हाल ही में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर मेरठ की सेंट्रल मार्केट में सरकार की तरफ से की गई सीलिंग की कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने केंद्र की केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा है कि देश में एक नए “आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन” की शुरुआत मेरठ से हो सकती है। सोमवार को सोशल मीडिया के जरिये अखिलेश यादव ने ऐतिहासिक 1857 की क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह मेरठ ने आज़ादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी, उसी तरह अब यह शहर आर्थिक नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन का केंद्र बन सकता है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियाँ किसानों, छोटे व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नुकसानदायक साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, कुछ कानूनों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के जरिए सरकार पारंपरिक व्यापार और खेती को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार की इन नीतियों का लाभ बड़े उद्योगपतियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को मिल रहा है, जबकि छोटे कारोबारी हाशिए पर जा रहे हैं। सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि अब व्यापारी वर्ग में असंतोष बढ़ रहा है और धीरे-धीरे यह वर्ग सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहा है। जो बड़े व्यापारी अभी तक सरकार का समर्थन कर रहे हैं, वे भी भविष्य में इन नीतियों से प्रभावित होंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह चंदा और कमीशन के जरिए कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है, जिससे आर्थिक असमानता बढ़ रही है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने “बुलडोजर राजनीति” पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इसका असर केवल मकानों और दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो देश आर्थिक गुलामी की ओर बढ़ सकता है। मेरठ कभी अन्याय के सामने नहीं झुका है और न ही आगे झुकेगा। व्यापारी, किसान और उद्यमी मिलकर इस कथित आर्थिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे और एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 14:31:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच राजनाथ ​सिंह का बड़ा बयान: बोले-ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता जरूरी, विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन' में भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने रणनीतिक स्वायत्तता के लिए MSMEs और स्टार्टअप्स को AI व रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीक अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर 'अदिति' और 'iDEX' चुनौतियों के नए संस्करण भी लॉन्च किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amidst-the-west-asia-crisis-rajnath-singhs-big-statement-said/article-147099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत को मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनने के मिशन मोड में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नई प्रौद्योगिकियों को अपनाना आवश्यक है। </p>
<p>राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा आयोजित दो दिन के राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गुरुवार को 'उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियां' विषय पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार विजेताओं, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, निजी रक्षा कंपनियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उन्होंने वर्तमान भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं को देखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने, रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ड्रोन उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर ईरान और इजराइल के बीच तनाव तक चल रहे संघर्ष इस बात के प्रमाण हैं कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन और प्रतिरोधी ड्रोन प्रौद्योगिकियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता केवल उत्पाद स्तर पर ही नहीं बल्कि कलपुर्जे के स्तर पर भी आवश्यक है। उन्होंने कहा, ड्रोन के ढांचों से लेकर उसके सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरियों तक, सब कुछ भारत में ही निर्मित होना चाहिए। यह कोई आसान कार्य नहीं है। अधिकांश देशों में जहां ड्रोन बनाए जाते हैं, वहां अनेक महत्वपूर्ण कलपुर्जे वर्तमान में चीन से आयात किए जाते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण बड़े उद्योगों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, नव-उद्यमों और नवोन्मेषकों के योगदान पर निर्भर करता है, साथ ही सरकार की स्पष्ट नीतिगत दिशा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, जो देश की विशिष्ट रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप हो। उन्होंने निजी क्षेत्र से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया ताकि भारत को स्वदेशी ड्रोन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के 14वें संस्करण और आईडेक्स ढांचे के अंतर्गत 'अदिति चुनौतियों' के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। रक्षा बलों, भारतीय तटरक्षक बल और रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी से प्राप्त कुल 107 समस्या विवरण जारी किए गए, जिनमें 82 रक्षा भारत नव-उद्यम चुनौती के अंतर्गत और 25 अदिति चुनौतियों के अंतर्गत शामिल हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों से संबंधित 101 नवाचार चुनौतियों की एक नई पहल भी शुरू की गई, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों द्वारा डिजाइन-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करना है। इन चुनौतियों को रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा और विजेता नव-उद्यमों को मार्गदर्शन, परीक्षण सुविधाएँ तथा उनकी आपूर्ति श्रृंखला में संभावित एकीकरण के अवसर प्रदान किए जाएँगे।