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                <title>gender equality - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पीएम मोदी की अपील : सोच-विचार कर संवेदनशीलता से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें सांसद, आज होगी वोटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए सभी सांसदों से एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने मतदान से पहले सांसदों से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने और दशकों पुराने इस अधिकार को सुनिश्चित करने की अपील की। पीएम ने कहा कि यह इतिहास रचने और देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का महान अवसर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modis-appeal-to-mps-to-vote-thoughtfully-and-sensitively/article-150805"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/pm-modi-maan-ki-baat.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए चल रही चर्चा के बीच सांसदों से सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लेने तथा महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। लोकसभा में यह चर्चा गुरुवार को शुरू हुई थी और मैराथन चर्चा तथा इस पर जवाब के बाद शाम को मतदान होना निर्धारित है। पीएम मोदी ने कल इस चर्चा में हिस्सा लेते हुए सांसदों से राजनीति से ऊपर उठकर इसका समर्थन करने को कहा था। शुक्रवार को उन्होंने मतदान से पहले सभी सांसदों से सोशल मीडिया के माध्यम से अपील कर कहा, "संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है। जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है। </p>
<p>महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें। आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं। अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं...कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।"</p>
<p>एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह सांसदों के लिए बड़ा अवसर है और वे अपनी मां , बहन, बेटी और पत्नी सभी का स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा के आधार पर निर्णय लें। उन्होंने कहा , "मैं सभी सांसदों से कहूंगा...आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है। उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए। ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होगी… देश का लोकतंत्र और सशक्त होगा। आइए… हम मिलकर आज इतिहास रचें। भारत की नारी को… देश की आधी आबादी को उसका हक दें।" उल्लेखनीय है कि सरकार ने वर्ष 2023 में महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित किया था। अब इस कानून को अमल में लाने के लिए संबंधित अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:04:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विधायिका में महिलाओं को आरक्षण देने से किसी राज्य का सीटों का नुकसान नहीं होगा ; जो दल विरोध करेंगे, चुनावों में भुगतना पड़ेगा खामियाजा : पीएम मोदी </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में आश्वासन दिया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से किसी राज्य या दल का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने विरोध करने वाले दलों को चुनावी नतीजों की चेतावनी देते हुए इसे राजनीति से ऊपर रखने की अपील की। पीएम ने इसे लैंगिक समानता और राष्ट्र विकास के लिए 'प्रायश्चित और गौरव' का क्षण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/by-giving-reservation-to-women-in-the-legislature-no-state/article-150719"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को लोक सभा में कहा कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने से किसी राज्य का नुकसान नहीं होगा और जो दल इसका विरोध करेंगे, उन्हें चुनावों में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने से न तो पुरुषों के लिए सीटें कम होंगी और न ही किसी राज्य को सीटों के लिहाज से कोई नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि वह सदन में 'गारंटी' देने का तैयार हैं कि किसी दल या राज्य को इससे कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलायें सब देख रही हैं और जो दल महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने का विरोध करेंगे, उन्हें चुनावों में इसका नुकसान उठाना ही पड़ेगा</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,"मैं जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि दक्षिण, उत्तर, पूरब हो या छोटे-बड़े राज्य हों, यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी। किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी। वह गारंटी देते हैं कि किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा। वह इसका वादा करते हैं।" उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि 'गारंटी' के लिए तमिल भाषा में कोई शब्द हो तो वह उसे भी यहां बोलने के लिए तैयार हैं। पीएम मोदी ने परिसीमन विधेयक, 2026 संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर सदन में एक साथ हो रही चर्चा के दौरान कहा कि महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने में पहले ही बहुत