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                <title>warriors - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>आदिवासियों के शोषण मुक्ति के योद्धाओं के बारे में सबको पढ़ना चाहिए : अत्याचारी शासकों ने उन पर किए असीमित अत्याचार, मोदी ने कहा- साहसी युवाओं ने आदिवासियों को शोषण से मुक्ति दिलाने का किया काम</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में कहा कि ऐसी ही असाधारण आदिवासी विभूतियों के लिए अगले महीने 15 तारीख को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि निजाम तथा अंग्रेज जैसे अत्याचारी शासकों ने गरीब, वंचित तथा आदिवासी लोगों को गहरे जख्म देते हुए उन पर असीमित अत्याचार किये थे। इसके विरुद्ध कोमारम भीम तथा बिरसा मुंडा जैसे साहसी युवाओं ने अछ्वुत शौर्य का परिचय देकर आदिवासियों को शोषण से मुक्ति दिलाने का काम किया। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में कहा कि ऐसी ही असाधारण आदिवासी विभूतियों के लिए अगले महीने 15 तारीख को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा। यह भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का सुअवसर है और इस मौके पर हमें अपने आदिवासी महापुरुषों के जीवन के बारे में पढ़कर उन्हें जरूर नमन करना चाहिए। मोदी ने कौतूहलपूर्ण अंदाज में कहा कि मैं आपको जरा फ्लैशबैक में लेकर चलूँगा। आप कल्पना करिए, 20वीं सदी का शुरुआती कालखंड। तब दूर-दूर तक आजादी की कहीं कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। पूरे भारत में अंग्रेजों ने शोषण की सारी सीमाएं लांघ दी थी और उस दौर में देशभक्त लोगों के लिए दमन का दौर और भी भयावह था। वे क्रूर और निर्दयी निजाम के अत्याचारों को भी झेलने को मजबूर थे। गरीबों, वंचितों और आदिवासी समुदायों पर तो अत्याचार की कोई सीमा ही नहीं थी। उनकी भूमि छीन ली जाती थीं और उन पर  भारी टैक्स भी लगाया जाता था। अगर वे इस अन्याय का विरोध करते, तो उनके हाथ तक काट दिए जाते थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में करीब 20 साल का एक नौजवान इस अन्याय के खिलाफ खड़ा हुआ था। आज एक खास वजह से मैं,उस नौजवान की चर्चा कर रहा हूं। उसका नाम बताने से पहले मैं उसकी वीरता की बात आपको बताऊँगा। उस दौर में निजाम के खिलाफ एक शब्द बोलना भी गुनाह था। उस नौजवान ने सिद्दीकी नामक निजाम के एक अधिकारी को खुली चुनौती दे दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 22 अक्टूबर को कोमारम भीम की जयंती मनायी गयी है। कोमारम भीम ने अपने जीवन-काल में उन्होंने अनगिनत लोगों, विशेषकर आदिवासी समाज के हृदय में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने निजाम के खिलाफ संघर्ष कर रहे लोगों में नयी ताकत भरी। कोमारम भीम अपने रणनीतिक कौशल के लिए भी जाने जाते थे। निजाम की सत्ता के लिए वे बहुत बड़ी चुनौती बन गए थे। इसलिए 1940 में निजाम के लोगों ने उनकी हत्या कर दी थी। </p>
<p>मोदी ने कहा कि अगले महीने की 15 तारीख को हम जनजातीय गौरव दिवस मनाएंगे। यह भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का सुअवसर है। मैं भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। देश की आजादी के लिए, आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए, उन्होंने जो काम किया वो अतुलनीय है। मेरे लिए ये सौभाग्य की बात है कि मुझे झारखंड में भगवान बिरसा मुंडा के गाँव उलिहातु जाने का अवसर मिला था। भगवान बिरसा मुंडा जी और कोमारम भीम की तरह ही हमारे आदिवासी समुदायों में कई और विभूतियां हुई हैं। मेरा आग्रह है कि आप उनके बारे में अवश्य पढ़ें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Oct 2025 16:30:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भांकरोटा हादसे में फर्ज निभाने वाले 25 वॉरियर्स का सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[डीजीपी साहू ने रंजन साहू ने हादसे में घायलों की मदद करने वाले 25 वॉरियर्स के साथ पुलिसकर्मी, एसडीआरएफ, दमकल कर्मी और प्रशासन की टीमों को बधाई दी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/25-warriors-who-have-been-awarded-in-the-bhankarota-accident/article-102629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के भांकरोटा में गत 20 दिसंबर को हुई भीषण आगजनी की दुर्घटना में अपनी जान की परवाह न कर मानवता का फर्ज निभाते हुए हादसे में पीड़ित लोगों, पुलिस एवं प्रशासन की मदद करने वाले 25 वॉरियर्स का गुरुवार पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में महानिदेशक पुलिस उत्कल रंजन साहू और पुलिस अधिकारियों ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। </p>
