<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/monsoon-rains/tag-36997" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>monsoon rains - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/36997/rss</link>
                <description>monsoon rains RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का - खरीफ फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[कलक्टर के निर्देश के बाद तीन विभागों की टीमें शुक्रवार को खेतों में जाकर नुकसान का सर्वे करने में जुट गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---instructions-to-survey-the-damage-caused-to-kharif-crops/article-122366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । मानसून की लगातार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेत पानी से भरे हुए हैं। समय रहते पानी की निकासी नहीं हो पाने से  सोयाबीन व उड़द की फसलें खराब हो गई हैं। कोटा जिले सहित हाड़ौती में सबसे ज्यादा सोयाबीन की बुवाई होती है। ऐसे में लगातार बारिश के कारण इस फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है। जिला कलक्टर ने शुक्रवार को खरीफ फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधियों की टीम बनाई गई, जो खेतों में जाकर फसलों में हुए नुकसान का आंकलन करेगी। जिला कलक्टर ने सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर सात दिन में प्रशासन को सौंपने के निर्देश जारी किए है। कलक्टर के निर्देश के बाद तीन विभागों की टीमें शुक्रवार को खेतों में जाकर नुकसान का सर्वे करने में जुट गई है।  </p>
<p><strong>निर्देश मिलते ही खेतों में पहुंची टीमें</strong><br />जिला कलक्टर ने शुक्रवार से फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में राजस्व विभाग से पटवारी, कृषि विभाग से पर्यवेक्षक और बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। शुक्रवार को बारिश नहीं होने के कारण तीनों विभागों की संयुक्त टीमें खेतों में पहुंची और फसलों में नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया गया। जिले के सुल्तानपुर और इटावा क्षेत्र के खेतों में जलभराव होने से फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा हैं। किसानों के अनुसार लगातार बारिश के कारण यहां पर खेत तालाब में बन गए हैँ। पानी की निकासी नहीं हो पाई है। इस कारण बीज गल चुके हैं। वहीं अब सोयाबीन और उड़द की बुवाई का समय भी निकल चुका है। ऐसे में अब इन क्षेत्रों में अधिकांश खेत खाली ही रहेंगे। </p>
<p><strong>कृषि विभाग ने हाड़ौती में माना 30 फीसदी खराबा</strong><br />कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस साल हाड़ौती क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य 12 लाख हैक्टेयर से अधिक निर्धारित किया गया था। इस बार जून माह में ही मानसून का आगाज और फिर लगातार बारिश होने से बुवाई का रकबा 10 लाख हैक्टेयर रह गया यानी लगभग दो लाख हैक्टेयर में बुवाई नहीं हो पाई। इसके बाद भी मूसलाधार बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। ऐसे में कृषि विभाग ने फसलों में नुकसान में प्रारम्भिक सर्वे किया था, जिसमें हाड़ौती क्षेत्र में फसलों में 30 फीसदी खराबा होना माना गया है। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सोयाबीन की फसल को पहुंचा है।  खेतों में पानी भरने से फसलें गल गई और बीज अंकुरित नहीं हो पाए। इस कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाई थी किसानों की पीड़ा</strong><br />जुलाई माह में लगातार बारिश होने से फसलों में नुकसान होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 30 जुलाई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि मानसून की लगातार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेत पानी से भरे हुए हैं। समय रहते पानी की निकासी नहीं हो पाने से  सोयाबीन व उड़द की फसलें खराब हो गई हैं। कोटा जिले सहित हाड़ौती में सबसे ज्यादा सोयाबीन की बुवाई होती है। ऐसे में लगातार बारिश के कारण अधिक नुकसान सोयाबीन को पहुंचा है। इस बार कई किसान तो दो-दो बार सोयाबीन की बुवाई कर चुके हैं।  खेतों में पानी भरने से फसलें गल गई हैं। </p>
<p>तेज बारिश के कारण खेतों में पानी का भराव होने से सोयाबीन की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। बड़ी मुश्किल से बीज लेकर खेतों में बुवाई की थी। अब तो सब कुछ बर्बाद हो चुका है। अब समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।<br /><strong>- नेमीचंद नागर, किसान </strong></p>
