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                <title>mk stalin - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>तमिलनाडु चुनाव: रिकॉर्ड 4,618 उम्मीदवार मैदान में, टीवीके 234 सीटों पर आजमा रही किस्मत, 23 अप्रैल को होंगे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु की 234 सीटों पर 4,618 उम्मीदवार किस्मत आजमाएंगे। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और विपक्षी नेता पलानीस्वामी के बीच कड़ा मुकाबला है। अभिनेता विजय की नई पार्टी और सीमन की एनटीके ने इस बार चुनाव को पांच कोणीय और रोमांचक बना दिया है, जिससे राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-election-record-4618-candidates-in-the-fray-tvk/article-149864"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tvk.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को होने वाले चुनावों में अब कुल 4,618 उम्मीदवार मैदान में हैं। गुरूवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद यह आंकड़ा सामने आया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने तक रिकॉर्ड 7,599 नामांकन (6,216 पुरुष और 1,380 महिलाएं) दाखिल किए गए थे। इनमें से 4,618 नामांकन स्वीकार किए गए, 2,640 खारिज कर दिए गए और 521 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। वर्तमान में आयोग द्वारा 911 नामांकनों को 'प्रतिस्पर्धी' के रूप में वर्गीकृत किया गया है और आंकड़ों को अपडेट करने की प्रक्रिया जारी है।</p>
<p>वर्ष 2006 के बाद के पिछले पांच विधानसभा चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि नाम वापसी के बाद मैदान में रहने वाले उम्मीदवारों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। 2006 में 2,586 उम्मीदवार, 2011 में 2,748 उम्मीदवार, 2016 में 3,776 उम्मीदवार और 2021 में 3,998 उम्मीदवार मैदान में थे। इसी प्रवृत्ति के अनुरूप इस बार यह संख्या बढ़कर 4,618 हो गई है, जिनमें अधिकांश निर्दलीय हैं। सीटों के बंटवारे, निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान, उम्मीदवारों के नाम तय करने, नामांकन दाखिल करने, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब मंच चार मुख्य मोर्चों के बीच मुकाबले के लिए तैयार है। चारों प्रमुख मोर्चों के नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए राज्य के हर जिले और कोने-कोने में अपना सघन प्रचार अभियान शुरू कर दिया है।</p>
<p>सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाला 'सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस' सत्ता बरकरार रखने और अपनी 'द्रविड़ियन मॉडल 2.0' सरकार बनाने के लिए उत्सुक है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद इस गठबंधन की मजबूती के आधार पर फिर से जीत का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के लिए यह उनके 53 साल के राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा है। पार्टी एम.जी.आर. और जयललिता जैसे करिश्माई नेताओं की कमी महसूस कर रही है, लेकिन एक मजबूत गठबंधन के जरिए वह पिछले चुनावी नुकसान को पीछे छोड़ने की कोशिश में है।</p>
<p>चुनावी मैदान में दो अन्य खिलाड़ी भी हैं। अभिनेता विजय की नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके), जो पहली बार सभी 234 सीटों पर किस्मत आजमा रही है तथा सीमन के नेतृत्व वाली नाम तमिलर काच्ची (एनटीके), जो हमेशा की तरह अकेले चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा, निष्कासित अन्नाद्रमुक नेता वी.के. शशिकला और पट्टाली मक्कल कच्ची (पीएमके) संस्थापक डॉ. रामदास के नए मोर्चे की मौजूदगी से यह मुकाबला पांच कोणीय हो गया है।</p>
<p>मैदान में मौजूद प्रमुख चेहरों में एम.के. स्टालिन (कोलाथुर), उनके बेटे और उप-मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन (चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी), अन्नाद्रमुक से बाहर किए गए और अब द्रमुक में शामिल हो चुके पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम (बोडिनायक्कनूर), देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) महासचिव प्रेमलता विजयकांत (वृद्धाचलम) और पलानीस्वामी (इडप्पडी) शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन (सातुर), केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन (अविनाशी आरक्षित), पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन (मायलापुर) और वनथी श्रीनिवासन (कोयंबटूर उत्तर) चुनाव लड़ रहे हैं। द्रमुक के दिग्गज नेता दुरईमुरुगन काटपाडी सीट से रिकॉर्ड 13वीं बार मैदान में हैं। अभिनेता विजय दो सीटों चेन्नई की पेरम्बूर और तिरुचि पूर्व से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि सीमन शिवगंगा जिले की कराईकुडी सीट से मैदान में हैं।</p>
