<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/public-issues/tag-38104" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>public issues - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/38104/rss</link>
                <description>public issues RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मंडी का जाम, सफाई-पानी की किल्लत, आवारा कुत्ते बने परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[बिना पार्षद के अधर में अटकीं जनसमस्याएं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-jams-caused-by-the-market--shortages-of-water-and-sanitation-services--and-the-menace-of-stray-dogs/article-162943"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(2)44.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के नए परिसीमन के बाद शहर के वार्डों की तस्वीर बदल गई है। वार्डों की सीमाएं बदलने के साथ लोगों को उम्मीद है कि व्यवस्थाएं भी बेहतर होंगी, लेकिन जमीनी हकीकत में समस्याएं अब भी जस की तस नजर आ रही हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं बिना मानक के बनाए गए ब्रेकर लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। कई कॉलोनियों में पानी की समस्या है, जबकि जगह-जगह झूलते बिजली के तार हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं। स्टेशन क्षेत्र की मस्जिद गली में लगने वाली मंडी के कारण लंबे समय तक जाम लगा रहता है। वहीं भीमगंज मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं। वार्डवासियों का कहना है कि समस्याओं को लेकर शिकायतें तो होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता और फिलहाल वार्ड पार्षद भी नहीं हैं। ऐसे में लोग अपनी समस्या लेकर नगर निगम पहुंचें भी तो आखिर सुनवाई और जिम्मेदारी किसकी तय होगी?</p>
<p><strong>आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, रात में घर से निकलना मुश्किल</strong><br />वार्ड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से वार्डवासी परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गली-मोहल्लों में दिनभर कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों में डर बना रहता है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालकों पर आवारा कुत्ते हमला कर चुके हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वार्डवासियों का आरोप है कि समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने निगम से अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।</p>
<p><strong>मस्जिद गली में जाम से राहगीरों होती परेशानी</strong><br />स्टेशन क्षेत्र में मस्जिद गली में लगने वाली मंडी स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मंडी के दौरान सड़क पर भीड़ और वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई बार लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी के लिए व्यवस्थित व्यवस्था और यातायात प्रबंधन किया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।</p>
<p><strong>पार्षद नहीं, अब शिकायत लेकर जाएं कहां?</strong><br />परिसीमन के बाद वार्ड तो नए बन गए, लेकिन फिलहाल पार्षद नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के सामने अपनी समस्याएं रखने को लेकर असमंजस की स्थिति है। वार्डवासियों का कहना है कि नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं रहता कि समस्या के समाधान की जिम्मेदारी किसकी है। लोगों की मांग है कि चुनाव और नई व्यवस्था तक निगम को प्रत्येक वार्ड में शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए।</p>
<p><strong>झूलते तार दे रहे हादसे को न्योता</strong><br />वार्डों के कई क्षेत्रों में बिजली के झूलते तार भी बड़ी समस्या हैं। तार कई जगह नीचे तक लटक रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने बिजली निगम से ऐसे तारों को व्यवस्थित करने और जर्जर विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।</p>
