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                <title>National Sports Day - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>National Sports Day RSS Feed</description>
                
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                <title>ओलंपिक 2036 की मेजबानी के लिए अभी से जुटना होगा, भारत को खेलों के महाकुंभ के लिए तैयार करना होगा: PM Modi </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'खेला इंडिया संवाद' को संबोधित करते हुए ओलंपिक 2036 की तैयारियों को अभी से शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का खेल विजन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि 'विकसित भारत' के निर्माण में युवा और खेल शक्ति का उपयोग करने का बड़ा अभियान है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-will-have-to-prepare-india-for-the-mahakumbh-of/article-163994"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/modi-samwad.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ओलंपिक खेलों में भागीदारी बढ़ाने और ओलंपिक 2036 के लिए तैयारी अभी से शुरू करने का आह्वान करते हुए कहा कि देश का खेल विजन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 'विकसित भारत' के निर्माण में खेल और युवाओं की ताकत का उपयोग करने के एक बड़े मिशन का हिस्सा है। आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'खेलो इंडिया डायलॉग' को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने खेल, युवा नेतृत्व, फिटनेस, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्र-निर्माण पर देशव्यापी चर्चा के तहत देशभर के युवाओं से बातचीत की। 'मेरा युवा भारत' द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जुड़ने, अपनी उम्मीदें साझा करने और देश के युवा और खेल अर्थव्यस्था को मजबूत करने के लिए विचार देने का मंच प्रदान करना है। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भागीदारी हो रही है, जिसमें प्रत्येक जिले के दो कॉलेजों के छात्र हिस्सा ले रहे हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान लाल किले की प्राचीर से भारत के व्यापक खेल विजन की रूपरेखा बताई थी। उन्होंने कहा, “जब मैं खेल की बात करता हूं, तो यह केवल पदक जीतने के बारे में नहीं है। यह एक विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ लाने का अभियान है।” भारत के लिए अधिक अंतरराष्ट्रीय खेलों में प्रतिस्पर्धा करने की जरूरत पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने ऐतिहासिक रूप से ओलंपिक में शामिल लगभग आधी प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लिया है। ऐसा दशकों से चला आ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “दूसरे देश उन खेलों में पदक जीतते हैं जिनमें हम भाग भी नहीं लेते। अगर हम अपनी पदक तालिका को बढ़ाना चाहते हैं, तो हमें उन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।ओलंपिक में शामिल कई अलग-अलग खेलों में से, भारतीय टीमें लगभग आधे खेलों में भाग नहीं लेती हैं। इसका मतलब है कि हम पदक तालिका के एक बहुत बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा भी नहीं करते हैं। यह दशकों से चला आ रहा है।”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि 2036 ओलंपिक की तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारत को ग्लोबल स्पोर्ट्स के मंच पर अपनी मजबूत छाप छोड़नी है, तो लंबी अवधि की योजना, शुरुआती दौर में ही प्रतिभा की पहचान और खिलाड़ियों को लगातार सहयोग देना जरूरी है। उन्होंने कहा, "जब हम 2036 ओलंपिक की बात करते हैं, तो हमें अभी से खिलाड़ियों को तैयार करना शुरू करना होगा।खेलो इंडिया देश भर में स्पोर्ट्स प्रतिभा को निखारने का एक शानदार मंच बन गया है। यह युवा खिलाड़ियों को उनके सपने पूरे करने के लिए मौके और सपोर्ट दे रहा है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स का महत्व केवल चैंपियन बनाने से कहीं अधिक है, क्योंकि स्पोर्ट्स प्रतिस्पर्धा युवाओं को मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत, अनुशासन और हार के बाद फिर से उठने की क्षमता सिखाते हैं। उन्होंने कहा, “स्पोर्ट्स हमें केवल चैंपियन बनना ही नहीं सिखाता, बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाता है। गिरना, उठना और फिर गिरने के बाद दोबारा उठना — स्पोर्ट्स हमारे अंदर यही जज़्बा पैदा करता है।”</p>