देरी हो चुकी है और अब यह क्षण आये हैं, जो राजनीतिक दल तकनीकी और अन्य बहानों से इसका विरोध करेंगे, उनका चुनावों में नुकसान होना तय है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने हालांकि इसका सैद्धांतिक विरोध नहीं किया है लेकिन सदन में विभिन्न कारण पेश करते हुए इसका समर्थन नहीं करते। वे चुनावों में हालांकि इसका खामियाजा भी भुगतते रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2023 में नारी वंदन विधेयक जब सदन में लाया गया तो सभी दलों ने इसका समर्थन किया, जिससे 2024 के आम चुनावों के दौरान यह मुद्दा-विषय ही नहीं बना। पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने देखा है कि महिलाएं जिन-जिन क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका में रहीं, वहां बेहतर काम हुए। उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने से लाखों महिलायें नेता बन चुकी हैं। उन्हें अब और आगे बढ़ाने का वक्त आ गया है। जो दल इसका विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि एक बार महिलाओं को लोक सभा और विधानसभा में आने तो दीजिए, वे निर्णय करेंगी कि आगे क्या करना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नारी शक्ति देश का गौरव बढ़ाने वाली है। वह विपक्षी दलों से अपील करते हैं कि इस विषय को राजनीति के तराजू से न तौलिए। उन्होंने कहा, " नारी शक्ति हमारे निर्णय देखेगी, निर्णय से ज्यादा हमारी नीयत देखेगी। यदि इसका विरोध करते हैं, तो नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। यह समय की मांग है, ज्यादा विलंब न करें। "पीएम मोदी ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, " हम भ्रम में न रहें, हम अहंकार में न रहें। नारी शक्ति देख रही है। उसका हक है, हमने कई दशक तक उसे रोककर रखा है। इससे प्रायश्चित करके, उससे मुक्ति का यह समय है।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "बहानेबाजी और तकनीकी बातों काे अब छोड़ दें, तीन दशक तक हम इसे नहीं कर पाये, अब तो करें। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। सर्वसम्मति से इसे पारित करें। नारी शक्ति की राष्ट्र के विकास में सहभागिता सुनिश्चित करें। हम आग्रह करते हैं कि सर्वसम्मति से इस पर आगे बढ़ें। हम इसे राजनीतिक तराजू में न तौलें। इसे पारित करने से अतिरिक्त शक्ति जुड़ेगी और किसी का हक नहीं मारा जायेगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 18:43:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विशेष संसद सत्र महिला सशक्तिकरण की दिशा में 'ऐतिहासिक कदम': पीएम मोदी ने कहा-माताओं और बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के विशेष सत्र को महिला सशक्तिकरण के लिए 'ऐतिहासिक' बताया है। उन्होंने विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और गरिमा को राष्ट्र का सम्मान करार दिया। पीएम ने समावेशी विकास और लैंगिक समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/special-parliament-session-is-a-historic-step-towards-women-empowerment/article-150606"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/modi-sansad.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुरुवार से शुरू हो रहा संसद का विशेष सत्र देश में महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में एक 'ऐतिहासिक कदम' है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की गरिमा और प्रतिनिधित्व को आगे बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "संसद के आज के विशेष सत्र से हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक का आह्वान करते हुए कहा, "आप उदय हों और अपनी किरणों से विश्व को आलोकित करें। कण्व वंश के ऋषियों ने समृद्धि और प्रचुरता के लिए अपने भजनों के साथ आपका आह्वान किया है।" पीएम मोदी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब संसद का एक दुर्लभ विशेष सत्र आयोजित हो रहा है, जिसमें विधायिकाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों सहित प्रमुख विधायी उपायों को उठाए जाने की व्यापक उम्मीद है। सरकार ने लगातार इस तरह की पहलों को समावेशी विकास और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास के रूप में पेश किया है।</p>
<p>संसद सत्र से पहले पीएम मोदी का यह संदेश उस दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जो महिला सशक्तिकरण को न केवल एक नीतिगत प्राथमिकता के रूप में बल्कि राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक लोकाचार के रूप में भी स्थापित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:20:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हमारी सरकार ने महिलाओं के जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए बनाई योजनाएं, उन्हें सफलतापूर्वक किया लागू : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में महिलाओं के जीवन चक्र हेतु विशेष योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र को नई ऊंचाइयां देगी। पीएम ने सांसदों से समर्थन जुटाने और इस बदलाव को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/our-government-has-made-plans-for-every-stage-of-the/article-150193"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि सरकार महिलाओं के सही मायने