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                <title>parliament monsoon session - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कांग्रेस ने लिया केंद्र को आड़ेहाथों: FCRA के मौजूदा विधेयक को स्वीकार करने से इंकार, चर्चा से बच रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) विधेयक को दमनकारी बताते हुए विपक्ष ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार गैर-सरकारी संगठनों को निशाना बना रही है। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि विधेयक को इस रूप में पारित नहीं होने दिया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-takes-center-to-task-for-refusing-to-accept-the/article-162060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) विधेयक के मौजूदा स्वरूप को दमनकारी बताते हुए उसका कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि पार्टी और पूरा विपक्ष इसे वर्तमान स्वरूप में स्वीकार नहीं करेगा और सब मिलकर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने बुधवार को संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष एफसीआरए विधेयक को मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आरएसएस से जुड़े संगठनों के लिए अलग व्यवस्था और अन्य गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के लिए अलग नियम रखने की सोच स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना था कि पार्टी इस 'दमनकारी' विधेयक को पारित नहीं होने देगी।</p>
<p>वेणुगोपाल ने कहा "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एफसीआरए विधेयक को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी और पूरे विपक्ष का रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि एफसीआरए विधेयक को उसके मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आरएसएस सब कुछ कर सकता है, जबकि अन्य गैर-सरकारी संगठनों के लिए अलग नियम हों, ऐसी सोच स्वीकार्य नहीं है। हम इस दमनकारी विधेयक का पुरजोर विरोध करेंगे और इसे किसी भी कीमत पर पारित नहीं होने देंगे।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले से ही राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर चर्चा की मांग कर रही है क्योंकि पूरा देश इस मुद्दे को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को छात्रों पर कथित अत्याचार और गोलीबारी के मुद्दे पर सदन में आकर बयान देना चाहिए। संसद बहस और चर्चा का मंच है, लेकिन सरकार चर्चा से बचते हुए विधेयकों को जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है।</p>
<p>इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया है कि सरकार जनता और विपक्ष की आवाज नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों पर कथित हमले, ई-20 मुद्दे, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने तथा राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे जनहित के मुद्दे संसद में उठा रहा है, लेकिन सरकार चर्चा कराने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर अपना वक्तव्य दें। उन्होंने कहा कि चर्चा से ही समाधान निकलेगा और सदन में उपस्थित न होकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद का अपमान कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 14:43:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>खड़गे का केंद्र पर हमला: राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर लगे आरोपों पर सरकार दे जवाब, ये श्रद्धालुओं की आस्था का है मामला </title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर वित्तीय अनियमितताओं और दान में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देते हुए ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharges-attack-on-the-center-the-government-should-answer-on/article-161977"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)16.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय और प्रशासनिक मामलों पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में बहुमूल्य भेंटों, नकद दान, जमीन खरीद और प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिन पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। खरगे ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था, जिसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री ने संसद में की थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक भूमि सौंपी है और प्रधानमंत्री भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक हर महत्वपूर्ण अवसर पर मौजूद रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे में केंद्र सरकार कथित चढ़ावा चोरी समेत ट्रस्ट से जुड़े अन्य गंभीर आरोपों पर जवाबदेही से बच नहीं सकते। खरगे ने सवाल उठाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रभु राम के नाम पर यदि किसी भी प्रकार की लूट या अनियमितता हुई है तो उसके जिम्मेदार लोगों को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को गुमराह करने का प्रयास बंद होना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 19:01:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार: पेपर लीक मामले में विपक्ष अपना रहा दोहरा मापदंड, पात्रा ने लगाया मानसून सत्र को बाधित करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन पर प्रियांक खरगे की विवादित टिप्पणी और झारखंड में छात्रों के मुद्दों पर राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खरगे की चुप्पी कांग्रेस के दोहरे मापदंड को उजागर करती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjp-hits-back-at-congress-opposition-adopting-double-standards-in/article-161932"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/sambit-patra.