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                <title>filth - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बांसी में एक पखवाड़े से सफाई व्यवस्था ठप : बिगड़े हालात, नालियां जाम, सड़कों पर फैल रही गंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[बूंदी-देई मार्ग सहित मुख्य सड़कों पर कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/sanitation-system-paralyzed-in-bansi-for-a-fortnight--conditions-deteriorate--drains-clogged--filth-spreading-on-roads/article-147205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)42.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। भण्डेड़ा क्षेत्र के बांसी कस्बे में पिछले पखवाड़े से सफाई व्यवस्था बाधित होने के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नालियों के अवरुद्ध होने और कचरा संग्रहण बंद रहने से सड़कों पर गंदगी फैल गई है। जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भण्डेड़ा क्षेत्र के बांसी कस्बे में करीब पंद्रह दिनों से घर-घर कचरा संग्रहण की गाड़ी बंद पड़ी है। जिससे कस्बे में कचरे के ढेर लग गए हैं। पूर्व में नियमित कचरा संग्रहण से पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक बनी हुई थी। लेकिन वर्तमान में स्थिति बिगड़ गई है। कचरा गाड़ी बंद होने के कारण बाजारों और मोहल्लों का कचरा नालियों में जमा हो रहा है, जिससे नालियां अवरुद्ध हो गई हैं। नालियों के जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>प्रमुख चौराहों और तिराहों पर हालात और गंभीर </strong><br />कस्बे के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर स्थिति और अधिक गंभीर है। बूंदी-देई मार्ग सहित मुख्य सड़कों पर कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। तेज गति से गुजरते वाहनों के कारण गंदे पानी के छींटे आसपास के मकानों तक पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों का घरों के बाहर बैठना तक मुश्किल हो गया है। सड़कों पर फैले कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल भी हो रहे हैं। बैंक चौराहे पर लगातार पानी भरे रहने से सड़क पर गड्ढा बन गया है, जिससे दिनभर आवागमन में बाधा बनी रहती है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने जताई नाराजगी</strong><br />इस समस्या से नाराज एक दर्जन से अधिक ग्रामीण महिलाएं कीचड़ से भरी सड़क के पास एकत्रित होकर संबंधित विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने बताया कि कचरा गाड़ी बंद होने से लोग कस्बे से बाहर कचरा डालने को मजबूर हैं। जहां पशु उसे खा रहे हैं। वहीं कचरे के ढेर में आग लगाने से उठता धुआं आसपास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है। ग्रामीण कन्हैयालाल रेगर, दुगार्लाल रैगर, प्रकाश, रामगणेश, राजेंद्र, तेजमल, गुलाबचंद, गिरिराज सहित फूतरी बाई, कैलाश बाई, जानकी बाई, अनिता और मोहनी बाई ने भी आक्रोश जताया।<br />बांसी की समस्या को लेकर संवेदक को पाबंद किया जाएगा। जहां पर दुरस्ती करण का कार्य होना है, वहां पर जल्द ही दुरस्ती करण करवा दिया जाएगा। <br /><strong>-बाबूलाल कारपेंटर, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत बांसी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 14:42:02 +0530</pubDate>
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                <title>अब भूखंड मालिकों को होंगे नोटिस जारी </title>
                                    <description><![CDATA[ खाली पड़े भूखंडों पर फैली गंदगी से परेशान थे मोहल्लेवासी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/now-notices-will-be-issued-to-the-plot-owners/article-125246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)72.