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                <title>Eastern Rajasthan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Eastern Rajasthan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की सीएमआर में बैठक, अधिकारियों को दिए नवीन पर्यटन स्थलों की संभावनाएं तलाशते हुए कार्ययोजना बनानें के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्वी राजस्थान के विकास हेतु समीक्षा बैठक की। उन्होंने रणथम्भौर, केवलादेव और लोहागढ़ किले जैसे स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने तथा ब्रज चौरासी कोस के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharma-held-a-meeting-in-cmr/article-143223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/bhajan-lal-sharma04.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को सीएमआर पर बैठक ली। उन्होंने पूर्वी राजस्थान क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों पर निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सवाईमाधोपुर में रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के साथ ही पालीघाट एवं भरतपुर में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, लोहागढ़ किले के साथ ही नवीन पर्यटन स्थलों की संभावनाएं तलाशते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। </p>
<p>साथ ही उन्होंने ब्रज चौरासी कोस, कैलादेवी झील का बाड़ा, गिरिराजजी परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं विकसित किए जाने को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रगतिरत सड़क कार्यों, फ्लाईओवर, ड्रेनेज एवं सीवरेज कार्यों में गति लाने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 10:50:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय, जयपुर में बेरूखी, आज भी कई जिलों में बारिश के आसार </title>
                                    <description><![CDATA[ बंगाल की खाड़ी से चल रही पूर्वी हवाओं और मानसून ट्रफ के नॉर्मल पॉजिशन पर शिफ्ट होने से राजस्थान में मानसून फिर से एक्टिव हो गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/monsoon-active-in-eastern-rajasthan-in-jaipur-there-is-a/article-123745"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws54.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बंगाल की खाड़ी से चल रही पूर्वी हवाओं और मानसून ट्रफ के नॉर्मल पॉजिशन पर शिफ्ट होने से राजस्थान में मानसून फिर से एक्टिव हो गया। वर्तमान में मानसून ट्रफ नॉर्थ से शिफ्ट हो गई और अब बीकानेर, कोटा, दमोह, बिलासपुर से होकर गुजर रही है। इस कारण अब कोर जोन राज्यों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड में बारिश का दौर शुरू हो गया। राजस्थान के पूर्वी इलाकों में इसका असर फिलहाल ज्यादा देखा जा रहा है। पूर्वी हिस्सों में मानसून एक्टिव होने के बाद दूसरे दिन भी भारी बारिश का दौर जारी रहा। </p>
<p>शुक्रवार को डूंगरपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, भरतपुर समेत कई जिलों में 1 से 2.5 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं आज शनिवार को भी बारिश के आसार हैं। हालांकि राजधानी जयपुर में पिछले दो दिनों से फिर मानसून सुस्त पड़ गया है। यहां धूप खिली हुई है और उमस भरी गर्मी का असर बढ़ गया है। इधर मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने अगले एक सप्ताह तक राज्य में मानसून के सक्रिय रहने और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Aug 2025 13:08:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पूर्वी राजस्थान का हो सकेगा कायापलट</title>
                                    <description><![CDATA[परियोजना के जरिए मध्य प्रदेश और राजस्थान में पांच लाख अस्सी हजार हेक्टेयर असिंचित भूमि पर सिंचाई सुविधा बढ़ सकेगी और करोड़ों लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/eastern-rajasthan-can-be-transformed/article-69402"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/ercp.png" alt=""></a><br /><p>पूर्वी राजस्थान का भाग्य सवारने वाली बहुप्रतीक्षित पार्वती-कालीसिंध-चंबल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल लिंक प्रोजेक्ट (पीकेसी-ईआरसीपी) पर राजस्थान, मध्यप्रदेश और केन्द्र सरकार के बीच समझौता हो गया है। इस समझौते को दोनों राज्यों के 26 जिलों में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए स्वर्णिम सूर्योदय का दिन कहा जा रहा है। परियोजना के जरिए मध्य प्रदेश और राजस्थान में पांच लाख अस्सी हजार हेक्टेयर असिंचित भूमि पर सिंचाई सुविधा बढ़ सकेगी और करोड़ों लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। पीकेसी के ईआरसीपी के साथ एकीकृत करने के केन्द्र सरकार के प्रस्ताव के अनुमोदन के बाद राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच जल बंटवारे को लेकर दो दशकों से चल रहा विवाद खत्म हो गया। अब विवाद के समाप्त होने के साथ ही ईआरसीपी राजस्थान की अब तक की सबसे बड़ी नहर परियोजना बन गई है।