<p>द्रमुक इस बार खुद 164 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि गठबंधन सहयोगियों के 12 उम्मीदवार उसके 'उगते सूरज' के निशान पर चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे कुल संख्या 176 हो गई है। बाकी 58 सीटों पर सहयोगी दल अपने प्रतीकों पर लड़ रहे हैं। अन्नाद्रमुक गठबंधन में मुख्य पार्टी 167 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि भाजपा, पीएमके और एएमएमके सहित अन्य सहयोगियों को 67 सीटें दी गई हैं। एम.के. स्टालिन अपने गढ़ कोलाथुर से लगातार चौथी बार जीत की उम्मीद कर रहे हैं। वह 1984 से लगातार 10वीं बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावी तस्वीर साफ होने के साथ ही राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कई जिलों में बढ़ती गर्मी के बावजूद नेताओं ने अपना प्रचार अभियान और तेज कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 18:05:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पुड्डुचेरी विधानसभा चुनाव: नामांकन का अंतिम दिन आज, सीट बंटवारे को लेकर द्रमुक-कांग्रेस में गतिरोध बरकरार </title>
                                    <description><![CDATA[इंडिया गठबंधन के भीतर पुड्डुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर पेंच फंस गया है। नेल्लीथोपे जैसी हॉट सीटों पर दावेदारी को लेकर विवाद के बाद, दोनों दलों के उम्मीदवार सभी 30 सीटों पर नामांकन दाखिल करेंगे। वी. नारायणसामी की नाराजगी और एम.के. स्टालिन के हस्तक्षेप के बावजूद 26 मार्च तक समझौते की कोशिशें जारी रहेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/last-day-of-puducherry-assembly-election-nominations-deadlock-continues-between/article-147542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/puducherry.png" alt=""></a><br /><p>पुड्डुचेरी। केन्द्र शासित प्रदेश पु्ड्डुचेरी में आगामी नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि सोमवार को द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (द्रमुक) और कांग्रेस के बीच इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जारी बातचीत अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। चेन्नई में रविवार से शुरू हुई मैराथन बैठकें सोमवार तड़के तक चलीं लेकिन बिना किसी निष्कर्ष के अचानक समाप्त हो गईं।</p>
<p>हालांकि, दोनों दलों ने गठबंधन जारी रखने पर सहमति जताई है लेकिन सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई है। स्थिति को देखते हुए दोनों दलों के संभावित उम्मीदवार आज अपराह्न तीन बजे तक सभी 30 विधानसभा सीटों पर नामांकन दाखिल करेंगे। बाद में 26 मार्च तक, जो नामांकन वापसी की अंतिम तिथि है, आपसी सहमति बनने पर उम्मीदवार अपने पर्चे वापस ले सकते हैं।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, दोनों दल गठबंधन का नेतृत्व करने और अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग पर अड़े हुए हैं। इससे पहले, द्रमुक के चुनाव प्रभारी एस. जगतरक्षकन के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी कांग्रेस नेताओं का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद वे चेन्नई जाकर पार्टी नेतृत्व से मिले। मामले को सुलझाने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने हस्तक्षेप किया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से मुलाकात की। इस दौरान कनिमोझी भी मौजूद रहीं। खबरों के मुताबिक, एक प्रस्ताव के तहत द्रमुक 12 सीटों पर चुनाव लड़ने और सहयोगी दलों वीसीके और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) को एक-एक सीट देने पर सहमत हुई थी।</p>
