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                <title>health center - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>डॉक्टर नदारद, स्टाफ की कमी से मरीज हो रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[५ स्टेट हाईवे पर रात की दुर्घटनाओं में अस्पताल बंद होने से इलाज नहीं मिल पाता।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/doctors-absent--patients-suffering-due-to-staff-shortage/article-142475"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/kota.png" alt=""></a><br /><p>दबलाना।कस्बे का आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अव्यवस्थाओं का शिकार बना हुआ है। हालात यह हैं कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेट हाईवे पर स्थित होने के कारण रात के समय दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन अस्पताल बंद रहने से घायलों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाता। मजबूरन मरीजों को निजी क्लीनिकों या बूंदी व हिंडोली रेफर किया जा रहा है।सामान्य दुर्घटना और मारपीट के मामलों में चिकित्सक उपलब्ध होने के बावजूद एमएलसी नहीं बनने से पुलिस को अलोद, हिंडोली या बूंदी के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्रसव पीड़ा से कराहती महिलाओं को भी दूर बूंदी रेफर किया जा रहा है, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ जाती है।</p>
<p>रविवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया। दबलाना उपसरपंच सुरेंद्र गौतम और भाजपा नेता केसरी लाल नागर ने बताया कि सुबह 9 से 11 बजे तक अस्पताल में डॉक्टर की तलाश की गई, लेकिन वे नहीं मिले। चिकित्सा कर्मियों ने पंचायत में शिविर होने की जानकारी दी, जबकि पंचायत में पूछताछ करने पर पता चला कि डॉक्टर केवल फोटो खिंचवाकर लौट गए।</p>
<p>स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जहरीली घास और झाड़-झंझाड़ उगे हुए हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है और स्वच्छता अभियान की अनदेखी हो रही है। जानकारी के अनुसार पीएचसी में दो नर्सिंग आॅफिसर, एक डॉक्टर, एक एलएचवी, एक वार्ड बॉय और एक एएनएम के पद रिक्त हैं।</p>
<p>भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमराज राठौर ने कहा कि डॉक्टर की मनमर्जी और स्टाफ की कमी से आमजन को उपचार के बजाय असुविधा झेलनी पड़ रही है। सीएमएचओ बूंदी ओपी सामर से संपर्क नहीं हो सका। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />अस्पताल में डॉक्टर नहीं है, इस मामले में डॉक्टर से चर्चा करूंगा। <br /><strong>-रामसिंह मीणा,ब्लॉक सीएमएचओ, हिंडोली।  </strong></p>
<p>मैं अकेला क्या कर सकता हूं। स्टाफ की कमी से सीएमएचओ बूंदी तथा ब्लॉक तथा ब्लॉक सीएमएचओ हिंडोली को अवगत करवाया हुआ है। <br /><strong>-डॉक्टर संजीत यादव, पीएचसी प्रभारी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 16:21:11 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 7 - वार्ड में नहीं है स्वास्थ्य केंद्र, सुरक्षा और सफाई पर भी उठ रहे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात में जलभराव वार्ड कि बड़ी समस्या।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-7---there-is-no-health-center-in-the-ward--questions-are-also-being-raised-on-security-and-cleanliness/article-125656"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/(630-x-400-px)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड संख्या 7 में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते रहवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। वार्ड में करीब 1500 लोग रहते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बरसात में जलभराव से लेकर स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन की कमी तक, लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चोरी की घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही से लोगों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है। वार्डवासियों का कहना हैं कि पार्षद जितने के बाद कभी उनके बीच नहीं आए और उनकी समस्याएं सुनने में रुचि नहीं दिखाते। बरसात में जलभराव बनता है बड़ी समस्या। वार्ड में विकास कार्यों के बावजूद यहां की जनता अभी भी सुविधाओं के लिए तरस रही है। स्थायी समाधान तभी संभव है जब प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर जमीनी स्तर पर काम करें और जनता के बीच आकर उनकी तकलीफों को गंभीरता से सुनें।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />बल्लभबाडी, हनुमान मंदिर, जैन दिवाकर स्कूल, मंदिर जैन श्वेताम्बर, गुरूद्वारा का क्षेत्र शामिल है</p>
