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                <title>Financial crisis - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Financial crisis RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरान को लगभग 270 अरब डॉलर का नुकसान : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने खुलासा किया है कि हालिया हमलों से देश को लगभग 270 अरब डॉलर की क्षति हुई है। सरकार वर्तमान में बुनियादी ढांचे, बजट राजस्व और औद्योगिक केंद्रों के बंद होने से हुए नुकसान का आकलन कर रही है। ईरान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य हर्जाने की मांग उठाने की तैयारी में है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/report-of-loss-of-about-270-billion-dollars-to-iran/article-150331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran3.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान सरकार की प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने कहा है कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार अमेरिकी-इजरायली हमलों से ईरान को लगभग 270 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। मोहाजेरानी ने कहा, "प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार आज तक 270 अरब डॉलर का नुकसान होने का संकेत मिला है।" उनके अनुसार, नुकसान के अधिक सटीक आंकड़े सरकार के आर्थिक ब्लॉक द्वारा निर्धारित किए जाएंगे, जो कई चरणों में इसका मूल्यांकन कर रहे हैं।</p>
<p>प्रवक्ता ने बताया कि पहले चरण में इमारतों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में बजट राजस्व के नुकसान और औद्योगिक केंद्रों के बंद होने से संबंधित नुकसान का आकलन किया जाएगा। मोहाजेरानी ने यह भी उल्लेख किया कि ईरान को दिए जाने वाले अमेरिकी सैन्य हर्जाने का मुद्दा ईरानी वार्ता टीम द्वारा उठाए जा रहे विषयों में से एक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 12:27:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शेयर बाजारों में शुरुआती गिरावट: सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटा, इन कंपनियों में दिखेगा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजरायल युद्ध के बढ़ते तनाव और वैश्विक संकेतों के कारण घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 824 अंक तक गोता लगाकर 73,282 के स्तर पर आ गया। ऑटो और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली हावी रही, जबकि मेटल और आईटी शेयरों में कुछ खरीदारी देखी गई। निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/initial-decline-in-stock-markets-sensex-falls-by-more-than/article-149358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/share-market02.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूट गया। विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच सेंसेक्स 372.49 अंक नीचे 73,734.36 अंक पर खुला और कुछ ही देर में करीब 824 अंक की गिरावट के साथ 73,282 अंक तक उतर गया। खबर लिखे जाते समय यह पिछले कारोबारी दिवस की तुलना में 407.49 अंक (0.55 प्रतिशत) नीचे 73,699.36 अंक पर था।</p>
<p>ईरान युद्ध में दोनों तरफ से हमले और तेज होने से बाजार में निवेश धारणा कमजोर रही। ऑटो, बैंकिंग और वित्त समूहों में ज्यादा बिकवाली रही। एफएमसीजी, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस और रसायन समूहों के सूचकांक भी टूट गये। हालांकि धातु, आईटी और रियलटी समूहों में फिलहाल लिवाली हावी है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 129.55 अंक गिरकर 22,838.70 अंक पर खुला और खबर लिखे जाते समय 138.25 अंक टूटकर 22,830 अंक पर रहा। सेंसक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट में है। इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, एलएंडटी और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी नीचे चल रहे हैं। वहीं, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा और सनफार्मा में तेजी रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:07:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 1,500 अंक लुढ़का, इन शेयरों पर रख़े नज़र</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले तेज करने