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                <title>Ease of Doing Business - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>उत्तर प्रदेश वार्षिक बजट 2026-27 में तकनीक, रोजगार और नारी सशक्तीकरण को प्राथमिकता, एआई मिशन की स्थापना और टेक युवा-समर्थ युवा योजना की जाएगी लागू</title>
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                        <![CDATA[वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में टेक्नोलॉजी मिशन, एआई मिशन, स्टेट डाटा अथॉरिटी, कौशल केंद्र विस्तार व महिला उद्यमी योजनाओं की घोषणा की। रोजगार, स्टार्टअप और कृषि निर्यात को बढ़ावा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/in-the-uttar-pradesh-annual-budget-2026-27-priority-will-be/article-142730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/up.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट भाषण में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वर्तमान युग में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में टेक्नोलॉजी मिशन की स्थापना की जाएगी। प्रदेश में स्टेट डाटा अथॉरिटी तथा डाटा सेंटर क्लस्टर्स स्थापित किए जाएंगे। साथ ही एआई मिशन की स्थापना और टेक युवा-समर्थ युवा योजना लागू की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में सभी वर्गों के लिए योजनाओं के साथ-साथ त्वरित और भविष्योन्मुखी विकास के लिए आधुनिक तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रगति में नारी शक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है और युवाओं की ऊर्जा व मेधा विकास की आधारशिला है।</p>
<p>महिला सशक्तीकरण के तहत मुख्यमंत्री मातृ सुरक्षा संकल्प योजना को और सघनता से संचालित किया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों एवं महिला उद्यमियों के उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना पर कार्य किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित बनाने, कृषि वितरण एवं निर्यात को बढ़ावा देने तथा त्वरित आर्थिक विकास के लिए'सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना लागू करने की घोषणा की गई।</p>
<p>रोजगार पर विशेष जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पीपीपी मॉडल पर कौशल संवर्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र विभिन्न जनपदों में स्थापित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं के लिए पृथक केंद्र भी बनाए जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रदेश की कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है। पुलिस विभाग में 2 लाख से अधिक भर्तियां की गई हैं। अभ्युदय केंद्रों में छात्रों को मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जा रही है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश स्टार्टअप रैंकिंग में नंबर-1 बना है। गेहूं और आलू उत्पादन में प्रदेश देश में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है। केंद्रीय बजट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को दिल्ली-वाराणसी तथा वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ा गया है। सारनाथ और हस्तिनापुर के विकास की योजना भी बजट में शामिल है, जिसके लिए उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।</p>
<p>इसके अलावा प्रत्येक जिला अस्पताल में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर, प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल, 10 हजार टूरिस्ट गाइडों का कौशल संवर्धन जैसी योजनाओं का लाभ प्रदेश को मिलेगा। डायबिटीज और कैंसर की दवाओं के मूल्यों में कमी की घोषणा को उन्होंने सराहनीय कदम बताया। विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के अंतर्गत एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण में जनविश्वास सिद्धांत के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रक्रियाएं और सरल होंगी। डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना पर भी कार्य किया जाएगा।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि पूंजी निवेश और अवस्थापना विकास के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें कौशलयुक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिशन मोड में कौशल संवर्धन अभियान चलाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह बजट महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 13:13:36 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>MSME निर्यात को बढ़ावा: इलेक्ट्रानिक तरीके से डाक के जरिये निर्यात पर प्रशुल्क, कर वापसी के लाभ लागू</title>
