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                <title>Ranthambore Tiger Reserve - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Ranthambore Tiger Reserve RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रणथंभौर टाइगर रिजर्व से दुखद खबर : क्षेत्रीय संघर्ष में बाघ T-2402 की मौत, पहाड़ी पर मिला शव</title>
                                    <description><![CDATA[फलोदी रेंज के हिंदवार क्षेत्र में मिला साढ़े चार वर्षीय नर बाघ का शव सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व से दुखद खबर सामने आई। यहां वन विभाग को फलोदी रेंज के हिंदवार क्षेत्र मेंबाघ T-2402 का शव घने वन क्षेत्र में पहाड़ी पर पाया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sad-news-from-ranthambore-tiger-reserve-tiger-t-2402-died-in/article-151931"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ranthmbhor.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। फलोदी रेंज के हिंदवार क्षेत्र में मिला साढ़े चार वर्षीय नर बाघ का शव सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व से मंगलवार को दुखद खबर सामने आई है। यहां वन विभाग को फलोदी रेंज के हिंदवार क्षेत्र मेंबाघ T-2402 का शव घने वन क्षेत्र में पहाड़ी पर पाया गया। यह बाघिन T-99 का लगभग 4.5 वर्षीय नर शावक था।</p>
<p>वन विभाग के अनुसार, इस बाघ की गतिविधियों पर पहले से निगरानी रखी जा रही थी, क्योंकि इसके क्षेत्र पर दूसरे वयस्क नर बाघ के कब्जे के संकेत मिल रहे थे। इसी आशंका के चलते विभाग द्वारा लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा था। डीसीएफ मानस सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला दो नर बाघों के बीच क्षेत्रीय संघर्ष (टेरिटोरियल फाइट) का प्रतीत हो रहा है, जो वन्यजीवों के व्यवहार में सामान्य लेकिन गंभीर स्थिति मानी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 15:00:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रणथंभौर से बाघ आया और 8 दिन में ही जंगल में छोड़ा लेकिन 13 महीनों से कैद बाघिन अब भी आजादी को तरसी, दो वर्ष पहले बाघ को रामगढ़ और बाघिन को मकुंदरा में किया था शिफ्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ 50 की जगह 85 से ज्यादा किए शिकार, फिर भी किस्मत का नहीं हुआ फैसला।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-tiger-from-ranthambore-was-released-into-the-wild-in-just-8-days--but-the-tigress--captive-for-13-months--still-longs-for-freedom--two-years-ago--the-tiger-was-shifted-to-ramgarh-and-the-tigress-to-mukundra/article-140112"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)38.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रणथंभौर टाइगर रिजर्व से मुकुंदरा लाए बाघ को महज 8 दिन में ही खुले जंगल में छोड़ दिया गया लेकिन पिछले 13 महीनो से रिवाइल्डिंग के नाम पर सॉफ्ट एनक्लोजर में कैद बाघिन एमटी-7 को अब तक बंदिशों से आजादी नहीं मिली। जबकि, एनटीसीए की टीम गत वर्ष नवंबर में ही मुकुंदरा और रामगढ़ में रिवाल्डिंग बाघ- बाघिन की वास्तविक स्थिति का भौतिक आकलन कर चुकी है। इसके बावजूद टाइगर और टाइग्रेस की आजादी पर फैसला नहीं हो सका। इधर, वन्यजीव प्रेमियों का तर्क है, हार्ड रिलीज में अनावश्यक देरी से बाघिन के विकास पर विपरीत असर पड़ सकता है।</p>