<p><strong>नए वार्ड और वार्ड नंबर के क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 11: </strong>नया भदाना, बेरवा का मोहल्ला, रिद्धि-सिद्धि नगर, समस्त सरस्वती कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, अंबेडकर नगर, जगदंबा कॉलोनी, पुराना भदाना, भदाना की टापरियां, आरके कॉलोनी, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, बाबा कॉलोनी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 12: </strong>बापू कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, बोहरा की बगीची, कैलाशपुरी, गणेशपुरा, राजीव नगर, कच्ची बस्ती, पार्वती कॉलोनी, प्रताप कॉलोनी, मिल वाले बाबा, गोपाल मिल, महावीर कॉलोनी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 13:</strong> मस्जिद गली, सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, नेहरू नगर, हरिजन बस्ती, तेलघर, इमामबाड़ा, संजय नगर, हुसैनी नगर।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 14: </strong>संपूर्ण चोपड़ा फार्म, मानसिंह बिल्डिंग, राधा-कृष्ण मंदिर, शंकर भवन, लालबाई माता मंदिर, विजयवर्गीय मेडिकल, दानमलजी का आहता क्षेत्र।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 15: </strong>मॉडल टाउन, आदर्श कॉलोनी, तिलक कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी, सुरपीन होटल, मिलिट्री क्षेत्र, भीमगंज मंडी थाना, अजय आहूजा स्कूल, नगर निगम सेक्टर कार्यालय, जवाहरलाल नेहरू स्कूल, आर्य समाज, चर्च, निर्मला स्कूल, इनामी भवन, राजेंद्र होटल, आनंद विहार, मुर्गी फार्म हाउस, शांति नगर, सॉयल कंजर्वेशन क्षेत्र।</p>
<p>जब उन्होंने चुनाव लड़ा था, तब वार्ड में महज 10 से 20 प्रतिशत तक ही विकास कार्य हुए थे। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यकाल में करीब 90 प्रतिशत विकास कार्य करवाए। वार्डवासियों के राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने से लेकर हर गली में सड़क निर्माण तक, उन्होंने जनसुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता से करवाए।<br /><strong>- संदीप नायक, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>पार्षद बनने के बाद शुरुआती ढाई साल में वार्ड में तेजी से विकास कार्य करवाए गए। इसके बाद सरकार बदलने के साथ ही विकास कार्य लगभग ठप हो गए। उनका आरोप है कि अधिकारी आम पार्षदों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते थे और उन्हीं कार्यों को प्राथमिकता मिलती थी, जिनके लिए कैंप कार्यालय से फोन आता था।<br /><strong>- हेमलता गौतम, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>पूर्व पार्षद के कार्यकाल में वार्ड में करोड़ों रुपए के विकास कार्य करवाए गए। सफाई व्यवस्था को लेकर समय-समय पर समस्या जरूर रही, लेकिन शिकायतों के बाद इसमें भी सुधार करवाया गया।<br /><strong>-प्रदीप राठौर, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड नंबर 15 में आने वाले भीमगंज मंडी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में गंदगी जमा नहीं हो।<br /><strong>-गोपाल लाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>नए वार्डों में शामिल कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से परेशानी होती है। वहीं कई इलाकों की सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। कई स्थानों पर बिना मानक के बने ब्रेकर भी वाहन चालकों के लिए परेशानी बने हुए हैं।<br /><strong>-जेडी सिकरवार, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-jams-caused-by-the-market--shortages-of-water-and-sanitation-services--and-the-menace-of-stray-dogs/article-162943</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/traffic-jams-caused-by-the-market--shortages-of-water-and-sanitation-services--and-the-menace-of-stray-dogs/article-162943</guid>
