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                <title>developed nation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सशक्त पंचायतों से ही बनेगा विकसित राष्ट्र</title>
                                    <description><![CDATA[भारत गांवो का देश है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/developed-nations-will-be-formed-only-through-strong-panchayats/article-111856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(2)14.png" alt=""></a><br /><p>भारत गांवो का देश है। यहां की बहुसंख्यक आबादी आज भी गांवों में रहती है। भारत के गांव ही देश की अर्थव्यवस्था की मुख्य धूरी है। इसीलिए कहा जाता है कि जब तक देश कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी तब तक भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन पाएगा। गांव में सुशासन स्थापित करने के लिए ही ग्राम पंचायत की स्थापना की गई थी। हमारे देश के नेताओं को ग्रामीण पृष्ठभूमि का पूरा ज्ञान था। इसलिए उन्होंने गांव के महत्व को समझकर ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना की थी। उनको पता था कि जब तक गांव मजबूत नहीं होंगे तब तक देश मजबूत नहीं होगा। गांव को मजबूत करने के लिए यहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य था। </p>
<p>आजादी के समय भारत के गांव बहुत पिछड़े हुए थे। देश के अधिकांश गांवों में मूलभूत सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं था। मगर आज गांवों की व्यवस्था भी बहुत कुछ बदल गई है। आज देश के बहुत से गांव में शहरों की भांति सुविधा देखने को मिल रही है। लेकिन आज भी देश में हजारों ऐसे गांव है,  जहां पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई है। जब तक सरकार देश के सभी गांव में समान रूप से सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पाएगी, तब तक देश विकास की दौड़ में पूरी गति से शामिल नहीं हो पाएगा। हम 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस मना रहे हैं। </p>
<p>हमारे देश में 2 अक्टूबर 1959 को पहली बार पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई थी। 24 अपैल 1993 को त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ था। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस भारत में बहुत महत्व रखता है, क्योंकि यह एक संवैधानिक इकाई के रूप में पंचायती राज प्रणाली की स्थापना का प्रतीक है। पंचायती राज प्रणाली भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सत्ता और संसाधनों का विकेंद्रीकरण करना और सहभागी लोकतंत्र,  सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। पंचायती राज प्रणाली जमीनी स्तर पर लोगों को निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में भाग लेने और उनके विकास का स्वामित्व लेने में सक्षम बनाती है, जो स्व-शासन और जवाबदेही को बढ़ावा देने में मदद करती है।</p>
<p>भारत गांवों का देश माना जाता है और गांव के विकास में पंचायतों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चूंकि ग्राम पंचायतों के पंच व सरपंच सीधे ग्रामीणों द्वारा चुने जाते हैं। इसलिए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपनी ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों से सीधा संपर्क रहता है। ग्रामवासी भी अपनी समस्याएं सीधे पंचायत तक पहुंचा सकते हैं। मगर ग्राम पंचायतों की स्थापना के इतने वर्षों के बाद भी अभी तक ग्राम पंचायते वास्तविक रूप में सशक्त नहीं हो पाई हैं। ग्राम पंचायतें पूरी तरह राज्य सरकारों पर निर्भर हैं। कहने को तो ग्राम पंचायतों को बहुत सारे अधिकार प्रदान किए गए हैं। मगर आज तक भी अपने अधिकारों का ग्राम पंचायतें प्रयोग नहीं कर पाती है। आज भी देश की अधिकांश ग्राम पंचायतों में सरकारी अधिकारी, कर्मचारी प्रभावी रहते हैं। </p>