<p><strong>स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन का अभाव</strong><br /> वार्ड में करीब 1500 लोग रहते हैं, लेकिन आज तक यहां कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं खोला गया। छोटी-सी बीमारी में भी लोगों को काफी दूर जाना पड़ता है। इसके अलावा सामुदायिक भवन न होने से सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने में दिक्कत आती है।</p>
<p><strong>भर जाता है बारिश का पानी</strong><br />वार्ड निवासी ने बताया कि कचरा पॉइंट के बाद वाली गली में बारिश के पानी की निकासी की सुविधा नहीं है। पानी जमा होने पर लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। गंदगी और मच्छरों की वजह से बीमारियों का खतरा भी लगातार मंडराता रहता है।<br /><strong>- जगदीश, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>नहीं हो रही वार्ड में साफ-सफाई</strong><br />वार्डवासी बताते हैं कि आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। गश्त भी नियमित नहीं होती। दूसरी ओर सफाई व्यवस्था भी लचर है। लोगों का आरोप है कि सफाई ठेकेदार पार्षद की बात नहीं मानता और अपनी मनमानी करता है, जिससे वार्ड में गंदगी बनी रहती है।<br /><strong>- रामराज राठौर, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>पार्षद का कहना है</strong><br />वार्ड पार्षद का कहना है कि पार्क और नलों के लिए टेंडर हो चुके हैं और जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। उन्होंने माना कि पुलिस प्रशासन की ओर से वार्ड में ध्यान नहीं दिया जा रहा है, लेकिन यह उनकी जिम्मेदारी के बाहर है। पार्षद ने दावा किया कि वार्ड में कई विकास कार्य पहले ही कराए गए हैं और आने वाले समय में और सुधार होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 16:07:34 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - राहत: स्वास्थ्य केन्द्र में समस्याओं से मिली निजात</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल की समस्या को लेकर कई दिन पहले नवज्योति टीम ने मुद्दा उठाया था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/-effect-of-news---relief--relief-from-problems-in-the-health-center/article-113831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news25.png" alt=""></a><br /><p>उन्हैल। छोटी सुनेल क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र माथनिया में करोड़ों रुपए की लागत से नया अस्पताल तो बना दिया था, लेकिन उपचार के लिए यहां डॉक्टर रोज नहीं आते थे। आते भी हैं तो समय पर नहीं थे। लैब टेक्नीशियन और असिस्टेंट भी समय पर नहीं आते थे। ग्रामीण रामकिशन, विष्णु लाल, नरेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी और लू लगने वाले मरीज, उल्टी-दस्त, बुखार, पेट-दर्द, टाइफाइड, शुगर से प्रभावित लोग इलाज के लिए प्राइवेट क्लीनिकों  में मोटी रकम देकर इलाज कराना पड़ रहा था। अस्पताल की समस्या को लेकर कई दिन पहले नवज्योति टीम ने मुद्दा उठाया था, जिसके बाद खबर का असर हुआ। अब अस्पताल में डॉक्टर अस्पताल में टाइम से आने लग गए, जिससे अब मरीजों को बाहर क्लीनिकों पर इलाज कराने के लिए जाना नहीं पड़ेगा। समस्या का समाधान होने के बाद मरीजों ने राहत की सांस ली। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 12:58:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दुगारी अस्पताल में कर्मचारियों का टोटा</title>