<p>रविवार रात हालांकि, पुड्डुचेरी में स्थानीय स्तर पर हुई बैठक में विवाद फिर गहरा गया। कांग्रेस ने मन्नाडीपेट, कालापेट और नेल्लीथोपे सीटों की मांग की, जबकि द्रमुक मुथियालपेट सीट चाहती है। नेल्लीथोपे सीट को लेकर विशेष विवाद रहा, जहां पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन द्रमुक इसे छोडऩे को तैयार नहीं है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर नारायणसामी नाराज होकर बैठक से बाहर चले गए, जिससे गतिरोध और बढ़ गया।</p>
<p>पुड्डुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वी. वैथिङ्क्षलगम ने कहा कि बातचीत में कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है और अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 17:27:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस-डीएमके में सीट शेयरिंग फाइनल: कांग्रेस 28 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, गठबंधन की औपचारिकताएं पूरी </title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट-शेयरिंग का फॉर्मूला फाइनल हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बीच हुई बातचीत के बाद कांग्रेस को 28 सीटें और एक राज्यसभा सीट देने पर सहमति बनी। इस रणनीतिक समझौते के साथ ही सत्ताधारी गठबंधन ने विपक्षी खेमे के खिलाफ अपनी चुनावी स्थिति मजबूत कर ली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/seat-sharing-final-between-congress-dmk-congress-will-contest-on-28/article-145311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/congress.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन की औपचारिकताएं आज पूरी हो गईं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार सुबह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से फोन पर बात कर सीट शेयरिंग को फाइनल रूप दिया। डीएमके के साथ कई राउंड की बातचीत के बाद सीट शेयरिंग पर मुहर लग गई है। कांग्रेस को राज्य की 28 विधानसभा सीटें दी गई हैं। कांग्रेस पहले 35 सीटों की मांग पर अड़ी हुई थी जबकि डीएमके उसे 25 से ज्यादा सीटे देने के लिए तैयार नहीं थी। इसके चलते मामला कशमकश में फंसा हुआ था। होली के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से फोन करके बातचीत की। इस दौरान दोनों के बीच सीट शेयरिंग पर बात बन गई। डीएमके ने कांग्रेस को 28 विधानसभा सीटों के साथ एक राज्यसभा सीट भी देने का वादा किया है।</p>
<p><strong>एक राज्यसभा सीट का अंतिम ऑफर दिया</strong></p>
<p>तमिलनाडु की कुल 234 विधानसभा सीटों में से डीएमके ने 25 विधानसभा सीट के साथ एक राज्यसभा सीट का अंतिम ऑफर दिया था, जिसे कांग्रेस ठुकरा चुकी है। कांग्रेस किसी भी सूरत में 30 सीटों से कम पर लड़ने के लिए तैयार नहीं थी। ऐसे में कांग्रेस ने डीएमके के साथ सीट शेयरिंग का फामूर्ला सुलझाने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को जिम्मा सौपा था। चिदंबरम ने स्टालिन सहित डीएमके के तमाम वरिष्ठ नेताओं से बात किया, लेकिन उसके बाद भी बात नहीं बन सकी। इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने खुद स्टालिन से बात करके सीट शेयरिंग को फाइनल कर दिया।</p>
<p><strong>कांग्रेस ने 35 सीटों की मांग की थी </strong></p>
<p>पिछले चुनाव में भी डीएमके ने कांग्रेस को 25 सीटें दी थीं और उसके 18 विधायक चुने गए थे। ऐसे में कांग्रेस ने इस बार 35 विधानसभा सीट के साथ 2 राज्यसभा सीट की मांग की थी। ऐसे में डीएमके ने साफ-साफ बता दिया था कि 25 विधानसभा और एक राज्यसभा सीट से ज्यादा नहीं दे सकती है। इस प्रस्ताव में कोई बदलाव नहीं होगा। इसे स्वीकार करना है या नहीं, यह कांग्रेस को तय करना है। इस रणनीतिक फैसले के साथ ही तमिलनाडु की चुनावी जंग में विपक्षी खेमे के मुकाबले सत्ताधारी गठबंधन ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/seat-sharing-final-between-congress-dmk-congress-will-contest-on-28/article-145311</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 11:02:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद एक्शन मोड में तमिलनाडु सरकार: तमिल पीड़ितों की मदद के लिए बनाया कंट्रोल रूम, गैर जरूरी यात्रा नहीं करने की सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान-इजराइल युद्ध के बीच मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने खाड़ी देशों में रहने वाले तमिलों की सुरक्षा हेतु दिल्ली और चेन्नई में 24/7 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। सरकार ने प्रवासियों को घरों में रहने और भारतीय दूतावास की एडवाइजरी मानने की सलाह दी है। तमिलनाडु प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखते हुए हर संभव राहत और पुनर्वास के लिए तैयार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/after-israel-america-attack-on-iran-tamil-nadu-government-created-a/article-145044"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tamilnadu.