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                <title>ration shops - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का - अब फ्री गेहूं से नहीं होंगे वंचित, बढ़ाई वितरण की तिथि</title>
                                    <description><![CDATA[नया आदेश जारी होने से लाभार्थियों को काफी राहत मिली है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-they-will-not-be-deprived-of-free-wheat--distribution-date-extended/article-106145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पोस मशीन के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद फ्री गेहूं के वितरण में बाधा उत्पन्न हो रही है। करीब एक पखवाड़े से पोस मशीनों में लाभार्थी के फिंगर शो होने में समय लग रहा है। इस कारण लाभार्थियों को गेहूं लेने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में जिले में करीब 30 प्रतिशत लाभार्थियों को फरवरी माह का गेहूं वितरित नहीं हो पाया था। सरकार ने लाभार्थियों की परेशानी को देखते हुए अब फरवरी माह में वंचित लाभार्थियों को दस मार्च तक गेहूं वितरित करने के निर्देश दिए हैं। पोस मशीनों के कारण जिले में फरवरी माह के कोटे का 70 फीसदी गेहूं का ही वितरण हो पाया था। नया आदेश जारी होने से लाभार्थियों को काफी राहत मिली है। राशन की दुकानों पर आॅनलाइन तकनीक के हिसाब से ही गेहूं का वितरण किया जाता है।</p>
<p><strong>लम्बी कतारों में लगने की मजबूरी</strong><br />राशन डीलरों के अनुसार लाभार्थियों को पोस मशीनों में फिंगर का इन्द्राज होने के बाद प्रति यूनिट के हिसाब से फ्री गेहूं का वितरण किया जा रहा है। इन दिनों के सरकार की ओर से गिव अभियान और राशनकार्डो में नाम जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। वहीं आधार सीडिंग का काम भी राशन की दुकानों पर पोस मशीनों के माध्यम से हो रहा है। इसके चलते एक पखवाडेÞे पहले जयपुर में पोस मशीन के साफ्टवेयर को अपडेट किया गया था। इसके बाद ही यहां पर पोस मशीन में सर्वर डाउन होने की दिक्कत आ गई है। एक लाभार्थी के ही मशीन में फिंगर शो में होने से करीब पन्द्रह से बीस मिनट लग रहे हैं। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को राशन की दुकानों की बाहर लाभार्थियों की लम्बी कतारें लगी रही।</p>
<p><strong>दैनिक नवज्योति बनी लाभार्थियों की आवाज</strong><br />जिले में पोस मशीन के कारण गेहूं लेने में लाभार्थियों को रही परेशानी के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 28 फरवरी के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि कोटा जिले में राशन की दुकानों के माध्यम से हर माह लाभार्थियों को करीब ढाई लाख मीट्रिक टन गेहूं का वितरण किया जाता है। वितरण पखवाड़ा शुरू होते ही पोस मशीनों में सर्वर डाउन होने की समस्या आ गई। जिससे एक ही दिन में चुनिंदा लाभार्थियों को गेहूं का वितरण होने लगा। फरवरी माह समाप्त होने में केवल एक ही दिन बचा है। अब तक 70 फीसदी गेहूं का वितरण हो पाया है। शेष 30 फीसदी गेहंंू एक दिन में नहीं बंट सकता है। ऐसे में अब लाभार्थियों को इस माह का गेहूं लेने के लिए करीब एक पखवाड़े का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने शनिवार को आदेश जारी कर 10 मार्च तक वंचित लाभार्थियों को गेहूं वितरित करने का आदेश जारी किया।</p>
<p>पोस मशीन के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। दो दिन तक कतार में लगने के बाद भी उसे गेहूं नहीं मिल पाया। अब सरकार की ओर से गेहूं वितरित करने की तिथि 10 मार्च तक बढ़ाने से काफी राहत मिली है। अब सभी को गेहूं मिल जाएगा।<br /><strong>- भूरी बाई, लाभार्थी</strong></p>
