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                <title>renovation work - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>अमृत भारत योजना से बदली सूरतगढ़ स्टेशन की तस्वीर, व्यापार और आवागमन को मिला नया बल</title>
                                    <description><![CDATA[अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन का 20.25 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास। स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाएं, डिजिटल सूचना प्रणाली, नई पार्किंग, प्रतीक्षालय और 50 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/picture-of-suratgarh-station-changed-due-to-amrit-bharat-yojana/article-155510"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)133.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास ने क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और यात्री सुविधाओं को नई दिशा दी है। लगभग 20.25 करोड़ रुपये की लागत से प्रथम चरण के कार्य पूर्ण होने के बाद स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो गया है, जिससे स्थानीय व्यापारियों, सुपर थर्मल पावर स्टेशन तथा वायुसेना स्टेशन के कर्मियों का आवागमन अधिक सुगम हो गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि स्टेशन भवन का सौंदर्यीकरण, अलग प्रवेश-निकास मार्ग, नई पार्किंग व्यवस्था, बाउंड्री वॉल, आधुनिक प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम और नए टॉयलेट ब्लॉक तैयार किए गए हैं। स्टेशन परिसर में एलईडी लाइटिंग, आकर्षक आर्टवर्क और स्थानीय संस्कृति को दर्शाती भित्तिचित्रों ने इसकी पहचान को नया स्वरूप दिया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए कोच गाइडेंस डिस्प्ले, मल्टीलाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़ी एलईडी स्क्रीन और जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ियां भी स्थापित की गई हैं। वहीं, 50 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र हरित ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है। स्टेशन पर जल्द ही लगभग 9.96 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़ा पैदल पुल भी बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस पुनर्विकास से पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 18:09:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमृत भारत योजना के तहत संवर रहा खैरथल रेलवे स्टेशन, आधुनिक सुविधाओं से बदली तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[खैरथल रेलवे स्टेशन का अमृत भारत योजना के तहत पुनर्विकास लगभग पूरा हो गया है। 12.79 करोड़ रुपए के निवेश से स्टेशन आधुनिक, सुव्यवस्थित और यात्री-अनुकूल बना। नए पोर्च, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, ऊपरी पैदल पुल, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्रतीक्षा कक्ष, शौचालय और दिव्यांग सुविधाओं से स्टेशन अब आधुनिक मॉडल स्टेशन के रूप में तैयार है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/khairthal-railway-station-is-being-renovated-under-amrit-bharat-yojana/article-137045"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में स्थित खैरथल रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास कार्य लगभग पूरा हो चुका है। करीब 12.79 करोड़ रुपए की लागत से किए गए इस विकास कार्य ने स्टेशन को आधुनिक, सुव्यवस्थित और पूरी तरह यात्री-अनुकूल बना दिया है। स्थानीय कला और आधुनिक डिजाइन का अनूठा संगम अब स्टेशन की नई पहचान बन गया है।</p>
<p>अलवर जिले का प्रमुख व्यापारिक केंद्र खैरथल, बड़ी अनाज और सब्जी मंडी के लिए जाना जाता है। यह स्टेशन किशनगढ़ बास, तिजारा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी पॉइंट है। पुनर्विकास के तहत स्टेशन भवन का पूर्ण नवीनीकरण किया गया है और नए पोर्च का निर्माण हुआ है। सर्कुलेटिंग एरिया में सुविधा क्षेत्र को 1200 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 3600 वर्ग मीटर किया गया है, साथ ही अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं।</p>
<p>दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पृथक पार्किंग की व्यवस्था की गई है। 4.19 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़ा ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) बनाया गया है, जिसमें रैंप और कवरिंग शेड शामिल हैं। प्लेटफॉर्म शेल्टरों का विस्तार, सतह का नवीनीकरण और स्टेशन भवन के अंदर 300 वर्ग मीटर में कलात्मक चित्र यात्रियों को आकर्षित कर रहे हैं।</p>
