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                <title>jaipur tourism - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>jaipur tourism RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 7 से 15 सितंबर तक नौ दिवसीय गणेशोत्सव: 348 किलो पंचामृत से अभिषेक, 3 हजार किलो घी से सजेगा मोदक दरबार</title>
                                    <description><![CDATA[छोटी काशी जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 7 से 15 सितंबर तक नौ दिवसीय गणेश जन्मोत्सव का भव्य आयोजन होगा। उत्सव की शुरुआत कलश यात्रा से होगी, जिसके बाद पंचामृत अभिषेक, 3 हजार किलो घी के मोदक झांकी, मेहंदी पूजन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 15 सितंबर को भव्य नगर भ्रमण निकलेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nine-day-ganeshotsav-from-7th-to-15th-september-at-motidungari/article-164825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(13).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। छोटी काशी जयपुर में भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी का भव्य आयोजन इस बार 7 से 15 सितंबर तक मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में होगा। नौ दिवसीय उत्सव में पूजा-अर्चना के साथ भव्य धार्मिक झांकियां, पंचामृत अभिषेक, मोदक उत्सव, फल-सब्जी और फूलों की झांकियां, ध्रुपद, सुगम संगीत एवं कथक नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मंदिर महंत कैलाश शर्मा के अनुसार 15 सितंबर को भगवान गणेशजी के नगर भ्रमण के साथ उत्सव का समापन होगा।</p>
<p><strong>7 सितंबर को कलश यात्रा से शुभारंभ</strong></p>
<p>उत्सव का शुभारंभ 7 सितंबर, सोमवार को सुबह 9 बजे कलश यात्रा एवं जलाभिषेक के साथ होगा।</p>
<p><strong>8 सितंबर को 348 किलो पंचामृत से अभिषेक</strong></p>
<p>8 सितंबर, मंगलवार को पुष्य नक्षत्र के अवसर पर भगवान गणेशजी का 348 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसमें 251 किलो दूध, 50 किलो दही, 25 किलो बूरा, 11 किलो शहद और 11 किलो घी शामिल होगा। इस दिन विशेष केले की झांकी, छप्पन भोग की झांकी और शाम 6 बजे ध्रुपद गायन होगा।</p>
<p><strong>3 हजार किलो घी से तैयार होंगे हजारों मोदक</strong></p>
<p>9 सितंबर को मोदकों की भव्य झांकी उत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी। इसमें 251-251 किलो के दो विशाल मोदक, 51-51 किलो के पांच मोदक, 21-21 किलो के 21 मोदक और 1.25 किलो के 1100 मोदक सहित हजारों छोटे मोदक सजाए जाएंगे। इन्हें तैयार करने में करीब 3 हजार किलो शुद्ध घी, 3 हजार किलो बेसन, 9 हजार किलो शक्कर और 1 हजार किलो सूखे मेवों का उपयोग होगा। सुबह 5 बजे से श्रद्धालु मोदक झांकी के दर्शन कर सकेंगे। इस दिन मंदिर में बाहर से लाया गया प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा। भगवान को 21, 108 एवं 1008 मोदक अर्पित किए जाएंगे तथा शाम 7 बजे निःशुल्क प्रसाद वितरण होगा। शाम 6 बजे सुगम संगीत और कथक नृत्य की प्रस्तुति होगी।</p>
<p><strong>10 से 12 सितंबर तक प्रकृति के रंगों में सजेगा गणेश दरबार</strong></p>
<p>10 सितंबर को फलों, 11 सितंबर को सब्जियों और 12 सितंबर को फूलों की भव्य झांकी सजाई जाएगी। तीनों दिन शाम 6 बजे कथक नृत्य की प्रस्तुति होगी। 8 से 12 सितंबर तक ध्रुपद, सुगम संगीत और कथक के कलाकार अपनी कला भगवान गणेश को समर्पित करेंगे।</p>
<p><strong>3500 किलो मेहंदी से होगा सिंजारा</strong></p>
<p>13 सितंबर को मेहंदी पूजन एवं सिंजारा होगा। सोजत की करीब 3500 किलो मेहंदी से भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। रात 7:30 बजे पांच स्थानों से मेहंदी प्रसाद वितरित किया जाएगा। महिलाओं एवं कन्याओं के लिए मेहंदी की अलग व्यवस्था रहेगी। इसी दिन गणेशजी को वर्ष में केवल गणेश चतुर्थी पर धारण कराया जाने वाला स्वर्ण मुकुट पहनाया जाएगा। चांदी के सिंहासन पर विराजमान भगवान गणेश विशेष पोशाक और नौलखा हार से सुसज्जित होंगे। मोती, सोना, पन्ना और माणक से सजे इस हार को महंत परिवार ने करीब तीन माह में तैयार किया है।</p>
<p><strong>14 सितंबर को जन्मोत्सव, 19 घंटे से अधिक दर्शन</strong></p>
<p>14 सितंबर, सोमवार को गणेश चतुर्थी पर भगवान श्री गणेशजी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 5 बजे मंगला आरती से रात 11:40 बजे शयन आरती तक दर्शन होंगे।</p>
<p><strong>आरती एवं पूजा का समय—</strong></p>