                                    <description><![CDATA[मौके पर रोगियों सहित तीमारदारों ने जताया आक्रोश।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/shortage-of-staff-in-dugari-hospital/article-94948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/dugari-asptal-mai-karmchariyon-la-tota...bhandeda,-bundi-news-13-11-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के दुगारी कस्बे में स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सा विभागीय कर्मचारियों की लंबे समय से कमी बनी हुई है। डॉक्टर नही रहने पर रोगियों को नर्सिंग ऑफिसर से उपचार लेने की मजबूरी बनी हुई है। फिर भी रोगियों की बीमारी ठीक नहीं हो रही है। जिम्मेदार के अभाव में मौके पर रखी सीबीसी मशीन आठ माह से बंद है। मजबूरन जांच के लिए भी बांसी, नैनवां, बूंदी पहुंचते है। मौके पर पर्ची काउंटर पर कर्मचारी नही होने से सफाई कर्मचारी ही पर्ची बनाते है। केंद्र पर मरीजों का तांता लगा रहता है। यहां की अव्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। मौके पर आए लोगों ने अस्पताल के गेट पर चिकित्सा विभाग के प्रति रोगियों और तीमारदारों ने आधे घंटे तक नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। जानकारी के अनुसार बांसी-नैनवां मुख्य मार्ग पर स्थित दुगारी सरकारी अस्पताल में लंबे समय से ही कर्मचारियों का टोटा बना हुआ है। संबंधित विभाग ने चिकित्सक सहित 7 कर्मचारी लगा रखे है। जिनमें दो कर्मचारी स्थाई, 1 नर्सिंग कर्मचारी, एक एएनएम कार्यरत है। बाकी चिकित्सक सहित अन्य कर्मचारी संविदा पर कार्यरत है। मगंलवार को जब रोगी उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे, तो 4 कर्मचारी ही मौके पर मिले। चिकित्सक सहित 3 कर्मचारी मौके पर नही होने से रोगियों व तीमारदारों में आक्रोश हो गया। पर्ची काउंटर पर भी जो कर्मचारी पर्ची बना रहा था वही कर्मचारी दवा वितरण भी वितरित कर रहा था। ऐसे हाल में कर्मचारी सफाई कर्मचारी का सहयोग लेकर पर्ची काउंटर का कार्य करवाते नजर आए है। मौके पर रोगियों का कहना है कि सफाई कर्मचारी ज्यादा पढा-लिखा नही है, फिर भी इस तरह से कार्य करवाते है। जो रोगियों सहित तीमारदारों में आक्रोश जताया है कि लगभग तीन-चार रोज से लगातार आ रहे है। दवा पट्टी करवाने के लिए भी एक से दो घंटे तक बैठकर इंतजार करना पड़ता है। तब कर्मचारी इस काम को करते है। इस तरह की समस्याओं का सामना करते हुए आ रहे है। पर फिर भी संबंधित विभाग यहां रोगियों की समस्या को लेकर गंभीरता नहीं बरत रहे है। जो रोगियों सहित तीमारदारों को जांच व उचित उपचार के लिए अन्यत्र पहुंचकर उपचार करवाने की मजबूरी बनी हुई है। जो प्राथमिक उपचार लेने में आर्थिक खर्च सहित अतिरिक्त समय लग रहा है। </p>
<p>चिकित्सक के अभाव में नर्सिंग आॅफिसर के भरोसे अस्पताल चलने से ग्रामीण क्षेत्रीय लोगों की उचित उपचार के लिए भी इधर-उधर भागा दौड़ी होती है।  दुगारी निवासी मुकुट बिहारी दाधीच, शैलेंद्र कुमार गौतम, रूद्रेश कुमार गौतम, हनुमान गौतम, राधेश्याम गुर्जर, रामलाल कहार, रवि दाधीच, दौलतपुरा निवासी पुष्पा बाई मीणा, मायाराम मीणा आदि ने बताया कि लंबे समय से यहां पर अव्यवस्थाओं का आलम हो रहा है। पर संबंधित विभाग लोगों की परेशानी को दूर नहीं कर रहा है। जो मजबूरन उचित उपचार के लिए नैनवां, देई व जिला अस्पताल पहुंचकर उपचार करवानी की मजबूरी बनी हुई है। जिम्मेदार समस्या का जल्द निराकरण करावें तो ग्रामीण अंचलों से आने वाले लोगों को भी राहत मिलें। अस्पताल के नाम अनुरूप व्यवस्था नहीं है। </p>
<p><strong>जांच मशीन, आठ माह से बंद</strong><br />इस अस्पताल में ग्रामीण क्षेत्रों से उचित उपचार की मंशा लेकर आने वाले लोगों को नि:शुल्क जांच से लाभान्वित होकर समय पर जांच अनुरूप उपचार मुहैया हो सके। पर वह भी अस्पताल की लापरवाही की भेट चढ़ी हुई है। यहां सीबीसी मशीन आठ माह से बंद है। पर स्वास्थ्य महकमा अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर नहीं होने से लोगों में भी विभाग के प्रति नाराजगी है।</p>
<p><strong>रोगियों की जुबानी </strong><br />एक घंटे से बैठा हूं, पट्टी करवानी है। इंजेक्शन भी लगवाने है। मगर कर्मचारी ही नही आ रहे है। मरहमपट्टी कक्ष में परेशान हो रहे है। अस्पताल में लापरवाही के चलते अव्यवस्थाएं हो रही है। जिम्मेदार सुधार करावें तो राहत मिलें।<br /><strong>- रामप्रसाद, पुरुष रोगी निवासी भजनेरी </strong></p>