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                        <![CDATA[सरकार ने ई-कॉमर्स और MSME को बड़ी राहत देते हुए डाक के जरिए होने वाले निर्यात पर RoDTEP और RoSCTL जैसे लाभ देना शुरू कर दिया है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/benefits-of-tariff-tax-refund-applicable-on-exports-through-electronic/article-139793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/msme.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने ई-कॉमर्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निर्यातकों को प्रोत्साहन देने के एक महत्वपूर्ण कदम के तहत डिजिटल तरीके से डाक के जरिए किए गए निर्यात पर भी ड्यूटी ड्रॉबैक तथा राज्यों और केंद्रीय करों की वापसी अथवा समन की योजनाओं का लाभ देने का निर्णय गुरुवार से लागू कर दिया है।</p>
<p>ड्यूटी ड्राबैक निर्यात माल तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले आयातित कच्चेमाल और सामानों पर लगे आयात शुल्क को समायोजित करने की योजना है। इसी तहत सरकार निर्यात माल को घरेलू शुल्कों, करों तथा उपकरों के बोझ से मुक्त रखने के लिए भी छूट या वापसी की योजनाएं लागू कर रखी हैं। राज्य स्तरीय शुल्क और करों को वापस करने की निर्यातित उत्पादों पर शुल्कों और करों की छूट योजना और  केंद्रीय तथा राज्य स्तरीय शुल्कों और लेबी को वापस करने की राज्य और केंद्रीय करों और लेवी पर छूट की योजना (आरओएससीटीएल) योजना का लाभ अब ई-कॉमर्स के तरीके से डाक के जरिये भेजे जाने वाले माल पर मिलेगा।</p>
<p>इन योजनाओं को अप्रत्यक्ष कर एजेंसी-केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के माध्यम से लागू किया जाता है। वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह ऐतिहासिक कदम डाक चैनल का उपयोग करने वाले निर्यातकों को समान अवसर प्रदान करने तथा इलेक्ट्रानिक बाजार माध्यम से विदेश में सामान बेचने के अवसरों के विस्तार के लिए एक अनुकूल और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस पहल से विशेष रूप से छोटे शहरों और दूरदराज क्षेत्रों में स्थित एमएसएमई निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होने तथा डाक निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>सीबीआईसी ने डाक निर्यात (इलेक्ट्रॉनिक घोषणा और प्रसंस्करण) विनियम,2022 में संशोधनों के तहत लागू किये हैं। निर्यात तक अब ई-वाणिज्य के रूप में डाक से निर्यात किये गए माल पर ड्यूटी ड्रॉबैक, आरओडीटीईपी औरआरओएससीटीएल के लाभों का दावा कर सकेंगे।</p>
<p>ई-कॉमर्स के जरिए निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए, सीबीआईसी ने डाक विभाग के सहयोग से दिसंबर 2022 में एक नये 'हब एंड स्पोक' मॉडल (धुरी और तीलियों वाला मॉडल) शुरू किया। इसके तहत छोटे माल के निर्यातक भारतीय डाक राष्ट्रीय नेटवर्क का लाभ उठा कर माल डाक के जरिए विदेश भेज सकते हैं। देश भर में 1,000 से अधिक डाक निर्यात केंद्र अधिसूचित किये गये हैं। ये केंद्र विशेष रूप से एमएसएमई और छोटे निर्यातकों को लाभ पहुँचाते हुए निर्यात पार्सलों की बुकिंग, एकत्रीकरण और प्रसंस्करण की सुविधा प्रदान करते हैं।</p>]]>
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                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 14:20:27 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>खान विभाग का DMFT पोर्टल माह के अंत तक होगा लॉन्च, ईज ऑफ डूइंग में मिलेगा बढ़ावा, कार्यों की पारदर्शिता और मॉनिटरिंग होगी मजबूत</title>
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                        <![CDATA[प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि माइनिंग सेक्टर में 'ईज ऑफ डूइंग' और प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए DMFT पोर्टल व वेबसाइट इस माह के अंत तक पूरी तरह लाइव हो जाएगी। इसे केंद्र सरकार के NMFT पोर्टल के साथ जोड़ा जा रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dmft-portal-of-mines-department-will-be-launched-by-the/article-138614"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/dmft.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। खान एवं पेट्रोलियम विभाग का डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) पोर्टल और वेबसाइट इस माह के अंत तक पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी। इससे माइनिंग सेक्टर में ईज ऑफ डूइंग को बढ़ावा मिलेगा और डीएमएफटी से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता के साथ प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित होगा।</p>
