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                <title>PM Narendra Modi - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>PM Narendra Modi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>खरगे का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- विशेषण बदलते रहे, लेकिन सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलीं</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को राजनीतिक प्रचार करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विपक्ष को नए-नए विशेषण देती है, लेकिन बेरोजगारी, पेपर लीक और महंगी शिक्षा जैसी युवाओं की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं करती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kharges-attack-on-the-central-government-said-adjectives-kept/article-164815"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/mallikarjun-kharge-2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को असफल बताते हुए कहा है कि सरकार अपनी नाकामियां छिपाने के लिए विपक्ष को साल-दर-साल नये-नये विशेषण देते रहे हैं लेकिन चुनौतियों के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की है। खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि एसआरसीसी जाना देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का एक अवसर था, लेकिन युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय प्रधानमंत्री का भाषण फिर राजनीतिक प्रचार में बदल गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवालों को दबाने के लिए विपक्ष को नए-नए विशेषण दिए जाते हैं, ताकि सरकार की अपनी नाकामियां छिपी रहें। उन्होंने 'नाराज़ फूफा', 'दिमागी नक्सल', 'अर्बन नक्सल', 'खान मार्केट गैंग', 'आंदोलनजीवी' और 'परजीवी' जैसे विशेषणों का उल्लेख किया और कहा कि इस तरह की विशेषण विपक्ष के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं। खरगे ने कहा कि विशेषण बदलते रहते हैं, लेकिन सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलतीं। </p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपना 'रिपोर्ट कार्ड' दिखाया, लेकिन देश का युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा है। इसमें बेरोजगारी, वर्षों से अटकी सरकारी भर्तियां, पेपर लीक से परेशान विद्यार्थी, महंगी होती शिक्षा, घटते छात्रवृत्ति अवसर और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर बढ़ता दबाव शामिल है। उन्होंने कहा सरकार को 'छात्रों की गूंज' सुननी चाहिए, क्योंकि इधर-उधर की बातों से समाधान नहीं निकलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Sep 2026 13:34:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मोदी-खड़गे समेत कांग्रेस नेताओं ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, भगवान कृष्ण के निस्वार्थ कर्म के संदेश को किया याद</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने भगवान कृष्ण के निस्वार्थ कर्म के संदेश को मानवता का मार्गदर्शक बताया और प्रार्थना की कि यह पावन अवसर सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-leaders-including-modi-kharge-wished-janmashtami-and-remembered-lord-krishnas/article-164643"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जन्माष्टमी पर लोगों को बधाई दी। उन्होंने भगवान कृष्ण की कालजयी शिक्षाओं को याद करते हुए मानवता के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में निस्वार्थ कर्म के संदेश पर ज़ोर दिया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भगवान कृष्ण की दिव्य शिक्षाएँ निस्वार्थ कर्म के लिए गहरी प्रेरणा देती हैं और पीढ़ियों से मानवता का मार्गदर्शन करती रही हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, "जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान कृष्ण की दिव्य शिक्षाओं में निस्वार्थ कर्म की असाधारण प्रेरणा निहित है, जिसने लगातार मानवता का मार्गदर्शन किया है।" मोदी ने यह उम्मीद भी जताई कि भगवान कृष्ण की भक्ति और पूजा को समर्पित यह पवित्र त्योहार लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति लाएगा। उन्होंने कहा, "भगवान कृष्ण की भक्ति और पूजा को समर्पित यह पवित्र अवसर सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे। यही मेरी प्रार्थना है। जय श्री कृष्ण!"</p>
<p>जन्माष्टमी पूरे भारत में भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है, जिन्हें हिंदू परंपरा में भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। भक्त व्रत, प्रार्थना, भक्ति गीत और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से यह त्योहार मनाते हैं। आधी रात का उत्सव विशेष महत्व रखता है क्योंकि पारंपरिक रूप से माना जाता है कि कृष्ण का जन्म मथुरा में आधी रात को हुआ था। भगवद गीता में कृष्ण की शिक्षाओं के माध्यम से इस त्योहार का गहरा दार्शनिक महत्व भी है। अर्जुन के साथ संवाद में कृष्ण फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य निभाने के महत्व पर ज़ोर देते हैं। मोदी के संदेश ने निस्वार्थ कर्म के इस सिद्धांत को मानवता के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन के एक कालजयी स्रोत के रूप में रेखांकित किया।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, "पवित्र श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी हार्दिक कामना है कि आपका जीवन सदैव सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण से परिपूर्ण रहे।" राहुल गांधी ने कहा, "श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। आशा करता हूं कि यह पर्व आपके जीवन को हर्ष और उल्लास से भर दे।"</p>
<p>प्रियंका गांधी वाड्रा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सत्य, शक्ति, वाणी, विद्या, लीला, कला, कर्म, विनय, विवेक, दया, योग एवं धर्म समेत सभी गुणों एवं कलाओं से परिपूर्ण, योगिराज भगवान श्रीकृष्ण भारतीयता एवं मानवता के पथप्रदर्शक हैं। वे अपनी बाल लीलाओं से संसार का मन भी मोहते हैं और अपने विराट रूप में गीता का मुक्तिदायी संदेश भी देते हैं। उन्होंने प्रभु से प्रार्थना की कि समस्त जगत का कल्याण करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 12:00:52 +0530</pubDate>