<p>दो रोज से अस्पताल में उपचार के लिए आ रही हूं। मगर यहां पर चिकित्सक नही मिलने से उचित उपचार नही हो रहा है। बहुत समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी स्वास्थ्य में आराम नही मिल रहा है। संबंधित विभाग यहां सुध लेवें तो लोगों को भी राहत मिलें।<br /><strong>- पुष्पा बाई मीणा, महिला रोगी निवासी दौलतपुरा</strong></p>
<p>उचित उपचार के लिए में मेरी मम्मी को लेकर ग्रामीण क्षेत्र से आया हूं। लेकिन यहां पर मौके पर चिकित्सक नही है। एक कंपाउंडर स्थानीय है, जो यही उपचार दे रहा है। उचित उपचार के लिए आते है। मगर चिकित्सक के नही मिलने से निराश हो रहे है। जिम्मेदार अस्पताल की समस्या का जल्द निराकरण करावें तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिले।<br /><strong>- मायाराम मीणा, तीमारदार निवासी दौलतपुरा </strong></p>
<p>मैंने अन्यत्र जांचे करवाई है। जो मेरे प्लेटलेट्स कम आ रही है। जो यहां पर तीन रोज से आ रहा हूं। मगर उचित उपचार ही नही मिल रहा है। पर्ची काउंटर पर कम पढा-लिखा व्यक्ति काम कर रहा है। यहां पर जिम्मेदारों के अभाव में अस्पताल पर आने वाले रोगी व तीमारदार परेशान हो रहे है। संबंधित विभाग जल्द समस्या का निराकरण करावें।<br /><strong>- राधेश्याम गुर्जर, रोगी निवासी दुगारी </strong></p>
<p>उचित उपचार के लिए अस्पताल आया हूँ, तो यहां पर सीबीसी जांच मशीन ही बंद है। चिकित्सक कक्ष में चिकित्सक नही होने से निराश हुए है। मजबूरन नर्सिंग कर्मचारी द्वारा दिए उपचार को लेकर संतुष्ट होना पड़ रहा है। संबंधित विभाग रोगियों की समस्या को गंभीरता से नही देख रहा है, जो अस्पताल में उचित उपचार के लिए आने वाले लोग परेशानियों का सामना कर रहे है। जिम्मेदार जल्द समस्या को संज्ञान में लेकर समाधान करावे तो ग्रामीण क्षेत्रीय लोगों को उपचार में राहत मिले। <br /><strong>- रामलाल कहार, रोगी निवासी दुगारी</strong></p>
<p>जो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के आधार पर एक पद पर कर्मचारी की कमी है। अन्य पद भरे हुए है। अस्पताल में कर्मचारी क्यों नही है, इसकी जानकारी लेते है। अस्पताल में पहुंचने वाले रोगियों सहित तीमारदारों की समस्या का समाधान जल्द करवाया जाएगा। <br /><strong>- डॉ.एलपी नागर, बीसीएमओ, चिकित्सा विभाग नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 13 Nov 2024 14:12:26 +0530</pubDate>
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                <title>स्वास्थ्य केन्द्र रवासियां: बेहतर इलाज को तरसे मरीज, जिम्मेदार मौन !</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल में सारी व्यवस्थाए चौपट हो गई है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/health-center-rawasian--patients-yearn-for-better-treatment--responsible-people-are-silent/article-88298"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer12.png" alt=""></a><br /><p>मनोहरथाना। गरीबों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का दावे तो किए जाते हैं, लेकिन कुछ जिम्मेदारों की लापरवाही से जरूरतमंद लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी से आए दिन मरीज परेशान हो रहे हैं। कर्मचारियों की लापरवाही से कितने मरीज अपनी जान भी गवां बैठे हैं। कुछ इसी तरह मनोहरथाना क्षेत्र ही राजकीय आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रवांसियां में बुधवार को देखने को मिला। यहां बुधवार को कुल 64 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी रही, लेकिन राजकीय आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रवांसियां में कार्यरत कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मरीज परेशानी उठानी पड़ी। वहीं अस्पताल में सारी व्यवस्थाए चौपट हो गई है। डॉक्टर अनुराग शर्मा ने बताया कि मेरे द्वारा अगर मरीज को इंजेक्शन या ड्रिप लिख दी जाती है, तो नर्सिंग स्टाफ कर्मचारियों द्वारा मरीजों को इंजेक्शन और ड्रिप नहीं लगाई जाती है, जिससे मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। वही डॉक्टर ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा मेरे से बोला जाता है की आप मरीजों को केवल गोली दवाई लिखो, इंजेक्शन और ड्रिप लिखने की जरूरत नहीं है। नर्सिंग स्टाफ कर्मचारी चाहते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र हमारे हिसाब से चले ना की डॉक्टर के हिसाब से चले। </p>