                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 15:13:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/111200-x-600-px%29-%282%2944.png"                         length="1978527"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनता के मुद्दों की नहीं, नोटों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[बोर्ड बैठक में जनप्रतिनधि जनता के मुद्दों को उठाते हैं, ऐसे में अधिकारी उन मुद्दों पर जवाब देने से बचते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/worry-about-notes--not-public-issues/article-67145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/janta-k-muddo-ko-nhi-noto-ki-chinta...kota-news-16-01-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जनता के मुद्दों की नहीं नोटों की चिंता है। यही कारण है कि साल में सिर्फ एक बार फरवरी में ही बजट की बोर्ड बैठक की जा रही है। इस बार भी बजट की बोर्ड बैठक अगले माह फरवरी में होगी। नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत हर 60 से 90 दिन में नगर निगमों को एक बार साधारण सभा की बैठक करना आवश्यक है। जिससे जनता से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से चर्चा हो सके। जनप्रतिनिधि जनता के मुद्दों को अधिकारियों के सामने रख सकें और अधिकारी उन मुद्दों के समाधान का जवाब सभी के सामने दे सकें।  लेकिन हालत यह है कि कोटा में दो नगर निगम बनने के बाद से अभी तक तीन साल का कार्यकाल पूरा हो  चुका है। बोर्ड गठन के तीन माह के भीतर पहली बैठक करना आवश्यक होने से वह बैठक हुई थी। उसके बाद साल में बार बजट की ही बोर्ड बैठकें हो रही है। नगर निगम कोटा उत्तर ने जरूर इस बार दशहरा मेले से पहले बजट पास करने के लिए बैठक की थी। जबकि दोनों निगमों की ओर से उसके अलावा बीच में बोर्ड की एक भी बैठक नहीं की गई। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की बजट बोर्ड बैठक पिछले साल 4 व 8 फरवरी को की गई थी। अब फिर से अगले माह फरवरी में ही बजट की बोर्ड बैठक होगी। </p>
<p><strong>बजट बैठक करना मजबूरी</strong><br />बोर्ड बैठक में जनप्रतिनधि जनता के मुद्दों को उठाते हैं। ऐसे में अधिकारी उन मुद्दों पर जवाब देने से बचते हैं। जबकि साल में एक बार बजट की बोर्ड बैठक करना उनकी मजबूरी है। नगर निगम का आगामी वित्त वर्ष के लिए अनुमानित बजट पास करके 14 फरवरी से पहले राज्य सरकार को भिजवाना होता है। साथ ही वर्तमान वित्त वर्ष में आय-व्यय का ब्यौरा देना होता है। उसके आाधार पर ही सरकार नगर निगम का बजट पारित करती है। ऐसे में अधिकारियों को जनता के मुद्दों की नहीं नोटों की चिंता होने से ही साल में एक बोर्ड बैठक कर रहे हैं। यदि बजट की बोर्ड बैठक नहीं की गई और बजट पारित नहीं किया गया तो सरकार से स्वीकृति के अभाव में निगम अधिकारी खर्चा नहीं कर पाएंगे। </p>
<p><strong>महापौर व नेता प्रतिपक्ष लिखते रहे पत्र</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर में नेता प्रतिपक्ष लव शर्मा कई बार महापौर व आयुक्त से मिलकर बोर्ड बैठक बुलाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन उनकी कोइ सुनवाई नहीं हुई है।  वहीं कोटा दक्षिण के नेता प्रतपक्ष विवेक राजवंशी महापौर व आयुक्त के नाम कई पत्र लिख चुके हैं। महापौर राजीव अग्रवाल यू ओ नोट लिख चुके हैं। लेकिन उन पत्रों व यू ओ नोट का अधिकारियों पर कोई असर ही नहीं हो रहा। </p>