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने आईडेक्स और अदिति को परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से नव-उद्यमों, नवोन्मेषकों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को रक्षा बलों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक लगभग 676 नव-उद्यम, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा व्यक्तिगत नवोन्मेषक रक्षा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ चुके हैं। अब तक 548 अनुबंध किए जा चुके हैं और 566 चुनौतियाँ शुरू की गई हैं। इनमें से 58 प्रतिरूपों को लगभग 3853 करोड़ रुपये के मूल्य पर खरीद के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त लगभग 2326 करोड़ रुपये के 45 खरीद अनुबंध पहले ही किए जा चुके हैं। ये आँकड़े दर्शाते हैं कि नवाचार धीरे-धीरे ठोस उत्पादों और प्रौद्योगिकियों में परिवर्तित हो रहा है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, स्वचालन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जो एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन है। उन्होंने इन उद्यमों और नव-उद्यमों से इन प्रौद्योगिकियों को अपनाने और समेकित करने का आह्वान किया ताकि संसाधनों और क्षमताओं का सर्वोत्तम उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी और संयोगात्मक विनिर्माण जैसी प्रौद्योगिकियां वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र को नया रूप दे रही हैं, जबकि डिजिटल ट्विजन और उन्नत अनुकरण उपकरण नई संभावनाओं को खोल रहे हैं। डिजिटल ट्विजन का अर्थ वास्तविक प्रणाली का आभासी मॉडल तैयार करना है, जिससे जटिल प्रणालियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है और अधिक सटीक निर्णय लिए जा सकते हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को सुदृढ़ करने के लिए कई पहलें की हैं। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में इन्हें इक्विटी, तरलता और व्यावसायिक समर्थन प्रदान करने के लिए तीन स्तरीय दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिससे ये अग्रणी उद्यम बन सकें। इसका उद्देश्य इनके विकास को तेज करना और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से सरकार इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। पंजीकरण और पहचान को सरल बनाने के लिए उद्यम पोर्टल और उद्यम सहायक पोर्टल जैसे डिजिटल मंच शुरू किए गए हैं, ताकि छोटे उद्योगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल किया जा सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की संख्या 2012-13 में लगभग 4.67 करोड़ थी, जो अब बढ़कर लगभग 8 करोड़ हो गई है। यह वृद्धि उद्यमिता की बढ़ती भावना को दर्शाती है।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि नव-उद्यम अपने अनूठे विचारों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक बन रहे हैं और कई अल्प समय में ही यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त कर रहे हैं। निकट भविष्य में और भी ऐसे उद्यम सामने आएँगे। इसके लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा नव-उद्यमों से नवाचार करने, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।</p>
<p>रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना तथा डिजाइन, विकास और निर्माण से लेकर संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के एकीकरण को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि 200 समस्या विवरण इन उद्यमों, उद्योगों, नव-उद्यमों और युवा नवोन्मेषकों को आधुनिक उत्पाद विकसित करने और अपने कौशल को बढ़ाने का अवसर देंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को सुधार वर्ष के रूप में मनाते हुए मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल बनाना, गुणवत्ता प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना तथा परीक्षण प्रयोगशालाओं को सशक्त बनाना शामिल है। रक्षा क्षेत्र में कार्यरत उद्योगों का एक डिजिटल डाटाबेस 'सृजन दीप' भी बनाया गया है, जिसमें 40,000 से अधिक उद्योग सूचीबद्ध हैं, ताकि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिल सके।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने रक्षा उत्पादन विभाग के पाँच प्रकाशनों का विमोचन भी किया, जिनका उद्देश्य नीतिगत पहलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, रक्षा निर्यात को प्रोत्साहित करना और उद्योग हितधारकों के लिए व्यापार सुगमता सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री ने एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया, जिसमें 20 बड़ी रक्षा कंपनियों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भागीदार, आपूर्तिकर्ता और नवोन्मेषक के रूप में शामिल करने के लिए अपने कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही 24 भारतीय और विदेशी कंपनियां उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों जैसे स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिकी, संयोगात्मक विनिर्माण और स्मार्ट सामग्री का प्रदर्शन कर रही हैं।</p>
<p>इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा अध्यक्ष डॉक्टर समीर वी कामत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:37:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना: लाभार्थियों के लिए दो दिवसीय राज्य-स्तरीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[एमएसएमई विकास कार्यालय जयपुर ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों हेतु शिल्पग्राम में दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का आयोजन शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inauguration-of-two-day-state-level-exhibition-cum-trade-fair-for-pradhan/article-142316"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(9)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अन्तर्गत एमएसएमई-विकास कार्यालय, जयपुर द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य संस्थान, राजस्थान के सहयोग से दो दिवसीय राज्य-स्तरीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का आयोजन शनिवार से शिल्पग्राम, जवाहर कला केंद्र, जयपुर में शुरू हुआ। यह रविवार को भी जारी रहेगा।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्रीमती मंजू शर्मा, सांसद, जयपुर उपस्थित रहीं। साथ ही कार्यक्रम अध्यक्ष गोपाल शर्मा, विधायक, सिविल लाइन्स, जयपुर भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के कार्यान्वयन में राजस्थान, देश में दूसरा अग्रणी राज्य है। विश्वकर्मा लाभार्थियों को ऋण देने तथा टूलकिट वितरण में भी राजस्थान, देश में दूसरे स्थान पर है। इसके साथ ही कारीगरों को प्रशिक्षण प्रदान करने में राज्य तीसरे स्थान पर है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य राज्य भर के कारीगरों और शिल्पकारों के असाधारण कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करना है। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से कारीगरों एवं उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन अलग-अलग स्टाल्स पर किया। लोगों ने विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया एवं बढ़-चढ़ कर खरीदारी की।</p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार प्रात: 11:00 बजे मुख्य अतिथि श्रीमती मंजू शर्मा द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर जानकारी दी। </p>
<p>कार्यक्रम का प्रथम तकनीकी सत्र दोपहर 02:00 बजे से आरंभ हुआ, जिसमें मुख्य रूप से डिजिटल मार्केटिंग, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग के विषय में विश्वकर्मा योजना लाभार्थियों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शाम 05:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। <br />कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरूआत, रविवार प्रात: 11:00 बजे द्वितीय तकनीकी सत्र से होगी। इस सत्र में मुख्य रूप से सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 13:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>देश की राजधानी में शुरू हुई &quot;प्लास्टइंडिया 2026&quot; प्रदर्शनी: विश्व के कई देश ले रहे हैं हिस्सा, विनिर्माण-आधारित विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार को बढ़ावा</title>
