<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/us-congress/tag-37436" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>us congress - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/37436/rss</link>
                <description>us congress RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कम पड़ गए 800 अरब! ईरान युद्ध में लागत बढ़ने से पेंटागन ने की 200 अरब डॉलर की मांग, अमेरिकी संसद में छिड़ा सियासी घमासान </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पेंटागन ने व्हाइट हाउस से ईरान युद्ध के समर्थन के लिए $200 अरब की अतिरिक्त धनराशि मांगी है। इस भारी बजट का उद्देश्य पिछले तीन हफ्तों में खर्च हुए हथियारों के भंडार को फिर से भरना है। हालांकि, अमेरिका में बढ़ते सैन्य खर्च और राजनीतिक विरोध के बीच इस प्रस्ताव पर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/800-billion-fell-short-due-to-increase-in-cost-of/article-147123"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pentagan.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने व्हाइट हाउस से ईरान युद्ध का समर्थन करने के लिए 200 अरब डॉलर से अधिक धनराशि के अनुरोध को मंजूरी देने के लिए कहा है। यह जानकारी स्पूतनिक ने वाङ्क्षशगटन पोस्ट के हवाले से गुरुवार को दी। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यह अनुरोध मौजूदा खर्च से कहीं अधिक होगा और एक ऐसी राशि है जिसका कांग्रेस में कड़ा विरोध हो सकता है।इसका उद्देश्य उन हथियारों के भंडार को फिर से भरना है जो पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा किए गए हजारों हमलों के कारण तेजी से कम हो गए हैं।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध की लागत पहले सप्ताह में ही 11 अरब डॉलर से अधिक हो गई थी और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सीमित जनसमर्थन के बीच अतिरिक्त धन की उपलब्धता एक बड़े राजनीतिक संघर्ष को जन्म दे सकती है। यह प्रस्ताव विदेशों में सैन्य खर्च पर अंकुश लगाने के पहले किए गए वादों के बावजूद आया है जिससे वॉशिंगटन के बढ़ते अभियान के स्तर एवं स्थिरता पर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/800-billion-fell-short-due-to-increase-in-cost-of/article-147123</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/800-billion-fell-short-due-to-increase-in-cost-of/article-147123</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 09:18:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/pentagan.png"                         length="824642"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका: हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में राष्ट्रपति ट्रंप का वार पावर्स रेजोल्यूशन प्रस्ताव गिरा, एक दिन पहले सीनेट में खारिज हो चुका है प्रस्ताव</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला 'वार पावर्स रेजोल्यूशन' गिर गया है। सीनेट के बाद निचले सदन में भी प्रस्ताव खारिज होने से ट्रम्प को ईरान के खिलाफ कार्रवाई हेतु बड़ी राहत मिली है। डेमोक्रेट्स ने इसे 'अंतहीन युद्ध' की ओर कदम बताया, जबकि रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति के विशेषाधिकार का बचाव किया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/president-trumps-war-powers-resolution-proposal-failed-in-the-us/article-145456"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/donald_trump_630x400.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान पर हमलों को रोकने संबंधी शक्तियां को सीमित करने वाला लाया गया वार पावर्स रेजोल्यूशन प्रस्ताव गिर गया। एक दिन पहले यह प्रस्ताव सीनेट में भी खारिज हो चुका है। निचले सदन में गुरुवार को इस प्रस्ताव के खिलाफ 219 मत पड़े जबकि पक्ष में 212 मत। इस प्रस्ताव का उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रम्प को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान पर भविष्य में कोई भी सैन्य हमला करने से रोकना था।</p>
<p>इससे पहले बुधवार को रिपब्लिक पार्टी के बहुमत वाले ऊपरी सदन (सीनेट) ने भी 53-47 के अंतर से इस प्रस्ताव को रोक दिया था। कांग्रेस में हुए इन हालिया मतदानों से स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर डेमोक्रेट पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के बीच गहरा मतभेद है। जहां डेमोक्रेट सांसद ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों की कड़ी आलोचना कर रहे हैं, वहीं रिपब्लिक पार्टी के सांसद लगातार राष्ट्रपति का बचाव कर रहे हैं।</p>