<p>- मंगला आरती — सुबह 5 बजे<br />- विशेष पूजन — सुबह 11:20 बजे<br />- श्रृंगार आरती — सुबह 11:30 बजे<br />- भोग आरती — दोपहर 2:15 बजे<br />- भोग के दौरान दोपहर 1:30 से 2 बजे तक पट मंगल<br />- संध्या आरती — शाम 7 बजे<br />- शयन आरती — रात 11:40 बजे</p>
<p><strong>15 सितंबर को बप्पा का भव्य नगर भ्रमण</strong></p>
<p>15 सितंबर, मंगलवार को शाम 4 बजे भगवान गणेशजी की भव्य शोभायात्रा निकलेगी। मोतीडूंगरी मंदिर से रवाना होकर शोभायात्रा एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेगी। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में होने वाला यह नगर भ्रमण नौ दिवसीय उत्सव का भव्य समापन होगा।</p>
<p><strong>72 कैमरों से निगरानी, 500 स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था</strong></p>
<p>श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए मंदिर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर में 6 डीएफएमडी और 6 एचएसएमडी लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 72 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी 30 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी। दर्शन के लिए मंदिर में आने की 6 लाइनें और वापसी की 8 लाइनें रहेंगी। एक लाइन की एंट्री पास के माध्यम से होगी। दर्शन के लिए प्रवेश एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से होगा।</p>
<p><strong>वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए 100 ई-रिक्शा</strong></p>
<p>निःशक्तजन एवं वृद्ध श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राउंड द क्लॉक 100 ई-रिक्शा संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए 4 इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें भी उपलब्ध रहेंगी। व्यवस्था संभालने के लिए 500 स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे।</p>
<p><strong>एमडी रोड सहित प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग</strong></p>
<p>श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जेडीए सर्किल से मंदिर तक और एमडी रोड पर भैरव पथ से बैरिकेडिंग की जाएगी। रिजर्व बैंक से मंदिर तक भी बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी।</p>
<p><strong>मंदिर प्रशासन की अपील</strong></p>
<p>मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के दौरान अपने साथ कैमरा एवं अनावश्यक अन्य सामान लेकर नहीं आएं, ताकि सुरक्षा जांच और दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nine-day-ganeshotsav-from-7th-to-15th-september-at-motidungari/article-164825</link>
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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 16:08:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाथी गांव में सजा शाही हाथी फैशन शो: विश्व हाथी दिवस पर पारंपरिक पोशाक और प्राचीन आभूषणों से सजे हाथियों ने किया रैंप वॉक, संरक्षण का दिया संदेश </title>
                                    <description><![CDATA[विश्व हाथी दिवस के अवसर पर जयपुर के आमेर स्थित हाथी गांव में एक अनूठा एलीफेंट फैशन शो आयोजित किया गया। पारंपरिक पोशाक और करीब 62 किलो चांदी के शाही आभूषणों से सजे हाथियों ने रैंप वॉक कर पर्यटकों का दिल जीत लिया। इस दौरान हाथियों के संरक्षण का संदेश दिया गया और उन्हें तीन हजार किलो फल खिलाए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/royal-elephant-fashion-show-decorated-in-elephant-village-on-world/article-162783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(1)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व हाथी दिवस पर आमेर स्थित हाथी गांव में बुधवार को अनूठा एलीफेंट फैशन शो आयोजित हुआ। पारंपरिक पोशाक और प्राचीन आभूषणों से सजे हाथी रैंप पर उतरे तो पर्यटकों के लिए यह नजारा आकर्षण का केंद्र बन गया। हथिनी चंदा और पुष्पा के साथ नर हाथी बाबू ने भी शाही अंदाज में जलवा बिखेरा। बाबू, पुष्पा और चंदा सहित अन्य हाथियों को करीब 62 किलो चांदी के पारंपरिक गहनों से सजाया गया। आभूषणों से सजे हाथियों ने रैंप वॉक कर सभी का ध्यान खींचा। </p>