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में लंबे समय से खाली पड़े भूखंड कचरा फैंकने का अड्डा बन चुके हैं। इससे उठने वाली दुर्गंध और मच्छर व अन्य जहरीले जीव-जंतु बीमारियों का खतरा हर समय मंडराता रहता है। मोहल्ले वासियों का कहना है कि जहां सरकार और प्रशासन स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देते हैं, वहीं कई जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी ही भूखंडों में गंदगी का कारण बने हैं। कई भूखंड सरकारी कर्मचारियों के नाम हैं, जो उन्हें खरीद तो लेते हैं, पर रख-रखाव या सफाई पर ध्यान नहीं देते। सूत्रों के अनुसार ये भूखंड भविष्य में दुगना-तिगुना दाम मिलने की आशा में खाली रखे जाते हैं। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्राम पंचायत ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भूखंड मालिकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाई थी समस्या </strong><br />कवाई कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में लंबे समय से खाली पड़े भूखंडों में कचरा फैंकने से होने वाली समस्या को लेकर नवज्योति ने 19 जुलाई को खबर को निजी भूखंड बीमारियों का बन रहे ठिकाना शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका असर यह हुआ कि ग्राम पंचायत प्रशासन हरकत में आया और अब ग्राम पंचायत ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भूखंड मालिकों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। जिससे अब मौहल्लेवासियों को गदंगी और बीमारियों से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए कस्बेवासियों और मोहल्लेवासियों ने नवज्योति का आभार जताया है। </p>
<p>जिन भूखंडों में गंदगी पाई गई है, उनके मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्हें निर्धारित समय में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि समय पर सफाई नहीं कराई गई तो आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।<br /><strong>-  रामप्रताप सिंह, विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Aug 2025 15:50:51 +0530</pubDate>
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                <title>मंडी में सफाई का नहीं दिखा असर, लगे कचरे के ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[एक तरफ तो शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ यहां मुख्य बाजारों व मंडी को ही साफ नहीं रखा जा सकता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-was-no-effect-of-cleanliness-in-the-market--there-were-piles-of-garbage/article-75368"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/mandi-mein-saph-saphae-ka-nahi-dikha-asar,-lage-rahe-kachare-ke-dher...kota-news-18.04.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नई धानमंडी स्थित थोकफल सब्जीमंडी में जहां रोजाना हजारों लोग खरीदारी के लिए जा रहे हैं। वहां चारों तरफ गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से यहां विशेष अभियान के तहत की गई सफाई व समझाइश का असर नहीं दिखाई दे रहा। मंडी में  जहां दूरदराज से व्यापारी तो माल लेकर आ ही रहे हैं साथ ही हजारों लोग भी फल और सब्जी  खरीदारी के लिए जा रहे हैं। उस मंडी में प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य सड़क तक, फल और सब्जी के ठेलों और दुकानदारों के आस-पास चारों तरफ कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जिनसे होकर ग्राहकों को निकलना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>मवेशियों का जमघट</strong><br />फल व सब्जी वालों द्वारा वहां सड़क पर ही फैलाई जा रही गंदगी और सड़े गले फल व सब्जी सड़क पर डालने से वहां  मवेशियों का जमघट लगा रहता है। ऐसे में वहां आने वाले ग्राहकों को एक तो गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ मवेशियों के खतरे का भी सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि कई बार लोगों को कभी कचरे से बचने के लिए तो कभी मवेशियों से बचने के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>अभी तक नहीं रखे डस्टबीन </strong><br />एक तरफ तो शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ यहां मुख्य बाजारों व मंडी को ही साफ नहीं रखा जा सकता। हालत यह है कि मंडी  में न तो अधिकतर दुकानदारों ने और न ही सब्जी वालों ने डस्टबीन रखे हैं। जिससे पूरा कचरा सड़क पर ही डाला जा रहा है। </p>