में सशक्तिकरण के लिए जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए विशेष योजनाएं बना रही है और उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। पीएम मोदी ने गुरुवार को संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित किये जाने से पहले उसकी पृष्ठभूमिका में यहां आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "हमारी सरकार ने महिलाओं के जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए योजनाएं बनाई, उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया है।" उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर संविधान सभा के निर्णयों तक स्वतंत्र भारत की नींव रखने में भारत की नारीशक्ति ने असीमित योगदान दिया है और देश में महिला नेतृत्व का एक बेहतरीन उदाहरण पंचायती राज संस्थाएं हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार प्रगतिशील समाज की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से अनेक छोटे बड़े कदमों से महिलाओं को सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के जरिये महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में भी एक तिहाई आरक्षण देकर अब देश महिलाओं को सशक्त बनाकर लोकतंत्र को भी नये तरह से सशक्त बनाने जा रहा है। उन्होंने कहा, "आज महिलाएं उन क्षेत्रों में भी बुलंदियों को छू रही हैं जहां कभी पुरूषों का एकाधिकार माना जाता था। देश की नारीशक्ति ने अपने परिश्रम, साहस और आत्मविश्वास से नई ऊंचाइयों को छुआ है। अब हमें मिलकर इस शक्ति को नयी ऊर्जा देनी है उसके लिए अवसरों का विस्तार करना है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने सम्मेलन में मौजूद नारी शक्ति को विश्वास दिलाया कि सरकार उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, "मैं सबको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि देश उनकी आकांक्षाओं को समझता है और उन्हें पूरा करने के लिए कदम उठा रहा है।" पीएम मोदी ने महिलाओं से अपील की कि वे महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए सभी सांसदों को विश्वास में लें और उन्हें इसके समर्थन में तैयार करें। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में हुई चर्चा को भी देश के कोने कोने तक हर महिला तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "महिलाएं सांसदों से मिलकर अपना पक्ष रखें और अपनी आकांक्षा रखें ।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वह सभी मां और बहनों से अपील करते हैं कि वे जिस दिन यह विधेयक संसद में आये उस दिन सांसदों को फूल मालाओं के साथ विदा करें जिससे वह इस सकारात्मक निर्णय में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि आज के दिन सभी संकल्प लें कि नारी शक्ति के पास अधिकार भी रहेंगी और वह निर्णय शक्ति में भागीदार भी बनेगी। पीएम मोदी ने कहा कि वैसे तो यह लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति का अधिकार है लेकिन वह चाहते हैं कि इस विधेयक के दौरान संसद की दर्शक दीर्घा महिलाओं से ही भरी रहे। उन्होंने कहा कि इससे देश में उत्सव का माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का सारा श्रेय देश की मातृशक्ति, संसद और सभी दलों को जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 17:49:31 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली में नारी शक्ति वंदन अभियान को जबरदस्त समर्थन, नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता : सीएम रेखा गुप्ता</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत करेगी। सीएम ने पीएम मोदी के इस ऐतिहासिक कदम की सराहना करते हुए इसे 'बेटी बचाओ' से 'बेटी बढ़ाओ' की ओर बढ़ता क्रांतिकारी कदम बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tremendous-support-to-nari-shakti-vandan-abhiyan-in-delhi-increasing/article-149897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-gupta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि देश के प्रशासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट्स फैकल्टी में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में आयोजित हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रशासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। जब महिलाएं निर्णय लेने वाले पदों पर पहुंचेंगी, तभी वे समाज, परिवार और अपनी जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी बदलाव ला सकेंगी। दिल्ली में चलने वाली 'लखपति बिटिया' और 'अनमोल' जैसी योजनाएं इसी संवेदनशील दृष्टिकोण का परिणाम हैं, जो महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करती हैं।