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                <title>lord ganesha - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का... गणेश पूजन के साथ दशहरा मेले की तैयारियों का शुभारंभ कल से</title>
                                    <description><![CDATA[दशहरा मेला भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और लोक परंपराओं का जीवंत मंच माना जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news----preparations-for-the-dussehra-fair-to-kick-off-tomorrow-with-the-worship-of-lord-ganesha/article-157835"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा के 133 वें राष्ट्रीय दशहरा मेले का आयोजन इस वर्ष 11 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक किया जाएगा। इस ऐतिहासिक मेले की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ बुधवार को गणेश स्थापना व पूजन के साथ होगा।नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कोटा का दशहरा मेला राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। लगभग एक माह तक चलने वाले इस महोत्सव के दौरान पूरा शहर उत्सवमय वातावरण में रंग जाता है। मेले में लोक कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियां, सांस्कृतिक संध्याएं, पारंपरिक हस्तशिल्प प्रदर्शनी, मनोरंजन गतिविधियां और विविध आयोजन आकर्षण का केंद्र रहते हैं।</p>
<p>दशहरा मेला भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और लोक परंपराओं का जीवंत मंच माना जाता है। यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों पर्यटक मेले में पहुंचकर भारतीय संस्कृति की विविध रंगों से रूबरू होते हैं। इस वर्ष का मेला पहले से भी अधिक भव्य और आकर्षक बन सके इसके लिए 24 जून को सुबह 10.30 बजे दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच परिसर में विघ्नहर्ता व रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश के पूजन-अर्चन के साथ मेले की तैयारियों की शुरूआत होगी।</p>
<p>आयुक्त मेहरा ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य है कि जनप्रतिनिधियों, गणमान्य प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, पर्यटन और विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञो के साथ आमजन के भी सुझाव और सहयोग से इस वर्ष भी मेले का आयोजन सुव्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य रूप में किया जाए, ताकि प्रदेश की इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर का आयोजन निर्विघ्न व सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।</p>
<p><strong>25 जुलाई को देवशयनी एकादशी</strong><br />इस वर्ष 25 जुलाई को देव शयनी एकादशी है। इस दिन से करीब चार माह तक शुभ व मांगलिक कार्यक्रम नहीं हो सकते। ऐसे में इसी अवधि में दशहरा मेला होने से उसके आयोजनों पर भी संकट मंडराने लगता है। इसे देखते हुए हर साल नगर निगम की ओर से देव शयनी एकादशी से पहले ही गणेश स्थापना व पूजन किया जाता है। जिससे देव शयनी के बावजूद मेले की तैयारियां की जा सके।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि गणेश स्थापना व पूजन से संबंधिरत समाचार दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। समाचार पत्र में 19 जून के अंक में पेज 4 पर' देवशयनी एकादशी से पहले होगी मेले की गणेश स्थापना शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि गत वर्ष 30 मई को गणेश स्थापना कर दी गई थी। इस बार अभी तक नहीं हुई है। जबकि निगम अधिकारियों का कहना था कि इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। नवज्योति में समाचार प्रकाशित होते ही आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने सोमवार को ही गणेश स्थापना व पूजन का आदेश जारी कर दिया। जिसमें 24 जून को सुबह 10.30 बजे श्रीराम रंगमंच पर गणेश स्थापना व पूजन का कार्यक्रम रखा गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:08:12 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भव्य अभिषेक का नजारा! मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 151 किलो दूध से स्नान, 1001 मोदक चढ़ाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में रविवार को भव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। महंत कैलाश शर्मा के सानिध्य में भगवान गणपति का 151 किलो दूध और पंचामृत से अभिषेक किया गया। सहस्त्रनाम पाठ के साथ 1001 मोदकों का भोग लगाया गया, जिसके बाद गजानन नवीन पोशाक में 'फूल बंगले' में विराजमान हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/view-of-the-grand-abhishek-bathing-with-151-kg-milk/article-145052"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/moti-dungari.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मोतीडूंगरी स्थित श्री गणेश जी मंदिर में रविवार प्रातः विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सुबह भगवान गणपति महाराज का 151 किलो दूध, 21 किलो दही, 21 किलो बूरा, घी, शहद, केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र से अभिषेक किया गया।</p>
