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                <title>JKK jaipur - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>JKK jaipur RSS Feed</description>
                
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                <title>जयपुर की सांस्कृतिक आत्मा के रूप में धड़कता रहा जेकेके : सजा संस्कृति, रचनात्मकता और उत्सवों का यादगार साल</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के कला प्रेमियों के लिए ये साल केवल एक कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि स्मृतियों से भरा एक सांस्कृतिक अध्याय बन गया है। जवाहर कला केंद्र के लिए यह वर्ष रचनात्मक प्रयोगों, सांस्कृतिक उत्सवों और व्यापक जनभागीदारी का ऐसा संगम रहा, जिसने इसे फिर से राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी के केंद्र में स्थापित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jkk-saja-continues-to-beat-as-the-cultural-soul-of/article-137135"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(11)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के कला प्रेमियों के लिए ये साल केवल एक कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि स्मृतियों से भरा एक सांस्कृतिक अध्याय बन गया है। जवाहर कला केंद्र के लिए यह वर्ष रचनात्मक प्रयोगों, सांस्कृतिक उत्सवों और व्यापक जनभागीदारी का ऐसा संगम रहा, जिसने इसे फिर से राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी के केंद्र में स्थापित किया। विश्व प्रसिद्ध वास्तुकार चार्ल्स कोरिया की ओर से नवग्रह मंडल की अवधारणा पर निर्मित यह परिसर पूरे साल कला, साहित्य, रंगमंच, संगीत और लोक परंपराओं से सराबोर रहा।</p>
<p><strong>भाषा-साहित्य का उत्सव: विजयदान देथा की स्मृति</strong><br />21 से 23 मार्च तक आयोजित विजयदान देथा साहित्य उत्सव राजस्थानी भाषा और लोक साहित्य को समर्पित रहा। 10 सत्रों में 35 से अधिक साहित्यकारों ने अपनी रचनात्मक दृष्टि साझा की। लोक और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों ने इस साहित्यिक आयोजन को जनमानस से जोड़ने का काम किया।</p>
<p><strong>राजस्थान दिवस: संस्कृति का भव्य प्रदर्शन</strong><br />25 से 30 मार्च तक आयोजित राजस्थान दिवस समारोह जवाहर कला केंद्र की बहुआयामी गतिविधियों का प्रतीक बना। लोक गायन, नृत्य कार्यशालाएं, तबला जुगलबंदी, भक्ति संगीत, फ्यूजन बैंड और नाट्य प्रस्तुतियों ने हर आयु वर्ग के दर्शकों को आकर्षित किया। सफेद जवारा और कौव्वों की पाठशाला जैसे नाटकों के साथ लोक गायिका बेगम बतूल और भंवरी देवी की प्रस्तुतियों ने विशेष प्रभाव छोड़ा।</p>
<p><strong>स्थापना दिवस और दृश्य कला का विस्तार</strong><br />8 से 10 अप्रैल तक आयोजित स्थापना दिवस समारोह में जेकेके की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाया गया। लुप्तप्राय वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी, बाल नाट्य प्रस्तुतियां और पं. विश्व मोहन भट्ट, पं. सलिल भट्ट तथा उस्ताद अनवर खान मांगणियार जैसे दिग्गजों की प्रस्तुतियों ने इसे यादगार बनाया। मई में आयोजित रंगरीत कला महोत्सव में पारंपरिक चित्रकारों की कृतियों ने दृश्य कला प्रेमियों को आकर्षित किया।</p>
<p><strong>नई पीढ़ी की रचनात्मक पाठशाला</strong><br />16 मई से 20 जून तक आयोजित जूनियर समर कैंप में 500 से अधिक बच्चों ने संगीत, रंगमंच, साहित्य और दृश्य कला की 18 विद्याओं में प्रशिक्षण लिया। यह शिविर भविष्य के कलाकारों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ। 11 से 17 जुलाई तक आयोजित नटराज महोत्सव समकालीन रंगमंच का सशक्त मंच बना। छह नाटकों और तीन संवाद सत्रों में मानव कौल, सुमित व्यास, आदिल हुसैन जैसे कलाकारों की सहभागिता ने थिएटर प्रेमियों को समृद्ध अनुभव दिया।</p>