</p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह 'बेटी बचाओ' से 'बेटी बढ़ाओ' तक की यात्रा को साकार करेगा। महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग दशकों पुरानी है। वर्ष 1931 से शुरू हुई यह पहल कई चरणों से गुजरी और वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का कानून बनना इस लंबे संघर्ष का परिणाम है और अब इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनें और महिला सशक्तीकरण के इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें। जब महिलाएं निर्णय प्रक्रिया में बराबरी से भाग लेंगी, तभी लोकतंत्र वास्तव में मजबूत बनेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' देश में राजनीतिक प्रतिनिधित्व का नया अध्याय लिखेगा और भारत को एक अधिक सशक्त, संतुलित और प्रगतिशील लोकतंत्र के रूप में स्थापित करेगा। हस्ताक्षर अभियान के बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित चाय स्टॉल पर छात्राओं और महिला शिक्षकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने संदेश दिया कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच संवाद जितना सरल और सहज होगा, नीतियां उतनी ही प्रभावी और जनोन्मुखी बनेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 17:31:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाया यू-टर्न का आरोप : जयराम रमेश बोले- महिला आरक्षण को लेकर स्पष्ट योजना नहीं बना पाई सरकार,  विपक्ष से संवाद करने में रही विफल </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर महिला आरक्षण को लेकर "यू-टर्न" लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनगणना और परिसीमन के नाम पर देरी करने के बाद, सरकार अब चुनावी लाभ के लिए अपना रुख बदल रही है। कांग्रेस ने इसे "भ्रामक राजनीति" करार देते हुए महिलाओं से माफी की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-accused-the-central-government-of-u-turn-jairam-ramesh-said/article-149829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के संचार विभाग प्रभारी जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महिला आरक्षण को लेकर "यू-टर्न" लेने का आरोप लगाया है। रमेश ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री मीडिया में लेख लिखकर खुद को महिला आरक्षण का "अकेला चैंपियन" दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित हुआ था, तब कांग्रेस ने इसे 2024 से लागू करने की मांग की थी लेकिन सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया, जिन प्रक्रियाओं में देरी हुई। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि करीब 30 महीने बाद, संभावित चुनावी नुकसान को देखते हुए सरकार अब अपना रुख बदल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अब जनगणना और उससे जुड़े परिसीमन को नजरअंदाज करने की बात कर रही है, जबकि अधिकारियों के अनुसार इसके परिणाम 2027 तक आ सकते हैं।</p>
<p>जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह विपक्ष से संवाद करने में विफल रही है और महिला आरक्षण को लेकर स्पष्ट योजना नहीं बना पाई। उन्होंने कहा कि यह "भ्रामक राजनीति" है, जिसका उद्देश्य सरकार की विफलताओं और विदेश नीति के मुद्दों से ध्यान हटाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह पूरा दृष्टिकोण खासतौर पर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी के पास अन्य ठोस मुद्दों की कमी है।</p>
<p>गौरतलब है कि कांग्रेस ने आज शाम कांग्रेस कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है जिसमें पार्टी की तरफ महिला आरक्षण पर चर्चा होगी और भविष्य की रणनीति पर विचार किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:29:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सबरीमाला मंदिर : सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने किया महिलाओं के प्रवेश प्रतिबंध का समर्थन, मुस्लिम-पारसियों से भी सामने आया कनेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट में धार्मिक आस्था बनाम मौलिक अधिकारों पर सुनवाई शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर कर सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक का समर्थन किया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे धार्मिक स्वायत्तता का विषय बताते हुए कहा कि लैंगिक भेदभाव की विदेशी अवधारणाएं भारतीय परंपराओं पर थोपी नहीं जानी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/central-government-supported-womens-entry-ban-in-sabarimala-temple-supreme/article-149492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sabrimala-mandir.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान बेंच ने मंगलवार से धार्मिक आस्था बनाम मौलिक अधिकार और सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश देने के मामले पर सुनवाई शुरु कर दी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली संविधान बेंच के समक्ष चल रही सुनवाई के समक्ष केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि सबरीमाला मंदिर में माहवारी से जुड़े आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर रोक धार्मिक आस्था और स्वायतता का मामला है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने कोर्ट से इस प्रतिबंध को बरकरार रखने की मांग की है और कहा है कि ऐसे मामलों में न्यायिक समीक्षा की सीमा सीमित होनी चाहिए। आज सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि भारत ने हमेशा महिलाओं को न सिर्फ बराबरी दी है, बल्कि कई बार उन्हें ऊंचा स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ हालिया फैसलों में पितृसत्ता और जेंडर स्टीरियोटाइप जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। लेकिन ये अवधारणाएं भारतीय सभ्यता के मूल में नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विचार बाहर