<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/financial-fraud/tag-38219" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>financial fraud - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/38219/rss</link>
                <description>financial fraud RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में वोटिंग से पहले 'मनी ट्रेल' पर वार: मर्लिन ग्रुप के खिलाफ ईडी की बड़ी छापेमारी, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में रियल एस्टेट दिग्गज मर्लिन ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी को फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने और मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह है। साल्ट लेक और मिडलटन स्ट्रीट सहित विभिन्न स्थानों पर डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/war-on-money-trail-before-voting-in-west-bengal-big/article-150783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/merlin-group.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार तड़के कोलकाता स्थित रियल एस्टेट डेवलपर मर्लिन ग्रुप की कई जगहों पर समन्वित छापेमारी की। माना जा रहा है कि ईडी की यह कार्रवाई, कंपनी की कुछ कथित वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांच का हिस्सा है। आशंका है कि कंपनी ने धन शोधन कानूनों का उल्लंघन किया है। अधिकारियों के अनुसार, ईडी की टीमें शहर और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर तैनात की गईं। जिन ठिकानों पर तलाशी ली गई, उनमें मिडलटन स्ट्रीट और साल्ट लेक के सीएफ ब्लॉक स्थित मर्लिन ग्रुप की संपत्तियां शामिल हैं।</p>
<p>जांच एजेंसी ने डीसी पाल ग्रुप के एक कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया, जिससे संकेत मिलता है कि जांच अब संबंधित संस्थाओं और कारोबारी संबंधों तक भी फैल सकती है। अधिकारियों ने हालांकि अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन तलाशी से जुड़े ईडी अधिकारियों का कहना है कि मामला भूमि सौदों और स्वामित्व रिकॉर्ड से जुड़े गंभीर आरोपों से संबंधित है। मर्लिन ग्रुप के प्रमोटरों और कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने "फर्जी" दस्तावेजों का उपयोग कर स्वामित्व की "झूठी" कड़ी तैयार की और भूमि हड़प ली। ईडी का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने कथित रूप से कब्जाई गई जमीन का व्यावसायिक "शोषण" करते हुए बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट परियोजनाएं शुरू कीं। एजेंसी के अनुसार, "फर्जी" दस्तावेजों के जरिए खुद को वैध मालिक दिखाकर आरोपियों ने आम जनता को इन परियोजनाओं में "बड़ी" रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>फिलहाल, यह अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है कि इस कार्रवाई के दौरान कोई जब्ती या गिरफ्तारी हुई है या नहीं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं, जिसके कारण छापेमारी अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। मर्लिन ग्रुप और डीसी पाल ग्रुप के प्रतिनिधियों ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जांच आगे बढ़ने के साथ और जानकारी मिल पायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/war-on-money-trail-before-voting-in-west-bengal-big/article-150783</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/war-on-money-trail-before-voting-in-west-bengal-big/article-150783</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 15:35:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/merlin-group.png"                         length="772777"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन घोटाला: पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल दो दिन की पुलिस रिमांड़ पर, विशेष अदालत में होंगे पेश </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर की विशेष अदालत ने ₹960 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल की रिमांड 2 दिन और बढ़ा दी है। भगोड़ा घोषित होने के बाद गिरफ्तार हुए अग्रवाल से एसीबी अब भ्रष्टाचार के गहरे राज उगलवाएगी। जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए और समय की मांग की थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-scam-former-ias-subodh-aggarwal-sent-on/article-150180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ias.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने जल जीवन मिशन में हुए करीब 960 करोड रुपए के घोटाले से जुडे मामले में पूर्व आईएएस और तत्कालीन अतिरिक्त जलदाय सचिव सुबोध अग्रवाल का रिमांड 2 दिन के लिए बढ़ा दिया है।</p>