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                <title>गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से ऊपर, पीएम मोदी ने फोन पर लिया बाढ़ की स्थिति का जायजा</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बात कर शहर में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों का जायजा लिया। गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान 70.262 मीटर को पार कर 70.54 मीटर तक पहुंच गया है। पीएम ने राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को तत्काल सभी आवश्यक सुविधाएं और अतिरिक्त सहायता युद्धस्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ganga-water-level-above-warning-mark-pm-modi-took-stock/article-164560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। काशी के सांसद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से टेलीफोन पर बात कर वाराणसी में बाढ़ की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारी से गंगा के जलस्तर के साथ ही राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करते हुए उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलाधिकारी से कहा कि जिन स्थानों पर राहत सामग्री की अतिरिक्त आवश्यकता हो, वहां तत्काल व्यवस्था कर प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का कार्य तेज गति से किया जाए। उन्होंने बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों पर लगातार सतर्क नजर रखने तथा प्रभावित लोगों को अविलंब राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार को वाराणसी के राजघाट स्थित गंगा गेज स्थल पर जलस्तर 70.54 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 70.262 मीटर से 0.278 मीटर ऊपर है। जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से वृद्धि हो रही है। आयोग के अनुसार गंगा का खतरे का निशान 71.262 मीटर तथा अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) 73.901 मीटर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 14:13:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खड़गे-राहुल ने पीएम को लिखा संयुक्त पत्र: जाति जनगणना की प्रक्रिया पर जताई चिंता, प्रमाणित जाति सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया और प्रश्नावली पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने ओपन-एंडेड प्रश्नों को रद्द कर बिहार व तेलंगाना मॉडल की तर्ज पर प्रमाणित सूची से सटीक गणना कराने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kharge-rahul-wrote-joint-letter-to-pm-expressed-concern-over-the/article-163834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/khadge.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम को संयुक्त पत्र लिखकर जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है। खरगे ने कहा कि खुले सवालों के माध्यम से जातियों की सही गिनती संभव नहीं है। एक ही जाति के अलग-अलग नामों और उपजातियों के रूप में दर्ज होने से आंकड़े बिखर सकते हैं, जिसका सबसे अधिक नुकसान अन्य पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़े और वंचित समुदायों को होगा। </p>
<p>खरगे ने कहा कि कांग्रेस की मांग स्पष्ट है कि मौजूदा प्रश्नावली को रद्द कर प्रमाणित जाति सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार की जाए। इसके लिए राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और आम जनता से व्यापक परामर्श किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेलंगाना और बिहार में किए गए जाति सर्वेक्षणों की तर्ज पर पहले से तैयार और प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना करना इसका व्यावहारिक समाधान हो सकता है। खरगे ने जोर देकर कहा कि जाति जनगणना केवल कराई ही नहीं जानी चाहिए, बल्कि उसके आंकड़े सही और विश्वसनीय भी होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सटीक जातीय आंकड़े सामाजिक न्याय और वंचित समुदायों के अधिकारों से जुड़े नीतिगत फैसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 18:02:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चिदंबरम के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, बोले- सिर्फ 24 घंटे में ही सामने आ गया किसके दिमाग में हैं ‘नक्सल’</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का हवाला देते हुए पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बयान पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संप्रग शासन में नक्सलवाद बढ़ा था, जबकि मोदी सरकार ने इस खतरे को निर्णायक रूप से नियंत्रित कर विकास की मुख्यधारा स्थापित की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bjps-attack-on-the-opposition-came-to-light-in-just/article-163127"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/sudansu.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ‘दिमागी नक्सल’ के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर निशाना साधा और कहा है कि महज 24 घंटे में ही सामने आ गया कि किसके दिमाग में ‘नक्सल’ है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘दिमागी नक्सल’ का महत्वपूर्ण विषय उठाया था, जो आज के संदर्भ में बेहद प्रासंगिक है।</p>