                                    <description><![CDATA[भारत मंडपम में प्लास्टइंडिया 2026 शुरू हुआ। 2000+ अंतरराष्ट्रीय स्टॉल, शून्य कचरा तकनीक, स्टार्टअप फोकस। लक्ष्य आत्मनिर्भर विनिर्माण और रोजगार बढ़ाना। प्रदर्शनी 4-10 फरवरी चलेगी। वैश्विक भागीदारी मजबूत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/plastindia-2026-exhibition-started-in-the-countrys-capital-many-countries/article-142026"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दुनिया की प्रमुख प्लास्टिक प्रदर्शनियों में से एक प्लास्टइंडिया 2026 गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य तौर पर देश की प्लास्टिक का सामान बनाने में हुयी प्रगति को दिखाया गया है। 4 से 10 फरवरी तक चलने वाले इस वैश्विक कार्यक्रम का यह सालाना संस्करण रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया है। इस मेले का मुख्य फोकस विनिर्माण-आधारित विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक आत्मनिर्भर औद्योगिक आधार बनाने पर है।</p>
<p>इसमें 2,000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय स्टॉल लगे हैं और इनमें मशीनरी, कच्चे माल और अन्य चीजों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्लास्टइंडिया मेले में शून्य कचरा प्रौद्योगिकी को पहली बार ध्यान में रखा जा रहा है। साथ ही इसमें नयी चीजों की खोज एवं स्टार्ट-अप को विशेष ध्यान दिया गया है। गौरतलब है कि, भारतीय प्लास्टिक उद्योग का वर्तमान में लगभग तीन-साढे तीन लाख करोड़ रुपये का सालाना कारोबार है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 13:16:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा-केंद्रीय बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, महिला सशक्तिकरण और रोजगार पर केंद्रित; विकसित भारत के लिए ठोस कदम</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट देश को विकसित भारत की दिशा में मजबूती से आगे ले जाने वाला बजट है। पहली बार कर्तव्य भवन में केन्द्रीय वित मंत्री निर्मला सीतारमन की ओर से प्रस्तुत बजट तीन कर्तव्यों पर आधारित है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/deputy-chief-minister-is-going-to-give-direction-to-developed/article-141759"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/diya-kumari.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट देश को विकसित भारत की दिशा में मजबूती से आगे ले जाने वाला बजट है। पहली बार कर्तव्य भवन में केन्द्रीय वित मंत्री निर्मला सीतारमन की ओर से प्रस्तुत बजट तीन कर्तव्यों पर आधारित है। इसमें आर्थिक स्थिरता समावेशी विकास, भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ सबका साथ-सबका विकास को बल दिया गया है। यह बात उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार मेें प्रेसवार्ता के दिया कुमारी ने बताया कि इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश है। </p>
<p>इण्डिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 रेयर अर्थ कॉरिडोर, केमिकल पार्कÑ कैपिटल गुड्स प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया गया है। इलेक्ट्रोनिक्स कम्पोनेंट्स योजना का विस्तार 40 हजार करोड़ की लागत से किया गया है। दस हजार करोड़ से बायो फॉर्मा शक्ति योजना बनाई गई हैं। चैम्पियन एमएसएमई को बनाने की एक नई पहल से मध्यम एवं लघु उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इसी सेक्टर के ग्रोथ के लिए 10 हजार करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड का प्रावधान किया गया है। वहीे पर्यटन क्षेत्र, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का माध्यम बनाया गया है। उन्होेंने कहा कि बजट में सभी वर्गों जैसे महिला, किसान, युवा, गरीब आदि के उत्थान का ध्यान रखा गया है। </p>
<p><strong>महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के अवसर</strong></p>
<p>महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए डेढ़ लाख केयर गिवर्स और एक लाख एएचपी को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्थान के लिए (सेल्फ हेल्प इंटरप्रेन्योर) शीमार्ट को अब कम्यूनिटी स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों के रूप में स्थापित किया जाएगा। एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के लिए 10 हजार करोड़ के एसएमई ग्रोथ फण्ड की स्थापना की गई है। यह महिला उद्यमियों को इक्यूविटी सपोर्ट प्रदान करेगा। साथ ही लखपति दीदी योजना का भी विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत की सैन्य शक्ति को मजबूती प्रदान करने एवं आधुनिकीकरण करने के लिए रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सरकार ने वित्तीय घाटे को जीडीपी 4.4 प्रतिशत पर नियंत्रित रखते हुए यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी जरूरी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 13:25:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट 2026-27 : व्यक्तिगत आयकर की दरों में राहत नहीं, सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना सरकार का लक्ष्य; पढ़ें बजट पर क्या-क्या बोली वित्त मंत्री ?</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया। पूंजीगत व्यय बढ़ा, राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखा, विनिर्माण व अवसंरचना से विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-no-relief-in-personal-income-tax-rates-governments/article-141604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53,47,315 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जिसमें अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले के लिए मजबूत करने के साथ-साथ विकसित भारत की ओर अग्रसर करने के लिए विनिर्माण, आर्थिक और सामाजिक अवसंरचना विकास के लिए 17,14,523 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>बजट में व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई राहत नहीं दी गयी है, लेकिन उद्योगों पर न्यूनतम वैकल्पिक आयकर (मैट) की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में निवेशकों और आयातकों के लिए प्रक्रिया और अनुपालन आसान बनाने के विस्तृत उपायों की घोषणा की गयी है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने एक घंटे 25 मिनट के अपने भाषण में बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 4.5 प्रतिशत की तुलना में 4.4 प्रतिशत रहा है। </p>
