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                <title>US Supreme Court - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>ट्रंप के 'टैरिफ वॉर' पर सुप्रीम कोर्ट का ब्रेक: कल से बंद होगी टैक्स वसूली, जानें भारत पर क्या पड़ेगा असर</title>
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                        <![CDATA[सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता कम होगी और राष्ट्रपति की असीमित शक्तियों पर अंकुश लगेगा]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/supreme-courts-break-on-trumps-tariff-war-tax-collection-will/article-144308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'टैरिफ नीति' को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (USCBP) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि मंगलवार, 24 फरवरी की रात 12:01 बजे (EST) से 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट' (IEEPA) के तहत वसूले जा रहे सभी टैरिफ तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए जाएंगे।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप के एकतरफा टैरिफ लगाने के अधिकार को असंवैधानिक करार दिया है। इस फैसले से भारत जैसे देशों पर लगा अतिरिक्त टैक्स खत्म हो जाएगा। हालांकि, ट्रंप ने हार न मानते हुए 'धारा 122' के तहत एक नया 15% ग्लोबल टैरिफ लागू करने का ऐलान किया है, जो पुराने भारी-भरकम टैक्स की तुलना में कम है। भारत के लिए यह राहत की बात है क्योंकि वह पहले 18-25% तक टैक्स का सामना कर रहा था।</p>
<p><strong>150 दिनों की समय सीमा</strong></p>
<p>ट्रंप का नया 15% टैरिफ केवल 150 दिनों के लिए प्रभावी होगा। जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता कम होगी और राष्ट्रपति की असीमित शक्तियों पर अंकुश लगेगा।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 18:20:49 +0530</pubDate>
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                <title>वेबसाइट डिजाइनर समलैंगिक जोड़ों को सेवा देने से इंकार कर सकती हैं: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट</title>
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                        <![CDATA[कोलोराडो की लॉरी स्मिथ ने तर्क दिया कि वह ईसाई धर्म के कारण समलैंगिकों के लिए विवाह की वेबसाइट बनाकर उनकी सेवा नहीं कर सकती। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/website-designers-can-refuse-service-to-same-sex-couples--us-supreme-court/article-50639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/sc.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने समलैगिंकों के लिए विवाह की वेबसाइट बनाने से इंकार करने वाली एक ग्राफिक डिजाइनर के पक्ष में अपना फैसला दिया है।</p>
<p>कोलोराडो की लॉरी स्मिथ ने तर्क दिया कि वह ईसाई धर्म के कारण समलैंगिकों के लिए विवाह की वेबसाइट बनाकर उनकी सेवा नहीं कर सकती। कोलोराडो राज्य का कानून सुश्री स्मिथ को सेवा देने से इनकार करने पर रोक लगाता है। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि कलाकारों को उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ संदेश व्यक्त करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>सर्वोच्च न्यायालय के एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले में छह रूढि़वादी न्यायाधीशों ने डिजाइनर लॉरी स्मिथ का पक्ष लिया, जबकि तीन उदारवादियों न्यायाधीशों ने इससे असहमति जताई।बहुमत की राय देने वाले न्यायमूर्ति नील गोरसच ने लिखा:''पहला संशोधन संयुक्त राज्य अमेरिका को एक समृद्ध और जटिल जगह के रूप में देखता है जहां सभी व्यक्ति अपनी इच्छानुसार सोचने और बोलने के लिए स्वतंत्र हैं, न कि सरकार की मांग के अनुसार।' <br /><br />तीन असहमत न्यायाधीशों में से एक, न्यायमूर्ति सोनिया सोतोमयोर ने कहा, आज, अदालत, अपने इतिहास में पहली बार, जनता के लिए खुले व्यवसाय को एक संरक्षित वर्ग के सदस्यों की सेवा करने से इनकार करने का संवैधानिक अधिकार देती है।उन्होंने कहा,''आज अमेरिकी संवैधानिक कानून और एलजीबीटी लोगों के जीवन में एक दुखद दिन है। <br /><br />राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फैसले की आलोचना की और कहा कि उन्हें डर है कि यह लंबे समय से चले आ रहे कानूनों को कमजोर कर सकता है और अधिक भेदभाव को आमंत्रित कर सकता है।उन्होंने एक बयान में कहा कि अमेरिका में, किसी भी व्यक्ति को केवल इस आधार पर भेदभाव का सामना नहीं करना चाहिए कि वह कौन है या वह किससे प्यार करता है।</p>
<p>न्यायालय ने हाल ही में बाइडेन की 430 अरब डॉलर की छात्र ऋण योजना को खारिज कर दिया। लिटलटन के डेनवर उपनगर निवासी स्मिथ वेब डिजाइन व्यवसाय 303 क्रिएटिव चलाती हैं, एक इंजील ईसाई हैं। उनका मानना है कि विवाह केवल एक पुरुष और एक महिला के बीच होता है।वर्ष 2016 में स्मिथ ने एक मुकदमा दायर किया जिसमें राज्य के सार्वजनिक आवास कानून को अवरुद्ध करने की मांग की गई थी। दो निचली अदालतों द्वारा कोलोराडो का पक्ष लेने के बाद, मामला सर्वोच्च न्यायालय में चला गया। सर्वोच्च न्यायालय ने भी अब सुश्री स्मिथ के पक्ष में फैसला सुनाया है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2023 16:38:03 +0530</pubDate>
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