<p><strong>पालना रिपोर्ट तक नहीं भेजी</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण में तो बोर्ड बैठक हुए एक साल होने को है। लेकिन अभी तक अधिकारी उस बैठक की पालना रिपोर्ट ही नहीं दे सके। नेता प्रतिपक्ष और महापौर आयुक्त को पालना रिपोर्ट के लिए भी कई पत्र व यू ओ नोट लिख चुके हैं। जिसका भी अधिकारियों पर असर नहीं हुआ है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बजट बैठक बुलाने के लिए अधिकारियों को पत्र लिखे चुके हैं। अभी तक तो पिछली बजट बैठक की पालना रिपोर्ट ही तैयार नहीं हुई है। बिना पालना रिपोर्ट की अगली बैठक करने का कोई मतलब ही नहीं है।  अधिकारी जनहित के मुद्दों पर जवाब देने से बचते हैं। इस कारण से बोर्ड बैठक बीच में बुलाने से डरते हैं। बोर्ड बैठक में पार्षद अधिकारियों के काम की सच्चाई सबके सामने लाते हैं। फरवरी में तो बजट की बोर्ड बैठक करना अधिकारियों की मजबूरी है।<br /><strong>- विवेक राजवंशी, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>महापौर व आयुक्त को कई बार व्यक्तिगत रूप से मिलकर बोर्ड बैठक बुलाने का आग्रह कर चुका हूं। समय-समय पर बोर्ड बैठक होने से पार्षद जनता के मुद्दे उठाते रहें और उनका समाधान होता रहे तो ठीक है। वरना साल में एक बैठक होने से पार्षदों का गुस्सा भी अधिक रहता है। सभी को बोलने का मौका भी नहीं मिल पाता। बजट बैठक में बजट पास करके इति श्री कर ली जाती है। <br /><strong>- लव शर्मा, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>बजट बोर्ड बैठक फरवरी के पहले सप्ताह में करने का प्रयास है। लेखा शाखा द्वारा बजट तैयारी  किया जा रहा है। बीच में कभी कोरोना तो कभी चुनाव आने से बोर्ड बैठक नहीं कर सके। हालांकि दशहरा मेले से पहले एक बैठक की गई थी। <br /><strong>- मंजू मेहरा, महापौर नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>अधिकारियों ने अभी तक तो पिछली बैठक की पालना रिपोर्ट ही नहीं दी है। पालना रिपोर्ट आने के बाद शीघ्र ही बोर्ड बैठक की जाएगी। फरवरी में तो बजट की बोर्ड बैठक होना आवश्यक है।  बोर्ड बैठक के लिए अधिकारियों से चर्चा करेंगे। <br /><strong>- राजीव अग्रबाल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/worry-about-notes--not-public-issues/article-67145</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/worry-about-notes--not-public-issues/article-67145</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jan 2024 16:35:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/janta-k-muddo-ko-nhi-noto-ki-chinta...kota-news-16-01-2024.jpg"                         length="676034"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दोनों निगमों में 7 माह से नहीं हुई बोर्ड बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों नगर निगमों में बोर्ड की बैठकें फरवरी माह में हुई थी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/board-meeting-has-not-been-held-in-both-the-corporations-for-7-months/article-57272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/gan-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम आम जन से जुड़ा विभाग होने से यहां जनता के मुद्दे सबसे अधिक आते हैं। उसके बाद भी नगर निगम में पट्टे बनाने के अलावा जनता के मुद्दे गौण हो रहे हैं। दोनों नगर निगमों में करीब 7 माह से बोर्ड बैठक नहीं होने से जनप्रतिनिधि जनता के मुद्दों पर चर्चा ही नहीं कर  पा रहे हैं।  कोटा में वर्तमान में दो नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण हैं। दोनों निगमों में कांग्रस के बोर्ड हैं। राज्य  में सरकार भी कांग्रेस की ही है। उसके बाद भी नगर निगम में समय पर र्बो बैठकें तक नहीं हो पा रही है। </p>
<p><strong>फरवरी में हुई थी बोर्ड बैठक</strong><br />दोनों नगर निगमों में बोर्ड की बैठकें फरवरी माह में हुई थी। कोटा दक्षिण निगम की बैठक 4 फरवरी को व कोटा उत्तर की बैठक 8 फरवरी हो हुई थी। ये बैठकें भी मजबूरी में करवाई गई थी। दोनों निगमों में बजट पास करवाने के लिए बोर्ड बैठक करवाना आवश्यक होने से ये बैठकें हुई थी। उसके बाद 7 माह बीत चुके हैं लेकिन बोर्ड बैठक नहीं हुई।  </p>