से आए हैं और भारत की सांस्कृतिक परंपरा से मेल नहीं खाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:55:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिला सशक्तिकरण की नई पहल: सिक्किम महिला आयोग का जयपुर दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[सिक्किम राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष टेनी डोमा भूटिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जयपुर पहुँचा। राजस्थान महिला आयोग की सदस्य सचिव दीप्ति जोशी ने उनका स्वागत किया। दल ने वन स्टॉप सेंटर (अपराजिता) और महिला थाने का निरीक्षण कर सुरक्षा कानूनों और कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। दोनों राज्यों ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर अनुभवों का आदान-प्रदान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sikkim-state-commission-for-women-on-educational-visit-to-jaipur/article-148159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/sikkim.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सिक्किम राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष टेनी डोमा भूटिया के नेतृत्व में आयोग का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को शैक्षणिक यात्रा पर जयपुर पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल में माननीय सदस्य सकुन राय, जुन्नू छेत्री, ताशी डोमा तमांग, सुनीता सुनवार, पामु शेरपा, रान माया तमांग, रूपा मंगर, नवमित लेप्चा, पारबती आचार्य, देविका बिस्ता तथा सदस्य सचिव योथा लेप्चा शामिल रहे।</p>
<p>राजस्थान राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव दीप्ति जोशी ने आयोग के दल का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार सह विशेषाधिकारी समरेन्द्र सिंह सिकरवार ने प्रतिनिधिमंडल को राजस्थान राज्य महिला आयोग की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक संरचना एवं महिलाओं से संबंधित नवीनतम कानूनों की विस्तृत जानकारी दी।</p>
<p>शैक्षणिक भ्रमण के दौरान सिक्किम राज्य महिला आयोग के दल ने महिला पुलिस थाना, जयपुर शहर (पूर्व), महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र (पूर्व) तथा वन स्टॉप सेंटर (अपराजिता केन्द्र), जयपुरिया अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा, परामर्श सेवाओं एवं पीड़ित सहायता से संबंधित व्यवस्थाओं का अध्ययन कर जानकारी प्राप्त की। दौरे के दौरान दोनों राज्यों के बीच महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा के क्षेत्र में अनुभवों के आदान-प्रदान पर भी चर्चा की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:04:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अभिषेक बनर्जी ने की ममता के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण की सराहना, महिलाओं के लिए अवसर एवं गरिमा को बढ़ावा देने के लिए दिया सरकार को श्रेय</title>
                                    <description><![CDATA[अभिषेक बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बंगाल में महिलाओं की गरिमा और अवसर सुनिश्चित करने के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला है। बंगाल का शासन मॉडल साहस और दृढ़ विश्वास का प्रतीक है, जो एक न्यायपूर्ण और समान समाज की नींव रखता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/abhishek-banerjee-praised-the-empowerment-of-women-under-the-leadership/article-145708"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cm-mamta.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में महिला सशक्तिकरण की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि महिलाओं की शक्ति एवं विनम्रता समाज को आकार देती है। सीएम बनर्जी ने रविवार को अपने व्हाट्सएप चैनल पर पोस्ट किए गए एक संदेश में, राज्य में महिलाओं को दिए जाने वाले सांस्कृतिक एवं सामाजिक सम्मान पर प्रकाश डाला और महिलाओं के लिए अवसर एवं गरिमा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व को श्रेय दिया।</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से पश्चिम बंगाल का नेतृत्व एक ऐसी महिला कर रही हैं, जिनके नेतृत्व ने राष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के साहस एवं दृढ़ विश्वास ने देश को दिखाया है कि दृढ़ नेतृत्व कैसा होता है।</p>
<p>सीएम ममता बनर्जी की नीतियों एवं शासन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में महिला सशक्तिकरण से लाखों लोगों को ठोस लाभ मिला है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का अर्थ लाखों लोगों के लिए वास्तविक समर्थन, अवसर एवं सम्मान है।</p>
<p>उन्होंने राज्य की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को आकार देने में महिलाओं की व्यापक भूमिका पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल की असली शक्ति महिलाओं में निहित है, जिनका साहस एवं उपलब्धियां हमें एक मजबूत, न्यायपूर्ण और समान समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करती हैं।</p>