<p>इसके अलावा नए प्रतीक्षा कक्ष, आधुनिक शौचालय और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं जैसे हेल्प बूथ, रैंप, विशेष टिकट विंडो और साइनेंज की व्यवस्था की गई है, जिससे खैरथल स्टेशन अब सुविधाओं के मामले में एक आधुनिक मॉडल स्टेशन बनकर उभरा  है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:44:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साउथ ब्लॉक की शेन वार्न गैलरी को मिलेगा नया रूप : निर्माण कार्य की गति धीमी, राजीव खन्ना का दावा 13 अप्रैल से पहले कर लेंगे कम्पलीट</title>
                                    <description><![CDATA[इस बार आईपीएल मैचों के दौरान एसएमएस स्टेडियम के साउथ में बने वीआईपी स्टेंड बदले- बदले नजर आएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/shane-warne-gallery-of-south-block-will-get-a-new/article-109392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। इस बार आईपीएल मैचों के दौरान एसएमएस स्टेडियम के साउथ में बने वीआईपी स्टेंड बदले- बदले नजर आएंगे। प्रेसिडेंट बॉक्स की जगह राजस्थान रॉयल्स ने इनका नाम अपने पहले चैंपियन कप्तान के नाम पर शेन वार्न गैलरी रखा है। राजस्थान रॉयल्स ने अपने पहले आईपीएल खिताब (2008) की याद में वीआईपी स्टैंड को यह नया नाम दिया है। शेन वार्न की कप्तानी में ही टीम ने पहला आईपीएल खिताब जीता था, जिससे उनके सम्मान में यह कदम उठाया गया है।</p>
<p><strong>24 घंटे चल रहा है निर्माण कार्य :</strong></p>
<p>जयपुर में आईपीएल मैच होने में मात्र 10 दिन शेष हैं लेकिन अभी तक वीआईपी स्टेंड्स पर काम चल रहा है। इसे छह अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अपनी पूरी टीम के साथ 24 घंटे चल रहे कार्य की निगरानी में जुटे राजस्थान रॉयल्स के उपाध्यक्ष राजीव खन्ना ने दावा किया कि कार्य तय समय पर पूरा हो जाएगा। राजीव ने माना कि शुरूआत में काम कुछ धीमा चल रहा था, लेकिन अब इसकी गति तेज कर दी गई है। 13 अप्रैल को होने वाले पहले मैच से पूर्व सबकुछ कम्पलीट होगा। </p>
<p><strong>बीसीसीआई टीम ने लिया जायजा :</strong></p>
<p>इस बीच बीसीसीआई की वैन्यू टीम मंगलवार को जयपुर पहुंची और सवाई मानसिंह स्टेडियम में तैयारियों का निरीक्षण किया। एक अधिकारी ने कहा कि लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और वीआईपी स्टैंड का कार्य भी समय पर पूरा होने की उम्मीद है। इस दौरान राजस्थान खेल परिषद के अध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार पवन ने भी स्टेडियम का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया और व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।</p>
<p><strong>रिनोवेशन के बाद बढ़ जाएंगी करीब 400 वीआईपी सीटें :</strong></p>
<p>साउथ ब्लॉक के रिनोवेशन के बाद करीब 300 से 400 वीआईपी सीटें बढ़ जाएंगी। राजीव ने बताया कि इस पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्च आएगा। पूर्व में तीन करोड़ रुपए खर्च का अनुमान था लेकिन एमएनआईटी की टीम ने सुरक्षा मानकों को देखते हुए इसे पुन: डिजाइन किया है, इस वजह से समय भी ज्यादा लग रहा है और लागत भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि प्लेयर्स के ड्रेसिंग रूम को भी नये सिरे से तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा पूरे सवाई मानसिंह स्टेडियम को इस बार गुलाबी थीम पर तैयार किया जा रहा है। मैच के दौरान सभी स्टेंड्स गुलाबी-गुलाबी नजर आएंगे। </p>
<p><strong>वॉलंटियर बनने उमड़े युवा :</strong></p>
<p>आईपीएल मैचों में वॉलंटियर बनने के लिए युवाओं में भारी उत्साह है। विराट कोहली और अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को नजदीक से देखने के लिए बड़ी संख्या में युवा वॉलंटियर बनने को तैयार हैं। मंगलवार को वॉलंटियर्स के लिए इंटरव्यू किए गए, जिसमें 500 छात्रों को बुलाया गया। अगले दो दिनों में और युवाओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 11:35:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘चिड़ी’ का इंतजार कर रही 190 करोड़ की फाइल</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त विभाग से संशोधित प्रस्ताव को नहीं मिली मंजूरी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-file-of-rs-190-crore-is-waiting-for--chidi/article-95392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/2574rtrer-(1).