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                <title>Muslim women - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बिहार हिजाब विवाद: नुसरत परवीन ज्वॉइन करेगी सरकारी नौकरी, प्रिंसिपल ने की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार की राजधानी पटना के कदमकुआं इलाके स्थित राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े हिजाब विवाद पर अब नया मोड़ सामने आया है। कॉलेज के प्रिंसिपल महफजुर रहमान ने मीडिया से रूबरू होते हुए दावा किया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bihar-hijab-controversy-nusrat-parveen-will-join-government-job-principal/article-136532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/bihar-hijab-case.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार की राजधानी पटना के कदमकुआं इलाके स्थित राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े हिजाब विवाद पर अब नया मोड़ सामने आया है। कॉलेज के प्रिंसिपल महफजुर रहमान ने मीडिया से रूबरू होते हुए दावा किया है कि नुसरत परवीन सरकारी नौकरी ज्वाइन करेंगी और विवाद अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नुसरत फिलहाल पटना में हैं और जल्द ही सदर अस्पताल में अपनी सेवा शुरू करेंगी। इससे पहले नुसरत के नौकरी ज्वॉइन नहीं करने की खबरें सामने आ रही थी, लेकिन अब इन सभी खबरों का खंड़न कर दिया है। इस विवाद के बाद प्रिंसिपल महफजुर रहमान ने कहा, “लड़की खुश है, परिवार खुश है। वह नौकरी ज्वाइन करेंगी। जिसके साथ घटना हुई, वह संतुष्ट है, लेकिन दुनिया फालतू में पागल हो रही है।” उन्होंने दावा किया कि मामले को जरूरत से ज्यादा तूल दिया गया है।</p>
<p>दरअसल, यह विवाद 15 दिसंबर को उस समय शुरू हुआ, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान नुसरत परवीन के चेहरे से हिजाब खींचते नजर आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मुख्यमंत्री तीखी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा। इसके बाद विपक्षी दलों और धार्मिक संगठनों ने इसे महिला की धार्मिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया। </p>
<p>इस बीच विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी की मांग तेज कर दी। कई स्थानों पर नीतीश कुमार के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गईं। इतना ही नहीं, इस मामले में जम्मू-कश्मीर की पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए औपचारिक शिकायत दी। वहीं, सत्तारूढ़ जेडीयू ने मुख्यमंत्री का बचाव किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार ने पितातुल्य भावना में ऐसा किया और एक घटना के आधार पर उनके पूरे चरित्र पर सवाल उठाना गलत है। पटना में माले की महिला विंग ऐपवा ने इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री माफी नहीं मांगते हैं तो वे अदालत का रुख करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बीच नुसरत परवीन का नौकरी ज्वाइन करने का फैसला फिलहाल विवाद को शांत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 19:24:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>Supreme Court का अहम फैसला, मुस्लिम महिलाओं को पूर्व पति से भरण-पोषण पाने का अधिकार</title>
                                    <description><![CDATA[ हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि यदि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत आवेदन के लंबित रहने के दौरान संबंधित मुस्लिम महिला तलाक ले लेती हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/important-decision-of-supreme-court-muslim-women-have-the-right/article-84333"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि तलाकशुदा मुस्लिम महिला को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 125 के तहत अपने पूर्व पति से भरण-पोषण पाने का अधिकार है।  न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मोहम्मद अब्दुल समद की ओर से तेलंगाना उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली उस याचिका पर यह फैसला सुनाया, जिसमें उसे (याचिकाकर्ता) अपनी तलाकशुदा पत्नी को 10,000 रुपए का अंतरिम भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था।</p>