<p><strong>-रामकथा, लोक परंपरा और राष्ट्रीय सहभागिता</strong><br />अक्टूबर में दशहरा नाट्य महोत्सव के तहत तकनीकी रूप से समृद्ध श्रीमानस रामलीला का मंचन हुआ। इसके बाद 7 से 17 अक्टूबर तक आयोजित 28वां लोकरंग महोत्सव लोक कला का महाकुंभ बनाए जिसमें 25 राज्यों के लगभग 2500 कलाकारों और राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले ने लोक परंपराओं को भव्य मंच दिया।</p>
<p><strong>जनवरी से बसंत तक: अभिव्यक्ति और तुराज का स्वागत</strong><br />वर्ष की शुरुआत जनवरी में आयोजित स्पीकिंग स्किल्स वर्कशॉप से हुई, जिसमें युवाओं ने संवाद, आत्मविश्वास और मंचीय अभिव्यक्ति के गुर सीखे। इसके तुरंत बाद 28 से 30 जनवरी तक बसंत बहार उत्सव ने केंद्र को रंग, राग और लय से भर दिया। कथक, ओडिसी और भरतनाट्यम की प्रस्तुतियों में अदिति शर्मा, डॉ. तरुणा जांगिड, पं. हरीश गंगानी, डॉ. रीला होता और शांतनु चक्रवर्ती जैसे कलाकारों ने बसंत के उल्लास को मंच पर जीवंत कर दिया।</p>
<p><strong>लोक संगीत और नारी शक्ति का सशक्त मंच</strong><br />20 फरवरी से 6 मार्च तक पद्मश्री अली-गनी के नेतृत्व में आयोजित मांड गायन कार्यशाला में युवा कलाकारों ने इस लोक गायन शैली की बारीकियां सीखी। वहीं 6 से 10 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित वसुधा महोत्सव महिला कलाकारों की रचनात्मक शक्ति का उत्सव बना। महिला चित्रकार शिविर, नृत्य, गायन, नाट्य प्रस्तुतियां और संवाद सत्रों ने केंद्र को स्त्री सृजन की ऊर्जा से भर दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 12:07:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रेआरे हेरिटेज शो 15 और 16 दिसंबर को जेकेके में : दिखेगा कला, संगीत और संस्कृति का अनोखा उत्सव</title>
                                    <description><![CDATA[जेकेके में 15 और 16 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाला क्रेआरे हेरिटेज शो बच्चों के लिए रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रतिभा का शानदार मंच लेकर आ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/creare-heritage-show-a-unique-celebration-of-art-music-and/article-134495"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(4)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेकेके में 15 और 16 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाला क्रेआरे हेरिटेज शो बच्चों के लिए रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रतिभा का शानदार मंच लेकर आ रहा है।</p>
<p>कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय संगीत (वोकल व इंस्ट्रुमेंटल), भारतीय शास्त्रीय नृत्य, थिएटर एक्ट, फैशन शो व म्यूज़िक शो में रैंप वॉक जैसी विभिन्न श्रेणियाँ शामिल हैं। यह मंच मानसिक शांति, समानता और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देता है। समूह प्रस्तुतियों और बच्चों की प्रतिभा को उजागर करने के लिए यह आयोजन विशेष रूप से बनाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 14:07:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सुर-ताल फेस्टिवल : शास्त्रीय, लोकनृत्य और लघु नाटकों की शानदार प्रस्तुतियां, प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित</title>
                                    <description><![CDATA[प्रेरणा भूयान की सत्रिया नृत्य कार्यशाला के अंतर्गत प्रस्तुत कृष्ण जन्म और कालिया मर्दन प्रसंग ने असम की समृद्ध नृत्य परंपरा का अद्भुत दर्शन कराया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sur-tal-festival-classical-folk-dance-and-spectacular-performance-of-short/article-127821"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(2)25.