<p>उन्होंने चिदंबरम पर निशाना साधते हुए कहा, “हमें हैरानी इस बात की हुई कि सिर्फ़ 24 घंटे के भीतर ही, जिस व्यक्ति के मन में नक्सली विचार थे, वे खुद सामने आ गये। चिदंबरम खुद सामने आये और कहा कि उन्हें ‘दिमागी माओवादी’ होने पर गर्व है।” उन्होंने कहा कि कितनी हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री ने बात कही और इतनी तेज़ी से प्रतिक्रिया हुई तथा पूरे देश के सामने यह बात आ गयी कि किसके मन में माओवादी विचार पल रहे हैं, और वह खुद इस पर गर्व महसूस करने लगे।</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “मैं कांग्रेस और चिदंबरम को बताना चाहता हूं कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 13 अप्रैल, 2006 को कहा था कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि नक्सली खतरा भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा खतरा है।” उन्होंने कहा कि जिस नक्सलवाद को कांग्रेस सरकारें खत्म करने में नाकाम रहीं, उसे मोदी के नेतृत्व में निर्णायक रूप से काबू में किया गया। त्रिवेदी ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल में पशुपति से तिरुपति तक 'रेड कॉरिडोर' बन गया था, 180 से ज़्यादा ज़िले नक्सलवाद से प्रभावित थे, 2010 में दंतेवाड़ा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 75-76 जवान शहीद हुए थे, और उसके बाद राजधानी के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में जश्न मनाया गया था। दिमागी दिवालिया हो चुके नक्सलियों के साथ ऐसा ही होता है। चिदंबरम के कार्यकाल में सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए और वहां जश्न मनाया गया। इसी को ‘दिमागी नक्सल’ कहते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संप्रग के शासनकाल में नक्सल विरोधी अभियानों में 1,913 जवान शहीद हुए। 180 ज़िले नक्सल प्रभावित हो गये थे। चिदंबरम के कार्यकाल में 5,000 से ज़्यादा बेगुनाह नागरिक मारे गये। नक्सलियों के पास 92 प्रतिशत से ज़्यादा हथियार ऐसे थे, जो पुलिस से लूटे गये थे। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में उस इलाके में 1,800 से ज़्यादा बैंक शाखाएं खुली हैं, 1,200 से ज़्यादा एटीएम लगाये गये हैं और छह हज़ार से ज़्यादा मोबाइल फोन टावर लगाये गये हैं, ताकि वे लोग देश की मुख्यधारा के साथ विकास कर सकें। भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि 22 लाख लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड दिये गये हैं। जिसे यह दृश्य आपत्तिजनक लगता है, वह मानसिक नक्सली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 14:43:34 +0530</pubDate>
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                <title>UGC-NET की 3 परीक्षाएं दोबारा कराने पर भड़के राहुल, बोले- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था,आखिरी नहीं ; NTA की गलती की सजा छात्र क्यों भुगतें</title>
                                    <description><![CDATA[यूजीसी-नेट की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य विषयों की परीक्षाएं दोबारा कराने के एनटीए के फैसले पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलती एनटीए की है, लेकिन इसकी सजा छात्रों को भुगतनी पड़ रही है। राहुल ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए एनटीए की जवाबदेही तय करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/angry-over-re-conducting-of-3-ugc-net-exams-rahul-said/article-163105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rahul-gandhi6.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य विषयों की परीक्षा दोबारा कराने के एनटीए के फैसले पर केंद्र से जवाब मांगा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर सोमवार को कहा कि इन तीन विषयों की यूजीसी-नेट परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच हुई थीं और करीब दो महीने बाद एनटीए ने स्वीकार किया है कि प्रश्नपत्रों में गंभीर खामियां थीं तथा पुराने प्रश्न दोहराए गए थे। अब हजारों छात्रों को सितंबर में फिर से इन विषयों की परीक्षा देनी होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा, “हजारों छात्रों ने वर्षों तैयारी की, आवेदन किया, फीस भरी और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की। अब उन्हें यह सब दोबारा करना होगा। एनटीए गलती करता है, लेकिन सजा छात्र भुगतता है। अब शिक्षा व्यवस्था ऐसी व्यवस्था बन गई है जो छात्रों का पैसा, उनका समय, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास छीन लेती है, लेकिन बदले में कुछ नहीं देती। सवाल है कि एनटी यह क्यों नहीं बता रहा है कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुए थे।"</p>
<p>राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था, आखिरी नहीं। एनटीए के नेतृत्व की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों से कहा कि वे समस्या नहीं हैं, बल्कि ऐसी व्यवस्था समस्या है जो परीक्षा भी ठीक से नहीं करा सकती और फिर छात्रों को दोष देती है। इस बीच, कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने भी ‘एक्स’ पर कहा कि एनटीए की गलती की सजा देश के छात्र क्यों भुगतें और जिन युवाओं का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कौन करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 14:06:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>‘मूर्ख मंत्रिमंडल’ वाले बयान पर संजय राउत का पलटवार, बोले- टेलीप्रॉम्प्टर के बिना ‘वंदे मातरम्’ सुनाने की चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र मंत्रिमंडल पर तीखा प्रहार करते हुए इसे 'मूर्खों का मंत्रिमंडल' करार दिया। उन्होंने सत्ताधारी नेताओं को बिना टेलीप्रॉम्प्टर के 'वंदे मातरम्' गाने की चुनौती दी। साथ ही राहुल गांधी को मिले नोटिस पर नाराजगी जताते हुए दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे को लेकर भी बड़ा दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sanjay-raut-countered-on-the-statement-of-stupid-cabinet-and/article-163063"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/sanjay-raut.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। शिवसेना (यूबीटी ) के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए राज्य मंत्रिमंडल को 'मूर्खों का मंत्रिमंडल' करार देते हुए सत्ताधारी दलों के बड़े नेताओं को टेलीप्रॉम्प्टर के बिना राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' सुनाने की चुनौती दी। राउत ने मंत्री जयकुमार गोरे के बारे में टिप्पणी करने पर मिले नोटिस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अगर 'मूर्ख' शब्द असंसदीय है, तो सेंसर बोर्ड को इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सरकार चलाने के लिए सोच-समझकर 'मूर्खों' को इकट्ठा किया है। उन्होंने अधिकारियों को चुनौती दी कि वे इसे 'मूर्ख मंत्रिमंडल' कहने के लिए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करें।</p>
