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                <title>Ishaq Dar - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Ishaq Dar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार का दावा: अमेरिका, ईरान के बीच वार्ता की मध्यस्थता करने के लिए तैयार है पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की भी हो सकते हैं शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने पुष्टि की है कि उनका देश ईरान और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक वार्ता की मेजबानी करेगा। सऊदी अरब और तुर्की के समर्थन से यह कूटनीतिक प्रयास बढ़ते सैन्य तनाव और तेल संकट के बीच शुरू हुआ है। दोनों देशों के साथ अच्छे संबंधों के कारण पाकिस्तान इस जटिल संघर्ष में मुख्य मध्यस्थ बनकर उभरा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pakistani-foreign-minister-ishaq-dar-claims-america-is-ready-to/article-148465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/isak-dar.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान जल्द ही ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता वार्ता की मेज़बानी करने के लिए तैयार है। विदेश मंत्री एवं उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने रविवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इसको लेकर मिस्र, सऊदी अरब और तुर्की के शीर्ष राजनयिकों के साथ बातचीत हुई है। ये बातचीत ऐसे समय में हुई जब ईरान ने अमेरिका को ज़मीनी हमला करने के खिलाफ चेतावनी दी थी और अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।</p>
<p>इशाक डार ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि बातचीत सीधी होगी या परोक्ष, या यह कब और कहाँ होगी लेकिन उन्होंने कहा कि यह आने वाले दिनों में होगी। पाकिस्तानी विदेश मंत्री के दावों के बाद अमेरिका या ईरान, किसी ने भी तत्काल कोई टिप्पणी जारी नहीं की। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान बहुत खुश है कि ईरान और अमेरिका दोनों ने बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर अपना भरोसा जताया है, जो आने वाले दिनों में होगी।</p>
<p>राजनयिकों से मुलाक़ात के बाद इशाक डार ने दावा किया कि उन्होंने मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान के प्रयासों का सक्रिय रूप से समर्थन किया है और पाकिस्तान से अपील की है कि वह शामिल पक्षों के बीच व्यवस्थित बातचीत के लिए माहौल तैयार करे। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इशाक डार ने बढ़ते तनाव के बीच शांति तक पहुँचने के एकमात्र व्यावहारिक रास्ते के रूप में कूटनीति की वकालत की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस संघर्ष को समाप्त करने के सभी प्रयासों और पहलों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। उन्होंने कहा, "हम स्थिति को शांत करने और संघर्ष का समाधान खोजने के अपने प्रयासों में अमेरिकी नेतृत्व के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।" पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि मंत्री चतुष्पक्षीय बैठक समाप्त होने के बाद पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं।</p>
<p>इशाक डार ने बताया कि इस बैठक के बाद प्रत्येक मंत्री के साथ अलग-अलग बहुत ही सार्थक द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं। एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभरते हुए, पाकिस्तान उन चुनिंदा देशों में से एक है जिनके अमेरिका और ईरान दोनों के साथ कूटनीतिक रूप से अच्छे संबंध हैं। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि उनके ये सार्वजनिक प्रयास हफ़्तों की खामोश कूटनीति के बाद सामने आए हैं, हालाँकि अब तक न तो ईरान और न ही अमेरिका ने बातचीत करने में बहुत ज़्यादा इच्छा दिखाई है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अब तक कूटनीति और बातचीत करने के प्रयासों को लेकर अमेरिका की गंभीरता के बारे में मिले-जुले संकेत दिए हैं। जहाँ एक ओर उन्होंने इस्लामिक गणराज्य के नेतृत्व के साथ बातचीत करने की सक्रिय रूप से अपील की है, वहीं साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना की तरफ से बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान की तैयारियों को लेकर चेतावनी भी दी है। यहाँ तक कि उन्होंने ज़मीन पर पूरी तरह से हमला करने की धमकी भी दी है। सैन्य शक्ति प्रदर्शन को और बढ़ाते हुए, अमेरिका ने इस क्षेत्र में हज़ारों अतिरिक्त सैनिक और एक पूरा नया नौसैनिक हमला समूह भेजा है, जिसमें एक हमलावर जहाज़ और लड़ाकू विमान शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 18:24:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान के लिए खुशखबरी: ईरान ने 20 और जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की दी मंजूरी, इशाक डार ने शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने घोषणा की है कि ईरान ने 20 और पाकिस्तानी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। प्रतिदिन दो जहाज इस मार्ग का उपयोग करेंगे। डार ने इसे "शांति का संकेत" और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीति की जीत बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/good-news-for-pakistan-iran-gives-permission-to-20-more/article-148312"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pakistn.png" alt=""></a><br /><p>पाकिस्तान। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को कहा कि ईरान ने पाकिस्तानी ध्वज वाले 20 और जहाजों को व्यस्त होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन दो जहाज इस जलडमरूमध्य क्षेत्र से गुजरेंगे। डार ने कहा, ''मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ईरान सरकार ने पाकिस्तानी ध्वज वाले 20 और जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है।''</p>
<p>उन्होंने इसे ''शांति का संकेत'' और ईरान का ''स्वागत योग्य और रचनात्मक कदम'' बताते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र में स्थिरता लाने में सहायक होगा। डार ने कहा, ''यह सकारात्मक घोषणा शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इस दिशा में हमारे सामूहिक प्रयासों को मजबूत करेगी तथा संवाद, कूटनीति एवं इस तरह के विश्वास-निर्माण के उपाय ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 18:01:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को अपने सदाबहार दोस्त चीन से झटका, नागरिकों के कल्याण पर दें ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग में आयोजित 7वीं रणनीतिक वार्ता के बाद चीन ने कश्मीर विवाद को 'इतिहास की देन' बताते हुए इसे भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय समझौतों और शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए सुलझाने पर जोर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pakistan-faces-blow-from-its-all-time-friend-china-on-kashmir/article-138662"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/kashmir-case-paksitan.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को अपने सदाबहार दोस्त चीन से झटका लगा है। चीन ने इस मुद्दे को द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर सुलझाने की बात कही है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार के बीच आयोजित 7वीं रणनीतिक वार्ता के समापन पर जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का भी जिक्र है। लेकिन पाकिस्तान के पक्ष में चीन ने कोई एकतरफा बात नहीं कही।</p>
<p>जम्मू और कश्मीर का विवाद इतिहास की देन: इस बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी पक्ष ने जम्मू-कश्मीर पर अपनी स्थिति और नवीनतम घटनाक्रमों के बारे में चीनी पक्ष को जानकारी दी। इस पर चीन ने अपना रुख दोहराया कि जम्मू और कश्मीर का विवाद इतिहास की देन है। उसने कहा कि संघर्ष की सियासत छोड़ कर दोनों देशों को जनता की समृद्धि और आर्थिक विकास पर ध्यान देना चाहिए। इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार उचित और शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए। संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने समानता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांत के तहत सीमा पार जल संसाधन सहयोग करने की जरूरत बताई। अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों को पूरा करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।</p>
<p><strong>सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना जरूरी</strong></p>
<p>अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के महत्व को दोहराया गया है। लेकिन भारत की ओर से सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के निर्णय का कोई जिक्र नहीं किया गया है। पहलगाम हमले के भारत ने इस जल संधि को स्थगित कर दिया था। कुल मिलाकर, चीन ने संतुलित रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को कश्मीर पर द्विपक्षीय समाधान का संदेश दिया। चीन ने इस मसले पर पाकिस्तान को समर्थन देने से साफ इनकार कर उस का मनोबल तोड़ा है। चीन ने कहा कि भारत पाकिस्तान के सम्बंध ऐतिहासिक है। इसी तरह कश्मीर समस्या भी इतिहास की देन है। इसे ये दोनों देश ही मिल कर सुलझा सकते हैं। इसमें किसी तीसरे पक्ष की दखलंदाजी का कोई मतलब नहीं है। </p>
<p><strong>सैनिक होड़ से आर्थिक प्रगति बाधित</strong></p>