<p>दरअसल,अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से रिवाल्डिंग के लिए दिसंबर 2024 में बाघिन को मुकुंदरा व बाघ को रामगढ़ टाइगर रिजर्व के सॉफ्ट एनक्लोजर में शिफ्ट किया था। उस समय वन अधिकारियों ने बाघिन के 40 और बाघ द्वारा 50 शिकार सफलतापूर्वक कर लेने पर खुले जंगल में हार्ड रिलीज किया जाना निर्धारित किया था। लेकिन, टाइग्रेस एमटी-7 और टाइगर आरवीटीआर- 7 टारगेट से ज्यादा शिकार कर चुके है। इसके बावजूद उन्हें 5 हैक्टेयर के सॉफ्ट एनक्लोजर में ही रखा जा रहा है। वर्तमान में दोनों की उम्र करीब 3 वर्ष हो चुकी है। जबकि इस उम्र के अन्य टाइगर- टाइग्रेस अपनी टेरीटरी बनाने के लिए जंगल का चप्पा-चप्पा छान लेते हैं ।</p>
<p><strong>90 से ज्यादा शिकार, फिर भी आजादी नहीं</strong><br />मुकुंदरा से मिली जानकारी के अनुसार, बाधिन एमटी-7 अब तक 85 से 90 के बीच सफलतापूर्वक शिकार कर चुकी है। जबकि, टारगेट 40 का ही था। वहीं बाघ रामगढ़ में करीब 110 शिकार कर चुका है। जिसका टारगेट 50 का ही था। शिकार किए गए वन्यजीवों की संख्या से स्पष्ट होता है कि बाघ बाघिन शिकार करना सीख चुकें है। ऐसे में उसे खुले जंगल में छोड़ दिया जाना चाहिए। ताकि, वह जंगल की विपरीत परिस्थितियों में खुद को ढाल सके।</p>
<p><strong>बाघिन अपने से दो गुना ऊंचे जानवर का कर चुकी शिकार</strong><br />टाइग्रेस एमटी-7 अब तक हिरण ही नहीं बल्कि अपने से आकर में दो गुना ऊंचे वन्यजीव नील गाय का भी शिकार कर चुकी है। जबकि, नील गाय का शिकार आसान नहीं होता है। बाघिन के लगातार शिकार किए जाने से 5 हैक्टेयर के एनक्लोजर में प्रे-बेस की भी कमी होती जा रही है। ऐसे में रिवाइल्डिंग के उद्देश्यों की सफलता के लिए उसे शीघ्र ही खुले जंगल में छोड़ा जाना आवश्यक है।</p>
<p><strong>इधर, ढाई साल के बाघ टेरिटरी बना रहे, उधर 3 वर्ष के पिंजरों में कैद</strong><br />वन्यजीव प्रेमी लोकेश कुमार का कहना है, बाघिन एमटी-7 और आरवीटीआर- 6 को अभेडा बायोलॉजिकल पार्क से पिछले साल दिसम्बर माह में शिफ्ट किया गया था। इस दरमियान दोनों खुले जंगल में विचरण करने की एनटीसीए के निर्धारित मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। वर्तमान में दोनों की उम्र लगभग 3 साल हो चुकी है। इसके बावजूद वह 5- 5 हेक्टेयर के सॉफ्ट एनक्लोजर से बाहर नहीं निकल सके। जबकि, इस उम्र के अन्य बाघ-बाघिन खुद को एक्सप्लॉजर करते हैं और मां से अलग होकर अपनी टेरीटरी बनाने के लिए जंगल को सर्च करते हैं। इस बीच कई परिस्थितियों से गुजरने के दौरान बहुत कुछ सीखते हैं, जो जंगल में उनके सरवाइवल रेट को बढ़ाने में मददगार होते हैं। इसका उदाहरण रामगढ़ टाइगर रिजर्व में मध्य प्रदेश के पेंच रिजर्व से लाई गई बाघिन और मुकुंदरा में हाल ही में लाए बाघ की उम्र 3 साल से कम है दोनों ही खुले जंगल में अपनी टेरिटरी बना रहे हैं । ऐसे में इन दोनों रिवाइल्डिंग बाघ बाघिन को भी जल्द से जल्द हार्ड रिलीज किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>कैसे सीखेंगे शिकार ढूंढना व टेरीटरी बनाना</strong><br />बायोलॉजिस्ट रवि कुमार बताते हैं, पिछले एक साल से बाधिन दरा में 5 हैक्टेयर के सॉफ्ट एनक्लोजर में रह रही है। जहां रिवाइल्डिंग के नाम पर सिर्फ शिकार करना ही सीखा है। लेकिन, शिकार ढूंढना नहीं सीख पा रही है। क्योंकि, सॉफ्ट एनक्लोजर में पहले से ही प्रे-बेस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। जबकि, खुले जंगल में ऐसा नहीं होता है। वहां हर दिन चुनौतियों के बीच उन्हें भोजन ढूंढना पड़ता है, जो पिंजरे में कैद होने के कारण इस गुण का विकास नहीं हो पा रहा। वहीं, अनावश्यक देरी से टेरीटरी बनाने में भी उसे परेशानी का सामना करना पड़ेगा</p>