<p>ग्राम पंचायतों में आरक्षण व्यवस्था लागू होने के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं पंच, सरपंच निर्वाचित होकर आती है। उनमें से कई महिलाएं तो वास्तव में बहुत अधिक पढ़ी लिखी होने के कारण पूरी जानकारी रखती है। इस कारण वह अपने अधिकारों का पूरा प्रयोग कर लेती है। मगर अधिकांशत आरक्षण के कारण गांवों में प्रभावी नेता अपने परिवार की किसी महिला को पंच, सरपंच बनवा देते हैं। उनके स्थान पर खुद नेतागिरी करते हैं। वहां की निर्वाचित महिलाएं मात्र कागजी जनप्रतिनिधि बन कर रह जाती हैं। बहुत से स्थानों पर तो महिला सरपंचों के हस्ताक्षर भी उनके स्थान पर काम करने वाले उनके परिजनों द्वारा ही कर दिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में पंचायत राज व्यवस्था के मजबूत होने की तो कल्पना भी नहीं की जा सकती है। सभी प्रदेशों की राज्य सरकारों को कड़ाई से इस पर रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि महिलाओं को भी अपने पद पर काम करने का मौका मिल सके। सही मायने में पंचायती राज ने महिलाओं को समाज का एक विशेष सदस्य बना दिया है। </p>
<p>अधिकतर निर्वाचित महिलाओं को निर्वाचक सदस्य होने के विषय में पूर्ण जानकारी भी नहीं है। अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी के कारण वह प्रभावी नहीं हो पाती हैं। तथा उन्हे यह भी ज्ञान नहीं होता है कि वह एक कुशल प्रशासक भी हो सकती हैं। क्या इक्कीसवीं सदी में प्रवेश करने के बाद भी हमारे देश की महिला जनप्रतिनिधियो को घूंघट की ओट में ही जीने को विवश होना पड़ेगा। यह एक बड़ा सवाल है। पंचायती राज व्यवस्था को सही मायने में सशक्त बनाने के लिए सरकार को सभी प्रकार के निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों से हटाकर संबंधित विभागों से करवाया जाना चाहिए, ताकि सरपंच जनता से जुड़ कर उनकी समस्याओं का सही मायने में समाधान करवा सकें।  </p>
<p><strong>-रमेश सर्राफ धमोरा </strong><br /><strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 11:54:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, 2047 में तिरंगा होगा विकसित राष्ट्र का राष्ट्रीय ध्वज</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जोर देकर कहा कि भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर 2047 मेंं निश्चित रूप से विकसित राष्ट्र बनकर रहेगा, लेकिन इसके लिए सभी देशवासियोंं को भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण की तीन चुनौतियोंं से लड़ना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-will-remain-a-developed-nation-in-2047-modi/article-54632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/narendra-modi-independence-day.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों खासकर युवाओं का आज आह्वान किया कि भारत को 2047 में विकसित भारत के निर्माण के लिए शुचिता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के सिद्धांतों पर काम करें और कहा कि वह भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की बुराइयों को दूर करने के लिए जुटे रहेंगे।</p>
<p>मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी नीति साफ है और नीयत पर कोई सवालिया निशान नहीं है। सच्चाई को स्वीकार करके उसके समाधान के लिए बढऩा होगा। मैं आज आपसे मदद और आशीर्वाद मांगने आया हूं कि देश की समस्याओं को आज गंभीरता से लेना हेै। वर्ष 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब दुनिया में भारत का ध्वज विकसित भारत का तिरंगा फहराएंगे। हमारे संकल्प में रत्ती भर भी कमी नहीं आएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसके लिए शुचिता पारदर्शिता निष्पक्षता पहली जरूरत है। हम उसे जितना खाद पानी दे सकें। यह हमारा सामूहिक दायित्व है। 75 साल के इतिहास में भारत का सामथ्र्य कम नहीं हुआ। जो देश सोने की चिड़यिा था, वह 2047 में देश की आजादी के शताब्दी वर्ष में फिर से उसी वैभव से खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में 30 साल से कम आयु के सबसे अधिक लोग भारत में हैं। उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार, परिवारवाद, तुष्टीकरण की बुराई से लड़ते रहेंगे। भ्रष्टाचार से लडऩे का मेरी प्रतिबद्धता है। परिवारवाद ने देश के लोगों के अवसर छीने हैं और तुष्टीकरण ने राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास में एक कालखंड की एक छोटी सी घटना ने देश पर दीर्घकालिक प्रभाव डाला और देश ने एक हजार साल की गुलामी झेली और आज हम ऐसे संक्रमण काल में खड़े हैं जहां हमारे कार्य आने वाले 1000 वर्ष तक भारत के भविष्य की दिशा निर्धारित करेंगे। उन्होंने कहा, ''हम जो भी करेंगे, जो भी कदम उठाएंगे, जो फैसला लेंगे, वो अगले एक हजार साल तक अपनी दिशा निर्धारित करने वाला है, भारत के भाग्य को लिखने वाला है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में अपनी सरकार के नौ साल के कामकाज का उल्लेख किया और कहा कि देश