<p>उसने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों उसके मित्र हैं और वह चाहता है कि ये देश अपनी क्षमता और संसाधन का उपयोग अपनी जनता की आर्थिक उन्नति एवं आधारभूत ढांचे के विकास पर करें। सैनिक होड़ में अंधाधुंध संसाधन झोंकने से कई बार आर्थिक प्रगति बाधित होती है। अत: उन्हें शांतिपूर्ण उपायों से वार्ता के द्वारा कश्मीर समस्या का हल ढूंढ़ना चाहिए और विवाद एवं संघर्ष से दूर हो जाना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 11:23:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SAARC को बंधक नहीं बनाया जा सकता, पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भारत को बाहर निकाल नया गुट बनाने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने SAARC के बजाय नई रीजनल बॉडी बनाने की मांग की। उन्होंने भारत पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि दक्षिण एशिया अब राजनीतिक विभाजन में फंसा नहीं रह सकता। पाकिस्तान-चीन-बांग्लादेश की त्रिपक्षीय बैठक को नए समूह का आधार बताया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/saarc-cannot-be-held-hostage-pakistani-foreign-minister-demanded-to/article-134791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/111-(1200-x-600-px)-(9).png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने लंबे समय से बंद दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन की जगह एक नई रीजनल बॉडी बनाने की मांग की। इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज इस्लामाबाद (आईएसएसआई) में आयोजित किए गए 5वें इस्लामाबाद कॉन्क्लेव के ओपनिंग सेशन में बोलते हुए इशाक डार ने इशारों-इशारों में भारत को धमकाया भी। उन्होंने चेतावनी दी कि दक्षिण एशिया अब जीरो-सम माइंडसेट, पॉलिटिकल फ्रैगमेंटेशन और खराब रीजनल आर्किटेक्चर में फंसा नहीं रह सकता।</p>
<p><strong>इशाक डार ने बांग्लादेश-चीन संग दोस्ती का किया जिक्र</strong></p>
<p>भारत का परोक्ष जिक्र करते हुए डार ने कहा, इस कॉन्सेप्ट को बढ़ाया और दोहराया जा सकता है। जैसा कि मैंने पहले कहा है, इकोनॉमी से लेकर रीजनल प्रायोरिटी तक के मुद्दों पर अलग-अलग ज्योमेट्री वाले ग्रुप्स को किसी की सख्ती का बंधक नहीं बनाया जा सकता और न ही बनाया जाना चाहिए। हाल ही में कुनमिंग में पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश की तीन तरफा मीटिंग हुई, जो अपनी तरह की पहली मीटिंग थी। यह चल रही बातचीत में एक अहम कदम था। तीनों देशों के सीनियर डिप्लोमैट्स ने एक नए ग्रुप की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया, जिसका मकसद श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान समेत दूसरे दक्षिण एशियाई देशों को भी बुलाना था।</p>
<p><strong>भारत को बायपास करने पर पाकिस्तान का जोर</strong></p>
<p>इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान खुला और सबको साथ लेकर चलने वाला रीजनलिज्म चाहता है। उन्होंने सार्क के बाहर उभरते मल्टीलेटरल प्लेटफॉर्म के लिए पाकिस्तान के समर्थन का भी जिक्र किया। डार ने कहा कि इस साल की शुरूआत में पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन ने कॉमन इंटरेस्ट के एरिया में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक ट्राइलेटरल मैकेनिज्म बनाया है। यह मैकेनिज्म खास तौर पर भारत के खिलाफ बनाया गया है, जिससे बांग्लादेश पहले ही किनारा कर चुका है।</p>
<p><strong>दक्षिण एशियाई देशों को भड़काने की कोशिश की</strong></p>
<p>अपने भाषण में, पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने साउथ एशियन देशों से इतिहास के बोझ से बाहर निकलने और सिक्योरिटी, इकॉनमी, क्लाइमेट अडैप्टेशन और कनेक्टिविटी में कोआॅपरेशन करने की अपील की। उन्होंने मई में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऐसा सबूत है, जो बताता है कि यह क्षेत्र कितना नाजुक बना हुआ है। डार ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसे साउथ एशिया की कल्पना करता है जहा कनेक्टिविटी बंटवारे की जगह ले ले और झगड़े शांति से सुलझें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 11:48:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब पाकिस्तान ने भी ट्रम्प का युद्ध विराम का दावा किया खारिज, डार ने कहा- भारत ने कभी तीसरे पक्ष के दखल को नहीं स्वीकारा  </title>