<p>जिला कलक्टर ने शुक्रवार को खरीफ फसलों में हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधियों की टीम बनाई गई, जो खेतों में जाकर फसलों में हुए नुकसान का आंकलन करने में जुट गई है। <br /><strong>- अतीश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---instructions-to-survey-the-damage-caused-to-kharif-crops/article-122366</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---instructions-to-survey-the-damage-caused-to-kharif-crops/article-122366</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 14:24:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%281%294.png"                         length="729004"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून की बारिश का दौर जारी, राजस्थान के 312 बांध हुए ओवरफ्लो</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून की बारिश का दौर लगातार जारी है। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में छोटे-बड़े बांधों में पानी की लगातार आवक हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-rains-continue-312-dams-overflow-in-rajasthan/article-89859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/bisalpur-dam.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मानसून की बारिश का दौर लगातार जारी है। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में छोटे-बड़े बांधों में पानी की लगातार आवक हो रही है। राज्य के छोटे बड़े 312 बांध  ओवरफ्लो हो चुके हैं।</p>
<p> जल संसाधन विभाग की ओर से शनिवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार ओवरफ्लो होने वाले बांधों में 130 बांध ऐसे हैं, जिनकी पानी भराव क्षमता 4.25 एमसीयूएम से अधिक है, जबकि 182 बांध ऐसे है, जिनकी पानी भराव क्षमता 4.25 एमसीयूएम से कम है। विभाग के अनुसार  ओवरफ्लो होने वाले बांधों में अजमेर जिले के तीन, अलवर के दो, बांसवाड़ा के 8, ब्यावर के तीन, भरतपुर के दो, भीलवाड़ा के सात, बूंदी के 12, चित्तौड़गढ़ के सात, दोसा के दो, धौलपुर के दो, दूदू का एक, डूंगरपुर के सात, जयपुर का एक, जयपुर ग्रामीण का एक, झालावाड़ के छह, करौली के तीन, केकड़ी के सात, कोटा के दो, पाली के 9, प्रतापगढ़ के 8, सलूंबर का एक, सवाई माधोपुर के 8, शाहपुरा के पांच, सिरोही का एक, टोंक से 11 और उदयपुर के पांच शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-rains-continue-312-dams-overflow-in-rajasthan/article-89859</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-rains-continue-312-dams-overflow-in-rajasthan/article-89859</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 18:29:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/bisalpur-dam.png"                         length="558003"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में कई जिलों में हुई मानसून की बारिश, आज भी कई जिलों में बरसेंगे मेघ</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालाकि राजधानी जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मानसून आने में अभी दो से तीन दिनों का समय लग सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालाकि राजधानी जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मानसून आने में अभी दो से तीन दिनों का समय लग सकता है। मौसम केन्द्र जयपुर ने बुधवार को राजस्थान के सभी जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में सीकर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालोर, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, धौलपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। सवाई माधोपुर शहर में 25MM, खंडार में 45MM, दौसा के महुवा में 26, सीकर के रींगस में 53MM, अलवर के थानागाजी में 25MM बारिश हुई।</p>
<p>इधर, पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में भी मंगलवार देर शाम को कई जगह तेज बारिश हुई। जोधपुर, पाली के भी कुछ स्थानों पर बारिश के बाद लोगों को गर्मी-उमस से राहत मिली।</p>
<p><strong>कहां, कब होगी बारिश<br /></strong>मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने आज राजस्थान के सभी 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। 27 जून को बीकानेर और गंगानगर जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में बारिश के आसार हैं। 27 जून को बारां, झालावाड़ के एरिया में पानी गिरने की संभावना है। 28 जून को बारां, झालावाड़, कोटा और बूंदी में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। जोधपुर, बाड़मेर, जालोर और जैसलमेर जिलों को छोड़कर शेष जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 29 जून को पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली और अलवर जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-rains-occurred-in-many-districts-of-the-state-clouds/article-82784</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-rains-occurred-in-many-districts-of-the-state-clouds/article-82784</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 14:04:53 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        