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चंबल नदी पर बने बांध उम्रदराज होते जा रहे हैं। ऐसे में इन बांधों को मरम्मत की दरकार है। नदी पर 60 के दशक में कोटा बैराज, जवाहर सागर और राणाप्रताप सागर बांध का निर्माण किया गया था। अब इनकी उम्र लगातार बढ़ती जा रही है। कोटा बैराज तो बुधवार को अपना 64वां जन्मदिन मनाएगा। इतनी उम्र होने के बाद भी बांध की सेहत पूरी तरह से सुधर नहीं पाई है। बांधों की मरम्मत के लिए 190 करोड़ का बजट जारी हो चुका है और इसके अनुमोदन की फाइल वर्तमान में जयपुर में वित्त विभाग के पास भेज रखी है। वहां से अभी तक फाइल को हरी झंडी नहीं मिलने से बांधों की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। </p>
<p><strong>लागत बढ़ने पर भेजा था संशोधित प्रस्ताव</strong><br />जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चंबल के तीनों बांध कोटा बैराज, जवाहर सागर और राणाप्रताप सागर बांध के लिए जीर्णोद्धार के लिए 183 करोड़ का प्रोजेक्ट विश्व बैंक ने मंजूर किया था। इसके बाद 12 सितम्बर 2023 को तकनीकी स्वीकृति जारी कर तीनों बांधों के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थी, लेकिन किसी भी कंपनी और ठेकेदार ने निविदा नहीं भरी। दूसरी बार 10 अक्टूबर 2023 और तीसरी बार 20 जनवरी 2024 को निविदा आमंत्रित की गई, लेकिल लागत बढ़ने से कोई कम्पनी नहीं आई। इसके बाद विभाग की ओर 190 करोड़ का संशोधित प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे वर्ल्ड मंजूर कर दिया और इसे राज्य सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेजा है, लेकिन वहां से अभी तक अनुमोदन नहीं हुआ है। </p>
<p><strong>ऐसे तो कम हो जाएगी बांधों की लाइफ</strong><br />चम्बल नदी पर तीनों ही बांध 1960 के दशक बने हुए हैं। बांध की मशीनों और हाइड्रों उपकरणों की उम्र 40 साल होती है। जबकि बांध के सिविल वर्क की उम्र 100 साल मानाी जाती है। अब लगभग 64 वर्ष गुजरने वाले हैं। ऐसे में यदि इनका समय पर जीर्णोद्धार नहीं हुआ तो बांध की लाइफ और कम हो जाएगी। स्थिति यह है कि राणाप्रताप सागर बांध के स्लूज गेट 37 सालों से नहीं खुले हैं। गेटों से रिसाव हो रहा है। जवाहर सागर बांध का एक गेट अटका हुआ है। कोटा बैराज के गेटों की स्थिति भी ठीक नहीं है। इसके बाद जीर्णोद्धार का कार्य बार-बार टल रहा है।</p>
<p><strong>रोबोटिक जांच में बताई थी मररम्मत की जरूरत </strong><br />केन्द्रीय जल आयोग व जल संसाधन विभाग ने तीनों बांधों के सिविल स्ट्रक्चर की रोबोटिक जांच करवाई थी। रोबोट के जरिए पानी के अंदर सिविल स्ट्रक्टर की पूरी वीडियोग्राफी व अंडर वाटर सर्वे कप्यूराइड जांच करवाई गई थी। इसकी पूरी रिपोर्ट सॉप्टवेयर के जरिए तैयार की गई थी, जिसमें स्ट्रक्चर के क्रेक व नुकसान के बारे में भी बताया गया था। जल आयोग के एक्सपर्ट की टीम ने बांधों की सुरक्षा को लेकर अध्ययन किया था, जिसमें बांधों की मरम्मत अत्यंत जरूरी बताई थी। इसके बाद विभाग की ओर से बांधों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए थे। </p>
<p><strong>स्काडा सिस्टम से जुड़ेंगे बैराज के गेट</strong><br />कोटा बैराज के 1980 से बंद पड़े स्लूज गेट बदले जाएंगे। इसके अलावा बैराज के सभी 19 गेटों की हालत ठीक है, लेकिन लीकेज हो रहा है। इन गेटों की पूरी मेट्रोलॉजी बदली जाएगी। इन गेटों पर मेटल चढ़ाया जाएगा, रबर सील बदली जाएगी, जिससे यह मजबूत हो जाएंगे। डेम की गैंट्री क्रेन को बदला जाएगा। कच्चे एरिया में मिट्टी की पिचिंग, पुलिया व रैलिंग की मरमत होगी। डाउन स्ट्रीम रोक स्टेबलाइजेशन, स्लीप वे ब्रिज, कन्ट्रोल रूम व चबल रेस्ट हाउस की मरमत व सुदृढ़ीकरण का कार्य होगा। वहीं चंबल के अन्य बांध राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बांध के भी नए गेट लगाए जाएंगे।</p>
<p>चंबल के बांधों की मरम्मत के लिए 190 करोड़ का बजट जारी हो चुका है और इसके अनुमोदन की फाइल वर्तमान में जयपुर में वित्त विभाग के पास भेज रखी है। वहां से अनुमोदन होने के बाद टैंडर प्रक्रिया होगी। इसके बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।<br /><strong>- संजय कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, जलसंसाधन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Nov 2024 16:14:31 +0530</pubDate>
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