<p>मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि सबसे पहले भगवान का गंगाजल, केवड़ा जल और गुलाब जल से पवित्र स्नान कराया गया। इसके पश्चात पंचामृत से विधिवत अभिषेक सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात पुनः गंगाजल से शुद्ध स्नान कराकर विशेष पूजा-अर्चना की गई।</p>
<p>प्रातः 11 बजे भगवान श्री गणपति के सहस्त्रनाम पाठ के साथ 1001 मोदकों का अर्पण किया गया। इस दौरान भगवान को नवीन पोशाक धारण कराई गई और विशेष खीर का भोग भी लगाया गया। अनुष्ठान के पश्चात भगवान श्री गणपति फूल बंगले में विराजमान हुए। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 18:00:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मोती डूँगरी गणेश मंदिर में होगा फागोत्सव : गुलाल-गोटे एवं पुष्पों से खेलेंगे होली, फूलों के मंडप में सजेंगे गणपति</title>
                                    <description><![CDATA[गणेश मंदिर में फागोत्सव का आयोजन होगा। गणेश जी बसंत की फाल्गुनी नवीन पोशाक करेंगे धारण। जयपुरी साफा से होगा विशेष श्रृंगार। पुष्पों के मंडप में रहेंगे विराजमान। सायं 4:30 बजे भक्तों के साथ होगी गुलाल-गोटे एवं पुष्पों से होली। 

]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fagotsav-will-be-held-on-wednesday-25th-february-at-moti/article-144408"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/moti-dungari.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में फागोत्सव का आयोजन बुधवार को आयोजित होगा। इस अवसर पर भगवान श्री गणेश जी बसंत की फाल्गुनी नवीन पोशाक धारण करेंगे। साथ ही मोट्यार स्वरूप में जयपुरी साफा से उनका विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान पुष्पों से सजे फूलों के मंडप में विराजमान रहेंगे।</p>
<p>सायं 4:30 बजे भगवान भक्तों के साथ गुलाल-गोटे एवं पुष्पों से होली खेलेंगे। इसके पश्चात सायं 6 से 8:30 बजे तक डफ एवं चंग का विशेष आयोजन रहेगा।जिसमें शेखावाटी की पारंपरिक धुनों पर भक्तजन फागोत्सव का आनंद लेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 18:25:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोती डूंगरी गणेश मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, दिनभर लगा रहा आस्था का तांता</title>
                                    <description><![CDATA[मोती डूंगरी स्थित श्री गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्तों ने गणपति बप्पा के दर्शन किए और मोदक व दूर्वा अर्पित की। “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/devotees-gathered-in-moti-dungri-ganesh-temple-faith-remained-constant/article-140397"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)47.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बुधवार होने के कारण मोती डूंगरी स्थित प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही भक्त गणपति बप्पा के दर्शन के लिए कतारों में नजर आए। मंदिर परिसर में “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।</p>
<p>मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि बुधवार को गणेश जी का विशेष महत्व होने के कारण सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, जो दिनभर जारी रहा। दूर-दराज से आए भक्तों ने विघ्नहर्ता से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।</p>
<p>श्रद्धालुओं ने गणेश जी को मोदक, दूर्वा और पुष्प अर्पित किए। मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए, जिससे भक्तों को आसानी से दर्शन हो सके। शाम के समय भी मंदिर में भारी भीड़ रही और पूरे दिन आस्था व श्रद्धा का वातावरण बना रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 17:20:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पचरंगी साफे में सुशोभित हुए दाहिनी सूंड नहर के गणेश जी</title>