<p>खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पोस मशीन के सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद फ्री गेहूं के वितरण में बाधा उत्पन्न होने की समस्या आ रही थी। सरकार ने लाभार्थियों की परेशानी को देखते हुए अब फरवरी माह में वंचित लाभार्थियों को दस मार्च तक गेहूं वितरित करने के निर्देश दिए हैं।<br /><strong>- कुशल बिलाला, जिला रसद अधिकारी द्वितीय</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 15:25:15 +0530</pubDate>
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                <title>राहत की उम्मीद में भागदौड़ कर रहे लाभार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[एलपीजी आईडी जन आधार से लिंक नहीं होने से बढ़ी परेशानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/beneficiaries-running-around-in-the-hope-of-relief/article-96123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/rahat-ki-ummid-mein-bhagadaud-kar-rahe-labharthi...kota-news-28.11.2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को गैस कनेक्शन पर अनुदान देने को लेकर प्रदेश सरकार ने जनआधार से लिंक करवाने को लेकर आदेश जारी किए हैं, 30 नवंबर तक जनआधार से लिंक नहीं करवाने पर राशन डीलरों को योजना में लाभार्थियों को गेहूं आवंटित नहीं करने को लेकर निर्देश जारी किए हैं, लेकिन पूर्व में गैस एंजेसियों के गैस कनेक्शन देने के समय जरुरी सभी दस्तावेतों के प्राप्त किए आनन-फानन में इन्हें जारी करने से हजारों उपभोक्ताओं के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। संबंधित उपभोक्ताओं की एलपीजी आईडी जन आधार से लिंक नहीं होने से इन्हें बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकांश उपभोक्ता अब रोजाना चक्कर लगा रहे हैं।</p>
<p><strong>राशन की दुकानों पर लगा रहे चक्कर</strong><br />खाद्य सुरक्षा योजना में सरकार लाभान्वित लोगों को नि:शुल्क गेहूं उपलब्ध करवाती है। गरीब व कमजोर इन परिवार को सस्ती दर पर गैस उपलब्ध करवाने को लेकर सरकार ने पूर्व में उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए थे। अब इन्हें इन कनेक्शनों पर अनुदान देने को लेकर सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना से गैस कनेक्शन सत्यापन करवाने को लेकर जन आधार से लिंक करवाने के आदेश जारी किए है। यह कार्य 30 नवंबर तक करवाना जरूरी है। इस निर्धारित अवधि तक संबंधित उपभोक्ताओं के जन आधार से लिंक नहीं करवाने पर राशन डीलरों को इन्हें गेहूं आवंटन नहीं करने के निर्देश दिए। इसलिए हर दिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता जनआधार से लिंक करवाने को लेकर राशन की दुकानों पर पहुंच रहे हैं।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- जिले में कुल लाभार्थी    9,07,495 <br />- जिले में बीपीएल लाभार्थी    245068<br />- जिले में नॉन बीपीएल लाभार्थी    633227<br />-  जिले में अंत्योदय लाभार्थी    29429 <br />- जिले में कुल राशनकार्ड    2,43,551 </p>
<p><strong>जल्दबाजी अब पड़ रही भारी</strong><br />जानकारों के अनुसार उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन जारी करने को लेकर कई गैस एंजेसियों के कार्मिकों ने जल्दबारी बरती। संबंधित उपभोक्ताओं से आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य जरुरी दस्तावेज पूरे प्राप्त किए बगैर ही आनन-फानन में कनेक्शन जारी कर दिए। उपभोक्ताओं ने भी कनेक्शन लेने को लेकर इस ओर ध्यान नहीं दिया। आधे अधूरे दस्तावेजों पर अब उपभोक्ताओं के आवेदन करने पर जन आधार से लिंक नहीं हो रहा है। ऐसे में निर्धारित तिथि बीतने पर गेहूं आवंटित नहीं होने व योजना में गैस कनेक्शन अनुदान नहीं मिलने को लेकर उनकी रातों की नींद उड़ी हुई है।</p>