<p>मैं मेरी बच्ची को लेकर अस्पताल आया हूं, पहले मैंने पर्ची कटवाई, फिर डॉक्टर साहब के पास गया। डॉक्टर ने इंजेक्शन लिख दिया। मैंने आकर नर्सिंग स्टाफ से कहा तो नर्सिंग स्टाफ ने बोला कि कोई इंजेक्शन वगैरा नहीं लगेगा, गोली ले जाओ,  नहीं तो कोई प्राइवेट हॉस्पिटल में चले जाओ। <br /><strong>- सृजन सिंह, ग्रामीण रवांसिया</strong></p>
<p>मैं मेरे पापा को लेकर अस्पताल आया। डॉक्टर ने गोली और इंजेक्शन लिख दिए, लेकिन नर्सिंग स्टाफ बोतल और इंजेक्शन लगाने के लिए इंकार कर दिया। <br /><strong>- चंदन सिंह गुर्जर, ग्रामीण रवांसिया</strong></p>
<p>डॉक्टर ने बोतल और इंजेक्शन लिख दिए, फिर नर्सिंग स्टाफ ने डॉक्टर से कहा कि इनके बोतले और इंजेक्शन मत लिखो गोली से ही काम चल जाएगा। <br /><strong>- गंगाराम, ग्रामीण </strong></p>
<p>मैं इंजेक्शन लगवाने अस्पताल आया था, नर्सिंग स्टाफ ने इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया और अस्पताल से चले गए। इन स्टाफ को हटाकर नया स्टाफ लगाया जाए। <br /><strong>- अर्जुन सिंह रामपुरिया, ग्रामीण </strong></p>
<p>मरीजों को ड्रिप और इंजेक्शन लिखने का यह मतलब नहीं है कि नर्सिंग स्टाफ को परेशान किया जाए, जबकि मैंने कह रखा है कि 5 आईपीडी तो रोज होना चाहिए, उसके बाद भी नर्सिंग स्टाफ का असहयोग करना सही नहीं है। मैंने हमारे बीसीएमओ और सीएमएचओ को इस बारे में फोन पर अवगत करवाया है। नर्सिंग स्टाफ को तत्काल यहां से कहीं दूसरी जगह स्थांतरित कर दिया जाए, ताकि यहां पर शांतिपूर्वक काम हो सके।<br /><strong>- अनुराग शर्मा डॉक्टर रवांसिया</strong></p>
<p>मेरे संज्ञान में यह मामला आया था, मेरे पास सीएमएचओ का कॉल भी आया था, उसके बाद मैं मौके पर पहुंच गया था। वहां उनको समझा दिया गया है, ऐसी कोई बात नहीं है। मैं और सीएमएचओ से बात करूंगा, अगर नर्सिंग स्टाफ की गलती हुई तो नियम के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।<br /><strong>- कौशल लोधा, ब्लॉक सीएमएचओ मनोहर थाना</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 15:36:41 +0530</pubDate>
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                <title>डॉक्टरों और उपकरणों का अभाव, कैसे कराए उपचार?</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बेवासियों ने बताया कि इस परेशानी से क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र भेजकर अवगत करा दिया, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/lack-of-doctors-and-equipment--how-to-get-treatment/article-86283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size32.png" alt=""></a><br /><p>अटरू। अटरू नगर पालिका मुख्यालय पर उपजिला स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी के साथ-साथ उपकरणों का अभाव होने से यहां आ रहे रोगियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। यहां इलाज कराने आए मरीज ही असमंजस की स्थिति में रहता है कि आखिर इलाज कराए तो कैसे कराए? स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों का टोटा पूरा नहीं हुआ। मात्र दो चिकित्सक रह गए। जिनमें मुकेश नागर व राहुल राणा है। दो चिकित्सक यूटीबी से है। जिनमे एक डेंटिस्ट पद पर है। एक चिकित्सक अवकाश पर जाने व एक चिकित्सक के डेंटल में लगे होने के कारण एक ही चिकित्सक इन दिनों आम मरीजों को देख रहा है। ऐसे में कई रोगी बिना उपचार के लौट रहे है। यहां स्थिति यह है कि स्वयं खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी केशव नागर को अपनी सेवाएं देनी पड़ रही है। यहां चिकित्सक न होने से सड़क दुर्घटना में घायलों को आते ही बारां रैफर किया जाता है। यहां पर वरिष्ठ चिकित्सक नहीं होने के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। कस्बेवासियों ने बताया कि इस परेशानी से क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र भेजकर अवगत करा दिया, लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा। यहां पर उपजिला अस्पताल के नाते 22  चिकित्सकों को बैठना चाहिए जबकि 2 ही चिकित्सक यहां उपलब्ध हैं।</p>