<p>वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गयी और एक समय बीएसई का सेंसेक्स 2300 अंक तक लुढ़क गया था लेकिन बाद में इसने काफी हद तक वापसी की। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष से ऋण को जीडीपी की तुलना में सीमित करने की योजना के तहत ऋण-जीडीपी अनुपात को 2030-31 तक 50 प्रतिशत के आसपास रखने का लक्ष्य रखा है जिसके 2026-27 में 55.6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्ज कम होने से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ऋण का उपलब्धता बढ़ेगी, सरकार पर ब्याज भुगतान कम होगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने की घोषणा की और कहा कि केंद्र की विभाज्य प्राप्तियों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की वृद्धि दर सात प्रतिशत के दायरे में बनी हुई है जिससे सरकार विकास और कल्याण के लिए संसाधनों को जुटाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व बाजार से जुड़े रहना है ताकि देश निर्यात बाजार और विदेशी पूंजी तथा प्रौद्योगिकी का लाभ हासिल करता रहे। </p>
<p>उन्होंने सरकार में विश्वास बनाये रखने के लिए जनता का आभार व्यक्त करते हुए कि हमारा लक्ष्य लोगों की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देना है और आर्थिक वृद्धि को युवाओं, किसानों, गरीबों, महिलाओं और समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचाना है। </p>
<p>केंद्र सरकार के नये कार्यालय क्षेत्र कर्तव्य भवन में तैयार इस पहले बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे युवाओं से प्रेरित बताया और कहा कि इस बजट को तैयार करने में जनता से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने इस बजट को सरकार के तीन कर्तव्यों पर केंद्रित बजट बताते हुए कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को बढ़ाना, दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों को समर्थ बनाना और तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के अनुरूप सामाजिक कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाना है। </p>
<p>वित्त मंत्री ने नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि गत अगस्त में प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद से वस्तु एवं सेवा कर सहित 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है। उन्होंने आर्थिक वृद्धि को तेज करने के लिए बायो फार्मा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, दुर्लभ खनिजों और कपड़ा जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए नयी पहलों की घोषणा की। </p>
<p>उन्होंने 200 से अधिक पारंपरिक औद्योगिक संकुलों को पुनर्जीवित करने और चार नये आर्थिक क्षेत्रों के विकास का भी प्रस्ताव किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं के निर्माण में क्षमता निर्माण के लिए सार्वजनिक उपक्रमों की सहायता से दो स्थानों पर हाईटेक टूल रूम का निर्माण किया जायेगा जो कम लागत पर हाई प्रीसीजन कंपोनेंट का डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे। विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए उपकरण निर्माण के लिए भी एक योजना की घोषणा की गयी। </p>
<p>वित्त मंत्री ने टीयर-2 और 3 शहरों में अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत के बीच नया माल परिवहन गलियारा और बनारस और पटना में घरेलू जलमार्गों के लिए पोत निर्माण की सुविधाओं की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने बिजली, इस्पात, एल्युमीनियम, कपड़ा जैसे क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया। </p>
<p>बजट में नयी राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने, हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के लिए समस्त योजना का विस्तार तथा खादी ग्रामोद्योग के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की गयी है। उन्होंने सूक्ष्म लघु और मझौले क्षेत्र के लिए वित्तपोषण को सरल और सुलभ बनाने के कई पहलों की घोषणा की है। बैंकिंग क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की गयी है। इसमें पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और ग्रामीण विद्युत निगम के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव है। </p>
<p>नगर निगमों को विकास के लिए धन जुटाने में मदद के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक के म्युनिसिपल बॉन्ड निर्गम पर 100 करोड़ रुपये प्रोत्साहन के रूप में देने की घोषणा की गयी है। दो सौ करोड़ रुपये तक के ऐसे निर्गमों के लिए प्रोत्साहन की वर्तमान योजना जारी रहेगी। </p>
<p>उन्होंने दूसरे कर्तव्य के तहत सेवा क्षेत्र को नया आयाम देने की पहलों की घोषणा की जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा सेवा, पशु चिकित्सा, बड़े महानगरों के समीप पांच नये यूनिवर्सिटी टाउनशिप, गणित और विज्ञान पढऩे वाली छात्राओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास, खगोल विज्ञान के लिए नयी वेधशालाओं की स्थापना, गाइडों के प्रशिक्षण के लिए 20 जगह केंद्र बनाने, डिजिटल नॉलेज गृह और 50 पुरातात्विक स्थलों के विकास और संवर्धन जैसी पहलों की घोषणा की।</p>
<p>तीसरे कर्तव्य के तहत महिलाओं, किसानों, दिव्यांग जनों और अन्य वंचित वर्गों के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए विभिन्न पहलों की घोषणा की। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उत्तर भारत में एक नया निमहांस संस्थान स्थापित करने तथा रांची और तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया।</p>
<p>बजट में 50 प्रतिशत जिला अस्पतालों में आपात चिकित्सा तथा ट्रॉमा केंद्रों की सुविधाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। दिव्यांग सहारा योजना के तहत बजट में भारतीय कृत्रिम मानवअंग विनिर्माण निगम को अपनी विनिर्माण सुविधाओं के विस्तार और अनुसंधान तथा विकास के लिए सहायता दी जायेगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना की घोषणा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 17:30:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आम बजट में सशक्तिकरण और समावेशन की गूंज : तेज, सतत और समावेशी विकास का रोडमैप, गरीब-किसान-युवा तक पहुंचेगा विकास; तस्वीरों में देखें बजट</title>
                                    <description><![CDATA[आम बजट में सरकार ने रोजगार, एमएसएमई, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और सशक्तिकरण पर फोकस रखते हुए तेज, सतत और समावेशी विकास का रोडमैप पेश किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/echo-of-empowerment-and-inclusion-in-the-general-budget-roadmap/article-141595"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p dir="ltr">नई दिल्ली। आम बजट के जरिए मोदी सरकार का केंद्रीय मंत्र “रिफॉर्म एक्सप्रेस” रहा, जिसके तहत रोजगार सृजन, एमएसएमई, सशक्तिकरण, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट प्रस्तुत करते हुए भारत को “तेज़, सतत और समावेशी विकास” की राह पर आगे ले जाने का स्पष्ट रोडमैप रखा। सीतारमण ने कहा कि सरकार का फोकस केवल विकास दर पर नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, क्षमता निर्माण और सभी वर्गों तक विकास के लाभ पहुंचाने पर है। यह बजट ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की निरंतरता को दर्शाता है, जिसमें 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। </p>