<p>उन्होंनें कहा कि पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल ने महिलाओं पर केंद्रित कई कल्याणकारी पहलें शुरू की हैं, जिनमें वित्तीय सहायता योजनाएं, लड़कियों के लिए शिक्षा प्रोत्साहन और स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आर्थिक भागीदारी में सुधार लाने वाले कार्यक्रम शामिल हैं। राज्य सरकार ने अक्सर इन पहलों को अपने शासन मॉडल का केंद्रीय हिस्सा बताया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रतिवर्ष आठ मार्च को मनाया जाता है। यह सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव है और साथ ही वैश्विक स्तर पर लैंगिक समानता की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 14:50:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी ने दी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को शुभकामनाएं, कहा-महिलाएं पक्के इरादे, रचनात्मकता और बेमिसाल जोश के साथ भारत की तरक्की को दे रही आकार</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर देश की 'नारी शक्ति' को बधाई देते हुए उन्हें विकसित भारत का आधार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दशक की सरकारी योजनाओं ने महिलाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए हैं। पीएम ने जमीनी स्तर पर आए बदलावों का उल्लेख करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय जोश और रचनात्मकता की सराहना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modi-congratulated-women-on-international-womens-day-and-said/article-145698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को देश भर की महिलाओं को बधाई दी और भारत के विकास में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति की उपलब्धियां देश को प्रेरित करती हैं और एक विकसित भारत की ओर इसके सफऱ को मजबूत करती हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किये गये सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रों में बदलाव लाने वाली भूमिका निभा रही हैं और देश की तरक्की के केंद्र में हैं। उन्होंने लिखा, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैं हमारी सभी नारी शक्ति को बधाई देता हूं। हर क्षेत्र में महिलाएं पक्के इरादे, रचनात्मकता और बेमिसाल जोश के साथ भारत की तरक्की को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और विकसित भारत बनाने के हमारे सामूहिक इरादे को मजबूत करती हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण पर सरकार के ध्यान का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दस सालों में शुरू की गई कई पहल और योजनाओं का मकसद अवसरों को बढ़ाना और महिलाओं को उनकी पूरी क्षमता का एहसास कराना है। उन्होंने कहा, महिलाओं का सशक्तिकरण हमारी अलग-अलग योजनाओं और पहलों का मुख्य हिस्सा है। हम ऐसे मौके बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिनसे हर महिला अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सके और भारत के विकास के सफऱ में योगदान दे सके। </p>
<p>उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि देश भर में महिलाओं की उपलब्धियां भारत के भविष्य को आकार दे रही हैं। पीएम मोदी ने लिखा, भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गर्व का विषय हैं और राष्ट्र निर्माण में बदलाव लाने वाली भूमिका की एक मजबूत याद दिलाती हैं। जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ेगा, महिलाओं की उम्मीदें और योगदान एक मजबूत और खुशहाल देश की ओर हमारी सामूहिक यात्रा को प्रोत्साहित करते रहेंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने जमीनी स्तर पर महिलाओं की सफलता की कहानियों को दिखाने वाला एक वीडियो शेयर करते हुए नये भारत की नारी शक्ति हैशटैग का इस्तेमाल करके लिखा, यह पिछले एक दशक में जमीनी स्तर पर महिलाओं की जिंदगी कैसे बदली है, इसकी एक झलक दिखाता है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने हाल के सालों में महिलाओं के सशक्तिकरण पर केन्द्रित कई कार्यक्रम शुरू किये हैं, जिनमें वित्तीय समावेशन, उद्यमिता, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता से जुड़े पहलें शामिल हैं। सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शासन और सशस्त्र बल जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया है। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि हर साल दुनिया भर में आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसे महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ ही दुनिया भर में महिलाओं के लिए लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के तौर पर मनाया जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 13:05:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पुरुष ही क्यों, महिला प्रधान समाज क्यों नहीं? पुरुष को जन्म देने वाली भी तो नारी ही है: वसुंधरा राजे</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जयपुर में 'कोवे एक्सीलेंस अवार्ड्स' के दौरान महिला उद्यमियों के संघर्ष को सराहा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पहचान पाने के लिए पुरुषों से तीन गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है। राजे ने 'लखपति दीदी' और भामाशाह योजना जैसी पहलों को गेम-चेंजर बताते हुए समाज में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/why-only-men-why-not-a-women-dominated-society-the-one/article-144882"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)31.png" alt=""></a><br /><p>​​जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता पर गहरा प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें 'पुरुष प्रधान समाज' शब्द सुनना कभी अच्छा नहीं लगा। उन्होंने तर्क दिया कि जब पुरुष को जन्म देने वाली एक स्त्री ही है, तो समाज की पहचान केवल पुरुषों से क्यों? राजे शुक्रवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 'वूमेंस इंटरनेशनल समिट ऑन एंटरप्रेन्योरशिप' द्वारा आयोजित 'कोवे (COWE) एक्सिलेंस अवार्ड-2026' समारोह को संबोधित कर रही थीं।</p>