<p>सोनिया गांधी के रुख को 'बौद्धिक नक्सलवाद' बताने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान का जवाब देते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता कहा कि 'वंदे मातरम्' को कांग्रेस पार्टी ने अपनाया था, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नहीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फडणवीस को टेलीप्रॉम्प्टर की मदद के बिना कम से कम दो पद सुनाने की चुनौती दी। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण का भी मज़ाक उड़ाया और दावा किया कि लाल किले पर टेलीप्रॉम्प्टर खराब होने के कारण उन्हें पढ़ने में मुश्किल हुई। साथ ही उन्होंने मंत्री गिरीश महाजन का भी मज़ाक उड़ाया।</p>
<p>संजय राउत ने 'अंधभक्त' शब्द के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भेजे गये नोटिस पर कड़ी नाराज़गी जतायी और सरकार के इस कदम को सरासर बेवकूफी बताया। उन्होंने राहुल गांधी के बयान का बचाव करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या संसद से वॉकआउट करने वाले नेता परमवीर चक्र जैसे वीरता पुरस्कार पाने के हकदार हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे को अपनी ही पार्टी के भीतर बहुत ज़्यादा परेशान किया गया था। उन्होंने एक सनसनीखेज दावा किया कि अगर मुंडे ने उस समय कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया होता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने बाबा रामदेव पर भी तंज कसते हुए कहा कि योग गुरु अब बहुत ज़्यादा सतर्क हो गये हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 15:47:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि, PM मोदी बोले- असाधारण राजनेता थे अटल जी</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनके समाधि स्थल 'सदैव अटल' पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। नेताओं ने उन्हें दूरदर्शी राजनेता बताते हुए राष्ट्र सेवा और सुशासन में उनके योगदान को याद किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/veterans-paid-tribute-to-former-pm-atal-bihari-vajpayee-on/article-163034"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/modi2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन सहित विभिन्न नेताओं ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। द्रोपदी मुर्मु, राधाकृष्णन, मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, नवीन और दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा सहित तमाम नेता आज वाजपेयी के स्मृतिस्थल 'सदैव अटल' पहुंचे और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<p>इस मौके पर वाजपेयी के स्मृतिस्थल 'सदैव अटल' प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 में हुआ था। मोदी ने वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें एक 'असाधारण राजनेता' बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अद्भुत दूरदर्शिता वाले एक असाधारण राजनेता के तौर पर उन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया। उनके विचारों और प्रयासों ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया और उनके नेतृत्व ने हमारे देश को मज़बूत बनाया। सुशासन और जन-कल्याण पर उनका ज़ोर हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।"</p>
<p>राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा, "अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। अटल जी ने अपने विचारों और कार्यों से भारतीय लोकतंत्र को समृद्ध किया। उन्होंने जीवन भर 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना के साथ काम किया। उनके लिए राजनीति का मूल उद्देश्य राष्ट्रहित और जनसेवा था।" उन्होंने कहा, "अटल जी के नेतृत्व में भारत ने रणनीतिक शक्ति, आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नयी ऊंचाइयां हासिल कीं। उन्होंने देश को मजबूत बनाने, उसमें आत्मविश्वास जगाने और विकास को नई दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका व्यक्तित्व, उनके आदर्श और राष्ट्र सेवा का उनका संकल्प हम सभी को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"</p>
<p>वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक्स पर लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री, भाजपा के संस्थापक एवं भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। अटल जी एक ऐसे देशभक्त राजनेता थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया। एक ओर जहाँ उन्होंने परमाणु परीक्षणों और कारगिल युद्ध के माध्यम से भारत की शक्ति से पूरी दुनिया को अवगत कराया, वहीं दूसरी ओर उनकी मूल्यों पर आधारित राजनीति ने पहली बार 'अंत्योदय' और सुशासन के विज़न को धरातल पर उतारा। अटल जी का विराट व्यक्तित्व और नेतृत्व सदैव हर भाजपा कार्यकर्ता को राष्ट्र-निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।"</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 11:16:06 +0530</pubDate>
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                <title>लाल किले पर बदला आजादी का अंदाज, पहली बार शुरुआत और समापन पर गूंजा ‘वंदेमातरम्’ </title>
                                    <description><![CDATA[स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर आयोजित समारोह में पहली बार प्रधानमंत्री के संबोधन से पूर्व और समापन पर राष्ट्रगीत वंदेमातरम् का पूरा संस्करण गाया गया। इस दौरान वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने पुष्प वर्षा की। हाल ही में संसद द्वारा राष्ट्रगीत के अपमान पर सजा का प्रावधान पारित किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/singing-of-the-full-version-of-vande-mataram-for-the/article-163001"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/08.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर आयोजित समारोह के प्रारंभ और समापन पर पहली बार राष्ट्रगीत वंदेमातरम् का गायन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाल किले की प्राचीर से संबोधन से पहले राष्ट्रगीत के पूरे संस्करण का गायन किया गया। मोदी के संबोधन के समापन पर भी राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान का गायन हुआ। </p>