<p dir="ltr"><img alt="2Q=="></img></p>
<p class="MsoNormal">वित्त मंत्री ने बताया कि बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है पहला, आर्थिक विकास को तेज और टिकाऊ बनाए रखना,  दूसरा, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उनकी क्षमताओं का निर्माण करना और तीसरा, ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के तहत सभी क्षेत्रों और समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करना।  सीतारमण ने कहा कि ‘रिफार्म एक्सप्रेस’ अपनी राह पर है और सरकार इस गति को बनाए रखेगी, सरकार का कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार, समुदाय और वर्ग को संसाधनों, सुविधाओं एवं अवसरों तक पहुंच प्राप्त हो, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वृद्धि का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और युवा तक पहुंचे, जीएसटी, श्रम संहिता एवं गुणवत्ता नियंत्रण आदेश सहित कई सुधार 15 अगस्त से लागू किए जा चुके हैं। सरकार का कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को गति देना और उसे बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है, गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों पर ध्यान देना सरकार का संकल्प है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/AmyVBDqJcl">pic.twitter.com/AmyVBDqJcl</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921106544668889?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong>एमएसएमई को ‘चैंपियंस’ बनाने की पहल </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों ( एमएसएमई ) को अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन बताते हुए उनके लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने ‘चैंपियंस एमएसएमई’ पहल के तहत ₹10,000 करोड़ का एमएसएमई विकास फंड शुरू करने की घोषणा की है, जिससे संभावनाशील उद्यमों को इक्विटी सहायता मिलेगी। इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत निधि में ₹2,000 करोड़ का टॉप-अप देकर सूक्ष्म उद्यमों के लिए जोखिम पूंजी की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। बजट में ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को और मजबूत करने, सरकारी खरीद में एमएसएमई की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा भुगतान प्रणाली को तेज और पारदर्शी बनाने के उपायों का भी ऐलान किया है। इससे एमएसएमई सेक्टर की नकदी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। </p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/zGRYRg4Ln6">pic.twitter.com/zGRYRg4Ln6</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921332680548410?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश </strong></p>
<p dir="ltr">इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए बजट में सरकारी पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा ₹2 लाख करोड़ था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है। सरकार टियर-2 और टियर-3 शहरों को नए विकास केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण और बायो-फार्मा सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा की गई है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के परिव्यय से बायो-फार्मा शक्ति कार्यक्रम शुरू करने का भी ऐलान किया। </p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921482941456760?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> हर जिले में बनेगा एक गर्ल्स हॉस्टल </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में गर्ल्स एजुकेशन को सपोर्ट करने के लिए हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाने की बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में, स्टीम संस्थानों में पढ़ाई के लंबे घंटे और लैब का काम लड़कियों स्टूडेंट्स के लिए कुछ चुनौतियां खड़ी करते हैं, ऐसे में हमारी योजना के जरिए, हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाया जाएगा ताकि इमर्सिव अनुभवों के जरिए एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921530035114490?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> लखपति दीदी कार्यक्रम का होगा विस्तार </strong></p>
<p dir="ltr">सीतारमण ने कहा कि बजट में लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत सरकार महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से एंटरप्राइज मालिक बनने में मदद करने की योजना बना रही है। साथ ही क्लस्टर-लेवल फेडरेशन के भीतर कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट के तौर पर सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट स्थापित किए जाएंगे, इन मार्ट को बेहतर और इनोवेटिव फाइनेंसिंग के ज़रिए सपोर्ट किया जाएगा, इससे महिलाएं एंटरप्रेन्योरशिप में अगला कदम उठा सकेंगी।</p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921818427027917?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव </strong></p>
<p dir="ltr">केंद्रीय बजट में प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने के प्रस्ताव दिया गया।  बजट में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु,</p>
<p dir="ltr"><strong>हैदराबाद-चेन्नई, वाराणसी-सिलीगुड़ी चेन्नई-बेंगलुरु और </strong></p>
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<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/WSZoMyBF2l">pic.twitter.com/WSZoMyBF2l</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921937838834133?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr"><strong>

</strong></p>
<p dir="ltr">दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने ऐलान किया गया। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ये कॉरिडोर ग्रोथ कनेक्टर के रूप में काम करेंगे, यात्रा का समय कम करेंगे, प्रदूषण कम करेंगे और क्षेत्रीय विकास में मदद करेंगे।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> कैंसर और डायबिटीज की दवाएं होंगी सस्ती</strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/hjZdm6uhmn">pic.twitter.com/hjZdm6uhmn</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921987705000192?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal"><strong>

</strong><strong><br /></strong></p>