<p>​<strong>भामाशाह योजना से रखी 'महिला मुखिया' की नींव</strong></p>
<p>​राजे ने अपने कार्यकाल के निर्णयों को याद करते हुए कहा, "मेरे मन में सदैव यह सवाल तैरता रहा कि समाज महिला प्रधान क्यों नहीं हो सकता? इसी सोच के साथ 2008 में भामाशाह नारी सशक्तिकरण योजना की शुरुआत की गई, ताकि महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाकर समाज के ढांचे में बदलाव लाया जा सके।" उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को पुरुषों के समकक्ष लाने के लिए ही पंचायत राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।</p>
<p>​<strong>सफलता के लिए महिलाओं को करनी पड़ती है 'तिगुनी' मेहनत</strong></p>
<p>​महिला उद्यमियों के संघर्ष को रेखांकित करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि आज जो भी महिलाएं मुकाम पर हैं, उनकी सफलता के पीछे अपार धैर्य और कठिन परिश्रम है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा: ​"एक महिला को उन्नति की ऊंचाइयां छूने के लिए पुरुषों के मुकाबले 3 गुना अधिक समय देना पड़ता है और 3 गुना अधिक मेहनत करनी पड़ती है। तब जाकर उन्हें वह पहचान मिलती है जिसकी वे हकदार हैं।"</p>
<p><strong>​'लखपति दीदी' बदल रही हैं ग्रामीण भारत की तस्वीर</strong></p>
<p>​राजे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि 'लखपति दीदी' केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर' साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब सिर्फ चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल इंडिया और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी भविष्य की अर्थव्यवस्था गढ़ रही हैं। मुद्रा योजना और स्टैंड-अप इंडिया जैसी पहल महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता की ओर ले जा रही हैं।</p>
<p><strong>​प्रतिभाशाली महिला उद्यमी सम्मानित</strong></p>
<p>​समारोह के दौरान  राजे ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला उद्यमियों को कोवे एक्सिलेंस अवार्ड से सम्मानित किया। कार्यक्रम में कोवे की राष्ट्रीय अध्यक्ष निधि तोषनीवाल, कमला पोद्दार, ईएचसीसी हॉस्पिटल की मंजू शर्मा, रुचि धूत, शैलजा रेड्डी और सोउधामिनी सहित कई गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 18:16:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरानी महिलाओं को मिली मोटरसाइकिल चलाने की आजादी, दशकों बाद आया नया कानून</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान सरकार ने महिलाओं को मोटरसाइकिल लाइसेंस देने की अनुमति दी। नए नियम से कानूनी अस्पष्टता खत्म होगी और सड़क हादसों में महिलाओं को दोषी ठहराने की समस्या घटेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iranian-women-get-freedom-to-ride-motorcycles-new-law-comes/article-142116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(1200-x-600-px)-(2)9.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ईरान की सरकार ने महिलाओं के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान की महिलाओं को कानूनी रूप से मोटरसाइकिल चलाने की अनुमति मिल गई है। दरअसल, ईरानी कानून के मुताबिक, वहां की महिलाओं को मोटरसाइकिल या स्कूटर चलाने पर साफ रोक नहीं थी, लेकिन फिर भी प्रशासन की ओर से उन्हें लाइसेंस नहीं दिया जाता था। नए नियम के तहत महिलाओं को लाइसेंस जारी करने की अनुमति मिल गई है।</p>
<p><strong>मंत्रिमंडल ने दी थी मंजूरी</strong></p>
<p>ईरान की समाचार एजेंसी इलना के अनुसार, उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने मंगलवार को यातायात संहिता को स्पष्ट करने के उद्देश्य से एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए, जिसे ईरान के मंत्रिमंडल ने जनवरी के अंत में मंजूरी दी थी। इसके तहत दोपहिया वाहनों से संबंधित वर्षों से चली आ रही कानूनी अस्पष्टता समाप्त हो गई है।</p>
<p><strong>अगर कोई महिला घायल होती तो...</strong></p>
<p>बता दें कि अब तक ईरान में अगर सड़क हादसे में कोई महिला घायल होती थी, तब भी कई बार उसे ही दोषी मान लिया जाता था, क्योंकि उसके पास लाइसेंस नहीं होता था। अब सरकार के नए फैसले से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। इलना के अनुसार, इस प्रस्ताव के तहत यातायात पुलिस को महिला आवेदकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना, पुलिस की सीधी देखरेख में परीक्षा आयोजित करना और महिलाओं को मोटरसाइकिल चालक लाइसेंस जारी करना अनिवार्य है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:26:22 +0530</pubDate>
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