<p>इस मौके पर वायु सेना के दो एमआई 17 वहां से गुजरे। एक हेलीकाप्टर पुष्प वर्षा कर रहा था। एक अन्य हेलीकॉप्टर पर वंदेमातरम् लिखा हुआ झंडा फहरा रहा था। गौरतलब है कि गुरुवार को संपन्न हुए संसद के मानसून सत्र में एक विधेयक पारित किया गया है जिसमें राष्ट्रगान की तरह राष्ट्रगीत के अपमान पर जुर्माने और सजा का प्रावधान किया गया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 14:01:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>लाल किले से मोदी का सप्तधारा मंत्र : हथियारबंद नक्सलवाद खत्म, अब 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत </title>
                                    <description><![CDATA[80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए हथियारबंद नक्सलवाद के खात्मे के बाद 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए 7 प्रमुख क्षेत्रों (सप्तधारा), आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क और ऐप आधारित स्व-जनगणना में युवाओं के सहयोग का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/independence-day-2026-modi-gave-the-mantra-of-saptadhara-for/article-162995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)69.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद तो काफी हद तक खत्म हो गया है लेकिन समाज को 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत है। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को लाल किले के प्राचीर से देश को नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए समाज को 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद का काफी हद तक अंत हो चुका है लेकिन अब ऐसे लोग मौके की तलाश में हैं जो युवाओं को भटकाने और समाज को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था। आज जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां नक्सल मुक्त होने के कारण विकास का तिरंगा लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के बावजूद देश को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मोदी ने कहा, हथियारबंद नक्सल तो चले गए लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं और हिंसा तथा अराजकता के रास्ते तलाश रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन 'दिमागी नक्सलियों' को पहचानना होगा और उन्हें अलग-थलग करना होगा, ताकि वे देश के युवाओं को भटकाने में सफल न हो सकें। उन्होंने युवाओं से देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से जुडऩे का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को नकारात्मक और हिंसक विचारों से दूर रखते हुए विकास, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य से जोडऩा जरूरी है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर सामने आ रही है और इस परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए देश को लगातार सजग रहना होगा।</p>
<p><strong>भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक सिविल डिफेंस नेटवर्क बनाया जायेगा</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग-अलग तरह के संकटों और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए देश में अत्याधुनिक राष्ट्रीय सिविल डिफेंस और स्वयंसेवी बल बनाने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने शनिवार को यहां 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा, मैं आज लाल किले से घोषणा करता हूं कि हम आने वाले दिनों में सिविल डिफेंस का एक वाइब्रेंट नेटवर्क खड़ा करेंगे। आधुनिक व्यवस्थाओं से उन्हें परिचित करायेंगे, आधुनिक संकटों से नागरिकों की रक्षा करने की क्या व्यवस्था हो सकती है और इसके लिए एक बहुत बड़ा स्वयंसेवक बल, सिविल डिफेंस का आधुनिक नेटवर्क हम बनाने वाले हैं। सिविल डिफेंस के सदस्यों को संकट के समय महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, प्रणालियों और लोगों की रक्षा करने के उपायों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। तेल रिफाइनरियों, बैंकिंग प्रणाली और बुनियादी ढांचों पर किसी तरह के हमले की स्थिति से निपटने के लिए यह बल बेहद महत्वपूर्ण होगा।</p>
<p><strong>मोदी की युवाओं से जनगणना में सहयोग करने की अपील</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनगणना की प्रक्रिया को देश की प्रगति और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं से इसमें सहयोग की अपील कर उनसे मोबाइल ऐप के जरिये स्व गणना करने का आह्वान किया है। मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि अभी देश में एक बहुत महत्वपूर्ण कार्य जनगणना का चल रहा है। वह युवाओं से अपील करते हैं कि वे इसके लिए समय निकालें और अपने परिजनों के साथ मोबाइल फोन पर ऐप के जरिये स्व गणना को काम पूरा करें। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से युवा जनगणना कार्य में बहुत बड़ा सहयोग कर सकते हैं।</p>
<p>देश में जनगणना प्रक्रिया में पहली बार मोबाइल ऐप से स्व गणना की व्यवस्था की गयी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी भी घर-घर जायेंगे, लेकिन युवा उससे पहले ही अपना और परिजनों का पंजीकरण कर सकते हैं और इससे संबंधित पहचान संख्या कर्मचारी के साथ साझा कर सकते हैं। सरकार को इससे बड़ी सहूलियत होगी। जनगणना के सही विवरण मिलने से सरकार को नीतियां और योजनाएं बनाने में मदद मिलती है। उल्लेखनीय है कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान देश में अभी मकान सूचीकरण का काम चल रहा है और जनगणना का काम आगामी फरवरी में शुरू होगा। </p>
<p><strong>वकसित भारत के लिए मोदी का लाल किले से सप्तधारा का मंत्र</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के सौ वर्ष पूरे होने पर 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शनिवार को ऐतिहासिक लाल किले से सप्तधारा की सप्त-शक्ति का मंत्र दिया। मोदी ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अगला एक-चौथाई हिस्सा देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, अब हम रुक नहीं सकते, हमारी गति नहीं रुक सकती। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें अपने काम करने का तरीका और सोच बदलनी होगी। जो काम पिछले पांच-सात दशक में नहीं हुए, वे पांच-सात साल में करने होंगे।</p>