के बयान ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गुरुवार को सेंसेक्स 1500 अंक से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी में 2% की भारी गिरावट दर्ज की गई। युद्ध समाप्ति की जगह तनाव बढ़ने की आशंका से बैंकिंग, ऑटो और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में चौतरफा बिकवाली हावी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-us-president-trumps-statement-stock-markets-fell-sensex-fell/article-148793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनोल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध को लेकर जारी बयान के बाद गुरुवार को दुनिया भर में शेयर बाजारों में गिरावट देखी गयी और घरेलू स्तर पर बीएसई का सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा लुढ़क गया। सेंसेक्स 872.27 अंक की गिरावट में 72,262.05 अंक पर खुला और कुछ ही मिनट में लगभग 1,525 अंक टूटकर 71,608.05 अंक तक उतर गया। खबर लिखे जाते समय यह 1,473.37 अंक (2.01 प्रतिशत) की गिरावट में 71,660.95 अंक पर रहा।</p>
<p>अमेरिकी ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मिशन में अपने मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिये हैं, लेकिन अगले दो-तीन सप्ताह में हमले और तेज किये जायेंगे। उनके इस बयान के बाद जल्द युद्ध समाप्ति की उम्मीद लगाये बैठे निवेशकों को निराशा हुई और शेयर बाजारों में बिकवाली देखी गयी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 296 अंक गिरकर 22,383.40 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 460.70 अंक यानी 2.03 प्रतिशत नीचे 22,218.70 अंक पर था।</p>
<p>शेयर बाजार में फिलहाल चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। बैंकिंग, फार्मा, स्वास्थ्य, रियलटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, ऑटो, वित्त, धातु, मीडिया, तेल एवं गैस और रसायन समूहों पर ज्यादा दबाव है। सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां अभी गिरावट में हैं। विमान सेवा कंपनी इंडिगो और दवा बनाने वाली सनफार्मा के शेयर चार फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहे हैं। अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी, इटरनल और टाट स्टील के शेयर तीन से चार प्रतिशत फिसल चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 10:59:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट और रुपये में जारी गिरावट के बीच एफपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक ही महीने में की 1,00,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की इक्विटी की शुद्ध बिकवाली</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट और रुपये की गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों (FPI) ने मार्च में ऐतिहासिक निकासी की है। इक्विटी से ₹1.13 लाख करोड़ की शुद्ध बिकवाली ने 2020 के लॉकडाउन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। कुल ₹1.24 लाख करोड़ की इस रिकॉर्ड निकासी से शेयर बाजार दबाव में है और निवेशक सतर्क हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/amidst-the-west-asia-crisis-and-the-ongoing-fall-in/article-148325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/fpi.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पश्चिम एशिया संकट और रुपये में जारी तेज गिरावट के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च में अब तक इक्विटी में 1.13 लाख करोड़ से अधिक की शुद्ध बिकवाली की है। शुद्ध बिकवाली उनके द्वारा लगायी गयी पूंजी और निकाली गयी पूंजी का अंतर है।     केंद्रीय डिपॉजिटरी सेवा कंपनी सीडीएसएल के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने भारतीय बाजार में इक्विटी में अपना निवेश मार्च में 1,13,810 करोड़ रुपये घटाया है जिसका असर शेयर बाजारों पर साफ दिख रहा है।  </p>
<p>इससे पहले कभी एक ही महीने में इक्विटी में एफपीआई निवेश में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट नहीं दर्ज की गयी है। मार्च में अब सिर्फ एक कारोबारी दिवस बचा है और यह नकारात्मक रिकॉर्ड बनना तय है। डेट में उनकी शुद्ध बिकवाली 9,687 करोड़ रुपये और म्यूचुअल फंड में 2,637 करोड़ रुपये रही। हाइब्रिड उपकरणों में उन्होंने कुल 1,852 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।        </p>