<p><strong>हर दो माह में बैठक का नियम</strong><br />राजस्थान नगर पालिका अधिनियम के तहत नगर निगम में हर दो माह में बोर्ड बैठक करवाना आवश्यक है। जिसके तहत निर्वाचित जनप्रतिनिधि पार्षद जनता से जुड़े मुद्दों को अधिकारियों व महापौर व उप महापौर के समक्ष रखते हैं। उन मुद्दों पर चर्चा होती है। उसके बाद उनका समाधान भी बोर्ड में किया जाता है। बोर्ड में लिए गए निर्णयों की पालना बाध्यता परक होती है। लेकिन बोर्ड बैठक नहीं होने से जनता के मुद्दों पर चर्चा ही नहीं हो रही है। हालांकि दोनों नगर निगमों में आने वाले आमजन का काम हो रहा है। लेकिन सामहिक रूप से सभी के लिए काम करने के नियम व समस्याओं पर चर्चा व निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। </p>
<p><strong>दशहरा मेले की बैठक  भी नहीं</strong><br />नगर निगम में हर साल दशहरा मेले के आयोजन से पहले उसका बजट पास करने व मेले को भव्यता प्रदान करने संबंधी विषयों पर सुझावों के लिए भी मेले से पहले एक बोर्ड बैठक होती रही है। पिछले बोर्ड में उसी तरह से काम हो रहा था। लेकिन वर्तमान में दोनों नगर निगमों कोटा उत्तर व दक्षिण में बोर्ड गठन के तीन साल होने वाले हैं। अभी तक एक बार भी मेले से पहले बैठक नहीं हुई है। पिछली बार भी आम बजट के साथ ही मेले का बजट भी पारित कर दिया गया था। इस बार के मेले के लिए भी 8 करोड़ का बजट 7 महीने पहले हुई बोर्ड बैठक में ही पारित कर दिया था। </p>
<p><strong>नेता प्रतिपक्ष ने लिखा महापौर को पत्र</strong><br />कोटा दक्षिण के नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में महापौर को पत्र लिखा है। जिसमें बोर्ड बैठक शीघ्र करवाने की मांग की गई है। पत्र में बताया कि कोटा दक्षिण की बोर्ड बैठक 4 फरवरी को हुई थी। जिसे 7 माह का समय हो चुका है। दशहरा मेला आने वाला है। राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए शीघ्र ही आार संहिता लगने वाली है। ऐसे में भाजपा के सभी पार्षदों का आग्रह है कि बोर्ड बैठक शीघ्र बुलाई जानी चाहिए। कोटा उत्तर के नेता प्रतिपक्ष लव शर्मा ने बताया कि उन्होंने महापौर से इस संबंध में कई बार चर्चा की है। पूर्व में 6 सितम्बर को बोर्ड बैठक करवाना तय हो गया था। लेकिन विकास कार्यों के उद्घाटन से तारीख तय नहीं हो सकी थी। बोर्ड बैठक समय पर नहीं होने से पार्षदों का आक्रोेश अधिक नजर आता है। बोर्ड बैठक शीघ्र बुलाई जानी चाहिए। </p>
<p><strong>ये हैं जनता के मुद्दे</strong><br />भाजपा व कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि बोर्ड बैठक समय पर होती रहती है तो जनता के मुद्दों पर चर्चा व समाधान होता है। जबकि बोर्ड बैठक नहीं होने से बिजली, पानी, सड़क, सफाई, लेबर के अलावा निर्माण संबंधी कार्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा ही नहीं हो पा रही है। </p>
<p><strong>पालना रिपोर्ट ही नहीं आई</strong><br />बोर्ड बैठक बुलाने के लिए आयुक्त को यू ओ नोट लिखा हुआ है। लेकिन अभी तक पिछली बोर्ड बैठक की ही पालना रिपोर्ट नहीं आई है। बिना पालना रिपोर्ट के अगली बोर्ड बैठक में चर्चा कैसे होगी। फिर भी आयुक्त से चर्चा कर शीघ्र ही बोर्ड बैठक करवाई जाएगी। बोर्ड बैठक हर हो माह में होती रहनी चाहिए। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p><strong>इसी माह होगी बोर्ड बैठक</strong><br />दशहरा मेले का बजट तो फरवरी में हुई आम बजट की बोर्ड बैठक में ही पारित करवा लिया था। मेले से पहले ही इसी माह 22 सितम्बर तक  बोर्ड बैठक करवाने की योजना है।  <br /><strong>- मंजू मेहरा, महापौर नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/board-meeting-has-not-been-held-in-both-the-corporations-for-7-months/article-57272</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/board-meeting-has-not-been-held-in-both-the-corporations-for-7-months/article-57272</guid>
                <pubDate>Sat, 16 Sep 2023 17:28:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/gan-%282%293.png"                         length="458383"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        