<p><strong>एनटीसीए की रिपोर्ट पर अटकी शिफ्टिंग</strong><br />मुकुंदरा व रामगढ़ टाइगर रिजर्व में रिवाल्डिंग बाघ और बाघिन की खुले जंगल में शिफ्टिंग पर फैसला एनटीसीए की रिपोर्ट पर अटकी हुई है। जबकि नचा की टीम दो माह पहले ही मुकुंदरा और रामगढ़ में टाइगर और टाइग्रेस की फिजिकल एक्टिविटी का भौतिक आकलन कर चुकी है।<br />इसके बावजूद अब तक रिवाल्डिंग बाघ बाघिन की आजादी पर फैसला नहीं हो सका।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से दिसम्बर 2024 में रिवाइल्डिंग के लिए मुकुंदरा व रामगढ़ में शिफ्ट किए गए बाघ बाघिन को खुले जंगल में छोड़ा जाना है। हमारी और से सभी तैयारी पूरी है। एनटीसीए की रिपोर्ट का इंतजार है। जिसके आधार पर खुले जंगल में छोड़े जाने को लेकर निर्णय होगा।<br /><strong>सुगनाराम जाट, सीसीएफ मुकुंदरा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 17:01:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रणथंभौर टाइगर रिजर्व : बाघिन टी-2307 दिखी तीन शावकों के साथ, डीसीएफ ने स्टाफ को मॉनिटरिंग बढ़ाने के दिए निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[रणथंभौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई। यहां कुंडेरा रेंज के बेरदा क्षेत्र में बाघिन टी-2307 अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दी है। इनकी फोटो यहां लगे कैमरा ट्रैप में कैद हुई है। वन विभाग की टीम ने इस महत्वपूर्ण क्षण की पुष्टि की है। बाघों की बढ़ती संख्या उनके संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता मानी जा रही है। रणथंभौर लगातार सुरक्षित आवास और बेहतर पर्यावरण संरक्षण का उत्तम उदाहरण बनकर उभर रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ranthambore-tiger-reserve-tigress-t-2307-seen-with-three-cubs-dcf/article-134198"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(1).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रणथंभौर टाइगर रिजर्व से रविवार को वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई। यहां कुंडेरा रेंज के बेरदा क्षेत्र में बाघिन टी-2307 अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दी है। इनकी फोटो यहां लगे कैमरा ट्रैप में कैद हुई है। वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए भी ये जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि यह शानदार दृश्य न केवल वाइल्ड लाइफ प्रेमियों के लिए रोमांचक है, बल्कि प्रदेश के लिए भी गर्व का क्षण है।</p>
<p>वन विभाग की टीम ने इस महत्वपूर्ण क्षण की पुष्टि की है। बाघों की बढ़ती संख्या उनके संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता मानी जा रही है। रणथंभौर लगातार सुरक्षित आवास और बेहतर पर्यावरण संरक्षण का उत्तम उदाहरण बनकर उभर रहा है। प्रदेशवासियों के लिए यह बेहद हर्ष का विषय है, क्योंकि तीन नए शावकों का जन्म जंगल के भविष्य को और समृद्ध करेगा। शावक दिखाई देने के बाद रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डीसीएफ मानस सिंह ने स्टाफ को उस क्षेत्र में मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Dec 2025 09:50:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघिन आरटी 2303 दिखी दो शावकों के साथ  </title>
                                    <description><![CDATA[इसके बाद उन्होंने टाइगर रिजर्व की अन्य बाघिन टी 122 और चार शावकों की फोटो भी सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tigress-rt-2303-seen-in-ranthambore-tiger-reserve-with-two/article-105344"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(11)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बाघों की नगरी के नाम से मशहूर सवाई माधोपुर स्थित रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में करौली भाग वन क्षेत्र में बाघिन आरटी 2303 और उसके दो शावकों की फोटो वन विभाग के लगाए कैमरा ट्रेप में कैद हुई है। वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इनकी फोटो और जानकारी साझा की।</p>