<p>उन्होंने सात क्षेत्रों में नयी गति और नये तरीके से काम करते हुए देश को दुनिया में सबसे आगे ले जाने का लक्ष्य रखते हुए इसे सप्तधारा का नाम दिया। इसमें विनिर्माण शक्ति, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा शक्ति, हरित अर्थव्यवस्था एवं ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर शामिल हैं। मोदी ने कहा कि उन्हें देश की युवा शक्ति, माताओं-बहनों, किसानों और मजदूरों पर भरोसा है कि हम सब मिलकर इस सपने को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा, हम सुधार के पथ पर चल चुके हैं, और आने वाले समय में सुधारों के अगले स्तर की तरफ बढऩे वाले हैं। सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक, किसान हर किसी को अपनी पारंपरिक व्यवस्थाओं में बदलाव लाना होगा, सोच बदलनी होगी, लक्ष्य बदलना होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि विनिर्माण शक्ति को सिद्ध करने के लिए विनिर्माण बढ़ाने के साथ-साथ छोटे-छोटे पुर्जे भी बनाने होंगे, और बड़े-बड़े उत्पाद भी बनाने हैं। उन्होंने कहा कि पूरी मूल्य श्रृंखला हमारी होनी चाहिये। हमें कंपोनेंट भी चाहिये और संपूर्ण विनिर्माण भी चाहिये। डिजाइन से लेकर विनिर्माण तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा। कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण में अब भारत के लिए दुनिया के बाजार खुल चुके हैं। हमारे पारंपरिक खान-पान, मसाले, औषधियां आदि वैश्विक ब्रांड बनने चाहिये। </p>
<p>प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के बारे में उन्होंने कहा कि जमाना एआई, क्वांटम, डाटा सेंटर, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स का है। हमें नवाचार का केंद्र बनना है। यूपीआई और डिजिटल बुनियादी ढांचे में भारत ने अपना लोहा मनवा लिया है। अब अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकी में हमें दुनिया का नेतृत्व करना है। मेड इन इंडिया 6जी विश्व के हर कोने में पहुंचे यह हमारा लक्ष्य होना चाहिये। गतिशक्ति का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि देश के अंदर निर्बाध और तेज कनेक्टिविटी होनी चाहिये। इसके लिए हाइस्पीड रेलवे, आधुनिक हाई-वे, इनलैंड वाटरवेज, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स हब चाहिये। </p>
<p>उन्होंने रक्षा शक्ति की अनिवार्यता बताते हुए कहा कि भारत ने और दुनिया ने अनुभव कर लिया है कि रक्षा में आत्मनिर्भरता के अलावा कोई चारा नहीं है। भारत दुनिया के लिए बाजार बनकर नहीं रह सकता। हमें न सिर्फ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है, बल्कि दुनिया का आपूर्तिकर्ता भी बनना है। देश को काउंटर ड्रोन प्रौद्योगिकी विकसित करनी होगी, हाइपरसोनिक रक्षा प्रणाली में सबसे आगे निकलना होगा। साइबर सिक्योरिटी के लिए भी हम अपने युवाओं के सामथ्र्य का उपयोग दुनिया के लिए कर सकते हैं। </p>
<p>हरित अर्थव्यवस्था और ब्लू इकोनॉमी के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि देश को ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, हरित परिवहन, हरित विनिर्माण में वैश्विक स्तर हासिल करके रहना है। दुनिया जब ग्लोबल वॉर्मिंग की बात करती है तो हमारा देश समाधान देता है। भारत के लिए ब्लू इकोनॉमी में भी बहुत बड़ा अवसर है। हमारे पास लंबा समुद्र तट है। मत्स्य उत्पादन, कोस्टल टूरिज्म, सामुद्रिक प्रौद्योगिकी में काफी संभावना है। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सॉफ्ट पावर बन सकता है। आज योग ने पूरी दुनिया को भारत के साथ जोड़कर रखा है। योग दुनिया के लिए ऊर्जा और भारत के लिए विश्वास का बड़ा कारण बनता जा रहा है। भारत के पास आस्था के केंद्र हों, आयुर्वेद हो, हॉलिस्टिक स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था हो, हील इन इंडिया का अभियान है। हम दुनिया के अंदर हमारे सामथ्र्य को लेकर जा सकते हैं। भारत के पास हस्तशिल्प, फिल्में, गेमिंग, एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट हैं। रचनात्मकता की दुनिया में भारत अपना रुतबा दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास अकूत वन्य संपदा है, 100 से ज्यादा नेशनल पार्क है। हमारे पास सामथ्र्य होने के बावजूद हम विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में पीछे रहे हैं। खेल आयोजन में भी भारत के पास बड़ा अवसर है। मोदी ने कहा कि सप्तधारा की इन सात शक्तियों का उद्देश्य यही है कि सिर्फ एक सेक्टर में प्रगति न हो, एक पूर्णता की सोच के साथ विकास हो। </p>
<p><strong>वकसित भारत के लक्ष्य के लिए आधार मजबूत है, हमें हमारी कार्य संस्कृति बदलनी है</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए उनकी सरकार ने एक मजबूत बुनियाद खड़ी की है और दिशा तय हो चुकी है लेकिन कामों को तजी से निपटाने के लिए'हमें अपनी कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव लाने करने की जरूरत है। मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए पिछले 10-12 साल में देश में बुनियादी आर्थिक-सामाजिक ढांचे के तीव्र विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा, मैने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे विकसित भारत 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है। पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामथ्र्य दिखाया है यह उस लक्ष्य का हिस्सा है।</p>
<p>मोदी ने कहा, सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अब हम रुक नहीं सकते हैं, हमारी गति नहीं रुक सकती है। हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर (कार्य संस्कृति) को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं। मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 13:05:58 +0530</pubDate>
