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                <title>कंडम वाहन भी दे गए निगम को डेढ़ करोड़ रुपए, 12 साल बाद हुई निगम के कंडम वाहनों व स्क्रेप की नीलामी</title>
                                    <description><![CDATA[कंडम वाहनों की रखवाली पर हर साल निगम को लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/obsolete-vehicles-also-cost-the-corporation-1-5-crore-rupees/article-146234"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के गैराज अनुभाग में एक ओर जहां बड़ी संख्या में नए वाहन व मशीनरी आई हैं। वहीं बरसों पुराने वाहन कंडम भी हो गए हैं। ये कंडम वाहन निगम के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। अब उन्हीं कंडम वाहनों व स्क्रेप की नीलामी से निगम को करीब डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की आय हुई है।</p>
<p>नगर निगम का गैराज पहले किशोरपुरा में था। बरसों पुराना होने से वहां नए-नए वाहन आने पर वह गैराज छोटा पडे लगा। निगम के गैराज में पिछली कांग्रेस सरकार के समय सफाई की बड़ी-बड़ी मशीनरी से लेकर छोटी वाहन तक आए हैं। जिससे उन वाहनों को गैराज में खड़ा करने में समस्या आ रही थी। उसके समाधान के लिए नगर निगम की ओर से हाल ही में रामतलाई में नया गैराज बनाया गया है। अब वहीं से वाहनों का संचालन हो रहा है। साथ ही गैराज अनुभाग का पूरा आॅफिस भी वहीं शिफ्ट हो गया है।</p>
<p><strong>पुराने व कंडम वाहनों से हो रही थी समस्या</strong><br />पुराने गैराज में नए वाहन आने के साथ ही कई पुराने वाहन भी थे। जिसके कारण उन्हें रखने में समस्या आ रही थी। ऐसे में पहले तो पुराने वाहनों को हटाया गया था। जिससे कुछ जगह बनी लेकिन वह भी छोटी पड़ी तो नया गैराज बनाना पड़ा। अब पुराने गैराज का उपयोग किशोरपुरा मुक्तिधाम के विस्तार के रूप में किया जाएगा।</p>
<p><strong>दशहरा मैदान फेज एक व दो में रखे वाहन</strong><br />नगर निगम के पुराने व कंडम वाहनों को पहले तो दशहरा मैदान के फेज एक में रखा गया था। लेकिन दशहरा मेले के समय उन्हें वहां से हटाकर फेज दो में पुराना पशु मेला स्थल के पीछे की तरफ रखा गया था। जिससे जगह भी रूकी हुई थी और उन कंडम वाहनों की रखवाली भी निगम को करनी पड़ रही थी। जिस पर हर साल लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे थे।</p>
<p><strong>12 साल बाद हुई नीलामी</strong><br />नगर निगम के सफाई से लेकर मशीनरी तक हर साल कंडम हो रही थी। लेकिन उन कंडम वाहनों की नीलामी नहीं होने से उनकी संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही थी। हालांकि निगम के अधिकारियों ने कई बार प्रयास किए लेकिन किसी ने किसी कारण से नीलामी नहीं हो सकी थी। अब करीब 12 साल बाद निगम के कंडम व पुराने वाहनों के साथ ही स्क्रेप, टायर, बैटरी व एल्यूमीनियम की नीलामी हुई है।</p>
<p><strong>1.60 करोड़ की हुई आय</strong><br />नगर निगम के अधिशाषी अभियंता(गैराज) रविन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि निगम के कंडम व पुराने वाहनों व स्क्रेप की नीलामी की गई है। जिनमें वाहनों से निगम को 1 करोड़ 1 लाख 59 हजार रुपए और इसके अलावा टायर, स्क्रेप, बैटरी व एल्यूमीनियम से कुल 1 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक की आय हुई है। उन्होंने बताया कि नीलामी तो हो गई है लेकिन कायार्देश जारी होने के बाद वाहनों को दशहरा मैदान फेज दो से हटाया जाएगा। अभी सभी वाहन वहीं रखे हुए हैं।</p>
<p><strong>रद्दी की भी होगी नीलामी</strong><br />नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि निगम के गैराज में बरसों से कंडम वाहन पड़े हुए थे। फिलहाल उन्हें दशहरा मैदान में पीछे की तरफ रखा गया था। जहां उनकी रखवाली पर ही काफी खर्चा करना पड़ रहा था। उसके बाद भी उन वाहनों में से आए दिन चोरी हो रही थी। ऐसे में कमेटी के माध्यम से पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए अलग-अलग चार कैटेगरी में नीलामी की गई। बरसों बाद कंडम वाहनों की नीलामी हुई है। जिससे निगम को आय भी हुई और जहग भी खाली हो गई है। अब बरसों से जमा अखबार व अन्य रद्दी की भी नीलामी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार रद्दी की करीब 20 साल से नीलामी नहीं हुई है। वर्ष 2006 में नीलामी हुई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 15:22:49 +0530</pubDate>