<p>इसके बाद उन्होंने टाइगर रिजर्व की अन्य बाघिन टी 122 और चार शावकों की फोटो भी सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा की। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि दो बाघिनों के साथ शावक दिखाई देने से यहां बाघों की संख्या में निश्चित ही बढ़ोतरी हो रही है। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व बाघों की अच्छी साइटिंग के लिए विश्व में प्रसिद्ध है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 12:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरिभाऊ बागड़े ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का किया भ्रमण, बाघों की देखी अठखेलियां</title>
                                    <description><![CDATA[विभागीय गतिविधियां, जोगी महल के इतिहास और स्थापत्य के सम्बंध में जानकारी दी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/haribhau-bagde-visited-ranthambore-tiger-reserve-and-saw-the-antics/article-99228"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(7)19.png" alt=""></a><br /><p>सवाई माधोपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने परिवार सहित रणथम्भौर टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर जोन नंबर 4 में बाघिन रिद्धी व उसके शावकों की अठखेलियां देखी और अन्य वन्यजीवों को प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए देखकर आनंदित हुए।</p>
<p>वन विभाग के चीफ कंजर्वेटर ऑफ फोरेस्ट (सीसीएफ) अनूप के आर और उप वन संरक्षक एवं उपक्षेत्र निदेशक प्रथम रामानंद भाकर ने राज्यपाल को रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में पर्यटन, वन्य जीवों की स्थिति तथा उनकी देखभाल, वन्य जीवों की सुरक्षा के लिये किये जा रहे प्रयास, यहां चल रही विभागीय गतिविधियां, जोगी महल के इतिहास और स्थापत्य के सम्बंध में जानकारी दी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 15:37:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रणथम्भौर टाइगर रिजर्व: पर्यटक सफारी पर मधुमक्खियों ने किया हमला, 22 लोग घायल</title>
                                    <description><![CDATA[वन विभाग के अनुसार फिलहाल हमले के कारणों का पता नहीं लग सका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/bees-attack-ranthambore-tiger-reserve-tourist-safari-22-people-injured/article-92223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/tiger.png" alt=""></a><br /><p>सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में गुरुवार सुबह की पारी में एक दुखद हादसा सामने आया। यहां एक जोन नम्बर 3 में राजबाग तालाब के पास एक केंटर पर मधुमक्खियों के हमला कर दिया। जिससे करीब 22 लोग घायल हो गए।</p>
<p>जानकारी के अनुसार जोन नम्बर 3 में एक केंटर RJ-25-PA- 2169 में 20 पर्यटक सफारी के लिए गए थे। जिसमें मुंबई के एक स्कूल के 17 बच्चे और 3 टीचर सवार थे। इस दौरान राजबाग तालाब के पास अचानक एक मधुमक्खियों के समूह ने पर्यटकों पर हमला कर दिया। हमले में गाइड सुमित गोयल और ड्राइवर युसूफ मंसूरी सहित सभी पर्यटक घायल हो गए।</p>