<p><strong>महिला चिकित्सक का स्थानांतरण होने से महिलाएं परेशान</strong><br />गत दिनों स्वास्थ्य केंद्र से महिला चिकित्सक प्रविंद्र मीणा का भी स्थानांतरण कर दिया। जिससे महिलाओं को अपनी बीमारियों के लिए बारां,कोटा भागना पड़ रहा है। जिससे महिला चिकित्सक के अभाव में महिलाओं को इलाज कराने में परेशानियों  का सामना करना पड़ रहा है। इससे यहां चिकित्सक की कमी और बढ़ गई। इस बाबत विधायक राधेश्याम बैरवा से भी कहा गया है। </p>
<p><strong>इन दिनों मौसमी बीमारियों का प्रकोप</strong><br />वहीं इन दिनों मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की संख्या 800 से 1000 हो गई है। मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से मरीजों को इलाज कराने में असुविधा हो रही है। वहीं स्टाफ की कमी से आमजन परेशान है। बीते दो दिन पूर्व भी चिकित्सकों की लिस्ट निकली। जिसमे अटरू का कहीं नाम नहीं आया। उधर पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने बताया कि यदि चिकित्सालय के हालात नहीं सुधारे तो जनांदोलन किया जाएगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और उपकरणों की कमी से मरीज असमंजस में है कि आखिर इलाज कराए तो कैसे कराए। यहां असुविधाओं का आलम बना हुआ है। <br /><strong>- रामनारायण, कस्बेवासी।</strong> </p>
<p>महिला चिकित्सक नहीं होने से महिलाओं से संबंधित बीमारी के लिए बारां चिकित्सालय जाना पड़ता है। जिससे समय और पैसों की बर्बादी हो रही है। <br /><strong>- गीतादेवी, कस्बेवासी।</strong></p>
<p>समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक, राज्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को अवगत करा चुके है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से दूर भाग रहे है। <br /><strong>- सुनील, समाजसेवी।</strong></p>
<p>सर्वाधिक मरीज बुखार ,वायरल, टायफायड के आ रहे हें। मौसम की प्रतिकूलता से बीमारियों में इजाफा हो रहा है। <br /><strong>- सौरभ सुमन,  लेबोरेट्री प्रभारी। </strong></p>
<p>स्वास्थ्य केंद्र में आ रही समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।<br /><strong>- डॉ. केशव नागर, खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jul 2024 16:06:52 +0530</pubDate>
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                <title>माथनिया स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने से ग्रामीण निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को मजबूर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/mathaniya-health-center-god-trust/article-76284"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/t21rer-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>उन्हैल। छोटी सुनेल क्षेत्र की पीएचसी माथनिया में ग्रामीण मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे है। इलाज कराने के लिए सुबह मरीज अस्पताल जाते है तो अस्पताल नहीं खुलता। अस्पताल खुल भी जाए तो डॉक्टर नहीं रहते हैं। जिससे मरीजों को प्राइवेट क्लिनिकों पर अपना इलाज पैसा देकर करवाना पड़ता है। यहां रोजाना की ओपीडी लगभग 70-100 रहती है जिन्हें जरूरत के मुताबिक डॉक्टर नहीं होने से इलाज नहीं मिल पाता है जो कि मरीजों के साथ खिलवाड़ है। गांव के ही सरपंच प्रतिनिधि गोविंद सिंह ने क हा कि इसकी शिकायत आला अधिकारियों को कर रखी है फिर भी किसी का कोई ध्यान नही है। माथनिया के ग्रामीणों का दुर्भाग्य रहा है कि पीएचसी तो सर्व सुविधा युक्त अच्छी बन गई लेकिन यहां मरीजों को देखने के लिए डॉक्टर की कमी हमेशा से बनी हुई हैं। अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने से ग्रामीण निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को मजबूर है। </p>