<p>आयोजन के जरिए हाथियों के संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया गया। हाथियों के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए, जहां उनके लिए करीब तीन हजार किलो विभिन्न प्रकार के फल रखे गए। हाथियों ने इन फलों का जमकर लुत्फ उठाया। इस दौरान हथनी जोनाली का केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। आयोजन देखने पहुंचे पर्यटक भी इस अनूठे नजारे को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए। आर्मेनिया और सोमालिया से आए डिप्लोमेट्स भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:05:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>हवामहल के झरोखों का आकर्षण कायम, 19 वर्षों में 1.33 करोड़ से अधिक पर्यटकों का दीदार</title>
                                    <description><![CDATA[हवामहल प्रशासन ने 2015 से 12 जुलाई 2026 तक इन 11 सालों के दौरान 691 पर्यटकों को उनका खोया हुआ कीमती सामान सुरक्षित वापस लौटाया। खासबात ये देखने को मिली कि यूएसए के पर्यटक को जब अपना खोया कीमती सामान वापस मिला तो उन्होंने इस बात की खुशी खोया-पाया रजिस्टर में रोचक तरीके से बयां की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-attraction-of-the-windows-of-hawa-mahal-continues-more/article-160325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(3)43.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। हवामहल प्रशासन ने 2015 से 12 जुलाई 2026 तक इन 11 सालों के दौरान 691 पर्यटकों को उनका खोया हुआ कीमती सामान सुरक्षित वापस लौटाया है। खासबात ये देखने को मिली कि यूएसए के पर्यटक को जब अपना खोया कीमती सामान वापस मिला तो उन्होंने इस बात की खुशी खोया-पाया रजिस्टर में रोचक तरीके से बयां की। उन्होंने लिखा 'थैंक्यू सो मच फॉर हैल्प मी, आप अमेजिंग और अच्छे व्यक्ति हैं'। इसके साथ ही उन्होंने यूएसए लिखकर सांकेतिक तौर पर अपने देश के झण्डे का चित्र भी बनाया। दिलचस्प बात ये है कि हवा महल के रतन मंदिर और द्वितीय चौक ऐसे स्थान है, जहां सबसे अधिक सामान गुम होता है। </p>
<p>देश-विदेश के पर्यटकों का मिला सामान- हवामहल में घूमने आए गुरुग्राम, पुणे, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, चंडीगढ़, भीलवाड़ा, कर्नाटक, पंजाब, पटना, पश्चिम बंगाल, जोधपुर, मुंबई, सूरत, मध्यप्रदेश, नागपुर तथा यूएसए से आए पर्यटकों का सामान सुरक्षित लौटाया गया। <br /> क्या-क्या मिला- परिसर में अब तक मिले सामान में बैग, मोबाइल फोन, पर्स, जैकेट, हेलमेट, एटीएम व डेबिट कार्ड, कैमरे, चश्मे, लैपटॉप व टैबलेट, सोने-चांदी के आभूषण, सहित लाखों रुपए की नकदी सहित अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं।</p>
<p><strong>पर्यटकों को लौटाया जाता है गुम सामान</strong><br />स्मारक में 19 सालों में 1,33,66,531 पर्यटक आए है। कई बार पर्यटक यहां अपना कीमती सामान रखकर भूल जाते हैं। जिन्हें उन्हें वापस लौटाया जाता है। <br />सरोजनी चंचलानी, अधीक्षक, हवामहल।</p>
<p><strong>सामान भूलने के प्रमुख कारण</strong><br />टिकट लेते समय जल्दबाजी में पर्स काउंटर पर छोड़ देना। बैंच पर बैग या मोबाइल रखकर भूल जाना। फोटो खींचते समय सामान यहां-वहां रख देना।</p>
<p><strong>पर्यटकों का कहना...  </strong><br />हैदराबाद के पवन कुमार वर्मा का 42 हजार रुपए नकद और अन्य सामान से भरा बैग बैंच पर छूट गया था, जो उन्हें सुरक्षित वापस मिला। उन्होंने हवामहल प्रशासन की ईमानदारी की प्रशंसा की। जयपुर की आभा कुमारी का करीब 70 हजार रुपए मूल्य का सोने का झुमका रतन मंदिर क्षेत्र में खो गया था। प्रशासन की मदद से वह सुरक्षित मिल गया। रांची (झारखंड़) की प्रीति रानी बैंच पर पर्स भूल गई थीं। बाद में कार्यालय से उन्हें उनका पर्स तीन हजार रुपए नकद और जरूरी दस्तावेजों सहित सुरक्षित वापस मिला।</p>
<p><strong>19 वर्षों में पर्यटकों की </strong><br />संख्या (2006-07 से 2024-25)<br />घरेलू पर्यटक : 1,27,03,016<br />विदेशी पर्यटक : 6,63,515<br />कुल पर्यटक : 1,33,66,531 </p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">इनका कहना :</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">हवामहल स्मारक में 19 सालों के दौरान 1,33,66,531 पर्यटकों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। खाय बात यह है कि स्मारक परिसर में पर्यटकों के खोए कीमती सामानों को भी पर्यटकों को वापस दिए गए है।</span></p>
<p class="MsoListParagraph" style="text-indent:-0.25in;"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span>-<span style="font-style:normal;font-variant:normal;font-size:7pt;line-height:normal;font-family:'Times New Roman';">      - </span></span></span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">सरोजनी चंचलानी , अधीक्षक, हवामहल स्मारम</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 10:20:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जंतर-मंतर स्मारक : 9 साल में अपनी ओर खींचे 95.72 लाख पर्यटकों के कदम, 78.24 करोड़ रुपए की आय</title>