<p dir="ltr">सीतारमण ने बजट भाषण में देश में बायो फार्मा सेक्टर के विकास से देश में कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती करने का ऐलान किया। सीतारमण ने घोषणा की कि 17 जरूरी दवाओं के आयात पर छूट (इंपोर्ट ड्यूटी में राहत) दी जाएगी, इस कदम से इन दवाओं की कीमतें कम होंगी और मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा कैंसर और डायबिटीज के मरीजों को मिलेगा, इसके अलावा कुछ दुर्लभ और गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली एडवांस दवाएं भी इस लिस्ट में शामिल हैं, ये वे दवाएं हैं जिनका देश में सीमित उत्पादन होता है या जो पूरी तरह आयात पर निर्भर हैं। सीतारमण ने 10,000 करोड़ रुपये का एक एसएमई ग्रोथ फंड की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में नौकरियां पैदा करने और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए एक डेडिकेटेड 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। </p>
<p class="MsoNormal"><strong> डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाएगी सरकार </strong></p>
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<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/KpUUbwP6Ng">pic.twitter.com/KpUUbwP6Ng</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017919840254828962?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p class="MsoNormal"><strong>

</strong>सीतारमण ने भारत के लिए डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी, अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं। इसका मकसद भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूत करना और ज़रूरी मिनरल्स के इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करना है, अब दुर्लभ खनिज के क्षेत्र में भारत भी दुनिया से कदम से कदम मिलाकर चलेगा। केंद्र सरकार उन राज्यों को समर्थन देगी जहां रेयर अर्थ मेटल मौजूद हैं। वित्त मंत्री के अनुसार, इस स्कीम के तहत रेयर अर्थ मिनरल्स की माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा रेयर अर्थ भंडार है, ऐसे में इस कदम से चीन की दादागिरी खत्म होगी।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल होंगे मजबूत </strong></p>
<p dir="ltr">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना का प्रस्ताव दिया। उन्होंने बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम की घोषणा की, वही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना बनाई है, इसके तहत महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी, जो विशेष रूप से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों के पुनरुद्धार पर केंद्रित है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने, ब्रांडिंग करने और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए काम करेगी। वहीं 'टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम' के तहत पारंपरिक क्लस्टर्स को आधुनिक मशीनों, तकनीक और साझा परीक्षण केंद्रों से सुसज्जित किया जा रहा है। जबकि समर्थ 2.0 वस्त्र क्षेत्र में कौशल विकास के लिए 'समर्थ' योजना का उन्नत संस्करण पेश किया गया है, जो कारीगरों को आधुनिक तकनीक के अनुसार अपस्किलिंग और रीस्किलिंग प्रदान करेगा।</p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921381498003536?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> शहरों में नए इकनॉमिक जोन बनेंगे </strong></p>
<p dir="ltr">शहरों को विकास के इंजन के रूप में विकसित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और घरेलू विनिर्माण को गति देने के लिए बजट में शहरों में नए इकनॉमिक जोन बनाने की घोषणा की गई। वहीं देश के विभिन्न राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहर स्थापित किए जाएंगे, जो ग्रेटर नोएडा (यूपी) और धोलेरा (गुजरात) की तर्ज पर विकसित होंगे। इनमें से कुछ आंध्र प्रदेश और बिहार में आ रहे हैं।  वहीं क्षेत्रीय विकास योजना में एक मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों को 20-वर्षीय 'सिटी स्पेटियल एंड इकनॉमिक प्लान' तैयार करना होगा, जो हर पांच साल में अपडेट किया जाएगा।</p>
<p class="MsoNormal"><strong> किसानों को एआई की मिलेगी नई ताकत  </strong></p>
<p dir="ltr">कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार बजट में धुरंधर खेत खलिहान की सोच पर बड़ा दांव लगाया है। बहु भाषीय एआई टूल किसानों की उत्पादकता को बढ़ाएगा और विशिष्ट सलाह प्रदान करके किसानों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम को कम करने में मदद करेगा। सीतारमण ने घोषणा करते हुए साफ संकेत दिया कि चाहे तटवर्ती काजू नारियल किसान हों, पहाड़ी इलाकों के खुमानी अखरोट बादाम उत्पादक हों या औषधीय खेती करने वाले किसान, हर वर्ग के लिए लक्षित योजनाएं तैयार की गई हैं.</p>
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— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921482941456760?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p dir="ltr">बजट के अनुसार, भारत अब अपनी विशेष फसलों को वैश्विक बाज़ार में प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर काम करेगा, भारतीय काजू को ‘प्रीमियम ब्रांड' के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा, पहाड़ी इलाकों में खुमानी, अखरोट और बादाम की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, इन फसलों के लिए खास प्रोत्साहन योजनाएं लागू होंगी, ताकि कठिन भूगोल में भी किसान अधिक कमाई कर सकें, चंदन की खेती के लिए राज्यों और किसानों को विशेष सहायता, ताकि यह महंगी और मांग वाली फसल फिर से भारत की पहचान बन सके, वहीं उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई है, इससे जड़ी-बूटी उगाने वाले किसानों की कमाई सीधे बढ़ेगी, क्योंकि निर्यात बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। </p>
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<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://dainiknavajyoti.com/admin/post/post/">बजट 2026 </a><a href="https://t.co/Z4NLvWIxos">pic.twitter.com/Z4NLvWIxos</a></p>
— Dainik Navajyoti (@DailyNavajyoti) <a href="https://twitter.com/DailyNavajyoti/status/2017921818427027917?ref_src=twsrc%5Etfw">February 1, 2026</a></blockquote>
<p dir="ltr">

</p>
<p class="MsoNormal"><strong> पांच नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स का निर्माण </strong></p>
