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                <title>parliament news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>parliament news RSS Feed</description>
                
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                <title>विदेशी फंडिंग पर सरकार का पहरा: लोकसभा में विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पुरः स्थापित, नित्यानंद राय ने देशहित वाला विधेयक बताया</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पेश किया गया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे पारदर्शिता और देशहित के लिए जरूरी बताया, जबकि विपक्ष ने इसे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन और शक्तियों का केंद्रीकरण करार दिया। यह कानून विदेशी चंदे को जवाबदेह बनाने और निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से लाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/to-make-foreign-funding-transparent-and-accountable-the-foreign-contribution/article-147844"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/parliament1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पुरः स्थापित किया गया जो विदेशी फंडिंग को पारदर्शी और उत्तरदायी बनायेगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 सदन में पेश करते हुए कहा कि यह आवश्यक संशोधन विधेयक है। उन्होंने कहा कि यह सेवा, पारदर्शिता और देशहित वाला विधेयक है। उन्होंने कहा कि विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम 2010 को संशोधित करने के लिए इस विधेयक को लाया गया है। </p>
<p>इस कानून में पारदर्शी और उत्तरदायी ढांचा बनाने के लिए संशोधन विधेयक को लाया गया है। उन्होंने कहा कि नामित प्राधिकरण को दिये गये अधिकार नियमों के अधीन है। विधेयक का उद्देश्य विदेशी अंशदान को पारदर्शी बनाना है। कोई भी संस्था जो देश की भावना और कानून के अनुरुप होगा उसे यह विधेयक बाधित नहीं करेगा। देशहित के खिलाफ कोई काम करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई किया जायेगा।</p>
<p>गृह राज्य मंत्री ने विपक्ष के आरोपों के जवाब में कहा कि यह खतरनाक उसके लिए होगा जिसके नीयत में खोट होगा। जो अपनी संस्था को निजी लाभ पहुंचाना चाहेगा उसके लिए यह अवश्य खतरनाक है। इससे पहले कांग्रेस के मनीष तिवारी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसमें आवश्क विधायी शर्ते होनी चाहिए थी वह नहीं है। इससे यह संसद के अधिकारों को भी कम करता है इसलिए इस विधेयक के इस फार्म में पेश नहीं किया जाए।</p>
<p>कांग्रेस के एडवोकेट गोवाल कागदा पडवी ने कहा कि इसमें केंद्र के पास अधिक शक्तियां देता है और संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन करने वाला है। यह विधेयक अनुच्छेद 25 और 26 का भी उल्लंघन करता है। तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह बहुत खतरानाक है। इसमें शक्तियों को केंद्रीकृत किया गया है। यह संविधान की मूल रुप रेखा का उल्लंखन होता है इसलिए वह इस विधेयक का विरोध करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 17:44:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोकसभा से निलंबित सभी आठ सदस्यों का निलंबन समाप्त, ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित, स्पीकर पर कागज फेंकने पर हुए थे सस्पेंड</title>
                                    <description><![CDATA[संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के प्रस्ताव के बाद लोकसभा ने 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया है। बजट सत्र में हंगामा करने पर निलंबित हुए इन सदस्यों में कांग्रेस और माकपा के सांसद शामिल हैं। स्पीकर ओम बिरला के साथ सर्वदलीय बैठक के बाद हुए इस फैसले से सदन में विपक्षी गतिरोध समाप्त होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/all-the-eight-members-suspended-from-lok-sabha-were-suspended/article-146800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/lok-sabha1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा ने आठ सदस्यों के निलंबन के प्रस्ताव को मंगलवार को ध्वनिमत से पारित कर तत्काल प्रभाव से सभी सदस्यों के निलंबन को समाप्त कर दिया है। विपक्ष की तरफ से इस मामले में की गई जोरदार पहल के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस आशय का प्रस्ताव सदन में रखा जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।</p>
<p>इन सभी सदस्यों को बजट सत्र के पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण से पैदा हुई स्थिति के बाद भारी हंगामा करने और अध्यक्ष की ओर कागज फेंकने के आरोप में पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया था। इस संबंध में सोमवार को सभी दलों के नेताओं की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ बैठक ही हुई थी। निलंबित सदस्यों में सात कांग्रेस सांसद और मदुरै से  माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के एक सांसद शामिल है।</p>
<p>लोकसभा ने आज दिन सदस्यों का निलंबन वापस लिया है उनमें हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 14:02:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यसभा में भाजपा सांसद के &quot;मिनी पाकिस्तान&quot; कहने पर भड़के टीएमसी सदस्य, कड़ी कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में मंगलवार को उस समय तीखा हंगामा देखने को मिला जब भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने कोलकाता बंदरगाह की जमीन पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए एक इलाके को “मिनी पाकिस्तान” बताया। इस टिप्पणी पर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी शुरू कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmc-members-angry-over-bjp-mp-calling-him-mini-pakistan/article-142596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य के कोलकाता बंदरगाह के एक हिस्से पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कहने पर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जतायी और सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी की।</p>
<p>प्रश्नकाल शुरू होते ही भट्टाचार्य ने बालागढ़ लॉजिस्टिक्स परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए अंग्रेजी में अपना पूरक प्रश्न पूछा। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के बंगला भाषा में इसका जवाब देते हुए कहा कि यह परियोजना 900 एकड़ में होगी जिसमें कोलकाता के मौजूदा श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह की 300 एकड़ जमीन भी शामिल है। इसके लिए सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है और रेलवे लाइन के प्रस्ताव को भी पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है। </p>