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेकेके और अंजना वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सुर-ताल फेस्टिवल का बुधवार को रंगायन सभागार में उत्साहपूर्ण समापन हुआ। इस अवसर पर शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लघु नाटक, माइम और कठपुतली कला की विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन समारोह में प्रतिभागियों ने कार्यशालाओं के दौरान सीखी कलाओं का मंचन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस मौके पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल, केंद्र की वरिष्ठ लेखाधिकारी बिंदु भोभरिया, सोसाइटी की निदेशिका माया कुलश्रेष्ठ, अभिनेता ओम कटारे सहित बड़ी संख्या में कला-प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कथक की नवरस आधारित प्रस्तुति से हुई, जिसमें स्त्री-शक्ति और नायिका भेद की झलक देखने को मिली। प्रेरणा भूयान की सत्रिया नृत्य कार्यशाला के अंतर्गत प्रस्तुत कृष्ण जन्म और कालिया मर्दन प्रसंग ने असम की समृद्ध नृत्य परंपरा का अद्भुत दर्शन कराया। सूक्ष्म गतियों और भावपूर्ण मुद्राओं ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बनाया।</p>
<p>थिएटर कार्यशाला, जिसे ओम कटारे ने निर्देशित किया में 20 प्रतिभागियों ने अभिनय की बारीकियों को आत्मसात किया। समापन पर प्रस्तुत लघु नाटक 10 दिन की छुट्टी, लव स्टोरी और क्लासरूम ने सामाजिक जीवन के विविध आयामों को रंगमंच पर सजीव कर दिया। साथ ही विशेष प्रस्तुति में मूक-बधिर बच्चों ने एकलव्य की कथा को माइम के माध्यम से प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। राजस्थान की लोक धरोहर भी मंच पर खूब सजी। मीना सपेरा और समूह की कालबेलिया व घूमर की मनमोहक प्रस्तुतियां और कठपुतली नाट्य पधारो म्हारे देश ने लोक संस्कृति की आत्मा को जीवंत कर दिया। इसी दौरान चित्रकला और शिल्प कार्यशालाओं में बनी कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी दर्शकों को आकर्षित करती रही। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 10:31:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जयपुर कला महोत्सव 2025 : कला और कलाकारों के महाकुंभ में 200 से अधिक कलाकार अपनी कला का करेंगे प्रदर्शन </title>
                                    <description><![CDATA[विजुअल आर्ट विभाग, राजस्थान यूनिवर्सिटी और प्रतिभा एज्युकेशनल डेवलपमेंट रिसर्च सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह पांच दिवसीय महोत्सव सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक कला और कलाकारों का महाकुंभ बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-kala-festival-2025-artists-will-perform-more-than-200/article-127162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र के शिल्पग्राम में 1 से 5 नवम्बर तक जयपुर कला महोत्सव 2025 का 8वां संस्करण आयोजित होगा। विजुअल आर्ट विभाग, राजस्थान यूनिवर्सिटी और प्रतिभा एज्युकेशनल डेवलपमेंट रिसर्च सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह पांच दिवसीय महोत्सव सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक कला और कलाकारों का महाकुंभ बनेगा।</p>
<p><strong>200 से अधिक कलाकार होंगे शामिल</strong><br />संयोजक बी एम. चांदना और विभागाध्यक्ष रजत पंडेल ने बताया कि महोत्सव में लगभग 150 स्टॉल्स लगेंगे और 200 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें दिल्ली से पद्मश्री प्रो. बिमान बिहारी दास, तीर्थंकर बिस्वास, प्रयाग शुक्ला, अमित कपूर, शुभांकर बिस्वास सहित कई दिग्गज कलाकार शामिल होंगे। शिल्पग्राम को पेंटिंग्स, स्कल्पचर, डिजाइन, क्राफ्ट और इंस्टॉलेशन आर्ट से सजाया जाएगा। महोत्सव में देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपने आर्टवर्क का प्रदर्शन करेंगे और लाइव डेमो भी देंगे। आर्टिस्ट एंड फ्यूचर ऑफ आर्ट विषय पर आयोजित चर्चाओं में कला जगत के दिग्गज कलाकार अपनी राय साझा करेंगे। महोत्सव का मुख्य आकर्षण तीन दिवसीय पेंटिंग प्रतियोगिता होगी, जिसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों को 60 हजार रुपए तक के नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इस महोत्सव में आर्ट इंस्टॉलेशन, रंगोली, फेस पेंटिंग, पोट्रेट पेंटिंग और मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। साथ ही 2 से 4 नवम्बर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 10:30:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जेकेके की अनियमितताओं के खिलाफ कलाकारों का फूटा आक्रोश : पुराना संविधान लागू करने और गर्वनिंग काउंसिल गठित करने की मांग  </title>