                                    <description><![CDATA[विश्व धरोहर के रूप में अपनी पहचान बना चुका जयपुर का जंतर-मंतर स्मारक 31 जुलाई को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल होने के 16 वर्ष पूरे कर लेगा। 31 जुलाई  2010 में विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद यह स्मारक न केवल देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बना, खगोल विज्ञान, ज्योतिष और प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक ज्ञान को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jantar-mantar-memorial-attracted-9572-lakh-tourists-in-nine-years/article-159677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)24.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विश्व धरोहर के रूप में अपनी पहचान बना चुका जयपुर का जंतर-मंतर स्मारक 31 जुलाई को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल होने के 16 वर्ष पूरे कर लेगा। 31 जुलाई  2010 में विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद यह स्मारक न केवल देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बना, खगोल विज्ञान, ज्योतिष और प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक ज्ञान को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन गया। </p>
<p><strong> 95 लाख 72 हजार से अधिक आए पर्यटक </strong><br />पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक जंतर-मंतर स्मारक में 95 लाख 72 हजार 130 पर्यटक पहुंचे। इनमें भारतीय पर्यटकों और विद्यार्थियों की संख्या 78 लाख 12 हजार 58 तथा विदेशी पर्यटकों और विद्यार्थियों की संख्या 16 लाख 83 हजार 642 रही। इसके अलावा 76 हजार 430 पर्यटकों ने ऑनलाइन टिकट लिया। इन सालों में विभाग को 78 करोड़ 24 लाख 29 हजार 446 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। स्मारक के संरक्षण और रखरखाव पर प्रतिवर्ष लगभग 15 से 20 लाख रुपए खर्च होते हैं। </p>
<p><strong>पर्यटकों के लिए बना इंटरप्रिटेशन सेंटर</strong><br />विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद स्मारक परिसर में आधुनिक इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया गया। यहां महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय के जीवन, जंतर-मंतर के निर्माण, विभिन्न खगोलीय यंत्रों की कार्यप्रणाली और उनके वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी जाती है। केंद्र में यंत्रों के मॉडल, प्राचीन ज्योतिषीय पांडुलिपियां, दुर्लभ दूरबीन तथा अन्य पुरावशेष भी प्रदर्शित किए गए हैं। सवाई जयसिंह द्वितीय की प्रतिमा भी यहां है। </p>
<p><strong> विद्यार्थियों के लिए नियमित गतिविधियां</strong><br />जंतर-मंतर स्मारक की अधीक्षक प्रतिभा यादव के अनुसार स्मारक में समय-समय पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रम किए जाते हैं। </p>
<p><strong>देश की सबसे सक्रिय वेधशाला</strong><br />महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने वर्ष 1724 से 1734 के बीच जयपुर जंतर-मंतर (वेधशाला) का निर्माण कराया था। यहां स्थापित विशाल खगोलीय यंत्र आज भी समय, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और अन्य खगोलीय गणनाओं में सटीक जानकारी देने की क्षमता रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली, मथुरा और वाराणसी के जंतर-मंतर (वेधशाला) में यंत्र अब सक्रिय नहीं हैं, जबकि उज्जैन वेधशाला में सीमित संख्या में यंत्र हैं।</p>
<p><strong>युवाओं और शोधार्थियों की बढ़ रही दिलचस्पी</strong><br />टूरिस्ट गाइड महेश शर्मा बताते हैं कि भारतीय युवा और विद्यार्थी यहां के वैज्ञानिक यंत्रों की कार्यप्रणाली को समझने में विशेष रुचि दिखाते हैं। वहीं विदेशी पर्यटकों में विशेषकर 35 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लोग प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग और खगोल विज्ञान की सटीकता देखकर आश्चर्यचकित रह जाते हैं। </p>