<br /><br />ईआरसीपी की डीपीआर ( डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिर्पोट ) 2017 में वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में बनी थी। इसके बाद 2018 में राजस्थान में सरकार बदल गई और परियोजना दलगत राजनीति का शिकार हो गई। कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार चाहती थी कि केन्द्र सरकार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करे, जिससे प्रोजेक्ट पर होने वाले खर्च का 90 प्रतिशत खर्चा केन्द्र सरकार को वहन करना पड़े और राज्य पर मात्र 10 फीसदी खर्च का ही भार पड़े। नीति आयोग की 7वीं बैठक में भी मुख्यमंत्री गहलोत ने इस मुद्दे को उठाया और कहा कि भाजपा इस मामले में राजनीति कर रही है। इस संबंध में गहलोत ने केन्द्र सरकार और जल शक्ति मंत्रालय को डेढ दर्जन से अधिक पत्र लिखे। गहलोत सरकार का तर्क था कि योजना की डीपीआर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा 2017 में बनाई गई थी, हम राष्ट्रीय परियोजना की सभी शर्तों को पूरा कर रहे हैं। इसके बाद से ही यह योजना केन्द्रीय जल आयोग में परीक्षण के लिए विचाराधीन थी।<br /><br />हालांकि, बाद में मुख्यमंत्री गहलोत राज्य के संसाधनों के जरिए इस योजना को पूरा करवाने की बात कर रहे थे। उनक कहना था कि केन्द्र ईआरसीपी को राष्टÑीय परियोेजना का दर्जा दे या न दे राज्य सरकार अपने संसाधनों से इस परियोजना को पूरा करेगी। केन्द्र सरकार के उपक्रम वेप्कॉस लिमिटेड की ओर से तैयार प्रोजेक्ट रिर्पोट में इस योजना पर तकरीबन 37, 247.12 करोड़ रूपये खर्च होने का अनुमान है और पूरी परियोजना को अगले 7 साल में पूरा किया जाने का लक्ष्य है। दरअसल, केन्द्र और राज्य सरकार के अलावा इस परियोजना में एक पेच मध्यप्रदेश सरकार का भी था। ईआरसीपी पर मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पानी के बंटवारे को लेकर लंबे समय तक विवाद था। राजस्थान सरकार 75 फीसदी पानी की मांग कर रही थी जबकि मध्यप्रदेश 50 फीसदी से अधिक पानी देने के लिए तैयार नहीं था। पिछले पांच साल में न तो दोनों राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर सहमति बन पाई और न ही केन्द्र सरकार ने इसे राष्टÑीय परियोजना घोषित किया। लेकिन अब राजस्थान और मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डब्बल इंजन की सरकार आते ही प्रोजेक्ट को न केवल राष्टÑीय परियोजना में बल्कि प्राथमिकता लिंक के रूप में शामिल किया गया है। <br /><br />ईआरसीपी के तहत पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर, अजमेर और टोंक जिलों में 2.02 लाख हेक्टेयर नई सिंचाई भूमि विकसित हो सकेगी। साथ ही इन जिलों में  स्थित बांधों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना में पेयजल के लिए 1723.5 एमसीएम (मिलियन घन मीटर) का भी प्रावधान किया गया है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी अर्थात 3 करोड़ लोगों को पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।  ईआरसीपी में सम्मिलित रामगढ़ बैराज, महलपुर बैराज, नवनैरा बैराज, मेजा बैराज, राठौड़ बैराज, डूंगरी बांध, रामगढ़ बैराज से डंूगरी बांध तक फीडर तंत्र, ईसरदा बांध की भराव क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ इनका पुनरूद्धार किया जाएगा। इसके अलावा मानसून के समय पार्वती, कालीसिंध, मेज नदी में मानसुन के दौरान आने वाले जरूरत से ज्यादा बरसाती पानी को बनास, मोरेल, बाणगंगा और गंभीरी नदी तक लाने की योजना है। कुल मिलाकर कहा जाए तो ईआरसीपी से पूर्वी राजस्थान की 11 नदियों को आपस में जोड़े जाने की योजना है।पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लागू होने से न केवल स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नदियों को जोड़ने का सपना साकार होगा बल्कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए बांध और बड़े तालाबों में पानी का संचय किया जाएगा। इसका एक बड़ा फायदा आसपास के क्षेत्र के भूमिगत जलस्तर को ऊपर उठाने में  मिलेगा। साथ ही इन 13 जिलों के अंदर आने वाले उद्योगों सहित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआरसी) द्वारा 286.4 एमसीएम पानी का उपयोग कर सकेंगे। इससे राज्य के भीतर औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। कहना गलत नहीं होगा कि जिस तरह से इंदिरा गांधी नहर ने पश्चिमी राजस्थान की तकदीर बदल दी।   </p>