<p>एसीबी की ओर से रिमांड पूरा होने के बाद सुबोध अग्रवाल को विशेष अदालत में पेश किया गया। इस दौरान एसीबी ने रिमांड अवधि 3 दिन बढ़ाने की गुहार की।  हाल ही में, अदालत की ओर से आरोपी सुबोध अग्रवाल को भगोड़ा घोषित करने के बाद एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-scam-former-ias-subodh-aggarwal-sent-on/article-150180</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-scam-former-ias-subodh-aggarwal-sent-on/article-150180</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:10:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/ias.png"                         length="905162"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल जीवन मिशन घोटाला : पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल 13 अप्रैल तक रिमांड पर, देखें वायरल वीडियो </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर की विशेष अदालत ने जल जीवन मिशन में ₹960 करोड़ के घोटाले के आरोपी पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को 13 अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया है। भगोड़ा घोषित होने के बाद गिरफ्तार हुए अग्रवाल से एसीबी अब भ्रष्टाचार के नेटवर्क और अन्य शामिल लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-scam-former-ias-subodh-aggarwal-on-remand/article-149888"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/capture.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने जल जीवन मिशन में हुए करीब 960 करोड रुपए के घोटाले से जुडे मामले में पूर्व आईएएस और तत्कालीन अतिरिक्त जलदाय सचिव सुबोध अग्रवाल को 13 अप्रैल तक रिमांड पर एसीबी को सौंप दिया है। हाल ही में अदालत की ओर से आरोपी सुबोध अग्रवाल को भगोड़ा घोषित करने के बाद एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया था।</p>
<p></p><video style="width:496px;height:280px;" src="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/whatsapp-video-2026-04-10-at-15.45.34.mp4" controls=""></video>
<p>एसीबी की ओर से आरोपी सुबोध अग्रवाल को अदालत में पेश कर 14 अप्रैल तक रिमांड मांगा। एसीबी की ओर से कहा गया कि आरोपी से प्रकरण को लेकर पूछताछ करनी है। वहीं यह भी जानकारी हासिल की जाएगी की इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं सुबोध अग्रवाल के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। वहीं सुबोध अग्रवाल ने अदालत कक्ष के बाहर कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि न्याय होगा, सत्यमेव जयते।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-scam-former-ias-subodh-aggarwal-on-remand/article-149888</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jal-jeevan-mission-scam-former-ias-subodh-aggarwal-on-remand/article-149888</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:52:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/capture.jpg"                         length="50759"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने किया भूमि हड़पने और जालसाजी रैकेट का पर्दाफाश : कोलकाता में मर्लिन ग्रुप पर छापेमारी, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में मर्लिन प्रोजेक्ट्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की। जांच में सामने आया कि सुशील और साकेत मोहता ने जाली दस्तावेजों के जरिए सरकारी जमीन हड़पी और अवैध रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स बनाए। इस घोटाले में प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत की भी गहन जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ed-busts-land-grab-and-fraud-racket-raids-on-merlin/article-149735"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ed.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने सुशील मोहता और साकेत मोहता द्वारा प्रवर्तित मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ चल रही धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) जांच के सिलसिले में सात परिसरों पर छापेमारी की। छापेमारी में पता चला कि आरोपियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने कथित तौर पर जाली दस्तावेज बनाकर सार्वजनिक भूमि सहित कई भूखंडों पर धोखाधड़ी से कब्जा किया था। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच में पता चला है कि सुशील मोहता, साकेत मोहता और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने विभिन्न भूखंडों को अवैध रूप से हासिल करने के लिए जाली दस्तावेज बनाए। आरोपियों ने बाद में इन जमीनों का व्यावसायिक रूप से बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट परियोजनाओं को शुरू करके फायदा उठाया।</p>
