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                <title>water logging - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>लापरवाही: नाला अवरुद्ध होने से यादव मोहल्ला बना तालाब</title>
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                        <![CDATA[समस्या के निराकरण के लिए कोई पुख्ताप्रबंध नहीं किया गया।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--yadav-mohalla-became-a-pond-due-to-blockage-of-drain/article-126225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/untitled-design9.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर क्षेत्र में यादव मोहल्ला वार्ड नंबर 1 में जल भराव की स्थिति से मोहल्ले एवं ग्रामवासियों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। यह परेशानी यादव मोहल्ले में नाला अवरूद्ध होने से आई है। यदि समय रहते नाले की समस्या का निराकरण कर दिया जाए तो कस्बेवासियों को परेशानी नहीं उठानी पड़े। मोहल्ले निवासी मथुरालाल यादव , किशन यादव, इंद्रजीत यादव आदि ने बताया कि खानपुर वर्तमान नगर पालिका द्वारा मोहल्ले में पानी के अत्यधिक जमाव एवं निकासी नहीं होने के कारण होने वाली समस्या के निराकरण के लिए समय रहते कोई पुख्ताप्रबंध नहीं किया गया है, जिसके कारण राहगीरों,स्कूल जाते हुए छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों, पशु-पालकों आदि को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गंदे एवं मटमैले पानी के अत्यधिक जमाव के कारण नलों में भी दूषित पेयजल की आपूर्ति होने की संभावना बनी रहती है जो कि कस्बेवासियों को बीमार कर सकती है और अभी मौसम के अनुसार डेंगू मलेरिया का प्रकोप चल रहा है। </p>
<p>नाले के अवरूद्ध होने के कारण पानी जमाव की स्थिति बन जाती है। जिस कारण राहगीर व कस्बेवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>- सागर यादव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>नाले के कारण जमाव पानी से गंभीर बीमारियों को खतरा मंडरा रहा है। <br />- राम सिंह यादव, कस्बेवासी</p>
<p>मैं एक छात्र हूं और स्कूल आने जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। समस्या का समाधान किया जाए। <br /><strong>- नकुल यादव, छात्र</strong></p>
<p>रास्ते में कीचड़ होने से कई बार फिसल जाते है वहीं कीचड की दुर्गंध से परेशानी उठानी पड़ती है। <br /><strong>- ध्रुव यादव, छात्र</strong></p>
<p>नाला अवरूद्ध होने से इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। नाले की समस्या का समाधान करना चाहिए। <br /><strong>- सुनील तेजी, कस्बेवासी</strong></p>
<p>रास्ते कीचड़ व गंदगी से बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है , कई राहगीर कीचड़ में फिसलकर गिर जाते है समस्या का समाधान किया जाए। <br /><strong>- नितिन यादव, छात्र </strong></p>
<p>यादव मोहल्ले को दिखावाकर तुरंत सफाई करवा दी जाएगी, नाले में पानी कहां अवरुद्ध हो रहा है, उस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।  <br /><strong>- पुखराज मीणा, नगर पालिका आयुक्त खानपुर</strong></p>
<p>अवरुद्ध पानी को दिखाकर जहां से पानी अवरुद्ध हो रहा है उसे नाले को तुरंत साफ करवा दिया जाएगा और इस पर एक्शन लिया जाएगा।         <br /><strong>- रजत विजय वर्गीय, उपखंड अधिकारी खानपुर</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 17:00:15 +0530</pubDate>
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                <title>मुख्य मार्ग पर भरा पानी बन रहा मुसीबत, ग्रामीण और राहगीर हो रहे परेशान  </title>
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                        <![CDATA[देवरी क्षेत्र के कुजाय गांव में मुख्य मार्ग पर बारिश के समय में जल भराव हो रहा है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/water-filled-on-the-main-road-is-becoming-a-problem/article-121597"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/212142roer11.png" alt=""></a><br /><p>देवरी। देवरी क्षेत्र के कुजाय गांव में मुख्य मार्ग पर बारिश के समय में जल भराव हो रहा है। जिसके चलते आसपास रहने वाले लोगों के अलावा यहां से होकर गुजरने वाले राहगीरों को रोज नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण शिवदयाल मेहता, प्रमोद मेहता, विनोद मेहता सहित कई  ने बताया कि गांव से होकर पक्की सड़क आगर, संदोकडा सहित करीब आधा दर्जन गांवो के लिए जाती है। इस सड़क पर रोज वाहनों की आवाजाही रहती है। यहां बारिश के दिनों में हर साल मुख्य सड़क पर पानी भरा रहता है। जिसके कारण यहां से गुजरने वाले लोग पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। </p>
<p><strong>पानी में गिरकर वाहन चालक हो रहे चोटिल </strong><br />वहीं मार्ग से आने वाले वाहन चालक अधिक पानी भरा होने की स्थिति में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यहां पर पानी निकासी नहीं होने के चलते लोगों को समस्या बारिश के दिनों में बनी रहती है। </p>
<p><strong>पनप रहे मच्छर, बीमारियों का खतरा </strong><br />साथ ही गांव के पास पानी भरा होने के चलते मच्छर और मक्खी पनप रहे हैं। जिससे बीमारियों का खतरा भी ग्रामीणों को बना हुआ है। इस बात की जानकारी सभी जलप्रीनिधियों को देने के बाद भी समस्या का समाधान अभी तक नहीं कराया है। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मुख्य मार्ग पर हो रहे जल भराव से जल निकासी करने की मांग की है।</p>
<p>मुख्य मार्ग पर कीचड़ और जल भराव होने से यहां से गुजरने वाली 2 ग्राम पंचायत के सैकड़ों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर पानी निकासी की व्यवस्था कर दी जाए तो लोगों को राहत मिलेगी।<br /><strong>- शिवदयाल मेहता, समाजसेवी कुजाय </strong></p>
<p>यहां सड़क पर जल भराव बारिश के दिनों में बना रहता है। साथ ही कीचड़ भी हो रहा है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के चलते आए दिन दुर्घटना होती रहती हैं।  <br /><strong>- प्रमोद मेहता, ग्रामीण, कुजाय</strong></p>
<p>बारिश के दिनों में हमेशा पानी भरा होने के कारण यहां भारी दुर्गंध का सामना लोगों को करना पड़ता है। साथ ही मच्छर मक्खी पनप रहे हैं। जिसके कारण यहां आसपास रहने वाले लोगों को बीमारी का खतरा भी बना हुआ है।<br /><strong>-  विनोद मेहता, ग्रामीण, कुजाय</strong></p>
<p>ग्रामीणों ने सड़क के आसपास अतिक्रमण कर रखा है जिसके चलते पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जल्द ही ग्रामीणों से समझाइश कर पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी।<br /><strong>- नरेश नागर, कनिष्ठ अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, शाहाबाद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 16:34:30 +0530</pubDate>