<p>डीजीपी साहू ने रंजन साहू ने हादसे में घायलों की मदद करने वाले 25 वॉरियर्स के साथ पुलिसकर्मी, एसडीआरएफ, दमकल कर्मी और प्रशासन की टीमों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये 25 वारियर्स भयावह घटना के समय अगर अपना योगदान नहीं देते तो पता नहीं कितने और परिवार के लोगों को आने वाले समय में बड़े दुख और अन्य समस्याओं से जूझना पड़ता। इससे पहले महानिदेशक पुलिस यूआर साहू ने घटना पर बनाई गई जयपुर कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ ने कहा कि 20 दिसंबर की सुबह जयपुर के भांकरोटा थाना क्षेत्र में यह घटना घटित हुई। एक गैस टैंकर और ट्रक की भिड़ंत के बाद हादसे नहीं भयावह रूप ले लिया, जिसमें 20 मौतों के साथ 30 लोग घायल हुए और 40 वाहन क्षतिग्रस्त हुए। उस दिन करीब 40 वाहन उस दायरे में आ गए थेए जिनमे लगभग 120 से 140 लोग सवार थे। कार्यक्रम में वारियर्स राजेन्द्र स्थानीय फैक्ट्री मालिक, महेश कुमार, मनोज, राजेश, रामनारायण, राजेश, देवा, सागर, यश, गौरव, दीपक, मोहित, योगेश, कजोड़मल, राकेश, राजेश, दशरथ, मुकेश, पवन, बाबूलाल, रिछपाल, राहुल व विनोद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 14:06:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>साढ़े तीन साल से अपने हक को तरस रहे कोरोना वॉरियर्स, नहीं मिली राशि</title>
                                    <description><![CDATA[ संकट के समय स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/corona-warriors-have-been-yearning-for-their-rights-for-three-and-a-half-years--did-not-receive-the-amount/article-57020"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/saade-teen-saal-s-apne-haq-ko-taras-rhe-corona-warriors,-nhi-mili-rashi...kota-news-13-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोरोना वायरस के खौफ से जब पूरी दुनिया सहम गई थी, तब फ्रंट लाइन में खड़े रहकर जानलेवा वायरस से सामना स्वास्थ्य कर्मियों ने ही किया था। माहामारी के दौर में जब अपनों ने अपनों का साथ छोड़ दिया था, तब चिकित्सक, नर्सिंग सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी ही बेसहाराओं की ढाल बने थे। संक्रमण से लड़ रहे इन कर्मचारियों के लिए देशभर में ताली से थाली तक बजी। कोरोना योद्धा का सम्मान भी मिला। खुद की जान खतरे में डाल मानवीय धर्म निभाया। संकट के समय स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन, साढ़े तीन साल बाद भी कोरोना वॉरियर्स को अपना हक नहीं मिला। स्वास्थ्यकर्मी अपने हक के लिए उच्चाधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। </p>
<p><strong>पिछले साल निदेशालय को भिजवाया था डाटा</strong><br />कोरोना काल में काम करने वाले वॉरियर्स की हौसला अफजाई करने और आर्थिक रूप से सहारा देने के लिए सरकार द्वारा तय की गई प्रोत्साहन राशि और  पात्र  कोरोना वॉरियर्स की सूची जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्साधिकारी व मेडिकल कॉलेज प्राचार्य की ओर से निदेशालय को भिजवाई गई थी। हालांकि, सीएमएचओ के अधीन आने वाले अस्पतालों के पात्र चिकित्सा एवं स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहन राशि मिलने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे में उन्हें जल्द ही पैसा मिल जाएगा। वहीं, मेडिकल कॉलेज में संभाग के सबसे बड़े सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सालय में बने कोविड सेंटर में कार्यरत चिकित्साकर्मियों को नहीं मिला। </p>