<p><strong>जंतर-मंतर (2017-18 से 2025-26) </strong><br /><strong>पर्यटक संख्या एवं राजस्व </strong><br /><strong>श्रेणी                                                                      संख्या</strong><br />भारतीय पर्यटक                                                      65,87,140<br />भारतीय विद्यार्थी                                                     12,24,918<br />कुल भारतीय पर्यटक संख्या                                     78,12,058<br />विदेशी पर्यटक                                                       16,01,955<br />विदेशी विद्यार्थी                                                      81,687<br />कुल विदेशी पर्यटक संख्या                                      16,83,642<br />ऑनलाइन टिकट लेकर आए पर्यटक                        76,430<br />कुल पर्यटक (9 वर्ष में)                                           95,72,130<br />कुल राजस्व                                                          78,24,29,446 </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 13:01:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तपती धूप में सुकून का अहसास : हवामहल में पर्यटकों के लिए विशेष इंतजाम, स्मारक परिसर में करवाया जा रहा पानी का छिड़काव </title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी और नौतपा के बढ़ते असर को देखते हुए हवामहल स्मारक परिसर में पर्यटकों को राहत पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं। परिसर में लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, ताकि वातावरण में ठंडक बनी रहे और पर्यटकों को तपन से राहत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/feeling-of-peace-in-the-scorching-sun-special-arrangements-for/article-154932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)106.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भीषण गर्मी और नौतपा के बढ़ते असर को देखते हुए हवामहल स्मारक परिसर में पर्यटकों को राहत पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। परिसर में लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, ताकि वातावरण में ठंडक बनी रहे और पर्यटकों को तपन से राहत मिल सके।</p>
<p>इसके साथ ही द्वितीय चौक में पानी का फव्वारा भी नियमित रूप से चलाया जा रहा है। स्मारक अधीक्षक सरोजनी चंचलानी ने बताया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए यह पहल की गई है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आरामदायक माहौल में स्मारक का भ्रमण कर सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 16:02:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मी में सुकून की फुहार : आमेर महल में पर्यटकों को मिली राहत, तपन के चलते पर्यटकों का आंकड़ा 1,842 रहा</title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी के बीच अगर राहत की ठंडी फुहार। पर्यटन स्थलों पर घूमने का अनुभव और भी खास। ऐसा ही नजारा आमेर महल में देखने को मिला। यहां जलेब चौक पर तपती धूप में भ्रमण कर रहे पर्यटकों को गर्मी से राहत देने के लिए पानी का छिड़काव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-splash-of-peace-in-the-heat-tourists-got-relief/article-152274"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भीषण गर्मी के बीच अगर राहत की ठंडी फुहार मिल जाए तो पर्यटन स्थलों पर घूमने का अनुभव और भी खास हो जाता है। ऐसा ही नजारा आमेर महल में देखने को मिला। यहां जलेब चौक पर तपती धूप में भ्रमण कर रहे पर्यटकों को गर्मी से राहत देने के लिए पानी का छिड़काव कराया गया। पर्यटकों ने भी इस व्यवस्था की सराहना की।</p>
<p>इस दौरान खास विदेशी पावणें पानी की इन फुहारों को एन्जॉय करते देखे गए। महल अधीक्षक डॉ.राकेश छोलक ने बताया कि पर्यटकों की सुविधार्थ जलेब चौक में छिड़काव कराया गया, ताकि उन्हें गर्मी में कुछ राहत दी जा सके। गुरुवार को 1842 पर्यटकों ने महल का भ्रमण किया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:40:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान दिवस पर ‘ओडीओपी’ और ‘जयपुर रत्नम्’ प्रदर्शनी का आगाज़, 120 स्टॉल पर सजे प्रदेश के अनूठे उत्पाद</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर के इंटरनेशनल सेंटर में राज्य स्तरीय ODOP और 'जयपुर रत्नम्' प्रदर्शनी शुरू हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित इस उत्सव में 120 स्टॉल्स पर प्रदेश के हस्तशिल्प और जेम्स-ज्वेलरी का प्रदर्शन किया जा रहा है। 