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                <title>chandryaan update - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग तय समय पर: सोमनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा है कि तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज शाम छह बजकर चार मिनट पर होगी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/soft-landing-of-chandrayaan-3-at-somnath-on-time/article-55277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/som.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा है कि तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज शाम छह बजकर चार मिनट पर होगी तथा इसका कोई स्थगन या कोई वैकल्पिक योजना नहीं है।</p>
<p>आज पूरी दुनिया की नजर भारत की ओर है और देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है। इसरो प्रमुख चंद्रयान-3 की सफलता को लेकर बेहद आशावान है। उन्होंने कहा कि दूसरे मिशन से सबक लेते हुए इस बार असफलता की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गयी है। वैज्ञानिकों की टीम ने बैकअप प्लान का भी बैकअप तैयार किया है।</p>
<p>डॉ. सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 की बुधवार शाम 6.04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग से पहले इसरो का पूरा ध्यान अपने लैंडर मॉड्यूल (एलएम) को उतारने पर होगा। उन्होंने कहा कि हम किसी भी स्थगन या प्लान बी पर विचार नहीं कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जैसा कि मूल योजना थी, बुधवार शाम को लैंडिंग की पुष्टि हो गई है।</p>
<p>डॉ. सोमनाथ उन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें कहा गया था कि यदि लैंडर सिस्टम में कोई समस्या आती है तो लैंडिंग को 27 अगस्त तक के लिए टाल दिया जाएगा।</p>
<p>इसरो ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन तय समय पर है और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है। इसरो के मुताबिक सिस्टम की नियमित जांच हो रही है और मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स) ऊर्जा एवं उत्साह से भरा हुआ था।</p>
<p>इसरो ने एक ट्वीट में कहा कि चंद्रयान-3 मिशन तय समय पर है। सिस्टम की नियमित जांच हो रही है। सुचारू संचालन जारी है। एमओएक्स ऊर्जा और उत्साह से भरा हुआ है!</p>
<p>इसरो के सूत्रों ने कहा कि चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए लैंडर को 1.6 किमी प्रति सेकंड की गति के साथ लगभग 25 किमी की ऊंचाई से संचालित किया जाएगा।</p>
<p>इसरो वैज्ञानिकों का ध्यान उस गति को कम करने पर होगा क्योंकि इसमें चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल भी अपनी भूमिका निभाएगा।</p>
<p>सॉफ्ट लैंडिंग के लिए संचालित लैंडिंग 17: 45-17: 50 बजे शुरू होगी और एलएम शाम 6.04 बजे उतरेगा जिसे आतंक के 15 मिनट भी कहा गया है। कमांड अपलोड होने और टेलीमेट्री सिग्नल के विश्लेषण के दो घंटे बाद यह प्रक्रिया शुरु होगी।</p>
<p>सॉफ्ट लैंडिंग एक मुश्किल और चुनौतीपूर्ण कार्य है क्योंकि इसमें जटिल मनूवरों की एक श्रृंखला शामिल होती है जिनेमें रफ और फाइन ब्रेकिंग शामिल होती है।</p>
<p>लैंडिंग से पहले सुरक्षित और खतरा-मुक्त क्षेत्रों का पता लगाने के लिए लैंडिंग साइट की इमेजिंग की जाएगी। लैंडर क्षैतिज स्थिति में चंद्रमा की ओर बढ़ेगा और इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी), बेंगलुरु में एमओएक्स के वैज्ञानिक कमांड तैनात करेंगे। रफ ब्रेकिंग करीब 11 मिनट की होगी और बाकी फाइन ब्रेकिंग होगी।</p>
<p>लैंडर की स्थिति को ऊध्र्वाधर में बदल दिया जाएगा और उस स्थिति में यह चंद्रमा पर मंडराएगा, तस्वीरें लेगा तथा लैंडिंग क्षेत्र का सर्वेक्षण करेगा एवं सुरक्षित लैंडिंग स्थान के बारे में निर्णय लेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 15:41:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>चंद्रयान-3 चन्द्रमा पर उतरने के लिए तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[चंद्र मिशन, चन्द्रयान 3 सफलतापूर्वक अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है और चंद्रयान लैंडर मॉड्यूल (एलएम) 23 अगस्त की शाम छह बजकर 04 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर उतरेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chandrayaan-3-ready-to-land-on-the-moon/article-55179"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/chandaryaan.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। भारतीय चन्द्र मिशन चंद्रयान-3 बुधवार को चंद्रमा पर उतरने के लिए तैयार है। चंद्र मिशन, चन्द्रयान 3 सफलतापूर्वक अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है और चंद्रयान लैंडर मॉड्यूल (एलएम) 23 अगस्त की शाम छह बजकर 04 मिनट पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर उतरेगा।</p>