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                <title>तैयारी बह गई पानी में, दावे हुए हवा हवाई </title>
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                        <![CDATA[पानी भरने पर बस्तियों में चलानी पड़ी नाव, आधा दर्जन बहे, युवती की हुई मौत।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/preparations-were-washed-away-in-the-water--claims-went-in-vain/article-120670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842roer-(2)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मानसून के सीजन में अधिक बरसात से होने वाली परेशानी से बचने के लिए जिला  प्रशासन की ओर से मानसून पृूर्व ही सभी तैयारियां पूरी होने के दावे किए जा रहे थे जो सोमवार को हुई जरा सी बरसात में ही हवा हवाई हो गए। बरसात से बस्तियों में भरे पानी से फंसे लोगों को निकालने के लिए नावें चलानी पड़ी। वहीं करीब आधा दर्जन लोग पानी में बह गए और एक युवती की मौत तक हो गई। मानसून के दौरान हर साल तेज बरसात होने के साथ ही मध्य प्रदेश में हुई बारिश का पानी भी बांधों के माध्यम से शहर में छोड़ा जाता है। जिससे शहर में और निचले इलाकों में पानी भरने व कई क्षेत्र डूब में होने से उन्हें हर बार जिला प्रशासन, एसडीआरएफ व निगम और सिविल डिफेंस के माध्यम से रेस्क्यू किया जाता है। इस बार प्रशासन द्वारा दावा किया गया था कि मानसून के दौरान अधिक वर्षा व जल भराव की  स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। </p>
<p><strong>इस तरह किए थे दावे</strong><br />जिला प्रशासन द्वारा बरसात के दौरान आवश्यक होने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को रेस्क्यू कर पुनर्वास के  लिए सामुदायिक भवन, सरकारी स्कूल, आश्रय स्थलों को अधिग्रहित करने, वहां उनके ठहरने और खाने की व्यवस्था का दावा किया गया। आपदा प्रबंधन के लिए कंट्रोल रूम स्थापित  किया गया। गोताखोर, रेस्क्यू टीम, उपकरण व संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बताई गई। इतना ही नहीं चम्बल नदी के किनारे बसी बस्तियों को समय पर खाली करवाने का दावा तक किया गया था। लेकिन हालत यह है कि रविवार रात से सोमवार को दोपहर तक हुई मूसलाधार बरसात में ही प्रशासन  में भगदड़ मच गई।  कैथून, दीगोद,बंधा धर्मपुरा व रानपुर और आलनिया समेत कई जगह पर इतना अधिक पानी भर गया कि लोग घरों से बाहर ही नहीं निकल सके। जो लोग निकल गए तो वे रास्ते में ही पानी में फंस गए। शहर में अनंतपुरा, तलाब बस्ती, कौटिल्य नगर, सुभाष विहार समेत कई कॉलोनियों और यहां तक कि जवाहर नगर, बाला कुंड व केशवपुरा में इतना अधिक पानी भर गया कि लोग सोच में पड़ गए। कौटिल्य नगर समेत कई जगह पर तो नावें चलानी पड़ी। करीब 150 से 200 लोगों को रेस्क्यू कर पानी से बाहर निकालना पड़ा।  हालांकि गोताखोर व रेस्क्यू टीमें मुस्तैद होने से तुरंत जलभराव क्षेत्रों में पहुंच गई थी। उसके बाद भी दीगोद में पानी के तेज बहाव में 6 लोग  बह गए। रानपुर में स्कूटी सवार एक युवती के बहने से उसकी मौत हो गई। अचानक आए इतने अधिक पानी को देखते हुए व्यवस्थाओं व राहत कार्यो का जायजा लेने के लिए जिला कलक्टर समेत पुलिस व प्रशासन और निगम अधिकारियों को मौके पर  जाना पड़ा। </p>
<p><strong>बैराज के गेट खुलते ही बढ़ी धड़कन</strong><br />मध्य प्रदेश में पानी की आवक अधिक होने पर जैसे ही वहां से पानी छोड़ा। वैसे ही कोटा बैराज के 12 गेट खोलकर करीब 2 लाख क्यूसेक पानी की  निकासी की गई। एक साथ इतना अधिक पानी छोड़ने से नदी किनारे  की बस्तियों में रहने वालों की  धड़कने बढ़ गई। हालांकि प्रशासन की ओर से डूब क्षेत्र व नदी किनारे की निचली बस्तियों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सतर्क कर दिया गया है।  जानकारों का कहना है कि अभी तो बरसात की शुरुआत है। आने वाले दिनों में इससे भी अधिक बरसात होने पर और बैराज के अधिक गेट खोलने पड़े तो प्रशासन कैसे निपटेगा।  हालांकि मौसम विभाग की ओर से कोटा संभाग में मंगलवार व बुधवार को भी भारी से अति भारी बारिश होने का यलो अलर्ट जारी किया हुआ है।  लेकिन मंगलवार को दिनभर तेज धूप निकलने से प्रशासनिक अधिकारियों व रेस्क्यू टीम ने राहत की सांस ली। एक दिन पहले जो पानी भरा था वह बहकर निकल चुका है। आने वाले दिनों  में जल भराव से निपटने को प्रशासन फिर से तैयार है। </p>
<p><strong>जब पूर्व तैयारी तो ऐसी नौबत क्यों</strong><br />लोगों का कहना है कि जब प्रशासन ने  मानसून पूर्व की तैयारी कर रखी थी तो फिर जरा सी बरसात में ही ऐसी नौबत क्यों आई। कंसुआ निवासी महेश सिंघल का कहना है कि जब कौटिल्य नगर, सुभाष विहार, देवली अरब रोड और अनंतपुरा समेत कई जगह पर हर बार बरसात में पानी भरता है तो बरसात के दौरान वहां के लोगों को पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देना चाहिए। जिससे न तो उनके फ़ंसने की समस्या होगी और न ही प्रशासन को भागदौड़ व रेस्क्यू करना पड़ेगा।  तेज बहाव में बहने व किसी के डूबने तक की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। रायपुरा निवासी सत्येन्द्र गौतम का कहना है कि  जिन क्षेत्रों में पानी भरता है वहां के लोगों को पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देना चाहिए।  पानी भरने या लोगों के बहने पर रेस्क्यू करने का इंतजार ही नहीं करना चाहिए। तब तो तैयारी व दावे सही साबित होंगे। वरना लोग इसी तरह से हर बार पानी में बहते व डूबते रहेंगे। </p>
<p><strong>नवज्योति ने पहले ही चेताया था</strong><br />गौरतलब है कि मानसून से पहले ही नव’योति ने प्रशासन को इस संबंध में चेता दिया था।  21 जून को पेज 5 पर ‘पानी के साथ सेल्फी व रील बनाना हो सकता है खतरनाक’और 2 जुलाई को पेज 5 पर बरसात शुरु, अब हो रहा जर्जर भवनों का सर्वे’ शीर्षक से प्रकाशित समाचारों में प्रशासन को आगाह  किया था।  जिसमें कहा था कि मानसून के दौरान किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जिसमें बरसात शुरु होने के बाद जर्जर भवनों का सर्वे करवाने और उनके बरसात में ढहने के खतरे से लेकर बरसात में सेल्फी व रील बनाने से होने वाली घटनाओं की जानकारी दी थी। साथ ही बताया था कि मानसून के दौरान आपदा होने पर प्रशासन को सामुदायिक भवन, आश्रय स्थल व भोजन समेत अन्य व्यवस्थाएं समय पर जुटानी होंगी। उस समय प्रशासन ने दावा किया था कि उनकी तरफ से सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ ही रेस्क्यू टीमों को मुस्तैद किया गया है। सामुदायिक भवन व सरकारी स्कूलों व आश्रय स्थलों को पुनर्वास के लिए तैयार रखा गया है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />मानसून के सीजन में हर बार अधिक बरसात होती है। इस बार भी मौसम विभाग ने औसत से अधिक व समय-समय पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया जाता है। उसे देखते हुए प्रशासन ने डूब क्षेत्र के लोगों के पुनर्वास के  लिए सामुदायिक भवन व आश्रय स्थलों की व्यवस्था की हुई है। निगम, एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस की टीमें भी तैयार है। डूब क्षेत्र व निचली बस्तियों के अलावा जिन कॉलोनियों में पानी भरता है वहां के लोगों को मुनादी करवाकर समय से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए समझाइश की जाती है। लेकिन लोग मानते ही नहीं है। पानी अधिक भरने पर ही रेस्क्यू करने के लिए कहते है। वैसे प्रशासन की तैयारी पूरी है। अचानक तेज बहाव से अधिक बरसात होने पर कुछ समय के लिए पानी भरा था। बरसात थमते ही सारा पानी बह गया। नालों के अवरूद्ध होने या प्रशासन की कमी के कारण कोई हादसा नहीं हुआ है। <br /><strong>- कृष्णा शुक्ला, एडीएम सीलिंग</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Jul 2025 14:59:03 +0530</pubDate>
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                <title>वार्ड में सड़क, नाली निर्माण नहीं होने से हो रहा जलभराव </title>
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                        <![CDATA[ग्रामीणों ने हेल्पलाइन पोर्टल पर भी की शिकायत ।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/waterlogging-due-to-lack-of-road-and-drain-construction-in-the-ward/article-106207"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer9.png" alt=""></a><br /><p>किशनगंज। किशनगंज पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत दीगोदपार के गांव मेहरावता में नाली एवं सड़क निर्माण नहीं होने के अभाव में गंदा पानी मुख्य मार्ग पर फैलने के कारण कीचड़ एवं गंदगी के अंबार लगे हुए है। ग्राम पंचायत की उदासीनता के कारण लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। महरावता गांव के वार्ड नंबर 6 में महादेव मंदिर के पास, तेजाजी के चबूतरे के पास लगभग 100 मीटर मार्ग में आज तक सड़क नहीं बनने से जलभराव के कारण वार्डवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासी शिवशंकर, प्रेम सिंह ने बताया कि सड़क पर कीचड़ पानी इतना भरा रहता हे की पैदल गुजरने में भी राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बड़े व्यक्ति तो जैसे तैसे निकल भी जाते है लेकिन कई बार बच्चे कीचड़ में फिसल कर गिर चुके है। ग्रामवासियों द्वारा कई बार ग्राम पंचायत को अवगत करवाने के बावजूद लोगों की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।</p>
<p><strong>विकास कार्य नहीं करवाने से ग्राम वासियो में रोष</strong><br />गांव के हेमंत कुशवाह, कैलाश चंद ने बताया कि महरावता गांव में पंचायत द्वारा विकास कार्य नहीं करवाने से ग्राम वासियो में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत द्वारा गांव में ना तो सफाई करवाई जाती है। जगह-जगह कचरे के ढेर पड़े रहते है। जिन्हें मवेशी खाकर से बीमार हो जाते है। नालियों की सफाई नहीं होने से जाम होने के कारण पानी सड़कों पर फैला रहता है जिसके कारण बीमारियां फैलाने का खतरा मंडराता रहता है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी नही हुआ समाधान</strong><br />वार्ड पंच विजय कुशवाह ने बताया कि वार्ड वासियो के शिकायत के बाद सरपंच से सड़क बनवाने की मांग की सुनवाई नहीं होने पर सरकार की हेल्पलाइन पोर्टल पर वर्ष 2023 में शिकायत दर्ज करवाई। कई बार फीडबैक लेने के बाद जल्द सड़क बनवाने की बात कही लेकिन आज तक सड़क,नाली निर्माण नहीं होने से लोगो को परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p>ग्राम पंचायत द्वारा पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य नहीं करवाने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव में कई जगह सड़क,नालियां नहीं बनने से जलभराव की समस्या को लेकर कई बार सरपंच को अवगत करवाया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया।<br /><strong>- विजय कुशवाह, वार्ड पंच, वार्ड नंबर 6</strong></p>
<p>पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र में सफाई नहीं करवाने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर होने से गंदगी फैली हुई है। पंचायत का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। <br /><strong>- महावीर कुशवाह, ग्रामवासी। </strong></p>
<p>ग्रामवासियों से शिकायत प्राप्त कर जहां भी सड़क की समस्या है। सड़क निर्माण करवाकर आमजन को राहत प्रदान की जाएगी।<br /><strong>- हर्ष महावर, विकास अधिकारी, पंचायत समिति किशनगंज। </strong></p>
<p>पंचायत क्षेत्र में लंबित पड़े कार्यों के लिए सभी वार्ड पंचों से समस्याओं की जानकारी ली गई है। प्लान तैयार कर इस वर्ष में सभी लंबित कार्य करवाए जाएगें। <br /><strong>- वीरेंद्र कुमार, ग्राम विकास अधिकारी, दिगोदपार। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 16:03:51 +0530</pubDate>
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                <title>लगातार बारिश ने फेरा किसानों की उम्मीदों पर पानी</title>
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                        <![CDATA[गांवों में भी खेतों में पानी भरने से फसलें पीली पड़ चुकी हैं। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/continuous-rain-has-dashed-the-hopes-of-farmers/article-90869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(10)1.png" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। क्षेत्र में इस साल भी अतिवृष्टि के चलते खरीफ की फसलें नष्ट होने से किसानों में चिंता की लहर दौड़ गई है। क्षेत्र के किसान पिछले कई वर्षों से ग्लोबिंग वार्मिंग की मार झेल रहे हैं। इस साल रबी की फसलों में भी मार्च के महीने में तेज गर्मी व लू चलने के कारण गेहूं, चने व अन्य खरीफ की फसलों की पैदावार के उत्पादन में काफी कमी हो गई थी। किसानों ने बताया कि 90% खेतों में अभी भी फसलें खड़ी हैं। जिनमें बेमौसम चल रही लगातार बारिश का पानी भर गया है। जिसके कारण फसलें गल कर नष्ट होने के कगार पर हैं। वहीं कई स्थानों पर फसलें बड़ी होने के कारण आड़ी पड चुकी हैं। सोयाबीन के पत्तों में पीलापन आता जा रहा है। इस वर्ष भी बारिश की अधिकता के चलते किसानों को फसलों में नुकसान झेलना पड़ा है। पूर्व के वर्षों में भी तेज बारिश के चलते खरीफ की पैदावार पर असर पड़ा था। इस वर्ष भी लगातार बारिश आने से किसानों की रही सही उम्मीदों पर भी पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है। लगातार बारिश होने से किसान एक बार फिर बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं। दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि बढ़िया बारिश होने से खेत सोना उगलेंगे। लेकिन प्राकृतिक आपदा के चलते खेतों में पानी भरने से सोयाबीन एवं उड़द की फसल में नुकसान की आशंका है। सोयाबीन की फसल की बुवाई के बाद अच्छी बारिश के कारण किसानों के खेतों में सोयाबीन की फसल लहलहाने लगी थी। लेकिन लगातार बारिश होने के कारण  पैदावार पर असर पड़ने लगा था। </p>