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने ईरान के खलिाफ़ इजरायल और अमेरिकी हमलों के बाद खाड़ी इलाके में रहने वाले तमिलों की मदद के लिए पूर्णकालिक कंट्रोल रूम बनाए हैं और उनसे अपील की है कि वे गैर-जरूरी यात्रा न करें और भारतीय उच्चायोग की तरफ़ से जारी परामर्श का पालन करें। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने रविवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि राज्य सरकार खाड़ी इलाके में रहने वाले तमिलों को हर मुमकिन मदद देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बाद तमिलों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर करते हुए, उन्होंने अनिवासी तमिलों के पुनर्वास और कल्याण आयुक्तालय को प्रभावित देशों में रहने वाले तमिलों को हर तरह की मदद देने का निर्देश दिया है। सीएम स्टालिन ने नई दिल्ली में तमिलनाडु हाउस में एक कंट्रोल रूम बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि तमिल लोगों और उनके परिवार के सदस्य किसी भी आपात स्थिति और किसी भी मदद के लिए इस कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं, इसके साथ ही उन्होंने खाड़ी देशों में रहने वाले तमिलों से भारतीय दूतावास द्वारा जारी की गई सलाह का पालन करने की अपील की।</p>
<p>उन्होंंने कहा कि ईरान पर अमेरिका इजरायल के हवाई हमलों के बाद, खाड़ी क्षेत्र के संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। सीएम स्टालिन ने वहां रहने वाले तमिलों को सभी सुरक्षा उपाय करने, घरों में ही रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने के साथ-साथ भारतीय उच्चायोग की सलाह का पालन करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सरकार खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले तमिलों के साथ लगातार संपर्क में रहकर स्थिति पर नजर रख रही है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 15:09:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जासूसी के आरोप में श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 25 मछुआरों को किया गिरफ्तार, परिवारवालों ने लगाई केंद्र सरकार से मदद की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंकाई नौसेना ने सोमवार को पाक जलडमरुमध्य में 25 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर उनकी नावें जब्त कर लीं। ये मछुआरे पुडुचेरी के करियाकल के निवासी हैं और उन पर सीमा उल्लंघन का आरोप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/sri-lankan-navy-arrested-25-fishermen-from-tamil-nadu-on/article-143331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के 25 मछुआरों को सोमवार को श्रीलंका की नौसेना ने पाक जलडमरुमध्य क्षेत्र में मछली पकड़ते समय गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, मछुआरे दो मशीन वाली नावों में कल रात समुद्र में उतरे थे और अपने पारंपरिक पानी में मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना ने उन्हें रोक लिया। मछुआरों को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करने के बाद श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछली पकडऩे के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उन्हें कांकेसंथुराई तट ले जाया गया। उनकी दो नावों को भी नौसेना ने आगे की कार्रवाई के लिए जब्त कर लिया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि मछुआरे केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के करियाकल के रहने वाले थे। यह घटना मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करने के एक दिन बाद हुई है कि वे चार दशकों से ज्यादा समय से राज्य में बसे श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों के सामने मौजूद कानूनी उलझन को खत्म करें और इस मामले में मानवीय नजरिया अपनाएं और उन्हें नागरिकता या दीर्घकालीन वीजा देने पर विचार करें।</p>