<p>मंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से इस परियोजना के लिए सहयोग नहीं मिल रहा है। दूसरा पूरक प्रश्न पूछते हुए भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि कोलकाता में बंदरगाह की 170 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। शहर के कई इलाकों में यही हाल है और वहां के मेयर ने खुद गार्डेन रीच इलाके में अतिक्रमण की बात स्वीकार करते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कहा था। </p>
<p>इस पर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया। ठाकुर ने भाजपा सांसद की बात का समर्थन करते हुए कहा, वहां की सरकार के लोगों ने सब जगह अतिक्रमण किया हुआ है। उन्होंने बताया कि जलपत्तन प्राधिकरण ने अपनी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ केस भी किया हुआ है। महाराष्ट्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की फौजिया खान और केरल से माक्रसवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास ने भी अपने प्रश्न पूछते समय मिनी पाकिस्तान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।</p>
<p>जॉन ब्रिटास के प्रश्न का उत्तर देते हुए ठाकुर ने भी कहा कि कोलकाता के मेयर ने मीडिया के सामने उन इलाकों को मिनी पाकिस्तान कहा था। मंत्री द्वारा यह बात दोहराने पर तृणमूल कांग्रेस के सदस्य ज्यादा उग्र हो गये। वे विरोध करते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। सभापति ने उन्हें बार-बार ऐसा न करने की नसीहत दी और कहा कि यदि वे अपनी सीट पर वापस नहीं जायेंगे तो मजबूरन उन्हें कार्रवाई करनी होगी। इसके बात तृणमूल सांसदों का विरोध शांत हुआ। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:35:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फैकल्टी और कर्मचारियों की कमी के आंकड़े जारी करते हुए राज्यसभा में उठा एम्स रायबरेली की अनदेखी का मुद्दा, मेडिकल गरीबी के कुचक्र में फंसने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में एम्स रायबरेली की अनदेखी और एम्स दिल्ली पर बढ़ते बोझ का मुद्दा उठा। सदस्यों ने फैकल्टी कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं पर चिंता जताई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/issue-of-neglecting-aiims-rae-bareli-raised-in-rajya-sabha/article-142433"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में सोमवार को एम्स रायबरेली की अनेदखी और एम्स दिल्ली पर अत्यधिक बोझ के मुद्दे उठे। सदन में शून्यकाल के दौरान राजस्थान से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली में 12 साल पहले एम्स की नींव रखी गयी थी, लेकिन आज भी वहां पूर्ण परिचालन शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने फैकल्टी और कर्मचारियों की कमी के आंकड़े रखते हुए राजनीतिक कारणों से अस्पताल की अनदेखी का मुद्दा उठाया।</p>
<p>प्रमोद तिवारी ने कहा कि एम्स रायबरेली में 200 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की सीट है जिनमें सिर्फ 37 की नियुक्ति है। प्रोफेसर के 33 पद हैं जिनमें सिर्फ तीन पर नियुक्ति है। एडिशनल प्रोफेसर से 26 पदों पर मात्र छह की नियुक्ति है। कुल मिलाकर 201 फैकल्टी पदों में से 85 रिक्त हैं। </p>
<p>बिहार से राजद के मनोज कुमार झा ने कहा कि एम्स दिल्ली में निजी कारणों से उन्हें चार महीने रहना पड़ा। इस दौरान उन्होंने देखा कि वहां काफी डॉक्टरों, कर्मचारियों पर काफी बोझ है। उन्होंने कहा कि विभिन्न शहरों में जो क्षेत्रीय एम्स बनाये गये हैं वहां का अनुसंधान और इलाज का स्तर भी एम्स दिल्ली जैसा ही होना चाहिए। लोग दूसरे एम्स से दिल्ली आने के लिए मजबूर होते हैं। मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को भी लंबे समय के लिए यहां रहना होता है और वे मेडिकल गरीबी के कुचक्र में फंस जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेक्टर का झुकाव निजी क्षेत्र की तरफ है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में भी इलाज की बेहतर सुविधा होनी चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 13:20:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राज्यसभा में नहीं चला प्रश्नकाल</title>
                                    <description><![CDATA[ धनखड़ ने कहा कि सदन में अव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने दोनों पक्षों से शांत होने की अपील की लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। स्थिति को देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही 12:18 पर 2:00 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/question-hour-did-not-run-in-rajya-sabha/article-53196"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/rajya-sabha1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में मणिपुर की स्थिति पर चर्चा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सोमवार को जमकर हंगामा हुआ जिसके कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सका।</p>
<p>सभापति जगदीप धनखड़ ने पहले स्थगन के बाद जब 12:00 बजे प्रश्नकाल शुरू किया तो विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के सदस्य लगातार नारेबाजी कर रहे थे और सदन में शोरगुल हो रहा था। इस बीच सभापति ने सदन को बताया कि मलावी संसद का प्रतिनिधि मंडल सदन में मौजूद है।</p>
<p>शोर-शराबे के बीच सभापति ने कुछ प्रश्न कराएं लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा। सभापति ने कहा कि असाधारण परिस्थितियों में वह प्रश्नकाल के बीच में ही सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे को बोलने की अनुमति दे रहे हैं। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। दोनों पक्ष नारेबाजी करने लगे।</p>
<p>इस पर धनखड़ ने कहा कि सदन में अव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने दोनों पक्षों से शांत होने की अपील की लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। स्थिति को देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही 12:18 पर 2:00 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।</p>
<p>इससे पहले सदन में शून्यकाल भी नहीं हो सका था। मणिपुर की स्थिति को लेकर चर्चा पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी थी और सदन की कार्यवाही 12:00 बजे तक स्थगित की गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/question-hour-did-not-run-in-rajya-sabha/article-53196</link>
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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 13:09:45 +0530</pubDate>
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