<p><strong>खेतों में कीचड़ से भारी नुकसान की आशंका</strong><br />पिछले तीन-चार सालों से लगातार किसान दोहरी मार झेल रहा है। इस वर्ष रबी की फसल में एकदम से गर्मी पड़ने के कारण पैदावार कम हो गई थी। गेहूं की पैदावार में कमी दर्ज की गई थी। वहीं इस वर्ष सोयाबीन की फसल में तेज बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया। उसके बाद अब खेतों में फसलों के साथ कीचड़ नजर आ रहा है। जिससे फसल खराब होने लगी हैं। ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं होने से पड़ी अधिक मार: किसानों ने बताया कि ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त नहीं होने के कारण भी किसानों के खेतों में अधिक पानी भरा है। जिससे अधिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर खेतों  में कीचड़ ही कीचड़ दिखाई दे रहा है। जिससे किसानों की फसलें खराब हो गई हैं। किसान पुष्पेंद्र मीणा, ओमप्रकाश मीणा, पुष्पदयाल मीणा, सोहनलाल मीणा, सीताराम भील, रूपचंद मीणा ने बताया कि सोयाबीन, मूंगफली, उड़द की फसलें बारिश होने के कारण नुकसान हुआ है। जिससे किसानों की कमर टूट गई है। </p>
<p><strong>पानी के कारण फसलें पड़ीं पीली</strong><br />क्षेत्र के अमरपुरा, किशोरपुरा, नयागांव, नापाहेड़ा, जाखड़ोंद आदि गांवों में भी खेतों में पानी भरने से फसलें पीली पड़ चुकी हैं। जिससे किसानों को फसलें खराब होने का डर सता रहा है। किसान धन्नालाल यादव, युवराज नागर, नितेश शर्मा आदि ने बताया कि लगातार हुई बारिश के चलते चारों ओर पानी ही पानी हो जाने से खेतों में अधिक मात्रा में पानी भर गया। जिससे फसलें खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।</p>
<p>तेज बारिश के चलते हैं किसने की फैसले खराब होने के कगार पर पहुंच चुकी है। फसलों का सर्वे कर करके किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। कई खेतों में जहां पर पानी भरा है, फसलें गलने के कगार पर है। किसानों को अब बारिश होने के बाद से ही खेतों में नमी के चलते एवं खेतों में पानी भर जाने से फसल की जड़ों को पर्याप्त मात्रा में धूप नहीं मिलने से अंदर ही अंदर फसल सड़ने का खतरा भी मंडराने लगा है। <strong>- जगदीश कलमंडा, किसान नेता, भारतीय किसान संघ</strong></p>
<p>किसान फसलों को अपने बच्चों की तरह पालते हैं। इस वर्ष भी सभी किसानों ने बीज कीटनाशक एवं अन्य दवाइयों पर काफी खर्च कर दिया है। इसके बाद अगर फसल हाथ में नहीं आती है तो किसानों की कमर टूट जाएगी। वर्तमान में तेज बारिश के चलते फासले खराब होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। बारिश अगर इसी तरह होती रही तो फसल पूर्ण तरह से खराब हो सकती है।<br /><strong>- मायाराम गोचर, किसान</strong></p>
<p>आजीविका का एक मात्र खेती ही साधन है। खेती की पैदावार का किसान के संपूर्ण परिवार पर असर पड़ता है। वर्तमान में भी किसानों ने महंगा बीज व हंकाई-जुताई के साथ-साथ कीटनाशकों व अन्य कृषि कार्यों में हजारों रुपया खर्च किया है। लेकिन क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण फसलों को पर्याप्त धूप व अनुकूल तापमान नहीं मिलने के कारण व खेतों में पानी भराव तथा अधिक नमी के चलते फसलें विकसित होने की बजाय खराब होने की आशंका है। नुकसान का तत्काल प्रशासन की ओर से सर्वे करवाने की मांग की गई है।<br /><strong>- नरेंद्र दाधीच, किसान </strong></p>
<p>किसानों के द्वारा सोयाबीन की फसल की बुवाई करने के बाद से ही बढ़िया बारिश होने के कारण अच्छी फसल की उम्मीद थी। लेकिन लगातार बारिश चलने से फसलों में नुकसान के आशंका है अधिक बारिश के चलते फसल सड़ने के कगार तक पहुंच चुकी है।<br /><strong>- बाबूलाल शर्मा, किसान </strong></p>
<p>बीमा कंपनियों द्वारा खड़ी फसल का कोई भी मुआवजा नहीं दिया जाता है। फसल काटने के बाद अगर किसान का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई बीमा कंपनी द्वारा की जाती है। राज्य सरकार की तरफ से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार किसानों के हित में कार्य किया जाएगा।<br /><strong>- बाबूलाल मीणा, डीईओ, सीएडी, सुल्तानपुर </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 18:26:18 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - दिगोद तहसीलदार ने खेतों में जलभराव की समस्या का करवाया स्थाई समाधान</title>
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                        <![CDATA[ अब किसानों के खेतों के पानी निकासी हो सकेंगी। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---digod-tehsildar-got-a-permanent-solution-to-the-problem-of-water-logging-in-the-fields/article-86484"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/3.png" alt=""></a><br /><p>बूढादीत। बूढादीत थाना क्षेत्र के मंडावरा के किसानों के खेतों में ड्रेनेज सिस्टम खराव होने से किसानों के खेतों में करीब 800 बिघा सोयाबीन की फसल प्रभावित हो रही थी।  पीडित किसानों ने कई बार प्रशासन को लिखित में जनसमस्याओं से अवगत भी करवाया, किसानों के खेतों में ड्रेनेज सिस्टम खराव होने से बारिश के पानी से जलभराव होने से खरीब की फसलों नुकसान का अंदेशा सताने लगा था। दैनिक नवज्योति ने बुधवार को खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो बुधवार को दिगोद तहसीलदार वैभव कुमार सेठी व बूढादीत पुलिस प्रशासन हैंड कांस्टेबल हुकुम सिंह गुर्जर मय पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की सहायता से किसानों के खेतों में खराव ड्रेनेज सिस्टम को सही करवाकर स्थाई समाधान किया। जिससे अब किसानों के खेतों के पानी निकासी हो सकेंगी। ग्रामीण किसान केके धाकड़ मेहराना,दुर्गा शंकर मंडावरा, पवन वैष्णव, रामदेव, इंद्र कुमार सहित किसानों ने दैनिक नवज्योति व दिगोद तहसीलदार वैभव कुमार सेठी का आभार जताया।</p>
<p>किसानों की जलभराव की समस्या का बुधवार को जेसीबी मशीन की सहायता से ड्रेनेज सिस्टम को सही करवा दिया है। अब जलभराव की समस्या का समाधान हो गया,आठ लाइन में अधिग्रहण की गई जमीन का भी जल्दी ही किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।<br /><strong>-  वैभव कुमार सेठी, तहसीलदार, दिगोद।</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 17:55:00 +0530</pubDate>