<p>आज की स्क्रीन-बेस्ड दुनिया में युवाओं के बीच फिजिकल एक्टिविटी पर ज़्यादा ज़ोर देते हुए मोदी ने कहा कि स्पोर्ट्स की सुविधाओं और खुली जगहों को अधिक अहमियत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "स्क्रीन से अधिक जरूरी स्पोर्ट्स सेंटर हैं। प्ले-स्टेशन से ज्यादा जरुरी खेल के मैदान हैं।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्पोर्ट्स ड्रग्स की लत (खासकर युवाओं में) से निपटने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि ये उन्हें एक पॉजिटिव रास्ता, अनुशासन और जीवन का मकसद देते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “ड्रग्स की लत की समस्या से निपटने में स्पोर्ट्स बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने भारत के पैरा-एथलीटों की भी तारीफ की और कहा कि उनकी उपलब्धियां स्पोर्ट्स की ज़िंदगी बदलने वाली ताकत को दिखाती हैं और व्यक्तिगत प्रेरणा का स्रोत रही हैं। मोदी ने कहा, “हमारे पैरा-एथलीट इस बात का उदाहरण हैं कि स्पोर्ट्स कैसे ज़िंदगी बदल सकते हैं। मुझे उनसे प्रेरणा मिली है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 14:17:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेलों के प्रति गांवों में भी उत्सव जैसा माहौल</title>
                                    <description><![CDATA[29 अगस्त को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/festive-atmosphere-in-villages-towards-sports/article-125139"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(12)7.png" alt=""></a><br /><p>29 अगस्त को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ था। मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है और इसी हॉकी ने उन्हें पद्म भूषण अवॉर्ड दिलाया था। मेजर ध्यानचंद हॉकी के प्रति इतने समर्पित थे कि उनके खेल काल में हॉकी अपने स्वर्णिम काल के नाम से जाना जाता था। इस दिन को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के जीवन में खेल की भूमिका के रूप में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। युवा पीढ़ी की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को पहचानने और उसे एक नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है।</p>
<p><strong>खेल के प्रति जागरूकता :</strong></p>
<p>खेल दिवस का मुख्य उद्देश्य युवा वर्ग में खेल के प्रति जागरूकता पैदा करना है। खेलों का आयोजन न सिर्फ युवाओं को शारिरिक रूप से सबल बनाता है, बल्कि इसके माध्यम से अनेक युवा रोजगार भी प्राप्त करते हैं। भारत में केंद्र के साथ राज्य सरकारें भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओ में विशिष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार देने के साथ विभिन्न महकमों में सरकारी नोकरी भी प्रदान करती हैं। देश के खेल प्रशिक्षक विभिन्न खिलाड़ियों के काम की प्रशंसा करते हैं और उनका उत्साह बढ़ाते हैं। खेल दिवस का मुख्य उद्देश्य खेल के महत्व को जानना और उसके प्रति जागरूकता फैलाना है। भारत जैसे विकासशील देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।</p>
<p><strong>खेल के माध्यम से :</strong></p>
<p>खेल स्वास्थ्य और बीमारी मुक्त लंबी आयु का जीवन जीने का अपना एक तरीका है। खेल के माध्यम से युवाओं के बीच मित्रता की भावना पैदा होती है,उनमें एकता की भावना विकसित होती है। उनका ध्यान और लगन मजबूत होता है जो न केवल व्यक्ति के दिमाग को तेज बनाता है, बल्कि मन को भी मजबूत और सक्रिय बनाता है। हमारे मनोबल को दृढ़ता से जोड़ता है और हमारे देश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी यही कहती है कि जो लोग खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं वे ना केवल खेल में बल्कि अपने जीवन में भी बहुमूल्य साबित होते हैं। इसलिए हमें चाहिए कि कई प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरे देश में खेल के प्रति जागरूकता का संदेश फैलाना चाहिए।</p>
<p><strong>खेल दिवस का इतिहास :</strong></p>
<p>राष्ट्रीय खेल दिवस का इतिहास 29 अगस्त 1905 से संबंध रखता है। इस दिन उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले के एक परिवार में जन्मे ध्यानचंद ने आगे चलकर हॉकी के खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा करिश्मा दिखाया कि पूरे विश्व के हॉकी खेल प्रेमी उन्हें हॉकी का जादूगर कहने लगे थे। वह आगे चलकर खेल के इतिहास में सबसे महान हॉकी खिलाड़ी बने। उन्होंने हॉकी के क्षेत्र में तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक अर्जित किए। उन्होंने 1948 में अपने अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। ध्यानचंद 16 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुए और यहां से उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और कोच द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से वे भारतीय हॉकी टीम के कप्तान बने। हॉकी में अच्छा प्रदर्शन से इनका सेना में प्रवेश प्रमोशन भी होता गया और इन्हें सेना में कमीशन ऑफिसर के तहत मेजर का पद सम्मान के रूप में दिया गया।</p>