<p><strong>कलक्टर से सीएमएचओ तक लगाई गुहार</strong><br />राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बेनीप्रसाद मीणा ने बताया कि कोविड के दौर में जब अपने अपनों का साथ छोड़ दिया था तब नर्सिंगकर्मी ही था जो उनका सहारा बना। रुटीन में 8 घंटे डयूटी करने वाले कर्मियों ने 12 से 15 घंटे बिना डरे आमजन की सेवा की। हालांकि, यह मानव धर्म था और उसी के मद्देनजर काम किया। सरकार ने वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। इसके लिए निदेशालय ने सीएमएचओ को जिले के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत कोरोना वॉरियर्स की संख्या और कितना पैसा दिया जाना है, इसकी सूचना मांगी जा रही, जो निदेशालय को भिजवा दी गई। इसके बावजूद अभी तक सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सालय में बने कोविड सेंटर में कार्यरत चिकित्साकर्मियों को उनका हक नहीं मिला। </p>
<p><strong>किसे कितनी मिलनी है प्रोत्साहन राशि</strong><br />कोरोना वैश्विक महामारी में राज्य सरकार ने डॉक्टर्स के लिए 5 हजार और नर्सिंगकर्मी, एएनएम, एलएचवी, टैक्निशियन, वाहन चालक, वार्डबॉय, सफाईकर्मियों को एकमुश्त 2500 रुपए देना तय किया था। जिसका इंतजार हजारों कर्मचारियों को करना पड़ रहा है। </p>
<p>पिछले साल हमने पात्र कोरोना वॉरियर्स व उनके मिलने वाली राशि की सूची बनाकर निदेशालय से बजट की डिमांड की थी। जहां से बजट ट्रेजरी में आ गया। इस संबंध में संबंधित चिकित्साकर्मियों के बिल बनाकर ट्रैजरी में भेज दिए हैं। जल्द ही वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि मिल जाएगी। <br /><strong>- डॉ. जगदीश सोनी, सीएमएचओ कोटा</strong></p>
<p>मैं अभी कार्यक्रम में हूं, इस संबंध में जानकारी गुरुवार तक दे पाएंगे। <br /><strong>- डॉ. संगीता सक्सेना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं नर्सिंगकर्मी  </strong><br />पूर्व में जिला कलक्टर, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और सीएमएचओ तक को ज्ञापन देकर अवगत करा चुके हैं। लेकिन, अभी तक वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि नहीं मिली।  जबकि, कोरोना काल के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा एक और घोषणा की थी, जिसके तहत आईसीयू में काम करने वाले चिकित्साकर्मियों को 200 रुपए प्रतिदिन एवं कोविड जनरल वार्ड सहित अन्य जगह ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को 100 रुपए प्रतिदिन देने की घोषणा की थी। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज कोटा के कोविड वार्ड में कार्यरत कर्मचारियों को आज तक पैसा नहीं मिला। <strong>- बैनी प्रसाद मीणा, जिलाध्यक्ष राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन कोटा  </strong></p>
<p>प्रोत्साहन राशि के इंतजार में साढ़े तीन साल बीत गए लेकिन अब तक हक नसीब नहीं हुआ। जब लोग घरों से बाहर निकलने में कतराते थे, उस दौर में हम संक्रमण के बीच अपना फर्ज निभाने से पीछे नहीं हटे। 24 घंटे काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी अपने हक के लिए तरस रहे हैं। पूर्व में उच्चाधिकारियों को लिखित में ज्ञापन देकर मांगों से अवगत कराया। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कोरोना वॉरियर्स को प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। <br /><strong>-हनुमान मीणा, प्रदेश सह संयोजक, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन</strong></p>
<p>महामारी के दौर में नर्सिंग सहित अन्य चिकित्साकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डाल मरीजों की सेवा की थी। सरकार ने प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की जो आज तक नहीं मिली। इससे कर्मचारियों में निराशा है। हमने हक के लिए  उच्चाधिकारियों को लिखित में पत्र देकर गुहार लगाई, आश्वासन मिले लेकिन हक का पैसा नहीं मिला। <br /><strong>- सीपी बैरवा, महासचिव, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Sep 2023 18:09:51 +0530</pubDate>
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