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                <title>आकिया गांव : जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर...</title>
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                        <![CDATA[दिनभर सड़कों पर पानी भरा रहने से मच्छर, मक्खियां पैदा हो रही है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/akiya-village--what-kind-of-a-journey-is-this-in-life/article-86200"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/37.png" alt=""></a><br /><p>मिश्रौली। मिश्रौली थाना क्षेत्र आकिया गांव में ग्रामीणों को कीचड़ से भरी रास्तों से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मिश्रोली क्षेत्र के आकिया से बडखेड़ा होते हुए मध्यप्रदेश की सीमा से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर कीचड़ भरा हुआ है, जो कि ग्रामीणों के लिए समस्या बनी हुई है। साथ ही बताया कि सड़कें इतनी बदहाल हो चुकी है कि उन पर पैदल चल पाना या दो पहिया वाहन ले जाना किसी खतरे से कम नहीं है। इस सड़क पर कई बार वाहन चालक कीचड़ पर फिसलकर गिरकर चोटिल हो चुके हैं। वहीं बारिश के मौसम में अन्य सभी कच्चे मार्गों पर भी पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही है। गांव में सड़कों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि सड़कें 12 महीने कीचड़ से भरी रहती है वहीं बारिश में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। अन्य दिनों में जैसे तैसे पानी के बीच से सड़क ढूंढकर उस पर से वाहन निकाले जा सकते हैं, लेकिन बारिश में गड्ढों में पानीभर जाने से राहगीर व वाहनचालक चोटिल हो रहे हैं।    गौरतलब है कि आकिया गांव की जनसंख्या 600 से भी अधिक है, वहीं गांव की मुख्य सड़क से सरोद, रनायरा, जमाई का खेड़ा, बरखेड़ा, आदि गांव के साथ साथ मध्यप्रदेश सीमा गरोठ, मंदसौर  हाइवे को जोड़ती हैं, साथ ही यह मार्ग ग्रामीणों के खेतों से भी जुड़ा हुआ है। जहां किसानों का उनके कृषि उपकरणों व मवेशियों के साथ आवागमन बना रहता है। जहां मार्ग में पानी की निकासी नहीं होने के कारण नालियों का गंदा पानी सड़क के बीचोंबीच रास्ते में जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के साथ नाली निर्माण नहीं किए जाने से निर्माण के समय से ही यह समस्या बनी हुई है। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।</p>
<p><strong>सड़कों पर जमा पानी से बीमारियों का खतरा</strong><br />सड़कों पर जमा पानी न केवल आवागमन प्रभावित कर रहा है, बल्कि इसके कारण कई तरह की बीमारियां भी पैदा हो रही है। दिनभर सड़कों पर पानी भरा रहने से मच्छर, मक्खियां पैदा हो रही है। वहीं ग्रामीणों को कई बीमारियों का भी सामना करना पड़ रहा है। वहीं दिनभर मार्ग पर दुर्गंध आने से लोगों का निकलना दुश्वार हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग पर हनुमान मंदिर भी स्थित है, जहां प्रतिदिन सैंकड़ों ग्रामीण दर्शन के लिए आना जाना लगा रहता है।  श्मशान की जगह खेतों में कर रहे अंतिम संस्कार: गांव में 5 वर्ष पूर्व श्मशान का निर्माण किया गया था, लेकिन शायद ग्राम पंचायत रास्ते को दुरस्त करवाना भूल गई है। इसी कारण रास्ते पर पूरे साल कीचड़ भरा होने से विगत 5 वर्षों में केवल एक ही अंतिम संस्कार की क्रिया सम्पन्न हो पाई है। रास्ता खराब होने से ग्रामीण अपने खेतों में ही मृत परिजनों का अंतिम संस्कार करने को मजबूर है।</p>
<p><strong>समाधान नहीं होने पर चक्का जाम की दी चेतावनी</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग पर कीचड़ भरा होने से वह काफी परेशान हो चुके हैं, समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं किए जाने पर सभी ग्रामीणों द्वारा डग भवानीमंडी मुख्य मार्ग पर एकत्रित होकर चक्का जाम की चेतावनी दी गई है। </p>
<p>हमने कई बार पंचायत और स्थानीय अधिकारियों से इस समस्या के समाधान के लिए अनुरोध किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।<br /><strong>- श्यामू बाई, ग्रामीण </strong></p>
<p>इस रास्ते से दर्जनभर से अधिक किसानों के खेत जुड़े हुए है। सभी किसानों को यह से निकलने में काफी मुश्किल होती है। इस रास्ते पर बालाजी मंदिर भी स्थित है, जहां रोजाना ग्रामीण दर्शन करने के लिए जाते है। इस समस्या का जल्द ही हल नहीं निकाला गया तो सभी ग्रामीण मिलकर धरना प्रदर्शन करेंगे।<br /><strong>- मन्ना बाई, ग्रामीण </strong></p>
<p>यह सड़क पिछले कही सालों से ऐसी ही स्थिति में है।इस रास्ते से कही गांव जुड़े हुए है जिन्हे निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>- धाणी सिंह, ग्रामीण </strong></p>
<p>इस रास्ते पर बारिश के समय ही नहीं 12 ही महीने ऐसे ही कीचड़ रहता है। यहां से निकलना काफी मुश्किल है। रोजाना कही व्यक्ति कीचड़ में गिरते है। मैं खुद इस रास्ते पर 2 बार गिर चुका हूं। गनीमत रही की मेरे ज्यादा चोट नहीं आई।<br /><strong>- अंतर सिंह, ग्रामीण </strong></p>
<p>1-2 दिन में ही मार्ग पर ग्रेवल डालकर कीचड़ की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। जिससे ग्रामीणों को समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।<br /><strong>- धीरप सिंह, </strong></p>
<p><strong>सरपंच प्रतिनिधि भैंसानी</strong><br />बडखेड़ा सड़क पर कीचड़ की समस्या का जल्द से जल्द निराकरण कराएंगे, जिससे ग्रामीणो ंको राहत मिल सके । <br /><strong>- हरकुंवर बाई,सरपंच </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 15:10:53 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - सोरण बस स्टैंड पर अब नहीं जमेगा पानी, समस्या से मिलेगी निजात</title>
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                        <![CDATA[जल्द ही क्रॉसिंग पर नाली रखकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया  जाएगा। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-water-will-not-accumulate-at-soran-bus-stand--the-problem-will-be-solved/article-85613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer21.png" alt=""></a><br /><p>सांवतगढ़। ग्राम पंचायत के सोरण बस स्टैंड पर भरे हुए पानी से उत्पन्न हो रही असुविधा से जल्द ही ग्रामीणों और रहागीरों को निजात मिलेगी। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए नवज्योति टीम ने समस्या को लेकर मुददा उठाया था , इसके बाद सोमवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग के एईएन रामरतन नरानीया और जेईएन रेवती रमन शर्मा ने मौके पर पहुंचकर समस्या को लेकर ग्रामीणों से बात की। अधिकारियों ने कहा की वैसे तो यह समस्या ग्राम पंचायत की सड़क के कारण उत्पन्न हो रही है, क्योंकि जो ग्राम पंचायत की दोनों तरफ सड़क हैं वह हमारे रोड के लेवल में नहीं है,और इसी कारण से पानी भरा हुआ है, लेकिन ग्रामीणों की जनसमस्या और जनभावना को देखते हुए जल्द ही हमारे द्वारा क्रॉसिंग पर नाली रखकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। स्पीड ब्रेकर वाली टीम अभी कहीं और जगह पर काम कर रही है इसलिए वहां का काम पूरा होने के बाद स्पीड ब्रेकर भी लगवा दिए जाएंगे।</p>