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                <title>गैराज में खड़ा होने को भेजा एक और सफेद हाथी</title>
                                    <description><![CDATA[निगम सूत्रों के अनुसार नगर निगम कोटा उत्तर में पहले से ही 4 रोड स्वीपर मशीनें हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/another-white-elephant-sent-to-stand-in-the-garage/article-119721"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(3)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पूर्व में सफाई संसाधनों व वाहनों की कमी से जूझ रहे नगर निगम में वर्तमान में इतने अधिक वाहन व संसाधन हो गए हैं कि उन्हें रखने की पर्याप्त जगह तक नहीं है। उसके बावजूद भी निगम में अभी भी नए-नए वाहन क्रय किए जा रहे हैं। नगर निगम कोटा उत्तर में एक दिन पहले ही एक ओर रोड स्वीपर मशीन आई है। यह मशीन स्वायत्त शासन विभाग(डीएलबी) द्वारा क्रय कर निगम को भेजी गई है। हालांकि अभी तो इस मशीन का ट्रायल तक नहीं हुआ है। निगम सूत्रों के अनुसार नगर निगम कोटा उत्तर में पहले से ही 4 रोड स्वीपर मशीनें हैं। जिनका ही पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। हालांकि ये रोड स्वीपर मशीनें तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय में भी डीएलबी से ही भेजी गई थी। इसी तरह कोटा दक्षिण निगम के गैराज में भी दो से तीन रोड स्वीपर मशीनें हैं। </p>
<p><strong>इन रोड पर हो सकता है संचालन</strong><br />सूत्रों के अनुसार शहर में गिनती के ही मेन रोड ऐसे हैं जहां रोड स्वीपर मशीनों का उपयोग कर उसने सफाई की जा सकती है। जिनमें कोटा उत्तर निगम में सीएडी से एरोड्राम होते हुए स्टेशन तक, एरोड्राम से डीसीएम रोड तक। इसी तरह से कोटा दक्षिण निगम में सीएडी से चम्बल गार्डन रोड, शिवपुरा से श्रीनाथपुरम् तक, झालावाड़ रोड पर डिवाइडरों के सहारे सफाई में इन मशीनों का उपयोग किया जा सकता है। </p>
<p><strong>बरसात में तो संचालन ही नहीं</strong><br />सूत्रों के अनुसार रोड स्वीपर मशीन काफी भारी है। इसका उपयोग अधिकतर मेन रोड पर  डिवाइटर साइड में किनारों की धूल मिट्टी सफाई में किया जाता है। इस मशीन के नीचे लगे महंगे ब्रुश से यह सफाई की जाती है। लेकिन हालत यह है कि शहर में अधिकतर सड़कें ही ऐसी नहीं हैं जहां इन मशीनों का उपयोग किया जा सके। हालांकि निगम की ओर से पूर्व में कुछ मेन रोड पर इन मशीनों को ट्रायल के रूप में चलाया भी गया है। लेकिन ये अधिकतर समय निगम के गैराज में ही खड़ी रहती है। सूत्रों के अनुसार बरसात का सीजन शुरु हो गया है। ऐसे में सड़कों पर पानी भरने व बड़े-बड़े गड्ढ़े से बरसात के सीजन में तो इस मशीन का उपयोग ही नहीं होता है। नगर निगम कोटा उत्तर के गैराज प्रभारी अधिशाषी अभियंता प्रखर गोयल ने बताया कि रोड स्वीपर मशीन नगर निगम ने क्रय नहीं की है। यह डीएलबी से आई है। अभी तक तो इसका ट्रायल भी नहीं हुआ है। कोटा उत्तर निगम में पूर्व में 4 रोड स्वीपर मशीनें हैं। जिनका समय-समय पर उपयोग किया जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 15:28:59 +0530</pubDate>
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                <title>लाखों के कंडम वाहन हो रहे कबाड़</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम में एक निर्धारित समय अवधि तक चलने के बाद कई वाहन चलने योग्य नहीं रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/millions-of-condem--vehicles-are-becoming-junk/article-55947"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/lakho-k-kandam-vahan-ho-rhe-kabad...kota-news-31-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम में एक तरफ जहां करोड़ों रुपए के छोटे-बड़े नए वाहन खरीदे गए हैं। जिन्हें रखने की गैराज में पर्याप्त जगह तक नहीं है। वहीं दूसरी तरफ कंडम हो चुके वाहनों की बरसों से नीलामी तक नहीं हुई है। उन वाहनों को गैराज से निकालकर दशहरा मैदान के पीछे पटका हुआ है। जिससे उनके पुर्जे चोरी होने व कबाड़ होने से वे कुछ समय बाद नीलामी लायक भी नहीं बचेंगे। कोटा में पहले जहां एक ही नगर निगम थी। वहीं अब कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण दो नगर निगम बना दिए है। दोनों नगर निगमों में अधिकतर अनुभागों का बटवारा हो गया है। लेकिन अभी तक भी गैराज अनुभाग संयुक्त रूप से दोनों नगर निगमों द्वारा संचालित किया जा रहा है। नगर निगम का गैराज किशोरपुरा में मुक्तिधाम के पास बना हुआ है। नगर निगम में पिछले बोर्ड तक सफाई समेत अन्य वाहनों का काफी टोटा था। लेकिन दोनों नगर निगमों में कांग्रेस के बोर्ड बनने के बाद से इतनी अधिक संख्या में वाहन क्रय किए जा चुके हैं कि उन्हें रखने की जगह तक गैराज में नहीं बची है। उन वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए गैराज में पड़े पुराने कंडम वाहनों को वहां से हटाया गया है। पहले इन वाहनों को पिछले साल दशहरा मैदान में पटका हुआ था। दशहरा मेले से पहले उन वाहनों को वहां से हटाकर पुराने पशु मेला स्थल के पीछे पुलिस कंट्रोम रूम के पास खाली जगह पर पटक दिया है।</p>
<p><strong>कंडम से कबाड़ हो रहे वाहन</strong><br />नगर निगम में एक निर्धारित समय अवधि तक चलने के बाद कई वाहन चलने योग्य नहीं रहे। जिससे उन्हें कंडम घोषित कर दिया गया। उन कंडम वाहनों को निगम की कमेटी द्वारा नीलाम किया जाना है। लेकिन हालत यह है कि ये कंडम वाहन करीब 10 साल से अधिक समय से नीलाम नहीं हो सके हैं। उन कंडम वाहनों को फिलहाल गैराज से निकालकर खुले में पटका हुआ है। सूत्रों के अनुसार उन वाहनों के पुर्जे धीरे-धीरे चोरी हो रहे हैं। साथ ही धूप व बरसात में पड़े होने से वे वाहन कबाड़ होते जा रहे हैं। </p>
<p><strong>करीब 70 लाख से अधिक के वाहन</strong><br />नगर निगम में अधिकतर वाहन सफाई संबंधी कार्य में काम आते हैं। ऐसे में अधिकतर वही वाहन हैं जो कंडम हैं। सूत्रों के अनुसार चल शौचालय, डम्पर, टिपर, जीप, लोडिंग वाहन, दमकल, कचरा पात्र समेत कई तरह के वाहन हैं। हालत यह है कि अधिकतर वाहन कबाड़ हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार कंडम घोषित वाहनों की कीमत करीब 70 लाख से अधिक है। लेकिन पिछले दस साल से इन वाहनों की नीलामी नहीं होने से ये कबाड़ हो रहे हैं। जिससे इनकी कीमत लगातार कम हो रही है। जबकि इन वाहनों की नीलाम करने की डीएलबी से स्वीकृति तक मिल चुकी है। लेकिन न तो समिति की बैठक हो रहे है और न ही वाहनों की नीलामी। पिछले भाजपा बोर्ड में तो नीलामी नहीं हुई वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल भी करीब पौने तीन साल का बीत चुका है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />नगर निगम के कई वाहन कंडम हैं जिन्हें नीलाम किया जाना है। उनकी नीलामी से निगम को लाखों रुपए राजस्व मिल सकता है। उसका अन्य वाहन क्रय करने में उपयोग किया जा सकता है।  करीब एक साल से अधिक समय हो गया समिति बने हुए। आयुक्त से लेकर गैराज प्रभारियों तक को कई बार कह चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई ही नहीं हो रही। <br /><strong>- कपिल शर्मा, अध्यक्ष नगर निगम गैराज समिति</strong></p>
<p>नगर निगम के वाहनों की नीलामी की जानी है। इसके लए समिति की बैठक का समय ही तय नहीं हो पा रहा है। कंडम वाहनों में कुछ की हालत अधिक खराब है जबकि अधिकतर नीलाम होने की स्थिति में है। दशहरा मैदान के पीछे खड़े वाहनों की सुरक्षा के लिए गार्ड लगाए हुए हैं। शीघ्र ही समिति की बैठक कर कंडम वाहनों को नीलाम करने की प्रक्रिया की जाएगी। <br /><strong>- ए.क्यू कुरैशी, गैराज प्रभारी नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>निगम के कंडम वाहनों को नीलाम तो किया जाना है। जानकारी मिली है कि ये वाहन खुले में पड़े होने से उनके पुर्जे चोरी हो रहे हैं। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण का बटवारा होने से उन वाहनों का बटवारा नहीं हो पाया है। जिससे नीलामी में परेशानी आ रही है। शीघ्र ही उन वाहनों को नीलामी की प्रक्रिया करवाई जाएगी। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 31 Aug 2023 17:02:26 +0530</pubDate>
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