                                    <description><![CDATA[थिएटर आर्टिस्ट उज्जवल प्रकाश मिश्रा, अमित शर्मा सहित अन्य कलाकारों ने आरोप लगाया कि जेकेके में भ्रष्टाचार और भेदभाव की शिकायतें बार-बार मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/artists-demand-an-outrage-on-the-road-against-jkks-irregularities/article-127161"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र को लेकर बुधवार को कलाकारों का आक्रोश फूट पड़ा। विभिन्न विधाओं से जुड़े कलाकार संयुक्त रूप से सड़कों पर उतर आए और जेकेके प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कलाकारों का आरोप है कि जेकेके में भ्रष्टाचार, अवैध नियुक्तियां, पदोन्नति-क्रमोन्नति घोटाले और डेपुटेशन पर टिके कर्मचारियों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। विरोध के दौरान कलाकारों के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। जेकेके का पुराना संविधान लागू करने और गर्वनिंग काउंसिल गठित करने जैसी मांग भी उठाई गई।</p>
<p>थिएटर आर्टिस्ट उज्जवल प्रकाश मिश्रा, अमित शर्मा सहित अन्य कलाकारों ने आरोप लगाया कि जेकेके में भ्रष्टाचार और भेदभाव की शिकायतें बार-बार मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कलाकारों ने मांग की कि जेकेके प्रशासन में बैठे अधिकारियों पर निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कलाकारों ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने जेएलएन मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट का हवाला देते हुए प्रदर्शन से रोका। तब वे जेकेके के पीछे वाले प्रवेश द्वार पर एकत्र हुए और भ्रष्टाचार हटाओ, जेकेके को बचाओ, खाली वाउचर संस्कृति नहीं चलेगी.. जैसे नारे लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया।</p>
<p>कलाकारों ने ज्ञापन सौंपा है और उनकी मांगों को सक्षम स्तर पर भेजा जाएगा। पदोन्नति और क्रमोन्नति के मामलों में विभाग ने पहले ही जवाब दे दिया है। किसी भ्रष्टाचार या घोटाले का स्पष्ट मामला सामने नहीं आया है, फिर भी कलाकारों की समस्याओं पर गंभीरता से काम होगा।<br />- अलका मीणा, अतिरिक्त महानिदेशक (जेकेके) </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 10:15:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेकेके में तीन दिवसीय मधुरम महोत्सव शुरू : सानिया पाटनकर ने जयपुर घराना गायकी के सौंदर्य से किया सराबोर</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हुई प्रस्तुति में श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से बेहतरीन गायिकी के साथ प्रभु की महिमा का बखान किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/three-day-madhuram-festival-started-in-jkk-sania-patankar-drenched/article-124010"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(3)36.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेकेके की ओर से आयोजित मधुरम महोत्सव की सोमवार को सुरीली शुरुआत हुई। जयपुर घराने की गायिका विदुषी सानिया पाटनकर ने विभिन्न रागों में मधुर गायन से श्रोताओं का मन मोहा। सानिया की प्रस्तुति ने कला प्रेमियों को जयपुर घराने की गायिकी के सौंदर्य से सराबोर किया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हुई प्रस्तुति में श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से बेहतरीन गायिकी के साथ प्रभु की महिमा का बखान किया गया।</p>