आज हमारी माताओं-बहनों के सामथ्र्य से आगे बढ़ा है। आज देश प्रगति की राह पर चल पड़ा है तो हमारे किसान भाई-बहनों का पुरुषार्थ है, यह उनका ही परिश्रम है कि देश आज कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने मणिपुर को लेकर देश की ङ्क्षचताओं को भी रखा और कहा कि मणिपुर बड़ी समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने मणिपुर के लोगों को आश्वस्त किया कि इस नाजुक घड़ी में समूचा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा मणिपुर में शांति बहाली के सभी प्रयास किये जा रहे हैं और इन प्रयासों से वहां शांति लौट रही  है तथा उन्हें विश्वास है कि रास्ता जरूर निकलेगा और वहां जल्द शांति बहाली होगी।  </p>
<p>मोदी ने महंगाई की समस्या पर भी बोले और कहा कि युद्ध के कारण पूरा विश्व महंगाई से परेशान है। हम भी महंगाई से कम पीड़ति हैं। लेकिन वह इसे भी दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने अपने भाषण में अगले लोकसभा चुनाव में जीत का विश्वास व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि वह अगले वर्ष भी लालकिले से देश को संबोधित करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 15 Aug 2023 10:03:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>अगले 25 वर्षों तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया लोगों ने : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों ने अगले 25 वर्षों तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/people-took-a-pledge-to-make-india-a-developed-nation/article-52458"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/630-400-size-की-कॉपी12.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों ने अगले 25 वर्षों तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय रोजगार मेले के तहत लगभग 70 हजार नवनियुक्तों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद कहा कि रोजगार मेला युवाओं को सशक्त बनाने और देश की प्रगति में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने का एक अच्छा प्रयास है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के हमारे प्रयासों में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। देशभर में 44 स्थानों पर रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का समर्थन करने वाले केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों में भर्तियां हो रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब देश विकास के पथ पर काम कर रहा है और आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान सरकारी कर्मचारी के रूप में काम करने का अवसर मिलना एक बड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा हालांकि बैंकिंग क्षेत्र में नियुक्ति पत्र अधिक बांटे जाते हैं, लिहाजा युवा कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत उन देशों में से एक है जहां बैंकिंग सेक्टर सबसे मजबूत माना जाता है, लेकिन नौ साल पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिन सरकारी बैंकों की चर्चा एनपीए के कारण हजारों करोड़ के घाटे के लिए होती थी, आज उन सरकारी बैंकों की चर्चा रिकॉर्ड मुनाफे के लिए हो रही है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि देशभर में करीब 50 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं और ये बैंक के हर कर्मचारी के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने फोन बैंकिंग घोटाले पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान यह सबसे बड़े घोटालों में से एक था, जिससे बैंकिंग सेक्टर की रीढ़ टूट गई थी।</p>
<p> उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार ने देश में सरकारी बैंकों के प्रबंधन को मजबूत किया और दिवालियापन संहिता कानून बनाया, ताकि अगर कोई बैंक बंद हो जाए तो उसे कम से कम नुकसान की संभावना हो। रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। उम्मीद है कि यह मेला आगे रोजगार सृजन के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा।</p>
<p>नवनियुक्त नियुक्तियों को कर्मयोगी प्रारंभ के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिल रहा है, जहां 580 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 22 Jul 2023 15:59:37 +0530</pubDate>
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