<p><strong>केस-1 </strong>गैस सब्सिडी योजना में अनुदान प्राप्त करने को लेकर मैं कई बार राशन दुकान पर जन आधार से लिंक करवाने को लेकर आवेदन कर चुका हूं, लेकिन कई बार प्रयास के बाद भी यह काम नहीं हो रहा है। इससे परेशान हूं। सरकार व विभाग इस समस्या का समाधान करें।<br /><strong>-मुकेश कुमार, लाभार्थी</strong></p>
<p><strong>केस-2</strong> खाद्य सुरक्षा योजना में मैं लाभार्थी हूं। गैस कनेक्शन पर अनुदान प्राप्त करने के लिए जनआधार से लिंक करवाने को लेकर कई बार राशन दुकान पर चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन जन आधार से लिंक नहीं होने से बहुत परेशान हूं। इस संबंध में कहीं से कोई सही जानकारी नहीं मिल रही है।<br /><strong>-जगदीश सेन, लाभार्थी</strong></p>
<p>कुछ केटेगिरी के राशन उपभोक्ताओं को इस तरह दिक्कत आ रही है। इसके लिए डीलरों को एक फारमेट भेज रखा है। इस फारमेट में उपभोक्ता की परेशानी को उल्लेख करने के बाद से जयपुर भेजा रहा है। वहीं से उसकी समस्या का समाधान करवाया जा रहा है। <br /><strong>-कृष्ण कुमार, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Nov 2024 14:19:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सर्वर डाउन, सीडिंग फेल, निराश लौटे लाभार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[फ्री गेहूं और 450 रुपए में सिलेंडर के लिए सीडिंग जरूरी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/server-down--seeding-failed--beneficiaries-returned-disappointed/article-94532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/630400-sizee-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। खाद्य विभाग की ओर से रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना का खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों को लाभ देने के लिए सीडिंग अभियान शुरू कर रसोई गैस सिलेंडर 450 रुपए में उपलब्ध कराने की योजना का विस्तार किया गया है। लाभार्थियों को गैस सिलेण्डर की सब्सिडी जनाधार से जुड़े उनके बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी। इसके लिए लाभार्थी की राशन डीलर को गेहूं वितरण से पहले एलपीजी की 17 अंकों की आईडी की सीडिंग करनी होगी। अभियान के पहले दिन मंगलवार को काफी संख्या में लाभार्थी सीडिंग कराने के लिए राशन दुकानों पर पहुंचे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण अधिकांश की सीडिंग नहीं हो पाई। इस कारण लाभार्थियों को बिना गेहूं लिए बैरंग लौटना पड़ा। इस माह का गेहूं लाभार्थियों को वितरित नहीं किया गया है। सीडिंग होने के बाद ही लाभार्थियों को गेहूं का वितरण किया जाएगा। </p>
<p><strong>लाभार्थियों ने काफी किया इंतजार </strong><br />योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को राशन डीलर के पास आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग करवानी होगी। इसके लिए पांच से तीस नवम्बर तक का समय निर्धारित किया गया है। राशन डीलरों को यह काम गेहूं वितरण के दौरान करना है। मंगलवार को राशन डीलरों के यहां लाभार्थी आईडी मैपिंग करवाने पहुंचे, लेकिन पहले दिन ही सर्वर में तकनीकी समस्या के चलते अधिकांश लाभार्थियों को निराश लौटना पड़ा। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश राशन दुकानों पर आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं का वितरण भी नहीं किया गया। घंटों तक इंतजार के बाद भी सर्वर में तकनीकी खामी के चलते आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग नहीं हो सकी। इसके चक्कर में अधिकांश लाभार्थियों को गेहूं से भी वंचित रहना पड़ा।</p>