<p>सदन में शीर्ष डेमोक्रेट नेता हकीम जेफरीज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, हम किसी महत्वाकांक्षी राजा को मध्य पूर्व में अंतहीन युद्ध की ओर खींचने की अनुमति नहीं दे सकते। रिपब्लिकन बमों के लिए तो अरबों खर्च कर सकते हैं, लेकिन आम जनता के राशन के बिल या स्वास्थ्य देखभाल की लागत कम करने के लिए उनके पास कुछ नहीं है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/president-trumps-war-powers-resolution-proposal-failed-in-the-us/article-145456</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/president-trumps-war-powers-resolution-proposal-failed-in-the-us/article-145456</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 14:00:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-09/donald_trump_630x400.jpg"                         length="107971"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर क्यों जेफरी एपस्टीन की सहयोगी मैक्सवेल ने संसद की समिति के सवालों का जवाब देने से किया इनकार? जानें पूरा मामला</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल ने अमेरिकी हाउस कमेटी के सवालों पर पांचवें संशोधन का हवाला देकर जवाब देने से इनकार किया, पीड़ितों ने न्याय की मांग दोहराई।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/why-did-jeffrey-epsteins-associate-maxwell-refuse-to-answer-the/article-142652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल ने सोमवार को हाउस कमेटी ऑन ओवरसाइट एंड अकाउंटेबिलिटी के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, मैक्सवेल टेक्सास की जेल में बंद है, जहाँ वह यौन तस्करी के लिए 20 साल की सजा काट रही है। जेल के ही बंद कमरे से वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समिति के सामने पेश हुई थी।</p>
<p>समिति के अध्यक्ष जेम्स कोमर ने कहा कि जैसा कि उम्मीद थी, मैक्सवेल ने पांचवें संशोधन(कानून) का सहारा लेते हुए चुप रहने के अपने अधिकार का उपयोग किया। जेम्स कोमर ने कहा, यह स्पष्ट रूप से बहुत निराशाजनक है। हमारे पास उन अपराधों के बारे में पूछने के लिए कई सवाल थे जो उसने और एपस्टीन ने किए थे, साथ ही संभावित सह-साजिशकर्ताओं के बारे में भी सवाल थे। उन्होंने कहा कि जीवित बचे लोगों के लिए न्याय ही इस जांच का मकसद है।</p>
<p>अमेरिकी संविधान का पांचवां संशोधन अमेरिकियों को सवालों का जवाब देने से इनकार करके खुद के खिलाफ सबूत देने से बचने का अधिकार देता है। सुनवाई के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि मेलानी स्टैंसबरी ने पत्रकारों को बताया कि मैक्सवेल ने इस अवसर का उपयोग क्षमादान के लिये अभियान चलाने के तौर पर किया। </p>
<p>जेम्स कोमर ने कहा कि एपस्टीन के पीड़ितो से बात करने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मैक्सवेल एक बहुत ही बुरी महिला है जो किसी भी प्रकार की छूट की हकदार नहीं है। इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में मैक्सवेल के वकील डेविड ऑस्कर मार्कस ने कहा था कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा क्षमादान दिया जाता है तो मैक्सवेल पूरी तरह और ईमानदारी से बोलने के लिए तैयार है। उन्होंने पोस्ट किया, केवल वही पूरा विवरण दे सकती है। कुछ लोगों को शायद वह पसंद न आए जो वे सुनेंगे, लेकिन सच्चाई मायने रखती है।</p>
<p>मैक्सवेल की पेशी से पहले हाउस ओवरसाइट कमेटी को भेजे गए एक पत्र में एपस्टीन पीड़तिों के एक समूह ने सांसदों से मैक्सवेल द्वारा दी गई किसी भी जानकारी पर संदेह करने का आग्रह किया। उन्होंने एपस्टीन के तस्करी अभियान में शामिल कई शक्तिशाली लोगों की पहचान करने से इनकार करने और कानून प्रवर्तन के साथ सार्थक सहयोग न करने के लिए उसकी आलोचना की। व्हाइट हाउस ने पहले कहा था कि मैक्सवेल के संबंध में किसी भी उदारता पर चर्चा नहीं की जा रही है।</p>
<p>मैक्सवेल को 2021 में अपने पूर्व प्रेमी एपस्टीन के लिये नाबालिग लड़कियों को शोषण के लिए फंसाने में उसकी भूमिका के लिए दोषी ठहराया गया था। एपस्टीन की 2019 में जेल में मृत्यु हो गई थी। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/why-did-jeffrey-epsteins-associate-maxwell-refuse-to-answer-the/article-142652</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/why-did-jeffrey-epsteins-associate-maxwell-refuse-to-answer-the/article-142652</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:36:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%288%298.png"                         length="734784"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असांजे के खिलाफ प्रत्यर्पण अनुरोध वापस लें , अमेरिकी कांग्रेस की बाइडेन से अपील</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता अधिवक्ताओं और कांग्रेस के सदस्यों सहित अन्य लोगों द्वारा बार-बार गहरी चिंता व्यक्त की गयी ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-congress-appeals-to-biden-to-withdraw-extradition-request-against/article-61818"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/anas-mosque(18).png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस के 16 डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन सदस्यों ने राष्ट्रपति जो बाइडन से ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार एवं विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ अमेरिका के प्रत्यर्पण अनुरोध को वापस लेने का आह्वान किया है। </p>