<p>अगर ग्राम पंचायत द्वारा सड़क को हमारी सीसी सड़क के लेवल में कर दिया जाता तो यह समस्या उत्पन्न ही नहीं होती फिर भी जन समस्या को देखते हुए क्रॉसिंग पर नाली रखकर पानी की निकासी कर दी जावेगी। बाद में स्पीड ब्रेकर भी लगवा दिए जाएंगे। <br /><strong>- रेवती रमन शर्मा,ऐईएन, पीडब्लूडी नेनवां।</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 15:54:49 +0530</pubDate>
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                <title>आम रास्ते बने दरिया, लोग परेशान, जिम्मेदार अनजान</title>
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                        <![CDATA[ बारिश के पानी की निकासी की नहीं उचित व्यवस्था। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/common-roads-have-become-rivers--people-are-troubled--the-responsible-are-unaware/article-84582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/aam-raste-bne-dariya,-log-preshan,-zimmedar-anjan...rajpur,-baran-news-13-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>राजपुर। मुंडियर ग्राम पंचायत के शाहपुर सहरिया बस्ती के आम रास्ते इन दिनों बारिश के कारण दरिया बन चुके हैं। बरसात के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण आम रास्तों पर जल भराव की स्थिति 12 महीने बनी रहती है। सबसे ज्यादा समस्या बरसात होने पर बन जाती है। इस पानी निकासी को लेकर बस्ती के लोग कई बार जिम्मेदारों अवगत भी कर चुके हैं लेकिन मामले को लेकर कोई भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। बारिश से पहले ही जिला प्रशासन द्वारा हर ग्राम पंचायत क्षेत्र के कर्मचारियों को निर्देशित किया जाता है कि बारिश के पानी का जल भराव नहीं हो पानी निकासी की और सफाई व्यवस्था को लेकर हर ग्राम पंचायत पहले से ही सतर्क रहे ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े लेकिन शाहपुर बस्ती के आम रास्ते पर जल भराव की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते सबसे ज्यादा परेशानी सहरिया बस्ती के लोगों को झेलनी पड़ रही है। देवी सिंह यादव, कैलाश जाटव, राहुल शिवहरे भोलाराम शिवहरे अनारी बाई रामप्यारी सहरिया ने बताया कि शाहपुर सहरिया बस्ती के लोग इसी रास्ते से  बस स्टैंड स्कूल, मंदिर , स्कूल रोजमर्रा खरीदारी के लिए बाजार में भी लोग पहुंचते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे भी और महिलाएं अब इस जलभराव वाले रास्ते से निकलने में डरने लगे हैं क्योंकि बीते 5 दिन पहले इसी जल भराव वाले रास्ते की अपने घर के सामने पानी निकासी करने का प्रयास करने के लिए पानी में गया हुआ था उसी समय अधेड़ की जहरीले कीड़े के काटने से मौत हो गई थी। </p>
<p><strong>मलेरिया और जल जनित बीमारियों का खतरा</strong><br />बस्ती वासियों का कहना है कि जैसे ही तेज बारिश होती है तो जलभराव का पानी लोगों के घरों मे भरने की स्थिति बन जाती है जबकि अभी तो बारिश शुरू ही हुई है। उसके चलते अभी से परेशान हो रही है तो अभी तो 4 महीने बारिश होगी तो स्थिति और भी बिगड़ जाएगी। वहीं जल भराव रहने से पानी से दुर्गंध आ रही है और मच्छर पनप रहे हैं। इससे मलेरिया और जल जनित बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर सहरिया बस्ती के लोगों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजकर आम रास्ते पर हो रहे जलभराव के पानी  निकासी के पुख्ता इंतजाम करवाने की मांग की है ताकि आने वाले समय में लोगों को जल भराव की स्थिति से जूझना नहीं पड़े। अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सहरिया बस्ती के लोगों को मजबूरन आंदोलनात्मक कदम उठाना पड़ेगा।</p>
<p>मुंडियर ग्राम पंचायत की शाहपुर सहरिया बस्ती में जल भराव की स्थिति 12 महीने बनी रहती है। बरसात में समस्या विकट रूप धारण कर लेती है। समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों कर्मचारियों को अवगत भी कराया है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।<br /><strong>- कैलाश जाटव, ग्रामीण।</strong></p>
<p>शाहपुर सहरिया बस्ती में जल भराव की स्थिति आम रास्ते पर लंबे समय से बनी हुई है और यह समस्या बरसात में और परेशानी का सबब बन चुकी है।  रास्ते से गुजरने में भी डर लगने लगा है। इसके चलते बस्ती के लोगों में रोष बना हुआ है।<br /><strong>- देवी सिंह, ग्रामीण।</strong></p>
<p>मुंडियर ग्राम पंचायत के सहरिया बस्ती के आम रास्ते दरिया बने हुए हैं। पानी निकासी के नहीं होने के कारण पानी की दुर्गंध से लोग परेशान हो रहे हैं। जल भराव की स्थिति रहने से मच्छरों की तादाद में बढ़ोतरी हो रही है। मामले को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन भी भेजा है ताकि समस्या का समाधान हो सके।   <br /><strong>- राहुल शिवहरे, ग्रामीण।</strong></p>
<p>जलभराव शाहपुर बस्ती के रास्ते में हो रहा है। ग्रामीणों ने समस्या बताई है। इसका जल्द ही समाधान करवाने के प्रयास किए जाएंगे।<br /><strong>- भोलाराम यादव, सरपंच, ग्राम पंचायत मुड़ियर।  </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jul 2024 14:49:00 +0530</pubDate>
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                <title>जल भराव की बनी स्थिति, नहीं हो रही पानी निकासी </title>
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                        <![CDATA[मुंडियर राजपुर सहित कई स्थानों पर आ रही मुसीबत।