<p><strong>राशन डीलरों को दिए यह निर्देश</strong><br />योजना के लाभ के लिए एनएफएसए राशन कार्डधारी परिवारों के सभी सदस्यों के आधार की सीडिंग अनिवार्य की गई है। इसके बाद 17 अंकों वाली एलपीजी आईडी की भी सीडिंग आवश्यक होगी। यदि राशन कार्ड पर कई सदस्यों के पास अलग-अलग गैस कनेक्शन हैं तो प्रत्येक सदस्य के गैस कनेक्शन की एलपीजी आईडी को सीडिंग किया जाएगा। गेहूं प्राप्त करने से पहले आधार सीडिंग, एलपीजी आईडी सीडिंग और ई-केवाईसी को पूरा करना अनिवार्य होगा। योजना के लाभ के लिए सभी उचित मूल्य दुकानदारों को निर्देश दिया गया है कि इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही गेहूं का वितरण किया जाए। साथ ही गैर.एनएफएसए परिवारों की आधार सीडिंग भी की जा सकेगी। गेहूं का वितरण भी 5 नवंबर से ही किया जाएगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong><br />राशन डीलर की दुकान पर मंगलवार को आईडी मैपिंग करवाने गया था, लेकिन पहले दिन ही सर्वर में तकनीकी समस्या के चलते आधार सीडिंग तथा एलपीजी आईडी मैपिंग शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में लाभार्थियों को गेहूं का वितरण भी नहीं किया गया। घंटों तक इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ा।<br /><strong>- कंवललाल बैरवा, लाभार्थी</strong></p>
<p>लाभार्थी की राशन डीलर को गेहूं वितरण से पहले एलपीजी की 17 अंकों की आईडी की सीडिंग करनी होगी। अभियान के पहले दिन मंगलवार को काफी संख्या में लाभार्थी सीडिंग कराने के लिए राशन दुकानों पर पहुंचे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण अधिकांश की सीडिंग नहीं हो पाई। <br /><strong>- रईस खान, राशन डीलर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Nov 2024 14:42:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - अब नहीं करनी पड़ेगी भागदौड़, सरकार ने दी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[ दैनिक नवज्योति ने लाभार्थियों की पीड़ा को उजागर करते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---now-you-will-not-have-to-run-around--the-government-has-given-relief/article-83585"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राशन की दुकानों पर केवाईसी करवाने से वंचित लाभार्थियों को राज्य सरकार ने राहत दे दी है। अब जुलाई माह में भी लाभार्थी राशन की दुकानों पर जाकर अपनी केवाईसी करा सकते हैं। हालांकि सरकार ने केवाईसी कराने की अंतिम तिथि घोषित नहीं की हैं, लेकिन सरकार के इस आदेश से केवाईसी करवाने के लिए जूझ रहे छोटे बच्चों और बुजुर्गो को काफी राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि जिले में काफी संख्या में बच्चों और बुजुर्गो की हाथ की रेखाओं का मिलान राशन की दुकानों पर मौजूद पोस मशीनों में नहीं हो पा रहा था। जिससे उनकी केवाईसी अटक गई थी। अब सरकार ने जुलाई माह में भी केवाईसी करने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p><strong>बच्चे और बुजुर्ग हो रहे थे परेशान </strong><br />राशन डीलरों के अनुसार कोटा जिले में खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल बालकों एवं बुजुर्गो को केवाईसी करवाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। छोटे बालकों की रेखाएं पोस मशीन में आसानी से नहीं आती है, इससे भी केवाईसी नहीं हो पा रही थी। कई बुजुर्गो के भी पोस मशीन में फिंगर नहीं आ रहे हैं, ऐसे में उनको भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजन छोटे बच्चों और बुजुर्गो को लेकर रोजाना राशन की दुकानों पर चक्कर लगा रहे थे, लेकिन वहां पोस मशीन उनका साथ नहीं दे रही थी। जिससे उनकों बैरंग लौटना पड़ रहा था।  </p>