<p>सीएम स्टालिन ने कल रात प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक अद्र्व सरकारी पत्र में कहा, दशकों से रहने और सामाजिक ताने-बाने में घुलने-मिलने के बावजूद, कई लोगों के पास नागरिकता या दीर्घकालीन वीजा स्टेटस जैसे टिकाऊ कानूनी समाधान नहीं हैं। आज की तारीख में लगभग 89,000 लोग तमिलनाडु में रह रहे हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा 30 साल से ज्यादा समय से भारत में रह रहा है, और उनमें से लगभग 40 प्रतिशत भारतीय धरती पर पैदा हुए हैं। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों का आना 1983 में द्वीप देश में जातीय अल्पसंख्यक तमिलों के खिलाफ हुई हिंसा के बाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा, 1983 से तमिलनाडु में एक के बाद एक सरकारों ने केंद्र सरकार के समर्थन और सहमति से श्रीलंका में जातीय संघर्ष से भागे श्रीलंकाई तमिलों को रहने की जगह, मदद, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल दी है। हालांकि, राज्य ने प्रतिबद्वता और दया के साथ अपनी मानवीय जिम्मेदारियों को पूरा किया है, लेकिन ये लोग लंबे समय से कानूनी अनिश्चितता की स्थिति में हैं।</p>
<p>अलग-अलग मछुआरा एसोसिएशन ने मछुआरों की गिरफ्तारी की बार-बार होने वाली घटनाओं की निंदा की और केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे उनकी रोजी-रोटी बनाए रखने और पाक जलडमरुमध्य इलाके में उनके पारंपरिक मछली पकडऩे के अधिकार को बहाल करने के लिए एक स्थायी समाधान खोजें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 12:02:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंकाई नौसेना ने 12 तमिल मछुआरों को किया गिरफ्तार, सीएम स्टालिन ने लिखा विदेश मंत्री को पत्र, रिहाई की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंका नौसेना ने कथित रूप से समुद्री सीमा पार करने पर तमिलनाडु के 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से राजनयिक माध्यम से उनकी शीघ्र रिहाई की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sri-lankan-navy-arrested-12-tamil-fishermen-cm-stalin-wrote/article-136940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/cm-stalin.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। श्रीलंका नौसेना ने उनके क्षेत्रीय जलों में कथित तौर पर मछली पकडऩे के आरोप में तमिलनाडु के 12 मछुआरों को मंगलवार सुबह  गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राजनयिक चैनलों के माध्यम से उनकी शीघ्र रिहाई के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।</p>
<p>दरअसल, रामनाथपुरम जिले के द्वीपीय शहर रामेश्वरम के इन मछुआरों को श्रीलंका नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। नौसेना ने उनकी मशीनीकृत नाव को भी जब्त कर लिया और मछुआरों को आगे की कार्रवाई के लिए श्रीलंका ले गई। मछुआरों की लगातार गिरफ्तारियां मछुआरा समुदाय में निराशा पैदा कर रही हैं, जो केंद्र और राज्य सरकारों से इस जटिल मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की बार-बार अपील कर रहे हैं।</p>
<p>इस बीच, स्टालिन ने डॉ. जयशंकर से दोनों देशों के बीच संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की मछुआरा-स्तरीय (एजेंसी) जल्द आयोजित करने और हिरासत में लिए गए सभी मछुआरों तथा उनकी नावों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि इस लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का स्थायी समाधान निकाला जा सके। सीएम स्टालिन के विदेश मंत्री को लिखे अर्ध-आधिकारिक पत्र की प्रतियां यहां मीडिया को जारी की जिसमें रामेश्वरम की एक मशीनीकृत नाव और 12 मछुआरों की गिरफ्तारी की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया गया।</p>
<p>मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि ये मछुआरे कल रात रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम मछली लैंडिंग सेंटर से एक अपंजीकृत मशीनीकृत नाव से मछली पकडऩे गये थे। मुख्यमंत्री ने कहा, श्रीलंकाई नौसेना द्वारा हमारे मछुआरों की निरंतर गिरफ्तारी और उनकी नावों की जब्ती से उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है तथा तमिलनाडु के तटीय मछुआरा समुदायों में भारी कष्ट और संकट पैदा हुआ है। उन्होंने पत्र में लिखा, मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस मामले को तत्काल राजनयिक चैनलों के माध्यम से उठाया जाए और इस लंबे समय से चले आ रहे मछुआरा मुद्दे का स्थायी एवं पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान निकालने के लिए जेडब्ल्यूजी/मछुआरा-स्तरीय (एजेंसी) जल्द से जल्द आयोजित की जाए।</p>