<p>वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सानिया पाटनकर ने राग मेघ को अपनी प्रस्तुति का आधार बनाया। उन्होंने झपताल मध्यलय में निबद्ध बंदिश गरजे घटा के जरिए बरसते बादलों की क्रीड़ा का वर्णन किया। राग सूहा कानडा में द्रुत एकताल में बंदिश गाकर उन्होंने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण चरित्र आधारित रचना पेश की। अंत में संत सूरदास के भजन हे गोविंद हे गोपाल.. को गाकर माहौल को कृष्णमय बना दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Aug 2025 11:22:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेकेके में तीन दिवसीय धरोहर प्रदर्शनी सम्पन्न : कला प्रेमियों ने देखी विरासत, वन्य जीवन और प्रकृति की अनूठी झलक</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदर्शनी में राजस्थान के ऐतिहासिक स्मारकों और महलों, विशेषकर जयपुर व सवाई माधोपुर की भव्यता को जीवंत करने वाले चित्रों ने दर्शकों को विरासत के महत्व का अहसास कराया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/three-day-heritage-exhibition-concluded-in-jkk/article-124008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र की सुरेख आर्ट गैलरी में सोमवार को सम्पन्न हुई तीन दिवसीय धरोहर प्रदर्शनी कला प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रही। इस प्रदर्शनी में प्रसिद्ध कलाकार प्रतिभा गोयल की बनाई गई 51 अद्भुत पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें उन्होंने पिछले तीन वर्षो में सृजित किया है। गोयल की कलाकृतियों में राजस्थान की विरासत, वन्य जीवन और प्रकृति की झलक सहज ही दिखाई दी। कला प्रेमियों ने रणथंभौर किला और सीता-राम की भव्य पेंटिंग की जमकर प्रशंसा की। इन कृतियों में परंपरा और आस्था का गहरा भाव झलकता है। कलाकार ने बताया कि उनकी कृतियों में विरासत वास्तुकला की कालातीत सुंदरता, रणथंभौर के वन्य जीवन का यथार्थ और प्राकृतिक परिदृश्यों का सौंदर्य कैनवास पर सजीव रूप में उतरा है।</p>
<p><strong>श्रीराम और सीताजी की भी पेंटिंग</strong><br />प्रदर्शनी में राजस्थान के ऐतिहासिक स्मारकों और महलों, विशेषकर जयपुर व सवाई माधोपुर की भव्यता को जीवंत करने वाले चित्रों ने दर्शकों को विरासत के महत्व का अहसास कराया। वहीं बाघ, हिरण और वन परिदृश्यों की पेंटिंग्स ने न केवल प्रकृति की अनकही कविता को उजागर किया बल्कि विरासत और प्रकृतिक आवास के बीच सह-अस्तित्व की गहरी भावना को भी सामने रखा। श्रीराम और सीताजी की एक पेंटिंग में करुणा, अनुग्रह और शाश्वत प्रेम का मनोहारी चित्रण रहा, जिसने आगंतुकों को लंबे समय तक प्रभावित किया। इस अवसर पर उपस्थित कला प्रेमियों ने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल दृश्य आनंद प्रदान करती है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ाव का एहसास भी कराती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Aug 2025 11:00:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हर घर तिरंगा कार्यक्रम में बही देश भक्ति की बयार : पोस्टर मेकिंग और रंगोली में कल्पना को मिला आकार</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों ने मनमोहक रंगोली में राष्ट्रीय पक्षी मोर, भारत माता, स्वतंत्रता सेनानियों, लहराते तिरंगे, अशोक स्तंभ आदि को आकार दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/kalpana-got-shape-in-every-house-tricolor-program-and-kalpana/article-123634"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)31.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व दिवस पर जवाहर कला केन्द्र देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। तिरंगे की रोशनी में जगमगाते केन्द्र में गुरुवार को हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और कला प्रेमियों ने हिस्सा लिया। जेकेके परिसर में पोस्टर और रंगोली मेकिंग सेशन हुअस, इसमें लगभग 10 कॉलेजों के 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बच्चों ने रंगोली के जरिए देशभक्ति की भावना, वीरों के बलिदान को जाहिर किया, पोस्टर में राष्ट्र प्रेम जागृत करने वाली कलाकृतियों को उकेरा। बच्चों ने मनमोहक रंगोली में राष्ट्रीय पक्षी मोर, भारत माता, स्वतंत्रता सेनानियों, लहराते तिरंगे, अशोक स्तंभ आदि को आकार दिया। बच्चों ने 60 से अधिक पोस्टर में अपने भावों को उकेरा।</p>