<p><strong>समय था कम, इसलिए कर रहे थे भागदौड़</strong><br />राशनकार्डो के माध्यम से प्रति यूनिट के हिसाब से लाभार्थी को पांच किलो गेहूं मुफ्त मिलता है। पिछले कई सालों से लाभार्थियों की संख्या में कोई कमी नहीं हो रही थी। इस कारण सरकार ने फर्जीवाड़े की आशंका जताते हुए प्रत्येक लाभार्थी की केवाईसी करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए अन्तिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई थी। समय कम होने के कारण लोगों को काफी भागदौड़ करनी पड़ रही थी। निर्धारित तिथि निकलने के बाद भी जिले में काफी संख्या में लाभार्थी केवाईसी से वंचित रह गए थे। अब सरकार ने जुलाई माह में इनकी केवाईसी करने के निर्देश दिए हैं।केवाईसी में प्रदेश में  कोटा जिला अव्वल: सरकार के निर्देश मिलने के बाद कोटा जिले के रसद विभाग के अधिकारी केवाईसी करवाने में जुट गए थे। इसके लिए सभी राशन डीलरों को अधिक से अधिक केवाईसी करने के निर्देश दिए थे। इस सम्बंध में विभागीय अधिकारी इसकी नियमित मॉनिटरिंग कर रहे थे। इसके चलते पूरे प्रदेश में कोटा जिला अव्व्ल स्थान पर है। जिले में अब तक 85 प्रतिशत लाभार्थियों की केवाईसी हो चुकी है।  वहीं सबसे निचले पायदान पर बाड़मेर जिला हैं। यहां पर केवल 60 फीसदी लाभार्थियों  की ही केवाईसी हो पाई है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने लाभार्थियों की पीड़ा की थी उजागर</strong><br />जिले में छोटे बच्चों और बुजुर्गो की हाथ की रेखाओं का मिलना पोस मशीन पर नहीं हो पा रहा था। जिससे इनके हिस्से के मुफ्त के पांच किलो गेहूं पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। इन लाभार्थियों को आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए भेजा रहा था। जिससे काफी भागदौड़ करनी पड़ रही थी। इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 26 जून के अंक में लाभार्थियों की पीड़ा को उजागर करते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। अब सरकार की केवाईसी की तिथि बढ़ाने से केवाईसी वंचित लाभार्थियों को काफी राहत मिली है।</p>
<p>पांच साल के बेटे की राशन डीलर की दुकान पर पोस मशीन से केवाईसी नहीं हो पा रही थी। कई बार प्रयास करने के बाद भी मशीन में हाथ की रेखाओं का मिलान नहीं हो पाया। वहां से आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए भेज दिया जाता था। आधार सेंटरों पर भीड़ के कारण नम्बर नहीं हा रहा था। अब केवाईसी की तिथि बढ़ने से काफी राहत मिली है।<br /><strong>- रोशनी बाई, लाभार्थी</strong></p>
<p>राशनकार्ड के प्रत्येक लाभार्थी की केवाईसी होना जरूरी है। इसके बिना गेहूं नहीं मिलेगा। जिले में अब 85 प्रतिशत लाभार्थियों की केवाईसी हो चुकी है। पहले इसकी अंतिम तिथि 30 जून थी। लाभार्थियों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने जुलाई माह में भी केवाईसी करने के निर्देश दिए हैं। राशन की दुकानों पर यह कार्य जारी है।<br /><strong>- पुष्पा हरवानी, जिला रसद अधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 15:05:01 +0530</pubDate>