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/waterlogging-situation--no-drainage/article-84064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/8.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। सहरिया अंचल क्षेत्र में गुरुवार देर रात्रि से बारिश का दौर शुरू हुआ था जो शनिवार सुबह 10 बजे तक जारी रहा। उसके बाद बारिश का दौरा थम गया लगातार हुई बारिश से नदी नालों में पानी की आवक हो गई और कई स्थानों पर जल भराव की स्थिति अभी बनी हुई है। पानी निकासी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होने से आमजन जीवन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुड़ियर निवासी राहुल शिवहरे, भोलाराम ,हरिओम गर्ग, घनश्याम आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा नालियों की साफ-सफाई नहीं कराई गई है। ऐसे में पानी निकासी नहीं हो रही है और आम रास्ते बारिश के पानी के चलते तलाईयों में तब्दील हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। ऐसी मार्ग से सहरिया बस्ती के लोगों का आम रास्ता है। ऐसे में पानी का भराव होने के चलते बस्ती वासियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजपुर, आनंदपुरा कॉलोनी में जल भराव बना हुआ है। ग्राम पंचायत प्रशासन और जिम्मेदार सरपंच सचिव इसको लेकर गंभीर नहीं है। बस्ती के लोग काफी परेशान है। लोगों ने प्रशासन से बस्तियों में हो रहे जल भराव से राहत की मांग की है। इस संबंध में राजपुर सरपंच शोभा बंसल से संपर्क नहीं हो सका।</p>
<p>बस्ती में पानी निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण जल भराव की स्थिति बनी हुई है। सहरिया बस्ती के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।<br /><strong>- राहुल शिवहरे, मुड़ियर निवासी। </strong></p>
<p>आनंदपुरा कॉलोनी में जल भराव की स्थिति जब से बारिश हुई है तब से बनी हुई है। लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था पंचायत प्रशासन को करवाना चाहिए।<br /><strong>- जितेंद्र कुमार, ग्रामीण, राजपुर।</strong></p>
<p>राजपुर आनंदपुरा कॉलोनी में जल भराव की स्थिति बनी हुई है पहले कच्ची नाली बनी हुई थी। उसको कुछ लोगों ने बंद कर दिया है। उसको दोबारा खुदवाकर पानी निकासी करवाई जाएगी।<br /><strong>- सुभाष कुमार, सहायक ग्राम विकास अधिकारी, राजपुर। </strong></p>
<p>शाहपुर कॉलोनी में जल भराव की स्थिति बनी हुई है। इसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा प्राप्त हुई है। पटवारी से वातार्लाप हो चुका है। कुछ लोगों ने रास्ते पर चबूतरे बनाकर अतिक्रमण कर रखा है। उसको हटवा कर नालियों का निर्माण करवा दिया जाएगा। जिससे पानी निकासी ठीक तरीके से हो सकेगी।<br /><strong>- भोलाराम यादव, सरपंच, मुड़ियर। </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 16:11:00 +0530</pubDate>
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                <title>नाले कचरे से अटे पड़े, बस्तियों में पानी भरने का खतरा</title>
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                        <![CDATA[आम रास्तों में सीसी व इंटरलॉकिंग नहीं होने से लोगों को होगी परेशानी। 
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/drains-are-clogged-with-garbage--there-is-a-danger-of-waterlogging-in-settlements/article-83861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/7.png" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर। नगर में मानसून से पूर्व होने वाले नालों व नालियों की सफाई नहीं होने से हर साल की तरह इस साल भी बस्तियां जलमग्न होने की आशंका है। जिससे कई मोहल्लों में नाले-नालियों का गंदा पानी घरों में घुस जाएगा। साथ ही नगर के भीतर स्थित नाले की सफाई नहीं होने के कारण तेज बारिश होने पर निचली बस्ती के घरों में भी पानी भरने का अंदेशा गहरा गया है। जानकारी के अनुसार नगर सहित क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। बारिश के पूर्व नगर में स्थित नालों की सफाई नहीं हो सकी। अगर समय रहते सफाई नहीं हुई तो तेज बारिश होने के बाद नाले ओवरफ्लो हो जाएंगे और बस्तियों में पानी भरने की आशंका गहरा जाएगी। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वार्ड पार्षद मरगूब हुसैन एवं वार्ड पार्षद इरशाद अंसारी ने बताया कि सुल्तानपुर थाने के सामने से मठ के बालाजी की ओर जा रहे नाले की सफाई नहीं होने के कारण नगर वासियों को समस्या आ सकती है। नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराने पर जेसीबी मशीन भेजी गई थी। लेकिन नाले की पूर्ण रूप से सफाई नहीं हो सकी। 100 फीट तक ही नाले की सफाई हो सकी है। पूरे नाले की सफाई जब तक नहीं होगी, तब तक बस्तियों में पानी भरने का खतरा मंडराता रहेगा। नाला ओवरफ्लो होने के कारण पानी घरों तक पहुंच सकता है। साथ ही गुर्जरों की टेक के नीचे बने नाले की भी सफाई होना आवश्यक है। अन्यथा मेदपुरा मोहल्ले में भी पानी भरने की आशंका है।</p>
<p><strong>बारिश में आम रास्तों पर भरा रहता है पानी</strong><br />नगर के आम रास्तों में पानी की निकासी के लिए सुचारू व्यवस्था नहीं होने के कारण जगह-जगह पानी भरा रहता है। जिससे आमजन व राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस रास्ते से होकर नगर वासियों के साथ की खंडगांव, इस्लाम नगर, बॉस कॉलोनी आदि के लोग भी निकलते हैं। आम रास्ते पर पानी की निकासी के लिए नालियां नहीं होने के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।</p>
<p><strong>20 वर्षों से आम रास्ते की समस्या से जूझ रहे हैं लोग </strong><br />जानकारी के अनुसार बॉस कॉलोनी की कुछ गलियों में आम रास्ते पर सीसी सड़क एवं इंटरलॉकिंग नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में पानी भर जाता है। कॉलोनी वासी अब्दुल नईम, पप्पू, ईदू मोहम्मद,  लटूर मिस्त्री, सईद अंसारी ने बताया कि करीब 20 वर्षों से आम रास्ते की समस्या से परेशान हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।</p>
<p>मानसून से पूर्व ही नगर पालिका प्रशासन को अवगत करवा दिया था। लेकिन प्रशासन ने जेसीबी भेजकर मात्र 100 फीट तक नाले की सफाई की है। जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। निचली बस्तियों में पानी भरने की आशंका गहरा गई है। साथ ही वर्षा जनित बीमारियां फैलने का भी खतरा मंडरा रहा है।<br /><strong>- इरशाद अंसारी, वार्ड पार्षद</strong></p>
<p>नगर की कई बस्तियों में हर साल बारिश का पानी भरता है। जिससे घरों में नालियों का गंदा पानी घुस जाता है। पालिका प्रशासन को अवगत करवाने के बाद भी अभी तक नाले व नालियों की सफाई नहीं करवाई गई है। जिससे इस साल भी बारिश में कई बस्तियों के जलमग्न होने की आशंका है।<br /><strong>- मरगूब हुसैन, वार्ड पार्षद</strong></p>
<p>सभी जगह पर नालों की सफाई कराई जा रही है। मुख्य बाजार के नालों की सफाई हो चुकी है। नगर में बने नालों की भी सफाई कराई जाएगी। साथ ही बॉस कॉलोनी के निवासियों ने जो समस्या बताई है, उसका शीघ्र ही समाधान कर दिया जाएगा। <br /><strong>- जितेंद्र सिंह पारस, ईओ, नगर पालिका</strong></p>
<p>साफ-सफाई एवं आम रास्ते नगर की मूलभूत जरूरत है। आम रास्तों पर सुचारू रूप से पानी का निकलना भी मूलभूत आवश्यकताओं में आता है। शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। <br /><strong>- हेमलता शर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 15:21:48 +0530</pubDate>