<p><strong>गीतों में भारत का यशोगान </strong><br />शाम होते होते जेकेके तिरंगे की रोशनी में नहा उठा। रंगायन परिसर से बाहर मनमोहक रंगोलियां श्रोताओं का स्वागत करती दिखी। देश रंगीला गीत पर नृत्य के साथ भारत के गौरव का वर्णन हुआ।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Aug 2025 10:26:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जेकेके में मेघ उत्सव : कबीर वाणी ने बांधा समां सूफी संगीत की रसवर्षा, मूरालाला मारवाड़ा की मोहक प्रस्तुतियां</title>
                                    <description><![CDATA[श्रेया गुहा ने बताया कि मेघ उत्सव का आयोजन मानसून के स्वागत और राजस्थान की समृद्ध लोक-संस्कृति के उत्सव रूप में किया गया। इस दो दिवसीय सांस्कृतिक समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विश्वविख्यात कलाकारों ने शिरकत की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/megh-utsav-in-jkk-kabir-vani-tied-saman-sufi-music/article-122534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/212142roer-(2).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में चल रहे मेघ उत्सव के अंतिम दिन रविवार को विश्वप्रसिद्ध कबीर सूफी गायक मूरालाला मारवाड़ा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को आत्मविभोर कर दिया। गुजरात के कच्छ क्षेत्र से पधारे मूरालाला ने कबीर की वाणी को अपनी विशिष्ट लोक-सूफी शैली में प्रस्तुत कर माहौल को आध्यात्मिक रस और संगीतमय भावनाओं से भर दिया। मन लागा मेरे यार फकीरी में, झीनी-झीनी बीनी चदरिया जैसे कालजयी पदों के साथ-साथ मीरा बाई के भजनों की गायन प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर डेल्फिक काउंसिल ऑफ रा जस्थान की अध्यक्ष श्रेया गुहा, रेरा चेयरपर्सन वीनू गुप्ता, पूर्व मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, प्रमुख महालेखाकार सतीश गर्ग, राजीविका की परियोजना निदेशक नेहा गिरी, आईएएस अधिकारी कविता सिंह एवं निशांत जैन सहित अनेक प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे।</p>
<p>श्रेया गुहा ने बताया कि मेघ उत्सव का आयोजन मानसून के स्वागत और राजस्थान की समृद्ध लोक-संस्कृति के उत्सव रूप में किया गया। इस दो दिवसीय सांस्कृतिक समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विश्वविख्यात कलाकारों ने शिरकत की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 10:15:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सुमित व्यास के निर्देशन में नाटक पुराने चावल का मंचन : थिएटर समाज के लिए जरूरी- कुमुद</title>
                                    <description><![CDATA[शाम को रंगायन सभागार के मंच पर सुमित व्यास के निर्देशन में नाटक पुराने चावल ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/under-the-direction-of-sumit-vyas-drama-old-rice-staging/article-120389"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842roer-(9)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जेकेके में चल रहे नटराज महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को हुए संवाद सत्र में अभिनेता कुमुद मिश्रा, शुभ्रज्योति बरत और गोपाल दत्त ने रंगकर्म के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। कुमुद मिश्रा ने कहा कि थिएटर समाज के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि यह समाज को दिशा देता है और संवाद का सशक्त माध्यम भी है। गोपाल दत्त ने कहा कि थिएटर समाज में बदलाव का टूल है। आगे का रास्ता कलाकार को तय करना है। शुभ्रज्योति बरत ने कहा कि थिएटर अंतरात्मा की ध्वनि है।</p>