<p>सीएम स्टालिन ने कहा कि वर्तमान में तमिलनाडु की कुल 248 मछली पकडऩे की नावें और 62 मछुआरे (जिनमें 2024 में गिरफ्तार किए गए 18 मछुआरे शामिल हैं) श्रीलंकाई हिरासत में हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 16:50:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अमित शाह पर निशाना, कहा- दिल्ली के सामने नहीं झुकेगा तमिलनाडु </title>
                                    <description><![CDATA[स्टालिन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि चाहे वह नीट हो या तीन-भाषा नीति, या फिर वक्फ कानून संशोधन और परिसीमन का मसला इन सभी पर सिर्फ हम ही मुखर हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tamil-nadu-chief-minister-mk-stalin-targeted-amit-shah-tamil/article-111309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(1)27.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट, तीन-भाषा पॉलिसी, वक्फ संशोधन कानून और परिसीमन जैसे मुद्दों पर सवाल उठाना ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं, बल्कि राज्यों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि अगर डीएमके वास्तव में ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, तो अमित शाह को इन मुद्दों पर तमिलनाडु की जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।</p>
<p>स्टालिन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि चाहे वह नीट हो या तीन-भाषा नीति, या फिर वक्फ कानून संशोधन और परिसीमन का मसला इन सभी पर सिर्फ हम ही मुखर हैं। क्या राज्यों के अधिकारों की मांग करना गलत है? उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के राज्यों के अधिकारों की बात कर रहा है। स्टालिन ने कहा कि सिर्फ अमित शाह ही नहीं, बल्कि कोई भी शाह तमिलनाडु पर राज नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि कहा तमिलनाडु दिल्ली के कंट्रोल से बाहर है। साथ ही कहा कि हम आपके द्वारा कानूनी रूप से पैदा की गई सभी बाधाओं को तोड़ देंगे।<br />2026 में द्रविड़ मॉडल की सरकार बनेगी</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान सीएम स्टालिन ने कहा कि अमित शाह कहते हैं कि वे 2026 में यहां सरकार बनाएंगे, लेकिन मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि तमिलनाडु दिल्ली के सामने नहीं झुकेगा। छापेमारी करने, पार्टियों को तोड़ने और सरकार बनाने का आपका फॉर्मूला तमिलनाडु में काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि 2026 में केवल द्रविड़ मॉडल की सरकार बनेगी, हम दिल्ली के लिए हमेशा नियंत्रण से बाहर हैं। क्या आप (बीजेपी) यहां किसी को धमकाकर और गठबंधन बनाकर जीत सकते हैं? आप जिसे लाने चाहें ला सकते हैं, हम भी देखते हैं।</p>
<p><strong>हम झुकने वाले गुलाम नहीं : स्टालिन</strong><br />तमिलनाडु के सीएम ने कहा कि आप अपने गठबंधन में बिना आत्मसम्मान वाले लोगों और विश्वासघातियों का उपयोग करके शासन करना चाहते हैं, लेकिन इतिहास पढ़ें, हमारी भूमि आत्मसम्मान, बहादुरी और गौरव से भरी हुई है। हम जानते हैं कि आप हमें धमकाने के लिए क्या-क्या इस्तेमाल करेंगे, लेकिन हम झुकने वाले गुलाम नहीं हैं।</p>
<p><strong>स्टालिन ने बीजेपी से पूछे कई सवाल</strong></p>
<p>स्टालिन ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि आपने तमिल का अपमान कैसे किया? क्या केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तमिल को असभ्य नहीं कहा था और क्या इसके लिए उन्होंने माफी नहीं? इससे पहले एक अन्य केंद्रीय मंत्री ने तमिल को बम विस्फोटों में शामिल बताया और क्या माफी मांगी? क्या आपने (अमित शाह) और प्रधानमंत्री ने ओडिशा में ये नहीं कहा था कि पुरी जगन्नाथ मंदिर की चाबियां चुरा ली गई हैं और तमिलनाडु में छिपा दी गई हैं? स्टालिन ने कहा कि आपने फूट डालो और राज करो नीति अपनाई। जबकि एक तमिल आईएएस अधिकारी नवीन पटनायक के साथ थे और पूछ रहे थे कि तमिल कैसे ओडिशा पर शासन कर सकता है?