<p><strong>निगम ने चलाया था विशेष अभियान</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से स्वच्छता मार्च अभियान के तहत शहर में कई जगह पर विशेष सफाई अभियान चलाया  गया था। सप्ताह भर चले अभियान की शुरुआत थोक फल सब्जी मंडी से की गई थी।  उप महापौर व सफाई समिति के अध्यक्ष पवन मीणा की अगुवाई में व्यापार महासंघ व स्थानीय दुकानदारों के सहयोग से चलाए गए अभियान के तहत बरसों बाद मंडी से की गई सफाई के दौरान बड़ी मात्रा में कचरा निकाला गया था। उस समय सभी दुकानदारों से उनकी दुकानों के आगे डस्टबीन रखने के लिए समझाइश की गई थी। लेकिन इतने दिन बीतने के बाद भी उसमें सुधार नहीं हुआ है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम के माध्यम से लोगों को जोड़ते हुए सफाई का अभियान चलाया था। पहली बार में लोग समझ जाएंगे ऐसी उम्मीद भी नहीं की जा सकती। प्रयास किया था कि लोग स्वत: ही सफाई के प्रति जागरूक रहे। लोकसभा चुनाव के बाद 1 मई से फिर से सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए अभियान चलाया जाएगा। <br /><strong>- पवन मीणा,  उप महापौर कोटा दक्षिण अध्यक्ष सफाई समिति</strong></p>
<p><strong>सब्जी खरीदने में आती है परेशानी</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी में सब्जी सस्ती मिल जाती है। इसलिए यहां आते हैं। लेकिन मंडी में इतनी अधिक गंदगी रहती है कि उसके बीच ही खरीदारी करनी पड़ती है। इससे बीमारियां होने और कई बार सब्जी व खराब फल पर पैर व वाहन फिसलने से भी गिरने की घटनाएं हो चुकी है। जानवरों का भी डर बना हुआ है। मंडी में सफाई तो रहनी ही चाहिए। <br /><strong>- नैना सुमन, कंसुआ</strong></p>
<p><strong>यहां आने का मन नहीं करता</strong><br />थोक फल सब्जीमंडी में सप्ताह में एक-दो बार तो आना होता ही है। यहां हमेशा इतनी अधिक गंदगी रहती है कि कई बार तो आने का मन ही नहीं करता। बरसात के समय तो यहां गंदगी के साथ ही कीचड़ भी खूब रहता है। शहर में नगर निगम द्वारा सफाई अभियान चलाया जाता है लेकिन उसका असर मंडी में तो नजर नहीं आ रहा। जबकि यहां महिलाएं अधिक आती हैं तो सफाई तो रहनी ही चाहिए।  <br /><strong>- अब्दुल रजाक, किशोरपुरा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Apr 2024 17:33:03 +0530</pubDate>
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                <title>ताकली नदी हो रही दुर्दशा का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[अनदेखी के कारण नदी की चौड़ाई भी लगातार कम होती जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/takli-river-is-becoming-a-victim-of-plight/article-71459"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(8)13.jpg" alt=""></a><br /><p>चेचट। चेचट क्षेत्र की इकलौती ताखली नदी है। मध्यप्रदेश के ताखाजी भानपुरा से निकली ताकली नदी चेचट क्षेत्र में दुर्दशा का शिकार होकर नाले में तब्दील हो चुकी है। क्षेत्र की सारी गंदगी इसी नदी में फैंकी जा रही है। जिससे इस नदी का अस्तित्व संकट में है। कभी कल-कल बहने वाली क्षेत्र की इस नदी में अब हर जगह कीचड़ के अलावा कुछ भी नजर नहीं आता। जानकारी के अनुसार प्रशासन की अनदेखी के कारण इस नदी की ऐसी दुर्दशा हुई है। इस नदी पर करोड़ों की लागत से ताकली बांध का निर्माण हुआ है। लेकिन अनदेखी के कारण इस नदी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। क्षेत्र में हरित क्रांति की जन्मदाता इस नदी पर प्रशासन की अनदेखी व लापरवाही भारी पड़ रही है। गंदगी फैंके जाने के कारण नदी पूरी तरह कीचड़ में बदलती जा रही है। अनदेखी के कारण नदी की चौड़ाई भी लगातार कम होती जा रही है। यही स्थिति रही तो भविष्य में यह नदी नाले का रूप ले लेगी। </p>
<p><strong>बड़ी पुलिया से पहले तोड़ा जाए पुराना एनिकट </strong><br />चेचट के जागरूक लोगों ने मांग की है कि नदी का अस्तित्व बचाने के लिए बड़ी पुलिया से पहले श्मशान के पास बने एनीकट को तोड़ा जाए। पहले पटिए लगाकर पानी रोका जाता था। इस कारण ये एनिकट बनाया गया था। मगर अब इसकी कोई जरूरत नहीं रह गई है। अभी इसी एनिकट की वजह से गंदगी रुक जाती है, और नदी में कीचड़ भर जाता है। इस एनिकट को तुड़वाने के लिए ग्रामीण कई बार ज्ञापन भी दे चुके हैं। वहीं ग्रामसभा में भी कई बार इस मुद्दे को उठाया गया। मगर सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। </p>