19 मार्च तक चलने वाली यह प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों को वैश्विक मंच प्रदान करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/odop-and-jaipur-ratnam-exhibition-begins-on-rajasthan-day-unique/article-146588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaipur3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में राज्य स्तरीय ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) और ‘जयपुर रत्नम्’ प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ रविवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जयपुर संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम, जयपुर जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी तथा उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री सुरेश ओला ने संयुक्त रूप से किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान दिवस (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के उपलक्ष्य में 14 से 19 मार्च तक पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा राज्य स्तर के साथ-साथ सभी जिलों में ओडीओपी प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाना है।</p>
<p>राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदेश के सभी जिलों के विशिष्ट ओडीओपी उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। हस्तशिल्प, वस्त्र, खाद्य उत्पाद, कलात्मक वस्तुएं और पारंपरिक कारीगरी की झलक इन स्टॉलों में देखने को मिल रही है। प्रदर्शनी में कुल 120 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां आगंतुक इन उत्पादों को देख ही नहीं, बल्कि सीधे खरीद भी सकते हैं। आमजन के लिए प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक 19 मार्च तक खुली रहेगी।</p>
<p>जेम्स एंड ज्वेलरी की विशेष प्रदर्शनी ‘जयपुर रत्नम्’<br />जयपुर जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र तथा राजस्थान लघु उद्योग निगम (राजसिको) द्वारा ‘जयपुर रत्नम्’ जेम्स एंड ज्वेलरी प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस विशेष प्रदर्शनी में जिले के ओडीओपी उत्पादों और रत्न-आभूषणों की आकर्षक श्रृंखला को प्रदर्शित करने के लिए 80 स्टॉल स्थापित किए गए हैं।</p>
<p>सभी जिलों में ओडीओपी प्रदर्शनी<br />राजस्थान दिवस समारोह के तहत प्रदेश के सभी जिलों में ओडीओपी प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इन प्रदर्शनियों में स्थानीय कारीगर अपने उत्पादों की जानकारी दे रहे हैं और सीधे बिक्री के माध्यम से उन्हें बाजार उपलब्ध हो रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन दे रही है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी मजबूत कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 16:35:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण : आमेर की मावठा झील में फिर चली नावें, 20 साल बाद शुरू हुई बोटिंग सेवा</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के ऐतिहासिक Amber Fort की तलहटी में स्थित Maota Lake में एक बार फिर बोटिंग सेवा की शुरुआत। करीब दो दशक बाद शुरू हुई इस गतिविधि ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार मावठा झील में बोटिंग शुरू होने से आमेर आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tourism-will-get-new-attraction-boats-started-again-in-amers/article-145829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के ऐतिहासिक Amber Fort की तलहटी में स्थित Maota Lake में सोमवार से एक बार फिर बोटिंग सेवा की शुरुआत हो गई। करीब दो दशक बाद शुरू हुई इस गतिविधि ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह पैदा कर दिया है। इसके साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब मावठा झील के शांत जल में नाव की सवारी करते हुए आमेर महल की भव्यता और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा नजारा देख सकेंगे।</p>
<p>पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार मावठा झील में बोटिंग शुरू होने से आमेर आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा। इससे न केवल पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा बल्कि स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। खास बात यह है कि झील के बीच से आमेर महल का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है, जो पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो सकता है। लंबे समय से बंद पड़ी इस सेवा के दोबारा शुरू होने से पर्यटन से जुड़े लोगों में भी नई उम्मीद जगी है।</p>