<p>डॉक्टर लगाने की शिकायत आला अधिकारियों को कर रखी है फिर भी अभी तक कोई डॉक्टर को स्थायी नहीं लगाया है इससे मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।<br /><strong>- गोविन्द सिंह, सरपंच प्रतिनिधि </strong></p>
<p>हफ्ते में 4 दिन के लिए स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर लगा रखा है, जो मरीजों को देखता है। ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं है। <br /><strong>- डॉक्टर साजिद खान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Apr 2024 17:50:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Kota: बढ़ रहा मौसमी बीमारियों का कहर, अस्पताल की व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्तमान समय में डेंगू बुखार का कहर बढ़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/increasing-havoc-of-seasonal-diseases-hospital-arrangements-on-ventilator-kota-hindi-news/article-55785"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/badh-rha-mosami-bimariyo-ka-kahar-aspatal-ki-vyavsthaye-ventilator-pr...panwar,-jhalawar-news-29-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। पनवाड़ कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सालय की लैब में सीबीसी मशीन के रिजेंट नहीं होने के कारण पिछले तीन महीने से शोपीस बनी हुई है। लाखो रुपए की कीमत वाली कंप्लीट ब्लड काउंट मशीन दोहरा दर्द दे रही है, वर्तमान में डेंगू बुखार आदि के मरीजों को शरीर में प्लेटलेट्स की स्थित जानने के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। कस्बे के शंभू सुमन,सूरज मेहता,सुरेंद्र सुमन,कौशल सुमन,भूपेंद्र नागर ने बताया कि कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते है, जिसमें से 40 से 50 मरीजों का खून स्तर हिमोग्लोबिन प्लेटलेट्स का स्तर जानने वाले होते है, लेकिन अस्पताल की मशीन में रिजेंट नहीं होने से इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।  रोजाना डेंगू बुखार के मरीज आने से चिकित्सक सीबीसी की जांच लिख देते है, मरीज लैब में जांच के लिए जाते है तो रिजेंट नहीं होने का हवाला देकर बाहर भेज देते है, मजबूरन मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जल्द ही मशीन का रिजेंट उपलब्ध हो जाए तो लोगों को बाहर नहीं जाना पड़े, अस्पताल में ही बेहतर जांच रिपोर्ट मिल सके।  स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्तमान समय में डेंगू बुखार का कहर बढ़ रहा है। ऐसे में कार्यरत चिकित्सक मरीजों की जांच लिखते है, जिससे अधिकांश मरीज यहां निजी लेब पर ज्यादा दामों में जांच करवा रहे है और कई मरीज खानपुर जाकर जांच करवा रहे है, जिससे उनका समय और धन खर्च हो रहा है।</p>
<p>कस्बे की सीएचसी पर सीबीसी मशीन के रिजेंट खत्म होने से रोजाना मरीज परेशान हो रहे है। वर्तमान समय में मौसम के बदलाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिनमे डेंगू बुखार के मरीजों को सीबीसी जांच के लिए 15 किलोमीटर दूर खानपुर जाकर जांच करवानी पड़ रही है। <br /><strong>- कपिल मेहता, </strong></p>
<p><strong>युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य </strong><br />कस्बे की सीएचसी झालावाड़ कोटा जिले की सीमा पर होने से दोनो जिलों के गांवों के लोग इलाज के लिए सेकडो की तादात में यही आते हैं, जिनको जांच के लिए परेशान होना पड़ रहा है। निजी लेब पर 200 रुपए देकर जांच करवानी पड़ रही है, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। <br /><strong>- हरीश राठौर, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष</strong></p>
<p>रिजेंट खत्म होने से पिछले तीन महीने से मशीन बंद पड़ी हुई है, इसके लिए उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवा रखा है। <br /><strong>- भंवर सिंह, लेब सहायक  </strong></p>
<p>पनवाड़ सीएचसी पर सीबीसी मशीन के रिजेंट खत्म होने की जानकारी मिल चुकी थी, रिजेंट के लिए आर्डर लगा रखा है, जल्द ही रिजेंट आते ही मशीन चालू करवा दिया जाएगा । <br /><strong>- डॉ मुकेश नागर, ब्लॉक सीएमएचओ खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Aug 2023 16:28:07 +0530</pubDate>
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