<p>जाली दस्तावेजों के आधार पर खुद को वैध मालिक बताकर, उन्होंने कथित तौर पर आम जनता को इन परियोजनाओं में बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। अधिकारी ने बताया, "आगे की जांच में मर्लिन समूह और वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ राज्य सरकार के सार्वजनिक अधिकारियों के बीच संबंध सामने आए हैं। समूह और उसके प्रमोटरों के साथ उनकी भूमिका और वित्तीय लेन-देन की वर्तमान में जांच की जा रही है।" ईडी ने बताया कि छापेमारी वाले परिसरों से आपत्तिजनक डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं और मामले की जांच जारी है ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ed-busts-land-grab-and-fraud-racket-raids-on-merlin/article-149735</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/ed-busts-land-grab-and-fraud-racket-raids-on-merlin/article-149735</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 18:14:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/ed.png"                         length="915345"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना पुलिस की बड़ी कामयाबी : ऑनलाइन धोख़ाधड़ी के 17 मामलों में कई राज्यों से 19 आरोपी गिरफ़्तार, पूछताछ जारी</title>
                                    <description><![CDATA[साइबराबाद पुलिस ने देशव्यापी छापेमारी कर 17 साइबर अपराधों का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार 19 आरोपियों में ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के जालसाज शामिल हैं। पुलिस ने पीड़ितों को 4.35 करोड़ रुपये वापस दिलाने के अदालती आदेश भी प्राप्त किए। व्हाट्सएप निवेश समूहों से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए हेल्पलाइन 1930 जारी की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-of-telangana-police-19-accused-arrested-from-many/article-148857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/arrestedd.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना के साइबराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने 25 से 31 मार्च के बीच कई राज्यों में छापेमारी की और 17 साइबर अपराध के मामलों का खुलासा कर 19 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान के अनुसार, पकड़े गए मामलों में सबसे ज्यादा धोखाधड़ी 'ट्रेडिंग' से जुड़ी थी। ट्रेडिंग धोख़ाधड़ी के 11 मामलों में 12 गिरफ्तारियां की गईं। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट के दो मामलों में तीन, पार्ट-टाइम जॉब धोख़ाधड़ी के दो मामलों में दो और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के दो मामलों में दो आरोपियों को पकड़ा गया है।</p>
<p>पुलिस को एक बड़ी सफलता यह भी मिली है कि उन्होंने 125 मामलों में अदालतों से 884 'रिफंड' आदेश प्राप्त किए हैं। इसके जरिए पीड़ितों को 4.35 करोड़ रुपये वापस दिलाने की प्रक्रिया आसान हुई है। इस सप्ताह के दौरान एक बड़े मामले में पुलिस ने उस ट्रेडिंग धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया, जिसमें एक पीड़ित से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 2.93 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। जालसाजों ने निवेश सलाहकार बनकर और मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर पीड़ित को झांसे में लिया और भारी मुनाफे के नाम पर कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए। इस मामले में तेलंगाना के रहने वाले दो आरोपियों शेखर और तिनेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया गया है। इन पर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है।</p>
<p>पुलिस ने जनता को चेतावनी दी है कि वे भारी मुनाफे का वादा करने वाले ऑनलाइन निवेश समूहों पर भरोसा न करें और निवेश करने से पहले प्लेटफॉर्म की अच्छी तरह जांच कर लें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-of-telangana-police-19-accused-arrested-from-many/article-148857</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-success-of-telangana-police-19-accused-arrested-from-many/article-148857</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:12:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/arrestedd.png"                         length="403956"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल में राजनीतिक भूचाल:  धन शोधन मामले में नेपाल के पूर्व ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री दीपक खड़का गिरफ्तार, सात दिनों की हिरासत में भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल के धन शोधन विभाग (DMLI) ने पूर्व पीएम देउबा, ओली और प्रचंड के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज कर दी है। विरोध प्रदर्शनों के दौरान नेताओं के घरों से जले हुए नोट मिलने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई। पूर्व मंत्री दीपक खड़का को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई दिग्गज नेता फिलहाल देश से बाहर हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/nepals-former-energy-water-resources-and-irrigation-minister-deepak-khadka/article-148445"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/deepak-khadaka.png" alt=""></a><br /><p>नेपाल। नेपाल के धन शोधन जांच विभाग (डीएमएलआई) के अधिकारियों ने तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों और दो पूर्व मंत्रियों से जुड़े धन शोधन के मामले की जांच तेज कर दी है। 