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर पेपर लीक मामले को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है और इस मुद्दे पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर जवाब मांगा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि खरगे जी राज्यसभा में खड़े होकर घंटों भाषण देते हैं। अच्छी बात है, कम से कम चर्चा तो हुई, लेकिन जब उसी विषय पर उनके सुपुत्र कर्नाटक में ऐसा बयान देते हैं जो असंवेदनशील है, अमानवीय है, उस पर राहुल गांधी और खरगे चुप हैं। उन्होंने कहा, “हमने टीवी पर देखा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे जी ने कर्नाटक में हुए पेपर लीक पर, पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को लेकर बड़े अहंकार से कहा कि ठीक है, पहले छात्रों को 25 दिन की भूख हड़ताल करने दो, फिर हम लाठीचार्ज करेंगे, फिर अपने इस्तीफे के बारे में चिंता करेंगे।”</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “इस मुद्दे पर राहुल गांधी चुप हैं और मैं दावे के साथ कहना चाहूंगा कि आज भी वे सदन चलने नहीं देंगे। यह कांग्रेस का दोहरा मापदंड है। “उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगी दल मानसून सत्र को बाधित कर रहे हैं। एक सत्र में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। हालांकि, सत्र शुरू होने के बाद से, प्रश्नकाल नहीं हो पाया है। शायद ही किसी भी विधेयक पर कोई चर्चा हो रही है।</p>
<p>संबित पात्रा ने कहा , “मैं बस उनके दोहरे मानकों से हैरान हूं। संसद का सत्र चलाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। फिर भी, शुरू से ही, शून्य काल घंटे को बाधित करने के प्रयास किए गये हैं । समस्या कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार में निहित है। दोहरे मापदंड चौंकाने वाले हैं।” भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रियांक खरगे ने एक असंवेदनशील बयान देते हुए कहा कि उन्हें भूख हड़ताल पर जाने दो। फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, और उसके बाद ही मैं इस्तीफ़ा देने के बारे में सोचूंगा। राहुल गांधी अभी भी इस पर चुप हैं। झारखंड में हजारों छात्र विरोध प्रदर्शन में बैठे हैं, और कांग्रेस पार्टी झारखंड में आंदोलन में बैठे छात्रों के पक्ष में एक भी शब्द नहीं बोल रही है, और न ही ऐसा लगता है कि वह सदन में उस मुद्दे को उठा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में जेपीएससी परीक्षा के संबंध में एक भी प्लेकार्ड कांग्रेस के हाथों में नहीं देखा गया है ... क्योंकि यह चयनात्मक आक्रोश है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:07:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>टीएमसी का केंद्र पर तीखा हमला: भाजपा संसद में ज़बरदस्ती करा रही है बिल पास, डेरेक ओ'ब्रायन ने लगाया महत्वपूर्ण कानूनों को जल्दबाज़ी में पास कराने का आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने केंद्र सरकार पर संसद में बिना पर्याप्त चर्चा के एफसीआरए जैसे कठोर कानून जबरन पास कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन के लगातार बाधित होने से लोकतांत्रिक जवाबदेही कमजोर होती है, जिससे सरकार विधायी जांच से बच निकलती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tmcs-sharp-attack-on-the-center-bjp-is-forcing-bills/article-161638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने सरकार पर "कठोर" कानून लाने और बिना पर्याप्त चर्चा के संसद में ऐसे बिलों को ज़बरदस्ती पास कराने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने दोनों सदनों के कामकाज में बार-बार हो रही रुकावटों पर भी सवाल उठाए। ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी ने संसद में विवादास्पद कानून लाने और बिना सार्थक बहस के उन्हें पास कराने का तरीका अपना लिया है।</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा, "भाजपा का तरीका: एफसीआरए जैसे कठोर बिल लाना और फिर बिना किसी बहस के संसद में उन्हें ज़बरदस्ती पास करा लेना।" वरिष्ठ सांसद ने यह भी तर्क दिया कि संसद में लंबे समय तक कामकाज में रुकावट से अंततः लोकतांत्रिक जवाबदेही कमज़ोर होती है, क्योंकि इससे कार्यपालिका (सरकार) की विधायी जांच सीमित हो जाती है। ओ'ब्रायन ने 'एक्स' पर लिखा, "जब संसद काम नहीं करती, तो किसे फ़ायदा होता है? सत्ता में सरकार, सरकार संसद के प्रति जवाबदेह, संसद जनता के प्रति जवाबदेह। जब संसद नहीं चलती, तो सरकार किसी के प्रति जवाबदेह नहीं रहती।"</p>
<p>खबरों के अनुसार, सरकार अगले हफ़्ते लोकसभा में 'विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम संशोधन विधेयक' (एफसीआरए) पेश कर सकती है। ये टिप्पणियां संसद के चल रहे मॉनसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक खींचतान के बीच आई हैं, जहां बार-बार सदन स्थगित होने और विरोध-प्रदर्शनों के कारण कई मौकों पर विधायी कामकाज बाधित हुआ है। विपक्षी दलों ने बार-बार सरकार पर विवादास्पद मुद्दों पर विस्तृत चर्चा से बचने और संसद में महत्वपूर्ण कानूनों को जल्दबाज़ी में पास कराने का आरोप लगाया है; केंद्र सरकार ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है।</p>