<p><strong>डोल ग्यारस पर यहीं आते हैं देव विमान </strong><br />डोल ग्यारस पर कस्बे के सभी मंदिरों से देव विमान स्नान के लिए इसी नदी पर लाए जाते हैं। मगर गंदगी होने के कारण आमजन नदी में उतरने से भी कतराते हैं।</p>
<p>ताकली नदी गांव के बीच से होकर निकल रही है। ऐसे में नालियों का पानी भी छोटी पुलिया से बड़ी पुलिया के बीच छोड़ा जाता है। कचरा भी यहीं फेंका जाता है। इस कारण नदी के आसपास खेत व बोरिंग के पानी में भी बदबू आती है। <br /><strong>- ब्रह्मानंद पाठक,पुजारी, चौथ माता मंदिर  </strong></p>
<p>प्रशासन से कई बार मांग कर चुके हैं। लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। हमने पहले भी बताया था कि एक बड़े नाले का निर्माण हो, जो बड़ी पुलिया के आगे तक बने। जिससे गंदा पानी गांव से बाहर निकल जाएगा।<br /><strong>- गोपाल शर्मा, स्थानीय निवासी </strong></p>
<p>नदी की सफाई नरेगा के तहत आने वाले मस्ट्रोल सत्र में करवाई जाएगी। ग्रामीण जिस नाला निर्माण के लिए बोल रहे हैं, वो मैंने देखा है। मगर नदी के दोनों ओर आम लोगों की निजी खाते की जमीन है। वहां नाला नहीं बन सकता। <br /><strong>- कृष्णा माली, सरपंच, ग्राम पंचायत चेचट</strong></p>
<p>नदी किनारे इतनी जगह नहीं है कि नाला बन पाए। नाला भी काफी बड़ा बनाना पड़ेगा। इतना बजट पंचायत से नहीं मिल पाता। अतिरिक्त बजट के लिए राज्य सरकार से अनुदान के लिए स्वीकृति लेनी होगी। स्वीकृति मिलने पर कार्य करवाया जाएगा। वहीं सफाई के लिए मनरेगा के माध्यम से आने वाली मस्ट्रोल में काम करवाया जाएगा। <br /><strong>- त्रिलोचन कुमार, ग्राम विकास अधिकारी, चेचट</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Feb 2024 18:13:28 +0530</pubDate>
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                <title>डॉक्टर साब कस्यां होवेगो उपचार! अस्पताल खुद बीमार...  </title>
                                    <description><![CDATA[ाूरे अस्पताल में दुर्गंध से मरीज को गंदगी की दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है, इससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/doctor-saab-kasyan-hovego-treatment--the-hospital-itself-is-sick/article-59523"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/kopjfgvjlgikhn.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। वैसे से अस्पतालों में लोग अपनी बीमारी को ठीक करवाने आते है । चिकित्सक मरीजों की जान को बचाते है लेकिन खानपुर उपखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तो आने वाले मरीजों का उपचार होना तो दूर, यहां अस्पताल में अव्यवस्थाओं के  चलते मरीजों की जान पर बन आई है।  इन दिनों कुछ समय से खानपुर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन दिनों गंदगी अपना पैर पसारे हुए हैं, यहां फैली गंदगी रोगियों व उनके परिजनों के लिए भारी परेशानी का सबब बनी हुई है। अस्पताल परिसर में स्थित आॅक्सीजन प्लांट के समीप भारी गंदगी फैली हुई है, पूरे अस्पताल में दुर्गंध से मरीज को गंदगी की दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है, इससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। रोगियों और उनके परिजनों ने बताया कि अस्पताल के जनरल वार्ड में स्थित सुविधाघर में ताला लगा होने से मजबूरी में मरीज को शौच बाहर करना पड़ता है। अस्पताल से निकलने वाले मेडीकल वेस्ट को आॅक्सीजन प्लांट और स्टोर रूम से सटे पिट में डाला जाता है। कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा है। मवेशी फैली गंदगी में अपना मुंह मार रहे हैं ऐसे में कचरा जोकि प्लास्टिक से परिपूर्ण है जानवरों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले रोगियों, परिजनों ओर अस्पताल स्टाफ को संक्रामक बीमारियां होने का भय बना रहता है। जानकारी अनुसार अस्पताल में खानपुर ब्लॉक सहित