<p><strong>इनका कहना....</strong><br />आमेर मावठा में बोटिंग के शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यटकों को एक नई एक्टिविटी का अनुभव भी मिलेगा। <br />डॉ राकेश छोलक, अधीक्षक, आमेर महल</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 14:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर पहुंची ‘पैलेस ऑन व्हील्स’: 20वें फेरे में पर्यटकों की संख्या कम, शाही अंदाज में हुआ मेहमानों का स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया की प्रतिष्ठित लग्जरी ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स गुरुवार को अपने 20वें सफर पर जयपुर पहुंची। गांधी नगर स्टेशन पर विदेशी सैलानियों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में भव्य स्वागत किया गया। शहर के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने के बाद, यह शाही ट्रेन अब रणथंभौर में जंगल सफारी के रोमांचक अनुभव के लिए सवाई माधोपुर की ओर रवाना होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/palace-on-wheels-reached-jaipur-in-its-20th-round-number/article-145349"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/royel-train.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लग्ज़री ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स अपने 20वें फेरे के तहत गुरुवार को जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन में विभिन्न देशों से क़रीब 10 से 12 पर्यटक सफर कर रहे हैं। इस फेरे में पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम देखने को मिली, फिर भी मेहमानों का स्वागत शाही अंदाज़ में किया गया।</p>
<p>रेलवे स्टेशन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें विशेष बसों के माध्यम से जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए रवाना किया गया, जहां उन्होंने शहर की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव किया।</p>
<p>दिनभर के भ्रमण के बाद शाम को यह लग्ज़री ट्रेन दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से पर्यटकों को लेकर अपने अगले पड़ाव सवाई माधोपुर के लिए रवाना होगी, जहां पर्यटक रणथंभौर के जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 15:40:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुलाबी नगरी में आज 'ग्लोबल होली', विदेशी मेहमानों ने खासा कोठी में जमकर उड़ाया रंग</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के होटल खासा कोठी में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित धुलंडी फेस्टिवल में विदेशी पर्यटकों ने जमकर गुलाल उड़ाया। लोक संगीत और बॉलीवुड गानों पर थिरकते सैलानियों ने राजस्थानी संस्कृति का आनंद लिया। विभाग द्वारा पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के बीच मेहमानों को परंपरागत होली के रंगों में सराबोर कर एक यादगार अनुभव प्रदान किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/global-holi-today-in-pink-city-foreign-guests-spread-colors/article-145206"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में पर्यटन विभाग की ओर से होटल खासा कोठी में धुलंडी फेस्टिवल का भव्य और रंगारंग आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बॉलीवुड गीतों की धुन पर जमकर डांस किया। पारंपरिक गुलाल, लोक संगीत और सांस्कृतिक माहौल ने मेहमानों को राजस्थान की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।</p>
<p>पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे कार्यक्रम के दौरान पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रवेश व्यवस्था से लेकर आयोजन स्थल तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रही। पर्यटन विभाग के उप निदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और अतिथियों का स्वागत किया।</p>