<p>अमेरिकी कांग्रेस ने अपने बयान में कहा , जैसा कि कांग्रेस के सदस्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता के सिद्धांतों के प्रति गहराई से प्रतिबद्ध हैं, हमारा आपसे ऑस्ट्रेलियाई प्रकाशक जूलियन असांजे के खिलाफ वर्तमान में लंबित अमेरिकी प्रत्यर्पण अनुरोध को वापस लेने और उनके खिलाफ सभी अभियोजन कार्यवाही को जल्द से जल्द रोकने के लिए ढ़ता से प्रोत्साहित करने का आग्रह है।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि इस मामले के बारे में है। सदस्यों ने कहा , अमेरिका को अनावश्यक अभियोजन नहीं चलाना चाहिए जो सामान्य पत्रकारिता प्रथाओं को अपराधी बनाने और इस प्रकार प्रेस के काम को ठंडा करने का जोखिम उठाता है। हम आपसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि इस मामले को यथासंभव समय पर समाप्त किया जाये।</p>
<p>गौरतलब है कि असांजे को अप्रैल-2019 से लंदन की उच्च सुरक्षा वाली बेलमार्श जेल में रखा गया है, जबकि उन पर जासूसी अधिनियम के तहत अमेरिका में मुकदमा चलाया जा रहा है। दोषी पाये जाने पर उन्हें 175 साल की जेल हो सकती है। असांजे ने 2006 में विकीलीक्स की स्थापना की थी, लेकिन 2010 में यह प्रमुखता से उभरी जब इसने अमेरिका सहित अन्य देशों के वर्गीकृत सरकारी सूचनाओं के बड़े पैमाने पर लीक को प्रकाशित करना शुरू किया। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/us-congress-appeals-to-biden-to-withdraw-extradition-request-against/article-61818</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/us-congress-appeals-to-biden-to-withdraw-extradition-request-against/article-61818</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Nov 2023 16:53:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-11/anas-mosque%2818%29.png"                         length="422885"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी कांग्रेस की अवमानना के दोषी ठहराये जा सकते हैं जुकरबर्ग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ मेटा (फेसबुक) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को कथित ऑनलाइन सेंसरशिप मामले में अमेरिकी कांग्रेस की अवमानना का दोषी ठहराया जा सकता है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/zuckerberg-can-be-convicted-of-contempt-of-us-congress/article-52148"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/black-futuristic-roadmap-your-story-(7).png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। मेटा (फेसबुक) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को कथित ऑनलाइन सेंसरशिप मामले में अमेरिकी कांग्रेस की अवमानना का दोषी ठहराया जा सकता है। फॉक्स न्यूज ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी।</p>
<p>ब्रॉडकास्टर ने बताया कि यूएस हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के अध्यक्ष जिम जॉर्डनअगले हफ्ते की शुरुआत में जुकरबर्ग को कांग्रेस की अवमानना के लिए न्याय के कटघरे में लाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक मेटा ने कंपनी के सेंसरशिप दिशानिर्देशों के संबंध में कोई आंतरिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में रिपब्लिकन द्वारा प्रतिनिधि सभा पर नियंत्रण करने के बाद, जॉर्डन के नेतृत्व वाली समिति ने इंटरनेट सेंसरशिप मुद्दों पर गवाही देने के लिए मेटा को अनुरोध भेजा। दूसरी तरफ मेटा के प्रवक्ता ने ब्रॉडकास्टर को बताया कि कंपनी ने 50 हजार से अधिक पेज साझा किये हैं। </p>
<p>सूत्रों का हालांकि ये भी कहना है कि इन 50 हजार पेजों में से किसी में भी आंतरिक संचार शामिल नहीं है जिसका अनुरोध न्यायपालिका समिति कर रही है। इससे पहले जॉर्डन ने जुकरबर्ग को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने मेटा के नये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म थ्रेड्स से संबंधित जानकारी प्रदान करने का अनुरोध किया।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/zuckerberg-can-be-convicted-of-contempt-of-us-congress/article-52148</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/zuckerberg-can-be-convicted-of-contempt-of-us-congress/article-52148</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Jul 2023 19:28:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-07/black-futuristic-roadmap-your-story-%287%29.png"                         length="387154"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        