<p>ओ'ब्रायन ने अपनी पोस्ट में जिस विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) का ज़िक्र किया है, वह एक विवादास्पद कानून रहा है। विपक्षी दलों और कई नागरिक समाज संगठनों का आरोप है कि इसके प्रावधानों का इस्तेमाल गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के कामकाज को सीमित करने के लिए किया गया है। हालांकि, सरकार का कहना है कि इस कानून का मकसद राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए विदेशी अंशदान प्राप्त करने और उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ओ'ब्रायन की ताज़ा टिप्पणियां संसदीय कार्यवाही के संचालन को लेकर सरकार के प्रति विपक्ष की आलोचना को और बढ़ाती हैं। कई विपक्षी नेताओं ने कानूनों के पारित होने से पहले उन पर अधिक बहस और जांच-परख की मांग की है। सरकार ने कहा है कि वह विधायी कामकाज करने के लिए प्रतिबद्ध है और उसने विपक्षी दलों पर बार-बार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी करके संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 14:03:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिना चर्चा के लोकसभा में पारित हुआ जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, देरी से रजिस्ट्रेशन के नियम हुए सख्त</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्षी हंगामे के बीच जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। नए प्रावधानों के तहत दो वर्ष से अधिक विलंब होने पर पंजीकरण के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य होगा। विपक्षी सदस्यों के वॉकआउट और नारेबाजी के बावजूद सदन ने इसे अपनी मंजूरी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/opposition-protests-against-birth-and-death-registration-amendment-bill-passed/article-161552"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/parliament1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 बिना चर्चा के पारित किया गया। इस विधेयक में देरी से जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के लिए नियम कड़े किये गये हैं। एक साल से अधिक की देरी से लेकिन दो साल के भीतर जन्म या मृत्यु पंजीकरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट या उपमंडलीय मजिस्ट्रेट या फिर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य था जो सत्यापन के बाद यह आदेश देने के लिए प्राधिकृत है। वहीं, दो साल से अधिक की देरी की स्थिति में प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही जन्म या मृत्यु पंजीकरण होगा।</p>
<p>वर्तमान में एक साल बाद किसी भी समय तक संबंधित क्षेत्र के जिला मजिस्ट्रेट या उपमंडलीय मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त कार्यकारी मजिस्ट्रेट का आदेश ही पर्याप्त था और दो साल से ऊपर के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं था। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे कार्यवाही जब पुन: शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य 20 जुलाई को संसद भवन के निकट प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही निर्धारित करने और इसके लिए आदेश देने वाले का नाम सदन में बताने की मांग करते हुए फिर हंगामा करने लगे। समाजवादी पार्टी के सदस्य अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर शोरगुल कर रहे थे।</p>
<p>पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने इसी बीच विधायी दस्तावेज पटल पर रखवाये। उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से शाेरगुल न करने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की, लेकिन शोरगुल जारी रहा। इसी दौरान सैकिया ने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने को कहा। विधेयक पेश किये जाने के बाद पीठासीन अधिकारी ने इस पर चर्चा के लिए नाम और संशोधन के नोटिस देने वाले सदस्यों को पुकारा। इन सदस्यों में से किसी के विधेयक पर पर अपनी बात न कहने पर उन्होंने विधेयक पर खंडवार विचार करने का एलान किया।</p>
<p>इसके बाद सैकिया ने राय को विधेयक पारित करने का प्रस्ताव करने की अनुमति दी। विपक्षी सदस्यों के शोरगुल के बीच ही विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर कहा कि विपक्षी सदस्यों ने इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग नहीं लिया और वे सदन के बाहर जाकर कहेंगे कि बिना चर्चा के विधेयक पारित कराये जा रहे हैं। विपक्षी सदस्यों का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बारे में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भी चर्चा की गयी थी लेकिन विपक्षी सदस्य सहयोग नहीं कर रहे हैं। सरकार आगे भी विधेयक लायेगी और विपक्षी सदस्य तब भी हंगामा करेंगे, यह अच्छा नहीं होगा। जनता इसके लिए उनसे जवाब मांगेगी।</p>
<p>इसके बाद सैकिया ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि उनके सहयोग के बिना ही विधेयक पारित करना पड़ा। यह परम्परा ठीक नहीं है। वे अपने-अपने स्थानों पर जायें और कार्यवाही चलाने में सहयोग करें। हंगामा कर रहे सदस्यों पर उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ तो उन्होंने सदन की कार्यवाही सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 16:56:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संसद परिसर में विपक्ष का अनोखा विरोध प्रदर्शन: पप्पू यादव बने पुजारी, राहुल गांधी ने डाला चंदा</title>