<p>अब तक, मिशन पूरी तरह से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और सभी की निगाहें अब लैंडिंग पर हैं, जो सफल होने पर, भारत को उन देशों के विशिष्ट समूह में शामिल कर देगा जिनमें अमेरिका, रूस और चीन शामिल हैं। इसरो वैज्ञानिक आधी रात से ही चंद्रयान-3 मिशन पर नजर रख रहे हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि चंद्रयान-3 की लैंडिंग से कुछ ही घंटे पहले इसरो ने एक मील का पत्थर हासिल किया जब ऑर्बिटर ले जाने वाले चंद्रयान-2 ने कल चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल (एलएम) का औपचारिक स्वागत किया। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर चंद्रयान-3 लैंडर के साथ इसरो के लिए बैकअप संचार चैनल होगा।</p>
<p>इसरो ने' एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि चंद्रयान -3 मिशन: आपका स्वागत है दोस्त। सीएच-2 ऑर्बिटर ने औपचारिक रूप से सीएच-3 एलएम का स्वागत किया।</p>
<p>इसरो ने 2019 में कहा था कि सटीक प्रक्षेपण और कक्षीय युद्धाभ्यास के कारण, चंद्रयान -2 ऑर्बिटर का मिशन जीवन सात साल तक बढ़ गया था। 22 जुलाई, 2019 को प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान -2 मिशन में चंद्रमा के अज्ञात दक्षिणी ध्रुव का पता लगाने के लिए एक ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर शामिल थे। चंद्रयान-2 को जुलाई 2019 में लॉन्च किया गया था और रोवर ले जा रहा लैंडर  सितंबर 2019 में लैंडिंग साइट के बहुत करीब एक तकनीकी खराबी के कारण  दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे मिशन 99.99 प्रतिशत सफल रहा।</p>
<p>इसरो ने सोमवार को चंद्रयान-3 की लैंडिंग से पहले, लैंडर हैजर्ड डिटेक्शन एंड अवॉइडेंस कैमरा (एलएचडीएसी) द्वारा ली गई चंद्र सुदूर क्षेत्र की तस्वीरें जारी कीं।</p>
<p>इसरो ने कहा कि दूसरा डीबूस्टिंग और अंतिम ऑपरेशन रविवार सुबह 0200 बजे किया गया और एलएम निर्दिष्ट लैंडिंग स्थल पर सूर्योदय का इंतजार करेगा और 23 अगस्त को संचालित लैंडिग शुरू होगी। इस युद्धाभ्यास के बाद, चंद्रयान -3 अंतरिक्ष यान अब लगभग 25 किमी गुणा 134 किमी पर स्थित था।</p>
<p>इसरो ने कहा कि मॉड्यूल को आंतरिक जांच से गुजरना होगा और निर्दिष्ट लैंडिंग स्थल पर सूर्योदय का इंतजार करना होगा।</p>
<p>इसरो, लैंडिंग साइट की पहचान करने के बाद, बुधवार शाम को चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए सटीक ब्रेकिंग तकनीक का प्रदर्शन करेगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान को 14 जुलाई को इसरो के सबसे भारी प्रक्षेपण यान एलवीएम 3-एम4 द्वारा सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था। लगभग 16 मिनट की उड़ान अवधि के बाद, इसे 36,500 किमी गुणा 170 किमी की अण्डाकार पार्किंग कक्षा में प्रविष्ट किया गया। चंद्रयान-3 को कक्षा में प्रवेश करने से इसकी 42 दिन की यात्रा समाप्त हो गई।</p>
<p>इसरो के अध्यक्ष एस.सोमनाथ ने कहा कि चंद्रमा की ओर 3.80 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करके 23 अगस्त को सॉफ्ट लैंडिंग के साथ समाप्त होगी।</p>
<p>चंद्रयान-3 में एक स्वदेशी लैंडर मॉड्यूल (एलएम), प्रोपल्शन मॉड्यूल (पीएम) और एक रोवर शामिल है, जिसका उद्देश्य भविष्य के अंतर-ग्रहीय मिशनों के लिए आवश्यक नई प्रौद्योगिकियों को विकसित करना और प्रदर्शित करना है।</p>
<p>चंद्रयान-3 की सेहत सामान्य है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) और जेपीएल डीप स्पेस एंटीना के सहयोग से पूरे मिशन के दौरान, अंतरिक्ष यान के स्वास्थ्य की लगातार इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) में मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स), बेंगलुरु के पास बयालू में इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) एंटीना से निगरानी की जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 22 Aug 2023 13:25:39 +0530</pubDate>