<p>इक्विटी, डेट, म्यूचुअल फंड और हाइब्रिड उपकरण मिलाकर मार्च में अबतक भारतीय पूंजी बाजार में एफपीआई की कुल शुद्ध निकासी 1,24,281 करोड़ रुपये रही है और इस मामले में भी रिकॉर्ड टूटना तय है। कोरोना काल में मार्च 2020 के बाद यह पहला मौका है जब एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजार से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध निकासी की है। मार्च 2020 में जब पहली बार लॉकडाउन लगा था तब एफपीआई ने 1,18,203 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी। इस मामले में भी नया रिकॉर्ड बनना लगभग तय है। इससे पहले, फरवरी में एफपीआई का शुद्ध निवेश 37,847 करोड़ रुपये धनात्कम रहा था जबकि जनवरी में वे शुद्ध रूप से बिकवाल रहे थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 13:35:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 93.95 प्रति डॉलर पर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया बुधवार को 93.95 प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। डॉलर इंडेक्स में 0.5% की मजबूती और विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकासी ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। पिछले सत्र में रुपया 94.11 के स्तर तक भी लुढ़का था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-hits-record-low-of-9395-per-dollar-in-interbank/article-147803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/today-dollar-and-rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया बुधवार को 93.95 रुपये प्रति डॉलर के नये निचले स्तर पर खुला। भारतीय मुद्रा पिछले कारोबारी दिवस तक बीच कारोबार में 94.1125 रुपये प्रति डॉलर तक टूटने के बाद 93.53 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी।</p>
<p>रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की तेजी से रुपये पर दबाव रहा। भारतीय पूंजी बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों के पैसा निकालने का असर भी रुपये पर दिखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 12:02:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इजरायल से युद्ध में उलझे हमास के सामने गहराया वित्तीय संकट गाजा में लड़ाकों का वेतन रोका, नेतन्याहू की चाल सफल</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल के साथ बीते डेढ़ साल से जंग में उलझा फिलिस्तीनी गुट हमास वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/netanyahus-trick-was-successful-in-the-financial-crisis-gaza-in/article-111198"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/4541.png" alt=""></a><br /><p>गाजा। इजरायल के साथ बीते डेढ़ साल से जंग में उलझा फिलिस्तीनी गुट हमास वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। हमास की आर्थिक हालत ऐसी हो चुकी है कि उसके पास अपने कर्मचारियों को देने के लिए भी फंड नहीं बचा है। गाजा पट्टी में जंग से हुई भारी तबाही और इजरायल की बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ओर से गाजा पट्टी में मानवीय सहायता रोक देने की वजह से हमास का संकट बढ़ा है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अरब खुफिया अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अरब खुफिया अधिकारियों का कहना है कि खासतौर से इजरायल के गाजा पट्टी की मानवीय सहायता बंद करने से हमास की यह हालत हुई है। हमास इस सहायता का इस्तेमाल अपनी कमाई के लिए करता था। हमास व्यापारियों पर टैक्स लगाता था और विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल करके मानवीय मदद खरीदता था। इस मदद को वह गाजा में बेचकर मुनाफा कमाता था।</p>
<p>2007 से गाजा पर कर रहा है शासन : फिलिस्तीनी गुट हमास 2007 से गाजा पट्टी को नियंत्रित कर रहा है। फिलिस्तीनी चुनाव जीतने और प्रतिद्वंद्वियों को हिंसक तरीके से हटाने के बाद हमास ने 2007 में गाजा पट्टी पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल किया था। हमास ने अक्टूबर, 2007 में इजरायल पर एक बड़ा हमला भी किया था। इस हमले के बाद इजरायली सेना गाजा में बमबारी कर रही है। </p>
<p><strong>युद्ध विराम के बाद मिली बड़ी रकम :</strong></p>