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                <title>इंद्रगढ़ में नदी नालों की सफाई में हो रही खानापूर्ति</title>
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                        <![CDATA[नगर की प्रमुख इंद्राणी नदी कचरे से अटी पड़ी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/in-indragarh--cleaning-of-rivers-and-drains-is-being-done-only-as-a-formality/article-83406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। हाड़ौती अंचल में मानसून ने दस्तक दे दी है। हालांकि इंद्रगढ़ में अभी बारिश का दौर अभी शुरू नहीं हुआ है। मानसून शुरू होने से पहले नदी, नालों की सफाई में केवल खाना पूर्ति की जा रही है। शहर की प्रमुख इंद्राणी नदी कचरे से अटी पड़ी है। ऐसे में भारी बरसात में नदी-नाले में उफान की स्थिती होने पर जलभराव का खतरा मंडरा सकता है। गौरतलब है कि 2019 में इन्द्रगढ़ में आई बारिश ने शहर में भयंकर तबाही मचाई थी और उस समय सभी नदी नाले उफान पर थे। उस बाढ के दौरान कई पुलिया व नाले टूट कर बह गए थे। प्रशासन ने उस घटना से भी कोई सीख नही ली और घटना के 4-5 वर्ष बाद भी नदी नालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। </p>
<p><strong>कलक्टर के आदेश की भी पालना नहीं की</strong><br />बारिश के पहले ही जिला कलक्टर बूंदी के द्वारा इन्द्रगढ़ नगर पालिका को अवगत करवा दिया गया था कि बारिश का दौर शुरू होने से पहले ही शहर के समस्त नदी नालों की अच्छे से सफाई कर जल्द से जल्द सूचना प्रेषित करे ताकि बारिश के दौरान आने अचानक से आनी वाली समस्याओं से बचा जा सके। परंतु नगर पालिका इन्द्रगढ़ के द्वारा शहर के मुख्य नदी नालों की सफाई मेंं जिला कलक्टर के आदेशों पर भी ज्यादा रूचि नही दिखाई और सफाई के नाम से केवल औपचारिकता की गई। शहर की मुख्य इन्द्राणी नदी अभी भी गंदगी व झाड़ व कांटों के साथ कचरे से भरी पड़ी है। उसी नदी पर चंद्र बिहारी जी की धर्मशाला के पास बनी पुलिया के नीचे बने मोखो की भी अभी तक कोई साफ सफाई नही हुई है। ये मोखे भी गंदगी व कचरे से अटे पडे है। अहिंसा मार्ग पर बने नाले की भी सफाई अभी तक नही हुई है। वो भी गंदगी के साथ प्लास्टिक की थैलियों व कट्टों से भरा पडा है। प्रशासन अगर चाहे तो गर्मी के समय में इस नाले की पूर्ण साफ सफाई करवा सकता है परंतु आज दिन तक नगर पालिका के किसी भी बोर्ड के द्वारा इस समस्या को गंभीरता से नही लिया गया है। </p>
<p><strong>बारिश तेज आई तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम </strong><br />अगर इन्द्रगढ़ में 2019 जैसी बारिश आ जाती है तो इन नदी नालों की सफाई नही होने से शहरवासियों को प्रशासन की अनदेखी के गंभीर परिणाम भुगतने को मिल सकते है। नदी की सफाई नही होने व कचरे के कारण पानी की निकासी नही होने से नदी में आया पानी शहर में तबाही मचाएगा। इन सब के अलावा भी शहर में कई छोटे बडे नाले है जो भी गंदगी व कचरे से भरे पडे होने के कारण पानी अवरूद्ध होने की समस्या आएगी।</p>
<p><strong>आदेश पर एक पुलिया पर सफाई हुई उसमें भी खानापूर्ति </strong><br />जिला कलक्टर बूंदी के आदेश के बाद हरकत में आए पालिका प्रशासन नें मुख्य चिन्हित जगहों में से एक इन्द्रगढ़ सुमेरगंज मंडी मार्ग पर नवनिर्मित पुलिया के नीचे की सफाई की है उसमें भी मात्र खानापूर्ति की गई है। इन्द्रगढ़ सुमेरगंज मंडी मार्ग पर बनी इस नई पुलिया को बनाने के लिए इन्द्राणी नदी का बहाव रोकने के लिए पुलिया ठेकेदार द्वारा पुरानी पुलिया के मलबे को काम में लिया गया था। पुलिया बनने के बाद ठेकेदार द्वारा मलबा बीच नदी में ही छोड़ दिया गया जिसको अभी सार्वजनिक निर्माण विभाग व पालिका प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर हटाना था परंतु  मलबे को नदी से बाहर निकालने की बजाय नदी में ही उसकी जगह बदल दी है। जिससे नदी में वापस मलबे का ढेर नजर आ रहा है। उक्त मलबा तेज बारिश आने पर पानी को अवरूद्ध कर देगा जिससे शहर में मुसीबत आ सकती है।</p>
<p><strong>इन्द्राणी नदी,शिवदानसागर तालाब व बावड़ियों की भी नही हुई सफाई </strong><br />शहर की प्रमुख नदी इन्द्राणी नदी ही अभी तक भी कचरे व कांटों से अटी पडी है। गर्मी में नदी व देहडा दोनों पूरी तरह से सुख जाते है अगर समय रहते प्रशासन इस पर ध्यान दे तो इनमें जेसीबी मशीन से गहराई भी करवाई जा सकती है व देहडे व नदी की चैड़ाई को भी बढ़ाया जा सकता है। नदी के किनारे पर ही इन्द्राणी उद्यान बना दिया गया है जो बारिश के आने के साथ ही स्विमिंग पूल में तब्दील हो जाता है। इसी प्रकार शिवदानसागर तालाब व शहर की प्रमुख बावडिया भी गंदगी से भरी पड़ी है इन्हे भी समय रहते साफ करवाया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>क्या बोले शहरवासी</strong><br />शहर में बारिश के पहले साफ सफाई होना जरूरी है। मुख्य रूप से इन्द्राणी नदी की। क्योंकि बारिश का सारा पानी वहीं से आता है और पानी का मार्ग अवरूद्ध होने से भारी परेशानी हो सकती है। <br /><strong>- गोविन्द गौत्तम,निवासी इन्द्रगढ़</strong></p>
<p>हालांकि नगर पालिका द्वारा कई नदी नालों की सफाई करवा दी गई है परंतु कुछ जगह अभी बाकि है जहां सफाई होना जरूरी है। पालिका प्रशासन को बारिश के पहले सभी जगह की अच्छे से साफ सफाई करवानी चाहिए। <br /><strong>- अजय कहार, पूर्व पार्षद नगर पालिका इन्द्रगढ़</strong></p>
<p>इन्द्रगढ़ सुमेरगंज मंडी मार्ग पर बनी पुलिया का मलबा हटा कर नदी के पानी की निकासी करवा दी गई है। मलबा बाहर नही निकाला गया है वही फैला दिया गया है जिससे पानी के बहाव में किसी प्रकार की परेशानी ना हो और पानी पुलिया पर नही आए। <br /><strong>- मनोज मीना, कनिष्ठ सहायक अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p> शहर के नदी नालों की सफाई के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई है जिससे सफाई कार्य करवाया जा रहा है। बारिश के पूर्व सभी नदी नालों की सफाई करवा दी जाएगी। <br /><strong>- गजेन्द्र मीना, सहायक अभियंता नगर पालिका इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>नदी नालों की सफाई का कार्य वर्तमान में चल रहा है। अधिकतर जगह सफाई करवा दी गई है फिर भी कोई जगह छुट गई है तो जल्दी ही उस जगह की भी सफाई करवा दी जाएगी।<br /><strong>- बाबू लाल बैरवा , अध्यक्ष नगर पालिका इन्द्रगढ़।</strong></p>]]>
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                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 16:09:18 +0530</pubDate>
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