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                <title>geography - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>वानुआतू द्वीप समूह में 6.1 तीव्रता का भूकंप: कोई हताहत नहीं, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट</title>
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                        <![CDATA[प्रशांत महासागर के वानुअतु द्वीप समूह में शुक्रवार सुबह 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया। जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (GFZ) के अनुसार, इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में था। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/61-magnitude-earthquake-in-vanuatu-islands-no-casualties-meteorological-department/article-147134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/earthquake-5.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। दक्षिण-पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित वानुअतु द्वीप समूह में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह 02:30 बजे 6.1 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह जानकारी जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र जीएफजेड ने दी।</p>
<p>भूकंप का केंद्र गहराई में 10.0 किलोमीटर थी और शुरुआत में 19.47 डिग्री दक्षिणी अक्षांश और 168.19 डिग्री पूर्वी देशांतर पर निर्धारित किया गया।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 10:15:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फिर बदल गया राजस्थान का भूगोल, 9 समाप्त जिलों की अधिसूचना जारी कर पुराने जिलों में किया शामिल </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[लोगों को अपने आधार कार्ड और जनाधार कार्ड में अपना पता फिर से बदलना होगा। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-geography-of-rajasthan-changed-by-issuing-notification-of-9/article-99080"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(2)28.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भजनलाल सरकार ने समाप्त किए गए 9 जिलों की अधिसूचना जारी कर दी है। राजस्व विभाग ने सभी जिलों को निरस्त करने की सूचना जारी कर पुराने जिलों में शामिल कर दिया है। नए जिलों की पुरानी सीमाओं का जिलेवार निर्धारण कर वापस उन्ही जिलों में शामिल कर दिया है। जिसके बाद लोगों को अपने आधार कार्ड और जनाधार कार्ड में अपना पता फिर से बदलना होगा।</p>
<p>अधिसूचना जारी कर अनूपगढ़ जिले में शामिल तहसीलों को श्रीगंगानगर और बीकानेर जिले में शामिल किया गया है। दूदू और जयपुर ग्रामीण जिले की तहसीलों को पुनः जयपुर जिले में, गंगापुरसिटी को सवाईमाधोपुर ओर करौली जिले में, जोधपुर ग्रामीण को जोधपुर जिले में, केकड़ी को अजमेर और टोंक जिले में, नीमकाथाना को सीकर और झुंझुनूं में, सांचौर को जालोर में और शाहपुरा को भीलवाड़ा जिले में शामिल कर दिया है। वहीं बांसवाड़ा, सीकर और पाली संभाग को भी निरस्त कर पुराने संभागों में शामिल कर दिया गया है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 13:07:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur ]]>
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                <title>वीएमओयू : भूगोल, समाजशास्त्र व शिक्षा में पीजी के प्रवेश शुरू</title>
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                        <![CDATA[वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में अब जनवरी 2024 सत्र में ही एमए भूगोल, एमए समाजशास्त्र तथा एमए शिक्षा में प्रवेश शुरू हो गए हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/vmou-pg-admissions-in-geography-sociology-and-education-started/article-71426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/pradesh-k-laakho-students-ko-rozgaar-nahi-dila-paa-raha-vmou..kota-news..31.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में अब जनवरी 2024 सत्र में ही एमए भूगोल, एमए समाजशास्त्र तथा एमए शिक्षा में प्रवेश शुरू हो गए हैं।</p>