<p>इस साल जनवरी में हुए युद्धविराम और बंधक समझौते के बाद मानवीय सहायता बढ़ी थी, जिससे हमास को अच्छी खासी रकम मिली। इसके बाद मार्च में इजरायल ने गाजा में सहायता भेजना बंद कर दिया, जिससे यह सिलसिला रुक गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल के साथ युद्ध से पहले कतर से हमास को हर महीने 1.5 करोड़ डॉलर मिल रहे थे। इसके अलावा कई देशों, खासकर तुर्की से उसने 50 करोड़ डॉलर जुटाए थे। हमास ने वित्तीय संकट बढ़ने के बाद गाजा में कई सरकारी कर्मचारियों का वेतन आधा कर दिया गया है। हमास ने अपने लड़ाकों के वेतन में भी कमी कर दी है। इस बीच इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा है कि गाजा पट्टी में मानवीय सहायता फिर से शुरू की जा सकती है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि ऐसा निजी कंपनियों के जरिए किया जाएगा, ताकि हमास को बाईपास किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 11:40:51 +0530</pubDate>
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                <title>छह माह से नहीं मिल रहा गरीबों को निवाला</title>
                                    <description><![CDATA[ एक पैकेट की कीमत लगभग 360 रुपए थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-poor-are-not-getting-food-for-six-months/article-78130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/photo-size10.png" alt=""></a><br /><p>कमोलर। पिछली सरकार द्वारा जरूरतमंद परिवारों को राहत दिलाने की मंशा से शुरू की गई अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना नई सरकार बनने के बाद से ही लगभग छह माह से बंद पड़ी हुई है। जिससे गरीब व जरूरत मंद परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। जानकारी के अनुसार वर्तमान सरकार लंबे समय से इस योजना पर कुण्डली मारे बैठी है। हालत यह है कि नवंबर के बाद से इस योजना में लाभार्थियों को खाद्य सामग्री नहीं बंटी है। ऐसे में पात्र व्यक्तियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले में अंतिम बार नवंबर माह में करीब आधे लाभार्थियों को खाद्य सामग्री का वितरण किया गया था। इसके बाद से योजना पर ब्रेक लगा दिया गया है। खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल परिवारों को अगस्त-2023 में इस योजना में फूड पैकेट वितरण शुरू हुआ था। लाभार्थी परिवारों को अक्टूबर 2023 तक नियमित फूड पैकेट मिलते रहे। लेकिन अक्टूबर माह में चुनाव घोषित होने के बाद आचार संहिता के कारण नवंबर माह में जिले में करीब आधे लाभार्थियों को ही फूड पैकेट मिल पाए थे। इसके बाद से फूड पैकेट मिलना बंद हो गए हैं।</p>
<p><strong>योजना को लेकर संशय </strong><br />जानकारी के अनुसार योजना की शुरूआत में रसद विभाग की ओर से जिले में चयनित लाभार्थियों को अन्नपूर्णा फूड पैकेट वितरण का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से नवंबर माह में पैकेट का वितरण किया गया। लेकिन अब तक राज्य सरकार की ओर से इस योजना पर कोई विचार नहीं किया गया है। इस योजना के तहत नवंबर में भी कई लाभार्थी परिवार फूड पैकेट से वंचित रह गए। इसके बाद से सरकार की ओर से अभी तक सप्लाई नहीं हुई। नई सरकार में योजना संचालित होगी या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है। संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना को फिर से चालू करने के संबंध में सरकार से कोई गाइड लाइन नहीं आई है।</p>
<p><strong>15 अगस्त 2023 को शुरू हुई थी योजना </strong><br />राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत तत्कालीन सरकार ने लाभांवित परिवारों को 15 अगस्त से प्रति महीने मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना का वितरण शुरू किया था। इसके बाद जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चयनित परिवारों को फूड पैकेट मिलना शुरू हो गए थे। लेकिन नवंबर माह में कमोलर, बपावर, खड़िया, दिल्लीपुरा, दीगोद आदि पंचायतों के लाभार्थियों को इस योजना का लाभ नहीं मिला।</p>