'द काठमांडू पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई प्रारंभिक पूछताछ में उनके वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्तियों में विसंगतियां पाए जाने के बाद की गई है। डीएमएलआई ने नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) के सहयोग से पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल के साथ-साथ पूर्व मंत्री आरज़ू राणा देउबा और दीपक खड़का के खिलाफ विस्तृत जांच शुरू की है।</p>
<p>दीपक खड़का पहले ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं, उन्हें अदालत की अनुमति के बाद सात दिनों की हिरासत में भेज दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने हाल ही में जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस मुख्यालय से सहायता मांगी थी। इस अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रविवार को नेपाली कांग्रेस के नेता खड़का को बुधानिलकंठ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>यह जांच 9 सितंबर 2025 को हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद कई राजनीतिक हस्तियों के आवासों से जले हुए करेंसी नोटों के टुकड़े बरामद होने के बाद शुरू हुई थी। ये घटनाएं 'जेन-जेड' (युवा पीढ़ी) के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के एक दिन बाद हुई थीं। बाद में सामने आए दृश्यों में देउबा, खड़का और दहल के घरों पर जले हुए नोट देखे गए थे, जिनकी प्रयोगशाला विश्लेषण के माध्यम से असली मुद्रा के रूप में पुष्टि की गई थी। चल और अचल दोनों संपत्तियों के बारे में प्रारंभिक जानकारी एकत्र करने और घटनास्थलों का दौरा करने के बाद, अधिकारियों ने इस मामले को सीआईबी अधिकारियों के नेतृत्व में एक व्यापक जांच में बदल दिया है।</p>
<p>सूत्रों का संकेत है कि खड़का और जांच के दायरे में आए अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई एक साथ आगे बढ़ रही है। देउबा 1991 से सार्वजनिक पद पर हैं, लेकिन उन्होंने 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा के चुनाव में भाग नहीं लिया था। चुनावों से ठीक पहले, 25 फरवरी को वे चिकित्सा उपचार के लिए सिंगापुर चले गए थे। उनकी पत्नी आरज़ू राणा देउबा, जिन्होंने सितंबर के विरोध प्रदर्शनों तक विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया था, 5 जनवरी को नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं और तब से वापस नहीं लौटी हैं। इस दंपति के वर्तमान ठिकाने के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/nepals-former-energy-water-resources-and-irrigation-minister-deepak-khadka/article-148445</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/nepals-former-energy-water-resources-and-irrigation-minister-deepak-khadka/article-148445</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 16:32:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/deepak-khadaka.png"                         length="462920"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ 9.78 करोड़ रूपये के धन शोधन का मामला दर्ज, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मध्य प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. अमरनाथ मित्तल के खिलाफ भोपाल कोर्ट में शिकायत दर्ज की है। लोकायुक्त की प्राथमिकी के आधार पर हुई जांच में ₹2.38 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ। आरोपी ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार की कमाई को भोपाल और रायसेन की अचल संपत्तियों में निवेश कर मनी लॉन्ड्रिंग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/money-laundering-case-of-rs-978-crore-registered-against-former/article-148319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ed1.png" alt=""></a><br /><p>मध्य प्रदेश। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. अमरनाथ मित्तल और अन्य के खिलाफ घन शोधन रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत भोपाल की विशेष अदालत (पीएमएलए) में शिकायत दर्ज की है। ईडी के सूत्रों ने बताया कि लोकायुक्त भोपाल द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी। यह प्राथमिकी उन आरोपों से संबंधित है जिसमें डॉ. अमरनाथ मित्तल ने लोक सेवक के रूप में काम करते हुए अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की, जिसकी कीमत लगभग 2.38 करोड़ रूपये थी।</p>
<p>पीएमएलए जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार के तरीकों से हासिल अपराध की कमाई को भोपाल और रायसेन जिलों में स्थित चल और अचल संपत्तियों में निवेश करके धन शोधन किया था। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/money-laundering-case-of-rs-978-crore-registered-against-former/article-148319</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/money-laundering-case-of-rs-978-crore-registered-against-former/article-148319</guid>