<p dir="ltr">बजट में राज्यों की मदद करने का ऐलान किया है ताकि चुनौती आधारित योजना के तहत पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स बनाई जा सकें। ये टाउनशिप्स बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास होंगी, इन जोन में कई यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूट, स्किल सेंटर और रहने के लिए कॉम्प्लेक्स तैयार किए जाएंगे, इससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा और रोजगार की बेहतर संभावनाएं मिलेंगी। बजट में ऐलान किया गया है कि एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के क्षेत्र में छात्रों को इमर्सिव यानी अनुभव आधारित सीखने के मौके मिलें, इसके लिए चार टेलीस्कोप और प्लेनेटेरियम सुविधाओं को नया बनाया जाएगा या अपग्रेड किया जाएगा। इनमें शामिल हैं नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप और कॉसमॉस- 2 प्लेनेटेरियम इन पहलों से न सिर्फ शोधकर्ताओं और छात्रों को मदद मिलेगी, बल्कि भारत वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति के रास्ते पर भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।</p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/echo-of-empowerment-and-inclusion-in-the-general-budget-roadmap/article-141595</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:30:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट 2026-27: लघु मध्यम उद्योगों के लिए खुशखबरी, आत्मनिर्भर भारत कोष में अतिरिक्त 2000 करोड़ की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[बजट 2026-27 में एमएसएमई को चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ की एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत कोष में 2,000 करोड़ अतिरिक्त सहायता की घोषणा हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-27-good-news-for-small-and-medium-industries-approval/article-141545"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/500-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अगले वित्त वर्ष में लघु, मध्यम उद्यमों को चैंपियन बनाने और सूक्ष्म उद्यमों को सहायता प्रदान करने की योजना के तहत इसमें इक्विटी सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।</p>
<p>वित्त मंत्री सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये के समर्पित एसएमई विकास निधि की शुरुआत की जाएगी और आत्मनिर्भर भारत कोष में अतिरिक्त 2000 करोड़ रुपये डाले जायेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा, लिक्विडिटी सपोर्ट में ट्रेड्स के साथ एमएसएमई के लिए सात लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्धता पेशेवर सहायता के रूप में दी जाएगी। दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में कॉरपोरेट मित्रों का कैडर तैयार किया जाएगा और इस कैडर से किफायती लागत पर एमएसएमई को अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/budget-2026-27-good-news-for-small-and-medium-industries-approval/article-141545</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 13:07:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धौलावीरा की कुम्हार परंपरा से लेकर सौराष्ट्र का आधुनिक सिरेमिक उद्योग विश्व में भारत की बना रहा है पहचान: पीयूष गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि धौलावीरा की प्राचीन परंपरा से मोरबी के सिरेमिक उद्योग तक गुजरात वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत पहचान बना रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/from-the-potter-tradition-of-dholavira-to-the-modern-ceramic/article-139336"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/piyush-goyal.png" alt=""></a><br /><p>राजकोट। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि सौराष्ट्र क्षेत्र की 5,000 वर्ष पुरानी धौलावीरा कुम्हार परंपरा से लेकर मोरबी के आधुनिक सिरेमिक उद्योग तक, गुजरात की मिट्टी आज वैश्विक बा•ाार में भारत की पहचान बना रही है। उन्होंने वायब्रैंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा,'नवाचार, तकनीक और निवेश के संगम से सिरेमिक सेक्टर ईवी, हेल्थकेयर और ग्रीन टेक में नई उड़ान भर रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में यह क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभा रहा है। यह सत्र सिरेमिक उद्योग पर केंद्रित थी। </p>
<p>केंद्र वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के 225 से अधिक संकुल, 12 हजार से अधिक स्टार्टअप, मजबूत लॉजिस्टिक्स और बेजोड़ उद्यमशीलता के साथ सौराष्ट्र, वैश्विक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र बनकर विकसित भारत 2047 की दिशा तय कर रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के 22 वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की जीवंत गाथा हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने 2003 में यह शुरुआत की थी। वह छोटा सा बीज आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल के सक्षम नेतृत्व में एक वटवृक्ष बनकर उद्योग, लघु और मझोली इकाइयों, स्टार्टअप इकाइयों और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में केवल गुजरात को ही नहीं, बल्कि पूरे भारत को विश्व से जोड़ रहा है।</p>
<p>पीयूष गोयल ने सौर ऊर्जा पर आयोजित एक सत्र को भी संबोधित किया जिसमें कुसुम तथा पीएम सूर्यघर : मुफ्त बिजी योजना  कार्यक्रम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पटेल के सशक्त नेतृत्व में गुजरात देश का प्रमुख निवेश गंतव्य बनकर निरंतर सशक्त हो रहा है। मोदी जी द्वारा 2003 में परिकल्पित वाइब्रेंट गुजरात आज नए भारत की आत्मा, आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता का प्रतीक बना है।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों, नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी भूमिका, गुजरात जन विश्वास अधिनियम और सौराष्ट्र-कच्छ की कर्मठ भावना के साथ गुजरात विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बन रहा है। पीयूष गोयल ने मुखमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि वह विकसित गुजरात के लिए अपनी सरकार के प्रयासों से विकसित भारत की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और संकल्प को गति दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:14:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका–राजस्थान व्यापारिक संभावनाओं पर RCCI में विस्तृत संवाद</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (RCCI) में पेंसिल्वेनिया स्टेट ऑफिस की डायरेक्टर सुप्रिया कानेटकर के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसका उद्देश्य आईटी, हेल्थकेयर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत-अमेरिका व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देना था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/detailed-dialogue-in-rcci-on-us-rajasthan-trade-prospects/article-138620"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/rcci.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (RCCI) में पेंसिल्वेनिया स्टेट ऑफिस–इंडिया की डायरेक्टर सुप्रिया कानेटकर के साथ अमेरिका–राजस्थान के बीच व्यापारिक, निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण संवादात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पेंसिल्वेनिया राज्य में व्यापार, निर्यात, स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के अवसरों पर विस्तार से चर्चा करना रहा।</p>
<p>RCCI अध्यक्ष के. एल. जैन ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारत–अमेरिका व्यापार संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और पेंसिल्वेनिया राज्य राजस्थान के उद्योगों के लिए अनेक संभावनाएं प्रस्तुत करता है।</p>