आसपास से जुड़े हुए छोटे गांव के रोगी प्रतिदिन उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। अस्पताल से निकलने वाले बायो मेडीकल वेस्ट के निस्तारण के लिए गाड़ी आती है। शेष गंदगी को परिसर में स्थित पिट में डाला जा रहा है, इस कचरे के साथ-साथ ऐसा देखा गया है कि परिसर में जो कचरापात्र रखा हुआ है, वह भी पूरा गंदगी से भरपूर हो चुका है लेकिन किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। अस्पतालों में तंबाकू व गुटखा वर्जित है, लेकिन यहां पर इतना अधिक तंबाकू व गुटखा खाकर दीवारे गंदी हो रही है। दिनों दिन मौसमी बीमारियों के चलते वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया से अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ने से सारे बेड फुल हैं और लगभग करीब 5 वर्ष से यहां पर दंत चिकित्सक नहीं होने के कारण दांतों के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सारे उपकरण होते हुए भी दांतों का डॉक्टर नहीं है, जिससे मरीजों को उपचार के लिए बाहर जाना पड़ता है। खानपुर उपखंड में यह बहुत बड़ा चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र है जहां पर दूर-दूर से मरीज आते हैं अत: यहां पर सभी सुविधाएं होना चाहिए ताकि मरीजों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। </p>
<p>अभी बीमारियों का सीजन चल रहा है, सर्दी जुकाम व खांसी के मरीज लगातार आ रहे हैं, लेकिन खानपुर चिकित्सालय परिसर में गंदगी का अंबार लग रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। <br /><strong>- परमेश गौत्तम, ग्रामीण  </strong></p>
<p>खानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इतनी गंदगी फैली हुई है कि मरीज ठीक होने के स्थान पर उसकी दुर्गंध से ही बीमार हो जाए, जल्द से जल्द गंदगी को हटाया जाए। <br /><strong>- गोलू सुमन, छात्र  </strong></p>
<p>खानपुर का अस्पताल एक बहुत बड़ा अस्पताल है जहां पर अधिक डॉक्टर होने के स्थान पर डॉक्टर कम मरीज अधिक है, जिसकी वजह से मरीज परेशान रहते हैं और यहां से झालावाड़ जाना पड़ता है। <br /><strong>- केशव लक्ष्कार, ग्रामीण  </strong></p>
<p>खानपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कई वर्षों से दांतों के चिकित्सक का पद रिक्त है, जिसके कारण दांतों के मरीजों को खानपुर से बाहर जाना पड़ता है और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करना पड़ता है। <br /><strong>- विशाल गोस्वामी, ग्रामीण </strong> </p>
<p>लगभग दो-चार दिन में सोनोग्राफी मशीन आ जाएगी और यहां पर दंत चिकित्सक की कमी है। जल्द से जल्द समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करेंगे।  <br /><strong>- डॉ. धीरेंद्रगोपाल मिश्रा, चिकित्सा प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर ।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Oct 2023 18:41:19 +0530</pubDate>
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                <title>हम तो भगवान भरोसे सब्जी बेच रहे </title>
                                    <description><![CDATA[खेत से मंडी तक सब्जियां साफ-सुथरी आती है, लेकिन यहां पर कई घंटों तक सब्जियां पड़ी रहने के कारण खराब हो जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-selling-vegetables-by-god/article-51103"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/ham-to-bhagwan-bhrose-sabzi-bech-rhe-h...kota-news-07-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। चारों ओर फैला कीचड़, गंदगी के बीच जगह-जगह लगे सब्जियों के ढेर, वाहनों के पहियों से उछलता गंदा पानी और आवारा मवेशियों का जमावड़ा। यह नजारा गुरुवार को कोटा शहर की सबसे बड़ी व प्रमुख फल सब्जीमंडी में देखने को मिला। गुरुवार सुबह दैनिक नवज्योति की टीम जब शहर के धानमंडी में स्थित फल सब्जीमंडी क्षेत्र में पहुंची तो बारिश के कारण चारों तरफ गंदगी का आलम नजर आया। रसोई की शान समझी जाने वाली तरकारी यहां कीचड़ और गंदगी के बीच बिक रही थी। वाहनों के निकलने से गंदा पानी उछलकर सब्जियों पर गिर रहा था। वहीं आवारा मवेशियों का जमावड़ा भी सब्जी विक्रेताओं और ग्राहकों की पीड़ा को बढ़ा रहा था। इस दौरान कुछ लोग सब्जियों की स्थिति देखकर उन्हें खरीदने से कतरा रहे थे तो ग्राहक मोलभाव करने में जुटे हुए थे। कोटा की थोक फल सब्जी मंडी में बारिश होने से फैली गंदगी के कारण आमजन को सब्जी लेना दुश्वार हो गया है। कीचड़, गंदगी, मच्छर व आवारा मवेशियों के कारण फल सब्जी मंडी में सब्जियां संक्रमित हो रही है। खेत से मंडी तक सब्जियां साफ-सुथरी आती है, लेकिन यहां पर कई घंटों तक सब्जियां पड़ी रहने के कारण खराब हो जाती है। </p>