<p><strong>हॉकी के जादूगर :</strong></p>
<p>भारत सरकार द्वारा 1956 में भारत के तीसरे उच्चतम सम्मान पद्म भूषण के साथ हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को सम्मानित किया गया। ध्यानचंद ने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के दौरान 1000 से अधिक गोल किए, इसीलिए उन्हें हॉकी का जादूगर भी कहा जाता है। सन 2012 में भारत सरकार द्वारा ध्यानचंद के जन्म दिन को भी राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला किया गया। दुनिया के सबसे बेहतर हॉकी खिलाड़ियों में से एक मेजर ध्यानचंद के सम्मान में भारत सरकार ने दिल्ली में बने स्टेडियम को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम का नाम दिया और इस स्टेडियम में हॉकी का खेल करवाया जाता है। देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न को बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया है।</p>
<p><strong>बड़े खेल आयोजन :</strong></p>
<p>राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश में पहली बार ग्रामीण ओलंपिक खेल के आयोजन का फैसला कर इन खेलों को आरम्भ करने का दिन राष्ट्रीय खेल दिवस को चुना था। राजस्थान में राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेल का शुभारंभ 29 अगस्त से आरंभ होकर 5 अक्टूबर 2022 तक चले थे। खास बात यह है कि इन खेलों में हरेक आयुवर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया था। सम्भवत: यह आयोजन दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक था। इन खेलों में कबड्डी,शूटिंग बॉल,खो-खो,बॉलीबॉल,टेनिस बॉल क्रिकेट एवं हॉकी खेल शामिल थे। अपने तरह के पहले और विशिष्ट ग्रामीण ओलंपिक खेलों को लेकर राजस्थान के गांवों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला था।</p>
<p><strong>फिट इंडिया मिशन :</strong></p>
<p>खेल दिवस-2025 समारोह का नेतृत्व फिट इंडिया मिशन की ओर से किया जा रहा है। इसे 29-31 अगस्त तक तीन दिवसीय खेल एवं फिटनेस आंदोलन के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसका विषय एक घंटा, खेल के मैदान में होगा। केंद्र राज्य सरकार के संगठन राष्ट्रीय खेल महासंघ, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और सामुदायिक निकाय नागरिकों से इस समारोह में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। इसके अवाना इसका उद्देश्य लोगों में प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट शारीरिक गतिविधि के महत्व को जागरूक करना है, ताकि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को रोका जा सके।</p>
<p><strong>-प्रकाश चंद्र शर्मा</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Aug 2025 12:02:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>National Sports Day: शहरों और गांवों में बनने लगा है उत्सव जैसा माहौल</title>
                                    <description><![CDATA[29 अगस्त 1905 के  दिन उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले  में जन्मे ध्यानचंद ने  हॉकी के खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा करिश्मा दिखाया कि पूरे विश्व के हॉकी खेल प्रेमी उन्हें हॉकी का जादूगर कहने लगे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/festive-atmosphere-is-being-created-in-cities-and-villages/article-55760"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/national-sports-day.png" alt=""></a><br /><p>29 अगस्त को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मेजर ध्यानचंद का जन्म हुआ था। मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है और इसी हॉकी में उन्हें पद्दम भूषण अवार्ड दिलाया था। मेजर ध्यानचंद हॉकी के प्रति इतने समर्पित थे कि उनके खेल काल में हॉकी अपने स्वर्णिम काल के नाम से जाना जाता है। इस दिन को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक व्यक्ति के जीवन में खेल की भूमिका के रूप में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।  <br /><br />इस दिन खेल के प्रति जनता का ध्यान आकर्षित करना होता है। खेल दिवस का मुख्य उद्देश्य युवा वर्ग में खेल के प्रति जागरूकता पैदा करना है। खेलों का आयोजन न सिर्फ युवाओं को शारीरिक रूप से सबल बनाता है बल्कि इसके माध्यम से अनेक युवा रोजगार भी प्राप्त करते हैं। भारत में केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओ में विशिष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार देने के साथ-साथ विभिन्न महकमों में सरकारी नौकरी भी प्रदान करती हैं। देश के खेल प्रशिक्षक विभिन्न खिलाड़ियों के काम की प्रशंसा करते हैं और उनका उत्साह बढ़ाते हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस का मुख्य उद्देश्य खेल के महत्व को जानना और उसके प्रति जागरूकता फैलाना है। मानव शरीर के अपने फायदे को समझने के लिए लोगों का ध्यान खेल के प्रति केंद्रित करना है। पूरा विश्व खेल दिवस मनाता है। सभी देश आपने इतिहास के अनुसार खेल दिवस मनाते हैं और भारत भी राष्ट्रीय खेल दिवस मनाता हैं। उसका भी अपना एक इतिहास है।<br />खेल का हमारे जीवन में आवश्यकता और लाभ-भारत जैसे विकासशील देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बस कमी है तो प्रतिभा को पहचानने की। खेल की भावना हमें समूह को जोड़कर रखने में मदद करती है। खेल स्वास्थ्य और बीमारी मुक्त लंबी आयु का जीवन जीने का अपना एक तरीका है। खेल के माध्यम से युवाओं के बीच मित्रता की भावना पैदा होती है उनमें एकता की भावना विकसित होती है। उनका ध्यान और लगन मजबूत होता है जो न केवल व्यक्ति के दिमाग को तेज बनाता है बल्कि मन को भी मजबूत और सक्रिय बनाता है। हमारे मनोबल को दृढ़ता से जोड़ता है और हमारे देश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी यही कहती है कि जो लोग खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं वे ना केवल खेल में बल्कि अपने जीवन में भी बहुमूल्य साबित होते हैं। इसलिए हमें चाहिए कि राष्ट्रीय खेल दिवस को कई प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरे देश में खेल के प्रति जागरूकता का संदेश फैलाना चाहिए।<br /><br />29 अगस्त 1905 के  दिन उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले  में जन्मे ध्यानचंद ने  हॉकी के खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा करिश्मा दिखाया कि पूरे विश्व के हॉकी खेल प्रेमी उन्हें हॉकी का जादूगर कहने लगे थे। इन्होंने 1928-1932 और 1936 में हॉकी के क्षेत्र में तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक अर्जित किए। ध्यानचंद को गेंद नियंत्रण की कला और उसमें महारत के लिए भी विजार्ड भी कहा जाता था। उन्होंने 1948 में अपने अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।  <br /><br />भारत सरकार द्वारा 1956 में भारत के तीसरे उच्चतम सम्मान पद्म भूषण के साथ हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को सम्मानित किया गया। ध्यानचंद ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 1000 से अधिक गोल किए, इसीलिए उन्हें हॉकी का जादूगर भी कहा जाता है। सन 2012 में भारत सरकार द्वारा ध्यानचंद के जन्म दिन को भी राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला किया गया। दुनिया के सबसे बेहतर हॉकी खिलाड़ियों में से एक मेजर ध्यानचंद के सम्मान में भारत सरकार ने दिल्ली में बने स्टेडियम को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम का नाम दिया और इस स्टेडियम में हॉकी का खेल करवाया जाता है।  <br /><br />टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला और पुरुष के टीमों के हॉकी में दमदार प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 6 अगस्त शुक्रवार 2021 को देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न को बदलकर तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता मेजर ध्यानचंद के नाम पर इस पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया है।<br /><br />अपने सादगीपूर्ण जीवन और नवाचार को लेकर राजनीति में अपनी विशिष्ट छवि रखने वाले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश में पहली बार ग्रामीण ओलंपिक खेल के आयोजन का फैसला कर इन खेलों को आरम्भ करने का दिन राष्ट्रीय खेल दिवस को चुना है। राजस्थान में राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेल चल रहे हैं। खास बात यह है कि इन खेलों में हरेक आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले रहे हैं। सम्भवत: यह आयोजन दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक है। इन खेलों में कबड्डी, शूटिंग बॉल,खो-खो, बॉलीबॉल, टेनिस बॉल क्रिकेट एवं हॉकी खेल शामिल हैं। अपने तरह के पहले और विशिष्ट ग्रामीण ओलंपिक खेलों को लेकर राजस्थान के गांवों में उत्सव जैसा माहौल बन चुका है, जहां किशोरों के साथ-साथ युवा और बुजुर्ग स्त्री पुरुष भी खेलों में दमखम दिखाने के लिए गांव दर गांव सतत अभ्यास करते दिखाई दे रहे हैं।                              <br />-प्रकाश चंद्र शर्मा<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Aug 2023 10:58:42 +0530</pubDate>
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