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                <title>हड़ताल से बेहाल, अटका गरीबों का निवाला</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार और राशन डीलरों के बीच सहमति बनने और हड़ताल समाप्त होने के बाद भी शहर की अधिकांश राशन की दुकानें बंद रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/troubled-by-the-strike--the-morsel-of-the-poor-stuck/article-51681"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/hartal-s-behal,-atka-greeb-ka-nivala...kota-news-13-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>केस 1 -</strong> 65 वर्षीया तारा खातून छावनी में रहती हैं। उनके दोनों बेटे प्रवासी मजदूर हैं और दोनों की शादी हो चुकी है। लेकिन उनकी दोनों बहुएं उनसे अलग हो चुकी हैं और उनका चूल्हा अलग-अलग जलता है। वर्षों पहले पति की भी मौत हो चुकी है। अब उनके जीवन यापन का एकमात्र सहारा आस-पड़ोस की छोटी मोटी मजदूरी और हर महीने मिलने वाला सरकारी अनाज है। राशन डीलरों की हड़ताल के कारण सरकारी अनाज भी नहीं मिल पा रहा है। </p>
<p><strong>केस 2 -</strong> कंसुआ निवासी पार्वती देवी की भी कहानी कुछ ऐसी ही है। वह भी अपने वार्ड के राशन डीलर की दुकान पर कई चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन डीलरों के हड़ताल पर जाने से उन्हें भी अनाज नहीं मिल पाया है। पार्वती का कहना है कि पिछले बीस दिन से राशन डीलरों की हड़ताल से पेट भरना भी मुश्किल हो रहा है। सरकारी अनाज ही उसके जीवन का सहारा है। अब तो वह सहारा भी छीन गया है।</p>
<p>शहर में इस तरह के हजारों गरीब राशन डीलरों की हड़ताल के चलते कुछ इस तरह की पीड़ा भुगत रहे हैं। कमीशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर शहर के राशन डीलर कई दिनों से हड़ताल पर हैं। ऐसे में गरीब सरकारी निवाले के लिए राशन की दुकानों पर चक्कर लगा रहा है। कई गरीबों का पेट तो सरकारी गेहूं से ही भरता हैं। इस कारण उनके सामने ज्यादा परेशानी आ रही है। हालांकि बुधवार को सरकार और राशन डीलरों के बीच सहमित बनने के बाद हड़ताल समाप्त हो गई, लेकिन इसके बावजूद शहर की अधिकांश राशन की दुकानें बंद रहने से जरूरतमंद भटकते रहे। प्रदेश में योजना के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली माध्यम से 5 किलोग्राम अनुदानित खाद्यान्न के अलावा प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत 5 किलोग्राम अतिरिक्त अनाज  मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता था। केन्द्र सरकार की ओर से इस योजना की शुरुआत तीन माह (अप्रैल, मई और जून 2020) की अवधि के लिए की गई थी। बाद में इसे सितंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया था। कोरोना का असर समाप्त होने के बाद केन्द्र सरकार ने अपनी योजना का पांच किलो गेहूं बंद कर दिया था। वर्तमान में प्रत्येक राशन उपभोक्ता को पांच किलो गेहूं मुफ्त मिल रहा है। वह भी नहीं मिलने से उपभोक्ता परेशान हैं। </p>
<p><strong>अधिकांश दुकानें रही बंद</strong><br />सरकार और राशन डीलरों के बीच सहमति बनने और हड़ताल समाप्त होने के बाद भी शहर की अधिकांश राशन की दुकानें बंद रही। ऐसे में उपभोक्ता भटकते रहे। राशन की दुकानों के बाहर कई लोग पहुंच गए थे, लेकिन उनकों दुकानों पर ताला लगा मिला। इस कारण उपभोक्ता वापस निराश लौट रहे थे। इधर भाजपा नेता मोहम्मद यासीन ने बताया कि हड़ताल समाप्त होने के बाद भी राशन की दुकानें नहीं खुली तो जिला कलक्टर को शिकायत की गई। इसके बाद भोई मोहल्ले की दुकान खुलवाकर गेहूं बंटवाया गया।</p>
<p>राशन डीलरों के खातों में कमीशन डालना शुरू कर दिया है और उन्होंने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। गुरुवार को राशन की सभी दुकानों से गेहूं का वितरण शुरू हो जाएगा।<br /><strong>- अदिति, प्रवर्तन निरीक्षक रसद विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 15:22:29 +0530</pubDate>
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