                                    <description><![CDATA[संसद के मानसून सत्र के दौरान मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा गबन आरोपों को लेकर अनूठा प्रदर्शन किया। सांसद पप्पू यादव ने पुजारी का वेश धारण कर दानपेटी रखी, जिसमें अन्य नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से पैसे डाले। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/unique-protest-by-opposition-in-parliament-complex-pappu-yadav-became/article-161561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/rahul-gandhi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को संसद परिसर में अनोखा विरोध प्रदर्शन देखा गया। यहां विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर एक नाटकीय विरोध प्रदर्शन किया। पूर्णिया के स्वतंत्र सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पुजारी का वेश धारण किया और अपने सामने दानपेटी रखकर मकर द्वार के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र और पगड़ी पहने दिखाई दिए। </p>
<p>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने पप्पु यादव के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी में पैसे डाले, जिसके बाद पप्पू यादव ने दानपेटी छीनकर भागने का अभिनय किया। पप्पु यादव और विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़”, “अमित शाह सदन में आओ” और “जवाब तुमको देना होगा” जैसे नारे लगाए गए। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य इंडिया गठबंधन के सांसद भी इस प्रदर्शन में शामिल रहे। </p>
<p>विपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावे के रूप में आए करीब 7 करोड़ रुपये के गबन के आरोप सामने आए हैं। विपक्ष इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। बताया जा रहा है ​कि इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। विपक्ष ने इस नुक्कड़ नाटक के जरिए अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन का मुद्दा उठाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 15:00:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[राम मंदिर के वित्तीय प्रबंधन में गड़बड़ी के आरोपों पर राज्यसभा में विपक्षी दलों ने प्रचंड विरोध प्रदर्शन किया। नियम 267 के तहत चर्चा की मांग खारिज होने पर सदस्यों ने नारेबाजी की, जिसके चलते शून्यकाल बाधित हुआ और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सरकार ने विपक्ष के आचरण की आलोचना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/opposition-ruckus-in-rajya-sabha-over-theft-of-ram-temple/article-161529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में विपक्ष ने शुक्रवार को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी और लोक महत्व के मुद्दों से जुड़े शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू करनी चाही विपक्ष के सदस्यों न जोर जोर से बोलना शुरू कर दिया।</p>
<p>विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्हें नियम 267 के तहत कार्यस्थगन के प्रस्ताव का नोटिस दिया। सभापति ने उन्हें टोकते हुए कहा कि नियम 267 का कोई नोटिस स्वीकार नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में व्यवस्था पहले ही दी जा चुकी है। उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से कहा कि आपको दूसरों की बात भी सुननी चाहिए। आप हमेशा अपनी बात कहकर बाहर चले जाते हैं। सदस्यों द्वारा व्यवस्था का प्रश्न उठाने पर उन्होंने कहा कि यह शून्यकाल है इसमें व्यवस्था का प्रश्न नहीं उठाया जा सकता।</p>
<p>सभापति ने विपक्ष के हंगामे के बीच शून्यकाल की कार्यवाही शुरू कर दी। विपक्ष के हंगामे के बीच एक दो सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाये लेकिन शोर-शराबे के कारण उनकी बात नहीं सुनी जा सकी। कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर संसद में सड़क छाप राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष संविधान और सदन की गरिमा को तार तार कर अराजकता फैलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि हम इनकी घोर निंदा करते हैं। देश की जनता इन्हें माफ नहीं करेगी। विपक्षी सदस्य आसन के निकट आकर लगातार सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। सभापति ने सदस्यों से शांत होने तथा सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की लेकिन इसका असर न होते देख उन्होंने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 12:22:22 +0530</pubDate>
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                <title>राज्यसभा में गरमाई सियासत! छात्रों पर कथित फायरिंग पर विपक्ष का हंगामा, नड्डा बोले- सरकार हर बहस के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[छात्रों से जुड़े विवाद को लेकर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया, जबकि सरकार ने सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही। लगातार हंगामे के बाद विपक्षी सांसद सदन से बाहर निकलकर संसद परिसर में प्रदर्शन करने लगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/politics-heats-up-in-rajya-sabha-opposition-uproar-over-alleged/article-161397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/jp-nadda.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में गुरुवार को छात्रों पर कथित पेलेट गन फायरिंग के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा और सदन में जोरदार हंगामा किया। केंद्रीय मंत्री एवं सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष का रवैया लगातार नकारात्मक रहा है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आदत हर बार 'गोल पोस्ट' बदलने की है और वह सदन की कार्यवाही बाधित करना चाहता है। हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया। इसके बाद विपक्षी दलों के सांसद संसद के मकर द्वार पर एकत्र हुए और छात्रों पर कथित फायरिंग के विरोध में प्रदर्शन किया। इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:20:01 +0530</pubDate>