<p>-डॉ. एन.के. सोमानी<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Feb 2024 11:27:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजधानी जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश: 3 इंच से ज्यादा बारिश से सड़के बनी दरिया, निचले इलाकों में जलभराव से हालात खराब</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में देर  रात से कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा संभाग के जिलों में 3 इंच से ज्यादा तक पानी अब तक बरस चुका है।राजस्थान में देर  रात से कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा संभाग के जिलों में 3 इंच से ज्यादा तक पानी अब तक बरस चुका है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/heavy-rains-in-eastern-rajasthan-including-the-capital-jaipur-more/article-53031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/news-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में देर  रात से कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा संभाग के जिलों में 3 इंच से ज्यादा तक पानी अब तक बरस चुका है। और अभी भी बरसात का दौर रुक रुक कर जारी है। जयपुर में आज तड़के 3.30 बजे से बारिश का दौर रुक रुक कर शुरू हुआ था जो कि अभी तक लगातार जारी है। जयपुर में भारी बारिश से जगह जगह जलभराव की स्थिति हो चुकी हैं। सड़कों पर चारों ओर पानी ही पानी है। सड़कें दरिया बन चुकी हैं। नाले सफाई के अभाव में उफान मार रहे हैं और लोग जगह जगह जाम में फसे हुए हैं। हालांकि प्रशासन अलर्ट मोड़ पर आ गया है और स्थिति को काबू में करने का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं अलवर में सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया, जिससे वहां खड़ा एक ऑटो पानी बहता नजर आया। मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में हो रही तेज बारिश के कारण चंबल, कालीसिंध, बनास समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया। पानी की भारी आवक को देखते हुए प्रशासन ने कोटा बैराज के 5 दरवाजे खोलकर करीब 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया। <br />पिछले 24 घंटे की रिपोर्ट देखे तो उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, बूंदी, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, अजमेर, अलवर, जयपुर, सीकर, नागौर, करौली समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। बारां, भरतपुर, राजसमंद जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हुई। चूरू में आकाशीय बिजली गिरने से दो जनों की मौत हो गई। <br />इधर बनास, चंबल, कालीसिंध नदियों में भी जलस्तर बढ़ गया, जिसके बाद बीसलपुर बांध का गेज 24 घंटे के दौरान 5 सेमी. बढ़कर 313.75 मीटर पर पहुंच गया। कालीसिंध बांध का गेट खोलकर 6523 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इधर चंबल नदी में पानी की आवक तेज होने पर कोटा बैराज बांध 5 गेट खोलकर 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया। <br />मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पंजाब और पाकिस्तान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। जहां से मानसून ट्रफ लाइन गंगानगर, दिल्ली, अलीगढ़ होते हुए अम्बिकापुर, बालेसर होकर बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। एक लो-प्रेशर सिस्टम ṇछत्तीसगढ़ के ऊपर बना हुआ है। इस सिस्टम के असर के कारण वर्तमान में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। <br />जयपुर में तड़के से तेज बारिश<br />राजधानी जयपुर में आज तड़के से तेज बारिश हो रही है। चारदीवारी, सीकर रोड, कलेक्ट्रेट समेत पूरे शहर में झमाझम बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। सीकर रोड पर ढहर के बालाजी पर एक से डेढ़ फीट तक सड़क पर पानी भरने से यहां से गाड़ियों की आवाजाही रूक गई।<br />पूर्वी राजस्थान में जारी रहेगी बारिश<br />मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आज पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में मानसून सक्रिय रहने कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। 1 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी होने और केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की सम्भावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 11:06:10 +0530</pubDate>
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