<p>सुप्रिया कानेटकर ने पेंसिल्वेनिया की औद्योगिक एवं निवेश नीतियों, MSME और स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन योजनाओं, निर्यात सहयोग तंत्र तथा शिक्षा, हेल्थकेयर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, लॉजिस्टिक्स और एग्री-बिजनेस क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने राजस्थान के उद्यमियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को लेकर सकारात्मक रुख व्यक्त किया।</p>
<p>बैठक में उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश, मानद महासचिव आनंद महरवाल, ब्रज बिहारी शर्मा, जेमोलोजिकल साइंस इंटरनेशनल की निदेशिका मीनू ब्रजेश व्यास, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर योगेश नारायण माथुर, सचिव दिनेश कानूनगो सहित बड़ी संख्या में निर्यातक व उद्यमी उपस्थित रहे।<br />चर्चा के दौरान अमेरिकी बाजार में प्रवेश, निर्यात प्रक्रियाएं, नियामक ढांचा, निवेश सुविधा और बिजनेस मैचमेकिंग जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। अंत में आनंद महरवाल ने आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 17:28:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएसएमई को समय पर मिले भुगतान </title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में लेबर कोड में यह निर्णय दिया गया है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन देना प्रत्येक नियोक्ता की अनिवार्य जिम्मेदारी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/msmes-get-timely-payments/article-138209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/mame.png" alt=""></a><br /><p>हाल ही में लेबर कोड में यह निर्णय दिया गया है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन देना प्रत्येक नियोक्ता की अनिवार्य जिम्मेदारी है। यह फैसला श्रमिकों के हित में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके व्यावहारिक पक्ष पर भी गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है, विशेषकर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र के संदर्भ में। वर्तमान स्थिति यह है कि वर्ष 2024 में सरकारों और निजी कंपनियों द्वारा एमएसएमई का लगभग 7.34 लाख करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। ऐसी परिस्थितियों में एमएसएमई को कर्मचारियों का वेतन समय पर देने के लिए बैंकों से ऋण लेना पड़ेगा, जिस पर उन्हें अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना होगा। यह एक विडंबनापूर्ण स्थिति है कि जिन उद्यमों की मेहनत और पूंजी पहले से ही बाजार में फंसी हुई है, उन्हें उसी धन के लिए बैंक को ब्याज देना पड़ेगा, जबकि यह भी सुनिश्चित नहीं होता कि बकाया राशि उन्हें समय पर या पूरी मिलेगी भी। एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। ये न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराती हैं, बल्कि क्षेत्रीय और समान विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि एमएसएमई आर्थिक रूप से कमजोर होंगी, तो देश की समग्र आर्थिक मजबूती और सामाजिक संतुलन भी प्रभावित होगा और देश में समान और सतत विकास संभव नहीं है।</p>
<p>आज बकाया भुगतान, विलंबित भुगतान और चेक बाउंस जैसी समस्याएं एमएसएमई के लिए आम हो चुकी हैं। इन मामलों में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अत्यंत धीमी और जटिल होती है, जिससे उद्यमों का कैश फ्लो बुरी तरह प्रभावित होता है। इसका सीधा असर कर्मचारियों के वेतन, उत्पादन और व्यवसाय की स्थिरता पर पड़ता है।</p>
<p>अत: यह अत्यंत आवश्यक है कि सरकार एक मजबूत, पारदर्शी और समयबद्ध पेमेंट इकोसिस्टम विकसित करे, जिससे एमएसएमई को तय समयसीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित हो सके। जब एमएसएमई को समय पर उनका पैसा मिलेगा, तभी  कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए उन्हें बार-बार बैंक ऋण लेने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।</p>
<p><strong>-नरेन्द्र चौधरी</strong><br /><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/msmes-get-timely-payments/article-138209</link>
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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 12:07:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब नेशनल बैंक ने एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को किया मजबूत</title>
                                    <description><![CDATA[पीएनबी ने भारत के एमएसएमई क्षेत्र के लिए प्रमुख वित्तीय भागीदार-पार्टनर के रूप में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/punjab-national-bank-strengthens-msme-ecosystem/article-118942"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(6)10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए प्रमुख वित्तीय भागीदार-पार्टनर के रूप में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ किया है। एमएसएमई को भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में मान्यता देते हुए पीएनबी ने रणनीतिक रूप से एक व्यापक एमएसएमई बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है, जो पारंपरिक संबंध बैंकिंग के साथ अत्याधुनिक डिजिटल समाधानों को जोड़ता है, जो प्रत्येक उद्यमी के सपने के लिए सुलभ ऋण सुनिश्चित करता है। अब ग्राहक एमएसएमई के विभिन्न प्रारूपों के विशेष प्रस्तावों का लाभ उठा सकते हैं।</p>
<p><strong>पीएनबीइनोवेट स्कीम : </strong>50 करोड़ तक की ऋण सुविधा के साथ एमएसएमई, कृषि और संबद्ध सेवाओं में स्टार्ट-अप को वित्तपोषित करना।</p>
<p><strong>पीएनबीग्रोथ प्लस :</strong> स्टॉक स्टेटमेंट और किसी अन्य वित्तीय पेपर की आवश्यकता के बिना, शून्य आरटीजीएस-एनईएफटी और 2.00 करोड़ तक की ऋण सुविधा के साथ एमएसएमई के लिए अनुकूलित-कस्टमाइज्ड वित्तीय समाधान।</p>
<p><strong>पीएनबी जीएसटी एक्सप्रेस :</strong> सभी श्रेणी के उधारकर्ताओं (विनिर्माण, व्यापार, सेवाएं) के लिए जीएसटी रिटर्न के आधार पर मूल्यांकन। जिसमें 10.00 करोड़ तक की ऋण सुविधा और किसी वित्तीय दस्तावेजÞ की आवश्यकता नहीं है।</p>
<p><strong>एमएसएमई प्राइम प्लस : </strong>सभी एमएसएमई इकाइयों के लिए 100 करोड़ तक की ऋण सुविधा और ब्याजदर और सेवा शुल्क में रियायत के साथ व्यापक वित्तपोषण।</p>
<p><strong>डिजी एमएसएमई ऋण :</strong> डिजिटल प्रसंस्करण के माध्यम से मौजूदा और नए ग्राहकों के लिए 25 लाख तक का पेपरलेस ऋण।</p>
<p><strong>ई-जीएसटी एक्सप्रेस : </strong>जीएसटी रिटर्न के आधार पर 5 करोड़ तक का डिजिटल एमएसएमई ऋण, जिसमें सीजीटीएमएसई गारंटी उपलब्ध है और ब्याजदर और प्रसंस्करण शुल्क में रियायत है।</p>
<p><strong>सरकारी भागीदारी योजनाएं :</strong></p>
<p><strong>ई-पीएम विश्वकर्मा : </strong>कारीगरों या शिल्पकारों को सीजीटीएमएसई द्वारा सुरक्षित ऋण सहायता, जिसमें शून्य मार्जिन आवश्यकता के साथ।</p>
<p><strong>पीएनबी ई-मुद्रा योजना : </strong>सीजीटीएमएसई द्वारा सुरक्षित तरुण प्लस योजना के अंतर्गत 20 लाख तक की ऋण सुविधा, जिसमें कई स्तरीय वित्तपोषण विकल्प शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 10:59:37 +0530</pubDate>
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