<p>एक्टर्स प्रोसेस सेशन में आदिल हुसैन ने रंगकर्मियों को अभिनय के गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि अच्छे अभिनय के लिए कंसंट्रेशन, फोकस, अटेंशन और अवेयरनेस जरूरी है। शाम को रंगायन सभागार के मंच पर सुमित व्यास के निर्देशन में नाटक पुराने चावल ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। यह नाटक नील साइमन के नाटक द सनशाइन बॉयज का नाट्य रूपांतरण है। अभिनेता कुमुद मिश्रा, शुभ्रज्योति बरत और घनश्याम लालस के अभिनय ने प्रस्तुति को खास बनाया। नाटक दो रिटायर्ड कॉमिक ऐक्टर्स के ईद-गिर्द घूमता है। मंच पर उनके पुराने दिनों के अनुभव, जिंदगी के सबक हास्य से भरे अंदाज में देखने को मिलते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 11:20:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>'और करो थिएटर' के साथ नटराज थियेटर फेस्टिवल का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[गोपाल दत्त का मानना है कि रंगकर्म एक साधना है जिसमें मुकाम हासिल करने के लिए बहुत संघर्ष, त्याग और समर्पण के साथ आगे बढ़ना पड़ता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/and-inaugurate-natraj-theater-festival-with-the-theater/article-120231"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/8842r4444oer.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र की ओर से आयोजित नटराज महोत्सव का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर केन्द्र की अतिरिक्त महानिदेशक अलका मीणा, जेकेके की वरिष्ठ लेखा अधिकारी बिंदु भोभरिया, कंसल्टेंट प्रोग्रामिंग मैनेजर डॉ.चंद्रदीप हाड़ा सहित फेस्टिवल क्यूरेटर योगेन्द्र सिंह परमार, निर्देशक और अभिनेता गोपाल दत्त व अन्य कलाकार मौजूद रहे। महोत्सव के पहले दिन गोपाल दत्त के निर्देशन में 'और करो थिएटर' नामक प्रस्तुति हुई। यह प्रस्तुति एक संगीतमयी सफरनामा है। थिएटर प्रस्तुतियों में गाए जाने वाले गीतों को संजोकर गोपाल दत्त ने यह सुरीला गुलदस्ता तैयार किया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में पहली बार यह प्रस्तुति हुई है।</p>
<p>गोपाल दत्त का मानना है कि रंगकर्म एक साधना है जिसमें मुकाम हासिल करने के लिए बहुत संघर्ष, त्याग और समर्पण के साथ आगे बढ़ना पड़ता है। जीवन के अलग-अलग रंगों को व्यक्त करने वाले ऐसे ही 8 से 10 गीतों को गोपाल दत्त व साथी कलाकारों ने अपने अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया। साथी कलाकारों में शांतनु हेर लेकर और सिद्धार्थ पडियार शामिल रहे। शनिवार को शाम 7 बजे सौरभ नायर के निर्देशन में नाटक 'गोल्डन जुबली' का मंचन किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Jul 2025 12:32:32 +0530</pubDate>
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                <title>जेकेके का आठ करोड़ और मंच का करीब 10 करोड़ रुपए से होगा जीर्णोद्धार कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[ज्यादा बजट मिले तो सुधरे जयपुर कथक केन्द्र की दशा कलाकरों ने कहा-एक स्वतंत्र सांस्कृतिक निगरानी समिति बने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jkk-will-be-renovated-by-eight-crore-and-stage-of/article-118220"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(2)73.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के जवाहर कला केन्द्र, रवीन्द्र मंच और जयपुर कथक केन्द्र में हर साल हजारों की संख्या में कलाकार अपने करियर को पंख लगाते हुए नजर आते हैं। इन कला संस्थाओं को सरकार की तरफ से करोड़ों का बजट संस्थाओं के सभागार, थिएटर हॉल, शिल्पग्राम, पुस्तकालय, आर्ट गैलरी, कैफेटेरिया जैसी सुविधाओं के बेहतर रख-रखाब, रिनोवेशन कार्य सहित अन्य चीजों के लिए मिलते हैं, लेकिन बजट मिलने में देरी व कम मिलने के कारण इन संस्थाओं पर सही ढंग से ध्यान नहीं दे पाने के कारण कलाकारों को कई तरह की समस्याओं से रूबरू होना पड़ता है। बात की जाए जयपुर कथक केन्द्र की तो हालत बेहद खराब है। यहां पर बजट बेहद कम मिलने की वजह से इसके रख-रखाब पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>आठ करोड़ से जेकेके की रौनक होगी दोगुनी</strong><br />हाल ही में सरकार की ओर से जेकेके के लिए आठ करोड़ का आवंटित बजट देने का प्लान बनाया है। इस बजट से विभिन्न स्थानों पर क्यूआर कोड, डिजिटल लाइब्रेरी, एलईडी होर्डिंग्स सहित अन्य चीजों सहित जेकेके को हाइटेक करने का प्लान चल रहा है। इससे कला-कलाकारों को नियमित मंच के साथ कलाएं और क्राफ्ट जीवित और संरक्षित रखने में भरपूर मदद मिलेगी। इन कार्यों से केन्द्र की रौनक दोगुनी हो जाएगी। साथ ही शिल्पग्राम को क्राफ्ट बाजार के रूप में विकसित करने के प्रपोजल पर कार्य जारी है। </p>