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Apr 2025 12:20:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा शासन में देश का संघवाद खतरे में है, एमके स्टालिन ने दी गंभीर खतरे की चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र में भाजपा नीत सरकार के तहत भारत के संघवाद पर गंभीर खतरे की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mk-stalin-warns-of-serious-danger-in-the-countrys-federalism/article-104249"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(5)14.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र में भाजपा नीत सरकार के तहत भारत के संघवाद पर गंभीर खतरे की चेतावनी दी। स्टालिन ने राज्यपाल आर एन रवि के खिलाफ हमला और तेज करते हुए कहा कि राज्यपाल के पास अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। स्टालिन ने एक अखबार के संपादकीय का जिक्र करते हुए कहा कि राज्यपाल की असंवैधानिक अत्याचार और  केंद्र सरकार की ओर से उनके घृणित समर्थन को आज सही ढंग से उजागर किया गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह कड़ा संपादकीय राज्यपाल के विधानसभा को मनमाने तरीके से कमजोर करने को संक्षेपित करता है और यह दोहराता है कि उन्हें पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। स्टालिन ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि न तो राज्यपाल, जो राज्य के प्रमुख हैं, ने भारत भर के प्रमुख समाचार पत्रों और संवैधानिक विशेषज्ञों द्वारा की गई बार-बार की आलोचना से कुछ सीखा है, और न ही उनके दिल्ली स्थित भाजपा नेता, जो उनकी कार्रवाइयों का समर्थन और संरक्षण कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष शासित राज्यों में राज्यपालों की अमानवीय और असंवैधानिक कार्रवाइयों को दंडित करने के बजाय, ऐसे अत्याचारों को पुरस्कृत करती है ताकि राजनीतिक रंजिशें सुलझाई जा सकें। गौरतलब है कि राजभवन और सत्तारूढ़ द्रमुक के बीच कई मुद्दों पर संघर्ष चल रहा है, जिसमें राज्यपाल ने पिछले महीने राष्ट्रीय गीत का पा न होने का कारण बताते हुए विधानसभा में उपस्थित होने के बावजूद पारंपरिक नववर्ष संबोधन देने से इनकार कर दिया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 12:06:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तूफान के प्रभाव से निपटने को चेन्नई का दिए गए चार हजार करोड़ रूपये:स्टालिन</title>
                                    <description><![CDATA[स्टालिन ने कहा कि राज्य अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए, पांच हजार करोड़ रुपये की  केंद्र से अंतरिम वित्तीय सहायता की मांग करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/four-thousand-crore-rupees-given-to-chennai-to-deal-with/article-63566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/mk-stalin.png" alt=""></a><br /><p>चेन्नई। तमिलनाडु के चेन्नई शहर में हाल ही में आया शक्तिशाली तूफान मिचौंग के कारण भारी वर्षा से अचानक बाढ़ से शहर में कम तबाही होने पर मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन ने बुधवार को कहा कि इस तूफान से मचने वाली तबाही से शहर को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने चार हजार करोड़ रुपये दिए।</p>
<p>स्टालिन ने कहा कि राज्य अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए, पांच हजार करोड़ रुपये की  केंद्र से अंतरिम वित्तीय सहायता की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि द्रमुक सांसद केंद्र से पांच करोड़ रुपये की अंतरिम राहत पाने के लिए इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। </p>
<p>मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि चक्रवाती तूफान के कारण 2015 की तुलना में इस बार अभूतपूर्व और भारी बारिश के कारण होने वाली मौतें घटकर केवल सात रह गईं, जो कि 199 से अधिक मौतों की तुलना में नहीं होनी चाहिए थी। 2015 में अचानक आई बाढ़ के दौरान हुआ। उन्होंने कहा कि ये सात मौतें भी दुर्भाग्यपूर्ण थीं।     </p>
<p>स्टालिन ने एक्स पर लिखा, ''केरल के पिनाराई विजयन के साथ एकजुटता की सराहना करते हैं। कॉमरेड पिनाराई विजयन आपके आउटरीच के लिए आभारी हैं। चेन्नई लगातार ठीक हो रहा है और केरल के लोगों की ओर से आपकी वास्तविक ङ्क्षचता हमारे दिलों को छू जाती है। हम सब मिलकर इस चुनौती से पार पा लेंगे।''        </p>