                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:32:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/ed1.png"                         length="393397"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएनबी बैंक घोटाला: मुख्य आरोपी मैनेजर को मथुरा से पकड़ा, पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश असफल</title>
                                    <description><![CDATA[झुंझुनूं के पीएनबी गोल्ड लोन घोटाले में फरार बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ मथुरा से गिरफ्तार। 6.50 करोड़ के सोने की हेराफेरी की जांच जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/pnb-bank-scam-main-accused-manager-arrested-from-mathura-attempt/article-142184"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(11).png" alt=""></a><br /><p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नवलगढ़/झुंझुनूं।</span>। झुंझुनूं में पंजाब नेशनल बैंक में 6.50 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन घोटाले के मुख्य आरोपी बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ को पुलिस ने मथुरा के रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान मैनेजर ने पुलिस हिरासत से भागने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। नवलगढ़ स्थित पीएनबी शाखा में साढ़े 6 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन घोटाले के मामले में एक आरोपी बैंक के बीसी संचालक संतोष कुमार सैनी हिरासत में है। मुख्य आरोपी और तत्कालीन ब्रांच मैनेजर अमित जांगिड़ फरार था जिसे आज गिरफ्तार कर लिया गया है।</p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) नवलगढ़ शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर हुए बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक के गोल्ड गबन के मामले में पुलिस ने पूर्व बैंक मैनेजर अमित जांगिड़ और बैंक में बीसी (बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट) का काम करने वाले संतोष सैनी को गिरफ्तार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झुंझुनू बृजेश ज्योति उपाध्याय आईपीएस के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी अमित जांगिड़, जो पीएनबी नवलगढ़ में तत्कालीन शाखा प्रबंधक था, उनहोंने संतोष सैनी के साथ मिलकर फर्जी गोल्ड लोन खातों का जाल बिछाया। लालच देकर परिवारजनों व परिचितों के नाम पर ऑनलाइन खाते खुलवाए गए और ओटीपी बैंक के भीतर ही प्राप्त कर गोल्ड लोन की राशि निकाली गई। इस राशि का एक हिस्सा संतोष सैनी अपने पास रखता था, जबकि शेष रकम अमित जांगिड़ द्वारा हड़प ली जाती थी।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जांच में सामने आया कि बैंक में रखे गोल्ड सेफ से असली सोना निकालकर उसकी जगह नकली आभूषण रख दिए गए। कुछ मामलों में असली सोने को अन्य बैंकों में गिरवी रखकर वहां से भी गोल्ड लोन लिया गया। इतना ही नहीं, आरोपी की महिला मित्र के नाम से भी बैंक में जमा सोने का उपयोग कर अन्य बैंक में गोल्ड लोन करवाने की बात सामने आई है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अपने अपराध को छिपाने के लिए बैंक में डकैती की साजिश रची थी। डकैती के लिए करीब 20 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, ताकि सोना और डीवीआर गायब दिखाए जा सकें। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने मामले का खुलासा कर दोनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">मुख्य आरोपी अमित जांगिड़ को मथुरा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार उसे शेयर बाजार में करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था और उसने अपने नाम से लगभग 4 करोड़ रुपये का बीमा भी करवा रखा था। जांच में उसके पास अकूत संपत्ति का पता चला है, जिसमें दो महंगी कारें, एक बुलेट बाइक, सीकर के पॉश इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान, गांव में 100 से अधिक देशी-विदेशी नस्ल की गायों वाला डेयरी फार्म और दो पिकअप वाहन शामिल हैं। वहीं बीसी संतोष सैनी, जिसकी आय सीमित बताई जा रही है, उसके पास भी कई दुकानें, प्लॉट और मकान पाए गए हैं। यह मामला 1 फरवरी 2026 को तब सामने आया, जब पीएनबी नवलगढ़ शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश सिहाग ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। बैंक के गोल्ड सेफ की जांच के दौरान कई पैकेटों से छेड़छाड़ और असली सोने के स्थान पर नकली आभूषण मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।</span></p>