                                    <description><![CDATA[इशाक डार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रुकवाने में मध्यस्थता करने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावे को खारिज किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/now-pakistan-also-claimed-trumps-ceasefire-dar-said-india-never/article-127081"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रुकवाने में मध्यस्थता करने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावे को खारिज किया है। डार ने मंगलवार को कतर में अल-जज़ीरा को दिए साक्षात्कार में पहली बार स्वीकार किया कि भारत ने कभी भी दोनों देशों के बीच के मुद्दे में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया है।  उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के समक्ष युद्धविराम का मुद्दा उठाया था, तो उन्होंने कहा कि भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे पूरी तरह से द्विपक्षीय हैं।</p>
<p><strong>प्रस्ताव रखा पर भारत सहमत नहीं :</strong></p>
<p>डार ने कहा कि अमेरिका ने मई में सैन्य कार्रवाई रुकवाने का प्रस्ताव रखा था और यह भी कहा था कि भारत तथा  पाकिस्तान के बीच बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर हो सकती है, लेकिन 25 जुलाई को वाशिंगटन में  रुबियो के साथ बैठक में उन्हें बताया गया कि भारत इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं था।</p>
<p><strong>भारत आगे बढ़े तो बातचीत को तैयार :</strong></p>
<p>पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर भारत आगे बढ़े, तो पाकिस्तान अब भी बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, भारत का कहना है कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है। हम किसी चीज की भीख नहीं मांग रहे हैं। हम एक शांतिप्रिय देश हैं और हमारा मानना है कि बातचीत ही आगे बढ़ने का रास्ता है, लेकिन बातचीत के लिए दो लोगों की ज़रूरत होती है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 11:10:23 +0530</pubDate>
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                <title>इशाक डार को शहबाज शरीफ बना सकते हैं कार्यवाहक प्रधानमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[ पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के पद के लिए सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज पार्टी वित्त मंत्री इशाक डार के नाम का प्रस्ताव रखने पर विचार कर रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shehbaz-sharif-can-make-ishaq-dar-caretaker-prime-minister/article-52583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/630-400-size-की-कॉपी-(3)2.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के पद के लिए सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज पार्टी वित्त मंत्री इशाक डार के नाम का प्रस्ताव रखने पर विचार कर रही है। एक मीडिया रिपोर्ट में रविवार को यह बात कही गई। एक रिपोर्ट में कहा कि डार का नाम ऐसे समय चर्चा में आया है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने चुनाव अधिनियम 2017 में बदलाव करने पर विचार विमर्श किया ताकि आगामी कार्यवाहक व्यवस्था को इसके संवैधानिक जनादेश से परे निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाया जा सके। ऐसा हाल में शुरू की गई आर्थिक योजना की निरंतरता सुनिश्चित करने और सरकार के स्वामित्व वाली संस्थाओं में विदेशी निवेश प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के मद्देनजर किया गया है। एक समाचार पत्र ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग आर्थिक नीतियों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक योजना के तहत कार्यवाहक प्रधानमंत्री के लिए डार के नाम का प्रस्ताव रखने पर विचार कर रही है।</p>
<p><strong>आर्थिक निर्णय लेने का होगा अधिकार</strong><br />हालांकि, डार की उम्मीदवारी के बारे में अंतिम निर्णय पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के परामर्श से अगले सप्ताह लिया जाएगा। पीपीपी दो मुख्य गठबंधन साझेदारों में से एक है। पीएमएल-एन के सूत्रों ने बताया कि सरकार चुनाव अधिनियम 2017 की धारा 230 में संशोधन करने पर विचार कर रही है। इस संशोधन में कार्यवाहक व्यवस्था को आर्थिक निर्णय लेने का अधिकार प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इन संशोधनों को नेशनल असेंली में अगले सप्ताह पेश किए जाने की संभावना है, ताकि कार्यवाहक सरकार अर्थव्यवस्था में सुधार करने के लिए आवश्यक फैसले कर सके। पाकिस्तान में कैबिनेट के एक वरिष्ठ सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां मामलों को सिर्फ रोजमर्रा के फैसले लेने की व्यवस्था पर तीन महीने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कार्यवाहक सरकार के पास आर्थिक मामलों में निर्णय लेने की अधिक शक्तियां होनी चाहिए कि आईएमएफ कार्यक्रम पटरी पर रहे और देश नवंबर में दूसरी समीक्षा पूरी कर ले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Jul 2023 10:39:05 +0530</pubDate>
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