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                <title>city roads - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर  खबर का : शहर की सड़कों पर अब नजर आई वातानुकूलित ई बसें</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में 100 ई बसों का संचालन किया जाना है जिनमें से अभी तक 49 बसें आ चुकी है। 
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--air-conditioned-e-buses-now-visible-on-city-roads/article-164063"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/kota.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगरीय परिवहन की सुविधायुक्त व वातानुकूलित ई बसें शहर की सड़कों पर अब नजर आने लगी हैं। शहर में फिलहाल चार मार्गों पर 10 ई बसें दौड़ रही हैं। पीएम ई बस योजना के तहत कोटा में 100 ई बसों का संचालन किया जाना है। जिनमें से अभी तक 49 बसें आ चुकी है। नगर निगम चुनाव की आचार संहिता से पहले 18 अगस्त को 10 ई बसों का उद्घाटन कर इनकी शुरुआत तो कर दी थी। लेकिन उसके बाद से इन बसों का संचालन नहीं किया गया था। जिससे शहरवासी इन बसों के चलने का इंतजार ही कर रहे थे। कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड के माध्यम से इन बसों का संचालन किया जा रहा है। शहर में गुरुवार को लोगों को बस सड़कों पर दिखी तो लोग इनमें सवार हुए। जिससे बिना शोर व प्रदूषण युक्त इन एसी बसों में लोगों ने सफर किया।</p>
<p><strong>सुबह 6 से रात 9.30 तक सुविधा</strong><br />शहर में फिलहाल ये बसें सुबह 6 बजे से रात 9.30 बजे तक चलाई जा रही है। एरोड्राम से रानपुर तक और वहां से वापस एरोड्राम तक इस मार्ग पर 4 बसें है। एरोड्राम से सोगरिया मार्ग पर 2 बसें, रायपुरा से भदाना मार्ग पर 2 और रेलवे स्टेशन से मुकुंदरा तक 2 बसें चल रही है। नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि कोटा में 49 बसें आ चुकी है। उनमें से जिन बसों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है उनका संचालन शुरू कर दिया है। शेष बसों को भी शीघ्र ही चलाया जाएगा। वैसे शहर में 100 बसें आनी है। सभी बसें आने के बाद शहर वासियों को इन बसों की सुविधा बिना किसी इंतजार के मिलने लगेगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि ई बसों का उद्घाटन होने के बाद सड़कों पर नजर नहीं आने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 21 अगस्त को पेज दो पर'कठी छ र भाया या ई-बस शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि उद्घाटन के बाद से इन बसों का संचालन नहीं हो रहा है। जिससे शहरवासी इन बसों का इंतजार ही कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 12:29:37 +0530</pubDate>
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                <title>सड़क निर्माण में होगा शहरी कचरे का इस्तेमाल : गडकरी </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय राजमार्गों  सड़क के किनारे सुविधाओं वाली जगह, ढाबों तथा टोल प्लाजा पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम चलाने की योजनाए है और इसके लिए 7000 स्थानों पर तैयारी पूरी हो चुकी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/gadkari-will-use-urban-waste-in-road-construction/article-58314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/nitin-bhai.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नगरों और महानगरों के कूड़े-कचरे को सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने की जरूत पर बल देते हुए गुरुवार को कहा कि देश में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है और इसमें शहरी कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा।</p>
<p>श्री गडकरी ने आज  यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2070 तक देश को कार्बन तटस्थ बनाने का सपना है और उनके इस ष्टिकोण को हासिल करने के लिए सड़क निर्माण क्षेत्र में हरित गतिविधियों की पहल की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इस क्रम में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाने के लिए 13000 स्थानों पर कार्यक्रम चलाए जाएंगे जिसमे राष्ट्रीय राजमार्गों  सड़क के किनारे सुविधाओं वाली जगह, ढाबों तथा टोल प्लाजा पर स्वच्छता अभियान कार्यक्रम चलाने की योजनाए है और इसके लिए 7000 स्थानों पर तैयारी पूरी हो चुकी है।</p>
<p>श्री गडकरी ने कहा कि दैनिक आधार पर उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे का निपटान देशभर के शहरी क्षेत्रों की प्रमुख पर्यावरणीय चुनौती है। इसमें लगभग 10000 हेक्टेयर भूमि डंप साइट के लिए इस्तेमाल की जा रही है। उनका मंत्रालय राजमार्ग निर्माण में शहरी ठोस कचरे का उपयोग करने की दिशा में इस सनस्य का समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कचरा शहरी क्षेत्रों की बड़ी समस्या है और इसका प्रौद्योगिकी और दूरदर्शी तरीके से समाधान खोजने की जरूरत है। उनका कहना था कि यह कचरा बड़ा संकट जरूर है लेकिन इसी कचरे से आय रजत करना भी संभव है।</p>
<p>श्री गडकरी ने कहा कि देश में वैकल्पिक जैव ईंधन का जिक्र करते हुए कहा कि वह ईंधन क्षेत्र में एथनाल को महत्वपूर्ण भूमिका में लाने के लिए काम कर रहे हैं और देश में एथनॉल अर्थव्यवस्था को संचालित करना चाहते हैं। उनका कहना है की एथनॉल के इस्तेमाल से कृषि कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा और एथनॉल की अर्थव्यवस्था से कृषि विकास को 6 प्रतिशत तक बढ़ावा मिलेगा इसलिए वह बड़े पैमाने पर एथनॉल के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य एथनॉल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है और इसके लिए जो कदम उठाये जा रहे हैं उनका उद्देश्य इथेनॉल को बढ़ावा देना है। इस क्रम में दिल्ली में दुनिया के पहले बीएस-6 अनुरूप फ्लेक्स फ्यूल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहन लांच किया गया। पानीपत में आईओसीएल संयंत्र चावल के भूसे जैसे कृषि अपशिष्ट को एथनॉल और बायोबिटुमेन में परिवर्तित कर रहा है। इस क्रम में 2025 तक भारत में एक प्रतिशत सतत विमानन ईंधन का उपयोग करने और फिर  5 प्रतिशत तक एथनॉल मिश्रण  की योजना है। इंडियन ऑयल पानीपत में 87,000 टन सतत विमानन ईंधन उत्पादन की क्षमता वाला एक संयंत्र स्थापित कर रहा है।</p>
<p>श्री गडकरी ने कहा कि भारत में दूरसंचार क्षेत्र लगभग 6 लाख मोबाइल टावरों का संचालन होता है और एक टावर सालाना लगभग 8,000 लीटर डीजल की खपत करता है। इस तरह से इन टावरों पर 250 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती है जिस पर करीब 25,000 करोड़ रुपए हर साल खर्च होते हैं। एथनॉल से संचालित अब एक जनरेटर सेट विकसित कर लिया गया है और विश्वास किया जा सकता है कि आने वाले समय में जेनसेट उद्योग को केवल एथनॉल आधारित जनरेटर होंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Sep 2023 20:00:26 +0530</pubDate>
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