<p><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पुलिस का कहना है कि अन्य संपत्तियों की भी जांच जारी है और इस घोटाले में शामिल अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले का पूर्ण खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</span></p>
<p><strong>ग्राहक बड़ी संख्या में पहुंच रहे बैंक</strong></p>
<p>साढ़े छह करोड़ रुपए मूल्य के सोने के जेवरात गायब होने का खुलासा होने के बाद नवलगढ़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्राहक बैंक पहुंचे और अपने गिरवी रखे गहनों के बारे में जानकारी मांगी। अब लॉकर धारक और अन्य योजनाओं में ऋण लेने वाले ग्राहक भी गड़बड़ी की आशंका के चलते बैंक में उमड़ रहे हैं। बैंक के एजीएम सुधीर कुमार साहू अपनी टीम के साथ नवलगढ़ में डेरा डाले हुए हैं।</p>
<p>पीड़ित ग्राहकों में से एक बारवा निवासी नरपत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने सोने पर केवल तीन लाख रुपए का लोन लिया था, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में इसे पांच लाख रुपए दर्शाया गया है। नरपत सिंह ने बताया कि वे अपना सोना बैंक लॉकर में रखने आए थे, लेकिन शाखा प्रबंधक ने उन्हें लॉकर के बजाय गोल्ड लोन लेने की सलाह दी। मैनेजर ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि लोन पर उनका सोना पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और ब्याज दर भी कम लगेगी। बैंक प्रबंधन की बातों पर विश्वास कर उन्होंने गोल्ड लोन करवा लिया। वे पिछले तीन दिनों से लगातार बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो उनका सोना दिखाया जा रहा है और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। स्थिति को देखते हुए बैंक के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोगों का सोना चोरी हुआ है और कितने खातों में लोन से संबंधित फजीर्वाड़ा हुआ है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>झुंझुनूं</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/pnb-bank-scam-main-accused-manager-arrested-from-mathura-attempt/article-142184</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhunjhunu/pnb-bank-scam-main-accused-manager-arrested-from-mathura-attempt/article-142184</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 16:51:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%281200-x-600-px%29-%2811%29.png"                         length="322224"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेड में मिला 5 करोड़ का सोना, 35 लाख कैश,बोगस बिलिंग पर शक</title>
                                    <description><![CDATA[जोधपुर में मालाणी डेयरी समूह पर आयकर विभाग की छापेमारी में ₹5 करोड़ का सोना और ₹35 लाख की नकदी जब्त।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/gold-worth-rs-5-crore-found-in-raid-35-lakh/article-139963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/ed-raid.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान में डेयरी कारोबार का बड़ा नाम माने जाने वाले मालाणी डेयरी समूह के यहां आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने तीन दिन तक चली सघन कार्रवाई में समूह से जुड़े ठिकानों से करीब साढ़े तीन किलो सोना, अनुमानित कीमत 5 करोड़ और 35 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं।  इस कार्रवाई के बाद अब पूरा फोकस अघोषित आयए सोने की खरीद के दस्तावेज और नकदी के स्रोत पर आ गया है। 15 जनवरी से शुरू हुई कार्रवाई में घी कारोबारी घनश्याम सोनी और उनसे जुड़ी फ र्मों के जोधपुर स्थित पांच ठिकानों शास्त्री नगर, मंडोर मंडी, बोरानाडा, न्यू पावर हाउस रोड और भीतरी शहर में एक साथ छापेमारी की गई। तीन दिन तक इन सभी स्थानों को लगभग पुलिस छावनी में तब्दील रखा गया। </p>
<p><strong>अब इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच </strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार सोना और नकदी बरामद होने के बाद आयकर विभाग की टीमें अब इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच में जुट गई हैं। रेड के दौरान घरों और दफ्तरों से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव जब्त किए गए हैं। विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ इन डिवाइसेज की क्लोनिंग कर रहे हैं और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। </p>
<p><strong>अलग फोल्डर में छिपाकर रखे अहम रिकॉर्ड</strong></p>
<p>आशंका है कि टैक्स चोरी से जुड़े कई अहम रिकॉर्ड कच्ची पर्चियों के बजाय कंप्यूटर में कोड वर्ड या अलग फोल्डर में छिपाकर रखे गए हों। जांच एजेंसियों का शक बोगस बिलिंग पर भी गहराता जा रहा है। बताया जा रहा है कि बटर और घी की सप्लाई, खासकर कानपुर और देश के अन्य राज्यों में, कागजों में बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई हो सकती है। यह भी जांच का विषय है कि असल बिक्री और बिलों में दर्शाई गई बिक्री के बीच कितना अंतर है और उससे कितनी टैक्स चोरी की गई।</p>