<p><strong>10 करोड़ से संवरेगा रवींद्र मंच आधुनिक रूप लेगा ऑडिटोरियम</strong><br />रवींद्र मंच का स्वरूप संवारने के लिए करीब 10 करोड़ रुपए खर्च कर इसका जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके लिए रवींद्र मंच प्रशासन ने बजट स्वीकृति के लिए संस्कृति मंत्रालय, केंद्र सरकार को फाइल भेज दी है। केंद्र से स्वीकृति मिलते ही इसे जवाहर कला केन्द्र की तर्ज पर विकसित करने का काम शुरू होगा। अधिकारियों के अनुसार, पहले फेज में रवींद्र मंच पर डेवलपमेंट का काम होगा। इसमें मुख्य ऑडिटोरियम का रिनोवेशन किया जाएगा। मंच की छत, साउंड सिस्टम, लाइटिंग और तकनीकी संरचनाओं को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा। इसके बाद अन्य ऑडिटोरियम का रिनोवेशन होगा। नए टॉयलेट बनाए जाएंगे। बाहर का फसाड़ वर्क होगा। जानकारी के अनुसार इसमें केन्द्र सरकार का अंशदान करीब 6 करोड़ रुपए और राज्य सरकार करीब 4 करोड़ देगी।</p>
<p><strong>कम बजट की बजह से केन्द्र तरस रहा है जीर्णोद्धार कार्य के लिए</strong><br />जयपुर कथक केन्द्र में बजट कम मिलने की वजह से इसके जीर्णोद्धार, रंग रोगन, नए साज और उपकरण, लाइब्रेरी, सीसीटीवी कैमरा और स्मार्ट क्लास, नियमित फैकल्टी पर उचित कार्य नहीं हो पा रहा है। जानकारी के अनुसार अभी मिले बजट कर्मचारियों की सैलरी सहित अन्य जरूरी चीजों में काम आ गया। केन्द्र के जीर्णोद्धार के लिए अभी 50 लाख रुपए की डिमांड की है। केन्द्र को जेकेके की तर्ज पर बजट मिले तब इसकी हालात सही हो सकेगी। </p>
<p>केंद्र के तकनीकी विकास पर ध्यान दिया जाएगा। लोग केंद्र से जुड़े और आवाजाही बढ़े इसके लिए नवाचार किए जा रहे हैं।<br />-अलका मीणा<br />(अति. महानिदेशक-जेकेके)</p>
<p>जेकेके में एक स्वतंत्र सांस्कृतिक निगरानी समिति गठित हो जो हर निर्णय और चयन प्रक्रिया की समीक्षा करें। पोर्टल पर सम्पूर्ण डेटा सार्वजनिक किया जाए, जिसमें चयनित कलाकारों की सूची, बजट वितरण, कार्यशालाओं की रिपोर्ट इत्यादि।<br />ओम प्रकाश सैनी <br />(सीनियर कलाकार)</p>
<p>करीब दस करोड़ के बजट में रवीन्द्र मंच के मुख्य सभागार, मंच की छत, साउंड सिस्टम, नए टॉयलेट, सभागार सहित अन्य के रिनोवेशन कार्य किया जाएगा।<br />-प्रियंका राठौड़, <br />प्रबंधक रवीन्द्र मंच</p>
<p>रवीन्द्र मंच के सभागार में मंच सज्जा की कोई किसी प्रकार की प्रॉपर्टीज नहीं है। वहीं मिनी थिएटर स्थिति खराब है। बॉथरूम  के दरवाजे टूटे होने की वजह से महिला कलाकारों कों परेशानियों से रूबरू होना पड़ रहा है। <br />के.के. कोहली (सीनियर आर्टिस्ट)</p>
<p>केन्द्र जीर्णोद्धार के लिए अभी 50 लाख रुपए की डिमांड की है। हाल ही मिले करीब एक करोड़ रुपए जरूरी चीजों में ही खर्च हो गए। इसके लिए वर्कशॉप, विभिन्न एक्टिविटीज के लिए अलग से बजट मिलना चाहिए। कथक केंद्र को जीर्णोद्धार, रंग रोगन, नए साज और उपकरण, लाइब्रेरी, सीसीटीवी कैमरा और स्मार्ट क्लास, नियमित फैकल्टी के लिए बजट चाहिए।<br />-श्रुति शर्मा <br />(कथक केन्द्र की सचिव)</p>
<p>केन्द्र के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ ही वॉशरूम, विद्यार्थियों के लिए लॉकर, पंखे, कूलर, सभागार का जीर्णोद्धार जैसी चीजों पर ध्यान देना चाहिए। इन असुविधाओं की वजह से विद्यार्थियों को बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता है।<br />-आराध्या (कथक स्टूडेंट)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 10:40:45 +0530</pubDate>
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