<p><strong>पैकेट में यह मिली थी सामग्री</strong><br />मुयमंत्री अन्नपूर्णा फूड पैकेट में एक किलो चने की दाल, एक किलो चीनी, एक किलो नमक, सौ ग्राम मिर्च पैकेट, सौ ग्राम धनिया, पचास ग्राम हल्दी और एक लीटर तेल की बोतल दी जाती थी। एक पैकेट की कीमत लगभग 360 रुपए थी।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पहले इस योजना से गरीब परिवारों को हर महीने फूड पैकेज से हर चीज मिलने से महीने भर का पर्याप्त मात्रा में राशन प्राप्त हो जाता था। महीने भर किसी भी चीज की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। सरकार इस योजना को दुबारा शुरू करे। <br /><strong>- धापू बाई, लाभार्थी</strong></p>
<p>गरीबों के लिए अच्छी योजना थी। गरीब परिवारों को फूड पैकेट मिलने से महीने भर तक अन्य चीजों की आवश्यकता नहीं होती थी। नवंबर के बाद से कोई पैकेट नहीं मिला है।<br /><strong>- बंशीलाल मीणा, नयापुरा</strong></p>
<p>इस योजना की जानकारी हमारे पास नहीं है। इसके बारे में रसद विभाग ही बता सकता है। <br /><strong>- रामावतार मीणा, एसडीएम, सांगोद</strong></p>
<p>हमने नवंबर तक सभी बचे हुए फूड पैकेट बांट दिए थे। उसके बाद राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। इस योजना से गरीब परिवारों का पालन पोषण हो जाता है। योजना को वापस शुरू किया जाए तो अच्छी बात है। <br /><strong>- रामस्वरूप नागर, उचित मूल्य प्रभारी, कमोलर</strong></p>
<p>आचार संहिता के चलते अभी तक हमारे पास इस योजना के बारे में सूचना नहीं है। जैसे ही राज्य सरकार की ओर से सूचना प्राप्त होगी, लोगों को सूचना के माध्यम से अवगत करा दिया जाएगा। <br /><strong>- पुष्पा हरवानी, जिला रसद अधिकारी, कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 May 2024 18:13:54 +0530</pubDate>
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                <title>आर्थिक तंगी : दम्पती ने खुद और बेटा-बेटी को खिलाया विषाक्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रताप नगर थाना इलाके के सेक्टर-26 में रहने वाले एक व्यक्ति ने हलवे में विषाक्त पदार्थ मिलाकर अपनी पत्नी, पांच वर्षीय बेटी और पांच माह के बेटे को खिला दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/financially-strapped-couple-fed-poison-to-themselves-and-their-son/article-55645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/suicide.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रताप नगर थाना इलाके के सेक्टर-26 में रहने वाले एक व्यक्ति ने हलवे में विषाक्त पदार्थ मिलाकर अपनी पत्नी, पांच वर्षीय बेटी और पांच माह के बेटे को खिला दिया। जब सभी की तबीयत बिगड़ने लगी तो युवक ने आॅनलाइन कैब बुक की। पत्नी और दोनों बच्चों के साथ महात्मा गांधी अस्पताल पहुंच गया। गम्भीर हालत में बच्चों को जेके लोन और पति-पत्नी को एसएमएस अस्पताल रैफर किया गया। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि युवक ने ही सबको एक साथ जहर देने के बाद में खुद खा लिया था। समाचार लिखे जाने तक पांच माह के बच्चे अथर्व और मां साक्षी शर्मा (28) की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि पति मनोज और बेटी का गम्भीर हालत में उपचार जारी था।  सीआई जहीर अब्बास ने बताया कि मूलत: मानसरोवर निवासी मनोज शर्मा, पत्नी साक्षी, पांच वर्षीय बेटी और पांच माह के बेटे अथर्व के साथ प्रताप नगर के सेक्टर 26 स्थित मकान नम्बर 263/635 में किराए के मकान में रहते थे। मनोज की 2017 में शादी हुई थी। महात्मा गांधी अस्पताल प्रशासन से सुबह करीब नौ से दस के बीच में सूचना मिली कि मां-पिता अपने दो बच्चों के साथ विषाक्त पदार्थ खाकर उपचार के लिए पहुंचे हैं। गम्भीर हालत में इन्हें रैफर किया गया। इस पर पुलिस टीम जेके लोन और एसएमएस अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के मकान से कई दस्तावेज और हलवे के सैम्पल जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। </p>
<p><strong>कर्जे से था परेशान </strong><br />साले शुभम ने बताया कि मनोज की वैशाली नगर स्थित एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी लगी थी।  मनोज के पिता सेना में अधिकारी पद से रिटायर हैं। शादी के कुछ समय बाद ही सास-ससुर, जेठ-जेठानी व दो ननद और उनके पति साक्षी को परेशान करने लगे। मनोज ने कई लोगों से कर्जा ले रखा था। इस दौरान कर्जे का पता चला तो साक्षी के पिता ने मनोज को कुछ रुपए भी दिए थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Aug 2023 09:49:11 +0530</pubDate>
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