                                    <description><![CDATA[ शनि पुष्य नक्षत्र पर शहर के गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य गजानन का पंचामृत अभिषेक किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lord-ganesha-of-the-right-trunk-canal-adorned-in-a/article-63273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/ganesh-ji.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शनि पुष्य नक्षत्र पर शहर के गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य गजानन का पंचामृत अभिषेक किया गया। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा की मौजूदगी में लम्बोदर 151 किलो दूध, 21 किलो दही, साढ़े पांच किलो घी, 21 किलो बूरा, 21 किलो गन्ने का रस, शहद, केवड़ा व गुलाब जल, केवड़ा व गुलाब इत्र, गंगाजल आदि से स्नान कराकर नवीन पोशाक धारण कराने के बाद गणपति फूल बंगले के सोफे में विराजमान कराया। गणपति को 1008 मोदकों व विशेष खीर का भोग अर्पित कर आरती उतारी गई। भक्तों को हल्दी की गांठ व रक्षासूत्र वितरित किए गए।</p>
<p>वहीं ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित नहर के गणेश मंदिर में महंत पं.जय शर्मा की मौजूदगी में दूध, दही, घी, शहद आदि गणपति का अभिषेक कर नवीन पचरंगा साफा धारण कराया गया। गणपति अथर्वशीर्ष और गणपति सहस्त्रनाम के साथ भगवान को मोदक अर्पित किए गए | इसी के साथ चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर, ध्वजाधीश गणेश मंदिर बड़ी चौपड़, बालगणेश स्वरूप गढ़ गणेश मंदिर, सूरजपोल स्थित श्वेत सिद्धि विनायक गणपति सहित सभी गणेश मंदिरों में धार्मिक आयोजन हुए |</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Dec 2023 16:16:46 +0530</pubDate>
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                <title>इस बार घर में विराजेंगे इकोफ्रेंडली बप्पा</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के मूर्तिकार इस बार भगवान गणेश के अनेक रूपों में इको फ्रेंडली मूर्ति बना रहे हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-eco-friendly-bappa-will-sit-in-the-house-this-time/article-54602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/is-br-ghr-me-virajenge-ecofriendly-bappa...kota-news-14-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। बप्पा की आगमन में अभी 37 दिन शेष है लेकिन शहर में इन दिनों मूर्तिकार बाप्पा के आगमन की तैयारियों में जोरो से जुटे हुए है। 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर बप्पा को विराजित किया जाएगा। इसको लेकर  नौ इंज से लेकर 12 फीट की मूर्तियां तैयार की जा रही है। शहर में पिछले कुछ सालों मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग बढ़ने से इस बार एक माह पूर्व ही कोलकत्ता से बढ़ी संख्या में मूर्तिकार सीएडी रोड व घोडेवाले बाबा चाराहे के आसपास अपना डेरा जमाकर मूर्तियों को आकार देने में जुटे हुए है। शहर में  पहले से कहीं अधिक जागरूक लोगों की मांग के अनुसार शहर में मूर्तिकार इको फ्रेंडली प्रतिमाएं बनाने में जुटे हुए है। सरकार की ओर से इस वर्ष ऊंचाई संबंधी कोई विशेष दिशा निर्देश नहीं होने से प्रमुख पांडालों की ओर से बड़ी-बड़ी प्रतिमाओं के भी ऑर्डर मिले हैं। लोगों के उत्साह और अब तक मिले ऑर्डर के आधार पर मूर्तिकारों ने बताया कि इस वर्ष बीते वर्षों की तुलना में अधिक मूर्तियां बनाई जा रही हैं। </p>
<p><strong>अनेक रूप में तैयार हो रही इको फ्रेंडली मूर्ति</strong><br />शहर के मूर्तिकार इस बार भगवान गणेश के अनेक रूपों में इको फ्रेंडली मूर्ति बना रहे हैं। मूर्ति कलाकार कालूराम ने बताया कि  4 से लेकर 8 फुट की मूर्ति बनाई जा रही है।  मूर्ति बनाने वाले कलाकार कम होने से अब नए प्रतिदिन कलाकारों द्वारा 15 घंटे मेहनत से काम किया जा रहा है। <br /> <br /><strong>अब मूर्ति कलाकार मिलना भी हो रहा मुश्किल </strong><br />मूर्तिकार राजेश ने बताया कि प्लास्टर आॅफ पेरिस की मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मिट्टी मूर्ति बनाने वाले कलाकर अब कम हो रहे है। नई पीढ़ी तो इस काम को करना छोड़ ही दिया है। पीढ़ी दर पीढ़ी हमारा मूर्ति बनाने का काम है लेकिन अब नई पीढ़ी इसमें रुचि कम होती जा रही है। कई बार तो मेहनत के दाम भी पूरे नहीं मिल पाते है। </p>
<p><strong>सामग्री महंगी होने से कीमतें 20 फीसदी तक बढ़ेगी</strong><br />मूर्तिकार सोनू ने बताया पिछले साल के मुकाबले इस बार तनस, बांस, मिट्टी, पेंट की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। इसलिए मूर्तियों की कीमतें भी 20 प्रतिशत तक बढ़ेगी।  गणेश उत्सव को लेकर लोगों में खासा उत्साह है और ऑर्डर भी अच्छे मिल रहे हैं। 12 फुट की बड़ी मूर्ति को 4 कलाकारों के जरिए 15 दिन में तैयार किया जा रहा है। 12 फुट की मूर्ति 80 से 1 लाख रुपए तक की लागत तैयार होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Aug 2023 18:36:54 +0530</pubDate>
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