<p><strong>फैसले में मुस्लिम महिला के अधिकारों पर जोर</strong><br />पीठ ने अपने फैसले में मुस्लिम महिला के अधिकारों पर जोर दिया और याचिकाकर्ता समद की अपील खारिज कर दी। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने अपील खारिज करते हुए अपने फैसले में कहा, हम इस प्रमुख निष्कर्ष के साथ आपराधिक अपील को खारिज करते हैं कि सीआरपीसी धारा 125 सभी महिलाओं पर लागू होगी, न कि केवल विवाहित महिलाओं पर। </p>
<p><strong>तो वह मुस्लिम महिला अधिनियम 2019 का सहारा ले सकती हैं</strong><br />हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि यदि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत आवेदन के लंबित रहने के दौरान संबंधित मुस्लिम महिला तलाक ले लेती हैं, तो इस परिस्थिति में वह मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 का सहारा ले सकती हैं। शीर्ष अदालत की दो सदस्यीय पीठ न्यायाधीशों ने अलग-अलग, लेकिन सहमति वाला फैसले सुनाया।</p>
<p><strong>क्या है सीआरपीसी की धारा 125</strong><br />दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 (अबबीएनएसएस की धारा 144) में भरण पोषण का प्रावधान है। इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति जिसके पास अपना भरण-पोषण करने के लिए पर्याप्त साधन हैं, वह पत्नी, बच्चों और माता-पिता को भरण-पोषण देने से इनकार नहीं कर सकता। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 11 Jul 2024 10:31:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>ट्यूनीशिया, एकमात्र ऐसा अरब देश, जो मुस्लिम महिलाओं को गैर-मुसलमानों से शादी की देता है इजाजत</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रेम, एक ऐसा रिश्ता जिसके लिए लोग सरहद तक पार कर जाते हैं। अपने प्यार को पाने के लिए लोग अपनों तक से लड़ जाते हैं, लेकिन कुछ देश के कानून ऐसे होते हैं, जो इसमें दीवार बन जाते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/tunisia-is-the-only-arab-country-that-allows-muslim-women/article-52581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/630-400-size-की-कॉपी-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रेम, एक ऐसा रिश्ता जिसके लिए लोग सरहद तक पार कर जाते हैं। अपने प्यार को पाने के लिए लोग अपनों तक से लड़ जाते हैं, लेकिन कुछ देश के कानून ऐसे होते हैं, जो इसमें दीवार बन जाते हैं। प्यार कभी मजहब नहीं देखता है, लेकिन कई जगहों पर खासकर मुस्लिम देशों में गैर-मुस्लिम धर्मों में शादी प्रतिबंधित है। खासकर अरब देशों में शादियों को लेकर काफी सख्त कानून हैं, लेकिन इन्हीं खाड़ी देशों में एक देश है ट्यूनीशिया, जहां गैर-मुस्लिम धर्मों में भी शादी की इजाजत है। ट्यूनीशिया एकमात्र अरब देश है, जो दूसरे धर्मों में शादी को मान्यता देता है और इस पर प्रतिबंध नहीं लगाता है। अभी हाल ही में पाकिस्तान की एक महिला सीमा हैदर भारत के रहने वाले सचिन के प्रेम में सरहद पार कर हिंदुस्तान आई हैं, जबकि पाकिस्तान एक हिंदू पुरुष से सीमा हैदर को शादी की इजाजत नहीं देता है। अब ऐसे में ट्यूनीशिया का उदाहरण देखा जा सकता है।</p>
<p><strong>क्या कहता है ट्यूनीशिया का कानून?</strong><br />अरब देशों की लिस्ट में ट्यूनीशिया एकमात्र ऐसा देश है, जहां मुस्लिम लड़कियों को अन्य धर्मों में शादी करने की छूट मिली है। हालांकि, पहले ट्यूनीशिया में ऐसा नहीं था। 2017 से पहले ट्यूनीशिया भी अन्य देशों की तरह था, जहां दूसरे धर्मों में शादी करने की छूट नहीं थी।</p>
<p><strong>कब बदला गया कानून?</strong><br />ट्यूनीशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति बेजी केड एसेब्सी ने पहले के कानून को खत्म कर दिया और 2017 में देश में नया कानून लागू किया। नए कानून के तहत ट्यूनीशिया में कोई भी मुस्लिम युवती किसी भी धर्म में शादी कर सकती है उसे ये आजादी दी गई, जबकि पहले ऐसा नहीं था।</p>
<p><strong>क्या था पुराना कानून?</strong><br />ट्यूनीशिया में 2017 से पहले पुराने कानून लागू थे, जो वर्ष 1973 में बना था। पुराने कानून के तहत कहा गया था कि कोई मुस्लिम युवती अगर किसी अन्य धर्म के युवक से शादी करना चाहती है तो उस युवक को इस्लाम धर्म अपनाना पड़ेगा। तभी शादी हो पाएगी। दरअसल, ट्यूनीशिया में पुराने कानून के तहत कोई युवक जब मुस्लिम युवती से शादी करने के लिए अपना धर्म बदलकर इस्लाम अपनाता था, तब भी उसे नटोरी या इमाम द्वारा परेशान किया जाता था। इन सभी मुद्दों पर सरकार ने विचार करते हुए ट्यूनीशिया में ये नया कानून लागू कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 24 Jul 2023 10:34:58 +0530</pubDate>
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