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                <title>विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में परित हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, राहुल गांधी के भाषण को लेकर दोनों पक्षों के बीच घमासान</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में भारी हंगामे और सत्ता-विपक्ष की नोकझोंक के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। राहुल गांधी के बयानों और असंसदीय शब्दों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा जितेंद्र सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया। सरकार ने स्पष्ट किया कि विधेयक में पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/a-bill-with-stringent-provisions-on-paper-leaks-passed-in/article-161332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/parliament1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोक सभा में बुधवार को सत्ता-पक्ष और विपक्ष में तकरार एवं हंगामे के बीच पेपर लीक रोकने संबंधी लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर दो दिन में 10 घंटे से अधिक चली चर्चा में आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान उनकी ओर से इस्तेमाल एक 'असंसदीय ' शब्द और गृहमंत्री अमित शाह के विरुद्ध आरोप को लेकर दोनों पक्षों में भारी तकरार हुई और सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। तीन बजे कार्यवाही पुन: शुरू होने पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया और उसके बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान की। मंत्री के जवाब के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते रहे।</p>
<p>राहुल गांधी के भाषण के दौरान संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने गृहमंत्री के विरुद्ध श्री गांधी की टिप्पणियों पर आपत्ति उठाते हुए कहा कि ‘वह इसकी पुष्टि करें या इसके लिए माफी मांगे।’ इस बात पर सदन में शोर शराबे के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही पहले ढाई बजे तक और फिर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही शुरू होने पर विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जिस असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है, क्या वह विद्यार्थियों के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि वह हैरान हैं कि विपक्ष के नेता को सार्वजनिक जीवन की बुनियादी प्रणाली की भी जानकारी नहीं हैं। सिंह के पास कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग की भी जिम्मेदारी है और उन्होंने ही इस विधेयक को सदन में पेश किया था।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलायी गयीं, और इसका आदेश गृह मंत्री ने दिया। उन्होंने कहा कि गोली चलायी ही नहीं गयी और उनके साथ बहुत ही संयमित कार्रवाई की गयी। कहीं भी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है। गोली चलाने का आदेश कभी कोई मंत्री नहीं देता। इससे स्पष्ट है कि श्री गांधी में सार्वजनिक जीवन की जानकारियों का अभाव है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यह भी कहा कि गृह मंत्री के काफिले में 30 गाड़ियां चलती हैं, यह भी गलत तथ्य है, गृह मंत्री के काफिले में इतनी गाड़ियां नहीं चलती। गृह मंत्री के विदेश जाने की बातें की गयीं, वह स्पष्ट करते हैं कि गृह मंत्री कभी विदेश गये ही नहीं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का गैर जिम्मेदारी से बात कहना, शोभा नहीं देता।</p>
<p>डॉ ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेपर लीक की घटना को बहुत गंभीरता से लिया है।" पेपर लीक होने की जानकारी मिलते ही केन्द्रीय जांच ब्यूरो से जांच के आदेश दिये गये। आरोपी पकड़े गये और वे जेल में हैं। यह विधेयक पेपर लीक को लेकर सरकार की गंभीरता और संवेदनशीलता को परिलक्षित करता है। इसमें आरोपियों के खिलाफ सजा और जुर्माने को बहुत बढ़ा दिया गया है। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विपक्ष की नारेबाजी के बीच विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। अध्यक्ष ने विधेयक पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। मानसून सत्र का आज आठवां दिन था और इस दौरान यह पहला विधेयक था जो लोक सभा में पारित हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 17:10:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>NEET धांधली पर बड़ा एक्शन: 13 आरोपी गिरफ्तार; किरेन रिजिजू बोले- युवाओं का भविष्य किसी कीमत पर नहीं बिगड़ने देंगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी सामने आते ही 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने और पुनः परीक्षा कराने की प्रतिबद्धता जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-action-on-neet-rigging-13-accused-arrested-kiren-rijiju/article-160442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/kiran-riju.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) में धांधली की रिपोर्ट सामने आते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि युवाओं के भविष्य को खराब नहीं होने देंगे। रिजिजू ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "नीट परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया है कि गड़बड़ी की खबरें मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।"</p>