<p>प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने मंगलवार को सचिवालय में डीएमएफटी पोर्टल व वेबसाइट की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पोर्टल पर डीएमएफटी का डेटा और मॉनिटरिंग सिस्टम डोमेन पर उपलब्ध होने से न केवल सूचनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि जिलों में अपनाई जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि डीएमएफटी पोर्टल को भारत सरकार के एनएमएफटी पोर्टल से इंटीग्रेट किया जा रहा है, जिससे यह और अधिक उपयोगी व बहुआयामी होगा। पोर्टल पर उपलब्ध राशि, प्रस्तावित कार्य, स्वीकृतियां, कार्य प्रगति, स्वीकृत व व्यय राशि की जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध होगी।</p>
<p>वहीं डीएमएफटी वेबसाइट पर स्टेटिक व डायनमिक डेटा, परिवेदनाओं के निस्तारण, जिलावार गतिविधियां, लाभार्थियों और बेस्ट प्रैक्टिसेज की जानकारी भी मिलेगी। बैठक में संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्वत सहित अन्य अधिकारी और पोर्टल विकसित करने वाली टीम मौजूद रही।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 17:17:16 +0530</pubDate>
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                <title>राजस्थान ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में बनता जा रहा है मॉडल स्टेट</title>
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                        <![CDATA[ राजस्थान प्रदेश में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान करने की दिशा में लगातार प्रयास किये जाने से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में मॉडल स्टेट बनता जा रहा है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-is-becoming-a-model-state-in-ease-of-doing/article-52784"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(4).png1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान प्रदेश में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान करने की दिशा में लगातार प्रयास किये जाने से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में मॉडल स्टेट बनता जा रहा है। राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को आसान करने की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं और इसके तहत राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से क्षेत्रीय अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में विस्तार करते हुए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की राह में विशेष पहल की गई है।</p>
<p>मंडल के अध्यक्ष शिखर अग्रवाल के अनुसार राज्य में मंडल के क्षेत्रीय अधिकारियों के अधिकार क्षेत्रों को विस्तृत करने की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे है ताकि राज्य में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाकर उद्योग लगाने को सुविधाजनक बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्यमियों को प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में नियमानुसार कार्य करने एवं मौजूदा भौगोलिक एवं पारिस्थितिकी परिस्थितियों में सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में प्रेरित करने के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं और अब पांच हेक्टेयर की खदानों के लिए क्षेत्रीय अधिकारी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे।</p>
<p>मंडल के सदस्य सचिव एन विजय ने बताया कि वाटर (प्रिवेंशन एंड कण्ट्रोल ऑ$फ पॉल्यूशन) एक्ट,1974 एवं एयर (प्रिवेंशन एंड कण्ट्रोल ऑफ पॉल्यूशन) एक्ट,1981 के प्रावधानों तहत पांच हेक्टेयर की खदानों के लिए खनन पट्टे में सहमति देने एवं अस्वीकार करने और रद्द करने के अधिकार अब क्षेत्रीय अधिकारियों को दे दिए गए हैं वहीं पांच हेक्टेयर से अधिक खनन पट्टे में सहमति देने एवं अस्वीकार करने और रद्द करने के अधिकार मुख्य कार्यालय का ही रहेगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रावधानों के तहत स्मॉल स्केल सीमेंट मेनुफेक्चरिंग एवं क्लिंकर ग्राइंडिंग यूनिट्स स्थापित अथवा संचालित करने के लिए सहमति देने और अस्वीकार करने का अधिकार क्षेत्रीय अधिकारियों को होगा। इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।</p>
<p>विजय ने बताया कि स्माल स्केल टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज को प्रदूषण नियंत्रण के लिए मल्टी इफेक्ट इवेपोरेटर की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब स्माल स्केल इंडस्ट्रीज में रिवर्स ओसमोसिस (आर ओ) के साथ रिजेक्ट निस्तारण के लिए सोलर इवेपोरेशन पोंड स्थापित किये जा सकेंगे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर विस्तृत प्रभावी गाइडलाइंस जारी कर लागू कर दी गयी है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 26 Jul 2023 15:36:22 +0530</pubDate>
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