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                <title>चन्द्रयान-3 ने चौथा चरण पार किया, पहुंचा चन्द्रमा के और करीब</title>
                                    <description><![CDATA[भारत का तीसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-3 बुधवार सुबह चौथा चरण पार कर अपनी मंजिल के और करीब पहुंच गया। चंद्रयान के लिए यह प्रक्रिया काफी अहम थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/chandrayaan-3-crossed-the-fourth-stage-reached-closer-to-the-moon/article-54730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/chandrayaan.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। भारत का तीसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-3 बुधवार सुबह चौथा चरण पार कर अपनी मंजिल के और करीब पहुंच गया। चंद्रयान के लिए यह प्रक्रिया काफी अहम थी और कल (17 अगस्त को) चन्द्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल (एलएम) को प्रोपल्शन मॉड्यूल (पीएम) से अलग होगा।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने जानकारी दी कि चंद्रयान-3 ने सफलतापूर्वक चांद की कक्षा के एक और गोलाकार चरण को पूरा कर लिया है और अब वह चांद के और करीब वाली कक्षा में पहुंच गया है। चंद्रयान-3 अब चांद के चौथे ऑर्बिट में प्रवेश कर गया है।  चंद्रयान अंतरिक्ष यान अब चंद्रमा की सतह से सिर्फ 163 किमी दूर है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Chandrayaan-3 Mission:<br /><br />Today’s successful firing, needed for a short duration, has put Chandrayaan-3 into an orbit of 153 km x 163 km, as intended.<br /><br />With this, the lunar bound maneuvres are completed.<br /><br />It’s time for preparations as the Propulsion Module and the Lander Module… <a href="https://t.co/0Iwi8GrgVR">pic.twitter.com/0Iwi8GrgVR</a></p>
— ISRO (@isro) <a href="https://twitter.com/isro/status/1691655268449603770?ref_src=twsrc%5Etfw">August 16, 2023</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>इसरो ने कहा कि अब तैयारियों का समय आ गया है क्योंकि प्रोपल्शन मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल अपनी अलग-अलग यात्राओं के लिए तैयार हैं। आज चंद्रयान-3 एक और कक्षा लांघ कर चांद के और करीब पहुंच गया। वहीं 17 अगस्त का दिन मिशन के लिए अहम होगा क्योंकि इस दिन चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल को लैंडर से अलग किया जाएगा।</p>
<p>इसरो ने ट्वीट किया कि आज की सफल फायरिंग के बाद चंद्रयान-3 को 153 किमी गुणा 163 किमी की कक्षा में स्थापित कर दिया है। इसके साथ ही चन्द्रयान-3 चंद्रमा से जुड़ी एक और प्रक्रिया को पूरा कर आगे बढ़ गया है।</p>
<p>इसरो ने कहा कि यह तैयारियों का समय है क्योंकि प्रोपल्शन मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल अपनी अलग-अलग यात्रा के लिए तैयार हैं। पांच अगस्त को चन्द्रयान-3 के चंद्र कक्षा में प्रवेश करने के बाद इस अंतरिक्ष यान ने अब तक के चार चरणों को पार कर लिया है और चन्द्रमा के बेहद करीब पहुंच गया है। इसके बाद 23 अगस्त को चंद्रयान-3 को चांद की सतह पर उतरना है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाह होगी।  </p>
<p>अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि चंद्रयान-3 आशा के अनुरूप सामान्य तरह से काम रहा है। इस पूरे मिशन के दौरान अंतरिक्ष यान की यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) और जेपीएल डीप स्पेस एंटीना के सहयोग से लगातार इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) में मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स), बेंगलुरु के पास बयालू में इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) एंटीना से निगरानी की जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 16 Aug 2023 14:39:04 +0530</pubDate>
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