<p><strong>और बढ़ सकता है अघोषित आय का आंकड़ा</strong></p>
<p>फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इलेक्ट्रॉनिक डेटा और बैंक रिकॉर्ड की जांच के बाद अघोषित आय का आंकड़ा और बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह केस टैक्स चोरी और बोगस बिलिंग के एक बड़े उदाहरण के रूप में सामने आ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/gold-worth-rs-5-crore-found-in-raid-35-lakh/article-139963</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/gold-worth-rs-5-crore-found-in-raid-35-lakh/article-139963</guid>
                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 14:39:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/ed-raid.png"                         length="455697"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोन दिलाने के नाम पर 1.19 लाख की धोखाधड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[शेर सिंह ने कुछ डाक्यूमेंट्स पर साइन कराए और उसकी आईडी संबंधी दस्तावेज ले लिए। उसके आईटीआर के दस्तावेज व दुकान का फोटो भी लिया। उसने कुछ दिन में लोन राशि खाते में आने की बात कही, लेकिन राशि नहीं आई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/1-19-lakh-fraud-in-the-name-of-getting-loan/article-53719"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/fn.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अजमेर। एक महिला के साथ शातिर ठग ने लोन दिलाने के नाम पर एक लाख 19 हजार रुपए की धोखाधड़ी कर दी। पीड़िता को धोखाधड़ी का उस वक्त पता चला जब वह अपने लिए टू-व्हीलर खरीदने पहुंची। उसने टू-व्हीलर फाइनेंस कराने की प्रक्रिया शुरू की तो फाइनेंस कम्पनी कर्मचारी ने उसकी पहले से सिविल खराब होना बता दिया। जांच की तो सामने आया कि उसके नाम पर पहले से ही 1.19 लाख रुपए का पर्सनल लोन जारी हो रखा है। उसने मामले में क्रिश्चियनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।<br /><br />शिव मन्दिर के पास, ईदगाह कॉलोनी, वैशाली नगर निवासी आरती देवी पत्नी लाल बहादुर सिंह ने रिपोर्ट दी है कि उसके पड़ोस में ही रहने वाली शबीना पत्नी कालू नाम की महिला से उसके दोस्ताना संबंध थे। आरती ने बताया कि वह घर पर किराना की दुकान चलाती है। उससे ही अपने परिवार का गुजारा करती है। उसे शबीना ने पूर्व में बताया था कि वह फाइनेंस कम्पनी वाले को जानती है। वह उससे कहकर लोन दिलवा देगी। जिससे अपनी दुकान में माल भर लेना। उसके बाद उसने शेर सिंह नामक युवक से मिलवाया। शेर सिंह ने इण्डिया मोटर्स चौराहा स्थित स्वामी कॉम्पलेक्स में ऑफिस बताया और जल्द लोन दिलाने का भरोसा दिया। शबीना के कहने पर उसने शेर सिंह को लोन संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। शेर सिंह ने कुछ डाक्यूमेंट्स पर साइन कराए और उसकी आईडी संबंधी दस्तावेज ले लिए। उसके आईटीआर के दस्तावेज व दुकान का फोटो भी लिया। उसने कुछ दिन में लोन राशि खाते में आने की बात कही, लेकिन राशि नहीं आई। बाद में उसने लोन पास नहीं होने की बात कही, लेकिन डॉक्यूमेंट्स नहीं लौटाए तथा डॉक्यूमेंट्स कम्पनी में जमा हो जाना बता दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सॉरी...आपकी सिविल खराब है<br /></strong>आरती ने बताया कि वह गत 1 अगस्त को अपने लिए दुपहिया वाहन एक्टिवा लेने के लिए गई। वहां उसने वाहन पसन्द कर उसे फाइनेंस कराना चाहा तो फाइनेंस कम्पनी कर्मचारी ने उसके दस्तावेज देखकर उसके नाम पर पहले से लोन होना व उसकी किश्तें बकाया होने के कारण उसकी सिविल खराब होने की जानकारी दी। जिसे सुनकर वह हैरान रह गई। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खाते में नहीं आई लोन राशि<br /></strong>उसने जब लोन के संबंध में जानकारी जुटाई तो पता चला कि जयपुर के आम्रपाली सर्किल वैशाली नगर स्थित निजी फाइनेंस कम्पनी से 1 नवम्बर 2022 को उसके नाम पर 1.19 लाख रुपए का पर्सनल लोन जारी किया गया है। बैंक ने उसे जो मोबाइल नम्बर बताया, वह उसका मोबाइल नम्बर नहीं था। उसने अजमेर में वैशाली नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में जाकर उसके खाते के संबंध में जांच की तो उसमें भी किसी तरह की लोन राशि फाइनेंस कम्पनी से ट्रांसफर नहीं हुई थी। आरती का कहना है कि उसने कोई लोन नहीं लिया। उसने शबीना, शेर सिंह व जयपुर की अवांस फाइनेंस कम्पनी पर षड्यंत्रपूर्वक धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने उसकी रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/1-19-lakh-fraud-in-the-name-of-getting-loan/article-53719</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/1-19-lakh-fraud-in-the-name-of-getting-loan/article-53719</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Aug 2023 11:48:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/fn.jpg"                         length="97376"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        