<p>उन्होंने बताया कि इसके अलावा विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई गयी और नतीजे घोषित किए गये। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि मोदी ने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने दोषियों को सज़ा देने और मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया, जिसमें कोई कमी न हो।</p>
<p>इस दौरान उन्होंने संसद के मानसून सत्र को लेकर कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) चल रहे मानसून सत्र के दौरान सकारात्मक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, "देश के हित में लाए गये विधेयकों और विधायी कामकाज को पारित कराने के हमारे संकल्प में हम एकजुट हैं। हम विपक्ष से भी अपील करते हैं कि भले ही अलग-अलग पार्टियों की राय अलग-अलग हो, लेकिन देश, उसके भविष्य और युवाओं के लिए वे मिलकर काम करें।"</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 14:04:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित, अध्यक्ष ने की प्रश्नकाल को चलने में सहयोग की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर जोरदार नारेबाजी की। अध्यक्ष के शांत रहने के अनुरोध के बाद भी हंगामा न थमने पर कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/lok-sabha-proceedings-adjourned-till-12-noon-due-to-uproar/article-160435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/lok.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक समेत अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यावाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गयी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर शोरगुल करने लगे। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्न पूछने के लिए नाम पुकारा लेकिन हंगामा तेज हो गया।</p>
<p>अध्यक्ष ने कहा कि यह प्रश्नकाल है इसे चलाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के आपको सभी मुद्दों पर अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। अध्यक्ष की बात का सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ जिसके कारण दो मिनट के अंदर ही कार्यवाही को बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:32:18 +0530</pubDate>
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                <title>Parliament Monsoon Session: अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया CrPC संशोधन बिल, कहा- अंग्रेजों के जमाने के कानून अब नहीं चलेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[अमित शाह ने कहा कि 18 राज्यों, 6 यूटी,142 सासंद, 270 विधायकों, सुप्रीम कोर्ट, 22 हाईकोर्ट और न्यायिक संस्थाओं के अलावा जनता ने इन तीनों विधेयकों पर सुझाव दिए हैं। इन पर 4 साल तक चर्चा और कुल 158 बैठकें हुईं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/parliament-monsoon-session-amit-shah-introduced-crpc-amendment-bill-in-lok-sabha-said-british-era-laws-will-no-longer-work-hindi-news/article-54320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/amit-shah-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में CrPC संशोधन बिल पेश कर दिया है। बिल को पेश करते हुए अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने देश के सामने 5 प्रण रखे थे। अंग्रेजों के जमाने के कानून अब देश में नहीं चलेंगे। पुराने बिल की जगह इस नए बिल को लाया गया है। इंडियन पीनल कोड (IPC) 1860 की जगह अब भारतीय न्याय संहिता 2023 होगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के बनाए कानून अब बदले जा रहे हैं। कानून का मकसद सबको न्याय देना है। न्याय संहिता में 370 धाराएं होगी। 158 बैठक के बाद इस बिल को तैयार किया गया है।</p>
<p><strong>तीन बिल लेकर आया हूं, मोदी के 5 प्रण में से एक को पूरा करेंगे: अमित शाह</strong><br />अमित शाह ने कहा कि मैं तीन विधेयक लेकर आया हूं। तीनों विधेयक पीएम मोदी के 5 प्रणों में से एक को पूरा करने वाले हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि तीन विधेयक में से एक- इंडियन पीनल कोड, दूसरा- क्रिमिनल प्रोसीजर कोड और तीसरा- इंडियन एविडेंस कोड है।<br /><br />इंडियन पीनल कोड (IPC) को अब भारतीय न्याय संहिता कहा जाएगा। वहीं क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और इंडियन एविडेंट एक्ट, 1872 के बदले अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम प्रस्थापित होगा।<br /><br />अमित शाह ने कहा कि 18 राज्यों, 6 यूटी,142 सासंद, 270 विधायकों, सुप्रीम कोर्ट, 22 हाईकोर्ट और न्यायिक संस्थाओं के अलावा जनता ने इन तीनों विधेयकों पर सुझाव दिए हैं। इन पर 4 साल तक चर्चा और कुल 158 बैठकें हुईं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2023 12:48:32 +0530</pubDate>
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