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                <title>‘दुनिया में महंगा, भारत में सस्ता’... लाल किले से मोदी ने गिनाईं आत्मनिर्भर भारत की ताकत, महंगी कोचिंग से राहत; देशभर में फ्री ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' पर जोर दिया। उन्होंने सेमीकंडक्टर प्लांट्स, ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति, युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और एक करोड़ युवाओं को एआई (AI) प्रशिक्षण देने की महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-will-have-to-further-strengthen-the-resolve-of-self-reliant/article-162993"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/modi-4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत को आज के माहौल में दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए अपने हितों की स्वयं रक्षा करनी है और इसके लिए हमें आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना होगा। पीएम मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि सबकी भागीदारी के संकल्प के साथ देश आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज माहौल बदल है और हर भारतीय'मेक इन इंडिया','स्वदेशी' जैसे अभियानों से जुड़ रहा है।</p>
<p>डिजिटल तकनीकी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौर में चिप का महत्व बहुत अधिक है। इलेक्ट्रॉनिक सामान, चिकित्सा उपकरणों और परिवहन प्रणालियों सहित अनेक क्षेत्रों में चिप अनिवार्य है। भारत ने इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बढ़ाते हुए है तीन प्रमुख सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किये हैं और इनमें उत्पादन शुरू होकर निर्यात भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्षों में पांच से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने की संभावना है।</p>
<p><strong>संकट में काम आयीं पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं</strong><br /> <br />इसके आगे पीएम मोदी ने कहा सरकार ने पिछले 10-12 साल में 'नागरिक देवो भव' के मंत्र के साथ जो सुधार किये और जो नीतियां अपनायीं, उसी का परिणाम है कि कोरोना महामारी तथा पश्चिम एशिया के संकट के बावजूद देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 साल में दुनिया में कई संकट आये। कोरोना ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। उसके बाद यूक्रेन और पश्चिम एशिया के युद्ध आये। हर जगह तनाव का माहौल था। 'भविष्य वक्ताओं' ने तो कहा कि वैक्सीन नहीं मिलेगी, कोविड में लोग बचेंगे नहीं, पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगी। उन्होंने देश को डराने का काम किया, इसी में उन्हें आनंद आता है। </p>
<p>उन्होंने कहा, देश ने देख लिया कि पिछले 10-12 साल की सुविचारित योजनाएं रंग ला रही हैं। 'नागरिक देवो भव' के मंत्र को लेकर जीते हुए भारत ने पिछले 10-12 साल में जो तैयारियां की थीं, एक के बाद एक जो कदम उठाये थे, वे सभी चीजें काम आ गयीं। आज देश में पेट्रोल भी है, डीजल भी है, गैस भी है, यूरिया भी है। हम अपनी ताकत के बल पर चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के इस संकट का प्रभाव हर किसी पर हुआ है और भारत भी अछूता नहीं है। एक बोरी यूरिया की कीमत दुनिया में तीन हजार रुपये पर पहुंच गयी है, लेकिन देश में किसानों पर वह बोझ न डालकर आज भी उन्हें सिर्फ 300 रुपये में यूरिया की बोरी दी जा रही है। डीएपी की कीमत दुनिया में पांच हजार रुपये है जो देश के किसानों को 1,350 रुपये में दी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संसाधन के कारण देश रुकता नहीं है, कई बार इसका कारण सोच होती है। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसी सोच के कारण समुद्री तट का हमारा हिस्सा 90 प्रतिशत हिस्सा 'नो गो एरिया' घोषित कर दिया गया था। यह सोच का दारिद्र था। उनकी सरकार ने उसे 'गो अहेड एरिया' के रूप में खोल दिया है। हम समुद्र के अंदर भी नये-नये भंडार खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, बीते वर्षों में सरकार का ध्येय रहा है कि हमें अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है, हमें आत्मनिर्भर होना चाहिये। दुनिया में बहुत कुछ मिलता है, सस्ता मिलता है, लेकिन उससे हमारा सामाथ्र्य नहीं बनता है। हमें भी अपनी क्षमता बढ़ानी है। मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल जैसे क्षेत्रों में आज हर भारतीय का मन जुड़ चुका है। सेमीकंडक्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले सेमीकंडक्टर की बातें होती थीं, लेकिन हम उसमें आगे नहीं बढ़ सके। आज की दुनिया में हर इलेक्ट्रॉनिक, मेडिकल और परिवहन उपकरण में चिप जरूरी है। देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो गये हैं। वहां से निर्यात भी शुरू हो चुका है। आने वाले सात-आठ साल में और पांच-छह सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पूरी सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी क्रिटिकल मिनरल पर आधारित हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने कई देशों के साथ इसके लिए समझौते किये हैं। </p>
<p><strong>अगले 10 साल में पांच नये परमाणु ऊर्जा संयंत्र शुरू करने का लक्ष्य</strong></p>
<p>ऐतिहासिक लाल किले के प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों की सोच के कारण देश ऊर्जा के लिए विदेशों पर निर्भर है। पिछले 12 साल में ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए उनकी सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाये हैं। सरकार ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए 'शांति विधेयक' पारित किया है। उन्होंने कहा, वर्ष 2047 तक हमने 100 गीगावाट का लक्ष्य रखा है। इसी दशक में पांच नये परमाणु ऊर्जा संयंत्र का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। ब्रीडर रिएक्टर से परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले देश में सिर्फ 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी। बारह साल में उनकी सरकार ने इसे 700 शहरों तक पहुंचा दिया है। यह होती है रफ्तार, यह होता है विस्तार। आज पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस की आपूर्ति की जा रही है। साल 2014 में सौर ऊर्जा क्षमता मात्र दो गीगावट थी। आज 160 गीगावाट का