<p>इस दौरान ड्राइवर और गाइड़ ने सूझबूझ का परिचय देते हुए आनन फानन में केंटर को मौके से बाहर निकाला। जिसके बाद पर्यटकों को होटल टाइग्रेस पहुंचाया गया। जहां पर डॉक्टरों को बुलाकर सभी पर्यटक को प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं गाइड और ड्राइवर को अन्य गाइड रणथम्भौर रोड़ स्थित रामसिंह अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को छुट्टी दे गई।</p>
<p>जानकारी के अनुसार सभी पर्यटकों को हमले के कारण हल्की सूजन आई है। हमले में ड्राइवर ज्यादा घायल हुआ है। वन विभाग के अनुसार फिलहाल हमले के कारणों का पता नहीं लग सका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Oct 2024 16:39:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघिन टी-107 ने दिया श्रावको को जन्म </title>
                                    <description><![CDATA[बाघिन टी-107, बाघिन टी-39 की बेटी है जिसकी उम्र करीब सात साल है। बाघिन टी-107 ने तीसरी बार शावक को जन्म दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bharatpur/tigress-t-107-gave-birth-to-cubs-in-ranthambore-tiger-reserve/article-55483"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/ranthambor2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर संभाग के विश्वप्रसिद्ध रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से आई खुशखबरी के अनुसार बाघिन <strong>टी-107 सुल्ताना</strong> ने शावकों को जन्म दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">नाका शेरपुर के काली तलाई के पास शुक्रवार को बाघिन टी-107 एक शावक के साथ कैमरा ट्रैप में कैद हुई है। वनाधिकारियों के अनुसार बाघिन के एक से ज्यादा शावकों को जन्म देने की संभावना है। बाघिन टी-107, बाघिन टी-39 की बेटी है जिसकी उम्र करीब सात साल है। बाघिन टी-107 ने तीसरी बार शावक को जन्म दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वनाधिकारियों की ओर से फील्ड स्टॉफ को सुरक्षा एवं निगरानी के लिए निर्देश दे दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>भरतपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 19:17:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रणथम्भौर टाईगर रिजर्व में तीन शावकों के साथ दिखी मादा बाघ टी-84 </title>
                                    <description><![CDATA[रणथम्भौर टाईगर रिजर्व में रेंज सवाई माधोपुर के वन क्षेत्र में विचरण कर रही मादा बाघ टी-84 को 3 शावकों के साथ फील्ड स्टाफ द्वारा देखा गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/female-tigress-t-84-seen-with-three-cubs-in-ranthambore-tiger/article-52721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(9).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रणथम्भौर टाईगर रिजर्व में रेंज सवाई माधोपुर के वन क्षेत्र में विचरण कर रही मादा बाघ टी-84 को 3 शावकों के साथ फील्ड स्टाफ द्वारा देखा गया। मादा बाघ टी-84, (टी-19) की बेटी है। इसकी उम्र लगभग 9 वर्ष है। इसने चौथी बार शावकों को जन्म दिया है। शावकों के जन्म से पूर्व ये बाघिन काफी कमजोर दिखाई दे रही थी, जिसके लिए फील्ड स्टाफ तथा मेडिकल टीम को कड़ी सुरक्षा एवं मॉनिटरिंग व ट्रेकिंग के लिए निर्देश दिए गए थे।</p>
<p>बाघिन वर्तमान में स्वस्थ दिखाई दे रही है। इन शावकों की यह पहली विजुअल कन्फरमेशन है। डीसीएफ मोहित गुप्ता ने बताया कि रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 70 से 80 के बीच है। फील्ड स्टाफ यहां सघन मॉनिटरिंग कर रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jul 2023 15:05:06 +0530</pubDate>
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