<p>धुलंडी के इस खास आयोजन ने विदेशी मेहमानों को भारतीय संस्कृति के रंगों में सराबोर कर दिया। रंग, संगीत और उमंग से भरे इस उत्सव ने सभी को यादगार अनुभव प्रदान किया और जयपुर की मेहमाननवाजी की छाप छोड़ दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 15:11:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थानी लोक गीतों पर थिरके पावणें : नए साल के पहले दिन अमेरिका, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड और कनाडा के पर्यटकों को लेकर शाही ट्रेन पहुंची जयपुर </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश की शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स का इस वर्ष का पहला फेरा गुरुवार को सुबह जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पहुंचा। स्टेशन पर पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पर्यटकों को भी थिरकने पर मजबूर कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-saints-danced-on-rajasthani-folk-songs-on-the-first/article-138058"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर।प्रदेश की शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स का इस वर्ष का पहला फेरा गुरुवार को सुबह जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पहुंचा। स्टेशन पर पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पर्यटकों को भी थिरकने पर मजबूर कर दिया।जानकारी के अनुसार इस शाही सफर में अमेरिका के 61, भारत के 8, ब्रिटेन के 2, स्विट्जरलैंड के 2 और कनाड़ा के 2 पर्यटक शामिल हैं। विभिन्न देशों से आए पर्यटकों ने राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को बेहद करीब से महसूस किया और पारंपरिक स्वागत से अभिभूत दिखे।</p>
<p>रेलवे स्टेशन से पर्यटकों को बस के जरिए शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों और दर्शनीय स्थलों के भ्रमण के लिए ले जाया गया। आमेर फोर्ट, जंतर-मंतर स्मारक, सिटी पैलेस और अन्य धरोहर स्थलों ने विदेशी मेहमानों को खासा आकर्षित किया। शाम को पैलेस ऑन व्हील्स दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से पर्यटकों को लेकर अपने आगे के सफर के लिए रवाना हो गई।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 10:22:16 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नए साल में आमेर महल में चांदी के गहनों से सजे हथियों ने किया पर्यटकों का स्वागत, नई टिकट दरें भी हुईं लागू </title>
                                    <description><![CDATA[नववर्ष के अवसर पर वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट आमेर महल में देश-विदेश से आए पर्यटकों का गुरुवार को पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया। इस मौके पर आमेर महल में हाथियों को पारंपरिक आभूषणों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। कहा जाए तो सजे-धजे हाथी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-new-year-elephants-decorated-with-silver-ornaments-welcomed/article-138057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नववर्ष के अवसर पर वर्ल्ड हेरिटेज मॉन्यूमेंट आमेर महल में देश-विदेश से आए पर्यटकों का गुरुवार को पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया। इस मौके पर आमेर महल में हाथियों को पारंपरिक आभूषणों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। कहा जाए तो सजे-धजे हाथी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। उधर, एक जनवरी से पुरातत्व विभाग के शहर में संरक्षित स्मारक आमेर महल, हवामहल स्मारक, जंतर-मंतर स्मारक, नाहरगढ़ दुर्ग, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, ईसरलाट सहित प्रदेश में संरक्षित अन्य स्मारकों और संग्रहालयों में बढ़ा हुआ टिकट शुल्क भी एक जनवरी से लागू कर दिया गया है। </p>
<p><strong>नए साल के पहले दिन के पर्यटक आंकड़े </strong><br />आमेर महल                  10,118<br />हवामहल स्मारक            9,412<br />जंतर-मंतर स्मारक          7,102<br />अल्बर्ट हॉल संग्रहालय     5,776    <br />नाहरगढ़ दुर्ग                  8,483 <br />(रात 8.45 तक के आंकड़े हैं।)<br />ईसरलाट                     180    </p>
<p><strong>सफारियां भी रहीं फुल </strong><br />स्मारकों और संग्रहालय के अलावा शहर में संचालित झालाना, आमागढ़ और बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी भी पर्यटकों की उपस्थिति से गुलजार दिखी। जंगल में लेपर्ड सहित अन्य वन्यजीवों की अच्छी साइटिंग पर्यटकों को रोमांचित कर रही है। </p>
<p><strong>इनका कहना... </strong><br />नए साल के अवसर पर गुरुवार को यहां पर्यटकों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। साथ ही सजे-धजे हाथियों पर बैठकर पर्यटकों ने सवारी का भी लुत्फ उठाया। <br />-डॉ.राकेश छोलक, <br />अधीक्षक, आमेर महल </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-new-year-elephants-decorated-with-silver-ornaments-welcomed/article-138057</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 10:01:01 +0530</pubDate>
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