लक्ष्य प्राप्त हो चुका है। उसका लाभ गरीबों और मध्यम वर्ग को देने के लिए पीएम सूर्यघर योजना शुरू की गयी है, जिसमें 50 लाख घरों का आंकड़ा पार हो चुका है। इसके कारण हजारों घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। इतना ही नहीं वे अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर रहे हैं। इस काम के लिए हर परिवार को सरकार 80 हजार रुपये की मदद दे रही है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे के विद्युतीकरण का काम 1925 में शुरू हुआ था। अगले 90 साल में सिर्फ 30 प्रतिशत रेल का विद्युतीकरण हुआ था। उन्होंने कहा, हमारी रफ्तार देखिये, हमने एक दशक के अंदर शत-प्रतिशत काम पूरा कर दिया। यह होता है काम। इसके कारण डीजल जो हमें बाहर से लाना पड़ता है, उसकी बचत हुई, पर्यावरण को फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार यहीं नहीं रुकी। देश ने हाइड्रोजन से चलने वाली पहली ट्रेन शुरू कर दी है। यह सबसे लंबी सबसे ताकतवर ट्रेन है। भारत ने हाइड़्रोजन ट्रेन के क्षेत्र में भी अपना झंडा गाड़ दिया है।  </p>
<p><strong>परीक्षाओं के लिए युवाओं को फ्री ऑनलाइन कोचिंग</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए देश में निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने तथा एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने की घोषणा की है। मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के विषय को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए यह घोषणा की। देश में बढते महंगे कोचिंग व्यवसाय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह मध्यम वर्ग के लिए बड़ा बोझ बन गया है। उन्होंने कहा कि इस बोझ को दूर करने के लिए सरकार देश भर में युवाओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क बनायेगी। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे मध्यम वर्ग के लिए कोचिंग क्लास की स्पर्धा बहुत बड़ा बोझ बन चुकी है। मां-बाप को लग रहा है कि यदि कोचिंग क्लास में बच्चे को नहीं भेजा तो हम प्रतिष्ठित परिवार नहीं हैं। सरकार ने इन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की चिंता की है। उनका हजारों करोड़ रुपये का खर्च भी बचे और उनके बच्चे भी उनके आसपास रहे सके, उनकी देखभाल हो सके, परिवार पर आर्थिक बोझ न आये और इसलिए हमने युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री आनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने का  निर्णय लिया है। </p>
<p>उन्होंने कहा, देश में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर है, उत्तम प्रतिभा और शिक्षक हैं। इन संसाधनों को जोड़कर हम देश के नौजवानों को फ्री कोचिंग देने का नेटवर्क खड़ा करेंगे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह घोषणा भी की कि दुनिया भर में एआई की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए तथा युवाओं को इसमें निपुण बनाने के लिए एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने के विरोध में देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ और सरकार को छात्रों तथा युवा प्रदर्शनकारियों की मांग के आगे झुकना पड़ा। इसके कारण शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। </p>
<p><strong>एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई कौशल का मिलेगा प्रशिक्षण</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि हमारे देश का नौजवान एआई की दुनिया में नेतृत्व करने का सामथ्र्य विकसित कर सके। पीएम मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि भारत के युवा इस तेजी से उभरते क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 35 साल बाद देश में नयी शिक्षा नीति लेकर आये हैं, जिसका फायदा मध्यम वर्ग के परिवारों को हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 350 से भी कम थी, आज 10-12 साल के भीतर-भीतर 650 नये विश्वविद्यालय खुल चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले मेडिकल शिक्षा के सिर्फ चार सौ कालेज हुआ करते थे, आज करीब 850 कालेज हो गये हैं। उन्होंने कहा कि भारत में विदेशी विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। देश के नौजवानों को विदेशी शिक्षण संस्थानों से डिग्री मिले, इसका भी प्रबंध हो चुका है। </p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के युवा का मन बचपन से ही तकनीक की तरफ आकर्षित हो, इस दिशा में काम कर रहे हैं, इसलिए देश में 10 हजार से अधिक अटल टिकरिंग लैब छोटे-छोटे बच्चों के हवाले कर दिया है, ताकि उनका नवाचार और तकनीक की तरफ रुझान पैदा हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, कौशल, स्टार्टअप और नयी तकनीकों के क्षेत्र में हो रहे विस्तार से देश के युवाओं के लिये नये अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 12:28:27 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को किया नमन, बोले- स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से साकार होगा विकसित भारत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। लाल किले पर ध्वजारोहण से पूर्व उन्होंने बापू को नमन किया और देशवासियों को बधाई देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपनाकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-reached-rajghat-and-bowed-to-mahatma-gandhi-and/article-162997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/06.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ऐतिहासिक लाल किले पर ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रपिता की समाधि पर गये और उन्हें नमन किया। इससे पहले उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि सभी को बापू के आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करना चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की असीम शुभकामनाएं। यह राष्ट्रीय पर्व हमें देश के वीर सेनानियों के अछ्वुत साहस, अथक संघर्ष और मातृभूमि के प्रति अतुलनीय समर्पण का स्मरण कराता है। आइए, उनके आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 11:41:58 +0530</pubDate>
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