<p><strong>पहले मवेशी और बाद में ग्राहक</strong><br />फल सब्जीमंडी के मुख्य द्वार के बाहर सब्जी बेच रही विक्रेता राजकुमारी बाई अपनी सब्जियों को मवेशियों से बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही थी। यहां पर भिंडी, लोकी, करेला और अन्य सब्जियां रखी हुई थी, जिन पर आवारा मवेशी मुंह मारने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान राजकुतारी गायों को डंडों से भगाने में जुटी हुई थी। उसने बताया कि यहां पर तो हर रोज सब्जी बेचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। सबसे ज्यादा यहां की समस्या आवारा मवेशी हैं जो उन्हें काफी नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं बारिश के दौरान स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है लेकिन क्या करें परिवार का खर्चा भी तो चलाना है इसलिए यहां पर सब्जी बेचना मजबूरी है। बारिश के दौरान यहां पर समस्या ज्यादा हो जाती है।</p>
<p><strong>सुबह के समय जाम, परेशान अवाम</strong><br />थोक फल मंडी आने जाने के लिए कुल 3 गेट हैं। इनमें से गेट नंबर 1 से अधिकतर बड़े वाहन आते जाते हैं। ऐसे में सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती। मंडी के अंदर बेतरतीब खड़े वाहनों और सब्जियों से भरे ट्रकों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। इन वाहनों के बीच ग्राहक भी फंसे रहते हैं जिससे आवागमन में काफी दिक्कत होती है। दोपहिया वाहन सवार को निकलने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। दुपहिया वाहन सवारों को मंडी के बाहर से निकलने में काफी जद्दोजहर करनी पड़ रही थी। </p>
<p><strong>दुर्गंध के कारण खरीदने से कतरा रहे थे ग्राहक</strong><br />मंडी के बाहर आलू का ढेर बेच रहा व्यापारी रजनीश कुमार भी अपने माल बिकने का इंतजार कर रहा था। बारिश के कारण उसके ढेर के आसपास कीचड़ पसरा हुआ था। इस कारण यहां पर ग्राहक आलू खरीदने से कतरा रहे थे। इसके बावजूद उसकी आंखें ग्राहकों की बाट जोह रही थी। इसी दौरान एक ग्राहक आता है और मोलभाव करने लगता है। आसपास कीचड़ की स्थिति देखकर ज्यादा देर तक ग्राहक नहीं रुकता है और मोलभाव करके वहां से चला जाता है। पूछने पर व्यापारी ने बताया कि क्या करें साहब यहां यह रोज की स्थिति है।  हम तो भगवान भरोसे सब्जी बेच रहे हैं। </p>
<p>बारिश के दिनों में यहां पर कीचड़ और गंदगी की समस्या ज्यादा हो जाती है। इससे ग्राहकी भी काफी प्रभावित होती है। इस संबंध में कई बार मंडी समिति को अवगत करवाया, लेकिन उनकी समस्या पर ध्यान दिया नहीं जाता है।  जिससे व्यापारियों व ग्राहकों को काफी दिक्कतें आती है। <br /><strong>- मनोज कुमार, सब्जी विक्रेता </strong></p>
<p>अन्य स्थानों की तुलना में कम दाम में सब्जी यहीं पर मिलती है। इस समय बारिश का दौर होने के कारण मंडी परिसर में कीचड़ की समस्या हो रही है। सुबह के समय भीड़भाड़ और गंदगी के बीच सब्जियां खरीदनी पड़ती है। दुर्गंध के कारण वहां खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है। कई बार तो बिना सब्जी खरीदे ही लौटना पड़ता है।<br /><strong>- सुमन कंवर, ग्राहक</strong></p>
<p>मंडी परिसर की नियमित रूप से सफाई करवाई जाती है। बारिश के दौरान पहले यहां का नाला जाम हो जाता था। उस समस्या का भी समाधान करवा दिया गया है। अब पानी का भराव नहीं होता है। अन्य समस्याओं का समाधान भी करवाया जा रहा है।<br /><strong>- हरिमोहन बैरवा, सचिव, थोक फल सब्जी मंडी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2023 17:03:50 +0530</pubDate>
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