<p>स्टालिन ने शहर के विभिन्न राहत शिविरों और विशेष चिकित्सा शिविरों का भी दौरा किया और लोगों को राहत सामग्री वितरित की।</p>
<p>स्पष्ट रूप से पिछले अन्नाद्रमुक शासन पर कटाक्ष करते हुए, स्टालिन ने कहा, 2015 में अचानक आई बाढ़ चेम्बरमबक्कम झील से छोड़े गए पानी के कारण कृत्रिम थी और वर्तमान बाढ़ मूसलाधार बारिश के कारण हुई। उन्होंने बताया कि वंडालूर और वेलाचेरी के पास मुदिचुर तथा आसपास के कई उपनगरीय इलाके अभी भी जलमग्न हैं, जो एक द्वीप जैसा दिख रहा है। अधिकारियों ने लोगों को बचाने के लिए फाइबर नौकाओं को लगाया और भोजन के पैकेट, दूध, दही सहित अन्य आवश्यक सामान भी वितरित किए। कुछ उपनगरीय इलाकों में खाने के पैकेट हवाई मार्ग से भी गिराए गए, क्योंकि भारी जलभराव के कारण लोगों को घर के अंदर ही रहना पड़ा। ग्रेट चेन्नई कॉर्पोरेशन के अधिकारी पानी निकालने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Dec 2023 18:08:51 +0530</pubDate>
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                <title>India or Bharat Controversy: CM स्टालिन बोले- लगता है बीजेपी 'इंडिया' शब्द से डर गई है</title>
                                    <description><![CDATA[स्टालिन ने एक्स पर लिखा कि ऐसा लगता है कि बीजेपी 'इंडिया' शब्द से डर गई है। वे विपक्षी दलों की एकजुटता की ताकत को पहचानते हैं। चुनाव में इंडिया (INDIA) बीजेपी को सत्ता से बाहर कर देगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/india-gate/india-or-bharat-controversy-cm-stalin-said-it-seems-bjp-is-scared-of-the-word-india/article-56382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/mk-stalin.png" alt=""></a><br /><p>विपक्षी दल G20 समिट में डिनर के निमंत्रण पत्र पर 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखने का विरोध कर रहे हैं। एक के बाद एक नेताओं के बयान आने शुरु हो गए हैं। तमिलनाडु से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी इस मामले पर बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि बीजेपी ने इंडिया को बदलने का वादा किया था लेकिन 9 साल के बाद हमें केवल बदला हुआ नाम ही मिल पाया।<br /><br /></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">After Non-BJP forces united to dethrone the fascist BJP regime and aptly named their alliance <a href="https://twitter.com/hashtag/INDIA?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#INDIA</a>, now the BJP wants to change 'India' for 'Bharat.'<br /><br />BJP promised to TRANSFORM India, but all we got is a name change after 9 years!<br /><br />Seems like the BJP is rattled by a single term…</p>
— M.K.Stalin (@mkstalin) <a href="https://twitter.com/mkstalin/status/1698983692818157905?ref_src=twsrc%5Etfw">September 5, 2023</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>उन्होंने लिखा कि बीजेपी की फासीवादी सरकार को हटाने के लिए गैर बीजेपी दलों ने एकजुट होकर अपने गठबंधन को इंडिया नाम दिया है। अब बीजेपी इंडिया को भारत में बदलना चाहती है। ऐसा लगता है कि बीजेपी 'इंडिया' शब्द से डर गई है। वे विपक्षी दलों की एकजुटता की ताकत को पहचानते हैं। चुनाव में इंडिया (INDIA) बीजेपी को सत्ता से बाहर कर देगा।<br /><br /><strong>क्या है भारत और इंडिया का विवाद?</strong><br />ये विवाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश के एक दावे के साथ शुरु हुआ। जयराम ने दावा किया है कि 9 सितंबर को G20 समिट का जो डिनर होगा उसके निमंत्रण पत्र में 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' की जगह 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' का इस्तेमाल किया गया है। ये इनविटेशन राष्ट्रपति भवन की ओर से दिए गए है। आमतौर पर निमंत्रण में प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया ही लिखा होता है। इसे लेकर विपक्षी दलों का कहना है कि बीजेपी उनके गठबंधन 'इंडिया' से डर गई है इसलिेए अब वे इंडिया की जगह भारत लिख रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>इंडिया गेट</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Sep 2023 17:05:21 +0530</pubDate>
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