<p>कुलपति प्रोफेसर कैलाश सोडाणी ने बताया कि यूजीसी से बीते दिनों स्नातक और स्नातकोत्तर के कई विषयों में मान्यता मिल गई थी, लेकिन भूगोल, समाजशास्त्र और शिक्षा जैसे विषय छूट गए थे, लेकिन अब इन तीनों विषयों में जनवरी सत्र से प्रवेश के लिए मान्यता पत्र मिल गया है जिससे प्रवेश आरंभ कर दिए गए हैं। विद्यार्थियों को अपने निकट के किसी भी ई-मित्र केन्द्र से या फिर अपने पर्सनल कंप्यूटर से जल्द से जल्द इन विषयों में प्रवेश ले लेना चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरीके से ऑनलाइन है। भूगोल के विषय संयोजक डॉ आलोक चौहान ने बताया कि एमए भूगोल करने वाले छात्रों के लिए 20 दिन का अनिवार्य प्रायोगिक शिविर भी क्षेत्रीय केन्द्रों पर आयोजित किया जाएगा। इसकी प्रथम वर्ष की फीस 8400 रूपए होगी। वहीं समाजशास्त्र और शिक्षा में एमए प्रथम वर्ष की फीस 5400 रूपए रखी गई है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Feb 2024 10:08:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नए जिलों ने बढ़ाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की धड़कन</title>
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                        <![CDATA[नए जिलों के बनने से उनकी भौगोलिक, सांस्कृतिक स्थितियों में बदलाव होगा। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/new-districts-increase-the-pulse-of-students-preparing-for-competitive-exams/article-53967"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/naye-jilo-ne-bdhayi-pratiyogi-parkishao-ki-tyyari-kr-rhe-vidhyarthiyo-ki-dhadkan...kota-news-07-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नए जिले बनने से जहां राजस्थान की ज्योग्राफी बदली वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की धड़कनें भी बढ़ गई। प्रदेश में 50 जिले और 10 संभाग होने से कला, संस्कृति और सभ्यताओं की मौजूदगी में अमूलचूल परिवर्तन होने से अभ्यर्थी परीक्षाओं में आने वाले सवालों को लेकर अभी से चिंतित नजर आने लगे हैं। क्योंकि, नए जिले बनने से सामान्य ज्ञान की किताबों में  भौगोलिक, सांस्कृतिक, मैपिंग और आंकड़ों से संबंधित बदलाव होंगे। ऐसे में परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को नई जानकारियों से अपग्रेड होने से संबंधित परेशानी हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मत है कि नए जिले व संभाग बनने से प्रतियोगी परीक्षाओं पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। कौनसी सभ्यता, किला, नदियां, संस्कृति किस जिले की पहचान हैं या कहां स्थित है, इससे संबंधित प्रश्न फिलहाल एक वर्ष तक आगामी परीक्षाओं में नहीं पूछे जा सकते। क्योंकि, जब तक नए अलग हुए जिले नए जिले के रूप में कार्यरत नहीं होंगे तब तक उनकी मैपिंग व आंकड़े जारी नहीं हो पाएंगे। ऐसे में पब्लिशर भी अपनी किताबों में यह आंकड़े मेंशन नहीं कर पाएंगे। लेकिन, नई जानकारियों को लेकर विद्यार्थियों में कन्फ्यूजन की स्थिति रह सकती है।</p>
<p><strong>नए जिले बनने से ऐसे होगा बदलाव</strong><br />नए जिलों के बनने से उनकी भौगोलिक, सांस्कृतिक स्थितियों में बदलाव होगा। उदाहरण के लिए प्रदेश का क्षेत्रफल में सबसे बड़ा जिला जैसलमेर है। वहीं सबसे छोटा जिला धौलपुर। लेकिन, वर्तमान परिस्थितियों में हुए अमूलचूल परिवर्तन से अब सबसे छोटा जिला दूदू है। इस तरह अन्य जिलों का भी नाम सामान्य ज्ञान में किसी न किसी रूप में है। नए जिले बनने से तमाम महत्वपूर्ण चीजें दूसरे जिलों में जाएंगी तो फिर उसी हिसाब से किताबों में भी बदलाव करना होगा। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे विद्यार्थियों को भी नई जानकारियों से अपडेट रहना होगा। ऐसे में उन्हें कुछ हद तक परेशानी हो सकती है। क्योंकि, उन्होंने सामान्य ज्ञान प्रदेश का वर्तमान हाल को लेकर पढ़ा है लेकिन जिले बनेंगे तो उसी हिसाब से बदलाव होगा और फिर छात्रों को पढ़ना होगा। उद्योग धंधे, कला-संस्कृति, महल, नदी -नाले, पर्यटन क्षेत्र व धार्मिक स्थलों की मौजूदगी में बदलाव तो हुआ ही है। </p>
<p><strong>किस तरह के सवाल आ सकते और कौनसे नहीं</strong><br />शिक्षकों का कहना है, समान्य जानकारियां जैसे-नए जिलों की घोषणा, कौनसा जिला किससे अलग होकर बना, कितनी तहसील, उपखंड, क्षेत्रफल सहित करंट अफेयर से जुड़े सवाल आगामी परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। लेकिन, मैपिंग और आंकड़ों से संबंधित सवाल जैसे, कृषि विज्ञान, पशुपालन, वन विभाग, जनसंख्या व खनीज के आंकड़ों से संबंधित सवाल एक वर्ष तक परीक्षाओं में नहीं पूछे जा सकते। क्योंकि, नए जिले को जिले के रूप में कार्यरत होने में एक वर्ष लगेगा, तब ही उसकी रिपोर्ट जारी होगी। ऐसे में जब तक आंकड़े जारी नहीं हो जाते तब तक उससे संबंधित सवाल नहीं पूछे जा सकते। </p>
<p><strong>किन पर पड़ेगा असर</strong><br />प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षक परमानंद का कहना है,  उन विद्यार्थियों पर असर पड़ सकता है जो एक-दो साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि वह अब तक 33 जिले और 7 संभागों को ही पूरी तरह से समझ नहीं पाए और उससे पहले ही नए जिले व संभाग और बन गए। ऐसे में नई जानकारियों से अपडेट नहीं होने वाले अभ्यर्थियों को परेशानी हो सकती है। लेकिन, जो 4-5 साल से तैयारी कर रहा है वो पिछली परिस्थितियों से वाकिफ हो चुके होते हैं, ऐसे में नए बदलाव से उन्हें फर्क नहीं पड़ेगा। </p>
<p><strong>इन सवालों से आशंकित विद्यार्थी </strong><br />नए जिलों के वर्गीकरण से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। उदारहण के तौर पर गणेशपुर सभ्यता किस जिले में स्थित है, पहले इसका जवाब सीकर था लेकिन वर्तमान में इसका सही जवाब नीम का थाना जिला हो गया है। क्योंकि, यह सीकर से अलग होकर नया जिला हो गया। नए जिलों के बंटवारे के साथ-साथ कला, संस्कृति, ज्योग्राफी, पुरास्थल, नदी, सभ्यता सहित इतिहास का भी बंटवारा हो गया। आगामी परीक्षाओं में इनसे संबंधित तमाम सवाल पूछे जाने की आशंकाओं से विद्यार्थी चिंतित नजर आ रहे हैं। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं अभ्यर्थी </strong><br />इतिहास, भूगोल, कला, संस्कृति सब बदल गई, अब नए सिरे से पढ़ाई करनी होगी। अब तक जीके में जो याद था, उसमें भी परिवर्तन हो गया। आगामी परीक्षाओं में इनमें से किस तरह के सवाल पूछे जाएंगे, इसकी आशंका से आशिंकित हैं। <br /><strong>-अजय कुशवाह, अभ्यर्थी </strong></p>
<p>नए जिलों के वर्गीकरण से जनता की सुख-सुविधाओं में इजाफा होगा लेकिन सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे शिक्षित बेरोजगार युवाओं के हित में नई व्यवस्था से हुए बदलाव से संबंधित सवाल नया मेटेरियल उपलब्ध नहीं होने तक पेपर में न पूछे जाए, इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। <br /><strong>-आशा मीणा, अभ्यर्थी</strong></p>
<p><strong>अनावश्यक तनाव की जरूरत नहीं</strong><br />प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। नए जिले व संभाग बनने से ज्योग्राफी में हुए बदलाव से संबंधित सवाल आगामी परीक्षाओं में नहीं पूछे जाएंगे। मैपिंग व आंकड़ों से जुड़े प्रश्न पेपर में नहीं आ सकते। हालांकि, नए जिलों की घोषणा, कौनसा जिला किससे टूटकर बना, उसकी तहसीलें व उपखण्ड से संबंधित करंट अफेयर पूछी जा सकती है। ऐसे में विद्यार्थियों को अनावश्यक तनाव लेने की जरूरत नहीं है। जीके वही रहेगी जो अब तक रहती आई है। <br /><strong>-परमानंद, ज्योग्राफी शिक्षक, निजी कोचिंग</strong></p>
<p>विद्यार्थियों को अपना ज्ञान अपडेट करने की जरूरत है। किताबों का कंटेंट बदलेगा। पब्लिशर को भी अपनी किताबों को नए सिलेबस के हिसाब से अपडेट करना होगा। राजस्थान से संबंधित सवालों में फर्क पड़ेगा। क्योंकि, जिलों के वर्गीकरण से पर्यटन, कला, संस्कृति, नदी-तालाब, मंदिर सहित अन्य ऐतिहासिक स्थलों की लॉकेशन में बदलाव हुआ है, जिसकी जानकारी विद्यार्थियों को होना जरूरी है।<br /><strong>-डॉ. संजय भार्गव, प्राचार्य जेडीबी साइंस कॉलेज</strong></p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2023 17:08:41 +0530</pubDate>
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